Health and Fitness

शादी के बाद अचानक पीरियड की डेट में क्‍यूं हो जाता है चेंज?

Monday, November 13 2017

शादी के बाद अचानक पीरियड की डेट में क्‍यूं हो जाता है चेंज?

Published: 12:30 शादी के बाद न केवल सामाजिक पारिवारिक, मानसिक जिम्मेदारियां बदलती हैं, बल्कि सबसे ज्यादा बदलती है शरीरिक जिम्मेदारी। चाहे वो घर और बाहर के काम हों या फिर पति-पत्नी के शरीरिक संबन्ध। और कई बार कुछ जिम्मेदारियों के साथ कुछ घटनाएं होती हैं, जो हमें कभी खुश तो कभी परेशान कर देती हैं। अब जैसे शादी के बाद मां बनने की खुशी सातवें आसमान पर पहुंचा देता है तो वहीं इर्रेगुलर पीरियड जैसा बदलाव टेंशन और तकलीफ से मिला देता है। हालांकि अनियमित पीरियड्स होना एक मेडिकल कारण है लेकिन शादी के बाद इस समस्या के कारण और उपाय की जानकारी होना जरूरी है जिससे इससे निजात पाया जा सके। शादी के बाद महिला के जीवन में आने वाले भावनात्मक और हार्मोनल बदलाव जिसमें कुछ अधिक चिंता की बात नहीं है अगर यह सामान्य तौर पर होता है तो पीरियड्स में होने वाला बदलाव एक तरह से संकेत होता है की मासिक धर्म को नियंत्रित करने वाले हारमोंस बैलेंस नहीं हैं। 1. गर्भ निरोधक दवाएं खाना शादी के बाद सामान्यतः महिला गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल करती है और दवाइयां और अन्य मेडिकल साधन इस्तेमाल करती है जिसकी वजह से हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है और उसे सामान्य होने में वक़्त लगता है और यह भी आपकी पीरियड्स की अनियमितता, संख्या और अवधि को प्रभावित करता है। शादी के बाद परिवार नियोजन यानी फैमिली प्लांनिग करना और अनवांटेड प्रेगनेंसी से बचना बहुत जरूरी है पर इसके लिए पिल्स खाने के बजाय अन्य बचाव के तरीके अपनाएं। 2. हार्मोनल बदलाव हॉर्मोनल चेंजेस शादी के बाद सामान्य है लेकिन समय पर डॉक्टर की राय नहीं लेने पर कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती है जैसे कि गर्भाशय में गांठे होना और मासिक धर्म का अनियमित होना जिसकी वजह से गर्भ धारण करने में समस्या हो सकती है। 3. वजन में बदलाव शादी के बाद वजन को लेकर भी समस्या हो सकती है और साथ ही कई कारणों से उत्पन हुई हार्मोनल अनियमितता की समस्या से निजात पाने में शरीर को समय लगता है और शरीर की यही प्रकिया आपके पीरियड्स की नियमितता को प्रभावित कर सकती है। 4. स्ट्रेस ज्यादा और डिप्रेशन या थकान की वजह से भी मासिक धर्म के नियमित होने पर भी बुरा असर पड़ता है न केवल वो आपके मासिक धर्म के अनियमित होने के लिए जिम्मेदार है बल्कि साथ ही यह वजन बढ़ने जैसी समस्या से भी दो चार होना पड़ सकता है। 5. अल्कोहल का सेवन अल्कोहल लेने और धुम्रपान से भी मासिक धर्मं अनियमित हो सकते है। दारू पल भर का नशा ही नहीं बल्कि गहराई से शरीर पर लंबे समय के लिए शरीर पर प्रभाव पड़ता है। 6. अनहेल्दी लाइफस्टाइल कई अनियमित पीरियड की प्रॉब्लम हमारी अनियमित और असंतुलित जीवनचर्या की वजह से होती है। शादी के बाद अनियमित और असंतुलित लाइफस्टाइल अपनाने वाली महिलाओं की तादाद ज्यादा है। सही समय पर खाना ना खाना और जब खाना तो उसमें ज्यादा फैट या टला भुना खाना। 7 बीमारी कभी कभी बीमार होने की वजह से भी ओव्यूलेशन में देरी हो सकती है। तो अगली बार जब आपके पीरियड्स ना हो या देर से हों तो इस बात पर जरूर ध्यान दीजियेगा कि कहीं आप बिमारी तो नहीं थी। 8. आव्युलेट ना होना नॉर्मल पीरियड्स में जब आप अंडे का उत्पादन होता है तब गर्भाशय की परत जिसे एंडोमेट्रियम कहा जाता है वो निकल जाती है। वहीँ जब ओव्यूलेशन के समय अंडे का उत्पादन नहीं होता है तब यह परत मोटी होती जाती है। और इसकी वजह से अधिक रक्तस्राव होता है। वही अगर आपके पीरियड्स हो रहें है और फिर कुछ महीनों के बाद होते हैं तब आप आव्युलेट नहीं करती हैं। 9. हो सकता है आप गर्भवती हो शादी के बाद अगर आपके पीरियड्स नहीं होते हैं तो इसकी वजह यह भी हो सकती है। पीरियड्स बंद होने के कुछ समय बाद भी कभी कभी आपको यह पता नहीं चल पता है कि आप गर्भवती हैं। इसीलिए पीरियड्स ना होने पर परेशान ना होएं। हो सकता है आपको आगे चल कर कोई खुशखबरी ही मिल जाए। 10. अत्यधिक व्यायाम शादी के बाद अक्सर महिलाओं का वजन बढ़ जाता है, जिसे कम करने के चक्कर में वे ज्यादा व्यायाम करने लगती हैं। और जिससे आगे चल कर उनके पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।

