Health and Fitness

“Zero Calorie” फूड खाओ चर्बी घटाओ... ये है इनकी 10 लिस्‍ट

Thursday, November 9 2017

“Zero Calorie” फूड खाओ चर्बी घटाओ... ये है इनकी 10 लिस्‍ट

» “Zero Calorie” फूड खाओ चर्बी घटाओ... ये है इनकी 10 लिस्‍ट “Zero Calorie” फूड खाओ चर्बी घटाओ... ये है इनकी 10 लिस्‍ट Diet Fitness Published: 14:06 वजन बढ़ने के डर से कुछ आहारों से आपने केवल इसलिए दूरी बना रखी है क्‍योंकि उनमें अधिक मात्रा में कैलोरी होती है, लेकिन कुछ आहार ऐसे भी हैं जिनमें कैलोरी की मात्रा कम होती है। खाने में कैलोरी की मात्रा हमेशा से ही चिंता का विषय रहती है। ज्यादा कैलोरी भले ही सेहत के लिए अच्छी ना हो लेकिन शरीर में इसकी आवश्यकता जरूरी होती है। लेकिन नियमित कैलोरी की जरूरत भी पूरी करना है, क्‍योंकि इससे ही शरीर को ऊर्जा मिलती है और आप एक्टिव भी रहते हैं। कम कैलोरी के आहारों का सेवन हमें स्वाद भी देता है और मोटापे की समस्या से भी बचाता है। आइये जानते हैं कुछ ऐसे आहार के बारे में जिनमें जीरो कैलोरी पायी जाती है। 1. ग्रीन लेटिस 100 ग्राम लेटिस = 15 कैलोरी ग्रीन लेटिस में सबसे कम कैलोरी पायी जाती है। इसे आप सलाद या सैंडविच में लगा कर खा सकते हैं। इसमें विटामिन ए और विटामिन के भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ इसमें फाइबर भी पाया जाता है जिससे आपका पेट भी भरा रहता है। 2. खीरा 100 ग्राम खीरा = 16 कैलोरी इसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है। यही नहीं इसमें ए, सी और ई जैसे एंटी ऑक्‍सीडेंट विटामिन होते हैं जो आपके शरीर से टॉक्सिन को बाहर करने में मदद करते हैं। 3. टमाटर 100 ग्राम टमाटर = 18 कैलोरी टमाटर विटामिन सी के मुख्य स्त्रोतों मे से एक है। टमाटर खाने के बाद खाना खाने की इच्‍छा नही होती है और पेट भरा-भरा सा महसूस होता है।टमाटर में कुछ ऐसे तत्‍व पाए जाते हैं जो भूख लगने वाले हार्मोंस को कम कर देते हैं और इसके खाने से भूख नहीं लगती। टमाटर में बीटाकेरोटीन, लाइकोपीन, विटामिन ए व पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है। 4. पत्तगोभी 100 ग्राम गोभी = 25 कैलोरी पत्तागोभी, खासतौर से बैंगनी पत्तागोभी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल, और फाइबर कैंसर सें लड़ने में मदद करते हैं। पत्तागोभी खाने और सलाद में अक्सर प्रयोग की जाती है। एक कप पकी हुई पत्तागोभी में करीब 34 कैलोरी होती है। 5. फूलगोभी 100 ग्राम फूलगोभी = 25 कैलोरी फूलगोभूी विटामिन ‘सी' और कैल्शियम से भरपूर है । जो शरीर में रासायनिक तत्वों को जज्ब करने और चयापचय प्रणाली को बढ़ाने में सहायक होती है। इस किस्म की गोभी में मौजूद फाइबर तथा पानी की मात्रा उच्च होती है जिसका अर्थ है कि आप पेट को लंबे समय तक भरा-भरा महसूस करते हैं और अधिक खाने से बचते हैं। 6. कद्दू 100 ग्राम कद्दू = 26 कैलोरी कद्दू की सब्ज़ी सबसे स्वादिष्ट भारतीय व्यंजनों में से एक है। कद्दू हल्का मीठा होता है, यही वजह है कि इसे बच्चे और बड़े दोनों ही बहुत चाव से खाते हैं। 7. टिंडली 100 ग्राम टिंडली = 27 कैलोरी भारतीय के आहार में टिंडली की सब्ज़ी काफी पसंद की जाती है। इसमें आयरन, कैल्शियम और विटामिन बी पाया जाता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली अच्छी रहती है। 8. तरबूज 100 ग्राम तरबूज = 30 कैलोरी मीठा होने के बावजूद तरबूज में लो कैलोरी पाई जाती है। इससे रक्त वाहिकाओं के भीतर चर्बी नहीं जमती । तरबूज में मौजूद एंटीऑक्सीडे़ट तत्व शरीर को और भी फायदे पहुंचाते है। तरबूज के पोषक तत्वों का राज उसके रस में पाए जाने वाले स्रिटूलाइन रसायन में छुपा है । 9. भिंडी 100 ग्राम भिंडी = 33 कैलोरी भिंडी में विटामिन ए, बी विटामिन और विटामिन सी पाया जाता है। इसके साथ में फाइबर भी पाया जाता है। यही नहीं इसे रोज़ खाने से आपका पाचन तंत्र अच्छा रहता है। 10. स्ट्राबेरी 100 ग्राम स्ट्रॉबेरी = 33 कैलोरी स्वाद में ये हल्की मीठी और हल्की खट्टी होती है। चटक लाल रंग का ये फल बेहद रसीला होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी, विटामिन ए और के पाया जाता है। इसके अलावा ये कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉलिक एसिड, फॉस्फोरस, पोटैशियम और डायट्री फाइबर्स से भी भरा होता है। इसकी अच्छी बात यह है कि इसमें कैलोरी कम होने की वजह से डिज़र्ट में इसका खूब प्रयोग होता है। English summary “Zero Calorie” Foods: Here’s A List Of The 10 Most Common Ones Zero calorie foods are foods that contain very few calories and so your body expends more energy to digest these foods than the amount of calories provided by the food. Story first published: 14:06 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

