Health and Fitness

जंग के मैदान में क्‍या डाइट होती है हमारे आर्मी जवान की?

Monday, November 6 2017

जंग के मैदान में क्‍या डाइट होती है हमारे आर्मी जवान की?

डाइट-फिटनेस » जंग के मैदान में क्‍या डाइट होती है हमारे आर्मी जवानों की? जंग के मैदान में क्‍या डाइट होती है हमारे आर्मी जवानों की? Diet Fitness Updated: 31 इंडियन आर्मी दुनिया के ताकतवर सेनाओं में से एक है। हमारे देश की सरकार भी हमारी आर्मी के जवानों के स्‍टैमिना और इम्‍यूनिटी बनाए रखने के लिए डाइट पर खास ध्‍यान रखती है। जब कभी देश की सुरक्षा पर खतरा मंडराता है। देश के ये प्रहरी बिना जान की परवाह किए देश के लिए अपनी जान खतरे में डाल युद्ध के मैदान में कई दिन बिता देते हैं। इस दौरान जंग के मैदान में सैनिकों को खिलाने के लिए मैसूर स्थित डिफेंस फूड रिसर्च लैबोरेटरी द्वारा कई फूड डिशेज तैयार की गई हैं जो रेडी टू ईट हैं और कई महीनों तक खराब नहीं होतीं। दुनिया के 10 देश जिनके पास हैं सबसे शक्‍तिशाली सेनाएं इनमें एनर्जी बार से लेकर महीनों तक खराब नहीं होने वाली चपाती, मीट, गरम पानी में तैयार होने वाले फूड्स, पुलाव, हलवा वगैरह शामिल हैं। दुनिया की हर आर्मी में जवानों के लिए कॉम्बैट राशन होता है जो लड़ाई के मैदान में जाने वाले जवानों को दिया जाता है।आइए जानते है कि जंग के मैदान में इंडियन आर्मी के सैनिकों को फिट और एनर्जेटिक बने रहने के लिए क्या खास फूड मिलता है। मील्स रेडी टू ईट इसमें प्रिजव्र्ड चपाती, 300 ग्राम सूजी का हलवा, 300 ग्राम वेज पुलाव, 300 ग्राम आलू मटर की सब्जी एक चाॅकलेट बार और 3 चाय के पैकेट होते है। इस मिलिट्री डाइट से करें 4 दिनों में 2 किलो वजन कम बन मैन कॉम्पोरेशन (डिहाइड्रेटेड) इस राशन का वजन 880 ग्राम होता है और ये 4100 कैलोरी दे सकता है। इसमें 3 बार की चाय ब्रकफास्ट लंच और डिनर शामिल है। मिनी कॉम्‍पो पैक ये छोटा पैक 1520 कैलोरी के लिए होता है इसमें 100 ग्राम सूजी हलवा मिक्स और 125 ग्राम वेज पूलाव होता है। इसके अलावा 3 चाय के पैकेट होते है। सर्वाइवल राशन डेली सर्वाइवल में 100 ग्राम के 2 साॅफ्ट बार 50 ग्राम की 3 शुगर चिक्की और गुड की चिक्की शामिल होती है ये लगभग 2400 कैलोरी देता है। मैन बैटल टैंक राशन टैक और दूसरे आम्र्ड व्हीकल क्रू के लिए डिजाइन किए गए इस राशन में 4 लोगो के लिए 72 घंटें की खुराक होती है। बैटल फिल्ड के बाहर क्या खाते है जवान नाश्ता हमारे सैनिक नाश्तें में चाय के साथ नमक और मिर्च से भरी चपाती खाते है और कभी कभी उन्हें आलू और कद्दू की सब्जी भी मिलती है। भारतीय सेना के अधिकारियों को भी तला हुआ अंडा मिलता है। दोपहर की चाय आमतौर पर नमक के पारें या शक्कर के पारें के साथ चाय पी जाती है। कभी-कभी वेट कैंटीन से समोसा, आलू बोंडा, बेसन लड्डू या बर्फी भी आती है। डिनर रोटी, सब्जी, दाल, चावल, खास मौको पर मीट और खीर, रोल काॅल के आधार पर रम भी इशु की जाती है। English summary What Our Soldiers Eat When They Are on the Battlefield? All armies around the world get combat ration that is supplied to soldiers in the war field. Wondering whether Indian soldiers get something special?.

डायलिसिस पर हैं तो भूल कर भी ना खाएं ये 10 फूड

Monday, November 6 2017

डायलिसिस पर हैं तो भूल कर भी ना खाएं ये 10 फूड

» डायलिसिस पर हैं तो भूल कर भी ना खाएं ये 10 फूड डायलिसिस पर हैं तो भूल कर भी ना खाएं ये 10 फूड Wellness Published: Monday, November 6, 2017, 11:30 [IST] Subscribe to Boldsky किडनी हमारे शरीर के लिए फ़िल्टर का काम करती हैं। ये यूरिन (मूत्र) के द्वारा हमारे शरीर से टॉक्सिंस (विषारी पदार्थ) को बाहर निकालती हैं। परन्तु जब किडनी अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती तो डायलिसिस करना पड़ता है। यह एक ऐसा उपचार है जिससे लगभग हर डायबिटीक रोगी (मधुमेह से ग्रस्त रोगी) को गुज़रना पड़ता है। डायलिसिस की सहायता से शरीर से टॉक्सिंस कृत्रिम रूप से बाहर निकाले जाते हैं। डाइबिटीज़ पूरे विश्व में अपने पैर पसार रहा है और हर दूसरा व्यक्ति इसका शिकार हो रहा है। यह या तो अनुवांशिक होता है या अचानक भी हो जाता है। इसका मुख्य कारण बहुत अधिक टेंशन और तनाव है। हालाँकि एक बार जब व्यक्ति को डाइबिटीज़ हो जाता है तो मधुमेह रोग तज्ञ से परामर्श लेना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। उनकी सलाह से उचित दवाईयां लेना और शारीरिक व्यायाम करना भी महत्वपूर्ण होता है। इससे व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रखा जा सकता है। परन्तु यदि समय पर डाइबिटीज़ का नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके कारण अन्य घातक समस्याएं जैसे हार्टटैक, अंधापन, अंगों का ठीक तरह से काम न करना, विशेष रूप से किडनी फेल होना आदि हो सकती हैं। तो जब आपकी किडनी ठीक तरह से काम नहीं करती तो डायलिसिस ही एकमात्र विकल्प होता है। परन्तु यदि डायलिसिस का रोगी स्वस्थ रहना चाहता/चाहती है तो उसे आहार संबंधी कडक नियमों का पालन करना पड़ता है। नीचे कुछ खाद्य पदार्थ बताये गए हैं जिनका सेवन डायलिसिस के रोगी को नहीं करना चाहिए। 1. नमक/सोडियम: डायलिसिस के दौरान वज़न बढ़ने से आपके उपचार पर दुष्परिणाम हो सकता है। अत: आपको सलाह दी जाती है कि आप कम नमक वाला खाना खाएं और यदि संभव हो तो सोडियम का सेवन न करें ताकि आपका ब्लडप्रेशर कम रहे। नमक के बजाय आप अन्य सीजनिंग जैसे हर्ब्स या मसालों का उपयोग कर सकते हैं परन्तु नमक के ऐसे विकल्पों का उपयोग न करें जिसमें पोटैशियम हो। 2. मीट/प्रोटीन: डायलिसिस के रोगी को प्रतिदिन कम से कम 8-10 औंस प्रोटीन का सेवन करने की सलाह दी जाती है। प्रोटीन युक्त आहार जैसे फिश, मीट और अंडे का सेवन नियमित तौर पर किया जा सकता है परन्तु इसकी मात्रा को नियंत्रित रखना चाहिए। अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से अन्य प्रभाव हो सकते हैं। आप छोटे आकार की फिश या आधा चिकन ब्रेस्ट खा सकते हैं। 3. अनाज: कार्बोहाइड्रेट के कारण शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है। डाइबिटीक रोगियों को दिन में 6-10 बार अनाज, सीरियल्स या ब्रेड खाने की आवश्यकता होती है। परन्तु साबुत अनाज या उच्च फाइबर युक्त आहार जैसे गेंहू से बनी ब्रेड, ब्रान सीरियल और ब्राउन राईस न खाएं क्योंकि इनमें बहुत अधिक मात्रा में फॉस्फोरस होता है। इस खाद्य पदार्थ पर नियंत्रण करके आप अपनी हड्डियों और रक्त वाहिनियों का ध्यान रख सकते हैं। 4. डेयरी उत्पाद: डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही या चीज़ का सेवन सीमित मात्रा में करें। हालाँकि इन चीज़ों की आवश्यकता डाइबिटीज़ के मरीजों को होती है परन्तु इनकी सीमित मात्रा जैसे आधा कप दूध या दही या एक औंस चीज़ का सेवन करें। स्किम मिल्क, लो-फैट मिल्क आदि का सेवन न करें क्योंकि इनमें फॉस्फोरस होता है जो डायलिसिस के रोगियों के लिए अच्छा नहीं होता। 5. फल/जूस: ऐसे फल जिनमें अधिक मात्रा में पोटैशियम हो जैसे कीवी, नेक्टरिन, प्रूनस, बनाना और खरबूजे न खाएं। इसके बजाय सेब, बेरीज़, चेरीज़, अंगूर, प्लम या अनानास खाएं। डॉक्टर की सलाह से ही इनका सेवन करें। 6.पेय: डायलिसिस के दौरान हार्ड ड्रिंक्स (शराब) का सेवन बिलकुल करें। इसे आपके शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है जो आपके जीवन के लिए प्राणघातक हो सकता है। इसके बजाय एप्पल साइडर, अंगूर का जूस या लेमोनेड का सेवन करें। 7. सब्जियां/सलाद सभी सब्जियों में कुछ मात्रा में पोटैशियम रहता है परन्तु यह आप पर निर्भर करता है कि आप कितनी मात्रा का सेवन करते हैं। डायलिसिस के दौरान कम पोटैशियम वाली सब्जियों का दिन में दो या तीन बार सेवन करना आवश्यक होता है। हरे पत्तेदार सब्जियां जैसे ब्रोकोली, खीरा, लेट्युस आदि का सेवन करें। ज़मीन के अन्दर उगने वाली सब्जियों जैसे आलू, गाज़र, चुकंदर का सेवन न करें। 8. डिजर्ट (मिठाईयां): डाइबिटीज़ का मरीज़ विशेषकर जो डायलिसिस से गुज़र रहा हो, उसे भारी डिज़र्ट नहीं खाना चाहिए। हालाँकि वह अब बाज़ार में आसानी से उपलब्ध शुगर फ्री मिठाईयां खा सकता/सकती है। 9.डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ: डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में सोडियम पाया जाता है जिसके कारण डायलिसिस के दौरान शरीर में फ्लूइड रिटेंशन हो सकता है। अत: अच्छा होगा कि इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। 10. नट्स और सीड्स (सूखे मेवे और बीज): इस प्रकार के खाद्य पदार्थों में बहुत अधिक मात्रा में पोटैशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है। अत: आपको सलाह दी जाती है कि डायलिसिस के उपचार के दौरान आप पीनट बटर, सूखे मटर, बीन्स (फलियाँ) आदि का सेवन न करें। डायलिसिस बहुत ही दुखदायी प्रक्रिया है और डॉक्टर आपकी प्रतिदिन की पानी पीने की मात्रा को भी सीमित कर देते हैं। तो इस तरह की स्थिति आने से पहले अच्छा होगा कि आप जल्दी ही अपने स्वास्थ्य की देखभाल करना शुरू कर दें। English summary 10 Foods To Avoid If You Are On Dialysis There are certain foods that patients undergoing dialysis need to avoid. Know about these foods here on Boldsky. Story first published: Monday, November 6, 2017, 11:30 [IST] Nov 6, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

