Health and Fitness

पहननी है बैकलेस चोली तो ऐसे करे अपनी पीठ को गोरी

Friday, November 17 2017

पहननी है बैकलेस चोली तो ऐसे करे अपनी पीठ को गोरी

» पहननी है बैकलेस चोली तो ऐसे करे अपनी पीठ को गोरी पहननी है बैकलेस चोली तो ऐसे करे अपनी पीठ को गोरी Skin Care Updated: Friday, November 17, 2017, 11:50 वेडिंग सीजन आ चुका है, शादी में परफेक्‍ट दिखने के लिए बहुत सारी लड़कियों ने ब्‍यूटी पार्लर भी एडवांस में बुक कर लिए होंगे, चेहरे की देखभाल तो ठीक है लेकिन गर्दन और पीठ में जमी मेल और कालेपन का? अब आप वेडिंग में जाएंगी और ट्रेडिशनल ड्रेस में बैक फ्लॉन्‍ट नहीं करें ऐसा तो हो नहीं सकता है। क्‍या आप दाग धब्‍बों की वजह से शादी में बैकलेस ड्रेसेज को अवॉइड कर रही है? सूरज की गर्मी, प्रदूषण, पसीने और गंदगी की मार झेलती गर्दन और पीठ, इन सब के प्रभाव के कारण काली पड़ने लगती है। लेकिन आज हम इसी समस्‍या को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपचार बताएगें, तो जरा ध्‍यान दीजियेगा। इन घरेलू उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप बिना अधिक पैसा खर्च किये गर्दन के पीछे का कालापन दूर कर सुनहरी सुन्दर और कोमल गर्दन पा सकती है और शादी में खुलकर बैकलेस चोली और ड्रेस पहन सकती है। आइए जानिए इन साधारण घरेलू उपायों के बारे में नींबू का रस नींबू के रस में सिट्रिक एसिड होने के कारण इसे प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट माना जाता है। इसके अलावा नींबू विटामिन सी का भी बहुत अच्‍छा स्रोत है, और यह तो आप सभी जानते ही हैं कि त्वचा निखार के लिए विटामिन सी और ई सबसे उपयुक्त होता है। काली गर्दन और पीठ की समस्‍या से बचने के लिए नहाने जाने से पहले नींबू का आधा टुकड़ा लेकर और उसे धीरे-धीरे 5-10 मिनट के लिए गर्दन पर रगड़ें। आप अपनी संवेदनशील त्वचा पर नींबू रस के बराबर मात्रा में गुलाब जल मिश्रण कर रोज लगा सकते है। इसके लगातार प्रयोग से आप गर्दन का कालापन जल्द दूर कर देंगे। दही दही आपके गले के आस पास की जगह पर जमी डेड स्किन को हटाने के साथ उस पर जमें टॉक्सिन को हटाने में हेल्‍प करता है। बस आपको करना कुछ नहीं है, थोड़ा सा दही लीजिए, डार्क हुई त्‍वचा पर लगाइएं फिर कुछ समय के लिए छोड़ दीजीए। अब इसे ठंडा पानी से धो लें। बेकिंग सोड़ा बेकिंग सोडा एक बहुत ही अच्‍छा एक्‍सफॉलिएटर है जो कि मृत कोशिकाओं को हटाने में बहुत मदद करता है। बेकिंग सोडा और पानी को मिलाकर एक पेस्‍ट बनाएं। अब इसे पीठ और गर्दन के आसपास लगाएं। थोड़ी देर रखने के बाद जब ये सुख जाएं तो अब इसे गुलाब जल की मदद धीरे धीरे करके छुड़ा दें। ओट्स स्‍क्रब ओट्स स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ त्‍वचा के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। ओट्स स्क्रब की मदद से डेड स्किन सेल्स को हटा सकते हैं और उस हिस्से के कालेपन को कम कर सकते हैं। इस स्‍क्रब को बनाने के लिए तीन-चार चम्मच ओटस लेकर इसे अच्छे से पीस लें। अब इसमें दो चम्मच टमाटर का गूदा मिलकर अच्छे से मिक्स कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि आप ओट को पाउडर ज्‍यादा बारीक न पीसें। इससे इसका एक्सफोलिएटिंग गुण खत्म हो जाएगा। इस मिश्रण को गले की त्वचा पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद अपनी उंगली को गीला करके आराम से स्क्रब और फिर ठंडे पानी से धो लें। अच्छे परिणाम के लिए हफ्ते में कम से कम दो-तीन बार ऐसा करें। आलू के रस का कमाल आलू प्राकृतिक रूप से त्वचा को निखारने और उसमें सफेदी लाने के लिए जाना जाता है। आलू में केटाकोलिस नामक एंजाइम होता है जो त्वचा को ठंडक देकर जल्द से जल्द काले धब्बों को दूर करने में मदद करता है। गर्दन और पीठ के कालेपन को दूर करने के लिए नियमित रूप से नहाने से पहले 10 मिनट तक गर्दन के सभी भाग पर आलू का रस रगड़े। अगर आप आलू के रस के साथ नींबू के रस को मिलाते है तो आप गर्दन से काले निशान बहुत जल्द राहत पा सकते हैं। केले का पैक केला स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है पर केले और जैतून का मिलन आपको चमकती त्वचा प्रदान कर सकता है क्योंकि दोनों में एंटीऑक्सीडेंट गुण उच्च मात्रा में होते है। इनके नियमित इस्तेमाल से काली गर्दन को गोरा किया जा सकता है। समस्‍या को दूर करने के लिए एक ज्‍यादा पका केला लेकर उसका पेस्ट बना लें और इस पेस्‍ट में कुछ बूंदे जैतून तेल मिलाकर इसे अपनी गर्दन पर 10 मिनट के लिये लगा लें। 10 मिनट के बाद अपनी गर्दन को धोकर पानी को थपथपाते हुए सुखा लें। गले की त्वचा में निखार लाने के लिए इस पैक को हफ्ते में दो बार लगाएं। त्‍वचा को पोषण दें अखरोट अखरोट में मौजूद विटामिन और मिनरल त्‍वचा को पोषण प्रदान करते हैं। साथ ही त्‍वचा को मॉश्‍चराइज रखने में मदद करता है, जो स्‍वस्‍थ त्‍वचा के लिए आवश्‍यक होता है। गर्दन के कालेपन को दूर करने के लिए अखरोट और दही से बना स्‍क्रब बहुत प्रभावी होता है। अखरोट को दही में पीसकर उसका मोटी पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को गर्दन और पीठ के कालेपन वाले हिस्‍से में लगाकर कुछ मिनट के लिए त्‍वचा को धीरे-धीरे स्‍क्रब करके सुखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद इसे ठंडे पानी या गुलाब जल के उपयोग से धो लें। कुछ हफ्तों के नियमित इस्‍तेमाल से गर्दन का कालापन दूर होने लगता है। खीरा खीरा आपके गले के पास और पीठ में जमी मेल को निकालता है जिसकी वजह से आपकी पीठ गोरी और उजली नजर आती है। बस आपको करना इतना सा है, खीरे को छीलकर इससे रस निकाल लें। इसे पीठ पर लगा लें, अब इसे आराम से रगड़े और इसे शरीर को अवशोषित करने दें। 15 मिनट के बाद ठंडे या गुनगुने पानी से धो लें। English summary Home Remedies For Dark Neck and Back if you are looking to treat the problem of dark skin and back at home, then here are DIY home remedies.