बायसेक्‍सुअल हो या गे, 10 में से 1 पुरुष है परेशान इन सेक्‍सुअल प्रॉब्‍लम से

Thursday, November 9 2017

बायसेक्‍सुअल हो या गे, 10 में से 1 पुरुष है परेशान इन सेक्‍सुअल प्रॉब्‍लम से

तंदुरुस्‍ती » बायसेक्‍सुअल हो या गे, 10 में से 1 पुरुष है परेशान इन सेक्‍सुअल प्रॉब्‍लम से बायसेक्‍सुअल हो या गे, 10 में से 1 पुरुष है परेशान इन सेक्‍सुअल प्रॉब्‍लम से Wellness Updated: 14:36 अनुमानित तौर पर आज 10 में से 1 पुरुष सेक्‍सुअल डिसीज से गुजर रहा है। जैसे कि शीघ्रपतन या कमजोरी। सेक्‍सुअल समस्‍या से किसी भी पुरुष को हो सकती है। चाहे वो बाय सेक्‍सुअल हो या वो गे हो या होमोसेक्‍सुअल हो। पुरुषों में सेक्स समस्या उन लोगों में होती हैं जो चाह कर भी सेक्स में रुचि नहीं ले पाते हैं या जिनकी सेक्स करने में कोई दिलचस्पी नहीं होती। कमजोरी और तनाव सेक्‍स संबंधी समस्‍यायें पुरुषों को परेशान करती हैं। तनाव व कई अन्‍य कारणों से पुरुषों को इस तरह की समस्‍या हो सकती है। अपने आहार में विटामिन बी युक्‍त पदार्थों को शामिल कर पुरूष सेक्स संबंधी कई समस्याओं से बच सकते हैं। क्‍या यौन संबंध बनाने के बाद प्राइवेट पार्ट से आती है गंदी सी बदबू? क्‍या होती हैं सेक्स संबंधी समस्यायें पुरुषों में सेक्स समस्याओं की बात आते ही सबसे पहले उन लोगों पर ध्यान जाता है, जो चाह कर भी सेक्स में रुचि नहीं ले पाते हैं या जिनकी सेक्स करने में कोई दिलचस्पी नहीं होती। इसके अलावा आज की लाइफ स्‍टाइल की वजह से कई पुरुष सेक्‍सअुल प्रॉब्‍लम को फेस कर रहे हैं। टेस्टोस्टेरोन की कमी सेक्स क्षमता की एक बड़ी वजह सेक्स हॉरमोन टेस्टोस्टेरोन की कमी होना है। पुरुषों में 40 की उम्र के पार होने पर रक्त में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा में कमी आना एक आम बात है। हार्मोन में कमी उम्र के साथ जुड़ी समस्या है लेकिन कुछ लोग अपनी उम्र की शुरुआत में ही इससे पीड़ित हो जाते हैं। रक्त में टेस्टोस्टेरोन की कमी से शरीर में थकान, दिमागी परिवर्तन, अनिद्रा के साथ ही सेक्स की चाहत में कमी हो जाती है। रात का नंगे होकर सोने के है कमाल के फायदें, वजाइना से लेकर स्किन र‍हती है हेल्‍दी शीघ्रपतन यह पुरुषों में होने वाली सामान्‍य सेक्‍स समस्‍या है। इसमें पुरुष महिला को संतुष्‍ट किये बिना ही स्‍खलित हो जाते हैं। स्त्री के सामने आते ही घबरा जाना, वीर्य निकल जाना इत्यादि भी सेक्स समस्याओं के अंतर्गत ही आता है। इससे पुरुष घबराकर या शरमाकर स्त्री से दूर-दूर भागने लगते हैं और अपनी बीमारी को छिपाने की कोशिश करते हैं। मांसपेशियों का कमजोर होना सेक्स में दिलचस्पी खत्म होने का सबसे बड़ा कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी लिंग की मांसपेशियां कमजोर पड़ना माना जाता है। यह समस्या कई बार विटामिन बी के सेवन न करने से, धूम्रपान और अल्‍कोहल का आदि होना आदि के कारण भी हो सकती हैं। हमारी लाइफस्‍टाइल का इस परेशानी से सीधा संबंध होता है। कई बार तनाव भी इसकी वजह बन सकता है। सेक्स के प्रति उदासीनता शराब पीने वालों, कोकीन आदि ड्रग्स लेने वाले पुरुषों में सेक्‍स के प्रति उदासीनता देखी जाती है। अधिक मोटापा भी व्‍यक्ति में सेक्‍स के प्रति अरूचि पैदा कर देता है। कई बीमारियां जैसे- हृदय रोग, एनीमिया और मधुमेह जैसी बीमारियां भी पुरुष को सेक्स के प्रति उदासीन बनाती हैं। अत्‍यधिक व्‍यस्‍त जीवन भी सेक्‍स जीवन पर असर डालता है। सेक्स शक्ति में कमी का भ्रम कई लोग यह मानते हैं कि एक उम्र के बाद शरीर में सेक्स शक्ति में कमी आ जाती है। हालांकि यह पूरी तरह सत्‍य नहीं है। यदि पुरुष अपने स्वास्थ्य की ठीक प्रकार से देखभाल करते हैं, तो वे लंबे समय तक सेक्‍स जीवन का आनंद उठा सकते हैं। दवाईयों का सेवन करने से भी घटती है सेक्‍स की इच्‍छा सेक्स इच्छा में कमी कई बार अधिक दवाइयों का प्रयोग करने, शरीर में रोगों का प्रभाव होने, मूत्रनली से संबंधित रोग होने, तनाव होने और मानसिक समस्या के कारण हो सकते हैं।

सर्दियों में गाजर खाने के हैं ढेरों फायदे, आप रहेंगें चुस्त और दुरुस्त

Thursday, November 9 2017

सर्दियों में गाजर खाने के हैं ढेरों फायदे, आप रहेंगें चुस्त और दुरुस्त

Published: 15:00 फल भला किसे नहीं पसंद है। आपकी सेहत के लिए ये बहुत अच्छे होते है। इन सब में कुछ सीजनल फल भी है जो आपकी सेहत के लिए काफी लाभदायक है। आपको फल खाना चाहिए क्योंकि इसके बहुत से फायदे है। सर्दी के मौसम में गाजर की सब्जी खाना लोग बहुत पंसद करते है लेकिन रोजाना कच्ची गाजर खाने या इसका जूस पीने से आपकी कई हेल्थ प्रॉब्लम दूर हो सकती है। औषधीय गुणों से भरपूर गाजर का सेवन सर्दियों में बहुत फायदेमंद होता है। सर्दियों मे कई चीजों के साथ आप गाजर का सेवन अवश्य करें ये आपके लिए बहुत लाजवाब है। गाजर खाने से आपकी सेहत के साथ साथ आपकी स्किन भी सही रहती है। सुहागा है बेहद असरदार घरेलू औषधि, इन 10तरह के रोगों से मिलेगा छुटकारा ये विटामिन से भरी हुई होती है। आज हम आपको बताएंगे गाजर के गुणों के बारे में और इसको खाने के क्या क्या लाभ है। आइए जानते है वो कारण जिनको जानकर आप गाजर खाना शुरु कर देंगें। कमजोरी दूर होती है गाजर खाना सेहत के लिए इसलिए अच्छा होता है। आपको बता दें कि अगर आपको कमजोरी लगती है तो आपको गाजर खान चाहिए क्योंकि गाजर और पालक के रस में भुना जीरा, काला नमक मिला कर पीने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है। इसका सेवन करें और स्वस्थ रहें। विटामिन से भरपूर आपको बता दें कि गाजर आपके शरीर को कई विटामिन देती है और कई गंभीर समस्याओं से दूर रखती है। इसमें कैल्शियम पैक्टीन फाइबर , विटामिन A, B और C होता है। ये आपके शरीर से कोलेस्ट्रॉल को दूर रखता है और साथ दिल के रोगों से भी बचाता है। शरीर रहता है गर्म आपको बता दें कि सर्दियों में गाजर खाने के अलग ही फायदे है। इससे आपको सर्दियों में आराम रहती है। सर्दी में रोजाना गाजर या इसके जूस का सेवन करने से आपका शरीर गर्म रहता है। यह आपके शरीर को अंदर से गर्म रखता है। गाजर के रस में काली मिर्च मिला कर पीने से सर्दी-खांसी, जुकाम और कफ की समस्या का खतरा कम हो जाता है। इसका सेवन करें और सर्दियों में सेहतमंद रहें। इतनी समस्याएं दूर होंगी अगर आप सर्दियों मे रोज गाजर का सेवन करेंगें तो आपकी काफी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। रोज गाजर का सेवन गैस, ऐठन, शोथ, पेट के अल्सर ,अपच या पेट अफरा की समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है। इसके रस में नींबू और पालक का रस मिलाकर पीने आपकी पेट की सभी समस्याएं दूर हो जाती है। इम्यून सिस्टम रहता है ठीक गाजर के नियमित सेवन से आपका इम्यून सिस्टम ठीक रहता है। आपको इसका सेवन शहद के साथ रस मिलाकर करने से इसमें आराम मिल जाएगा। ये आपके लिए एक असरदार औषधि है। पुरानी खांसी होगी दूर गाजर आपके सेहत रे लिए तो फायदेमंद होती ही है साथ ही आपको बीमारियों से भी राहत दिलाती है। आपको 150 ग्राम गाजर, 3 लहसुन और लौंग की चटनी बनाकर रोजाना सुबह खाने से पुरानी या सर्दी की खांसी दूर हो जाएगी। इसके लगातार सेवन से आपको सर्दियों में जुकाम या खांसी नहीं होगी। यूरिन की समस्या से समाधन आपको अगर यूरिन की समस्या है और आपको पेशाब करने में जलन होती है तो आपको बता दें कि आपको गाजर के रस में आवला और काला नमक मिलाकर पीने से इसकी जलन में आराम मिलती है। इसको आप रोजाना पिएं। खून की कमी को पूरा करने के लिए अगर आपको शरीर में खून की कमी रहती है तो आपको इसके लिए गाजर के साथ चुकन्दर और पालक के रस को कद्दूकस करके सेवन करना है। ऐसा करने से आपके शरीर से खून की कमी की समस्या खत्म हो जाएगी। आपके लिए ये एक असरदार घरेलू दवा है। दिमाग तेज होता है आपको ये जानकर हैरानी होती कि अगर आप रोजाना सिर्फ दो गाजर खाते है तो आपका आइक्यू लेवल बढ़ेगा और आपका दिमाग तेज हो जाएगा। आंख की रोशनी अगर आपकी आंखों की रोशनी कम हो गई है और आपको चश्मा लग गया है तो आपको गाजर और पालक के जूस को मिक्स करके पीना चाहिए। इससे आपकी आंखों की रोशनी बढ़ने लगेगी। English summary 10 health benefits of eating carrots this winter Who does not like the fruit. They are very good for your health. There is also some seasonal fruits in all of these, which is very beneficial for your health. You should eat fruits because it has many benefits Story first published: 15:00 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