OMG! रिसर्च में ये क्‍या बोला.... मिल्‍कशेक हेल्‍दी नहीं है?

Monday, November 6 2017

OMG! रिसर्च में ये क्‍या बोला.... मिल्‍कशेक हेल्‍दी नहीं है?

» OMG! रिसर्च में ये क्‍या बोला.... मिल्‍कशेक हेल्‍दी नहीं है? OMG! रिसर्च में ये क्‍या बोला.... मिल्‍कशेक हेल्‍दी नहीं है? Diet Fitness Updated: Monday, November 6, 2017, 14:31 [IST] Subscribe to Boldsky कल्पना कीजिये, आप गर्मियों के दिनों में कहीं घूमने जाते हैं और आपको ऐसी जगह दिखती है जहाँ फलों से बने मिल्कशेक बेचे जा रहे हैं और आप अपने आप को रोक नहीं पाते हैं। हम में से अधिकाँश लोग तुरंत ही वहां जाकर एक गिलास का ऑर्डर देंगे, है न? खैर, स्वादिष्ट मिल्कशेक पीना किसे अच्छा नहीं लगता! ठंडा, गाढ़ा और मीठा यह ड्रिंक अक्सर हम सबको आकर्षित कर लेता है। आजकल तो मिल्कशेक के कई प्रकार मिलते हैं जिन्हें न कह पाना बहुत कठिन होता है। फलों से बनने वाले मिल्कशेक जैसे आम, स्ट्रॉबेरी, अवोकेडो, बनाना (केला) आदि के अलावा कुछ अन्य फ्लेवर भी उपलब्ध हैं जैसे चॉकलेट, कॉफ़ी तथा अन्य! हम में से अधिकाँश लोगों को कोई एक फ्लेवर बहुत पसंद होता है और इसे पीने का अवसर मिले तो उस अवसर को हम कभी अपने हाथों से जाने नहीं देते! वास्तव में, हम में से अधिकाँश लोग सोचते हैं कि मिल्कशेक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, विशेष रूप से फलों से बने मिल्कशेक क्योंकि हम सोचते हैं कि ये केवल फल और दूध से बने होते हैं। कई बार तो यह भी देखने मिलता है कि लोग "मिल्कशेक डाईट" करते हैं यह सोचकर कि ठोस पदार्थ खाने की तुलना में यह बेहतर होते हैं! हालाँकि मिल्कशेक फ्रूट जूस (फलों के रस) की तरह नहीं होते अत: "मिल्कशेक डाईट" पर जाना व्यर्थ और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अब जैसा कि हम जानते हैं आयुर्वेद एक प्राचीन भारतीय औषधि विज्ञान है जिसने कई बीमारियों के उपचार और उनकी रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है चाहे वह सिरदर्द हो या घातक बीमारी कैंसर! आयुर्वेद के क्षेत्र में हाल ही में विशेषज्ञों द्वारा किये गए अध्ययन से पता चला है कि नियमित तौर पर मिल्कशेक पीने से स्वास्थ्य को बहुत नुकसान हो सकते हैं। इस लेख में देखें कि कैसे मिल्कशेक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मिल्कशेक स्वास्थ्य को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं? अब हम जानते हैं कि मिल्कशेक दूध के साथ चीनी और फल मिलाकर बनाया जाता है, है न? या तो दूध के साथ चॉकलेट या अन्य कोई पदार्थ मिलाकर जो दूध का फ्लेवर बन जाता है। हम में से अधिकाँश लोग सोचते हैं कि मिल्कशेक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं क्योंकि वे फल और दूध से बने होते हैं और ये दोनों ही पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। परन्तु इस विषय में आयुर्वेद का अलग मत है। आयुर्वेद के अनुसार कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हें किसी अन्य खाद्य पदार्थ के साथ खाने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। केवल ये पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं। फल और दूध भी ऐसा ही एक संयोजन है। अत: क्योंकि मिल्कशेक दूध और फलों से बने होते हैं अत: आयुर्वेद के अनुसार ये स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं विशेष रूप से आपके पाचन तंत्र पर। फल और दूध सुसंगत (जिनका सेवन एक साथ किया जा सके) खाद्य पदार्थ नहीं है। अत: जब इनका सेवन एक साथ किया जाता है तो ये आँतों में फ़र्मेंट (किण्वन) से गुज़रते हैं जिसके कारण गैस्ट्रेटिस, पेट फूलना और एसिडिटी जिसे समस्याएं हो सकती हैं, विशेष रूप से तब जब इनका सेवन नियमित तौर पर किया जाए। जैसा कि डॉ. वसंत लाड द्वारा लिखी गयी पुस्तक "द कंप्लीट बुक ऑफ़ आयुर्वेदिक होम रेमेडीज" में बताया गया है कि मिल्कशेक पेट के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं, विशेष रूप से बनाना मिल्क शेक (केले से बना मिल्क शेक) और मैंगो मिल्कशेक (आम का मिल्कशेक) क्योंकि इसके फ़र्मेंटेशन की दर बहुत तीव्र होती हैं। वास्तव में बनाना मिल्कशेक साइनस ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं जिसके कारण ज़ुकाम और साँस की तकलीफ भी हो सकती है! अत: निष्कर्ष यह है कि आयुर्वेद के अनुसार नियमित तौर पर मिल्कशेक का सेवन करने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। English summary Are Milkshakes Healthy? A recent research study by experts in the field of Ayurveda has stated that consuming milkshakes on a regular basis can be extremely harmful for your health. Please Wait while comments are loading...