गंजापन और सफेद बालों का अचूक इलाज है कलौंजी

Friday, November 17 2017

गंजापन और सफेद बालों का अचूक इलाज है कलौंजी

Published: Friday, November 17, 2017, 13:00 कलौंजी को काला बीज, काला केरावे और काले प्याज का बीज भी कहते हैं। अधिकतर लोग इसे प्याज का बीज ही समझते हैं क्योंकि इसके बीज प्याज जैसे ही दिखते हैं। इसका स्वाद हल्का कड़वा व तीखा और गंध तेज होती है। इसका प्रयोग विभिन्न व्यंजनों नान, ब्रेड, केक और आचारों में किया जाता है।कलौंजी लगभग हर घर में पाई जाती है इसलिये आप इसे आराम से अपनी सुंदरता निखारने के लिये यूज़ कर सकती हैं। क्‍या आप जानती हैं कि कलौंजी का बीज या फिर उसका तेल हमारे बालों को काला करने तथा गंजापन दूर करने में बड़ा काम आता है। यदि आपके बाल असमय सफेद हो रहे हैं या फिर तेजी से झड़ रहे हैं, तो आप कलौंजी का पेस्‍ट किसी अन्‍य प्राकृतिक सामग्री के साथ मिला कर लगा सकती हैं। कलौंजी बालों की ग्रोथ बढाने तथा उन्‍हें मजबूत करने के लिये जाना जाता है। यक एक प्राकृतिक मॉइस्‍चराइजर की तरह काम करता है और रूखेपन को मिटाता है। साथ ही बालों का झड़ना रोकता है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ नुस्‍खे बताने वाले हैं, जिसको आजमा कर आप अपने बालों को घना, मजबूत, काला और झड़ने से बचा सकती हैं। #1. कलौंजी के तेल को सीधे लगाएं तेल में काफी सारे अच्‍छे गुण होते हैं। कलौंजी बालों की ग्रोथ बढाने तथा उन्‍हें मजबूत करने के लिये जाना जाता है। यक एक प्राकृतिक मॉइस्‍चराइजर की तरह काम करता है और रूखेपन को मिटाता है। साथ ही बालों का झड़ना रोकता है। विधि- सबसे पहले अपनी हथेलियों पर कलौंजी का तेल लें और उससे जहां कहीं भी गंजापन है वहां पर लगा कर 15 मिनट तक मसाज करें। फिर इसे आधे घंटे के लिये लगा छोड़ दें और बाद में सिर को धो लें। इसको रेगुलरी लगाने से बालों का झड़ना कम हो जाएगा। #2. एप्‍पल साइडर वेनिगर और कलौंजी तेल एप्‍पल साइडर वेनिगर वैस ही इतना ताकतवर होता है और जब उसमें कलौंजी मिला दी जाती है तो यह और भी ज्‍यादा असरदार बन जाता है। विधि - कलौजी को सबसे पहले उबाल लें और फिर इसे ठंडा कर के छान लें। फिर उसमें वेनिगर मिलाएं और उससे अपने बालों को धोएं। इसके दूसरे दिन अपने बालों को किसी शैंपू से धो लें। ऐसा कम से कम एक महीने तक करें और रिजल्‍ट देंखे। #3. ऑलिव ऑइल और कलौंजी इन दोंनो ही तेलों में एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जिससे नहीं झड़ते। यह तेल बालों की जड़ों में समा जाता है और समस्‍या को ठीक करता है। विधि - सबसे पहले जैतून तेल और कलौंजी के तेल को मिक्‍स कर के हल्‍का गरम कर लें और फिर प्रभ‍ावित स्‍थान पर लगाएं। रेगुलर यूज़ करने के बाद आप पाएंग कि आपके बाल काफी मजबूत हो गए हैं। #4. हिना और कलौंजी पेस्‍ट हिना का बालों के लिये काफी ज्‍यादा बेनिफिट है। अगर दोनो चीजों को मिला दी जा तो यह काफी असरदार हो जाता है और स्‍कैल्‍प को पोषण पहुंचाता है। विधि - कलौंजी को पीस कर हिना पावडर में मिला कर पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को बालों में हेयर मास्‍क की तरह लगाएं। फिर इसे आधे घंटे के लिये सिर पर लगा कर छोड़ दें और सिर पर शावर कैप पहन लें। उसके बाद सिर को सादे पानी से धो लें और बालों को सुखा लें। इस नुस्‍खे को हफ्ते में दो बार करें और फायदा उठाएं। #5. नारियल तेल और कलौंजी नारियल तेल और कलौंजी में एंटीफंगल और नरिशिंग गुण होते हैं जो कि बालों की ग्रोथ बढाने में मददगार होते हैं। विधि - सबसे पहले 1 चम्‍मच कलौंजी को पीस लें और उसमें नारियल तेल मिक्‍स करें। आप चाहें तो इसमें शहद भी मिक्‍स कर सकते हैं। अब इस मिश्रण को अपने सिर पर पूरी तरह से लगाएं। सिर को गरम पानी में भिगोई हुई तौलिये ये रैप कर लें और 20 मिनट के लिये छोड़ दें। 30 मिनट के बाद सिर को धो लें। इस विधि को हर हफ्ते करें। इससे गंजापन तो जाएगा ही साथ में बाल भी मुलायम बनेंगे। #6. नींबू का जूस और कलौंजी सबसे पहले अपने सिर पर नींबू रगड़ लें और सिर को धो लें। उसके बाद सिर पर कलौंजी का तेल लगाएं। इससे आपके हेयर लॉस की समस्‍या दूर होगी क्‍योंकि कलौंजी में ऑक्‍सीडेंट्स होते हैं जो कि बालों को झड़ने से रोकते हैं। इससे बाल मोटे भी होते हैं और टूटते भी नहीं। विधि - गंजी खोपड़ी पर नींबू का जूस लगाएं और 15 मिनट तक लगे छोड़ दें। फिर शैंपू से सिर को धो लें। जब सिर सूख जाए तब उस पर कलौंजी का तेल लगाएं। English summary 6 Significant Ways You Can Use Black Cumin (Kalonji) To Cure Baldness Let’s see how the tiny, but immensely powerful Kalonji seeds work significantly and as an all-natural remedy to battle baldness and reverse hair loss. Story first published: Friday, November 17, 2017, 13:00 [IST] Nov 17, 2017 कीअन्यखबरें