पद्मावती के लिये रणवीर सिंह ने कैसी बनाई अपनी हल्‍क जैसी बॉडी, पढ़ें

Thursday, November 9 2017

पद्मावती के लिये रणवीर सिंह ने कैसी बनाई अपनी हल्‍क जैसी बॉडी, पढ़ें

Published: 16:06 यह तो आप मानते ही हैं कि पद्मावती पोस्टर में अभिनेता रणवीर सिंह के बाइसेप्स को देख कर आप चौंक चुके होंगे। संजय लीला भंसाली की ऐतिहासिक फिल्म पद्मावती की रिलीज को एक महीने से भी कम समय रह गया है। जिसमें रणवीर सिंह के बाइसेप्स का पोस्टर बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ है। जिसमें उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभाया है। अगर आप रणवीर सिंह के फैन हैं और उन्हें इंस्टाग्राम पर उन्‍हे तहे दिल से फॉलो करते हैं, तो आपको याद होगा कि जून 2017 तक रणवीर सिंह बहुत दुबले थे। तो अचानक ऐसा क्या हो गया जिसे रणवीर सिंह आज इस तरह के दिख रहें हैं। यह सब केवल डाइट और सिट अप्‍स का ही कमाल नहीं है बल्कि मुस्तफा की दी गयी ट्रेनिंग का नतीजा है। अहमद, वो इंसान हैं जिन्होंने रणवीर को ट्रेनिंग दी है अहमद ने रणवीर को ट्रेनिंग देने से पहले अभिनेता रितिक रोशन को भी ट्रेनिंग दी थी। वोग इंडिया के इंटरव्यू में अहमद ने बताया कि उन्हों ने रणवीर की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उनसे कुछ मूवमेंट पैटर्न्स, ताकत के लिए मोबिलिटी ड्रिल्स के साथ हाई इंटेसिटी इंटरवल ट्रैनिंग के साथ पुशअप्स, डेडलिफ्ट और स्क्वाट कराये। हफ्ते के 6 दिन करते थे वर्कआउट यह सारी एक्सर्साइज़ रणवीर के शरीर में लचीलापन लाने और अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में लाने के लिए दी गयी है। इसे साथ रणवीर को सप्ताह में छह दिन, दिन में दो बार वर्कआउट कराया गया है। जिससे वे अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में ढल जाएँ। सुबह-शाम दोंनो समय करते थे एक्‍सरसाइज आमतौर पर सुबह रणवीर को 20-25 मिनट के लिए कार्डियो कराया जाता है और 40-45 मिनट तक एक्सरसाइज क्योंकि सुबह रणवीर के पास टाइम नहीं होता था। इसके बाद शाम को ट्रेनिंग दी जाती थी जो डेढ़ घंटे की होती थी जिसमें हैवी वेट लिफ्टिंग कराइ जाती थी। इसके आलावा मुस्तफा ने रणवीर को हफ्ते में एक दिन छुट्टी भी देते थे। जिसमें अगर रणवीर एक्सरसाइज करना चाहे तो उन्हें स्वमिंग करने की सलाह दी गयी थी। इसके साथ ही मुस्तफा रणवीर की डाइट का भी ध्यान रखते थे। जिसमें उन्हें हर दिन क्या खाना है वो होता था। यही नहीं पद्मावती की शूटिंग के पहले से उनके खाने से चीनी हटा दी गयी थी। और उनको वह खाना दिया जा रहा था जिससे उन्हें ताकत मिले। केवल दो दिन खाते थे अपने मन-पसंंद का खाना लेकिन इन सब के बावजूद रणवीर को अपना मनपसंद खाना खाने की इजाज़त दी गयी थी। जिसमें रणवीर हफ्ते में दो दिन अपने पसंद का कुछ भी खा सकते थे। इसमें मुस्तफा ने कहा कि पहले उन्हों ने हफ्ते में दो दिन कुछ भी अपने मन का खाने की इजाज़त दी। उसके बाद वही खाना वो हफ्ते के किसी भी दिन खा सकते थे। इन दिनों में उन्हें चीनी और जंक गुड भी खाने की इजाज़त थी। English summary Get in shape with Ranveer Singh’s insane Alauddin Khilji workout If you’re a die-hard Ranveer fan you most likely remember the exact moment -- sometime in June, 2017- you realised the actor’s body had gone from lean and sporty to macho-esque bulky -in what would seem overnight. Story first published: 16:06 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