सब्जियों में लगे बैक्टीरिया से होती है खतरनाक बीमारियां, ऐसे करें इनकी सफाई

Monday, November 13 2017

सब्जियों में लगे बैक्टीरिया से होती है खतरनाक बीमारियां, ऐसे करें इनकी सफाई

Updated: 13:20 सब्जियां आपके लिए बहुत जरूरी है। आपकी सेहत को अच्छा रखने के लिए आपको इनका सेवन जरूर करना चाहिए। इसके लिए आपको थोड़ा सावधान रहने कि भी जरूरत है। आपको बता दे कि जब जब आप बाजार से सब्जियां लाते है तो थोड़ा इनको ध्यान दें। इन सब्जियों में कीटाणु बहुत होते है और इनको धोना बहुत जरूरी होता है। आपको बता दें कि सब्जियों को किटाणुओं से बचाने के लिए इनके ऊपर कीटनाशक दवाईयों (पेस्‍टीसाइड्स) का छिड़काव किया जाता है, जो हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही हानिकारक होते हैं। यह कीटनाशक दवाईयां महज धोने से नहीं निकालती, जिसकी वजह से हम जाने-अनजाने में अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आज आपको बताएगें कि आपको बाजार से सब्जी लाने के बाद इनको कैसे धोना है। इससे आपकी सेहत सही रहेगी। ऐसा ना करने पर सब्जी के किटाणु आपके पेट में जाकर आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकते है। आइए जानते है.... सिरके वाले पानी में भिगोएं आपको बता दें कि जिद्दी कीटाणु ऐसे आसानी से नहीं निकलते है। इसके लिए आपको सिरके वाले पानी से इसकी धुलाई करनी चाहिए। लेकिन इससे पहले इसको भिगोकर सिरके वाले पानी में रख दें। इसके बाद इसको साफ पानी से धोने से सब्जियों से सारे किटाणु निकल जाएंगें। सेक्स समस्याओं के अलावा इन चीजों से भी छुटकारा दिलाता है पान का इस्तेमाल इनको गर्म पानी से धोएं आपको बता दें कि वो सब्जियां जिनमें पत्ते अधिक होते जैसे फूलगोभी, पालक, ब्रोकली, बंदगोभी इस सब्जियों को साफ करने और इनसे कीटाणु निकालने के लिए आपको गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे इनमें लगे सारे कीटाणु मर जाते है। इमली वाले पानी से धोएं आपको बता दें कि आपको इस अगर गाजर और बैंगन जैसी सब्जियों को धोना है तो इसके लिए आपको गाजर और बैंगन जैसी सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे आपकी सब्जियों से सभी कीटाणु निकल जाएंगे और आपको की बीमारियों से बचेगें। इस पानी से धोए आपको बता दें कि आपकी फलों और सब्जियों को धोने के लिए आप ओजोनेटेड पानी का इस्तेमाल कर सकते है इससे आपकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आपके लिए बिल्कुल सेफ हैं। इसका इस्तेमाल करें। वैक्स वाली सब्जियां आपको बता कि कुछ सब्जियों में वैक्स किया होता है। अगर सब्जियों में वैक्स किया हो, उन पर एक कप पानी, आधा कप सिरका, एक बड़ा चम्मच बेकिंग सोड़ा और अंगूर बीज का अर्क मिले मिश्रण का छींटा करें और 1 घंटे के लिए छोड़ें। इसके बाद आप किसी साफ पानी से उसकी धुलाई करें। सब्जिया सुखाएं अगर आपने फलों या सब्जियों को साफ पानी से धोया है तो ये काफी नहीं है इसके लिए आपको इसको किसी साफ कपड़े या नैपकिन के सहारे सुखाना है। तभी ये आपके खाने के काबिल बनेगी। नरम ब्रश का इस्तेमाल करें कुछ सब्जियों की सफाई आप दूसरे तरीकों से भी कर सकती है। आलू, गाजर, शलगम आदि सब्‍जियों को 5 से 10 सेकेंड के लिए नरम ब्रश या साफ कपड़े से पोछें और हल्के गुनगुने पानी से धोंए। ऐसा करने से आपकी सब्जियों से सारे कीटाणु निकल जाएंगें। पत्तेदार सब्जियां आपको बता दें कि अगर आप पत्तेदार सब्जियां धो रहे है तो आपको पहले इनकी परत उतार लेनी है और बाद में इसको धोना है। अगर आपने ऐसा नही किया तो इसके अंदर किटाणु रह जाते है। और क्या करें आपको सब्जियों और फलों में लगे वैक्टीरिया हटाने के लिए इनको पानी में 1 मिनट तक उबालना है और इसके बाद इनको साफ पानी से धोना है। ऐसा करने से आपके फल और सब्जियां साफ और सुरक्षित हो जाएगी। English summary Simple Tricks to Remove Pesticides From Fruits and Vegetables Vegetables are very important to you. You must use these to keep your health healthy. For this you need to be a little careful. Let me tell you that when you bring vegetables from the market, take a look at them. Please Wait while comments are loading...

आखिर क्यों भारत को माना जाता है कामसूत्र का जन्मदाता, कितनी सच है ये बात

Saturday, November 11 2017

आखिर क्यों भारत को माना जाता है कामसूत्र का जन्मदाता, कितनी सच है ये बात

Life » आखिर क्यों भारत को माना जाता है कामसूत्र का जन्मदाता, कितनी सच है ये बात आखिर क्यों भारत को माना जाता है कामसूत्र का जन्मदाता, कितनी सच है ये बात Life Updated: 14:52 कामसूत्र काफी प्रसिद्ध किताब है। इसके ऊपर कई फिल्मों भी बन चुकी है। फिर क्या कारण है आज भी इसका नाम लेते ही लोगो अंजान बनने का नाटक करते है। एक और जहां हमारा समाज आधुनिकता की बात कर रहा है तो वहीं अगर सेक्स या कामसूत्र की बात करते है तो लोगों को इससे शर्म आती है। ये सच है कि भारत को कामसूत्र की जन्मभूमि कहा जाता है। ये किताब कई सदियों पहले लिखी गई थी जिसका संबंध सिर्फ सेक्स नहीं था। ये किताब उस देश में लिखी गई है जहां आज भी लड़के और लड़की आपस में इस तरह की बातें नहीं कर सकते है। इतिहास के ऐसे लोग जो मरने के बाद भी कमाते है करोड़ों डॉलर ऐसा देश जहां सेक्स की बात करना भी पाप माना जाता है आखिर इस देश में इस किताब का जन्म क्यों हुआ था। कई ऐसे सवाल है जो मन में सवाल पैदा करते है। आज हम कामसूत्र के बारे में बात करेंगें। क्या है कामसूत्र का मतलब कामसूत्र का नाम सुनते ही दिमाग में जो सबसे पहली चीज आती है वो होती है सेक्स से संबंधिक क्रिया। लेकिन इस किताब के टाइटल कामसूत्र का मतलब आनंद होता है। इसका मतलब किसी चीज से जो आनंद उत्पन्न होता है उसका कामसूत्र करते है। सेक्स की पोजीशन को समझाया गया है इस किताब में सेक्स से संबंधित कुछ क्रियाओं को समझाया गया है। इस किताब को तीसरी शताब्दी में लिखा गया था। इसका को मतलब को जरूर रहा होगी। इसमें सेक्स करने की पोजीशन्स को बताया गया है। इसका सीधा मतलब सेक्स के दौरान गलतियों को ध्यान में रखना है। विचारों का सम्मान इस किताब में स्त्री और पुरुष दोनो के सम्मान की बात गई है। इसमें बताया गया है कि किसी स्त्री के सहमति के बिना संभोग क्रिया को अंजाम देना गलत है। इसके लिए दोनो की सहमति आवश्यक है। इस किताब में दोनो के सम्मान की बात प्रमुख है। प्राचीन मंदिरों में है तस्वीरें भारत में एक नहीं बल्कि की पुराने मंदिरों में आपको ऐसी नग्न और अर्ध नग्न तस्वीरे मिल जाएंगी जिनमें कामवासना को अंजाम देते हुए दिखाया गया है। किसी चित्र में कोई अप्सरा मटके में पानी लेकर जाती हुई तो किसी में स्नान करते हुए भी दिख सकती है। उस समय के सोच को बताती है तस्वीरें कई तस्वीरों में आपको पुरुषों और महिलाओं की कामुकता को दिखाया गया है। ऐसी तस्वीरे ये बताती है कि उस समय की कहानी और मानसिकता किस तरह की रही होगी। उस समय की सोच आज की सोच से कितनी आगे थी। ये तस्वीरें इन चीजों भलिभांति दर्शाती है। मुगलों को मानते है कामुकता के पतन का कारण मुगलों के आने से पहले भारत में कामुकता पर खुलकर बात होने के साक्ष्य मिलते है। मुगलों के आने के बाद महिलाओं को पर्दे मे रखा जाने लगा। तभी से इस तरह की सभ्यताओं का पतन हुआ जिसका कारण मुगलों को माना जाता है। क्या कहता है आज का दौर आपको अगर आज के दौर की बात करे तो आज सेक्स की बात जो भी करता है उसके कैरेक्टर को खराब माना जाता है। आद के दौर में इसको काफी नीची निगाह से देखा जाता है। English summary truth and history of Kamasutra Kamasutra is quite a fame book. Many films have also been formed on this. Then what is the reason that even today its name is used to pretend to be an unknown person. Another where our society is talking about modernity Please Wait while comments are loading...