अस्थमा के मरीजों के लिए डाइट प्लान

Monday, November 6 2017

अस्थमा के मरीजों के लिए डाइट प्लान

» अस्थमा के मरीजों के लिए डाइट प्लान अस्थमा के मरीजों के लिए डाइट प्लान Diet Fitness Updated: 10:14 अस्थमा जानलेवा बीमारी है। यह फेफड़ों की घातक और लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी है जिसके कारण सांस लेने के मार्ग में सूजन आ जाती है और यह रास्ता संकरा हो जाता है। अस्थमा के कारण घरघराहट, सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ और कफ़ की समस्या होती है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को दर्द और सांस लेने में होने वाली तकलीफ के कारण जीवन नरक के समान लगने लगता है। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि उचित पोषण न मिलने के कारण अस्थमा की तकलीफ हो सकती है। यूनाइटेड स्टेट (संयुक्त राज्य में) अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसा माना जाता है कि इसका एक मुख्य कारण डाइट के पैटर्न में होने वाला परिवर्तन है। अधिकाँश अमेरिकी लोग ताज़े फल और सब्जियां खाने के बजाय प्रोसेस्ड फ़ूड खाते हैं जिसके कारण अस्थमा का खतरा हो सकता है। आज बहुत से लोग अस्थमा के उपचार के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रहे हैं और इसके अच्छे परिणाम देखने मिल रहे हैं। यदि आप भी अपने डाइट प्लान में सुधार लाते हैं तो आपको भी निश्चित रूप से अच्छे परिणाम देखने मिलेंगे। मोटापा और अस्थमा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और ऐसा पाया गया है कि यदि मरीज़ का वज़न स्वस्थ और सामान्य रहे तो अस्थमा के अटैक कम हो जाते हैं। वज़न बढ़ने के कारण अस्थमा के अटैक भी बढ़ जाते हैं अत: अस्थमा के मरीजों के लिए हेल्दी डाइट लेना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है और इस लेख में हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। ताज़े फल: ताज़े फल एंटीऑक्सीडेंट और बीटा कैरोटीन का अच्छा स्त्रोत होते हैं और शोधकर्ताओं ने यह सिद्ध किया है कि वे लोग जो बचपन में बहित अधिक फल खाते हैं उन्हें अस्थमा होने की संभावना बहुत कम होती है। कीवी और ऑरेंज जैसे फलों में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी और ई पाया जाता है। इस प्रकार के फलों से फेफड़ों में सूजन और जलन कम होती है। ताज़ी और हरी पत्तेदार सब्जियां: अस्थमा के मरीजों के लिए ताज़ी और हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत लाभदायक होती है। इनमें बहुत अधिक मात्रा में विटामिन्स और फ्लेवोनाइड्स होते हैं जो शरीर में मुक्त कणों को नष्ट करते हैं। ये मुक्त कण शरीर में पाए जाने वाले टॉक्सिंस होते हैं जो अस्थमा को और अधिक बढ़ा सकते हैं। सूखे मेवे: सूखे मेवों में मैग्नीशियम और विटामिन ई पाया जाता है अत: अस्थमा के मरीजों के लिए ये अच्छा स्नैक है। मैग्नीशियम के कारण अस्थमा में होने वाली घरघराहट नहीं होती जबकि विटामिन ई आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाता है और साथ ही साथ शरीर की मुक्त कणों से रक्षा करता है जो शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचा कर उनमें सूजन पैदा कर सकते हैं। साबुत अनाज: अध्ययनों से पता चला है कि साबुत अनाज के सेवन से बचपन में अस्थमा होने की संभावना 50% तक कम हो जाती है। दालें: दालों में कैलोरी और फैट कम होता है और यह अस्थमा के लिए बहुत लाभदायक है। दालों में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो शरीर में लिपिड्स और कोलेस्ट्रोल को कम करता है। यह श्वसन में एलर्जी पैदा करने वाले बाहरी कणों को रोकता है। दालों में फैट को घोलने वाले कण पाए जाते हैं जो अस्थमा के कारण होने वाले ज़ुकाम और फ्लू के बैक्टीरिया को आने से रोकते हैं। ऑलिव ऑइल: - ओमेगा-3 फैट: सर्दिनेस, सालमोन और ट्यूना जैसी मछलियों में तथा पौधों से मिलने वाले कुछ पदार्थों जैसे ऑलिव और अलसी के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। हालाँकि अभी यह साबित नहीं हुआ है; फिर भी इसे अपने आहार में शामिल करना अच्छा होता है। नीबू पानी न पीयें: नीबू में विटामिन सी पाया जाता है और नीबू के रस के कुछ ही गुण अस्थमा के रोगियों के लिए लाभदायक होते हैं। हालाँकि बहुत अधिक मात्रा में नीबू का जूस या नीबू पानी पीने से हार्टबर्न की समस्या हो सकती है। इसके अलावा नीबू में उपस्थित सल्फाइट्स और सल्फेटिंग एजेंट के कारण अस्थमा हो सकता है। अत: ऐसे लोग जिन्हें नीबू से एलर्जी है और उन्हें पहले से ही अस्थमा है तो अच्छा होगा कि आप नीबू पानी न पायें। वाइन न पीयें: वाइन में सल्फाइट्स नामक प्रिज़र्वेटिव होते हैं जिसके कारण अस्थमा का अटैक आ सकता है। हालाँकि अस्थमा के रोगियों द्वारा वाइन का सेवन किया जाना चाहिए या नहीं, इस विषय पर थोडा संशय है। इसके परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं। परन्तु अच्छा होगा कि अस्थमा के मरीज़ इसका सेवन न करें। दूध की अधिक मात्रा का सेवन न करें: अस्थमा में दूध के सेवन के विषय पर भी संशय बना हुआ है। दूध विटामिन डी का अच्छा स्त्रोत है और यह वास्तव में यह अस्थमा से आराम दिलाता है। हालाँकि कुछ ऐसे बहे लोग होते हैं जिन्हें दूध से एलर्जी होती है जिसके कारण घरघराहट, कफ़ और श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अत: खतरा उठाने से अच्छा है कि बच के रहें। अस्थमा के मरीजों के लिए अच्छा होगा कि वे ध्यान रखें कि उन्हें किन खाद्य पदार्थों से एलर्जी है और उसके अनुसार ही खाद्य पदार्थों का सेवन करें। अंडो की अधिक मात्रा का सेवन न करें: अस्थमा का एक अकारण अंडे भी हो सकते हैं। विशेष रूप से अस्थमा से ग्रस्त बच्चों को अंडे या अंडे से बने पदार्थ नहीं देने चाहिए। English summary Diet Plan For Asthma Patients A healthy diet for asthma patients is very vital and in this article we shall discuss the same in detail.

