Health and Fitness

जानिए हल्दी की चाय के फायदे और इसे बनाने का तरीका

Thursday, November 16 2017

जानिए हल्दी की चाय के फायदे और इसे बनाने का तरीका

Updated: Thursday, November 16, 2017, 10:09 [IST] Subscribe to Boldsky अगर आप भारत में पैदा हुए हैं तो आपके लिए हल्दी और उसके पाउडर को देखना एक बहुत आम बात होती है क्योंकि यहाँ सबके घरों में हल्दी का इस्तेमाल होता है। कई अलग तरह के मसालों का गढ़ होने के साथ साथ भारत और भी तरह के मसाले जैसे केसर, मिर्च, इलायची, दालचीनी और हल्दी आदि का भी गढ़ होने का दवा करता है। सदियों पहले पश्चिमी देशों से लोग आए और उन्होंने एशियन देशों जैसे भारत में हल्दी की खोज की, और तब से हल्दी पूरे विश्व में अपने औषधीय गुणों और अपनी शानदार सुगंध की वजह से बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध हो गया। भारत में हल्दी को पूजा आदि में भी इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि हल्दी को प्रकृति ने औषधीय गुणों के रूप में अपना आशीर्वाद दे रखा है। यहाँ तक कि आयुर्वेद में भी हल्दी के औषधीय गुणों और इसके इस्तेमाल से कई तरह के बीमारियों के ठीक होने के बारे में बताया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार हल्दी छोटे छोटे घाव से लेकर कैंसर तक जैसी बीमारी को ठीक करने के लिए कारगर है। हल्दी को दूध या गर्म पानी में मिलाकर भी इस्तेमाल किया सकता है। हल्दी की चाय को भी पीने से आपको कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलते हैं। तो आइये हम आपको हल्दी की चाय बनाने का तरीका बताते हैं। बनाने का तरीका: दो कप पानी को उबाल लें और इसमें हल्दी के एक इंच लम्बे जड़ को डाल दें, अगर आपके पास हल्दी का जड़ उपलब्ध नहीं है तो आप उसमे एक चम्मच हल्दी का पाउडर मिला दें और इसे 2 से 3 मिनट तक उबलने के लिए छोड़ दें। इसके बाद इस मिश्रण को गिलास में डालकर शहद और मिर्च पाउडर मिला लें और उसे रोजाना सुबह नाश्ते से पहले पियें। 1- कैंसर के खतरे को कम करता है: कैंसर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। हल्दी की चाय में एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटी-आक्सीडेंट गुण होने की वजह से यह आपको कैंसर से बचाता है। 2- अल्जीमर से बचाता है: इसमें आदमी का दिमाग काम करना बंद कर देता है। इसलिए हल्दी की चाय का सेवन करें क्योंकि यह दिमाग की कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाता है। 3- आर्थराइटिस में आराम: आर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द और अकडन हो जाती है। हल्दी में एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण होने की वजह से यह जोड़ों के दर्द और अकडन में राहत देता है। 4- इम्मुन सिस्टम को बढाता है: हल्दी, मिर्च और शहद के मिश्रण को इस्तेमाल करने से आपकी इम्युनिटी बढती है और आपको कई तरह की होने वाली बीमारियों से लड़ने के लिए ताकत मिलती है। 5- कोलेस्ट्राल कम करता है: हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है जो शरीर में खराब कोलेस्ट्राल को कम करता है जिससे ह्रदय सम्बन्धी बीमारियों के होने की सम्भावन बहुत कम होती है। 6- यूवाईटिस को ठीक करता है: यह एक बहुत ही खतरनाक और दर्दनाक अवस्था होती है जिसमे आपकी आँखों की आइरिस में सूजन हो जाता है जिसकी वजह से आँखे लाल हो जाती हैं और आपको धुंधला दिखाई देता है। हल्दी की चाय का इस्तेमाल करने से इसमें बहुत आराम मिलता है। 7- इरीटेबल बोवेल सिंड्रोम ठीक करता है: यह एक पेट से सम्बंधित समस्या है जिसमे आदमी को डायरिया और कब्ज़ आदि की दिक्कत होती है। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन इन्फ्लामेसन को कम करके इस समस्या से छुटकारा देता है। 8- डायबिटीज में आराम: हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन एक एंटी-आक्सीडेंट होता है जो शरीर के ब्लड ग्लूकोस लेवल को नियंत्रित करता है जिससे डायबिटीज की समस्या दूर होती है। 9- फेफड़ों को स्वस्थ रखता है: हल्दी में पाया जाने वाला एंटी-आक्सीडेंट फेफड़ों से कार्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकालकर उसकी क्षमता को बढाता है जिससे आपके फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। 10- वजन कम करता है: सुबह सुबह नाश्ते से पहले हल्दी की चाय का सेवन करने से आपका मेटाबोलिक रेट बढ़ता है जो आपके वजन को तेजी से कम करने में मदद करता है। हल्दी का हमारे जीवन में बहुत ही ज्यादा महत्व है, इसलिए सबको हल्दी का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे कि आपका शरीर स्वस्थ रहे। English summary Check Out How To Prepare Turmeric Tea Which Has Miraculous Health Benefits! Here is why you must start to drink the very healthy turmeric tea on a daily basis. Please Wait while comments are loading...