साइक्‍लिंग या जिम : किससे हो सकता है तेजी से वजन कम

Thursday, November 9 2017

साइक्‍लिंग या जिम : किससे हो सकता है तेजी से वजन कम

Published: 19:00 हर किसी के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना संभव नहीं है। समय की कमी और काम की वजह से कई लोग जिम नहीं जा पाते हैं लेकिन सोचिए अगर आप काम के साथ ही साइकिल चला सकें तो। जी हां, वजन कम करने और स्‍वस्‍थ रहने का ये सबसे बेहतर तरीका है। एक नए अध्‍ययन में ये बात सामने आई कि बाइक चलाकर ऑफिस जाना हफ्ते में पांच दिन जिम जाने के बराबर है। जिम जाने से बेहतर है कि आप अपने ऑफिस साइकिल से जाएं। ये खबर उन लोगों के लिए सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है जिनके पास जिम जाने का समय नहीं है और वो ओवरवेट की वजह से परेशान हैं। डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के प्रोफेसर बेंटे स्‍टॉल्‍कनेच्‍ट का कहना है कि ऑफिस जाने के दौरान थोड़ी शारीरिक क्रिया करने से भी स्‍वस्‍थ रहा जा सकता है। अध्‍ध्‍यन में शोधकर्ताओं ने 130 ओवरवेट लोगों को शामिल किया था। इनका बॉडी मास इंडेक्‍स प्रति वर्ग मीटर 25 से 35 किलोग्राम था। इन लोगों को शारीरिक क्रियाओं की कमी, शरीर के वसा प्रतिशत, अधिकतम ऑक्सीजन और शारीरिक गतिविधि के स्तर जैसे मापदंडों की श्रृंखला के आधार पर शामिल किया गया था। प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया था जिसमें से एक समूह के लोग बाइक से ऑफिस जाते थे। दो अन्‍य समूह के लोग सप्‍ताह में पांच बार शारीरिक व्‍यायाम करते थे जिनमें से एक कड़ा व्‍यायाम और दूसरा सामान्‍य व्‍यायाम करते थे। आखिरी ग्रुप में कोई बदलाव नहीं देखा गया। जिन समूहों ने अपने अवकाश के दौरान साइकिल चलाई और जो शारीरिक रूप से सक्रिय थे, उनमें इन गतिविधियों के दौरान एक सप्ताह में समान मात्रा में कैलोरी बर्न की। इसमें केवल तीव्रता और शारीरिक व्यायाम के रूप में भिन्नता रही। 6 महीने बाद आखिरी समूह के अलावा सभी ग्रुप्‍स के प्रतिभागियों में फैट मास कम पाया गया। कड़ा व्‍यायाम करने वाले लोगों में आखिरी समूह की तुलना में 4.5 किलोग्राम फैट मास कम हुआ था। सामान्‍य व्‍यायाम करने वाले प्रतिभागियों में 2.6 किलो और ऑॅफिस बाइक से जाने वाले लोगों में 4.2 किलो फैट मास कम पाया गया। यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के रिसर्च असिस्‍टेंट जोननस सालिंग क्‍यूइस्‍ट ने कहा कि आखिरी समूह की तुलना में बाकी सभी ग्रुप के प्रतिभागियों की सेहत में सकारात्‍मक असर देखा गया। क्‍यूइस्‍ट ने कहा कि रोज़ जिम जाने से बेहतर है कि आप अपने ऑफिस बाइक या साईकिल चलाकर जाएं, इससे भी शरीर स्‍वस्‍थ रहता है। आइए जानते हैं साइक्‍लिंग के और अन्‍य फायदे : 1. रक्‍तचाप नियंत्रण में : हाई ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए साइक्‍लिंग सबसे बेहतर व्‍यायाम माना जाता है। इसके लिए मरीज़ को सामान्‍य स्‍पीड पर ही साइक्‍लिंग करनी होती है। रोज़ाना 30 मिनट की साइक्लिंग से रक्‍तचाप को नियंत्रित रखा जा सकता है। 2. डायबिटीज़ पर कंट्रोल : आधुनिक जीवनशैली के कारण युवाओं में तेजी से मधुमेह रोग बढ़ रहा है। व्‍यायाम की कमी भी इसका एक कारण है। रोज़ाना 30 मिनट तक साइकिल चलाने से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। 3. ह्रदय रोगों से सुरक्षा : रोज़ाना 30 मिनट तक साइकिल चलाने से ह्रदय स्‍वस्‍थ रहता है और ह्रदय रोगों से सुरक्षा मिलती है। English summary Cycling VS Gym - Which One Is Effective For Weight Loss? A new study has found that riding the bike to work may be just as effective for losing weight as exercising at the gym five days a week. Story first published: 19:00 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

डाइट में इस एक चीज़ को ना खाने से खराब हो सकती है आपकी सेक्‍स लाइफ

Thursday, November 9 2017

डाइट में इस एक चीज़ को ना खाने से खराब हो सकती है आपकी सेक्‍स लाइफ

Published: 20:00 रिलेशन‍शिप में विश्‍वास, केयर और प्‍यार के साथ-साथ बेहतर सेक्‍स की भी जरूरत होती है। एक अच्‍छे और स्‍वस्‍थ रिलेशन‍शिप के लिए सेक्‍स भी बहुत जरूरी माना जाता है। कई बार मूड बनने पर भी मर्दों में इरेक्‍शन नहीं हो पाता है और इस वजह से उनकी सेक्‍शुअल लाइफ बुरी तरह से प्रभावित होती है। सेक्‍शुअल लाइफ में संतुष्टि और आनंद के लिए पुरुषों में लंबे समय तक इरेक्‍शन होना जरूरी होता है ताकि वो अपने पार्टनर को खुश कर सकें। इरेक्‍शन के बिना पुरुष सेक्‍स का आनंद ले ही नहीं सकते हैं और इस वजह से लव मेकिंग में रुकावट आती है। मर्दों को कई कारणों से कभी न कभी इरेक्‍शन की कमी का सामना करना ही पड़ता है, हालांकि अगर ऐसा रोज़ हो तो ये गंभीर परेशानी का रूप ले सकती है और इस वजह से रिलेशन में भावनात्‍मक समस्‍याएं पैदा हो सकती हैं। इस स्थिति को स्तंभन दोष यानि इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन कहा जाता है। इसके मुख्‍य कारणों में सेक्‍स इच्‍छा की कमी, थकान, अवसाद, मधुमेह, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव, तनाव आदि शामिल हैं। इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन में पुरुषों में इरेक्‍शन नहीं होता और अगर होता भी है तो वो कुछ मिनट से ज्‍यादा नहीं टिक पाता है। सेक्‍स की कमी में रिलेशनशिप पर बुरा असर पड़ता है। हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया है कि पुरुषों में इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन और सेक्‍स में कमी का एक कारण रेड मीट का सेवन ना करना होता है। आइए जानते हैं कि मर्दों में रेड मीट और सेक्‍स ड्राइव का क्‍या संबंध है हम सभी जानते हैं कि जो कुछ भी हम खाते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। अगर हम जंक फूड का अधिक सेवन करते हैं तो हमें सेहत संबंधी परेशानियां होना ला‍जिमी है। वहीं संतुलित आहार सेहत के लिए अच्‍छा होता है। आपके आहार में जरूरी पोषक तत्‍व जैसे विटामिंस, प्रोटीन, मिनरल्‍स, वसा आदि होने चाहिए ताकि शरीर में किसी पोषण की कमी ना रहे। हमने पहले पढ़ा था कि रेड मीट सेहत के लिए अच्‍छी नहीं होती है। हालांकि ये सच है लेकिन अगर इसका अत्‍यधिक मात्रा में या रोज़ाना सेवन किया जाए तो ये शरीर को नुकसान पहुंचाती है। पर्याप्‍त मात्रा में रेड मीट का सेवन करना सेहत के लिए स्‍वास्‍थ्‍यकारी होता है। जैसा कि हमने पहले भी बताया कि बेहतर सेक्‍स लाइफ के लिए मजबूत इरेक्‍शन और सेक्‍स इच्‍छा की जरूरत होती है। हाल ही में एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि पुरुषों के आहार में रेड मीट की कमी की वजह से उनके शरीर में लिबिदो का स्‍तर गिरने लगता है। रेड मीट में मिनरल, जिंक होता है जिससे मर्दों में टेस्‍टोस्‍टेरॉन हार्मोन का उत्‍पादन होता है। मर्दों में सेक्‍स का आनंद लेने और इरेक्‍शन के लिए टेस्‍टोस्‍टेरॉन हार्मोन मुख्‍य घटक होता है। इस हार्मोन से स्‍वस्‍थ स्‍पर्म बनते हैं और स्‍पर्म की गतिशीलता का स्‍तर बेहतर रहता है जिससे पुरुषों में प्रजनन का स्‍तर स्‍वस्‍थ बरह पाता है।रेड मीट में जिंक होता है जिससे पुरुषों में टेस्‍टेस्‍टेरॉन का उत्‍पादन बढ़ जाता है और इससे मजबूत इरेक्‍शन हो पाता है। English summary This Single Diet Mistake Can Be The Cause For Problems During Lovemaking! Making the right choice of food is very important for a healthy lovemaking. Know how red meat can affect your lovemaking here on Boldsky. Story first published: 20:00 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