अच्छी फिटनेस पाना है तो जिम से जुड़ी ये गलत आदतें आज से ही कर दे बंद

Friday, November 17 2017

अच्छी फिटनेस पाना है तो जिम से जुड़ी ये गलत आदतें आज से ही कर दे बंद

डाइट-फिटनेस » अच्छी फिटनेस पाना है तो जिम से जुड़ी ये गलत आदतें आज से ही कर दे बंद अच्छी फिटनेस पाना है तो जिम से जुड़ी ये गलत आदतें आज से ही कर दे बंद Diet Fitness Published: 9:00 हर आदमी अपनी स्लिम और फिट बॉडी चाहता है और उसके लिए लोग एक्सरसाइज और जिम में जाकर खूब मेहनत करते हैं. लेकिन जिम करते समय लोग अपनी फिटनेस को लेकर कुछ ऐसी चीजें कर जाते हैं जो कि उन्हें नहीं करना चाहिए. आप इस आर्टिकल को पढ़ें इसमें हम आपके द्वारा जिम में की जाने वाली कुछ गलत आदतों के बारे में बताने जा रहें हैं. गलत आदत # 1: आप कई घंटो तक जिम करते हैं और आपको लगता है इससे आपको बहुत ज्यादा फायदा होने वाला है तो आपक ये गलत लगता है क्योंकि डेढ़ घंटे तक हलकी एक्सरसाइज करने से आपका वजन कम होने वाला नहीं है, कम से कम अगले कुछ महीनों तक तो नहीं.इसलिए आपको कितने घंटे एक्सरसाइज करना है इस्पे ध्यान नहीं देना है, आपको असरदार एक्सरसाइज पर ध्यान देना है. इसके लिए अगर आप सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज ही करते हैं तो इसे आप डेढ़ घंटे करें और घर जायें. ज्यादा कार्डियो एक्सरसाइज करना ठीक नहीं होता है. ऐसे ही अगर आप वेट लिफ्टिंग करते हैं तो एक दिनमे केवल अपने ख़ास मसल्स पर ही ध्यान दें ये सही तरीका होता है और बाकी अगले दिन के लिए छोड़ दें. गलत आदत # 2: आप वेटिंग स्केल पर अपना वजन तो देख सकते हैं लेकिन आपका फैट कितना कम हुआ इसे नहीं नाप सकते हैं। वेटिंग मशीन आपके फैट के बढ़ने या घटने का हिसाब नहीं बताती है बल्कि यह हड्डियां, मांसपेशियां, आर्गन और ब्लड सहित आपके पूरे शरीर का वजन बताती है। इसलिए अगर आप खराब कार्बोहाइड्रेट और नमक खाते हैं तो आपका वजन बढ़ सकता है। क्योंकि कार्बोहाइड्रेट और नमक शरीर के वाटर कंटेंट को बढ़ाते हैं जो आपके शरीर के पूरे वजन में काफी योगदान देता है। इसलिए अगर आपका उद्देश्य मांसपेशियां मजबूत करना और फैट कम करना है तो आपको बार-बार अपना वजन चेक करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय आप वर्कआउट शुरू करने से पहले अपना ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं और तीन महीने के वर्कआउट के बाद आपको खुद ही अपने शरीर में फर्क दिखने लगेगा। गलत आदत # 3: जिस तरह से जीवन में आगे बढ़ने के लिए पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना पड़ता है ठीक उसी तरह वर्क आउट से पहले आपको अपना गोल सेट करना पड़ेगा। अगर आप वास्तव में वजन कम करना चाहते हैं तो यह न सोचें कि आपको फिट रहने के लिए वर्कआउट करना है। इसके बजाय आप यह सोचें कि आपको 90 दिन में कम से कम 10 किलो वजन कम करना है। इसके अलावा आपको यह भी प्रण करना पड़ेगा कि आप हफ्ते में पांच दिन हाई इंटेन्सिटी कार्डियो और वेट ट्रेनिंग को कम से कम 20 मिनट तक करेंगे। तीन महीने पूरा होने तक आपको अपना लक्ष्य हर हाल में हासिल कर लेना है। जब आप ऐसे गोल सेट करके वर्कआउट करेंगे तो आपका वजन जल्दी ही कम हो जाएगा। गलत आदत # 4 : सामान्य वजन होने के बावजूद आप इसे कम करना चाहते हैं और कोई ऐसा व्यक्ति जो वजन घटाने के लिए ट्रेडमिल कर रहा है आप उससे आगे निकल जाते हैं तो वाकई में आपको रूक जाना चाहिए। क्योंकि दौड़ना या टहटना आपके लिए काफी आसान हो सकता है लेकिन एक मोटे व्यक्ति के लिए आपसे पांच गुना कठिन हो सकता है। वेटिंग ट्रेनिंग पर भी यही बात लागू होती है। अगर आपका वजन नहीं बढ़ा है तो आपको सामान्य एक्सरसाइज की जरूरत होती है। गलत आदत # 5: चाहे आप कार्डियो करें, वेट लिफ्टिंग या वजन कम करने की सामान्य सी एक्सरसाइज। आप एक्सरसाइज के बीच में सांस लेते रहें। यह बहुत जरूरी है क्योंकि आक्सीजन की कमी होने पर लैक्टिक एसिड अधिक बनता है और बाद में मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। इसकी वजह से आप बेहोश भी हो सकते हैं। इसलिए वर्कआउट के दौरान बीच-बीच में सांस लेते और छोड़ते रहें। गलत आदत # 6: यदि आपको यह मालूम नहीं है कि आपको कितना वर्कआउट करना है और वेट ट्रेनिंग के पहले ही दिन आपको कोई डंबल बेल का डबल सेट करने के लिए चैलेंज करता है तो आप क्या करेंगे? आप अन्य लोगों की तरह इस चैलेंज को स्वीकार कर लेगें और बाद में कंधे में समस्या होने पर डॉक्टर के पास जाने की नौबत आने पर पश्चाताप करेंगे। दूसरों की नकल न करें। आपके शरीर को जितना जरूरत है उतना ही वर्कआउट करें। अगर आपने अभी शुरूआत की है तो पहले सबसे आसान वर्कआउट करें। इससे आप किसी तरह की चोट से बच जाएंगे और आपको वर्कआउट का फायदा भी होगा। गलत आदत # 7: क्या आप सिर्फ आइसोलेशन एक्सरसाइज करते हैं। आइसोलेशन एक्सरसाइज एक वेट ट्रेनिंग रूटीन है जो आपके शरीर के विशेष मांसपेशियों पर फोकस करता है। जैसे ग्लूटेस, बाईसेप्स या पेक्टोरल। केवल बॉडी बिल्डर्स को ही ऐसी एक्सरसाइज का लाभ मिलता है। इसलिए आइसोलेशन एक्सरसाइज की बजाय स्क्वेट और पुशअप पर ज्यादा फोकस करें जो कि एक ही समय में कई मांसपेशियों को एक्टिव करता है और आपके शरीर का फैट तेजी से कम होता है। गलत आदत # 8: यदि आप सोचते हैं कि आप सिर्फ क्रंचेज करके ही अपना एब्स बना लेंगे तो यह आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। आपने देखा होगा की जिम में लोग रोजाना सैकड़ों क्रंचेज करते हैं ताकि उनका 6-पैक दिखने लगे। लेकिन सिर्फ क्रंचेज से ही एब्स नहीं बनते हैं। इसके पीछे तीन मुख्य कारण है। पहला यह कि क्रंचेज करने से ऊपर के दो एब्स को ही फायदा होता है। पेट की पूरी मांसपेशियों पर इसका असर नहीं पड़ता है। इसलिए अगर आप 6-पैक बनाना चाहते हैं तो आपको क्रंचेज के साथ पेट के मांसपेशियों की भी एक्सरसाइज करनी पड़ेगी। दूसरा यह कि एब्स बनाना कोई आसान काम नहीं है। यही वजह है कि सिर्फ सौ क्रंचेज से ही कोई फायदा नहीं होता है। एब्स दिखने के लिए आपको लंबे समय तक अच्छी तरह से एब्डॉमिनल एक्सरसाइज करने की जरूरत पड़ती है। तीसरा यह कि आप चाहे कितना भी कोशिश कर लें जब तक आपके एब्स के ऊपर जमा फैट पूरी तरह से खत्म नहीं होगा तब तक आप अपना 6 या 8 पैक एब्स नहीं देख पाएंगे। शरीर पर फैट कम रहे इसका बस एक ही उपाय है कि आप फैट रहित भोजन करें। गलत आदत # 9: क्या आप ग्लूटिएल एक्सरसाइज करके पछता रहे हैं? या पेट की फैट कम करने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं या हाथों को फैलाने पर जो वसा दिखती है उसे कम करना चाहते हैं। तो आपके लिए बुरी खबर है। इन जगहों पर ध्यान केंद्रित करने से आपका फैट कम नहीं होने वाला है। आपके शरीर के भीतर की जटिल प्रक्रियाओं और उसकी आवश्यकता अनुसार शरीर के अलग-अलग भागों में उतना फैट जाता है। इसलिए शरीर के किसी विशेष हिस्से पर ही ध्यान केंद्रित करने से फैट कम नहीं होता है। इसलिए सबसे बेहतर उपाय यह है कि आप कई महीनों तक ऐसा वर्कआउट करें जिससे की पूरे शरीर का फैट एकसाथ कम हो सके। गलत आदत # 10: क्या आप अपने शरीर के स्ट्रेस के लक्षणों की अनदेखी करते हैं? समाज भी उन्हीं लोगों को ज्यादा सम्मान देता है जो कठिन परिस्थितियों से निपटना जानते हैं। इस तरह का एटीट्यूड ऐसी परिस्थियों में काफी काम आता है। लेकिन इस बात को जिम पर लागू नहीं किया जा सकता। ऐसे व्यक्ति को मूर्ख ही कहेंगे जो शरीर जवाब देने के बाद भी एक्सरसाइज करना बंद नहीं करता है। अधिक जिम करने से थकान होती है जिससे हृदय की गति बढ़ जाती है, मांसपेशियों में दर्द होने लगता है और पूरे दिन भूख लगती रहती है और इनसे निपटना मुश्किल हो जाता है।

जानिए कब पीना चाहिए पानी जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा मिल सके

Friday, November 17 2017

जानिए कब पीना चाहिए पानी जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा मिल सके

Updated: 10:07 पानी पीने के कितने फायदें है, इसके बारे में तो हम सब जानते है, लेकिन शरीर को कितने पर्याप्‍त मात्रा में पानी चाहिए इसके बारे में मालूम होना चाह‍िए। रोज़ाना कम से कम आठ गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है लेकिन पानी पीने का सही वक्‍त क्‍या है, ये कोई नहीं जानता। तो चलिए जानते हैं कि किस समय पानी पीने से शरीर को उसका सबसे ज्‍यादा फायदा मिलता है और इसके दुष्‍प्रभाव से बचने के लिए कब पानी नहीं पीना चाहिए। जब सोकर उठें सुबह उठकर एक गिलास पानी पीने से शरीर के अंदरूनी हिस्‍से क्रियाशाील बनते हैं। नाश्‍ते से पहले पानी पीने से शरीर के सभी विषाक्‍त पदार्थ निकल जाते हैं। खाने से पहले पाचन को दुरुस्‍त करने के निए खाने से आधा घंटा पहले एक गिलास पानी पीएं। खाने के बाद खाने के एकदम बाद और पहले पानी ना पीएं। ऐसा करने से शरीर के आवश्‍यक रस नष्‍ट हो जाते हैं और शरीर आवश्‍यक पोषण को सोख नहीं पाता है। नहाने से पहले नहाने से पहले एक गिलास पानी पीने से रक्‍तचाप का स्‍तर कम रहता है। सोने से पहले सोने से पहले पानी पीने से रात के समय शरीर में होने वाले पानी के नुकसान की भरपाई की जा सकती है। English summary Know The Best Time For Having Water To Maximize The Benefits For Your Body Harms Of Drinking Water Immediately After A Meal. Know The Best Time For Having Water To Maximize The Benefits For Your Body. Please Wait while comments are loading...