BRA स्ट्रिप्‍स के पास लटकते हुए फैट को, इन टिप्‍स से कहें बाय-बाय

Thursday, November 16 2017

BRA स्ट्रिप्‍स के पास लटकते हुए फैट को, इन टिप्‍स से कहें बाय-बाय

Updated: Thursday, November 16, 2017, 11:37 [IST] Subscribe to Boldsky छरहरी काया हर महिला की ख्‍वाहिश होती है, कई महिलाएं कमर और शरीर के बाकी हिस्‍सों में जमी हुई चर्बी की वजह से साड़ी या बैकलेस ड्रेसेज पहनना अवॉइड करती है। कमर के आस-पास बढ़ी हुई चर्बी किसी को भी अच्‍छी नही लगती, खासकर महिलाओं को तो बिल्‍क‍ुल नहीं। कई बार महिलाओं के अपर बॉडी के पीछे की तरफ काफी सारा फैट जमा हो जाता है। जो ब्‍लाउज के आसपास और ब्रा के स्ट्रिप्‍स जहां हुक करते वहां से लटकता हुआ नजर आता है। कई बार महिलाएं इस जमे हुए फैट की वजह से शर्मिंदा महसूस करती है, इसे हटाने के लिए कई जतन भी करती है। शरीर से एक्स्ट्रा फैट हटाना चाहते हैं तो अदरक से तैयार ये ख़ास ड्रिंक पिएं आइए हम आपको बताते है ऐसे उपाय आसान जिनकी मदद से ब्रा पहनने की जगह के आसपास वाला फैट हटा सकती है स्‍वस्‍थ आहार स्‍वस्‍थ आहार अतिरिक्‍त चर्बी हटाने का सबसे अहम तरीका है। अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल कीजिए जिनमें कैलोरी और फैट की मात्रा कम हो। ताजे फल, सब्जियां और कम वसा वाले डेयरी उत्‍पाद आपके लिए ठीक रहेंगे। साबुत अनाज तो आपके खाने का अहम हिस्‍सा होना चाहिए। फास्ट फूड, जंक फूड और चीनी या रिफाइंड आटा शामिल भोजन से बचना चाहिए। अस्वस्थ नमकीन, चिप्स, कुकीज, केक और ऐसे ही पदार्थो के स्‍थान पर ताजा फल, दही, सब्जियां, नट्स, बीज और अनाज लेना चाहिए। पानी की मात्रा बढ़ाएं हिप्‍स से फैट कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि कोल्‍ड ड्रिंक्‍स, मीठे जूस और शराब का सेवन कम कर दिया जाए। इसके बजाय, दिन पानी की कम से कम 8 से 10 गिलास पीना चाहिए। हो सके तो दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें। वॉकिंग या जॉगिंग वॉकिंग या जॉगिंग को अपने दिनचर्या में शामिल करें। इससे आप हिप्‍स के फैट को कम कर सकेंगे। दिन में कम से कम 45 से 50 मिनट सैर करें। अधिकतम कैलोरी और फैट जलाने के लिए वॉक की गति तेज रखें। वाकिंग या जॉगिंग को बढ़ाने से कैलोरी अधिक जलती है और स्‍टेमिना बढ़ता है। स्‍क्‍वेट्स स्‍क्‍वेट्स करने से भी अपर बॉडी का फैट जाता है। यह एक सरल व्यायाम है। आप अपने शरीर को कम करने के लिए एक सरल स्थिति से शुरू करें फिर अपने घुटने मोड़ें और फिर वापस उसी स्थिति में आए। यह एक्‍सरसाइज न केवल आपके हिप्‍स के फैट का कम करने में मदद करती है बल्कि पैर की मांसपेशियों को भी टोन करती है। किकबॉक्सिंग किकबॉक्सिंग से पूरे शरीर की मांसपेशियों का व्‍यायाम हो जाता है। साइड किक, फ्रंट किक और बेक किक के संयोजन से हाथों, कमर के ऊपरी हिस्‍सें, जांघों, कूल्हों और बट की चर्बी को कम किया जा सकता है। कोई भी महिला प्रतिदिन 45 मिनट किकबॉक्सिंग से लगभग 500 कैलोरी तक जला सकती है। स्विमिंग स्विमिंग को सबसे अच्‍छा व्‍यायाम माना जाता है। नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट स्विमिंग करने से हाथों के आस पास और ऊपरी शरीर के पीछे की तरफ का फैट को कम किया जा सकता है। वॉल स्लाइड यह और क्रिया‍शील एक्‍सरसाइज है जिसे आप बिना उपकरण के घर पर ही कर सकते हैं। इसके लिए अपनी पीठ के सहारे एक दीवार के साथ खड़े हो जाए एक फुटबॉल या एक्‍सरसाइज बॉल को अपनी पीठ के सारे दीवार के साथ लगाएं, दीवार और आपके बीच बॉल होनी चाहिए। अब आप अपने पीठ के सारे बॉल को बैलेंस करते हुए नीचे की ओर आएं, फिर आप ऊपर की तरफ जाएं ऐसा आप कम से कम 10-15 बार करें। इस तरह से न केवल आपके अपर बॉडी का फैट जाएगां. बल्कि मांसपेशियों को टोन भी कर सकते हैं। कार्डियो कार्डियो व्यायाम शरीर से वसा कम करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। कार्डियो एक्‍सरसाइज मेटाबॉलिज्‍म को नियंत्रित रखती है और अतिरिक्‍त कैलोरी जलाने में मदद करती है। इन अभ्यासों से हृदय भी मजबूत बनता है। जम्पिंग रॉ अगर आपको अपने शोल्‍डर और ब्रेस्‍ट के आसपास वाला एरिया टोंड करना है तो आप जॉम्पिंग कर सकती है। इससे आपके बेक पॉर्शन पर प्रेशर बनेगा और आपके शोल्‍डर के आसपास का फैट कुछ ही दिनों में गायब हो जाएगां। English summary Exercises that get rid of back fat and bra overhang Want to know how to get rid of back fat in a week? Go ahead and give a read! Please Wait while comments are loading...

डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां

Thursday, November 16 2017

डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां

» डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां Diet Fitness Updated: Thursday, November 16, 2017, 11:38 [IST] Subscribe to Boldsky आपके शरीर में कई तरह की समस्याएं अगर हमेशा परेशान करती है तो वो सारी दिक्कत आपको खाने के कारण होती है। खाना आपके शरीर में सबसे महत्वपूर्ण काम करता है। शुगर और आथराइटिस एक ऐसी समस्या है जो इस समय ज्यादातर लोगों को परेशान कर रही है। हमारे शरीर को हमेशा स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए जिन मिनरल्स की ज़रूरत होती है, मैग्नीशियम उनमें से एक है। हमारे शरीर की संरचना में मैग्नीशियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह हमें कई बीमारियों से बचाता है। दरअसल, मैग्नीशियम भी कैल्शियम और बोरियम की तरह एक क्षारीय तत्व है। हाल ही में किए गए शोध से यह प्रमाणित हो चुका है कि यह शरीर में मौजूद एंजाइम के साथ मिलकर ग्लूकोज़ बनाने का काम करता है और यह इंसुलिन बनाने की प्रक्रिया को भी दुरुस्त रखता है। सब्जियां खाना आपके लिए बहुत आवश्यक है। आप आपको बताएंगे कि आपको शुगर और आथराइटिस से बचने के लिए कौन सी सब्जियां ज्यादा खाना चाहिए। मैग्नीशियम युक्त सब्जियां आपको बता दें कि अगर आप मैग्नीशियम से भरपूर सब्जियां खाओगे तो आपको इन सारी समस्याओं से निजात मिलेगी। मैग्नीशियम युक्त चीज़ों के सेवन से टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा कम हो जाता है। यह हमारी स्मरण-शक्ति को मज़बूत बनाता है। ये आपको शरीर के लिए सही है। आपको दिमाग को बनाते है तेज और मेमोरी लॉस से बचाते है ये जूस, रोज करें सेवन इन समस्याओं से भी रखता है दूर मैग्नीशियम युक्त चीजें आपको कई तरह की समस्याओं से दूर रखती है। हाई ब्लडप्रेशर, दिल की बीमारियों, तनाव, माइग्रेन और अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक होता है। इतना ही नहीं कैल्शियम के साथ मिलकर यह हड्डियों को मज़बूत बनाता है। गर्भस्त शिशु के विकास के लिए अगर आप एक महिला है तो मैग्नीशियम युक्त सब्जियों के सेवन से आपके शिशु का गर्भ में अच्छा विकास होता है। इसलिए आपको इससे युक्त सब्जियों का सेवन करना चाहिए। आइए जानते है कि वो कौन सी सब्जियां है जिनके उपयोग से आपको डायबिटीज और आथराइटिस से संबंधित समस्याएं नहीं होती है। दही आपको बता दें कि दही में मैग्नीशियम पाया जाता है। इसके सेवन से आपके पास डायबिटीज और आथराइटिस जैसी समस्याएं नही आती है। इसका सेवन आपको रोजाना करना चाहिए। केला केला आपके शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें पोटैशियम के साथ मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ ही स्मरण-शक्ति बढ़ाने में भी मददगार होता है। इसको खाने से आपको शुगर की बीमारी होने का खतरा कम रहता है। सीताफल के बीज सीताफल के बीजों में मैग्नीशियम भरपूर होता है। सीताफल के बीजों में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके बीजों को धूप में सुखा कर हलके तेल और नमक के साथ इन्हें भून लें और इसके बाद स्नैक्स की तरह इनका सेवन करें। इससे आपके शरीर को डायबिटीज और आथराइटिस जैसी समस्याएं नहीं होती है। बादाम अगर आप रोजाना बादाम खाते है तो आप कई तरह की समस्याओं से बचें रहते है। आपको रोजाना 5 भीगे बादाम खाने है। ऐसा करने से आपको शरीर में कई तरह की समस्याओं से निजात मिलेगी। हरी पत्तेदार सब्जियां आपको बता दें कि हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन की मात्रा अधिक होती है। इसको खाने से आपको कई तरह की समस्याएं जैसे डायबिटीज और आथराइटिस जैसी समस्याएं नहीं होती है। English summary foods to Avoid Arthritis and Diabetes Many problems in your body, if you always bother, then all these problems are due to you eating. The food works the most important thing in your body. Please Wait while comments are loading...