इतिहास के ऐसे लोग जो मरने के बाद भी कमाते है करोड़ों डॉलर

Thursday, November 9 2017

इतिहास के ऐसे लोग जो मरने के बाद भी कमाते है करोड़ों डॉलर

Life » इतिहास के ऐसे लोग जो मरने के बाद भी कमाते है करोड़ों डॉलर इतिहास के ऐसे लोग जो मरने के बाद भी कमाते है करोड़ों डॉलर Life Updated: Thursday, November 9, 2017, 16:50 [IST] Subscribe to Boldsky देश में और विदेश में बहुत से ऐसे लोग है जिन्होने अपनी जिंदगी मे बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है। ये लोग या तो कोई बड़ी स्पोर्ट्स मैन था खिलाड़ी था या कोई बड़ा व्यापारी था। इन लोगों ने अपने जिंदगी में जितना नाम और पैसा कमाया है वो शायद ही किसी और ने कमाया हो। आपको मनुष्य की जिंदगी एक बार मिलती है। आपको इसी में वो सबकुछ करना होता है जो आप सोचते है। जिंदगी के रहते आप कुछ भी करें पर एक बार जो आप मर गए तो आप कुछ नहीं कर सकते है। ये बात आज इसी पर आधारित है कि कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपने मरने बाद भी पैसे कमा रहे है। जो पैसे वो कमा रहे है उनकी संख्या करोंड़ों में है। धरती पर नर्क से बदतर है ये जगहें, भूलकर भी ना करें यहां का रुख सुनकर आपको अजीब जरूर लगेगा पर ये सच है। आज हम बात करेगें कुछ ऐसे ही लोगों की जो मर तो गए पर आज भी करोंड़ों पैदा करते है। आइए जानते है इनके बारे में.... अर्नाल्ड पॉल्मर अर्नाल्ड पॉल्मर को गोल्फ का किंग कहा जाता है। इन्होने अपने जीते बहुत पैसे कमाए। इनकी मृत्यु 87 साल की उम्र हुई। हालांकि उनकी मौत के अभी एक महीने ही हुए है। अपनी मृत्यु के बाद भी इनकी इस महीने की कमाई 4 करोड़ डॉलर है। हैरान कर देने वाली ये बात सच है इसका खुलासा एक लोकल अखबार ने किया है। माइकल जैक्सन इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा हो जो पॉप के बेताज बादशाह रहे माइकल जैक्सन को ना जानता हो। इन्होने कई दशकों तक फैंस के दिलों पर राज किया और अपने मरने के बाद भी लोगों के दिलों में राज कर रहे है। मरने के बाद भी माइकल बेजोड़ कमाई कर रहे है। आपको बता दें कि इस साल माइकल ने 551 करोड़ रुपए कमाए है जो कि सलमान खान की कमाई से 2 गुना ज्यादा है। चार्ल्स शूल्ज आपको बता दें कि चार्ल्स शूल्ज अपने जमाने के बहुत ही फेमस कार्टूनिस्ट थे। हालांकि इनकी मौत तो सन् 2000 में ही हो गई थी पर इनकी कमाई का सिलसिला आज भी चल रहा है। आपको बता दें कि इन्होने इस साल भी 321 करोड़ रुपए की कमाई की है जो हमारे अभिनेता शाहरुख खान से कई गुना ज्यादा है। इन्होने अपने मरने के बाद इतनी कमाई की है जो इन्होने जीते जी नहीं की थी। एल्विस प्रेस्ले आपको बता दें कि इनको रॉक की दुनिया का प्रिंस माना जाता था। एल्विस प्रेस्ले ने अपने जीवन में बहुत शोहरत और नाम कमाया था। आपको ये जनाकर हैरानी होगी कि एल्विस प्रेस्ले की मृत्यु सन् 1977में ही हो गई थी पर आज तक इनकी बेजोड़ कमाई जारी है। ये हर कमाई के रिकॉर्ड बनाते है। इस साल की कमाई के आंकड़े हैरान करने वाले है। इस साल इन्होने 180 करोड़ की कमाई की है। एल्बर्ट आइंस्टाईन शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने अपने स्कूल के दौरान एल्बर्ट आइंस्टाईन को नहीं पढ़ा होगा। इनको दुनिया का सबसे बड़ा वैज्ञानिक कहा जाता है। इनकी मौत को करीब 66 साल पूरे हो चुके है। आपको बता दें कि इनकी इस साल की कमाई 76 करोड़ रुपए है। English summary do you know these people who earning after death There are some people who are making money even after their death. The amount of money they are earning is in the tax havens. Listening you will feel weird but this is true Please Wait while comments are loading...

सर्दियों में दाढ़ी में क्‍यों होते है डैंड्रफ?

Thursday, November 9 2017

सर्दियों में दाढ़ी में क्‍यों होते है डैंड्रफ?

» सर्दियों में दाढ़ी में क्‍यों होते है डैंड्रफ? सर्दियों में दाढ़ी में क्‍यों होते है डैंड्रफ? Men Fashion Published: Thursday, November 9, 2017, 18:00 [IST] Subscribe to Boldsky नवम्‍बर को नो शेव मंथ कहा जाता है, मतलब दुनियाभर के पुरुष इस महीनें शेविंग नहीं करते हैं। मगर जैसे जैसे आपकी दाढ़ी की लैंथ बढ़ेगी वैसे वैसे आपको ड्रेंडफ की समस्‍या से भी हो सकती है! जी हां डैंड्रफ बालों में ही नहीं दाढ़ी में भी हो सकते है। वैसे भी सर्दियों में डैंड्रफ की समस्‍या सबसे ज्‍यादा होती है। दाढ़ी बढ़ने के बाद जब आप ब्लैक टी-शर्ट पहनेंगे और दाढ़ी को खुजाऐंगे तो आपको टी-शर्ट पर डैंड्रफ गिरेगा। पहली बार आप ध्यान नहीं देंगे लेकिन दूसरी बार फिर से खुजाने से गिर सकता हैं। दाढ़ी का डैंड्रफ दाने की तरह होता हैं और इसमें फ्लैक्स कम होते हैं। ज्यादातर सफ़ेद रंग का होता हैं, मगर बूढ़े लोगों में पीले रंग का होता हैं। जानिये क्यों होता हैं और इसे कैसे ठीक किया जा सकता हैं। चेहरे पर आने वाले घुन की वजह से आपके चेहरे पर आनेवाले माइट मतलब डेमोडेक्स फॉलिक्यूलरूम आपके दाढ़ी के बालों में बढ़ता हैं। ज्यादातर गालों पर बढ़ता हैं इसकी वजह से आपको डैंड्रफ होता हैं। ये एक माइट का प्रकार हैं जो आपकी त्वचा पर बढ़ता हैं और माइट की वजह से आपको एलर्जी भी हो सकती हैं। सेबोररहेक डर्मेटाइटिस दाढ़ी के होने वाले डैंड्रफ की वजह से होता हैं और ये आम बात हैं। शेव करने से डैंड्रफ कम होता हैं सेबोररहेक डर्मेटाइटिस किस वजह से होता हैं इसका कारण नहीं पता चला हैं, मगर जो पुरुष दाढ़ी बढ़ाते हैं उनमें ये दिखाई देता हैं। आपने क्लीन शेव कर दिया तो डैंड्रफ निकल जाता हैं। दाढ़ी के डैंड्रफ को कम करने के लिए डैंड्रफ शैम्पू आजमाएं आप अपने बालों के लिये इस्तेमाल करनेवाला डैंड्रफ शैम्पू दाढ़ी के डैंड्रफ के लिये भी इस्तेमाल कर सकते हैं | शैम्पू लगाते वक्त ध्यान में रखने वाली बात ये हैं शैंपू को दाढ़ी में पांच मिनट तक लगाकर रखें उसके बाद पानी से धोयें, इससे दाढ़ी साफ होता है और बालों में एक अलग ही शाइनी लुक आता है | आप अपनी दाढ़ी हफ्ते में दो बार धो सकते हैं और इससे आपके चेहरे की त्वचा भी हेल्दी और फ्रेश रहेगी | English summary Why You Have Dandruff In Your Beard The exact cause of your facial hair dandruff can be a combination of stress, yeast that lives in the skin, and colder weather. Story first published: Thursday, November 9, 2017, 18:00 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