लौंग के पानी से सिर्फ 10 दिनों में मोटापा गायब

Friday, November 17 2017

लौंग के पानी से सिर्फ 10 दिनों में मोटापा गायब

Published: 10:07 लौंग की तासीर गर्म होती है। इसलिए सर्दी-जुकाम होने पर लौंग खाएं या इसकी चाय बनाकर पीना फायदेमंद है। अगर आप लौंग के तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे नारियल तेल के साथ मिलाकर उपयोग करें ताकि इसकी गर्म तासीर से सेहत को नुकसान न हो। यही नहीं लैंग का प्रयोग खाने में भी खूब होता है। इसमें पाए जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट स्वस्थ त्वचा और शरीर् को तंदुरुस्त रखने में बहुत कारगर होते हैं। लौंग के तेल में मिनरल्स जैसे पोटेशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, आयरन, विटामिन ए, और विटामिन सी अत्यधिक मात्रा में होते हैं। लौंग एक मात्र मसाला है जो खाने में खुश्बू के लिए इस्तेमाल होता है फिर चाहे वह पुलाव हो या बिरयानी। इसके साथ यह वजन घटने में भी मदद करती है। लौंग में एंटी कोलेस्टेरामाइन और एंटी-लिपिड गुण होते हैं जिससे कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज का स्तर बना रहता है। इसे खाने से प्लाज़मा का स्तर कम रहता है। लौंग खाने से पाचन संबंधी समस्‍याओं से निजात मिलती है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है। साथ ही लौंग खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं। भोजन में प्रतिदिन दो लौंग का खाने से हाजमा और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता हैं। पाचन तंत्र ठीक रहने से वजन को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है। चलिए जानते हैं इसे खाने से कैसे घटता है वजन। मसाले लौंग की तरह ही काली मिर्च, दालचीनी और जीरा भी वजन घटने में बहुत मददगार होते हैं। इन सब को मिला कर खाने से पाचन तंत्र और चयापचय दुरुस्त रहता है और शरीर में फैट जमा नहीं हो पाता है। यही नहीं इससे ब्लड शुगर का स्तर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है। सामग्री: 50 ग्राम - लौंग 50 ग्राम - दालचीनी 50 ग्राम - जीरा बनाने की विधि: इन तीनो को गर्म पैन में अच्छे से भून लें। फिर इसे ठंडा करके ग्राइंडर में पीस लें। इसे एयर टाइट कंटेनर में हफ्ते भर रखें। एक गिलास पानी में 1 बड़ा चम्मच इस मिश्रण का डाले और अच्छे से उबाल लें। फिर इसे ठंडा करके छान लें और इसमें शहद मिलाएं। अब इसे रोज़ सुबह खाली पेट पीएं। लौंग के कुछ और फायदे लौंग सिर्फ वजन ही नहीं घटता है बल्कि इसके और भी फायदे हैं। खांसी और बदबूदार सांसों के इलाज के लिए लौंग बहुत कारगर है। लौंग का नियमित इस्तेमाल इन समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। आप लौंग को अपने खाने में या फिर ऐसे ही सौंफ के साथ खा सकते हैं। लौंग को आप तुलसी, पुदीना और इलायची के साथ इस्तेमाल करके खुशबुदार चाय बना सकते हैं और चाहें तो यही मिक्स आप शहद के साथ इस्तेमाल करके भी स्ट्रेस से छुटकारा पा सकते हैं। अगर आप त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे मुंहासों, ब्लैकहेड्स,और व्हाइट हेड्स से परेशान हैं तो उपाय लौंग के तेल में छुपा हुआ है। आपको इसको अपने फेसपैक में मिलाकर इस्तेमाल करें क्योंकि यह काफी गर्म होता है और इसको सीधे त्वचा पर नहीं लगाया जा सकता है। English summary This Secret And Magical Drink Using Clove Helps You Lose Weight Quickly There is one secret that you don't know about clove, yet. It can help you to shed pounds in a week. Yes, clove is one of the spices that can help you to tone down. How does it work? Story first published: 10:07 [IST] Nov 17, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

तुसली के बीज से कम करें वजन, इतनी समस्याओं से भी मिलती है राहत

Friday, November 17 2017

तुसली के बीज से कम करें वजन, इतनी समस्याओं से भी मिलती है राहत

Updated: 10:38 Tulsi (तुलसी) and its Health Benefits |असाध्य बीमारियों की काट है तुलसी | Boldsky अंग्रेजी दवाओं ने लोगों को अपनी आदत बनाने पर मजबूर कर दिया है। लोगो जड़ी बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन बहुत कम करते है। आपको बता दें कि हमारे घर के आस पास भी कई ऐसी चीजें है जो आपको काफी फायदा पहुंचा सकती है। दुनिया में बहुत कम लोगों को तुलसी के इस्तेमाल, पोषण तत्व एवं औषधीय गुण के बारे में पता होगा। अगर आपको तुलसी या सब्जा सीड्स के बारे में सही तरीके से जानना हो तो अपने दादी या नानी के सामने इसका जिक्र करें। मुझे इसके फायदे के बारे में तब पता चला जब में सब्जा सीड्स का लेमोनेड ड्रिंक पिया था। मैं सोच भी नहीं सकता था ड्रिंक के रसीले एवम स्वादिष्ट के बारे में। टहलते हुए करें ये प्राणायाम, ये 10 समस्याएं रहेंगी कोसों दूर यह सिर्फ आपके सेहत के लिए ही ठीक नहीं है बल्कि इसके कुछ आश्चर्यचकित लाभ बालों, त्वचा एवं वजन घटाने में भी देखा जा सकता है। आइए जानते है तुसली के बीजों के इन लाभों के बारे में... इस बीज में फाइबर होता है आपको बता दें कि तुलसी के बीज में फाइबर की मात्रा काफी होती है। जो स्वास्थ के लिए अच्छा होता है। कई आश्चर्यचकित फायदे के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल फालूदा, शर्बत, मिल्क शेक और अन्य लोकप्रिय स्वास्थ्य पेय बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल आपको सुरक्षित रखता है। डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां वजन कम होता है तुलसी के बीज का इस्तेमाल करके आप अपना वजन कम कर सकते है। यह फाइबर से भरा है और पानी में भींगने के बाद इसका आकार 30 गुना अधिक विस्तार होता है। यह आपके पेट को भरेपन का एह्सास दिलाता है। इसका इस्तेमाल करें और अपना वजन घटाएं। ये एक असरदार औषधि है। बालों के लिए फायदेमंद होता है तुलसी के इस्तेमाल से कई तरह की समस्या खत्म हो जाती है। इसलिए लोग अमूमन कई कामों इसका प्रयोग करते है। सीड्स बालों के लिए: इसमें विटामिन, प्रोटीन और आयरन की पर्याप्त मात्रा पाया जाता हैं। यह पोषक तत्व बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाने के लिए सहायक है। इससे आपके बालों संबंधी कई समस्याएं नहीं होती है। तुलसी के सीड्स त्वचा के लिए त्वचा से संबंधित कई समस्याओं से आपको तुलसी के बीज बताते है। इसके लिए आपको सबसे पहले नारियल तेल पीसा हुआ तुलसी का बीज 1चम्मच ले। इस मिश्रण को 5 मिनट तक गर्म करें, छान ले और अपने त्वचा पर लगाएँ। ये आपको कई बीमारियों से बचाता है। एसिडिटी से आराम पेट के लिए भी तुलसी के बीज काफी फायदेमंद होते है। इनके इस्तेमाल से आपके पेट में ठंडक रहती है। पेट से ये एसिडिटी को कम करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। इसके लिए आपको सबसे पहले दूध 1 कप और तुलसी के बीज 1चम्मच लें। अब इसको अच्छी तरह मिलाएं और पियें। आपको आराम मिल जाएगी। डायबिटीज इसका इस्तेमाल करने से आपको शुगर में आराम मिलता है। ये आपके लिए काफी फायदेमंद है। तुलसी का बीज रक्त में शुगर को कम करके डायबिटीज टाइप 2 के इलाज में फायेदमंद है। इसके लिए आपको भींगा हुआ तुलसी का बीज 1चम्मच, टोंड दूध 1 ग्लास और वेनिला को लें और दिन में एक बार इसका सेवन करें। कब्ज से छुटकारा दिलाता है अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है तो आपको इससे आराम मिलता है। जब बीज पेट को अच्छी तरह साफ़ करने में मदद करता है। यह सिर्फ आसानी से मल ही नहीं त्यागता बल्कि पेट से विष बाहर निकलवाने में मदद करता है। ठंडा के रूप में इस्तेमाल अगर आपको गर्मी लगती है तो आप इसके पेय के तौर पर इस्तेमाल कर सकते है। अगर शरीर से गर्मी को कम करना हो तो इसका इस्तेमाल करें। यह विभिन्न प्रकार के ड्रिंक् जैसे फालूदा, रूह अफज़ा, नींबू पानी और शर्बत के रूप में उपयोग किया जाता है। तुलसी बीज का पोषण तत्व आपको इसका इस्तेमाल करना चाहिए। ये आपके लिए काफी फायदेमंद है। प्रोटीन के साथ साथ कई विटामिन पाए जाते है। इसके इस्तेमाल से आपको पोषण मिलता है। English summary Surprising Health Benefits of Sabja Seeds English drugs have forced people to make their habit. The logo consumes herbs and Ayurvedic medicines very little. Let us tell you there are many things around our house that can benefit you a lot. Please Wait while comments are loading...