टहलते हुए करें ये प्राणायाम, ये 10 समस्याएं रहेंगी कोसों दूर

Thursday, November 16 2017

टहलते हुए करें ये प्राणायाम, ये 10 समस्याएं रहेंगी कोसों दूर

Updated: Thursday, November 16, 2017, 13:05 [IST] Subscribe to Boldsky कई तरह प्राणायाम होते है। आपको इनसे काफी राहत मिलती है। इसको रोजाना करने से आपका शरीर रोगमुक्त रहता है। आपको आज भ्रमण प्राणायाम के बारे में बाताएंगें। इसको करने से आप रोग मुक्त रहगें। इसलिए भ्रमण प्राणायाम का अभ्यास टहलते हुए किया जाता है। भ्रमण प्राणायाम एक प्रकार की ब्रीथिंग तकनीक है। यह प्राणायाम का सबसे सरल रूप है। इसमें व्यक्ति अपनी सांस को विशेष प्रकार से अन्दर की ओर लेता है और फिर उसे बाहर की तरफ छोड़ता है। अपना स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए ये प्राणायाम से बेहतर कुछ नहीं है। प्राणायाम करने के कई सारे फायदे होते है। आज हम आपको भ्रमण प्राणायाम के बारे में बता रहे है। इससे आपको कई तरह की समस्याओं से राहत मिलेगी। डायबिटीज और आथराइटिस से बचाती है ये सब्जियां ये एक असरदार प्राणायाम है और आपके लिए काफी फायदेमंद है। इसको आप टहलके हुए करें और स्वस्थ रहे। कई मामलो में इसको करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। भगवान को याद करके कर सकते है अगर आपको ऐसा करने से कोई दिक्क्त होती है तो आपको गिनती करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप चाहे तो ध्यान लगाकर भी टहल सकते है या भगवान को याद कर सकते है। अगर आपने टहलते हुए एक बार सांस ली है तो आपको 4 कदम चलने के बाद दूसरी सांस लेनी चाहिए। कान का बहना, दर्द होना और खुजली हर समस्या से निजात दिलाएंगे ये घरेलू उपचार सांसों को रोकने की क्षमता बढ़ाएं आपको रोजाना ये प्राणायाम करना है और रोज रोज अपने सासों को रोकने की क्षमता बढ़ानी है। ऐसा करने से आपके प्राणायाम में होने वाला असर ज्यादा होता है। इसको करना आपके सेहत के लिए फायदेमंद है। सांसों को रोकने की क्षमता बढ़ाएं आपको रोजाना ये प्राणायाम करना है और रोज रोज अपने सासों को रोकने की क्षमता बढ़ानी है। ऐसा करने से आपके प्राणायाम में होने वाला असर ज्यादा होता है। इसको करना आपके सेहत के लिए फायदेमंद है। ऐसे करें शुरुआत शुरुआत में जब इस आसन को करते है तो आधे घंटे टहलने का प्रयास किया जाता है जिसमे जिसमे साँसों को लेने, छोड़ने वाला अभ्यास शुरुवात और अंत के 2 मिनट और बिच के 2 मिनट किया जाता है। वही अभ्यास में निपुण होने के बाद इसे 4 मिनट करे। प्राणायाम करने के फायदे इसको अगर आपक रोजाना करेंगे तो आपकी शारीरिक कमजोरी दूर हो जाएगी और आपको चुस्ती फुर्ती मिलेगी। ये आपको शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी है। फेंफड़ों में मजबूती ये प्राणायाम करने से आपको कई सारे फायदों के अलावा एक ये फायदा है कि आपके फेफड़ें मजबूत होते है। इससे आपको फेफड़ों संबधी कोई समस्या नहीं होती है। इसको आप रोज करें। दिल मजबूत होता है आपको बता दे कि जो लोग ये प्राणायाम रोजाना करते है उनका दिल औरों के मुकाबले मजबूत और हेल्दी होता है। इससे आपको हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है। इसको करने से आपको फायदा मिलता है। बालों की समस्या से आराम आपको बता कि इस प्राणायाम को करने से आपको बालों से संबंधी समस्याएं समाप्त हो जाती है। इससे आपको बालों का टूटना और बालों का सफेद होना कम हो जाता है। ये गंभीर समस्याएं रहती है दूर इसका नियमित अभ्यास कई तरह के रोगों का बचाव जैसे की टीबी, क्षयरोग, श्‍वांस संबंधी बीमारी, टायफाइड आदि से बचाव होता है। आपको इन सब रोगों से बचने के टहलते हुए ये प्रामायाम करना चाहिए। English summary Health benefits of Bhramari Pranayama Pranayama happens in many ways. You get relief from them. By doing this daily, your body remains sick. Today you will talk about traveling and pranayama. By doing this, you will be free of disease Please Wait while comments are loading...