टेल्कम पाउडर को इन 10 तरीकों से भी काम में ले सकते हैं

Thursday, November 9 2017

टेल्कम पाउडर को इन 10 तरीकों से भी काम में ले सकते हैं

» टेल्कम पाउडर को इन 10 तरीकों से भी काम में ले सकते हैं टेल्कम पाउडर को इन 10 तरीकों से भी काम में ले सकते हैं Make Up Published: Thursday, November 9, 2017, 15:30 [IST] Subscribe to Boldsky हालांकि टेल्कम पाउडर हम सालों से इस्तेमाल कर रहे हैं, पर इसका इतना अच्छा इस्तेमाल हमें कभी नहीं किया जितना होना चाहिए। यह सुगंधित और स्मूथ पाउडर खुशबू देने और पसीना सोखने के साथ ही बहूत कुछ कर सकता है। तो आप जानना चाहते हैं कि पाउडर के साथ आप क्या-क्या कर सकते हैं? आइये देखें... ड्राई शैंपू का रिप्लेस्मेंट ऑयल का अवशोषण करने के गुणों के कारण यह आपके बालों के लिए एक अच्छा शैंपू हो सकता है। यदि आपके बाल चिकने और छितराए हुये से हैं तो आप पाउडर को इनकी जड़ों में लगाइए। थोड़ा रगड़ें और ज़्यादा मात्रा को हटा दें। यह पाउडर बालों का अतिरिक्त ऑयल सोख लेगा और बालों को तुरंत रिफ्रेश करेगा। बरौनी के लिए खास आँख की बरौनी पर बेबी पाउडर छिडकने से ये लंबी और मोटी दिखाई देंगी। क्यू-टिप को काम लेते हुए टेल्कम पाउडर को बरौनी पर मसकरे की परत के ऊपर लगाएँ। इससे मसकरा इकट्ठा नहीं होगा। लिपस्टिक को सेट करने के लिए टेल्कम से ना केवल आपकी लिपस्टिक सेट होती है बल्कि यह ज़्यादा देर तक भी टिकी रहती है। लिपस्टिक लगाने के बाद, टिश्यू की छोटी सीट लगाएँ, अब इस टिश्यू पर हल्का पाउडर छिड़क लें। इसके ऊपर अब वापस से लिपस्टिक लगा लें। अब देखना यह ज़्यादा देर तक आपके होंठों को रंगीन रखेगी। वेक्स को स्मूथ रखता है वेक्स करने से पहले त्वचा पर टेल्कम पाउडर छिड़कने से त्वचा मुलायम होती है और दर्द नहीं होता है। पाउडर की परत त्वचा की अतिरिक्त नमी को सोख लेती है और वेक्स सही तरह बाल हटा पाता है। चूंकि यह त्वचा और वेक्स के बीच एक परत बनाता है इसलिए इससे दर्द भी कम होता है। चिकनाई रहित त्वचा अक्सर गर्मियों और नमी के दिनों में पसीना हमारे मेकअप को खराब कर देता है। क्या आपको पता है कि टेल्कम पाउडर से आप इस पसीने से निजात पा सकते हैं। यह मेकअप को सेट करता है और त्वचा को स्मूथ फिनिश देता है। पसीने से आज़ादी आप टेल्कम पाउडर से तुरंत पसीने से मुक्ति पा सकते हैं। आप इसे अंडरआर्म्स, घुटनों के पीछे, स्तनों के अंदर और बीच में लगा सकते हैं और पसीने से दूर स्मूथ और फ्रेश त्वचा पा सकते हैं। मिट्टी को आसानी से हटाएँ यदि आप किसी बीच से आते हैं तो आपके शरीर पर जगह-जगह पर मिट्टी लगी हो सकती है। त्वचा पर टेल्कम पाउडर रगड़ना इस मिट्टी को उतारने का बेहद अच्छा तरीका है। बस पाउडर छिड़कें और मिट्टी हटाएँ। खुजली या त्वचा की रगड़ कम करना त्वचा पर खुजली होती है जब आप में सूखापन होता है और आप इसे रगड़ लेते हैं। यह पसीना इकट्ठा होने के कारण होता है और यह दर्दभरा भी हो सकता है। इस जगह को आप सुगंध रहित पाउडर छिड़ककर ड्राई रख सकते हैं। इससे त्वचा घर्षण रहित व मुलायम रहेगी। बदबूदार जूतों को फ्रेश करने के लिए आप टेल्कम पाउडर से जूतों की बदबू से मुक्ति पा सकते हैं। आप इनके अंदर रात को पाउडर छिड़क दें और सुबह इसे झाड़ लें। यह रातभर में नमी और बदबू को सोख लेगा और सुबह जूते फ्रेश मिलेंगे। कपड़े आसानी से आएंगे कई बार गर्मियों के दिनों में स्किन फिट जींस को पहनने में बड़ी परेशानी होती है। ऐसा खास तौर पर पसीने के कारण होता है। आप इससे मुक्ति पाने और कपड़ों को सही खिसकाने के लिए त्वचा पर पहले टेल्कम पाउडर छिड़क सकते हैं। English summary Ten Super beauty hacks with talcum powder This easy-on-the-wallet household staple can do everything from add bounce to your hair to keep your makeup in place all day – find out what else it can do for you below! Story first published: Thursday, November 9, 2017, 15:30 [IST] Nov 9, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