गर्दन में लिम्फ नोड के सूजन को इन 12 उपायों की मदद से करें कम

Friday, November 10 2017

गर्दन में लिम्फ नोड के सूजन को इन 12 उपायों की मदद से करें कम

डाइट-फिटनेस » गर्दन में लिम्फ नोड के सूजन को इन 12 उपायों की मदद से करें कम गर्दन में लिम्फ नोड के सूजन को इन 12 उपायों की मदद से करें कम Diet Fitness Updated: Friday, November 10, 2017, 10:25 हम अपने शरीर में मौजूद लिम्फ नोड्स और लिम्फैटिक सिस्टम के महत्व को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इसकी बजाय हम अपने हृदय, पेट और ब्रेन जैसे सिस्टम की ज्यादा देखभाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि शरीर में लिम्फैटिक सिस्टम न हो तो हम ढेरों बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे और फिर इससे उबरना काफी मुश्किल भी हो सकता है। इसका कारण यह है कि 600 लिम्फ नोड्स और लिम्फ वेसल्स के नेटवर्क से बना यह जटिल सिस्टम हमारे ब्लड से व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लाज्मा को शरीर के सभी ऊतकों में पहुंचाने का कार्य करता है। यही कारण है कि जब हमारा शरीर इन्फेक्शन से प्रभावित होता है तो आमतौर पर हमें बुखार हो जाता है और संक्रमित एरिया के लिम्फ नोड में सूजन आ जाती है जिसे छूने पर दर्द महसूस होता है। इसे मेडिकल की भाषा में लिम्फाडेनिटिस कहा जाता है। ज्यादातर इस इन्फेक्शन के इलाज के लिए डॉक्टर की परामर्श पर मरीजों को एंटीबायोटिक्स दिया जाता है। लेकिन एंटीबायोटिक पर प्रतिबंध लगने के कारण आजकल लोग एलोपैथिक इलाज कराने लगे हैं इसके अलावा वे प्राकृतिक उपचार का भी सहारा ले रहे हैं क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। अगर आपको लगता है कि हर्बल उपचार एंटीबायोटिक दवाओं से ज्यादा बेहतर होता है तो इस आर्टिकल में हम आपको गले के लिम्फ नोड में सूजन के प्राकृतिक उपचार के बारे में बताने जा रहे हैं। बर्फ से सिंकाई करें : एक मोटा कपड़ा लें और इसके बीच में बर्फ के कुछ टुकड़े रखकर इसे अच्छी तरह से बांध लें। इसके बाद इसे फर्श पर पटक कर बर्फ के छोटे टुकड़े कर लें। इसके बाद इस बंडल को सूजे हुए लिम्फ नोड के ऊपर घूमाएं। बर्फ से सूजन और दर्द कम होगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तीस सेकेंड से ज्यादा बर्फ से सिंकाई न करें क्यों कि अधिक ठंडक की वजह से आपकी स्किन सुन्न हो सकती है कुचली हुई लहसुन की कलियां खाएं : हालांकि यह सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा लेकिन लहसुन में एंटी माइक्रोबियल गुण होने के कारण यह काफी पावरफुल औषधीय यौगिक है। लहसुन की दो या तीन कलियों को क्रश कर लें और इसे कच्चा ही खाएं क्यों कि पकाने के बाद इसके औषधीय गुण नष्ट हो जाते हैं। विटामिन सी लें : विटामिन सी हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है और संक्रमण से शरीर की रक्षा करता है। इसके अलावा वह ब्लड में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या को बढ़ाता है। लेकिन चूंकि लिम्फ नोड्स में सूजन संक्रमण का सबसे बड़ा लक्षण है इसलिए विटामिन सी का नियमित सेवन भी इसे ठीक करने में मदद नहीं करती है। इसलिए इसके बजाय आपको विटामिन सी का मेगा डोज ( वयस्क के लिए लगभग 4 ग्राम) या तो विटामिन सी सप्लिमेंट्स से या खट्टे फलों जैसे संतरा, स्ट्राबेरी और पाइनएप्पल का सेवन करना चाहिए। मैनुका शहद का सेवन : मैनुका शहद न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में मानेका बुश के रस से मधुमक्खियों द्वारा निर्मित एक विशेष प्रकार का शहद है। अब तक इंसानों द्वारा खोजी गई शहद में यह सबसे सर्वोत्तम शहद है। कच्ची शहद के मुकाबले यह काफी बेहतर होती है क्योंकि इसमें पावरफुल एंटीमाइक्रोबियल एजेंट पाये जाते हैं। स्टडी में यह पाया गया है यह शरीर में एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमणों से भी लड़ने में सक्षम है। यही कारण है कि मनूका शहद लिम्फ नोड्स में सूजन को कम करने में काफी मददगार है। कस्टर ऑयल का प्रयोग : कस्टर ऑयल एक गाढ़ा तेल होता है और इससे बाल तेजी से बढ़ते हैं। लेकिन इसके अलावा इसमें एंटी इनफ्लैमेटरी और पेन किलर के गुण भी मौजूद होते हैं। लिम्फ नोड्स के सूजन को कम करने के लिए तेल को सूजे नोड्स पर लगाकर पांच मिनट तक मालिश करें। इसके बाद एक तौलिए को गुनगुने पानी में भिगोकर इसे अच्छी तरह से निचोड़ लें और तेल लगी जगह पर इसे दस मिनट तक बिछाकर रखें और इसके बाद गुनगुने पानी से तेल साफ कर लें। इस प्रक्रिया को रोजाना दो बार करें इससे हफ्ते भर में राहत मिल जाएगी। नींबू पानी पीएं : नींबू पानी पीने से शरीर को विटामिन सी मिलता है। नींबू को एक गिलास गुनगुने पानी में निचोड़ें। इसमे चीनी या नमक न मिलाएं। इस घोल को एक बार सुबह और एक बार रात में पीएं। स्पायरुलीना का सेवन करें : स्पायरुलीना समुद्र में पाए जाने वाला नीले-हरे शैवाल का एक प्रकार है, जो आमतौर पर पाउडर के रूप में खाया जाता है। इसे "सुपर फूड ऑफ फ्यूचर " भी कहा जाता है क्योंकि इसमें 55 - 70% प्रोटीन, 8 आवश्यक अमीनो एसिड, विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स, आयरन और कैल्शियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि स्पायरुलीना को कैप्सूल के रूप में लेने से लिम्फ नोड्स के सूजन के इलाज में मदद मिलती है। एप्पल साइडर विनेगर : ऐप्पल साइडर विनेगर साधारण विनेगर की तरह नहीं है इसमें एसिटिक एसिड (सिरके का रासायनिक नाम) अधिक होता है। ये यौगिक शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर शरीर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। आप इसे शहद के साथ या एक गिलास पानी में 2 चम्मच विनेगर मिलाकर उपयोग कर सकते हैं। जल्द लाभ पाने के लिए इसे तीन बार खाएं। अदरक का सेवन : अदरक में हल्दी के समान ही गुण मौजूद होते हैं और इन दोनों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। लिम्फ नोड के सूजन को कम करने के लिए दिन में कम से कम दो बार अदरक की चाय पीएं। गर्म टी बैग से सिंकाई करें : उबले हुए टी बैग से सूजे हुए जगह पर सिंकाई करने से सूजन कम होती है। इसे दिन में तीन बार आजमाएं। कैमोमाइल चाय पीएं : कैमोमाइल चाय में शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। इस चाय का सेवन रोजाना करने से स्ट्रेस कम होता है। दिन में दो बार चाय पीने से शरीर का इम्यून सिस्टम बेहतर होता है। मसाज करें : हल्के मसाज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है इससे शरीर की अशुद्धियां भी दूर होती हैं और सूजन भी कम होती है English summary How to Treat Swollen Lymph Nodes in Neck Naturally: 12 Ways Want to know how you can treat swollen lymph nodes in the neck naturally? Read on to find out. Please Wait while comments are loading...