दिमाग को तेज बनाये रखना है तो करें ये एरोबिक एक्सरसाइज

Thursday, November 16 2017

दिमाग को तेज बनाये रखना है तो करें ये एरोबिक एक्सरसाइज

» दिमाग को तेज बनाये रखना है तो करें ये एरोबिक एक्सरसाइज दिमाग को तेज बनाये रखना है तो करें ये एरोबिक एक्सरसाइज Wellness Published: Thursday, November 16, 2017, 15:00 [IST] Subscribe to Boldsky एरोबिक एक्सरसाइज विशेषतौर पर वे महिलाएं करती हैं जो अपना वजन घटाना चाहती हैं। लेकिन सिर्फ वजन कम करने के लिए ही एरोबिक नहीं किया जाता बल्कि इसका स्वास्थ्य को कई अन्य फायदे भी हैं। एक नई स्टडी में पाया गया है कि एरोबिक एक्सरसाइज यादाश्त को ठीक रखता है और उम्र बढ़ने के साथ दिमाग को भी स्वस्थ रखता है। स्टडी के दौरान आस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दिमाग के हिप्पोकैम्पस पर एरोबिक एक्सरसाइज के प्रभाव का पता लगाया जो मेमोरी और दिमाग के कार्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। हम सभी जानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ हमारा दिमाग भी कमजोर होने लगता है, इसके साथ ही 40 वर्ष की आयु के बाद एक औसत मेमोरी प्रति दशक लगभग पांच प्रतिशत कम होती जाती है। स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने 14 क्लिनिकल ट्रायल की समीक्षा की जिसमें एरोबिक एक्सरसाइज के पहले और बाद में 737 लोगों का ब्रेन स्कैन किया गया। सभी प्रतिभागी 24 से 76 वर्ष की आयु के थे जिसमें स्वस्थ वयस्कों, अल्जाइमर से पीड़ित लोग और मानसिक बीमारी जैसे डिप्रेशन और स्किजोफ्रेनिया का इलाज करा रहे लोगों को भी शामिल किया गया। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कंपलिमेंट्री मेडिसिन (एनआईसीएम) के जोसेफ फर्थ बताते हैं कि शोधकर्ताओं ने एरोबिक एक्सरसाइज के प्रभावों की जांच की जिसमें साइकिल चलाना, टहलना और ट्रेडमिल रनिंग शामिल था। इंटरवेंशन की लेंथ तीन से लेकर 24 महीने होती है जिसमें हर हफ्ते दो से पांच सेशन होते हैं। स्टडी में यह निष्कर्ष निकला कि ऐरोबिक एक्सरसाइज का प्रभाव पूरे हिप्पोकैम्पस पर नहीं पड़ता है लेकिन मानव के हिप्पोकैंपस के बाएं ओर के आकार बढ़ जाता है। जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो एक केमिकल उत्पन्न होता है जिसे ब्रेन डिराइव न्यूरोट्रोपिक फैक्टर (बीडीएनएफ) कहते हैं जो उम्र बढ़ने पर यादाश्त कम होने की समस्या को कम करता है। आंकड़े बताते हैं कि वास्तव में हिप्पोकैंपस के आकार में वृद्धि की बजाय ब्रेन को मुख्य लाभ यह होता है कि एरोबिक एक्सरसाइज मस्तिष्क के आकार में गिरावट को कम कर देता है। यह स्टडी हाल ही में न्यूरोइमेज नामक जर्नल में प्रकाशित हुई थी। हम यहां आपको एरोबिक एक्सरसाइज से होने वाले फायदों के बारे में भी बताने जा रहे हैं। 1-इम्यूनिटी बढ़ती है : एरोबिक एक्सरसाइज इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाता है। नियमित एरोबिक एक्सरसाइज करने से इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार होता है और यह कई संक्रामक बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है। 2-हृदय को ठीक रखता है : हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। एरोबिक्स में दौड़ना, टहलना, तैरना, साइकिल चलाना और इनडोर एक्सरसाइज शामिल है। ये एक्सरसाइज खून के प्रवाह को बनाए रखते हैं और हृदय संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद करते हैं। 3-मांसपेशियों का दर्द कम करता है : जो लोग मांसपेशियों और पीठ दर्द से परेशान है उन्हें दर्द से छुटकारा दिलाने में एरोबिक काफी मददगार है। यह मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करता है और मांसपेशियों से मेटाबोलिक विषाक्त पदार्थ लैक्टिक एसिड को दूर करता है। जिससे मांसपेशियों का दर्द दूर हो जाता है। 4-वजन घटाता है: वैसे तो किसी भी तरह की एक्सरसाइज करने से शरीर का फैट कम होता है लेकिन एरोबिक एक्सरसाइज रोजाना 15 मिनट तक करने से शरीर का वजन घटता है। 5-तनाव को कम करता है: स्ट्रेस को कम करने के लिए एरोबिक सबसे अच्छा एक्सरसाइज है। अगर आप भी स्ट्रेस से परेशान हैं तो नियमित एरोबिक करें इससे आपको स्ट्रेस से मुक्ति मिल जाएगी। English summary Aerobic Exercises Are Good For Your Brain: Study A new study has found that aerobic exercise can improve memory function and maintain brain health as we age. Story first published: Thursday, November 16, 2017, 15:00 [IST] Nov 16, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

इन छोटी छोटी स्किन समस्याओं से सर्दियों मे बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

Thursday, November 16 2017

इन छोटी छोटी स्किन समस्याओं से सर्दियों मे बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

त्‍वचा-की-देखभाल » इन छोटी छोटी स्किन समस्याओं से सर्दियों मे बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स इन छोटी छोटी स्किन समस्याओं से सर्दियों मे बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स Skin Care Updated: Thursday, November 16, 2017, 14:31 [IST] Subscribe to Boldsky सर्दियों कदम रखते ही आपकी स्किन से संबंधित कई सारी समस्याएं पैदा हो जाती है। इसके लिए आपको काफी संभलकर रहना पड़ता है। आपको बता दें कि अपनी स्किन को सुरक्षित रखने के लिए वैसे तो आप बहुत से काम करते हो पर आपको भाप के फायदों के बारे में शायद ही पता होगा। सर्दियों में रूसी, फटे होंठ, चेहरे-हाथों पर रूखापन और दाग-धब्बों की समस्या आम देखने को मिलती है। मौसम के बदलाव के साथ आप अपनी त्वचा की देखभाल में भी बदलाव कर देते है। इससे आपकी त्वचा और बालों को ज्यादा नुकसान होता है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे जिससे आप इस मौसम में भी खुद को खूबसूरत बनाए रख सकेत है। सर्दियों में स्किन की हर समस्याओं से छुटकारा दिलाएगी भाप थेरेपी आपको आज सर्दियों में होने वाले इन छोटी छोटी समस्याओं से बचने के लिए कुछ टिप्स बताने जा रहें। ये टिप्स आपकी स्किन को पूरी तरह से ये अच्छी रखती है और कई समस्याओं को आपके पास नहीं आने देती है। आइए जानते है इनके बारे में... फटे होंठ को कैसे सही रखें आपको बता दें कि सर्दियां आते ही सबसे पहले आपके होठ फटने लगते है। ये आपके फेस और खराब कर देते है और आपका लुक खराब हो जाता है। सर्दियों में बार-बार होंठ फटने वाली परेशानी से छुटकारा पाने के लिए इस पर रोजाना पैट्रोलियम जैली, लिप बाम और ऑलिव ऑयल से मसाज करें। इससे आपको होठो की समस्या नहीं होगी। चेहरे की देखभाल आपके फेस को भी सर्दियों में पोषण की जरूरत रहती है। सर्दियों की हवा के कारण चेहरे पर रूखापन और दाग-धब्बे पड़ जाते है। ऐसे में इस मौसम में भी घर से बाहर निकलते समय मॉश्चराइजर लगाना ना भूले। इसके इस्तेमाल से आपके फेस पर किसी भी तरह की समस्या नहीं होगी और आपका फेस सही रहेगा। हाथों पैरों में रूखापन सर्दियों में आपके हाथों और पैरों में रुखापन आ जाता है। ये आपके शरीर को खराब कर देता है।मॉइश्चर और हाइड्रेशन की कमी के कारण सर्दियों में हाथ रूखे और एड़ियां फटने लग जाती है। ऐसे में रात को सोने से पहले नारियल तेल से हाथों-पैरों की मसाज करें। ऐसा करने से आपको सर्दियों में रुखेपन की समस्या नहीं रहेगी। बालों में रूसी बालों की रूसी सर्दियों में काफी समस्या पैदा करती है। इससे आपको बचने के लिए इस मौसम में गर्म पानी से सिर धोने पर रुसी जैसी परेशानी हो जाती है। गर्म की बजाए एंटी-डैंड्रफ शैंपू के साथ गुनगुने पानी से सिर धोएं। रूसी की समस्या दूर हो जाएगी। ये एक असरदार घरेलू उपाय है। नाक लाल होना आपको अगर सर्दियों में जुकाम हो जाता है तो आपकी नाक लाल हो जाती है। इसको रोकने के लिए आपको गर्म तेल का प्रयोग करना चाहिए। इससे आपके नाक का लालपन चला जाता है। English summary tips to remove the small problems in winter There are many problems related to your skin when the winter moves. You have to be quite careful for this. Tell you that to keep your skin safe. Please Wait while comments are loading...