अगर आपको भूख नहीं लगती है तो ये घरेलू उपाय खोल देगे आपकी भूख

Friday, November 17 2017

अगर आपको भूख नहीं लगती है तो ये घरेलू उपाय खोल देगे आपकी भूख

Updated: 12:58 आपको स्वस्थ रहने के लिए समय से खाना खाना बहुत जरूरी है। आजकल की जो सबसे बड़ी समस्या है वो जल्दी भूख ना लगना जिस कारण से कई लोग परेशान रहते है। भूख न लगना, आमतौर पर अस्‍थायी और प्रतिवर्ती होता है। यह अक्‍सर चिंता, तनाव और अवसाद जैसी मनोवैज्ञ‍ानिक कारणों के साथ जुड़ा हुआ होता है। इसके अलावा कई मेडिकल समस्‍याएं जैसे बैक्‍टीरियल संक्रमण, हाइपोथायरायडिज्‍म, लीवर की समस्‍याओं, हैपेटाइटिस, किडनी और हार्ट फैल्‍योर, डिमेंशिया आदि भी भूख में कमी का कारण होती है। कुछ दवाएं भी इस समस्या के लिए योगदान कर सकती हैं। भूख कम होने से शरीर को पर्याप्त व जरूरी आहार नहीं मिल पाता, जिसके कारण अन्य रोग होने की आशंका भी बढ़ जाती है। अगर आपको भी ऐसी समस्या है तो आपको चिंता करने के आवश्यकता नहीं है। आपको आज बताएंगे कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में जिससे आपको भूख लगने लगेगी और आप स्वस्थ रहोगे। त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल करें अगर आपको भूख नहीं लगती है और आपको कब्ज की समस्या रहती है तो आपको इसके लिए त्रिफला के चूर्ण का इस्तेमाल करना चाहिए। इसको सेवन करने के लिए आपको हल्के गर्म दूध मे इसको मिलाकर सेवन करने से आपके कब्ज की समस्या दूर होती है और आपको भूख भी लगने लगती है। डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां अदरक का प्रयोग आपको अगर भूख नहीं लगती है तो आपको इसके लिए अदरक का सेवन करना चाहिए। इसके लिए आपको खाना खाने से पहले आपको नमक के साथ अदरक का सेवन करना है। इससे आपकी भूख खुल जाएगी। ग्रीन टी का सेवन आप अगर ग्रीन टी नही पीते है तो आज ही पीना शुरु कर दीजिए क्योंकि इससे आपकी कई समस्याएं खत्म हो जाती है और आपको समय पर भूख भी लगती है। दूध के साथ बनी चाय भारी होती है इसलिए इसका सेवन ना करें। पानी पीने के फायदे आपको पानी पीने के अगर फायदे नहीं पता है तो जा लीजिए कि आपको गिरी से गिरी हालत में दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। अगर आप किसी तांबे के बर्तन में रात में पानी भरकर रख दें और सुबह इसका सेवन करें तो ये आपको लिए फायदेमंद है। आजवायन खाएं आपको बता दें कि आपके लिए आजवायन का सेवन काफी महत्वपूर्ण है। इसके सेवन से आपका पेट एक दम साफ रहता है। इससे आपकी भूख भी बढ़ती है। इसका सेवन आपके लिए अच्छा होता है। आपको हर दिन खाना खाने से लगभग आधा घंटा पहले इसका सेवन करना है। नमक अगर आप लस्सी या छाछ में प्रतिदिन सफेद नमक और काला नमक मिलाकर इसका सेवन करोगे तो ये आपकी भूख को बढ़ाएगा। इससे आपका पेट भी सही रहता है। आपको रोजाना इसका सेवन करना चाहिए। अकेले ना खाएं खाना आपको बता दें कि अकेले बैठकर भोजन करने से भूख कम लगती है। इसलिए आपको कोशिश करना चाहिए की आप किसी के साथ बैठकर भोजन करें। इससे आपको भूख भी ज्यादा लगेगी और आप पर्याप्त खाना भी खा सकते है। काले नमक का इस्तेमाल आप चाहे तो थोड़ी थोड़ी देर में काले नमक का इस्तेमाल कर सकते है। ऐसा करने से आपको भूख लगनी शुरु हो जाएगी। और आपका पेट भी सही रहेगा। टमाटर का प्रयोग आप चाहे तो टमाटर भी खा सकते है। आपको एक बात का विशेष ध्यान रखना है कि आपको पूरी तरह से पका हुआ ही टमाटर खाना है। ये आपके अच्छा है। ध्यान रहे कि आपको तली हुई चीजों का सेवन नहीं करना है। आप उन सब्जियों को कच्चा खा सकते है जो खाई जा सकती है। ऐसे तैयार करें मिश्रण आपको बता दें कि आपके भूख को खोलने के लिए आपको इमली, लौंग, दालचीनी और काली मिर्च मिलाएं और इसका सेवन करें। इससे आपको पेट में काफी आराम मिलेगा और आपकी भूख भी बढ़ेगी। English summary 10 Home remedies to increase appetite in children and adults It is very important to have time to eat healthy. The biggest problem nowadays, do not get hungry early due to which many people are upset. Loss of appetite is usually temporary and reversible. Please Wait while comments are loading...