ऑक्सीजन लेने वाले आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखते है ये हर्ब्स

Friday, November 10 2017

ऑक्सीजन लेने वाले आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखते है ये हर्ब्स

» ऑक्सीजन लेने वाले आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखते है ये हर्ब्स ऑक्सीजन लेने वाले आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखते है ये हर्ब्स Diet Fitness Updated: Friday, November 10, 2017, 10:49 Lungs Health: Herbs for healthy lungs | स्वस्थय फेफड़ों के लिए जड़ीबूटियां | Boldsky आपके शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते है आपके फेफड़ें। इनके बिन आप जीवित नही रह सकते है। इनकी वजह से ही आप स्वस्थ रह पाते है। इसलिए आपके स्वस्थ रहने के लिए इनका स्वस्थ रहना आवश्यक है। आपको बता दें कि इनका काम वातावरण से ऑक्सीजन लेना है। कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण में वापिस छोड़ना है। साथ ही यह शुद्ध रक्त धमनी द्वारा दिल में पहुंचता है। जहां से यह फिर से शरीर के विभिन्न अवयवों में पम्प किया जाता है। यही कारण है कि फेफड़ों का स्वस्थ रहना जरूरी है। बहुत से हर्ब्स ऐसे है जिनके सेवन से फेफड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता हैं। आज हम बात करेगें कुछ ऐसे घरेलू हर्ब्स के बारे में जो आपके फेफडो़ं को स्वस्थ रखने में मदद करते है। आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। इनका सेवन आपके लंग्स को हेल्दी रखते है। आइए जानते है इनके बारे में... मुनक्का आपके फेफड़ों के ले मुनक्का बहुत फायदेमंद होता है। आप इसका सेवन करके अपने फेफड़ों को स्वस्थ रख सकते है। इसके लिए आपको मुनक्का के ताजे और साफ 15 दाने रात में 150 मिलीलीटर पानी में भिगो दें. सुबह बीज निकालकर फेंक दें. गूदे को खूब अच्छी तरह चबा-चबाकर खाना है। आपको बता दें कि इसके बाद जो पानी बचता है वो आपको फेकना नही है बल्कि उसको भी पीना है। ऐसा लगातर 1 महीने तक करनें पर आपके फेफड़े मजबूत होते है। स्किन कैंसर से बचने के लिए धूप में निकलने से पहले अपनाएं ये तरीके शहद शहद आपके फेफडों के लिए एक असरदार औषधि है। आपको इसका सेवन सुबह खाली पेट करना है। आप रोजाना एक चम्मच शहद खा सकते है। ऐसा करने से आपके फेफडे मजबूत होते है। आपको ये तरीका स्वस्थ रखता है। अंगूर अंगूर सिर्फ एक फल ही नहीं होता है। आपको बता दें कि इसके इस्तेमाल से आपके फेफड़ों को मजबूत होते ही है। इसके सेवन से आपको दमे के रोग में आराम मिलता है और आपकी खांसी भी सही हो जाएगी। इसलिए आपको अंगूर का सेवन रोजाना करना चाहिए। ये आपके हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। अंजीर आपको बता दें कि आपके स्वास्थ और आपके फेफडों के लिए अंजीर एक अच्छी औषधि है। आप इसके सेवन अपने फेफड़ें स्वस्थ रख सकते है। आपको बता दें कि इसके लिए आपको अजीर के 5 दानों को पानी में उबालना है और इसके बाद इसका सेवन आपको दिन में दो बार करना है। आपके फेफड़ें स्वस्थ रहेंगें। लहसुन लहसुन एक ऐसी औषधि है जो आपके फेफड़ों की रक्षा करता है। आपको बता दें कि अगर आपने खाना खाने के बाद इसका सेवन किया तो आपको कभी कफ की समस्या नहीं होगी। ये आपकी छाती को साफ करके आपके फेंफड़ों को सुरक्षा देता है। मुलेठी आपकी सेहत के लिए मुलेठी भी काफी अच्छी होती है। आपको बता दे कि इसके सेवन से आपके सीनें मे और फेफड़ो में खरास की समस्या नहीं होती है औऱ आपकी गर्दन भी सही रहती है। आपको इसके लिए पान में मुलेठी का सेवन करना चाहिए। तुलसी अगर आपको तुलसी के फायदे नही पता है तो जान लीजिए कि ये आपके लिए बहुत अच्छा होता है। इसके लिए आपको तुलसी के सूखे पत्तो के साथ कपूर, इलायची और कत्था पीसना है। इसको हर रोज दिन में दो बार इसका एक चुटकी सेवन करने से आपके फेफड़े सही रहेगें। एचिनासा ये एक खास तरह का हर्ब है। ये आपके शरीर से कीटाणुओं का सेवन करके आपको स्वस्थ रखता है और आपके फेफड़ों भी मजबूत रहते है। इसका सेवन आपको रोजाना करना चाहिए। शहतूत के पत्ते आपको बता दें कि शहतूत जितना खाने में टेस्टी होता है उसी तरह से इसके पत्ते भी बहुत अच्छी औषधि होते है। आपके शरीर के लिए एक बहुत अच्छी औषधि है। आपको इसके पत्ते चबा चबाकर खाने से फेफड़ों को रोगो और खांसी से आराम मिलता है। आपके फेफड़े मजबूत बनते है। मेंहदी आपके फेफड़ों और गले के लिए मेंहदी भी काफी अच्छी औषधि होती है। इसके सेवन से आपके गले और फेंफड़ों में खरास से राहत मिलती है और साथ आपके फेफडें भी मजबूत बनते है। English summary 10 Herbs That Can Boost Lungs Health One of the most important parts in many important parts of your body is your lungs. You can not live without them. Because of these you can stay healthy. Please Wait while comments are loading...