बाजारू शैंपू और तेल छोड़िये और अपनाइये गुड़हल का फूल

Thursday, November 16 2017

बाजारू शैंपू और तेल छोड़िये और अपनाइये गुड़हल का फूल

Published: Thursday, November 16, 2017, 13:30 Hibiscus Flower for Hair Problem | गुड़हल फूल से दूर करें बालों की समस्या | Boldsky बहुत से लोंगो को बालों की बहुत ही ज्‍यादा समस्‍या होती है, जिसके लिये वे महंगे-महंगे तेल और शैंपूज़ पर बेहिसाब पैसे खर्च करते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं गुड़हल के फूलों में ऐसा जादुई असर है कि वह आपके खराब बालों को इतना अच्‍छा बना सकता है कि उसके सामने बड़ी बड़ी कंपनियों के तेल और शैंपू भी फेल हो जाएं। गुड़हल के फूल ना केवल बगीचे की शोभा बढाते हैं बल्‍कि आपके बालों को भी मजबूती और शाइन से भरते हैं। गुड़हल के फूल और उसकी पत्‍तियां दोंनो ही चीज़े काम में लाई जा सकती हैं। अगर आपके बाल असमय ही ग्रे हो रहे हैं या फिर गंजापन हो रहा है तो गुड़हल का तेल लगाएं। आप गुड़हल का शैपू या फिर तेल भी आराम से घर पर तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा गुड़हल के पत्‍तों और इसके फूल से बना पेस्‍ट बालों के लिये प्राकृतिक हेयर कंडीशनर का काम कर सकता है। अगर आपको अपने बालों को घना करना है तो जैतून या नारियल के तेल में गुडहल के पत्‍तों को पीस कर मिला कर हल्‍का गरम कर लें और सिर पर 30 मिनट के लिये लगा लें। इसके बाद गुनगुने ेन को धो लें। ऐसा करने से बालों में चमक आएगी और बाल मजबूत तथा घने बनेंगे। #1. बालों की ग्रोथ बढ़ाए गुड़हल के फूल में पोषक तत्व जैसे अमीनो एसिड होते हैं जो केरातिन उत्पादन करने के लिए जरूरी होते हैं। इस फूल के साथ बालों का तेल बनाना भी आसान है। आपको बस एक मुट्ठी भर ताजा हिबिस्कस फूल और पत्तियां तथा 1 कप नारियल का तेल लेना है। पत्तियों और फूलों को ठीक से पेस्ट बना कर नारियल के तेल में मिलाना होगा। कुछ मिनटों के लिए मिश्रण को गरम करें और फर्क देखने के लिए इसे एक सप्ताह में तीन बार बालों में लगाएं। #2. बालों को स्‍मूथ और शाइनी बनाए गुड़हल के फूल का पावडर बनाएं आर उसमें एलो वेरा जैल मिलाएं। इस पेस्‍ट को हफ्ते में दो बार लगाएं। इससे ना केवल बालों में शाइन आएगी बल्‍कि बाल मजबूत भी बनेगें। #3. बालों की सफाई करे बालों में कैमिकल वाले शैंपू लगाने से बालों का नेचुरल ऑइल खतम हो जाता है। इससे बाल बेजान हो जाते हैं। घर पर ही गुड़हल के फूलों को पीस कर उसमें बेसन और पानी मिला कर शैंपू तैयार करें और हफ्ते में दो बार उससे बालों को धोइये। #4. बालों को डीप कंडीशन करे बालों को नम करने के लिये फूल और पत्‍तियां काफी उपयोगी होती हैं। 8 गुड़हल के फूलों को पीस कर उसमें जरुरतभर का पानी मिलाएं। फिर इसे सिर पर लगाएं और 1 घंटे बाद सिर को धो लें। #5. रूसी और खुजली दूर करे गुड़हल में astringent गुड़ होते हैं जो सिर में निकलने वाले अत्‍यधित तेल को निकलने से रोकते हैं। यह गुड़ सिर को ठंडा रखने तथा स्‍कैल्‍प को स्‍मूथ बनाने में मदद करता है। इससे रूसी और खुजली दूर होती है। अपने सिर पर मेंहदी, नींबू का रस और गुड़हल के फूलों का मिश्रण तैयार करें। इस पेस्‍ट को सिर पर लगाएं और असर देंखे। #6. बालों का झड़ना रोके अगर आपके बाल झड़ रहे हैं तो गुड़हल के फूलों का उपयोग करें। इसमें विटामिन सी और अमीनो एसिड होता है जो कि ब्‍लड सर्कुलेशन को ठीक रखता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है। आप चाहें तो इससे बालों के लिये तेल भी बना सकती हैं। #7. बालों का सफेद होना रोके यह एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन से भरा है जो कि मेलानिन का उत्‍पादन करता है और बालो को नेचुरल कलर प्रदान करने में मदद करता है। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक डाई की तरह उपयोग करने को बताया गया है। #8. बालों को टूटने से बचाता है प्रदूषण, कैमिकल्‍स और तनाव आदि से बालों पर बड़ा बुरा असर पड़ता है। अगर बाल बहुत ज्‍यादा टूटते हैं तो आप गुड़हल का प्रयोग कीजिये। English summary Here're 8 Benefits Of Hibiscus Flower For Gorgeous Hair Did you know that besides making your garden look lovely, the brightly coloured blooms of hibiscus can do some amazing things for your hair? Story first published: Thursday, November 16, 2017, 13:30 [IST] Nov 16, 2017 कीअन्यखबरें