सुहागा है बेहद असरदार घरेलू औषधि, इन 10तरह के रोगों से मिलेगा छुटकारा

Monday, November 6 2017

सुहागा है बेहद असरदार घरेलू औषधि, इन 10तरह के रोगों से मिलेगा छुटकारा

डाइट-फिटनेस » सुहागा है बेहद असरदार घरेलू औषधि, इन 10तरह के रोगों से मिलेगा छुटकारा सुहागा है बेहद असरदार घरेलू औषधि, इन 10तरह के रोगों से मिलेगा छुटकारा Diet Fitness Updated: 10:58 [IST] सुहागा आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। ये आपकी कई परेशानियों को दूर भगाता है। इसके गुणकारी असर से आपको कई तरह के रोगो से आराम मिल जाता है। आज आपको सुहागा के बारे में बताएंगे ये कि कैसे और कौन से रोगों में ये आपके लिए फायदेमंद होता है। कई ऐसे रोग है जो घर पर ही आसानी से सुहागा कि मदद से ठीक हो सकते है। आप तवे पर सुहागा को सेंककर पीस ले, इसे चुटकी भर 1 घूंट गर्म पानी में घोलकर रोजाना 4 बार पीने से जुकाम ठीक हो जाता है। भूना सुहागा आधा ग्राम गर्म पानी से सुबह-शाम लेने से नजला ठीक हो जाता है, सुहागा से होता है अनगिनत रोगों का उपचार है। 10 चीजें जो आप स्वास्थ्य के डर से नहीं खाते वो आपके लिए हेल्दी होती है ऐसे आपको आगे पढ़ने से पता चलेगा कि ये कितने रोगो में कारगर साबित होता है। तो आइए जानते है कि इसका प्रयोग कैसे करना है और इससे आपकी कौन कौन सी बीमारियां खत्म हो जाएंगी। अजीर्ण अगर आपका बच्चा रात में सोते हुए अचानक रोने लगता है और दही की तरह उल्टी करता है और उसको दस्त आते है तो इसे ठीक करने के लिए भुना सुहागा चुटकी भर दूध में घोलकर 2 बार पिलाने से लाभ होता है। ऐसा करने से बच्चे का पाचनतंत्र भी सही हो जाता है। भुजंगआसन करने से पेट की चर्बी और वजन कम होता है, ऐसे करें आसन तिल्ली अगर आपको तिल्ली से संबंधिक शिकायत है तो आपको परेशान होने की आवश्यकता नही हैं। इसमें आपकी तिल्ली सिकुड़ जाती है और आपको तकलीफ होती है। इसके लिए आपको 30 ग्राम भुना हुआ सुहागा और 100 ग्राम राई को पीसकर मैदा की छलनी से छान लें। इसे आधा चम्मच रोजाना 7 सप्ताह तक 2 बार पानी से फंकी लें। ऐसा करने से आपकी तिल्ली सामान्य हो जाएगी। चर्मरोग अगर आपको किसी भी तरह का कोई चर्म रोग होता है तो आपको ये ध्यान रखना है कि सुहागा इसमें बहुत फायदेमंद है। आपको चर्म रोग के स्थान पर सुहागे का तेल लगाना है। ऐसा कुछ दिन तक करने पर आपको आराम मिल जाएगा और चर्म रोग खत्म हो जाएगा। अंडकोष की वृद्धि अगर आपके अंडकोष में किसी कारण कुछ लग गया है और वो लगातार बढते जा रहे है तो आपको बिल्कुल भी घबराना नहीं है। इसके लिए आप 6 ग्राम भुने सुहागे को गुड़ में मिलाकर इसकी 3 गोलियां बनाकर 1-1 गोली 3 दिन सुबह हल्के गर्म घी के साथ सेवन करने से अंडकोष की वृद्धि रुक जाती है। ये असरदार उपाय है। अंडकोष की खुजली अगर आपके अंडकोष में लगातार खुजली होती है जो कि एक आम बात है तो आपको इसके लिए लगभग 116 ग्राम पानी में 4 ग्राम सुहागा को घोलकर रोजाना 2-3 बार अंडकोष धोने से खुजली मिट जाती है। इससे आप चैन की सांस ले पाएंगें। आंख आना जिन लोगों की आंख आ जाती है उनको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आंख आने पर सुहागा और फिटकरी को एक साथ पानी में घोल बनाकर आंख को धोने और बीच-बीच में बूंद-बूंद (आई डरोप्स) की तरह आंखों मे डालने से बहुत जल्दी लाभ होता है। ये आपकी आंखों को पूरी तरह से सही कर देगा। दमा दमा एक बहुत गंभीर समस्या है और इस समय तो कई लोगों को परेशान कर रही है। इससे निजात पाने के लिए आपको लगभग 75 ग्राम भुना हुआ सुहागा 100 ग्राम शहद में मिला ले इसे सोते समय 1 चम्मच की मात्रा में लेकर चाटने से श्वास रोग (दमा) में बहुत लाभ होता है। ये एक असरदार घरेलू उपाय है। आंखों का दर्द आंखो के दर्द के कारण आप कहीं सुकून से बैठ भी नहीं पाते है। ये काफी बेचैन करने वाला होता है। इसको सही करने लिए भुने हुए सुहागे को पीसकर कपडे़ में छानकर सलाई से सुबह और शाम आंखों में लगाने से आराम आता है। ऐसा करने से पूरी तरह से ठीक हो जाता है। काली खांसी बच्चों को हमेशा काली खांसी अमूमन हो ही जाती है। ऐसा होने पर बिल्कुल ना घबराएं। तवे पर भुना हुआ सुहागा व वंशलोचन को मिलाकर शहद के साथ रोगी बच्चे को चटाने से काली खांसी दूर हो जाती है। ये आसान घरेलू उपायै है। पायरिया दातों का रोग अगर हो जाए तो जिंदगी बेस्वाद हो जाती है। अगर आपको पायरिया हो जाए तो आप सुहागा एवं बोल (हीराबोल) को मिलाकर रोजाना 2 से 3 बार मसूढ़ों पर धीरे-धीरे मलें। इससे दांतों व मसूढ़ों के सभी रोग ठीक होकर पायरिया रोग दूर होता है। ये आपको पूरी तरह से राहत देगा। English summary health benefits of borax borax is very beneficial for you. It fades away many of your troubles. With its beneficial effect, you get relief from many diseases. Today you will tell about borax how and how many diseases it is beneficial for you.

शेविंग क्रीम है त्वचा के लिए खतरनाक, दूध से इस तरह बनाएं शेविंग क्रीम

Monday, November 6 2017

शेविंग क्रीम है त्वचा के लिए खतरनाक, दूध से इस तरह बनाएं शेविंग क्रीम

Updated: 14:39 मर्दों की त्वचा सख्त होती है और उसको सॉफ्ट बनाए रखने के लिए हर मर्द कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते है। अगर आप सेविंग करते है तो आप कई तरह की सेविंग क्रीम का इस्तेमाल करते है। आपको बता दें कि आपकी स्किन के लिए ये उतनी अच्छी नही होती है जितना आप समझते है। क्या आपके चेहरे कि त्वचा रुखि सुखी और कठोर हो गयी है? क्या आप विदेशी शेविंग क्रीम से अपने चेहरे कि सुंदरता खो चुके है? तो चलिए आज हम आपको शेविंग के लिए एक ऐसा आसन घरेलू उपाय बता रहे है। जिससे आपकी त्वचा कोमल तथा मुलायम बन जायेगी। आपको बता दें कि अगर आपको कहा जाए कि कुछ घरेलू उपाय भी है जो आपके लिए सेविंग क्रीम से भी ज्यादा फायदा पहुंचाते है। क्या आप जानते है ? अगर नहीं तो आइए आपको बताते है कि वो कौन सी घरेलू चीजें है जिनका इस्तेमाल आप सेविंग क्रीम की तरह कर सकते है। सेविंग क्रीम के नुकसान ना़यलॉन का ब्रस आप जब घर में या बाजार में सेविंग कराते है तो वो आपको प्लास्टिक के ब्रस से सेविंग करते है। तो ये आपको बता दें कि ये आपके स्किन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए आपको नॉयलोन के ब्रश के इस्तेमाल से बचना है। बालों के डैंड्रफ से परेशान है तो इन घरेलू उपाय से पाएं जड़ से छुटकारा रासायनिक क्रीम आप अपने स्किन में जो सेविंग क्रीम लगाते है वो पूरी तरह से रासायनिक होती है। इसमें बहुत सारे केमिकल्स को मिलाया जाता है। लेकिन आपको इससे बचना है क्योंकि ये आपके स्किन के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होता है। इससे आपका स्किन को भारी नुकसान हो सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य आप जब बाजारू सेविंग क्रीम का उपयोग करते है तो आपकी नेचुरल सुंदरता खत्म हो जाती है। ये आपकी स्किन को बुरी बना देती है। इससे आपके चेहरे की स्किन बुरी तरह से प्रभावित होती है। इससे आपको बचना चाहिए। क्योंकि इससे आपको स्किन से संबंधी कई बीमारियां भी हो सकती है। कपड़े धोकर देखें आपको अगर इसके खतरनाक होने का अंदाजा लगाना है तो आपको इससे अपने कपड़े धोकर देखने चाहिए। आपको पता चल जाएगा कि इसमें डिटर्जेंट के गुण भी मौजूद है। ये आपकी स्किन को बुरी तरह से जला सकता है। इससे आपको बचना चाहिए। ऐसे निकाले इसका हल अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर आपको सेविंग क्रीम से बचने के लिए क्या करना चाहिए। आपको बतातें है कि कई ऐसे घरेलू उपाय भी है जो आपको सेंविंग क्रीम से भी ज्यादा साफ सेविंग दे सकते है। आइए आपको बताते है वो आसान और असरदार घरेलू उपाय। अपनाएं ये नुस्खा आपको बता दें कि इसके लिए आपको दूध का ही सहारा लेना है। ये एक बहुत असरदार घरेलू उपाय है। मात्र 3 चम्मच दुध (कच्चा या उबला) ले लीजिए, इसे अपने चहरे पर लगा लीजिए और 20 सेकेण्ड तक त्वचा पर हल्के हाथो से मलिए, अब ब्लेड से साफ कर लीजिए। इससे आपकी ब्लेड भी 3 महीने तक चलेगी और आपकी स्किन भी अच्छी रहेगी। दूध से त्वचा को अच्छा बनाता है आपको बता दें कि आप दूध का इस्तेमाल इसमें करते है तो आपकी स्किन बहुत अच्छी रहती है। दूध त्वचा कि चमक और कोमलता को क्षीण नही होने देता और इसकी अन्दर तक सफाई भी करता है। यही कारण है कि दूध इसमें असरदार है। घर्षण से आराम अगर आपके सेविंग करते समय दाड़ी मे ज्यादा घर्षण होता है तो आपकी दाढ़ी में दर्द भी होता है और आपकी सेविंग भी सही नहीं होती है। इसलिए दूध के इस्तेमाल से आपकी दाढ़ी अच्छी रहती है। English summary benefits of best Homemade shaving cream Men's skin is strict and they use many types of products to keep them soft. If you do save, you use a variety of saving creams. Let me tell you that it is not so good for your skin. Please Wait while comments are loading...