सेहत का खजाना है ये तेल, खाने के साथ औषधि की तरह भी करें इनका इस्तेमाल

Friday, November 10 2017

सेहत का खजाना है ये तेल, खाने के साथ औषधि की तरह भी करें इनका इस्तेमाल

आपके शरीर को स्वस्थ रहने के लिए खानपान के साथ साथ और भी बहुत कुछ जरूरी चीजों की आवश्यकता होती है। इसके लिए आपके पास काफी सारी ऑप्शन भी होते है। आपको एक बात का ध्यान रखना है कि आप खाने में जो तेल का इस्तेमाल कर रहे है वो आपके लिए कैसा है। आज हम आपको बहुत से तेलों की जानकारी दे रहे है। इनके इस्तेमाल से आप एक स्वस्थ जीवन पा सकते है। ये सारे तेल आयुर्वेद की दृष्टि से बहुत ही गुणकारी है। अगर आप इन्हें अपने जीवन में शामिल करते है तो आप हमेशा निरोगी जीवन जी सकते है। इन तेलों को आप दवा की तरह इस्तेमाल करके फिट और स्वस्थ रह सकते है। सर्दियों में गाजर खाने के हैं ढेरों फायदे, आप रहेंगें चुस्त और दुरुस्त आपको बता दें कि ये तेल किसी औषधि से कम नहीं है इनके इस्तेमाल से आपको काफी फायदे है। आइए जानते है उन तेलों के बारे में जो आपके लिए सेहत का दरवाजा खोलते है। इनके इस्तेमाल से आप स्वस्थ रहेगें...

अलसी का तेल

अलसी का तेल आपके लिए काफी अच्छा होता है। इस तेल में विटामिन ई पाया जाता है। इसके तेल को जले हुए जगह पर लगाने में आराम मिलता है। अगर कोई कुष्ठ रोगी है तो आपको इसका इस्तेमाल करना चाहिए। स्किन कैंसर से बचने के लिए धूप में निकलने से पहले अपनाएं ये तरीके

एरंड का तेल

आपके शरीर मे होने वाली कई समस्याओं से ये तेल छुटकारा दिलाता है। आपको अगर दिल की बीमारी है और आप कब्ज की समस्या से परेशान है तो ये काफी फायदेमंद है। आपको बता दें कि इस तेल का रोजाना सेवन करने से आपके पेट से संबंधी सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

जैतून का तेल

आपके लिए ये तेल सर्दियों में काफी अच्छा होता है। सर्दियों में इसकी मालिश करने से शरीर गर्म बना रहता है। इससे आपके लकवे, गठिया आदि रोगो से आराम मिलता है। आपको इसका इस्तेमाल करके इन समस्याओं से बचना चाहिए।

नारियल का तेल

आपके लिए नारियल का तेल बहुत उपयोगी है। आपको बता दें कि इस तेल में विटामिन ई पाया जाता है। इसके इस्तेमाल से आप कई समस्याओं से बच सकते है। यह तेल ठंडा, मधुर, भारी, ग्राही, पित्त नाशक तथा बालों को बढ़ाने वाला होता है। आप अगर अपने बालों को लंबा और काला करना चाहते है तो आपको इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

सरसों का तेल

आपके दांतों के लिए सरसो का तेल काफी फायदेमंद होता है। अगर आपके दांतों में दर्द व पायरिया की शिकायत रहती है तो आपको बता दें कि आपको इसे नमक मिलाकर दांतों में मलना है। ये काफी असरदार औषधि है। इससे आपके दांत स्वस्थ रहेगें।

बिनौला तेल

इस तेल के भी अपने कई फायदे है। इसके इस्तेमाल से आपके स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ती है। आपके लिए ये चर्म रोगों के लिए भी काम आता है। इसके इस्तेमाल से आपके फोड़े फुंसी आदि तुरंत सही हो जाते है।

राई का तेल

आपको बता दें कि ये तेल का सेवन भी खाने में किया जाता है। इसका इस्तेमाल सरसों के तेल की तरह ही किया जाता है। ये तेल भी आपको चर्म रोगों से बचाता है। आपको इसका सेवन करना चाहिए और स्वस्थ रहना चाहिए।

तिल का तेल

आपके शरीर के लिए तिल का तेल काफी फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल से आपकी कामशक्ति बढ़ती है। इसके साथ अगर आप हींग और सोंठ मिलाकर मालिश करेंगें तो आपके जोंडों के दर्द में आराम मिलता है।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन को दूर करता है ये देसी वियाग्रा

Friday, November 10 2017

इरेक्टाइल डिसफंक्शन को दूर करता है ये देसी वियाग्रा

हम में से बहुत लोग चुकंदर खाने से कतराते हैं लेकिन यह हमारी पूरी सेहत को एक पल में सुधार सकता है, खासतौर पर पुरुषों की सेहत। बीटरूट यानी चुकंदर में ढेर सारी मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड होता है। मतलब अगर इसे खाया जाए तो यह पुरुषों में एक आम समस्‍या जैसे इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन को दूर करने में मददगार होता है। साथ ही यह सेक्‍स स्‍टेमिना में बढ़ोतरी भी करता है। चुकंदर में कई प्रकार के पोषक तत्व पाये जाते है। इसकी विशेषता इसमें पाये जाने वाले नाइट्रेट तथा फाइबर होते है जिनका शरीर पर एक अलग ही प्रभाव पड़ता है। जिस तरह शरीर को हेल्दी रखने के लिए अच्छे भोजन की आवश्यकता होती है, उसी तरह खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए अच्छी सेक्सुअल लाइफ का होना भी जरूरी है। खासकर उन पुरुषों के लिए जो इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन के शिकार हैं, वे अपनी खाने की प्‍लेट में चुकंदर को शामिल करें।

इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन में कैसे फायदेमं है चुकंदर का जूस