काली चाय पीने के ये 18 फायदे... पिएंगे तो खुद जान जाएंगे

Friday, November 17 2017

काली चाय पीने के ये 18 फायदे... पिएंगे तो खुद जान जाएंगे

डाइट-फिटनेस » काली चाय पीने के ये 18 फायदे... पिएंगे तो खुद जान जाएंगे काली चाय पीने के ये 18 फायदे... पिएंगे तो खुद जान जाएंगे Diet Fitness Published: 15:31 चाय महज नींद भगाने या ताजगी लाने के लिए ही नहीं है बल्कि अगर चाय को सही तरीके से पिया जाए तो उसके कई हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। चाय को बगैर दूध मिलाए (ब्लैक टी) पीने पर उसमें मौजूद फायटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लोराइड्स, टेनिन्स जैसे तत्व हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। कोशिश करें कि इसमें शक्कर न मिलाएं या कम मिलाएं। यह हृदय की बीमारी, दस्त, पाचन समस्याओं, उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह और अस्थमा बीमारियों से लड़ने में भी मदद करती है। चलिए जानते हैं इसके फायदे। 1. हृदय के लिए फायदेमंद जी हाँ ब्लैक टी आपके दिल के लिए बेहद फायदेमंद है। रोजाना एक कप ब्लैक टी पीना दिल की सेहत को बनाए रखने में आपकी मदद करेगा। इसमें मौजूद फ्लेवेनॉयड्स एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इसके अलावा ब्लैक टी का प्रयोग हृदय की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करती है और रक्त के जमने की प्रक्रिया को भी कम करने में सहायक है। एक ताजा शोध में यह बात सामने आया है कि ब्लैक टी में प्रचुरता से पाया जाने वाला एक प्रकार का फलेवनॉयड, क्व र्सटीन, धमनियों को ऑक्सीकरण से होने वाले नुकसान से बचाता है। साथ ही यह हृदयवाहिका से संबंधित बीमारियों की संभावना को भी कम करता है। 2. ओवेरियन कैंसर से बचाये एक शोध में पता चला है कि ब्लैक टी शरीर में कैंसर कोशि‍काओं को खत्म करने में मदद करता है, खास कर ओवेरियन कैंसर। इस समय महिलाओं में ओवेरियन कैंसर तेज़ी से फ़ैल रहा है। जो बीमारी 40 के पार उम्र कि महिलाओं में होता थी आज वह 25 से 30 की उम्र की महिलाओं में देखने को मिल रही है। उसी शोध में यह भी पता चला है कि जो महिलाएं दिन में दो कप से ज्यादा ब्लैक टी पीती हैं उनमें ओवेरियन कैंसर का खतरा ना के बराबर देखने को मिला है। 3. मधुमेह से बचाये इस चाय में दूध और चीनी नहीं होती है इसलिए मधुमेह के रोगी इसे बिना डरे पी सकते हैं। रोजाना ब्लैक टी के सेवन से डायबिटीज यानि मधुमेह होने की संभावना कम हो जाती है। इसके सेवन से ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम से जुड़े तमाम रोग तथा टाइप 2 मधुमेह का भी खतरा बेहद कम हो जाता है। 4. इम्युनिटी बढाती है ब्लैक टी पीने से आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण से लड़ने में बहुत मदद मिलती है। सर्दी-जुखाम जैसी आम बीमारियां ब्लैक टी पीने से एक दम गायब हो जाती हैं। ब्लैक टी में एल्काइलेमाइन एंटीजेंस पाये जाते हैं जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं। इसके साथ ही इसमें टेनिन्स भी पाए जाते हैं, जो वायरस से लड़ने की हमारी क्षमता को बढ़ाते हैं और हमें इंफ्लून्जा, पेट की गड़बड़ी और रोजमर्रा की जिंदगी में वायरस के कारण होने वाले बीमारियों से बचाने का काम करते हैं। 5. हड्डियों को बनाये मजबूत ब्लैक टी में पाये जाने वाले तत्वों के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाती है। हड्डियों को मजबूत बनाने और अर्थराइटिस के खतरे को कम करने में ब्लैक टी काफी मदद करती है। ऐसा इसमें पाये जाने वाले फिटोकेमिकल्स के कारण होता है। तो अगर आप 30 की उम्र को पार कर चुके हैं तो ब्लैक टी रोज़ पीएं। इससे बोन डेंसिटी, ऑस्टियोपोरोसिस, और फ्रैक्चर का खतरा कम करने के लिए काफी मदद मिलती है। 6. पार्किंसंस से बचती है पार्किंसंस जैसी बिमारी ज्यादातर तनाव, अस्वास्थ्य जीवन शैली, और जीन के कारण होती है। ब्लैक टी में मानसिक शांति पहुंचाने वाले गुण होते ये न सिर्फ यह आपको दिन भर की थकान से राहत दिलाने में मदद करती है, बल्कि एक शोध में यह भी प्रमाण‍ित हुआ है कि ब्लैक टी में पाया जाने वाला एमीनो एसिड एल-थ‍ियानाइन आपको आराम पहुंचाता है और साथ ही एकाग्रता में भी इजाफा करता है। इसका नियमित और संतुलित सेवन तनाव पैदा करने वाले हॉर्मोन कार्टिसोल के स्तर में भी गिरावट लाती है। 7. स्वस्थ पाचन तंत्र अगर आप पेट की समस्या से परेशान हैं तो ब्लैक टी आपके लिए काफी फायदेमंद होती हैं। इसमें टेनिन के गुण पाएं जाते हैं जो पाचन शक्ति को दुरस्त रखने में मदद करते हैं। इससे दस्त व गैस इत्यादि पेट से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता हैं। दिनभर में एक कप का सेवन करने से आंत्र आंदोलन और पाचन तंत्र में सुधार आता है। ब्‍लैक टी से पाचन क्रिया तो मजबूत होती ही है साथ ही यह टेनिन्स आमाशय और आंतों की बीमारियों पर उपचारात्मक प्रभाव भी डालता है। इसलिए ब्‍लैक टी का इस्‍तेमाल नियमित रूप से करें 8. कोलेस्ट्रॉल को कम करता है ब्लैक टी का नित्य सेवन आपके कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित रखता है। जिसकी वजह से खुद ब खुद कई बीमारियों से बच जाते हैं। शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल पाए जाते हैं पहला खराब कोलेस्ट्रॉल और दूसरा अच्छा कोलेस्ट्रॉल। कई बार गलत खान पान से या ज्यादा टला भुना खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है जिससे ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, इस्केमिक अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ब्लैक टी में एंटी हाइपरकोलेस्ट्रोलेमल पाया जाता है जिससे 11.1% तक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम होजाता है। 9. वजन कम करें ब्‍लैक टी ब्‍लैक टी में पाए जाने वाले और वजन घटाने में प्रभावशाली थीफलेविन्स और थिरोबिगिन्स जैसे तत्वों का असर दूध कम कर देता है। दरअसल, ब्‍लैक टी में मौजूद ये तत्व शरीर की चर्बी घटाने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होते हैं। लेकिन दूध में प्रोटीन की मात्रा अधिक होने के कारण इनका प्रभाव कम हो जाता है। ब्‍लैक टी पीने से वजन कम होता है क्‍योंकि आप उसमें ना तो दूध मिलाते हैं और ना ही चीनी। ब्लैक टी के लिए हमेशा टी बैग का प्रयोग करें। इस तरह से आप अपनी कैलोरी काउंट कर सकते हैं। यदि आप रोजाना ब्‍लैक टी पीते हैं तो आपका वजन निंयत्रित रहता है जिससे आपको हार्ट स्‍ट्रोक का खतरा कम होगा। इसमें मौजूद फ्लेवेनॉइड खराब कोलेस्‍ट्रॉल को बनने से रोकता है। यानी हम यह कह सकते हैं कि वजन घटाने के लिए बिना दूध वाली चाय लाभकारी है और शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी और कॉलेस्ट्रॉल को घटाने में सहायक है। 10. किडनी स्टोन को ठीक करे कई लोग ब्लैक टी पीना पसंद करते हैं। तो अगर आप भी किडनी को स्वस्थ रखना चाहते है तो ब्लैक टी पीएं। इससे किडनी प्रॉब्लम्स नहीं होती। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ब्लैक टी के सेवन से किडनी में स्टोन बनने का खतरा कम होता हैं। इसे साथ आप किडनी स्टोन के लिए आपने डॉक्टर से सलहा भी ले सकते हैं। 11. अस्थमा से राहत जब भी अस्थमा का अटैक आता है तो हवा का संचार करने वाली नालियों में सूजन हो जाती है जिसके कारण उनके आसपास की मसल्स टाइट हो जाती हैं। हांफना, तेजी से साँसों का चलना, खांसी आना और बात करने में तकलीफ होना अस्थमा के मुख्य लक्षण होते हैं। मा के मरीज को दौरे के दौरान ब्लैक टी तुरंत फायदा पहुंचा सकती है। कड़वी चाय अस्थमा अटैक को रोकने में मददगार साबित हो सकती है और इसे दमा के मरीजों के लिये शुरुवाती इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा इसलिये क्योंकि शरीर के प्रत्येक कोशिका में टेस्ट रिसेप्टर होते हैं। इस कारण से अटैक के समय ब्लैक टी का कड़वा स्वाद, मसल्स को फैला देता है जिससे सांस लेना आसान हो जाता है। 12. फ्री रैडिकल ब्लैक टी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स जिससे शरीर से विषाक्त अणुओं को बाहर करने में मदद मिलती है। शरीर में फ्री रैडिकल प्रदूषण, और धूम्रपान के अधिक प्रभाव से होता है। नींबू के साथ ब्लैक टी को पीने से और भी फायदे होते हैं। 13. बैक्टीरिया को मारे ब्लैक टी बॉडी में बैक्टीरिया को पनपने से रोकती है। ब्लैक टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट और अन्य फ़िएंट्रिएन्ट्स में एंटीबायोटिक गुण होते हैं। जिससे शरीर में बैक्टीरिया संक्रमण को ठीक किया जा सकता है। 14. तनाव से राहत ब्लैक टी में अमीनो एसिड एल-थेनीन होता है जो एकाग्रता का निर्माण करने में मदद करता है, मानसिक सतर्कता में सुधार करता है और आपकी स्मृति को बढ़ाता है यह तनाव का स्तर भी कम करता है और आपको आराम करने में मदद करता है। 15. अल्जाइमर रोग एक नए अध्ययन से ये पता चला है कि ब्लैक टी में पाए जाने वाले केमिकल्स की मदद से या उनके सेवन से अल्जाइमर रोग के खतरों को कम किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के वैज्ञानिकों ने इसके बारे में अध्ययन किया जिसमें उन्होंने पाया है कि जो कुछ हानिकारक प्रोटीन के कारण न्यूरॉन्स पर अटैक किया जाता है। जिससे अल्जाइमर की बीमारी से बचा जा सकता है। 16. ओरल हेल्थ ब्लैक टी दांतो में प्लॉक का बनना रोकती है। साथ ही ब्लैक टी का सेवन बैक्टीरिया के विकास को रोकता है। ये बैक्टीरिया कैविटी और दांतों के सड़ने का कारण बनते हैं। ब्लैक टी में फ्लोराइड भरपूर मात्रा में होता है जो मुँह की दुर्गन्ध को दूर करता है और मुँह को नुकसानदायक जीवाणुओं से बचाता है।तो बस ब्लैक टी पीजिए और फैलाइए सांसों की खुशबू ना कि बदबू। 17. दिमाग सतर्क करती है अधिकतर लोग सिर दर्द होने पर दूध वाली चाय पीना पसंद करते हैं लेकिन इसकी जगह आप बिना दूध वाली मतलब ब्लैक टी पीएं तो यह न केवल सिर दर्द ठीक करती है बल्कि अन्य काफी फायदे भी देती है। ब्लैक टी के सेवन से तनाव कम होता हैं। यह हमारे याददाश्त को बढ़ाने में भी मदद करती हैं। जिससे दिमाग सतर्क रहता है। 18. डायरिया ठीक करे दस्त लगना या डायरिया एक बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम होती है। खाने या पानी को लेकर कि गई थोड़ी सी लापरवाही भी इस समस्या का कारण बन सकती है। दस्त लगने पर शरीर के मिनरल्स और पानी शरीर से तेजी से बाहर हो जाते हैं, जिससे मरीज को कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में भोजन खाना और नुक्सान देह हो सकता है। इसलिए ब्लैक टी पीएं, इसमें एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जिससे पाचन तंत्र ठीक रहता है। English summary 18 Health Benefits of Having Black Tea Black tea health benefits include beneficial impact on boosting heart health, diarrhea, digestive problems, high blood pressure, lowering the risk of Type 2 diabetes and asthma. Story first published: 15:31 [IST] Nov 17, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