शादी से पहले ना करें ऐसे एक्‍सपेरिमेंट, स्‍किन होगी खराब

Thursday, November 16 2017

शादी से पहले ना करें ऐसे एक्‍सपेरिमेंट, स्‍किन होगी खराब

Published: Thursday, November 16, 2017, 10:40 [IST] Subscribe to Boldsky शादी के दिन हर लड़की पहले से कहीं ज्‍यादा खूबसूरत दिखना चाहती है और इसलिये वह प्री ब्राइडल पैकेज भी लेती है, जिससे उसकी खूबसूरती और भी ज्‍यादा निखर के सामने आए। लेकिन उन्‍हें ठीक से पता नहीं होता कि उनकी स्‍किन के लिये क्‍या अच्‍छा होगा और वह ब्‍यूटी पार्लर वाली पर अंधा विश्‍वास कर लेती हैं। शादी करने जा रही लड़कियों को यह समझ में नहीं आता कि उन्‍हें शादी के कुछ दिन पहले कौन सा स्‍किन केयर ट्रीटमेंट लेना चाहिये। क्‍या वो काम करते भी हैं या नहीं? करते भी हैं तो कितने दिनों तक उनकाअसर रहेगा? और क्‍या इसे करवाने से उनकी स्‍किन को कोई डैमेज तो नहीं होगा? इन सब बातों का ध्‍यान रखना काफी जरुरी है क्‍योंकि एक तो आप इतने पैसे खर्च कर के पैकेज लेंगी और दूसरी ओर वह असर भी नहीं करेगा। कई महिलाएं शादी से पहले चेहरे पर तरह तरह के एक्‍सपेरिमेंट करने लगती हैं, जो कि हर किसी को सूट नहीं करता है। तो ऐसे में हमारी बात मानें और नीचे दिये हुए लेख को पढ़ें और अपनी स्‍किन को शादी से पहले खराब होने से बचाएं। शादी से पहले ना करें ऐसे एक्‍सपेरिमेंट, स्‍किन होगी खराब #1. सैलून फेशियल प्री ब्राइडल स्‍किन के लिये सैलून फेशियल बिल्‍कुल भी सही नहीं है क्‍योंकि इससे आपके चेहरे पर उल्‍टा असर पड़ सकता है। फैक्‍ट की बात यह है कि इससे आपकी स्‍किन में इरिटेशन, एलर्जी और मुंहासे आदि की समस्‍या पैदा हो सकती है। स्‍टडी की बात की जाए तो पता चलता है कि लगभग 47% साउथ एशियन महिलाओं को फेशियल करवाने के 7-21 दिनों के बाद एक्‍ने हो जाते हैं। ऐसा इसलिये क्‍योकि सैलून फेशियल में 8-10 प्रोडक्‍ट का यूज़ किया जाता है, जिसमें 100 सामग्रियां तो होती ही हैं। #2. नया घरेलू नुस्‍खा लगभग हर घर में शादी करने जा रही लड़की को उसकी दादी-भाभी अपने घरेलू नुस्‍खे जरुर बताती हैं। किसी को नहीं पता कि आपकी स्‍किन क्‍या लगाने पर किस तरह से रिएक्‍ट करेगी। कई लोंगो को नींबू से स्‍किन में प्रॉबलम्‍स हो जाती हैं और स्‍किन में जलन शुरु हो जाती है। #3. फेस पील पील्‍स को काफी सारी महिलाएं लगभग पूरे देश में यूज़ करती हैं। हांलाकि शादी के कुछ दिनों पहले पील का प्रयोग करने से बचना चाहिये। यह बहुत जरुरी है कि आपको इस बात का पता हो कि आपकी स्‍किन पील लगाने के बाद कैसे रिएक्‍ट करेगी। कई महिलाएं जो पील करवाती हैं उनकी स्‍किन पर मेकअप ठीक से सेट नहीं होता। अगर पील करवाना ही है तो शादी के एक हफ्ते पहले करवाएं। #4. बिकनी वैक्‍सिंग ना करवाएं अगर आप सोंच रही हैं कि शादी के पहले बिकनी वैक्‍सिंग करवा लें तो इसे तीन महीने पहले करवाएं ना कि शादी के दो दिन पहले। वैक्‍सिंग करवाने से उस जगह पर काफी ज्‍यादा दर्द होता है और कई लोंगो रिएक्‍शन भी हो जाता है, इसलिये अच्‍छा है कि अगर इन सब चीजों से बचना है तो इस काम को पहले करवा लें और ठीक लगे तो ही शादी के कुछ दिन बाद करवाएं। #5. खाने में ना खाएं ज्‍यादा सोडियम इसका मतलब है कि नमक वाला खाना, सॉस, ड्रेसिंग वाला खाना ना खाएं। इसकी जगह पर लो कैलोरी फूड का चुनाव करें। शादी के 7 दिनों पहले ही इन सब बातों का ख्‍याल रखना शुरु करें। सोडियम से आपका वजन 50 गुना बढ सकता है। English summary Bridal Beauty Treatments That Should NEVER Be Done Before Wedding Day As a bride, it becomes extremely difficult to decide what bridal treatment to take and what facials to start doing. Do they work? How long do they work? And can they cause any damage to the skin that may make a bride look worse on their wedding day? Story first published: Thursday, November 16, 2017, 10:40 [IST] Nov 16, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना है तो डाइट में शामिल करें ये 20 चीजें

Saturday, November 18 2017

कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना है तो डाइट में शामिल करें ये 20 चीजें

डाइट-फिटनेस » कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना है तो डाइट में शामिल करें ये 20 चीजें कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना है तो डाइट में शामिल करें ये 20 चीजें Diet Fitness Updated: 11:21 कैंसर और डाइट में क्या संबंध है इसका बड़े पैमाने पर अध्ययन हो चुका है। कई सारे ऐसे फूड्स हैं जिनमें कैंसर से लड़ने और कैंसर सेल्स के प्रसार को कम करने वाले गुण और न्यूट्रीयेंट्स होते हैं। अगर आप हेल्दी हैं तो आप अपने डाइट में कैंसर से लड़ने वाले फूड्स को शामिल जरुर करें। एंटी-कैंसर डाइट को इस्तेमाल करके आप कैंसर से होने वाले खतरे को आसानी से कम कर सकते हैं। रिसर्च में यह बताया गया है कि कुछ खाद्य-पदार्थ ऐसे है जो केवल कैंसर से लड़ने के लिए ही उपयोगी होते हैं क्योंकि आपके जीवनशैली और आपके खान पान की वजह से भी आपको कैंसर होने का खतरा हो सकता है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहें हैं जो कैंसर को रोकने के लिए उपयोगी हैं। 1- हरी पत्तेदार सब्जियां: हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और सलाद आदि में बहुत अच्छी मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट जैसे बीटा-कैरोटीन और लुटिन पाया जाता है। लैब स्टडी में यह पाया गया कि इनमें जो केमिकल पाए जाते हैं वो कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। 2- क्रुसीफेरस सब्जियां: इन सब्जियों में ग्लुकोसाइनोलेट्स नामक एक ऐसा पदार्थ होता है जिसमे सल्फर की मात्रा ज्यादा होती है और वह कैंसर सेल्स के निर्माण को रोकने का काम करता है। यह कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने के लिए अच्छे खाद्य-पदार्थों में से एक है। 3- टमाटर: टमाटर में लाइकोपीन नाम का एक फाईटोकेमिल्कल होता है जो ऐंडोमेट्रिअल कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है। 4- लहसून: लहसून में कुछ ऐसे केमिकल पाए जाते हैं जो पेट से सम्बंधित कैंसर को रोकने का काम करते हैं। 5- गाजर: गाजर में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है जो बड़े पैमाने पर हर तरह के कैंसर में कैंसर सेल्स को रोकने में मदद करता है। 6- बीन्स यानी फलियाँ: हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी डाइट जिनमे लेगुम्स होता है, वह फैटी एसिड ब्यूटीरेट लेवल को बढाते हैं जिससे कि कैंसर सेल्स के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है। 7- सन का बीज: सन के बीज में लाइगेन नामक एक हॉर्मोन होता है जिसमे एंटी-आक्सीडेंट गुण होते हैं जो कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। 8- अंगूर: इसमें एंटी-आक्सीडेंट के अलावा बहुत अधिक मात्रा में रेसवेराट्रोल पाया जाता है जो शरीर में कैंसर को बढाने वाले एंजाइम को ब्लाक करने का काम करता है। 9- सोया प्रोडक्ट्स: सोया में जेनिसटिन पाया जाता है जो कैंसर को बढ़ने से रोकता है। 10- जीरा: जीरे में एंटी-इन्फ्लामेट्री कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करता है। कैंसर सेल्स को रोकने के लिए यह एक अच्छा खाद्य-पदार्थ माना जाता है। 11- मीठा आलू: इसके कॉम्प्लेक्स नेचर की वजह से इसमें ढेर सारे ऐसे गुण होते हैं जो कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। इसमें बहुत अधिक मात्रा में बीटा-कैरोटीन होता है जो कैंसर सेल्स के प्रसार को रोकता है। 12- हल्दी: हल्दी में करक्यूमिन होता है जो कैंसर या ट्यूमर सेल्स के प्रसार को रोकता है। 13- सम्पूर्ण अनाज: सम्पूर्ण अनाज में ऐसे कई घटक होते हैं जो कैंसर के खतरे को कम करते हैं। अध्ययन में यह पाया गया है कि इन अनाजों को खाने से कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा कम रहता है। 14- ग्रीन टी: ग्रीन टी में कैटेचिंस होता है जो कैंसर सेल्स के प्रसार को कई तरीकों से रोकने का काम करता है। क्योंकि यह फ्री रेडिकल डैमेज को रोकता है। 15- बेरी: बेरी में बहुत अधिक मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं जो फ्री रेडिकल को बनने से रोकते हैं। 16- ब्राज़ील नट्स: इसमें भरपूर मात्रा में सेलेनियम पाया जाता है जो कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है। यह भी कैंसर सेल्स को रोकने का एक अच्छा फ़ूड होता है। 17- नींबू: नींबू का रोजाना सेवन करने से मुंह, गला और पेट के कैंसर होने का खतरा लगभग आधा हो जाता है। 18- आर्टीचोक: यह सिलीमैरीन का अच्छा स्रोत है जोकि एक एंटी-आक्सीडेंट है और स्किन कैंसर के खतरे को कम करने का काम करता है। 19- सालमन: शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग हफ्ते में कम से कम चार बार इसका सेवन करते हैं उनमें ब्लड कैंसर होने की सम्भावना कम होती है। 20- किवी फ्रूट्स: इसमें बहुत अधिक मात्रा में कैंसर से लड़ने वाले एंटी-आक्सीडेंट, विटामिन सी, विटामिन E, लुटिन और कॉपर पाये जाते हैं। अगर आपको कैंसर की सम्भावना को कम करना है तो आपको अपनी लाइफस्टाइल और अपना खान-पान बदलना होगा। आपको ऊपर बताये गये खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिससे कैंसर का खतरा कम हो। English summary 20 Foods That Fight Cancer Cells Growth Check out these top 40 foods that can fight the growth of cancer cells. Read to know about the foods that stop cancer cell growth.