चुकंदर को प्राकृतिक वियाग्रा कहा जाता है। चुकंदर में ढेर सारा नाइट्रेट्स पाया जाता है। अध्ययनों ने साबित किया है कि चुकंदर को रोजाना खाने से आपके शरीर में नाइट्रिक ऑक्‍साइड की मात्रा बढ सकती है। नाइट्रेट्स का एक अच्छा स्रोत होने के नाते, चुकंदर का जूस आपके खून की नलियों को रिलैक्‍स करता है, खासतौर पर पर पेनिग के आस पास की नसों को और वहां तक ब्‍लड के फ्लो को बढावा देता है। इस कारण लिंग में पर्याप्त कड़ापन आता है। स्त्री पुरुष के यौन अंगों की कार्यविधि सुधरती है। यही काम वियाग्रा भी करती है। इसके अतिरिक्त चुकंदर में बोरोन नामक तत्व होता है जो सेक्स हार्मोन बनने में मददगार होता है। इस प्रकार चुकंदर का उपयोग यौन सम्बन्ध के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होता है। नाइट्रिक ऑक्साइड क्‍या कार्य करता है यह रक्त वाहिकाओं को फैला कर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है। यह रक्तचाप को कम करता है और एनजाइना को आराम देता है। यह प्लेटलेट को जमा होने तथा थक्‍के बनने से रोकता है। मस्तिष्क के रक्त प्रवाह को बढ़ाता है। यह मूत्र उत्पादन के लिए गुर्दे में पर्याप्त रक्त प्रवाह रखता है। गैस्ट्रिक गतिशीलता में मदद करता है। नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है।

चुकंदर क जूस कैसे तैयार करें

सामग्री- 1 पूरा चुकंदर छिला, धोया और कटा 2 सेब/गाजर/सिलेरी घिसी अदरक या नींबू शहद - स्‍वादअनुसार इन सभी चीजों को ब्‍लेंडर में डाल कर तब तक क्रश कर लें जब तक कि यह स्‍मूथ ना हो जाए। इसे रोजाना पिएं और असर अपने आप देंखे। यदि आप गुर्दे की पथरी या पित्त की पथरी से पीड़ित हैं, तो रोजाना चुकंदर का रस पीने से बचें क्‍योकि इसमें भारी मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड होता है जो कंडीशन को और भी खराब कर सकता है। कुछ लोग जो चुकंदर का रस पीते थे उन्‍होंने बताया कि उनका मूत्र इस रस के नियमित सेवन के बाद गुलाबी हो गया है। चुकंदर रस एक प्राकृतिक और पौष्टिक तरीका है अपने इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने का। तो इस समस्‍या से निजात पाने के लिये दवाइयों का सेवन बंद कीजिये और अभी से पीना शुरु कीजिये चुकंदर का जूस।

LADIES... बार-बार लगती है पेशाब तो कहीं इसका कारण ये तो नहीं....

Friday, November 10 2017

LADIES... बार-बार लगती है पेशाब तो कहीं इसका कारण ये तो नहीं....

रात की नींद किसे पसंद नहीं है, लेकिन अगर यही नींद किसी कारण से ख़राब होने लगे तो इससे आपकी सेहत पर असर पड़ता है। सोचिये आप गहरी नींद में हों और अचानक आपको पेशाब लग जाए, तो आपको उठना ही पड़ेगा, और यही नहीं पेशाब कई बार लगे। तो इससे आपकी नींद भी टूटती है और आप ठीक से सो भी नहीं पाएंगे। अगर आपके साथ यह रोज़ होता है तो इसे हलके में मत लीजिये। रात में पेशाब जानाऔर कई बार जाना सिर्फ पानी पीने से नहीं होता है बल्कि इसके कई कारण हो सकते हैं। बहुत ज्यादा पेशाब लगना उम्र के साथ हॉर्मोन्स में तब्दीलियां आने से भी होता है। इसी कारण रात में ज़्यादा पेशाब होता है। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के प्रोस्टेट ग्रंथि अक्सर बढ़ने लगती है। बड़ा प्रोस्ट्रेट ट्यूब पर दबाव बना सकता है और इससे पेशाब भी ज़्यादा होता है। आइये जानते हैं ऐसे ही अन्य कारण।

स्लीप एपनिया से पीड़ित हैं?

स्लीप एपनिया में व्यक्ति को सोते वक़्त सांस लेने में दिक्कत होती है जिससे उसकी नींद बीच में ही टूट जाती है। इससे दिन भर नींद आने से ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी दिक्कत के साथ दिल की बीमारी व मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। यह देखा गया इस बीमारी से 50% लोग पीड़ित हैं।

रात में सोने से पहले कैफीन पीना

जिन लोगों को भी कॉफी पसंद हैं वो इसे जरूर पढ़ें। कॉफ़ी पीने से आप सिर्फ सुबह ताज़गी महसूस ही नहीं करते बल्कि इससे पेशाब भी लगती है। शराब और कॉफ़ी दोनों से शरीर में पेशाब की मात्रा बढ़ जताई है। और अगर आप उनमें से है जो रात में खाना खाने से बाद कॉफ़ी पीते हैं तो यह खतरे की निशानी है।

इंटररिस्टशियल सिस्टाइटिस से रहें सतर्क

इंटररिस्टशियल सिस्टाइटिस एक स्थिति है जिसकी वजह से मूत्राशय में तकलीफ या पीड़ा होती है और बार-बार मूत्र त्याग की जरुरत महसूस होती है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा सामान्य है। इसके लक्षण सभी लोगों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को मूत्र त्याग की तीव्र जरुरत के बिना दर्द हो सकता है। अन्य लोगों को केवल दर्द हो सकता है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है। उन्हें संभोग के दौरान भी दर्द हो सकता है।

दवाइयों का सेवन

अगर आप सर्दी की दवा खा रहें है तो रात में बार बार पेशाब करने के लिए तैयार रहें। ठंड लगने की दवाओं को इस तरह की बनाया जाता है कि वे किसी भी तरह के अतिरिक्त तरल पदार्थ को मूत्राशय के द्वारा बाहर निकलती है। जिससे बार बार पेशाब लगती है। यूटीआई भी कारण हो सकता है यूटीआई तब होता है, जब बैक्टीरिया या फंगस हमारे पाचन तंत्र से निकल कर या फिर किसी अन्य माध्यम से पेशाब मार्ग की दीवारों पर चिपक जाते हैं और तेजी से बढ़ते चले जाते हैं। यही नहीं पेशाब करतेवक़्त जलन, खुजली, और वजाइनल डिस्चार्ज होता है। इससे पेशाब बेवक़्त लगती है।