इन मेकअप टिप्‍स से दिखाएं अपने होंठो को फुल और बड़ा

Monday, November 6 2017

इन मेकअप टिप्‍स से दिखाएं अपने होंठो को फुल और बड़ा

» इन मेकअप टिप्‍स से दिखाएं अपने होंठो को फुल और बड़ा इन मेकअप टिप्‍स से दिखाएं अपने होंठो को फुल और बड़ा Make Up Updated: 15:26 होंठो को महिलाओं की खूबसूरती का सबसे महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा माना गया है। सुंदर से होंठो पर जब आप लाल रंग की लिपस्‍टिक लगाती हैं, तो हजारों की नज़रे केवल आप पर ही टिक जाती होंगी। वैसे तो काफी महिलाएं अपने होंठो के शेप से खुश ही रहती हैं लेकिन उनमें से भी काफी ऐसी लोग हैं, जिन्‍हे मोटे और उभार वाले होंठ अच्‍छे लगते हैं। मोटे या फिर कहें की भरे हुए होंठ दिखने मे काफी सुंदर लगते हैं। इनकी वजह से चेहरे की खूबसूरती और भी ज्‍यादा निखर कर आती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि हर किसी को भगवान ने भरे हुए होंठो के साथ भेजाहो लेकिन अगर आप भी हिरोइनों की तरह फुलर लिप्‍स चाहती हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। वैसे भी आज के समय में बाजार में ऐसे कई साधन उपलब्ध है जिसकी सहायता से आप अपने फेस को मनचाहा लुक प्रदान कर सकती है। बहुत सारी सेलेब्रिटीज़ ने भरे हुए होंठ पाने के लिये लिप जॉब्‍स या फिरफिलर्स का इस्‍तेमाल करवाया है। लेकिन अगर आप इन सब चीजों के हक में नहीं हैं, तो कुछ मेकअप ट्रिक्‍स आजमा कर आप अपने होंठो को सेक्‍सी लुक दे सकती हैं। यदि सही तरीके से मेकअप किया जाए तोआप अपने होंठो की कमी को छुपा सकती हैं। 1. स्‍क्रब करें स्क्रब के द्वारा हमारी त्वचा की मृत कोशिकाएं अलग हो जाती है। जिससे त्वचा साफ होकर निखार प्राप्त करती है। इसी तरह से होठों को सुंदर गुलाबी बनाने के लिए होठों पर स्‍क्रब करना काफी जरूरी होता है।इसके लिए आप शक्कर के साथ नीबू को मिलाकर होठों पर लगाये और हल्के हाथों से रगड़ते हुए होठों के ऊपरी परत को निकाल लें। इससे आपके होंठ गुलाबी, मोटे और आकर्षक दिखने लगेंगे। स्‍क्रब करने से होठोंपर किया गया मेकअप भी ज्‍यादा देर तक टिका रहता है। 2. अपने होंठों को कंसील करें एक कंसीलर आपको होंठों में बहुत अंतर आ सकता है। अपने होंठो पर कंसीलर लगाएं और उसे लिप लाइन तक फैलाएं। इससे आपके होंठ भरे हुए दिखते हैं। 3. लिपलाइनर का इस्तेमाल करें होंठो को बड़ा दिखाने के लिये लिप लाइनर जरुर लगाएं। होंठो पर एक परफेक्‍ट बनाएं जो कि बाहर की ओर होना चाहिये। यह अंतर केवल कुछ मिलीमीटर का ही होगा लेकिन यह आपके होंठों को काफी बड़ा दिखासकता है। 4. लिप ग्‍लॉस को बीच में लगाएं होंठो पर मन पसद लिप ग्‍लॉस लगाएं मगर यह लिप ग्‍लॉस होंठो के बीच में लगाएं। इससे आपके पाउट थोड़े उभरे हुए दिखेंगे। आप चाहें तो लिपस्‍टिक लगा सकती हैं लेकिन एक सैटिन फिनिश वाली लिपस्टिक हीलगाएं। गहरे रंग के लिपस्टिक से आपके होंठ पतले दिखाई देते हैं और आपको एक पाउट नहीं मिलता। 5. लिप्स को हाइलाइट करें आप थोड़ा हाइलाइटर लगाकर आपको होंठों को थोड़ा फिनिशिंग टच दे सकती हैं। बस एक अच्छा रिफ्लेक्टिंग हाइलाइटर लगाएं, जिससे आपके लिप्स को थोड़ी अतिरिक्त गहराई मिल सकती है और लिप्स फुलर दिखसकते हैं। 6. मैट कलर का प्रयोग जिन लड़कियों के लिप्‍स पतले होते हैं, उनके ऊपर मैट कलर की लिपस्‍टिक काफी अच्‍छी लगती है। ये होंठो के फीचर्स को उभार देते हैं। English summary 6 Ways To Make Your Lips Look Bigger You can get plumper lips without some scary medical procedure or fancy new contraption. These genius tips will give you a Kylie Jenner pout with barely any effort. Please Wait while comments are loading...