डियोड्रेंट लगाना स्वास्थ के लिए हो सकता है खतरनाक, बचने के लिए जानिए ये बातें

Friday, November 17 2017

डियोड्रेंट लगाना स्वास्थ के लिए हो सकता है खतरनाक, बचने के लिए जानिए ये बातें

तंदुरुस्‍ती » डियोड्रेंट लगाना स्वास्थ के लिए हो सकता है खतरनाक, बचने के लिए जानिए ये बातें डियोड्रेंट लगाना स्वास्थ के लिए हो सकता है खतरनाक, बचने के लिए जानिए ये बातें Wellness Updated: 17:19 आजकल को फैशन का दौर चल रहा है और फैशन के कारण ही सब लोग अपना सबसे ज्यादा पैसा बर्बाद करते है। फैशन की कई ऐसी चीजें भी होती है जो आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है। आज के जेनरेशन के लोगों का फैशन तब तक पूरा नहीं होता जब तक वह अपने पूरे शरीर में डियोड्रेंट ना छिड़क लें। लोगों का डियोड्रेंट को कॉलेज या ऑफिस में लगाकर जाना तो आम बात है, लेकिन अब बहुत से लोग इसे घर में भी लगाने लगे हैं। ठंड के समय में विशेषकर लोग इस सुगंधित हवा यानि कि डियोड्रेंट का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। ठंडा पानी को छूने से अच्छा वह डियोड्रेंट से ही नहाना ज्यादा पसंद करते हैं। अगर आपको भूख नहीं लगती है तो ये घरेलू उपाय खोल देगे आपकी भूख सिर्फ जवान ही नहीं बल्कि बच्चे भी आजकल सिर्फ डियो ही लगाना पसंद करते है। आज हम बताएंगें कि इसको लगाने के कुछ नुकसान भी हो सकते है। आइए जानते है इससे होने वाले नुकसान के बारे में.... डियो का इस्तेमाल आपको बता दें कि अगर आप डियो लगाते है। तो आपके शरीर से महक आती है। जो लोग नहीं लगाते है तो उनके आस-पास बैठे लोग दूर भाग जाते हैं। आज आपको यह जानकर हैरानी होगी कि डियोड्रेंट का इस्तेमाल करना हमारे लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। आपके डियोड्रेंट में सिंथेटिक तो होता ही है, साथ ही इसमें कई प्रकार के रसायन भी भरे रहते हैं। यहीं नहीं, बल्कि किसी-किसी डियो में तो जहर भी डला रहता है। आपको इससे बचकर रहना है। एलुमिनियम से सावधान रहें आपको बता दें कि डियो में कई ऐसे खतरनाक केमिकल मिले रहते है जो आपके लिए खतरनाक होते है। अगर आप को भी महंगे डियो लगाने का शौक है तो सावधान हो जाइये, क्योंकि में इस्तेमाल होने वाला एलुमिनियम आपके लिए जानलेवा हो सकता है। इससे आपको बचना है और स्वस्थ रहना है। स्तन कैंसर की संभावना आपको बता दें कि जब आप तैयार होते है और कहीं जाते है तो आप अपने शरीर के कई भाग में डियो लगा लेते है जो कि खतरनाक है। महिलाएं अपने सीने में डियो लगा लेती है। ऐसा करना महिलाओ में होने वाले स्तन कैंसर की सम्भावना को बहुत बढ़ा देता है इसके इलावा ये प्रोस्टेट कैंसर और अलझाइमर जैसी बिमारियों को पैदा करता है। इसलिए आपको थोड़ा सावधान रहना है। खरीदते हुए रखें ध्यान अगर आपको इस समस्या से बचना है तो आपको इस बात का ख्याल रखना चाहिए। जब आप डियो खरीदें तब आपको ये सुनिश्चित करना है कि ऊपर दिए गए कोई केमिकल उसमें ना मिले हों। English summary How Bad Is Deodorant For Your Health Nowadays, fashion is in the process of fashion and due to fashion, everybody waste their most money. There are many things in fashion that can be very harmful for you. Please Wait while comments are loading...

खिलजी ने क्यों की थी चित्तौड़ पर चढ़़ाई, क्या है रानी पद्मावती का सही इतिहास

Thursday, November 16 2017

खिलजी ने क्यों की थी चित्तौड़ पर चढ़़ाई, क्या है रानी पद्मावती का सही इतिहास

Updated: Thursday, November 16, 2017, 17:18 [IST] Subscribe to Boldsky संयज लीला भंसाली की आने वाली फिल्म पद्मावती विवादों में घिर चुकी है। इस फिल्म को रानी पद्मावती के जीवन पर फिल्माया गया है। लेकिन कुछ जानकारों और समर्थकों ने इस फिल्म का इसलिए विरोध करना शुरु कर दिया है। क्योंकि उनका कहना है कि रानी पद्मावती को इस फिल्म मे गलत तरह से पेश किया गया है। आज हम रानी पद्मावती के बारे में बात करेगें। आपको हम वो बातें बताएंगे जो आपको अभी तक पता भी नहीं होगी। रानी पद्मावती की वो हकीकत जिसको सुनकर आप अपने दांतों के नीचे उंगली दबा लेगें। रानी पद्मावती के बारे में इतिहास में सभी कुछ मौजूद है पर कुछ ऐसी बातें भी है जो उनको अजब गजब रानी बनाती है। अपने तीन मासूम बच्चों को आतंकवादी बनाना चाहती थी ये महिला कई ऐसे हुनर जो उस जमाने में किसी के पास नहीं हुआ करते थें। ये बातें आपको आश्चर्य में डाल देंगे। आइए जानते है कि वो कौन सी बात या कौन से राज है जो रानी पद्मावती के बारे में कोई नही जानता है। श्री लंका में पैदा हुई थी पद्मावती रानी पद्मावती का इतिहास तो काफी पुराना है। आपको बता दें कि 13वीं से 14वीं शताब्दी के बीच रानी का इतिहास माना जाता है। इनका जन्म सिंहल द्वीप में हुआ था। इस समय ये जगह श्री लंका में मौजूद है। अगर आप पद्मावती को श्री लंका की राजकुमारी कहें तो ये बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। दुनिया जीतने वाले सिकंदर ने भारत के इस फकीर के सामने झुकाया था सिर काल्पनिक कैरेक्टर मानते है कई इतिहासकार आपको बता दें कई इतिहासकारों ने तो रानी पद्मावती का वजूद तक मानने से मना कर दिया था। इसके बाद मलिक मोहम्मद जायसी ने अपनी एक किताब पद्मावत में इनकी जिक्र किया और इनके असली होने का सुबूत भी दिया। स्वंयवर में हुआ थी पद्मावती का विवाह रानी पद्मावती का विवाह स्वंयवर के जरिए मेवाड़ के राजपूत राजा रतन सिंह के साथ हुआ। इन दोनो की पहली मुलाकात विवाह के दिन यानि स्वंयवर में ही हुई थी। आपको बतातें कि पद्मावती से जब राजा ने विवाह किया था इसके पहले भी उनकी कई पत्नियां थी। तोते से बात करने का हुनर रखती थी पद्मावती रानि पद्मावति हरि मनि नाम के एक तोते से बात करती थी। एक किताब में इसका जिक्र है कि ये काम करने वाली उस जमाने में पद्मावती अकेली महिला थी। तोते से बात करने का जिक्र इतिहास में भी दर्ज है। क्यों की थी खिलजी ने चित्तौड़ पर चढ़ाई कई लोगों को अपना अलग मानना है। कुछ इतिहासकार कहते है कि वो रानी पद्मावती के लिए लड़ाई करना चाहता था। तो कुछ लोगों का मानना है कि पैसो के लिए खिलजी ने चित्तौड़ पर चढ़ाई की थी। पुरोहित राघव चैतन्य ने किया ये कई जगह दर्ज है कि किसी काम से नाराज होकर राजा रतन सिंह ने पुरोहित को निकाल दिया था। इसी बात से खफा पुरोहित ने खिलजी को पद्मावती की सुंदरता के बारे मे बताया था। फिर खिलजी रानी पर मोहित हो गया था। जब जंग में हार गए रतन सिंह कहते है कि इस जंग में रतन सिंह की मौत हो गई थी। पर रानी पद्मावती किसी भी हाल में खिलजी की दासी नहीं बनना चाहती थी इसीलिए वो सबके सामने आग में कूद गई थी। रानी ने अपने पति के आगे किसी का ना होने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। English summary Lesser Known Facts About Rani Padmavati The history of Rani Padmavati is quite old. Let us tell you that the history of the Queen is considered between 13th and 14th centuries. He was born in Sinhalese Island. This place is present in Sri Lanka. If you call Padmavati the princess of Sri Lanka, it will not be wrong at all. Please Wait while comments are loading...