खाने पीने से जुड़ी इन आदतों की वजह से नहीं आती है नींद

Friday, November 10 2017

खाने पीने से जुड़ी इन आदतों की वजह से नहीं आती है नींद

इस देश में लगभग आधे से ज्यादा लोग पर्याप्त मात्रा में ना सोने की वजह से परेशान हैं। उनमें से बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें ये नहीं पता कि उन्हें कितना खाना चाहिए और कैसे खाना चाहिए, जोकि पर्याप्त नींद ना लेने का एक बहुत बड़ा कारण है। शोधकर्ताओं ने अपने शोध में यह पाया है कि जो लोग 5 घंटे या उससे कम सोते हैं उनका वजन 7 घंटे सोने वाले लोगों की तुलना में लगभग 30 पौंड बढ़ जाता है। हमारा बाहर का जंक फ़ूड आदि का सेवन करना ही हमारी पर्याप्त नींद को बाधित करता है जिसकी हमें बहुत जरुरत होती है। स्टडी के अनुसार जो लोग ज्यादा मात्रा में शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लेते हैं वो बहुत देर से सोते हैं और रात में सोते समय बीच बीच में अक्सर उठ भी जाते हैं। अनहेल्दी फैट का इस्तेमाल करना आपके शरीर पर नाकारात्मक प्रभाव डालता है और आपकी सोने की प्रक्रिया को धीमा करता है। इन चीजों के ज्यादा सेवन से आप उन चीजों से दूर हो जाते हैं जो आपके लिए फायदेमंद होते हैं। अगर आप कम सोते हैं तो आपके लिए जंक फूड्स से दूर रहना मुश्किल हो जाता है क्योंकि इसकी वजह से आप साल्टी, शुगरी और फैटी फूड्स खाने के लिए लालायित रहते हैं। जब आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं तो आपकी शरीर आपको ज्यादा कैलोरी खाने के लिए उकसाती है जिसमे से बहुत कम कैलोरी ही ख़त्म हो पाती है। अच्छा और हेल्दी खाना आपके शरीर को बढ़िया न्यूट्रीयेंट्स देता है जिससे आप अच्छी नींद लेते हैं और स्वस्थ रहते हैं। रिसर्च में यह पाया गया है कि जो लोग पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेते हैं जोकि अंडे, मशरूम और मछलियों में पाया जाता है, उन्हें दूसरों की तुलना में 33% कम नींद की समस्या रहती है। ट्यूना और सालमन जैसी मछलियों में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड आपको अच्छी नींद देने में सहायक होत्ता है। आपकी शरीर मैग्नीशियम और पोटेशियम पर निर्भर रहती है जो आपके मसल्स को रिलैक्स करते हैं और आपको अच्छी नींद आती है। आपके द्वारा खाया जाने वाले हेल्दी पदार्थ में कैल्शियम पाया जाता है जो मेलाटोनिन हॉर्मोन बनाता है जो अच्छी नींद के लिए जरुरी होता है। जो लोग अपने खाने पीने में फाइबर ठीक मात्रा में लेते हैं या जो लोग सोने से लगभग 2 घंटे पहले स्नैक्स आदि लेते हैं उन्हें बहुत अच्छी नींद आती है। टार्ट चेरी जूस, अखरोट, अनाज से बने हुए टोस्ट, 8 औंस कम फैट वाला दूध और एक कप चामोमाइल चाय आपके लिए अच्छा स्नैक्स के ऑप्शन होते हैं। अगर आपको अच्छी नींद लेनी है जिससे आप स्वस्थ रह सकें तो आपको अपने खाने पीने की आदतों में कुछ सुधार लाना होगा क्योंकि हेल्दी खाने से आपको सारे विटामिन मिलेंगे जो आपके लिये जरुरी होते हैं।

बालों और स्‍किन के लिये कैसी होती है ग्रीन कॉफी बींस, पढ़ें

Wednesday, November 15 2017

बालों और स्‍किन के लिये कैसी होती है ग्रीन कॉफी बींस, पढ़ें

Published: Wednesday, November 15, 2017, 13:30 [IST] Subscribe to Boldsky जिस तरह से ग्रीन टी लोंगो के बीज में काफी प्रसिद्ध है, ठीक उसी तरह से ग्रीन कॉफी बींस भी काफी चलन में है। ग्रीन कॉफी बींस बिना रोस्‍ट की हुई होती हैं। वो कॉफी बींस जो रोस्‍ट की हुई होती हैं, उनमें से प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट निकल जाता है और फिर वह स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से ठीक नहीं होती। ग्रीन कॉफी को लेकर शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि सुबह-सुबह खाली पेट यानी नाश्ते से पहले ग्रीन कॉफी का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो आप आसानी से अपना वजन कम कर सकते हैं। साथ में स्‍किन और बालों के लिये भी काफी अच्‍छी मानी जाती है। अगर आपको पता चल जाए कि यह आपकी स्‍किन को कैसे सुंदर बनाती है तो आप इसे पीना तुरंत शुरु कर देंगी। ग्रीन कॉफी बीन्स में आम कॉफी के मुकाबले ज्यादा क्लोरोजेनिक एसिड होता है। कहा जाता है कि यह एसिड हेल्थ के लिये काफी अच्छा होता है। वैज्ञानिक शोधों पर गौर किया जाए तो, यह बात प्रमाणित है की ग्रीन कॉफी में कई ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर को भिन्न भिन्न तरह से लाभ पहुंचाते हुये शरीर की रोगों से रक्षा भी करते हैं। ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका बहुत ही आसान है। इसे पीने के लिए रोस्टेड कॉफी की जगह ग्रीन कॉफी बीन्स का इस्तेमाल करें, ग्रीन कॉफी बीन्स को पानी में उबालने की बजाय गरम पानी में कॉफी बीन्स को कुछ देर तक भिगो के रखें और इसे ढक दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें की पानी अत्यधिक गरम न हो इससे ग्रीन कॉफी बीन्स के लाभकारी तत्वों के नष्ट होने की संभावना रहती है। #1. गंजापन दूर करे आज कल खराब पानी और खराब लाइफस्‍टाइल की वजह से महिलाओं के बाल उम्र से पहले ही झड़ने लगे हैं। ग्रीन कॉफी बींस फीमेल बाल्‍डनेस पैटर्न को ठीक करने के लिये काफी उपयोगी मानी जाती है। यह कॉफी बींस ना केवल हेयर ग्रोथ में बढावा देता है बल्‍कि बालों को मोटा भी करता है। #2. बालों को बढाए बालों के लिये ऑक्‍सीडेंट्स बुरे माने जाते हैं क्‍योंकि यह जरुरी चीज़ों को बालों की जड़ों तक पहुंचने से रोकते हैं। ग्रीन बींस बॉडी से एंटीऑक्‍सीडेंट को निकालते हैं, जिससे बालों की ग्रोथ होती है और बाल मजबूत तथा शाइनी बनते हैं। #3. एंटी-एजिंग अगर आपकी स्‍किन में झुर्रियां हैं तो आपके लिये ग्रीन कॉफी बींस काफी अच्‍छी हो सकती हैं। यह आपके अंदरूनी अंगों को बचाती हैं जिससे आपकी स्‍किन जवान और झुर्रियों से मुक्‍त दिखती है। #4. फ्री रैडिकल्‍स से बचाव करे स्‍किन डैमेज की बड़ी वजह होती है फी रैडिकल्‍स। ग्रीन कॉफी, ग्रीन टी के मुकाबले 10 गुना तेजी से फ्री रैडिकल्‍स से लड़ने में मददगार होती है। #5. नेचुरल मॉइस्‍चराइजर का काम करे ग्रीन कॉफी में बड़ी भारी मात्रा में फैट होता है, जो कि स्‍किन सेल्‍स को मॉइस्‍चराइज़ करता है। इसके अलावा यह स्‍किन को स्‍मूथ बनाती है तथा पिगमेंटेशन से दूर रखती है। #6. चमकदार स्‍किन हम जो कुछ भी खाते हैं, हमारी स्‍किन भी वैसी ही हो जाती है। ग्रीन कॉफी शरीर को अंदर से डिटॉक्‍स करती है, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्‍लो आता है। यदि आप ग्‍लो पाने के लिये सैलून जाती हैं तो ग्रीन कॉफी अब से पीना शुरु कर दें। English summary Magical Beauty And Fitness Secrets Of Green Coffee You Might Not Know Green coffee is wonderful for your skin, hair and overall health and these facts will convince you to drink it every day. Story first published: Wednesday, November 15, 2017, 13:30 [IST] Nov 15, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