केले से बने इन 11 नेचुरल हेयर मास्‍क रुखे और बेजान बालों के लिए

Monday, November 6 2017

केले से बने इन 11 नेचुरल हेयर मास्‍क रुखे और बेजान बालों के लिए

बालों-की-देखभाल » केले से बने इन 11 नेचुरल हेयर मास्‍क रुखे और बेजान बालों के लिए केले से बने इन 11 नेचुरल हेयर मास्‍क रुखे और बेजान बालों के लिए Hair Care Updated: 16:43 लम्‍बें, मुलायम और स्‍वस्‍थ बालों की चाह किसे नहीं होती है। हर लड़की चाहती है कि उसके बाल बहुत ही खूबसूरत हो। लेकिन ऐसा जरुरी नहीं कि हर लड़की का सपना सच ही हो। घने और खूबसूरत बालों की चाह में हर लड़की केमिकल ट्रीटमेंट की ओर जाती है। ब्‍यूटी पालर्स में घंटों बिताएंगी। लेकिन आपको मालूम है कि सिर्फ एक केले की मदद से आप सुंदर और लहराते हुए बाल पा सकते हैं, इसके लिए न तो आपको घंटो किसी पालर्स में गुजरने होंगे, न ही हजारों रुपए खर्च करने होंगे। आज हम आपको केले के कुछ बनाना हेयर मास्‍क के बारे में बताएंगे, जिनकी मदद से चंद मिनटों में आप पा सकती है खूबसूरत चमकदार बाल। DIY: इन 5 होमली स्‍क्रब से डेड स्किन को कहें बाय बाय 1. केले का हेयर मास्‍क यह हेयर मास्क सबसे आसान मास्क है। एक पका हुआ मुलायम केला ले। इससे अच्छी तरह मसल के पेस्ट तैयार कर ले।इसे अपने बालों में अच्छी तरह लगा ले और शॉवर कैप पहन ले अर्थात एक गरम टॉवल लपेट ले। ऐसा करने से बालों में नमी बनी रहेगी। इस मिश्रण को अपने बालों में करीब 20 मिनट तक छोड़ दे। उसके बाद अच्छी तरह पानी से धो ले। बालों के डैंड्रफ से परेशान है तो इन घरेलू उपाय से पाएं जड़ से छुटकारा 2. केला और एवोकाडो का हेयरमास्‍क यह पेक आपके बालों के रूखेपन को दूर करेगा, उन्हें मुलायम और चमकदार बनाएगा। सामग्री: नारियल का दूध- 3 चम्मच एवोकाडो- 2 चम्मच कैसे बनाएं पेस्‍ट एक केला लेकर उसे मसल ले और पेस्ट बना ले। ध्यान रखें की गूदा अच्छी तरह मसल लिया हो। अब इसमें 3 चम्मच नारियल का दूध और 2 चम्मच एवोकाडो को मिलाये। सब सामग्रियों को अच्छी तरह मिला लें और बालों में लगा लें। इसे 20 से 30 मिनट तक रखें और फिर पानी से धो लें। आप एवोकाडो की जगह कोको भी डाल सकते है जिससे बालों को प्राकृतिक रंग मिलेगा। 3. केला, शहद, अंडा और वर्जिन ऑलिव ऑयल हेयरपैक जरूरी सामग्री: एक्स्ट्रा वर्जिन तेल-1/4 कप अंडा-1 विधि : एक बर्तन में अंडा फोड़ लें और इसमें पका हुआ केला, 1/4 कप वर्जिन तेल, 4 या 5 चम्मच दूध और 3 चम्मच शहद मिला लें। आप इन सब सामग्रियों को अच्छी तरह मिला कर पेस्ट तैयार करले। बालों को मोटे दाते की कंघी से सुलझा कर इस मिश्रण को अपने बालों की जड़ो से सिरे तक में लगा लें। एक शॉवर कैप से इसे ढक लें और 20 मिनट तक रखें। धोने के बाद आप मुलायम और चमकदार बाल पाएंगे। अंडे के यॉर्क में सल्‍फर होता है, जो बालों के विकास में काम आता है वहीं अंडें के सफेद भाग में प्रोटीन की मात्रा होती है। 4. केले और सरसों के तेल का मिश्रण बालों को काला,चमकदार बनाने के हेयर पैक जब आप केले का मिश्रण बना रही हों, तो इसमें सरसों के तेल की कुछ बूँदें भी डाल दें। यह बालों को स्वस्थ बनाने का एक और चमत्कारी तरीका है और इसे बनाने के लिए आपको रसोई से ही आवश्यक पदार्थ मिल जाएंगे। सरसों का तेल बालों और सिर की त्वचा की मरम्मत करने का बेहतरीन उपाय है। अतः अगर आपको लगता है कि आपके सिर की त्वचा काफी रूखी हो गयी है या इसमें डैन्ड्रफ की समस्या उत्पन्न हो गयी है तो आप सरसों के तेल के उपचार का प्रयोग कर सकती हैं। जरुरी सामग्री- एक केला एक टेबल स्‍पून सरसों का तेल विधि: केले को अच्छे से मसल लें तथा इसे और प्रभावी बनाने के लिए इसमें सरसों के तेल की कुछ बूँदें डालें। इसे अपने सिर पर अच्छे से लगाएं तथा इसके बाद इसे अच्छे से शैम्पू से धो लें। ध्यान रखें कि सरसों के तेल का प्रयोग ज्यादा ना करें। यह एक गाढ़ा तेल है तथा इसे निकालने में आपको काफी समय लगेगा। सरसों के तेल को रुखेपन को हटाने और ब्‍लड सकुर्लेशन बढ़ाने के लिए वरदान माना है। 5. पपीते और केले का मास्क केला एक नरम फल है और यह किसी भी तत्व के साथ मिश्रित हो जाता है। इसी वजह से इसे बालों में लगाने में आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। बालों को कोमल और मुलायम बनाने के लिए आप केले और पपीते के मिश्रण का भी प्रयोग कर सकती हैं। जरूरी सामग्री: छोटा पपीता एक - दो टेबल स्‍पून शहद विधि: सबसे पहले केले को मैश करके एक कटोरी में डाले, अब इसमें पपीता को मैश करके मिलाएं, अब इसमें शहद मिलाएं और इस मिश्रण को मिक्‍सी में पीस लें। यह मास्क आपके सिर की त्वचा और बालों की मरम्मत का कार्य काफी खूबी से करने में सक्षम है। 6. ताज़ी मलाई और केले का मिश्रण आप केले और ताज़ी मलाई का प्रयोग करके भी एक बेहतरीन पेस्ट बना सकती हैं। बाज़ार में मिलने वाली ताज़ी मलाई खरीदें तथा इसका एक चम्मच लेकर मसले हुए केले के साथ मिलाएं। यह पेस्ट काफी अच्छे से बनना चाहिए और इसके लिए आप एक ब्लेंडर (blender) का भी प्रयोग कर सकती हैं। सामग्री : एक केला एक कटोरी दूध की मलाई एक बार मिश्रण के तैयार हो जाने पर इसे बालों में अच्छे से लगाएं। इससे बालों को सही पोषण मिला और वे घने तथा चमकदार प्रतीत होंगे। इस विधि का प्रयोग हफ्ते में कम से कम दो बार करें तथा इस प्रक्रिया के दौरान ही आपको बालों में आया फर्क नज़र आने लगेगा। 7. केला और आंवला का मास्‍क आंवले के ज्‍यूस में विटामिन सी होता है जो बालों की ग्रोथ के साथ बालों को घना और चमकदार बनाता है। जरुरी साम्रगी: एक केला छिला हुआ। रातभर भिगा हुआ आंवला भीगे हुए आंवले को पीसक‍र उसमें केला मिलाएं। कुछ देर के बाद बालों को धो लें। आंवला और केला का मिश्रण बालों को घना और चमकदार बनाने में मदद करता है। 8. केला, शहद और नारियल के दूध का हेयर मास्‍क जरूरी सामग्री- 1 या 2 पका केला- अपने बालों की लंबाई के अनुसार 2 चम्मच शहद 1/2 कप नारियल का दूध कैसे बनाएं पेस्‍ट उपर बताइ गई सभी सामग्रियों को लेकर इसे एक ब्लेंडर में चालकर पीसे लें या फिर अपने हाथों से भी मेश कर सकते हैं इसके बाद किसी बड़े कटोरे में रख लें और मसले हुये केले में शहद और दूध मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। जब यह पेस्ट पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाये तो बालों की लंबाई के अनुसार गाढ़ा पेस्ट बनाकर अपने बालों की जड़ो पर लगाकर थोड़ी देर के लिये छोड़ दें। करीब एक घंटे के बाद आप अपने बालों को शावर में जाकर धो लें। बालों पर किसी अच्छे शैम्पू का इस्तोमाल कर आप इसे धो सकती है। केला आपके बालों में एक प्राकृतिक कंड़िशनर के रूप में काम करता है। 9. केले और दही का हेयरमास्‍क जिन लोगों के बाल प्राकृतिक रूप से घुंघराले हैं उनके लिए यह तरीका प्रभावी नहीं है। यह तरीका केवल उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके बाल उलझे हुए हैं या नमी के कारण जिनके कारण जिनके बाल लहरदार हो गए हैं। सामग्री: 1 कप दही (बालों की लंबाई के अनुसार) 2 केले 2 टेबलस्पून शहद लगाने का तरीका: एक कटोरे में कांटे या चम्मच की सहायता से केले को तब तक मसलें जब तक वह अच्छी तरह नरम न हो जाए। इसके लिए अधिक पके हुए केले का उपयोग करें जिन्हें आम तौर पर आप फेंक देती हैं। इससे फल व्यर्थ नहीं जाएगा। इसमें शहद और दही मिलाएं। मिश्रण को अच्छे से मिलाएं। आपका पैक तैयार है। हाथों की सहायता से इसे बालों पर लगायें। इसे टपकने से बचाने के लिए शावर कैप पहन लें। इस मास्क को एक घंटे तक लगे रहने दें। बाद में शैंपू तथा कंडीशनर से बालों को धो डालें। 10. केले, दही, शहद और नींबू का हेयरपैक नींबू में सेट्रिक एसिड पाया जाता है, इससे आपके बालों को ड्रेंडफ से निजात मिलेगी। जरुरी सामग्री:

