विपत्ति लेकर आते हैं ये 5 अतिथि, भूलकर भी इन्हें अपने घर ना बुलाएं in Hindi

विपत्ति लेकर आते हैं ये 5 अतिथि, भूलकर भी इन्हें अपने घर ना बुलाएं

1/11 अतिथि का आवभगत


भारतीय सभ्यता और संस्कृति में अतिथि को भगवान का दर्जा दिया गया है और कभी भी इनका अपमान नहीं किए जाने की सलाह दी जाती है। इसलिए शीर्षक पढ़कर आप जरूर सोचेंगे कि आखिर ऐसा कैसे? लेकिन यकीन मानिए हर अतिथि आपका भगवान नहीं हो सकता, कुछ अपने साथ आपके लिए विपत्तियां और परेशानियां लेकर आते हैं। मनुस्मृति में इसकी चर्चा की गई है...



2/11 मनुस्मृति


मनुस्मृति में वर्णित एक श्लोक (पाषण्डिनो विकर्मस्थान्बैडालव्रतिकांछठान्। हैतुकान्वकवृत्तींश्च वाड्मात्रेणापि नार्चयेत्।।) के अनुसार पाखंडी, धूर्त-चालाक (दूसरों को बेवकूफ बनाकर अपना हित साधने वाले), स्वार्थी तथा धर्म-शास्त्रों में विश्वास ना रखने वाले लोगों को कभी भी अतिथि नहीं बनाना चाहिए।


3/11 विपत्ति लाने वाले अतिथि


इसलिए जितना संभव हो इनसे दूर रहें और रिश्ता बनाने की कोशिश ना करें। अगर ये आपके घर अचानक आ धमकते हैं तो हमारी सलाह यही होगी कि इनका आवभगत करने की बजाय जितना संभव हो, जितनी जल्दी हो सके अपने घर से दूर जाने के प्रयास करें। क्यों, इसका कारण हम आगे बता रहे हैं


4/11 4 पाखंडी अतिथि


पाखंडी लोग हमेशा दो चेहरे वाले होते हैं। ये भले ही दिल से किसी का हित ना चाहें लेकिन सामने इस प्रकार व्यवहार करेंगे जैसे इनसे बड़ा आपका कोई हितैषी हो ही नहीं सकता। ऐसे लोगों को ना धर्म में विश्वास होता है और ना ही इंसानियत में। इसलिए अपनी जरूरत पड़ने पर या अपना हित साधने के लिए कब ये आपके दुश्मन बन जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा।


5/11 पाखंडी अतिथि


ये आपका विश्वास जीतते हैं और फिर धोखा करते हैं, इसलिए आप चाहकर भी अपना बचाव नहीं कर पाएंगे। आपके घर में रहते हुए ये और भी आसानी से अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं। ऐसे में आपकी हार और बर्बादी निश्चित हो जाती है।



6/11 धूर्त तथा चालाक


ये वे लोग होते हैं जो आपको दूसरी बातों में उलझाकर कब अपना काम कर जाएंगे आपको पता नहीं चलेगा। इनकी चालाकी आपके नुकसान के लिए भी हो सकता है, इसलिए अगर आपको किसी का ऐसा स्वभाव पता हो तो भूलकर भी अतिथि के रूप में इन्हें घर में ना रखें। ये कब और किस प्रकार से आपका नुकसान पहुंचाएंगे आप अंदाजा भी नहीं लगा सकेंगे।



7/11 स्वार्थी


स्वार्थी लोग अमूमन बिना मकसद के आपके घर कभी नहीं आएंगे। इसलिए अगर कोई स्वार्थी व्यक्ति आपके घर अतिथि बनकर आए तो सबसे पहले तो यह समझ लें कि जरूर वह अपने किसी फायदे के लिए ही आपके पास आया होगा।



8/11 स्वार्थी


ऐसे लोगों को अपने घर अतिथि बनाना आपके लिए इसलिए नुकसानदेह होगा क्योंकि जरूरत पड़ने पर अपने स्वार्थ के लिए ये आपके हो रहे नुकसानों को भी नजरअंदाज कर देंगे। सबसे बड़ी बात कि आगे भी ना तो उसके लिए ये आपका कोई आभार मानेंगे और ना ही आपके नुकसानों की कोई जिम्मेदारी लेंगे।


9/11 दूसरों को दुखी करने वाले


पाखंडी लोगों के बाद अतिथि के रूप में ये सबसे अधिक घातक होते हैं। ऐसे लोग स्वभाव से ही जलन की प्रवृत्ति वाले होते हैं जो दूसरों की खुशी नहीं देख सकते। इन्हें धर्म और शास्त्रों में भी कोई विश्वास नहीं होता और खुद से ज्यादा खुश किसी को नहीं देख सकते।



10/11 दूसरों को दुखी करने वाले


आपकी खुशी देखकर भी ये किसी ना किसी प्रकार उसपर आघात करने का प्रयास अवश्य करेंगे। इसमें इनका कोई फायदा नहीं होता बल्कि दूसरों को दुखी देखकर इन्हें खुशी महसूस होती है, बस इसीलिए ऐसा करते हैं।



11/11 दूसरों को दुखी करने वाले


इसलिए ऐसे लोगों को अपने घर में अतिथि बनाने का अर्थ है परिवार की खुशहाली को दांव पर लगाना। एक बार ये आपके घर आ गये तो तब तक नहीं जाएंगे जब तक कि आपके परिवार में द्वेष और कलुष ना पैदा कर दें। हो सकता है आपके परिवार में ऐसे मनमुटाव पैदा हों जिसके घाव जिंदगी भर ना भर सकें।