फेफड़ों को स्वस्थ रखना है तो इस ख़ास चीज का करें इस्तेमाल

Saturday, November 18 2017

फेफड़ों को स्वस्थ रखना है तो इस ख़ास चीज का करें इस्तेमाल

» फेफड़ों को स्वस्थ रखना है तो इस ख़ास चीज का करें इस्तेमाल फेफड़ों को स्वस्थ रखना है तो इस ख़ास चीज का करें इस्तेमाल Wellness Published: 9:00 Yoga for healthy lung function | Ashtang Namaskar Yoga | अष्टांग नमस्कार | Boldsky पर्यावरणविदों के लिये प्रदूषण एक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। कई सालों से प्रदूषण को दूर करने के लिए तरह तरह की डिबेट हो रहीं हैं। वातावरण को बचाने के कई तरीकों के बावजूद भी हमारे स्वास्थ्य के लिए प्रदूषण एक बहुत बड़ा खतरा है। वैसे तो कई तरह के प्रदूषण होते हैं जिनमे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण मुख्य हैं लेकिन आपके श्वशन तंत्र के लिए वायु प्रदूषण ही जिम्मेदार होता है। रिसर्च के अनुसार ज्यादातर ह्रदय संबंधी और सांस से सम्बंधित समस्याएं इस होने वाले प्रदूषण की वजह से होती हैं। ये आपके फेफड़े पर बहुत बुरा असर डालते हैं और आपके श्वशन तंत्र की कोशिकाओं को ख़त्म कर देते हैं, जिसकी वजह से आपके फेफड़े अच्छी तरह से अपना काम नहीं कर पाते हैं। जैसा कि हम सब जानते हैं कि फेफड़े मनुष्य के शरीर का एक अहम अंग होते हैं और इसका काम बाधित होने से आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए यह बहुत जरुरी है कि अपने फेफड़े को साफ़ सुथरा रखने के लिए इस पप्रदूषण से बचने के बारे में गंभीरता से सोंचे। आज के इस प्रदूषण भरी लाइफ में यूकेलिप्टस का तेल फेफड़ों को साफ़ रखने के लिए बहुत उपयोगी है तो आइये हम इस तेल से होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं। यूकेलिप्टस का तेल अपने औषधीय गुणों की वजह से जाना जाता है सदियों से यूकेलिप्टस का तेल अपने औषधीय गुणों की वजह से लोगों के बीच इस्तेमाल होता आया है। हालांकि यह तेल ऐरोमेटिक नहीं होता है फिर भी इसमें से दूसरे ऐरोमेटिक तेलों के जैसी खुशबू आती है। इसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री, एंटी-स्पाज्मोडिक, एंटी-सेप्टिक, और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो इस तेल बहुत ही ख़ास बनाते हैं। यह तेल कई तरह से फायदेमंद होता है। 1# • एंटी-सेप्टिक तेल जले, कटे और कई तरह के घावों को आसानी से भर देता है। यह त्वचा में होने वाले कई तरह के इन्फेक्शन से भी बचाता है। 2 # • अगर आप मानसिक रूप से थक चुके हैं या कोई तनाव है या फिर आप बहुत ज्यादा चिंतित हैं तो यूकेलिप्टस का यह तेल आपके स्वास्थ्य के लिए हर तरह से आरामदायक है। 3# • यूकेलिप्टस का यह तेल आपके मांसपेशियों के दर्द के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इस तेल का मसाज करने से बहुत जल्दी आराम मिलता है। 4 # • आप दांतों में होने वाली कैविटी, प्लेक्स या फिर और भी कई तरह के इन्फेक्शन को इस तेल से आसानी से दूर कर सकते हैं क्योंकि इसमें वैसे ही जर्मीसिडल गुण होते हैं जोकि आपके माउथवाश और टूथपेस्ट में होते हैं। 5# • यह आपके त्वचा के लिए एक नेचुरल बग की तरह काम करता है और दुसरे केमिकल प्रोडक्ट की तुलना में यह स्किन के इन्फेक्शन को दूर करने में ज्यादा असरदार होता है। 6# • यूकेलिप्टस का तेल आपकी आंतो में मौजूद कीटाणुओं को दूर करने साथ आपकी त्वचा की भी अच्छे से देखभाल करता है। 7# • यह बुखार, डायबिटीज और टीबी जैसी बीमारियों को भी ठीक करने के लिए बहुत ही सहायक होता है। इतने सारे लाभदायक गुणों के अलावा यह तेल सांस संबंधी समस्याओं को भी ठीक करने में उपयोगी है। सर्दी, खांसी, आस्थमा और ब्रोंकाइटीस से लेकर यह आपके फेफड़ों को भी साफ करने में कारगर है। फेफड़ों के लिये यूकेलिप्टस के तेल का कैसे इस्तेमाल करें: यूकेलिप्टस के तेल में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं जिसकी वजह से यह वायु प्रदूषण की वजह से फेफड़ों में होने वाली दिक्कतों को दूर करने में मददगार होता है। स्वस्थ और एक्टिव लाइफस्टाइल के लिए यह जरुरी है कि आप अपने फेफड़े को ठीक से रखें। यहाँ हम आपको यूकेलिप्टस का तेल कैसे इस्तेमाल करें, उसका तरीका बताने जा रहें हैं। STEPS: स्टेप 1: एक बड़े कटोरे में पानी को लेकर उसे गर्म करें। स्टेप 2: उस गर्म पानी में यूकेलिप्टस के तेल की 4 से 5 बूंदे डालें। स्टेप 3: फिर हफ्ते में दो या तीन बार उसका गर्म पानी का भाप लें। ऐसा करने से आपके फेफड़ों से टॉक्सिक पदार्थ और म्यूकस बाहर निकल जायेगा और आपका फेफड़ा ठीक तरह से काम करेगा। इसके साथ ही इसका भाप लेने से आपको फ्लू, ब्रोंकाइटीस और सर्दी के अलावा सांस संबधी और भी दिक्कतों से आराम मिलेगा। English summary One Natural Ingredient That Helps To Cleanse The Lungs Lung infection can be caused due to several reasons. Know how to clenase your lungs using eucalyptus oil. Story first published: 9:00 [IST] Nov 18, 2017 कीअन्यखबरें

