Health and Fitness

मर्दाना शक्ति बढ़ानी हो या ब्रेस्‍ट के साइज, सर्दियों में जरुर खाएं गोंद के लड्डु

Tuesday, November 21 2017

मर्दाना शक्ति बढ़ानी हो या ब्रेस्‍ट के साइज, सर्दियों में जरुर खाएं गोंद के लड्डु

डाइट-फिटनेस » मर्दाना शक्ति बढ़ानी हो या ब्रेस्‍ट के साइज, सर्दियों में जरुर खाएं गोंद के लड्डु मर्दाना शक्ति बढ़ानी हो या ब्रेस्‍ट के साइज, सर्दियों में जरुर खाएं गोंद के लड्डु Diet Fitness Updated: Tuesday, November 21, 2017, 14:52 सर्दियों का मौसम आ चुका है, अब सीजन बदलते ही खान पान में भी बदलाव आएंगे। सर्दियां आते ही उत्‍तर भारत में घरों में पारम्‍पारिक रुप से बनने वाले लड्डू आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होते है, नानी दादी के नुस्‍खों से बनाए जाने वाले ये लड्डू जायके के साथ सेहतमंद बनाएं रखते है। ठंड के समय पाचन शक्ति अच्छी रहती है और भूख भी खुलकर लगती है| इसलिए इस वक्त हैवी खाना भी आसानी से हजम हो जाता है। सदिर्यों में न सिर्फ गोंद के लड्डू शरीर को बीमारियों से बचाएं रखते है बल्कि ये शरीर को नियमित तापमान में बनाएं रखता है, इस लड्डू में पड़ने वाले चमत्‍कारी जड़ी बूटियां जैसे कालीमिर्च, सौंठ, अश्‍वगंधा, और बूरा, पीपल, शरीर को बीमारियों से बचाने के साथ मस्तिष्‍क को तेज बनाने में सहायक होते है। आइए जानते है गोंद के लड्डु सर्दियों में खाने के फायदें। काली चाय पीने के ये 18 फायदे... पिएंगे तो खुद जान जाएंगे प्रेगनेंसी के बाद खिलाएं प्रेगनेंसी के बाद गोंद के लड्डू खाने से ताकत मिलती है। इससे मां और बच्‍चा दोनों हेल्‍दी रहती है, गोंद ब्रेस्‍टफीड करवाने वाले मांओं में मिल्‍क प्रोडक्‍शन बढ़ाता है। जिन महिलाओं का वजन कम है, वो गोंद के लड्डू खाकर दूध पिएं तो इससे वजन बढ़ेगा और कमजोरी भर दूर होगी। अगर सर्दियों में बाजरा नहीं खाया, तो क्‍या खाया? इम्‍यूनिटी बढ़ाए सुबह सुबह दूध के साथ एक लड्डू खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह सर्दी के मौसम में शरीर में एनर्जी बनाएं रखता है। मांसपेशियों को मजबूत करता है गोंद का सेवन ह्रदय रोग के खतरे को कम करता है, साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम होता है, इससे हडि्डयां और मांसपेशियों को मजबूत करता है। आयरन गोंद के लड्डू में आयरन होता है, इससे ब्‍लड सर्कुलेशन इम्‍प्रूव होता है, भरपूर ताकत मिलती है। इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर्स से डाइजेशन इम्‍प्रूव होता है। पेट की प्रॉब्‍लम दूर होती है। बच्‍चों के लिए अच्‍छे ठंडी के दिनों में शरीर को ऊर्जा देने के लिए गोंद से बने लड्डू से ताकत मिलती है| रोजाना सुबह नाश्ते में 1 या 2 लड्डू गोंद के खाकर आप खुद को सर्दियों में स्वस्थ रख सकते है| इससे शरीर को गर्मी मिलती है और सर्दी नहीं लगती|, इसलिए बच्चो के लिए तो यह बहुत ही अच्छे होते है। ब्रेस्‍ट साइज के लिए अगर आप अपने ब्रेस्‍ट की साइज से खुश नहीं है तो आपको गोंद के लड्डू खाने चाहिए, इसमें मौजूद क्‍लोरिफिक गुण आपके ब्रेस्‍ट के फैट को बढ़ाने में मदद करता है। मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए गौंद को पानी या दूध में भिगोकर खाने से पुरुषों की सेक्‍स ड्राइव बढ़ती है, जिससे वो सेक्‍स के दौरान अच्‍छा परफॉर्मेंस देते हैं। ब्‍यूटी बढ़ाने के लिए इन् लड्डू को सुबह 5 बजे उठकर खाया जाये और फिर थोड़ी देर सो लिया जाये तो इसका अधिक फायदा मिलता है| इसमें मौजूद काजू- बादाम और घी के कारण चेहरे पर चमक आती है| ऐसे बनाएं ये गौंद के लड्डू इन् गोंद के लड्डू को आप 1 महीने तक इस्तेमाल कर सकते है। गोंद के लड्डू में ड्राई फ्रूट्स के अलावा गोंद के साथ मूंग दाल का आटा और सोयाबीन का आटा और भी डाला जाता है। ये सभी शरीर को प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व देते हैं| इसलिए बच्चे को जनम देने के बाद यदि यह माँ को खिलाया जाये तो वो जल्दी ठीक हो सकती है। सामग्री:- गोंद - 1 कप (100 ग्राम) घी- 500 ग्राम किशमिश, मखाने - 100 ग्राम बादाम, काजू, खारिक - 200 ग्राम बनाने की विधि:- सारे सूखे मेवे को मिक्सर में चलाकर बारीक़ कर ले या छोटे-छोटे टुकड़ो में काट लें| अब गोंद को ओखली में छोटा-छोटा करके तोड़ ले| कढ़ाई में घी डाल कर गर्म करले| अब गर्म घी में गोंद के टुकड़े डालकर उसे हल्का ब्राउन होने तक सेक लें| फिर ठंडा करने के लिए प्लेट में निकाल ले| अब कढ़ाई में थोड़ा और घी डाल कर गर्म करें| गुड़ को तोड़ कर टुकड़े कर लें, और घी में डालकर पिघला लें| गुड़ की गाढ़ी चाशनी बनने तक रुके| अब गुड़ की चाशनी में पीसी गोंद, सारे मेवे अच्छी तरह मिलाकर लड्डू का मिक्सचर तैयार कर लें| अब इस मिश्रण को हाथ में लेकर हाथों से गोल-गोल लड्डू बनाकर तैयार करें| आप अपने अनुसार छोटे या बड़े लड्डू बना सकते है|