कच्‍चे दूध से निखारे खुद का सौंदर्य, जानें कैसे करें यूज़

Monday, November 6 2017

कच्‍चे दूध से निखारे खुद का सौंदर्य, जानें कैसे करें यूज़

Published: 17:06 कई महिलाएं दूध को अपनी रंगत सुधारने के लिये भी प्रयोग करती हैं। हम सभी जानते हैं कि दूध कई ढेर सारे पोषक तत्‍वों से भरा हुआ होता है, इसलिए यह आपके शरीर को मजबूती देने के लिए काफी आवश्यक होता है। पर क्‍या आप जानती हैं कि इससे आप खुद की खूबसूरती भी निखार सकती हैं? पुराने समय में तो शाही स्त्रियां दूध से स्नान किया करती थीं। कच्‍चा दूध चेहरे के लिये काफी अच्‍छा होता है। आप इसे क्‍लींजर के तौर पर या फिर ब्‍लीच के तौर पर प्रयोग कर सकती हैं। इसे रेगुलर चेहरे पर लगाने से आपके चेहरे के दाग-धब्‍बे, झाइयां और झुर्रियां भी दूर होंगी। घर में अगर फ्रिज में थोड़ा सा कच्‍चा दूध रखा हो तो उसे आप रोज़ाना क्‍लींजर के तौर पर या फिर बेसन में डाल कर फेस पैक बना कर यूज कर सकती हैं। अगर आप इसे रोजाना लगाएंगी तो एक हफ्ते के बादआप का चेहरा काफी सुंदर दिखने लगेगा। तो आईए जानते हैं कि आप भी दूध की मदद से अपना सौंदर्य किस प्रकार निखारें- 1. फेशियल क्‍लींजर दूध एक बहुत ही अच्‍छा फेशियल क्‍लींजर है। बस कॉटन बॉल को दूध में डिप करें और उससे चेहरे को साफ कर लें। उसके बाद चेहरे को पानी से धो लें। तो अब रोजाना दूध को चेहरे को साफ करने के लिये प्रयोग करें। 2. चेहरा गोरा करने के लिये अपने चहरे और गर्दन पर कच्‍चा दूध लगाएं। इसे 10 मिनट तक सूखने दें। उसके बाद चेहरे को ताजे पानी से धो लें। आप पाएंगी की आपका चेहरा पहले से साफ और गोरा हो चुका होगा वो भी दो मिनट में। 3. ब्‍लीच की तरह लगाएं दो चम्‍मच कच्‍चा दूध लें, 1 चम्‍मच शहद और 1 चम्‍मच नींबू मिलाएं। इसे साफ चेहरे पर लगाएं। 10 मिनट तक चेहरे पर इसे छोड़ दें और फिर चेहरा धो लें। यह पैक एक ब्‍लीच की तरह काम करता है। 4. चेहरा साफ करें कच्‍चे दूध को चाहे बेसन के साथ या फिर मुल्‍तानी मिट्टी के साथ मिक्‍स कर के लगाएं। इससे चेहरा प्राकृतिक रूप से साफ होगा। दूध में लैक्‍टिक एसिड होता है जिससे स्‍किन लाइट बनती है। 5. झुर्रियां दूर करें आधे केले को मसल लें और उसमें कच्‍चा दूध डाल कर पेस्‍ट बनाएं। फिर इसे साफ स्‍किन पर लगाएं और 15 मिनट तक के लिये छोड़ दें। बाद में चेहरे को पानी से धो लें। दूध और केले का मास्‍क चेहरे से महीन धारियों को मिटाने का काम करती है। इससे चेहरे पर ग्‍लो भी आता है। 6. सन बर्न दूर करें अगर चेहरे पर सनबर्न हो गया है तो आप दूध या फिर बटर मिल्‍क जिसे हम छाछ भी कहते हैं, यूज़ कर सकती हैं। 7. बालों के लिये आप चाहें तो कच्‍चे दूध को सिर पर भी रगड़ सकती हैं। ऐसा कुछ मिनट तक करें। इससे आपके बाल मुलायम बन जाएंगे और बिजिनेस खतम होगी। English summary How To Use Raw Milk In Your Beauty Applications All these beauty uses of milk are cheap and very effective. Read on to know about 5 beauty benefits of milk. Story first published: 17:06 [IST] Nov 6, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

विटामिन ई से करें अपने स्किन की हर समस्या का समाधान

Monday, November 6 2017

विटामिन ई से करें अपने स्किन की हर समस्या का समाधान

» विटामिन ई से करें अपने स्किन की हर समस्या का समाधान विटामिन ई से करें अपने स्किन की हर समस्या का समाधान Skin Care Updated: 17:54 आपके शरीर की खूबसूरती आपकी स्किन से ही होती है। आपको इसके लिए काफी जतन करना पड़ता है कि आपकी स्किन सही रहे। इसके लिए आप कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते है। जब बात ब्यूटी और स्किन की हो तो विटमिन ई की बात सबसे पहले आएगी। विटमिन ई में आपका सौंदर्य बढ़ाने के कई गुण हैं। इसमें ऐंटी एजिंग और हाइड्रेटिंग प्रॉपर्टी होती हैं। इसके लिए आपको ज्यादा परेशान हो होने की जरूरत नहीं है। कई लोग ब्लैक हेड्स को हाथों से दबाकर निकालने की कोशिश करते हैं जिससे चेहरे पर दाग पड़ जाते हैं। इस समस्या से बचने का सबसे अच्छा तरीका है घरेलू उपाय जो आसान तो हैं ही साथ ही जल्दी असर भी दिखाते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह से विटामिन ई आपके स्किन के लिए लाभदायक है। इसके असरदार रिजल्ट आपके स्किन संबंधी समस्याओं को खत्म करके आपके चेहरे और बॉजी में नई जान डाल देगें। झुर्रियों को हटाता है अगर आपके चेहरे पर झुर्रियां है तो आपको घबराने की जरूरत नही है। इसके लिए आपको विटामिन ई का प्रयोग करना है। विटमिन ई ऑइल झुर्रियां हटाने में जादुई रूप से काम करता है। इसमें मॉइश्चराइजिंग गुण होते हैं और यह डैमेज्ड टिशू को रिपेयर करता है। इसका प्रयोग आपके स्किन की हर समस्या को खत्म कर देगा। दाग धब्बो की छुट्टी आपके चेहरे के दाग और धब्बे अगर आपकी खूबसूरती को छीन रहे हैं तो आपको इसके लिए ज्यादा परेशान होने की आवश्कता नहीं है। विटमिन ई एक अच्छा ऐंटी-ऑक्सिडेंट है। यह स्किन की नैचरल हीलिंग प्रोसेस को बढ़ाता है। विटमिन ई के कैप्सूल को आधा काट कर दाग-धब्बों पर रगड़ें। इससे दाग से जल्दी छुटकारा मिलेगा। इसका प्रयोग करें और अपनी स्किन को जवां रखें। स्किन टोन अगर आपको अपनी स्किन से बहुत प्यार है और आप इसको ईवन स्किन टोन की तरह निखारना चाहते है तो आपके लिए विटामिन ई का प्रयोग करना चाहिए। चाहे आप विटमिन ई के कैप्सूल लें या फिर सीधा स्किन पर लगाएं, यह आपको एक समान स्किन टोन देने में मदद करेगा। ये एक असरदार उपाय है। आपकी स्किन की देखभाल करता है और इसको हमेशा अच्छा रखता है। ड्राई स्किन अगर आपके हाथ और पैरों के साथ साथ आपके शरीर में रूखापन रहता है को आपके लिए ये एक असरदार फार्मूला है। आप ड्राई स्किन से परेशान हैं, तो भी विटमिन ई आपका आच्छा दोस्त साबित हो सकता है। बस इसके कैप्सूल को बीच से खोलकर ड्राई स्किन पर अप्लाई करें, आपकी त्वचा यंग लगने लगेगी। इसका लगातार प्रयोग करें और अपनी स्किन को नया रखें। English summary Benefits of Vitamin E for Your Skin The beauty of your body is only from your skin. You have to save enough for that your skin is right. For this you use a variety of products. When it comes to beauty and skin, then the thing of vitamin E will come first. Please Wait while comments are loading...

इस गांव के बैंक, घर और टॉयलेट तक में नहीं है दरवाजे, जानिए क्‍यूं?

Monday, November 6 2017

इस गांव के बैंक, घर और टॉयलेट तक में नहीं है दरवाजे, जानिए क्‍यूं?