मिलिए, इन भगवान से जिन्‍हें प्रसाद में पसंद है शराब

Wednesday, November 15 2017

मिलिए, इन भगवान से जिन्‍हें प्रसाद में पसंद है शराब

» मिलिए, इन भगवान से जिन्‍हें प्रसाद में पसंद है शराब मिलिए, इन भगवान से जिन्‍हें प्रसाद में पसंद है शराब Pulse Updated: 11:57 दुनिया में कई विचित्र चीजें होती हैं। लेकिन भारत के लोग जिन अंधविश्वासों और मान्यताओं को मानते है वो तो कल्पना से ही परे है। जब अपने आराध्य भगवान को खुश करने की बात आती है तो भक्त किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसी ही एक भेंट जो भगवान को चढ़ाई जाती है वो है शराब, जी हाँ और इन देवता को भारत के शराबी भगवान कहा जाता है! इनको खुश करने के लिए लोग शराब की बोतल लाते हैं। जानिए उस मंदिर के बारे में जहां के भगवान को भक्त लोग शराब अर्पित करते हैं! ये है उज्जैन का मंदिर काल भैरव मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। यह मंदिर आराध्य देव काल भैरव को समर्पित है, जो कि नगर के रखवाले देवता है। यह मंदिर बद्रसेमन द्वारा बनाया गया था, और हिंदुओं का प्राचीन रहस्यमयी मंदिर है। भक्त यहाँ भगवान को शराब चढ़ाते हैं भक्त मंदिर में शराब लाते हैं और उन्हें ‘प्रसाद' दिया जाता है। सबसे रोचक बात है कि यहाँ के भगवान शराब पीते हैं! जब आप यहाँ विजिट करेंगे तो देखेंगे कि रोड पर लोग सार्वजनिक रूप से शराब बेच रहे हैं। भगवान के बारे में... हिन्दुत्व में भैरव को शंकर भगवान का भयानक रूप माना जाता है। काल भैरव उन 8 भैरवों में सबसे मुख्य हैं, इसलिए उनकी पूजा की जाती है। रिसर्च करने वालों को अभी तक इसका पता नहीं चला है! जो पुजारी मंदिर में काम करते हैं वे बताते हैं कि यहाँ कई अध्ययनकर्ता और वैज्ञानिक आए जिन्होने पता लगाने की कोशिश की कि यह शराब कहाँ जाती है, लेकिन उन्हें इसका कोई उत्तर नहीं मिला, यह सब आज भी रहस्य है। आपके अनुसार यहाँ क्या होता है? कमेन्ट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं।

Petition · Overhaul election process, to correct vote bank politics. Democracy in India is crippled by divide and rule tactics (VOTE BANK) · Change.org

Wednesday, November 15 2017

Petition · Overhaul election process, to correct vote bank politics. Democracy in India is crippled by divide and rule tactics (VOTE BANK) · Change.org

वोटों से ही, गर होता सही सिलेक्शन, तो IIT, IIM, AIMS, IAS, सेना में होता वोटो से ही चयन.बस MP MLA का ही हो वोटों से चयन, बंद करो पार्षद, सरपंच, मंडी अध्यक्ष चुननाPSC से हो चयन, भेजो उत्तर के कैंडिडेट को दक्षिण और पूरब के बन्दे को पश्चिम देश होगा एक और समर्रध Dear Sir, Current democracy in India is crippled by divide and rule formula. The need of the nation is to normalize, restructure, and redesign selection criteria of candidate which each political party should follow. A national committee should be formed to correct loop holes in Indian democracy. Force EC to form a committee with prominent and honest people from political parties, media, police Etc. take suggestions and come up with right selection criteria for candidates which each political party should follow. Like we have in IIT, IAS, Engineering, Medical Colleges etc. etc.. Device formula to solve hung parliament. Cannot afford to go for another election. Country should not be black-mailed because of pull and push by cunning, corrupt and crooked politicians. Only MP and MLA should be elected by voting. Ban election for Parshad, Nagar Nigam, Panchayat, Mandi etc. etc. These are nursery for goons. Instead should select talented people through PSC and sent across country. Person from North --> Should Serve South and vise/versa ; Person from West ---> Should Serve East Party should never force a PM / CM candidate to nation. Voting should decide who should be PM/CM candidate from a political party. Would very much like if following points are included by the EC i.e. 1. Party should not decide candidates for key positions. For PM and CMs candidate should go for voting and people should decide who they want their PM/CM candidate in particular party, like in US. This will also prevent breakup of political parties. 2. Person should be above 50 years and should have absolute good record. He should get moderate salary and small car, small house. Should get security only if there is threat. These positions are for service, to do credible job, so that millions of suffering people can live like humans. County is hell for millions and millions. Cores search for open ground for toilet. It is unthinkable, to search for place in open for toilet, in cold, in rain, in sickness, in fever., 3. Political parties should be limited to, 4 or 5 only. EC should force rest of parties to merge. 4. No more election for villages panchayats, mandi etc. etc. there are rampant corruption and low level politics in these elections. Instead, these should be govt. position with proper exam and interview. It seems everyone is politician in India and there is election every day. Elections are big festival in India. Good number of parties, organizations are formed by extraordinary people. Congress.... Freedom-Fighters, Netaji Subhash, Patel, Gandhi, Nehru. BJP by Shayma Prasad Mukherji, DeenDyal Uphadhya. Parties will become good when good candidates are back in, do not need any new party. People should decide PM candidate then someone can join Congress or BJP stay 5 years and come out to ask for people support. Let people decide who they want PM candidate from Congress or BJP. Party should never force a PM / CM candidate to nation. ढूंढ रहा इंसान उसे सितारों में, बसा हुआ साँसो में जो उसकी, स्वर्ग, जन्नत नहीं कही नील गगन में, निहित है सब मुझमें ही, सुन मानव माटी कहे पुकार, माटी को माना जिसने, जागा भीतर, सच्चा इंसान उसमे