टेस्ट ट्यूब बेबी से परमाणु हथियार, हिन्दू कथाओं में विज्ञान का रोचक इस्तेमाल

Saturday, November 18 2017

टेस्ट ट्यूब बेबी से परमाणु हथियार, हिन्दू कथाओं में विज्ञान का रोचक इस्तेमाल

Updated: Saturday, November 18, 2017, 17:26 आपको लग रहा होगा कि टेस्‍ट ट्यूब बेबी से लेकर परमाणु हथियार आज की देन है तो आप बहुत गलत है, महाभारत काल में भी टेस्‍ट ट्यूब बेबी और परमाणु हथियार जैसी थ्‍योरिज के बारे में पढ़ने और सुनने को मिलता है। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि हमारे पूर्वज हमसे ज्यादा कुशल हुआ करते थे, इस बात के कई प्रमाण हैं जो वाकई में रोचक हैं। आज हम आपको बताएंगे हिंदू मान्‍यताओं में किस तरह विज्ञान का उस समय रोचक तरीके से इस्‍तेमाल किया जाता था। आइए पढि़ए। उड़ते विमान उच्च तकनीक के विमान पौराणिक हिन्दी कथाओं में इस्तेमाल किए गए हैं। वे लोग इन पर बैठकर हिमालय या अन्य किसी गृह पर चले जाया करते थे। 100 टेस्ट ट्यूब बेबी एक और शानदार कहानी महाभारत में 100 कौरव पुत्रों के जन्म की है जिनका जन्म एक ही भ्रूण से हुआ जो बाद में 100 टुकड़ों में बाते और हर हिस्सा एक अलग कंटेनर में बढ़ा। यह तकनीक तो आजकल की टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से ज़्यादा एडवांस है। जबड़े से परमाणु हथियार गिराना हम सब हिरोशिमा और नागासाकी बम धमाकों से बारे में जानते हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि महाभारत में भी ऐसे ही विनाशकारी बमों का इस्तेमाल किया गया था। अंग प्रत्यारोपण हालही में विश्व का दूसरा सिर प्रत्यारोपण किया गया है। इससे पहले यह असंभव था। पर हिन्दू कथाओं में ये ज़रूर था। जब भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काट दिया था तो उन्हें हाथी का सिर लगाया गया था। रामसेतू पुल रामायण के समय राम के द्वारा सीता को लाने के लिए श्रीलंका जाने के लिए पुल का निर्माण किया गया। तैरते पत्थरों से यह पुल तैयार किया गया। इसका प्रमाण आज भी गूगल सेटेलाइट पर दिखाई देता है। लाइव सेटेलाइट और कैमरा कंट्रोल हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र अंधे थे और महाभारत का युद्ध देखना चाहते थे। भगवान कृष्ण ने संजय को महल के अंदर बैठे ही युद्ध को देखने का गिफ्ट दिया। उन्होने सब देखा और धृतराष्ट्र को बताया। बच्चे माँ की कोख में सीख जाते थे महान योद्धा अभिमन्यु ने मान की कोख में ही चक्रव्यूह रचना सीख ली। पहले इसे लोगों ने नकारा था लेकिन साइंस का मानना है कि यह संभव है। समय यात्रा पुरानी कथाओं में पुराने समय में जाने के अनेक उदाहरण हैं। हिन्दू कथों के अनुसार राजा राइवत काकुडमी ने श्रीष्टि के रचयिता ब्रह्मा की यात्रा की। इस यात्रा से जब वे धरती पर आए तो 108 युग बीत गए थे और ऐसा माना जाता है कि हर युग में 4 मिलियन साल होते हैं। ब्रह्मा ने इसका उत्तर दिया कि समय का अस्तित्व अलग-अलग होता है। जैसे कि 1 सहस्र युग = 12 साल 1 योजना = 8 मील तो, इसका मतलब है 12000 * 12 * 8 = 96 मील इसे किलोमीटर में परिवर्तित करते हैं तो, 96 x 1.6 = 153,600,000 किमी पृथ्वी से सूर्य तक वैज्ञानिकों द्वारा अनुमानित दूरी = 152, 000,000 किमी से ज़्यादा English summary Shocking Use Of Advanced Science In Hindu Mythology Our ancestors were much more advanced and scientifically strong than us. Are you wondering how? Just have a look at the proofs collected. Please Wait while comments are loading...

त्‍वचा पर क्‍या पड़ता है वायु प्रदूषण का असर

Saturday, November 18 2017

त्‍वचा पर क्‍या पड़ता है वायु प्रदूषण का असर

Updated: Saturday, November 18, 2017, 14:06 [IST] Subscribe to Boldsky पिछले कई सालों में शहर की हवा काफी प्रदूषित हो गई है। ऐसा हवा में मौजूद कणों के बढ़ने की वजह से हो रहा है। हम में से सभी को वायु प्रदूषण से स्‍वास्‍थ्‍य को होने वाले नुकसान के बारे में जानते हैं। इसकी वजह से त्‍वचा पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है। हवा में मौजूद प्रदूषक त्‍वचा को कुरूप बना देते हैं। आज हम आपको वायु प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं। इस बारे में जानकारी प्राप्‍त करने के बाद आप वायु प्रदूषण से अपनी त्‍वचा की उचित सुरक्षा कर पाएंगें। तो चलिए जानते हैं वायु प्रदूषण से त्‍वचा को नुकसान पहुंचाने के विभिन्‍न तरीकों के बारे में। योनि में लीच या जोंक डालना पुराने जमाने में गर्भवती महिलाओं को योनि में जोंक डालने के लिए मजबूर किया जाता था, ताकि यह भ्रूण को नष्ट कर दे। ऐसा माना जाता था कि जोंक खून को चूसकर भ्रूण को मार देगा। कितना डरावना है ना! कोट का हैंगर अंदर डालना यह भी बहुत डरावना लगता है कि कैसे भ्रूण को कोख में ही मारने के लिए ऐसी नुकीली चीजें डाली जाती थी। इसकी सोच हो जंकझोर देती है। नुकीली चीज डालना कोई भी चीज जो इतनी लंबी है कि अंदर जाकर भ्रूण को मार सकती है उसे इस्तेमाल कर लिया जाता था। व्हेल की हड्डी से टर्की के पंख तक, अनचाहे गर्भ को खत्म करने के लिए कुछ भी बेकार से बेकार तरीका अपनाया जाता था। समय के साथ ये नुकीली चीजें बदली टर्की के पंखों से लेकर ऑपरेशन के उपकरण इस्तेमाल करने तक इन तरीकों में बहुत बदलाव हुआ। इन डरावने उपकरणों में मूत्र नलिका, चिमटी और काँच का इस्तेमाल! साबुन का इस्तेमाल यह भी एक अजीब तरीका है जो डॉक्टर्स गैर-कानूनी गर्भपात के लिए इस्तेमाल करते थे। वे एनीमिया की सिरिन्ज में साबुन भरकर योनि में डालते थे। ऐसा माना जाता था कि इस सीरीज से गर्भ नष्ट हो जाएगा और गर्भपात हो जाएगा। कॉकटेल में जहरीला पौधा परिवार के पुराने लोग स्थानीय जहरीले पौधे को कॉकटेल में डालकर गर्भवती महिला को देते थे। यह जहरीला पौधा भ्रूण को मार देता था। जब अजीब चीजों वाले टैंपोन अंदर डाले जाते थे पीसी हुई चीटियों का मिश्रण, ऊंट के बाल या ऊंट के मुंह का झाग ना जाने क्या क्या! ये अजीब चीजें योनि में डाली जाती थी। तेज जहर के कारण ये चीजें भ्रूण को खत्म कर देती थी। गरम पानी से स्नान करना यह भी एक अजीब तरीका है। यह माना जाता था कि गरम-गरम स्नान करने से भ्रूण हत्या हो जाएगी। उनका मानना था कि इससे महिला की झिल्ली खुल जाएगी और शरीर से भ्रूण निकल जाएगा। English summary त्‍वचा पर क्‍या पड़ता है वायु प्रदूषण का असर Read on to know about the various ways in which air pollution can cause damage to your skin. Please Wait while comments are loading...