जानिए मरने के बाद कौन चलाता है आपका सोशल मीडिया अकाउंट

Friday, November 10 2017

जानिए मरने के बाद कौन चलाता है आपका सोशल मीडिया अकाउंट

Life » जानिए मरने के बाद कौन चलाता है आपका सोशल मीडिया अकाउंट जानिए मरने के बाद कौन चलाता है आपका सोशल मीडिया अकाउंट Life Published: 15:55 आजकल सभी की लाइफ में सोशल मीडिया बहुत जरूरी हो गया है। सोशल मीडिया के ज़रिए आप नए दोस्‍त बना सकते हैं, अपने विचारों को दूसरों के साथ साझा कर सकते हैं और नई चीज़ों के बारे में जान भी सकते हैं। क्‍या आप जानते हैं कि आपके मरने के बाद आपके सोशल मीडिया अकाउंट का क्‍या होता है या उसे कौन चलाता है ? कई तरह के सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म होते हैं और इस सवाल का जवाब भी उनकी प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं कि फेसबुक से लेकर ट्विटर तक को मरने के बाद कौन चलाता है। फेसबुक आज सबसे ज्‍यादा फेसबुक का इस्‍तेमाल किया जाता है। मृत लोगों के लिए फेसबुक ने कुछ विशेष नियम बनाए हैं। आप चाहें तो इसे हमेशा के लिए डिलीट कर सकते हैं या फिर इसे याद के तौर पर रख सकते हैं। अगर आप इसे याद के तौर पर रखना चाहते हैं तो आपके फेसबुक अकाउंट पर आपके नाम के ठीक बाद ‘रिमेंबर' का ऑप्‍शन दिखाई देगा। इसके अलावा आपको फेसबुक को एक लीगल कॉन्‍ट्रैक्‍ट भी भेजना होगा जिसमें आपको बताना होगा कि आपकी मृत्‍यु के बाद कौन आपका अकाउंट हैंडल करेगा। एक बार मृत्‍यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद फेसबुक कॉन्‍ट्रैक्‍ट में दिए एग आपके निर्देशों का पालन करना शुरु कर देगा। यूट्यूब इसमें भी यूज़र को भविष्‍य में अपने अकाउंट को हैंडल करने की सुविधा दी जाती है। ये सुविधा यूट्यूब पर वीडियोज़ के ज़रिए लाखों-करोड़ों कमाने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होती है। इसके लिए आपको यूट्यूब को एक लीगल कॉन्‍ट्रैक्‍ट भेजना होगा जिसमें आपको बताना होगा कि आपकी मृत्‍यु के बाद कौन आपका अकाउंट हैंडल करेगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो यूट्यूब एक समय की अवधि तक अकाउंट को इस्‍तेमाल ना किए जाने पर उसे बंद कर देगा। इंस्‍टाग्राम इंस्‍टाग्राम की पॉलिसी काफी हद तक फेसबुक से मिलती है। आपके अकाउंट को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है या फिर उसे याद के तौर पर रखा जा सकता है। लेकिन इसका निर्णय आप नहीं ले सकते। जो व्‍यक्‍ति आपके मृत्‍यु प्रमाण पत्र के साथ इंस्‍टाग्राम को इसकी सूचना देगा वही इस बात का निर्णय भी लेगा। ट्विटर ट्विटर पर मरने के बाद अकाउंट चलाने की कोई पॉलिसी नहीं है लेकिन आपके परिवार का कोई सदस्‍य ट्विटर से आपके अकाउंट को डिलीट करने की रिरक्‍वेस्‍ट भेज सकता है। आपके किसी वेरिफाइड फैमिली मेंबर की रिक्‍वेस्‍ट पर आपकी पोस्‍ट, तस्‍वीरें और अकाउंट को डिलीट कर दिया जाएगा। इसके लिए मृत्‍यु प्रमाण पत्र देना होगा। Quora पिछले कुछ सालों में Quora भी सोशल प्‍लेटफॉर्म पर काफी पॉपुलर हो गया है। इस प्‍लेटफॉर्म पर आपकी रिक्‍वेस्‍ट पर आपके अकाउंट को मेमोरियल पेज में बदले जाने की पॉलिसी है। इसके लिए आपको उस शख्‍स का मृत्‍यु प्रमाण पत्र देना होगा। अब आप सोच रहे होंगे कि सोशल मीडिया अकाउंट के यूज़र नेम का क्‍या होता है ? ट्विटर, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम सभी प्‍लेटफॉर्म का एक यूज़र नेम होता है। लिंकेडिन और फेसबुक पर कोई और आपके यूज़र नेम के लिए क्‍लेम कर सकता है जबकि बाकी सोशन मीडिया प्‍लेटफॉर्म जैसे इंस्‍टाग्राम, ट्विटर और गूगल आपका यूज़र नेम किसी और के साथ शेयर नहीं करता है। मरने के बाद कितने समय तक अकाउंट एक्‍टिव रहता है ? फेसबुक पर तब तक अकाउंट एक्‍टिव रहता है जब तक उसे आपकी मृत्‍यु की सूचना कोई ना दे। लिंकेडिन पर भी मृत्‍यु की सूचना पहुंचने ही अकाउंट बंद हो जाता है। पिनट्रस्‍ट अकाउंट को कभी बंद नहीं किया जा सकता है जबकि ट्विटर अकाउंट को 6 महीने बाद बंद हो जाता है। कंपनी को आपकी मृत्‍यु के बारे में बताने के बाद आपका गूगल का अकाउंट बंद हो जाता है।

द ग्रेट वॉल ऑफ चायना के ये राज जो आप नहीं जानते होंगे

Friday, November 10 2017

द ग्रेट वॉल ऑफ चायना के ये राज जो आप नहीं जानते होंगे

Life » द ग्रेट वॉल ऑफ चायना के ये राज जो आप नहीं जानते होंगे द ग्रेट वॉल ऑफ चायना के ये राज जो आप नहीं जानते होंगे Life Updated: 17:40 इस दुनिया में वैसे तो सात अजूबे है पर अगर हम द ग्रेट वॉल ऑफ चायना की बात करें तो ये सबसे पहले स्थान पर काबिज है। इसका भी अपना अलग इतिहास रहा है। इस दीवार का निर्माण चीन के राजाओं ने हमलावरों से बचने के लिए करवाया था। इसका निर्माण पांचवी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी के बीच करवाया गया था। आपको बता दें कि इस दीवार का निर्माण मिट्टी और अव्वल दर्जे के पत्थर से करवाया गया था। इसकी बनावट किसी किले की तरह है। इसके बनने के बाद भी कई दीवारे बनी जिनसे मिलकर ये विशाल दीवार बनी है। धरती पर नर्क से बदतर है ये जगहें, भूलकर भी ना करें यहां का रुख इसका निर्माण किन शी हुआंग ने करवाया था बाद में कई लोगों का इसमे हिस्सा रहा। इसके अलावा भी इससे जुड़े कई ऐसे तथ्य है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगें। आपको बता दें कि इनसे जुड़ी है कई ऐसी बाते है जो इस आर्टिकल में जानकर आप दंग रह जाएंगें। वान ली छंग छंग इस दीवार को जिसका नाम हम ग्रेट वाल ऑफ चायना से जानते है। इसको चीन के नागरिक वान ली छंग छंग कहते है। अरे सोचिए मत दरअसल इसका मतलब चीन की विशाल दीवार ही होता है। इस नाम से इसको चीन में ही जाना जाता है। इतिहास के ऐसे लोग जो मरने के बाद भी कमाते है करोड़ों डॉलर कई बार टूटी दीवार आपको बता दें कि विदेशी हमलावरों को रोकने के लिए ही इस दीवार का निर्माण करवाया गया था। इसके बाद भी ये दीवार की बार तोड़ी गई है। इसके बाद कई बार बनी भी है। हमलावरों ने इसपर विजय प्राप्त करके हमला भी किया है। चंगेज खां ने तोड़ी दीवार इस दीवार को सर्वप्रथम एक मुस्लिम शासक चंगेज खां ने 1211 में तोड़ा था और वो चीन में दाखिल हो गया था। इस दीवार को तोड़ने की हिम्मत तब किसी में ना थी। इस दीवार के टूटने के खबर ने पूरे चीन में दहशत फैला दी थी। एक जैसी नही है ये दीवार चीन की ये विशालतम दीवार आपको हर जगह एक जैसी नहीं लगेगी। इस दीवार की अधिकतंम ऊंचाई 35 फीट है पर ये कहीं कहीं पर 8 से 9 फीट तक ही रह जाती है। आपको इसके बारे में अधिक सोचने की आवश्यकता नहीं है। कहते है लंबा कब्रिस्तान ऐसा कहा जाता है कि इस दीवार को लंबा कब्रिस्तान भी कहा जाता है। इसमें जो मजदूर काम कर रहे थे और वो ज्यादा मेहनत नहीं करते थे तो उनके जिंदा इसी में दफना दिया जाता था। यही कारण है कि इसको दुनिया का सबसे लंबा कब्रिस्तान कहा जाता है। भारत में भी है ऐसी एक दीवार आपको बता दें कि ऐसी ही एक दीवार भारत के मेवाड़ में स्थित कुंभलगढ़ में है। इस दीवार को बादशाह अकबर ने भेदने की कोशिश की थी। इस दीवार का निर्माण कुभलगढ़ के किले को सुरक्षित रखने के लिए करवाया गया था। 36 किमी है दीवार की लम्बाई कुंभलगढ़ के किले की सुरक्षा के लिए जो दीवार बनवाई गई थी वो 36 किमी लंबी दीवार है। इस दीवार को दुनिया की सबसे लंबी दीवार के बारे में जाना जाता है। इसका भी अपना इतिहास है। English summary Secret History of The Great Wall of China There are seven wonders in this world, but if we talk about The Great Wall of China, it is the first place occupied. It also has its own history. This wall was built by the kings of China to avoid the attackers Please Wait while comments are loading...