सांसो से आने वाली बदबू के अनजाने कारण, जो आपको भी मालूम नहीं होंगे?

Thursday, November 16 2017

सांसो से आने वाली बदबू के अनजाने कारण, जो आपको भी मालूम नहीं होंगे?

Published: Thursday, November 16, 2017, 8:30 [IST] Subscribe to Boldsky ग्रुप डिस्कशन के दौरान, बहुत बार हमें एहसास होता है कि हमारे किसी न किसी साथी के मुंह से दुर्गंध आ रही है और हम उसे माउथ फ्रेशनर के इस्तेमाल की सलाह देते है। हालांकि आपस में बात करने पर अपने साथी की सांसों से बदबू आना आम बात है, लेकिन कई बार इस बात को बिलकुल दरकिनार कर देना भी गलत है। क्योंकि सांसों के बदबूदार होने के आम कारणों के अलावा कई बार कुछ और भी वजह हो सकती है। ऐसे में हमें यह सोचना चाहिए कि आखिर क्यों मुंह से बदबू आ रही है? क्या इसका कोई कारण है? क्या भविष्य में इससे किसी तरह की कोई बड़ी परेशानी हो सकती है? और क्या माउथ स्प्रे इस परेशानी का सही हल है? तो आइए आज बोल्डस्काई के इस आर्टिकल के जरिए इन सभी सवालों के जवाबों की छानबीन करने की कोशिश करते हैं। शराब पीना ज्यादा शराब पीने की वजह से आपका पाचन तंत्र खराब होने के साथ ही सांसों में भी बदबू आनी शुरू हो जाती है। इतना ही नहीं, ज्यादा शराब पीने से मुंह सूखने लगता है और लार भी कम बनने लगती है। लार के कम बनने की वजह से पनीर टिक्का खाने पर मिनिट भर में ही सांसों में पनीर टिक्के की दुर्गंध आने लगती है। क्योंकि लार एक प्रकार की प्राकृतिक माउथवॉश है। इतना ही नहीं लार ही सबसे पहले आपके मुंह में खाने को पचाने का काम करती है। जबकि चाय और कॉफी पीने से बार-बार पेशाब आता है और इससे शरीर में पानी का लेवल होने लगता है। तनाव तनाव न सिर्फ मूड खराब करता है, बल्कि इसका सीधा असर आपके पाचनतंत्र पर भी होता है।क्योंकि तनाव के दौरान आपके शरीर में डाइजेस्टिव एंजाइम्स कम बनने लगते है और इसी वजह से पाचन तंत्र बिगड़ने लगता है। गले में इंफेक्शन गले में हुए इंफेक्शन की वजह से गले में बैक्टीरिया बनने लगते है और इसी वजह से आपकी सांसों में दुर्गंध आने लगती है। बड़ी बीमारी की ओर इशारा गंदी दुर्गंध के कुछ केसस में सिर्फ ब्रश करने से छुटकारा नहीं मिलता। क्योंकि इन केसस में सांसों की यह गंदी बदबू बड़ी बीमारी जैसे कि डायबीटीज, छाले, किडनी और लीवर के खराब होने का इशारा भी होती है। खाना चुंकि हमारे भारतीय खाने में लहसुन और प्याज जैसे तमाम तीखें मसालों का भरपूर इस्तेमाल होता है, इसलिए कई बार इनकी वजह से भी सांसों में दुर्गंध आने लगती है। इसके अलावा खाने में मीट और प्रोटीन की मात्रा के बढ़ने की वजह से भी मुंह से गंदी बदबू आने लगती है। साथ ही साथ अगर आपके पाचन तंत्र में हाइड्रोलिक एसिड कम बनने लगता है तो खाना सही ढंग से नहीं पच पाता और इसी वजह से मुंह से दुर्गंध आने लगती है। Read more about: health , oral health , स्‍वास्‍थय English summary सांसो से आने वाली बदबू के अनजाने कारण, जो आपको भी मालूम नहीं होंगे? some people have the problem of bad breath. This may be unknown to them but it is very apparent and disturbing to people around them. Story first published: Thursday, November 16, 2017, 8:30 [IST] Nov 16, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

बिना धुले नए कपड़े पहनने से हो सकती हैं ये समस्याएं

Thursday, November 16 2017

बिना धुले नए कपड़े पहनने से हो सकती हैं ये समस्याएं

» बिना धुले नए कपड़े पहनने से हो सकती हैं ये समस्याएं बिना धुले नए कपड़े पहनने से हो सकती हैं ये समस्याएं Wellness Published: Thursday, November 16, 2017, 9:00 [IST] Subscribe to Boldsky जब आप किसी स्टोर से नए कपडे खरीदकर लाते हैं तो आप उसे तुरंत ही पहनने की कोशिश करते हैं और यह चेक करते हैं कि वह आपके शरीर पर फिट है या नहीं। आप उसके बारे में यह जरा भी नहीं सोचते हैं कि उस कपडे को कितनी बार कैसे कैसे लोगों ने ट्राई किया गया होगा। लेकिन यह सच है कि हम लोग उस कपडे को बिना धोये ही पहनते हैं क्योंकि नए कपडे को लेकर लोग ज्यादा इतने उत्साहित रहते हैं कि तुरंत ही उसे पहन लेते हैं। लेकिन खरीदे हुए नए कपड़ों को पहनने से पहले धो लेना चाहिए क्योंकि उसमे पसीने की वजह से मौजूद कीटाणु आपके शरीर में त्वचा के माध्यम से आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। इसके अलावा नए कपड़ों को धोने की एक और वजह है, इसमें कई तरह के केमिकल जैसे डाई और फिब्रिक आदि होते हैं जो आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इन केमिकल की वजह से आपकी त्वचा में खुजली, लाल चकत्ते का पड़ना आदि खतरनाक चीजें हो सकती हैं। कपडा बनाते समय जो भी केमिकल इस्तेमाल किये जाते हैं वो आपकी स्किन के लिए नुकसानदायक होते हैं। कपडा बनाने वाली कंपनियां उस कपडे को अच्छा बनाने के लिए उसमे कई तरह के केमिकल जैसे एजो-ऐनिलिन और फोर्मल्डीहाइड आदि का इस्तेमाल करते हैं जोकि आपके स्किन के लिए बहुत ही खतरनाक होते हैं। फोर्मल्डीहाइड से आपको लम्बे समय तक कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। जब कपडा टेक्सटाइल कंपनी से बनकर ड्रेसिंग रूम में आता है तो वहाँ आप से पहले बहुत सारे लोग उसे पहन कर देख चुके होते हैं जिसकी वजह से उसमे कई सारे बैक्टीरिया और फंगस आदि उत्पन्न हो जाते हैं। ये कीटाणु आपके स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कपडे को पहनने से पहले धोने से आपकी त्वचा इन बैक्टीरिया, फंगस और केमिकल आदि की वजह से होने वाले इन्फेक्शन से बच जाती है। कुछ चीजें जैसे मोज़े, अंडरगारमेंट्स, एथलेटिक वियर, टीज, स्विमिंग सूट और गर्मियों के कपडे आदि को तो खासतौर पर धोकर ही पहनना चाहिए।