14:18 क्या आपने कभी सोचा है कि कोई ऐसा गाँव भी है जहां मकानों के दरवाजे ही नहीं यहाँ कभी चोरियाँ नहीं होती हैं! है ना आश्चर्य की बात! हम बात कर रहे हैं शनि शिग्नापुर गाँव की, जो मुंबई से 300 किलोमीटर पूर्व में है। शनि शिग्नापुर महाराष्ट्र के अहमदनगर में स्थित है जहां घरों के दरवाजे नहीं हैं। वहाँ के रहने वालों के अनुसार, उन्हें घरों के ताले लगाने की ज़रूरत नहीं है, क्यों कि उन्हें शनि देव से सुरक्षा का वरदान मिला हुआ है। शनि शिग्नापुर में भगवान शनि देव का प्रसिद्ध मंदिर है जहां श्रद्धालु शनि देव की पूजा करने आते हैं। शनि देव के इस प्रभावशाली मंदिर और शनि शिग्नापुर के बारे में और ज़्यादा जानने के लिए आगे पढ़ें... मान्यताओं के अनुसार ऐसी कहानी प्रचलित है कि सालों पहले, शनि भगवान एक भक्त के सपने में आए थे और उन्होने उन्हें अपने घरों के दरवाजे नहीं लगाने के लिए कहा था। शनि देव ने कहा था कि वे उनके घरों की सुरक्षा करेंगे तब से यहाँ किसी के घर में मुख्य दरवाजा नहीं है। बैंक के भी दरवाजे नहीं! जी हाँ, इस गाँव में बैंक के भी दरवाजे नहीं हैं। गाँव की परंपरा से प्रेरित होकर यहाँ यूनाइटेड कमर्शियल बैंक (यूको) ने यहाँ 'लोकलेस’ ब्रांच खोली है, इस बैंक के भी दरवाजे नहीं हैं। यह अपनी तरह का पहला बैंक है। दरवाजा रहित यह बैंक 2011 में खोला गया था और आज इसके 3700 से ज़्यादा खाताधारक हैं। बैंक के एक कर्मचारी का कहना है कि... “कोई भी बैंक उचित सुरक्षा प्रबंधों और लॉकर सुविधा के बिना नहीं चल सकता। हमारे यहाँ दरवाजा है लेकिन इसमें कोई परंपरागत ताला नहीं है। यह रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित इलेक्ट्रोमेग्नेटिक लॉक है। हम यहाँ परम्पराओं को नहीं तोड़ सकते, लेकिन साथ ही सुरक्षा से भी समझौता नहीं कर सकते।“ इसके पीछे मान्यता है कि यदि यहाँ कोई व्यक्ति कोई चीज चुराता है तो उसे दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है। ऐसा करने वाले के शनि की साढ़े साती (दुर्भाग्य के 7 साल) लग जाती है। गाँव वाले मानते हैं कि शनि भगवान की शक्ति को कोई भी नहीं नकारता है, यहाँ सभी लोग इसे मानते हैं। यदि कोई गलत करने की कोशिश करता है तो उसके साथ गलत होता है। अपराध दर लगभग शून्य! चौंकाने वाली बात है कि गाँव में चोरियाँ नहीं होती और अपराध दर शून्य है। सदियों से गाँव में चोरी की कोई घटना रिकॉर्ड नहीं की गई है। 2010 में, एक आदमी की गाड़ी से 35000 रुपए गायब हो गए थे। इसके अलावा 2012 में भी सोने के आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया था। लेकिन ये घटनाएँ भी लोगों की मान्यताओं को नहीं हिला सकी और लोगों ने दरवाजे नहीं लगवाए। लोग खुशी और शांति से अपने घरों में रहते हैं। फिर भी, कुछ ग्रामीण हैं जिन्हें चोरी या जेबकतरों से डर है उन्होने घरों के दरवाजों की मांग की है। अन्य लोग मानते हैं कि ऐसा करने वाले शनि देव के प्रति उनकी मान्यता के खिलाफ हैं। गाँव में कुछ लोग अब दरवाजे लगाने लगे हैं। जो लोग बॉर्डर किनारे रहते हैं वे अब अपने घरों की सुरक्षा के लिए दरवाजे लगाने लगे हैं। वे भी भगवान शनि की पूजा करते हैं लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं करते। ऐसे लोगों का मानना है कि घरों को बिना दरवाजों के सूना छोडना सही नहीं है। ऐसा भी कहा जाता है कि गाँव वालों के दबाव में चोरी की कई घटनाएँ दर्ज़ ही नहीं होती हैं। चूंकि गाँव की अर्थव्यवस्था में इस मंदिर का खास योगदान है इसलिए इस मंदिर के प्रति मान्यता खास महत्व रखती है। English summary This Is A Village Where There Are No Doors Shani Shingnapur, a popular village located in Ahmednagar in the state of Maharashtra is known for having houses with no doors.

अजीब...ये लोग अपने अंतिम संस्कार में हुए थे शामिल, क्या हुआ इसके बाद

Monday, November 6 2017

अजीब...ये लोग अपने अंतिम संस्कार में हुए थे शामिल, क्या हुआ इसके बाद

15:55 दुनिया में कई सारे ऐसे लोग है जो अजीबो गरीब हरकतों की वजह से चर्चा में रहते है। इन लोगों की ऐसी हरकते आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। आजकल ऐसी ऐसी खबरें आ रही है कि उनपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। कब, कहां और क्या हो जाए ये कुछ बताया जा सकता है। कई बातें तो ऐसी हो रही है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। इस अजीब सी दुनियां में कई लोग ऐसे भी है जो सबसे अजीब है और हमेशा से अजीब हरकतें करते है। कभी कोई व्यक्ति रस्सी पर चलता है और कभी व्यक्ति ऐसे काम करता है जो उसके इंसान होने पर संदेह करने पर मजबूर कर देता है। अनोखी शादी...दुल्हन ने पहनी 3.2 किमी लम्बी साड़ी, 250 लड़कियों ने थामा पल्लू अगर आप किसी के मय्यत में जाएं और वो आदमी आपके सामने आ जाए जिसकी मय्यत में आप जा रहे है तो आपका रिएक्शन क्या होगा। जी हां ये सच है कुछ ऐसे लोग भी है जो अपनी मय्यत में खुद शामिल हुए। आइए जानते है.... नोएला रुकुंदो आस्ट्रेलिया की रहने वाली ये महिला अपने जीते जी अपने ही अंतिम संस्कार में शामिल हुई थी। इसके पीछे एक कहानी है जिसने इसको ऐसा करने पर मजबूर कर दिया। ऐसा पता चला है कि इनका पति इनको मरवाना चाहता था। जिसकी खबर इनको लग गई थी। उसके बाद एक दिन कुछ किडनैपर्स ने मिलकर इनकी किडनैपिंग कर ली। किडनैपर्स से उसके पति ने कही कि वो उसको जान से मार दें पर किडनैपर्स ने कहकर मना कर दिया कि वो हत्या नहीं करते है। आजाद होकर इस महिला ने अपनी झूठी मौक की खबर फैला दी और जब रिश्तेदार इनका अंतिम संस्कार कर रहे थे, तब ये वहां पहुंची और पुलिस से अपने पति को गिरफ्तार करवाया। रिसर्च... बिना ऑक्सीजन के रहते थे इस समय के लोग, जानिए कब और कहां की है ये बात कॉंग चैन्नेंग इनकी भी कहानी थोड़ी सी अलग है। ये मानसिक बीमारी से पीड़ित थे। जिसके कारण इनके घरवाले इसे लोहे की जंजीर से बांधकर रखते थे। एक दिन मौका मिलने पर वो घर से भाग जाता है और लाख ढूढने पर भी नहीं मिलता है। एक दिन पास की एक नदी से सड़ी हुई लाश मिलती है जिसको कॉग की लाश समझकर अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया जाता है। ये प्रक्रिया चल ही रही होती है कि कॉग भी वहां आ जाता है और परिवार वाले उसे पहचान लेते है। गिल्बर्ट आराउजो इनके साथ भी कुछ ऐसा हुआ जिसने इनको अपने अंतिम संस्कार में जीवित रहने के बाद भी आना पड़ा था। दरअसल इनके मौत की खबर पुलिस ने इनके भाई को दी और जब घरवाले इनको देखने चीलघर पहुंचे तो इनकी बॉडी होने की ही बात कही। अंतिम संस्कार करने के लिए जब ये इनके शरीर को लाया गया तो गिल्बर्ट भी वहां आ गए। इनको देखकर लोग डर गए पर उन्होने बताया कि वो जिंदा है और ये खबर झूठी है। फेलिक्स ब्रीजल अमेरिका के रहने वाले ब्रीजल की शादी नही हुई थी। उनको ऐसा लगता था कि लोग इनके बारे में मरने के बाद गलत बातें करेंगे और क्या सोचेगे। यहीं सोचकर उन्होने जीते जी अपना अंतिम संस्कार करवाया और वहीं बैठे रहे। लोग इनका ऑटोग्राफ भी ले रहे थे। ड्रेगन और ड्रेगिका मेरिक ये दोनो पति-पत्नी थे। इनके कोई औलाद नहीं थी तो इनका ये कहना था कि हमारे मरने के बाद किसी दूसरे के पैसों से वो अंतिम संस्कार नहीं करवाएंगे। इसलिए इन दोनो ने अपने अंतिम संस्कार का आयोजन किया और लोगों को बुलाया। जिनको नहीं पता था कि ये दोनो अभी भी जिंदा है वो लोग इनको देखकर डर गए थे। ये मामला वोस्निया का है। English summary these people came perform own last rites Archives If you go to someone's help and that person comes in front of you, whose help is going to you, what will be your reaction? Yes, it is true that there are some people who joined themselves in their own death.