भारतीय महिलाएं, जिन्‍होंने अपने बोल्‍डनेस से दुनिया को चौंकाया ..

Saturday, November 11 2017

भारतीय महिलाएं, जिन्‍होंने अपने बोल्‍डनेस से दुनिया को चौंकाया ..

महिला सशक्‍तीकरण की बात आज हर जगह होती है, लेकिन महिला सशक्‍तीकरण की जमीनी सच्‍चाई क्‍या है, ये हर कोई जानता है। आज भी कई जगह महिलाएं अपने हक के लिए लड़ाईयां लड़ रही है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्‍होंने अपने हक और स्‍वाभिमान के लिए बोल्‍ड कदम उठाएं। खैर हमारे पास ऐसी कुछ महिलाओं की सूची है, जिन्‍होंने फैमिनिज्‍म के मुद्दे को एक अलग नजरिए से पेश किया है, जिन्‍होंने महिलाओं के साथ होने वाली सामान्‍य समझने चीजों को एक मुद्दा बनाकर पेश किया है। हम आज यहां ऐसी है महिलाओं की बात करने जा रहे है जिन्‍होंने अपनी क्रांतिकारी सोच के जरिए न सिर्फ समाज को सोचने के लिए मजबूर किया बल्कि अपने इस साहसिक कदम के साथ उन्‍हें आश्‍चर्यचकित कर दिया। आइए मिलिए खूबसूरत सी दिखने वाली इन महिलाओं के बोल्‍ड चुनौतियों के बारे में।

नो ब्‍लाउज चैजेंज

इंस्‍टाग्राम के एक कैम्‍पेन जिसे ब्‍लाउज फ्री साड़ी कहा गया था। इसके शुरुआत में ही काफी महिलाओं ने अपनी रुचि दिखाई। यह चैलेंज सात्विक प्रवृति के तौर पर शुरु हुआ था। सूत्रों की मानें तो तकरीबन 1000 महिलाओं ने इस चैलेंज में भाग लेते हुए 'saree.man'. कैप्‍शन के साथ अपने फोटोज अपलोड किए थे।

लिपस्टिक को लेकर बगावत

कई सारी बाधाओं के बाद फिल्‍म "लिपस्टिक अंडर माई बुर्का" रिलीज हुई थी, जिसमें महिलाओं के जीवन से जुड़ी हुई समस्‍याओं को दिखाया गया था। ये फिल्‍म पूरी तरह महिलाओं के जीवन पर चरित्रार्थ थी। कैसे पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के अधिकारों का हनन किया जाता है। इस फिल्‍म के रिलीज से पहले इसकी स्‍टार कास्‍ट ने एक चैलेंज शुरु किया था। हैशटेग #LipstickRebellion और महिलाओं को इस बात के लिए उत्‍साहित किया था कि वो इस मुद्रा में फोटोज अपनी शेयर करके जो पितृसत्‍तात्‍मक समाज को अंगुली दिखा सकें।

#MeToo

एक कैम्‍पेंन #MeToo सोशल मीडिया में शुरु किया गया था ताकि महिलाएं सेक्‍सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ आवाज उठा सकें। इस कैम्‍पेन ने दुनियाभर की महिलाओं को प्रेरित किया कि वो इस कैम्‍पेंन का हिस्‍सा बनें। य‍ह कैम्‍पेंन इतना वायरल हुआ कि महिलाएं ही न हीं पुरुष भी इस कैम्‍पेंन से जुड़े और महिलाओं को अपने प्रति होने वाली यौन उत्‍पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की सलाह दी। इस मुहिम ने लोगों के बीच अपनी जगह बनाते हुए पीडि़तों को दोषी ठहराने से लेकर फूहड़ बोलने वालें लोगों के बारे में उल्‍लेख करने के साथ महिलाओं को अपने हक में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया है।

#FreeTheNipple

ये कैम्‍पेंन वर्ष 2014 में लॉन्‍च हुआ था, इस कैम्‍पेंन का उद्देश्‍य महिलाओं और पुरुषों को समान हक दिलाना था। महिलाओं की आजादी के नजरिए से लेकर सुरक्षा और लिंग समानता को लेकर, यह मुहिम महिलाओं के सेंसरशिप के खिलाफ एक बुलंद आवाज बनकर सामने आई। एक्‍ट्रेस सलोनी चोपड़ा पहली भारतीय थी, जिन्‍होंने इस कैम्‍पेंन से जुड़कर अपना समर्थन दिया। तब से लेकर अभी तक यह कैम्‍पेन अपने विषय पर जमकर काम कर रहा हे।

#StudentsAgainstABVP

करगिल की जंग में शहीद हुए कैप्‍टन मन‍दीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने कुछ समय पहले अपना फेसबुक पर प्रोफाइल फोटो बदलते हुए एक पोस्‍ट अपडेट किया था। मैं दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की स्‍टूडेंट हूं, मैं एबीवीपी से नहीं डरती हूं। मैं अकेली नहीं हूं, भारत का हर स्‍टूडेंट मेरे साथ है। इस पोस्‍ट ने जंगल में आग की तर‍ह काम किया और पूरे देश के स्‍टूडेंट ने इस पोस्‍ट को समर्थक देते हुए, इस प्‍लेकार्ड मैसेज के साथ एबीवीपी के खिलाफ अपनी फोटो को शेयर की।

#ProudToBleed

एक सर्वे में बात सामने आई है कि देशभर में करीबन 355 मिलियन महिलाओं में से सिर्फ 12 प्रतिशत महिलाएं ही सेनिट्री पेड का इस्‍तेमाल करती है। दिया इंडिया फाउंडेशन के साथ मिलकर एक्‍ट्रेस सलोनी चोपड़ा ने एक अवेयरनेस कैम्‍पेंन शुरु किया था, जिसमें उन्‍होंने महिलाओं को सेनिटरी पेड यूज करने के लिए उत्‍साहित किया था। जब कंगना रानौत ने बेबाकी से दिया इंटरव्‍यू सितम्‍बर में कंगना रानौत का एक इंटरव्‍यू ब्रॉडकास्‍ट हुआ था। इस इंटरव्‍यू के बाद मानों तो हर जगह कंगना के चर्चे थे। पूरे इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कई चौंकान्‍नें वाली बातों का खुलासा किया, चाहे वो उनका रिलेशनशिप हो या नेपोटिज्‍म। इंड्रस्‍टी में काम करते हुए भी कंगना ने इंड्रस्‍ट्री के लोगों के खिलाफ खुलकर बात की। जब दीपिका ने कहा, मैं औरत हूं और मेरे स्‍तन है। 2014 में एक प्रतिष्ठित मीडिया ने एक्‍ट्रेस दीपिका पादुकोण की ड्रेसिंग सेंस और उनके डीप नेक ड्रेस से दिखते हुए क्‍लीवेज के बारे में लिखा था। सोशल मीडिया पर ये लेख बहुत ही वायरल हुआ था, इस आर्टिकल को देखने के बाद दीपिका ने एक ट्वीट किया और लिखा था कि हां मैं एक महिला हूं। मेरे पास स्‍तन और क्‍लीवेज है। आपको कोई दिक्‍कत है..? इस पोस्‍ट के बाद कई सेलिब्रेटिज ने दीपिका को समर्थन दिया था।