टेढ़े दातों को घर में सीधा कैसे करें, तार डलवाने से आपकी खूबसूरती हो जाती है भद्दी

Tuesday, November 21 2017

टेढ़े दातों को घर में सीधा कैसे करें, तार डलवाने से आपकी खूबसूरती हो जाती है भद्दी

Updated: Tuesday, November 21, 2017, 12:37 दांत आपके शरीर के एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है इनसे आपके चेहरे की खूबसूरती होती है और आपको सुंदर बनाते है। मुस्कुराहट से चेहरे की सुंदरता भी बढ़ती है और आत्मविश्वास को दर्शाती है। जब हम हंसते मुस्कुराते हैं, हमारे दांत दिखते हैं। लेकिन जिनके दांत टेढ़े मेढ़े होते हैं या उनमें पीलापन होता है, तो दबी मुस्कान से ही काम चलाना पड़ता है। डर लगा रहता है अगर किसी को दांत दिख गए तो बेइज़्ज़ती हो जाएगी। आपने दांतों का पीलापन दूर करने के कई उपाय पढ़े हैं लेकिन आज हम आप बिना तार टेढ़े मेढ़े दांत सीधे करने के उपाय जानेंगे। आपको इसके लिए कही जाने की जरूरत नहीं है। संतरे और नींबू से ज्यादा विटामिन c होता है इन 7 चीजों इसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है और ना ही आपको टेढ़े मेढ़े दांतों में तार डालने की जरूरत है। इसके लिए आपको इन घरेलू उपायों को करना है इससे आपके दांत सीधे और सुंदर हो जाएंगें। ऐसे दांत सीधे करते है डेंटिस्ट आपके दांत अगर टेड़े मेढ़े होते है तो आप डेंटिस्ट के पास जाते है और वो आपके दांतों को सीधा करने के लिए कई तरह के प्रयोग करता है। आपके दांतो में तार भी डालता है। इसे ब्रिसेस या फ्लिप करना कहा जाता है। इससे आपके दांत में जो तार पड़ते है वो आपके चेहरे की खूबसूरती को दबा देते है। जीभ से करें दातों को अंदर अगर आपको ऐसे ही दांतों को अंदर करना है तो आपको रोजाना अपनी जीभ से दांतों को प्रेशर से अंदर करना होगा। आपको ये आदत में शुमार करना है। इससे आपके दांत से टेड़ापन गायब होने लगेगा। इसका इस्तेमाल आप जरूर करें। उंगली से अगर आप उंगली का प्रयोग करेगे तो भी आपके लिए ये असरदार होगा। आपको अपनी उंगली से अपने दातों को अंदर के तरफ या जिस दिशा में सीधे करने हो उसको नियमित कर सकते है। बच्चों से छुड़वाएं ये आदत आपने अक्सर देखा होगा कि बच्चों को अंगूठा चूसने से लेकर जीभ से अपने दांतों को धक्का मारने की आदत होती है। अगर आप ये बच्चे में देखे तो उसे हर महीने डेंटिस्ट के पास जरूर ले जाएं। इसस उसके दांतो में टेढ़ापन नहीं आएगा। कुछ बच्चे मुंह से सांस लेते है आपको बता दें कि शायद पता भी ना चले पर कुछ बच्चों की ये आदत बन जाती है कि वो मुंह से सांस लेने लगते है जो कि उनकी आदत बन जाती है। जिस कारण उनके दांत बाहर आ जाते है। अगर बच्चा ऐसा करता है तो उसको रोकें। जब दूध के दांत ना गिरें कभी कभी देखने में आता है कि बच्चों के दूध के दांत नहीं गिरते है और उसी जगह पर नए दांत आना शुरु हो जाते है। ऐसा होने से भी बच्चों के दांत टेढ़े होने शुरु हो जाते है। इसके लिए आपको डेंटिस्ट की सलाह लेने की जरूरत है। इन चीजों से करें परहेज अगर आपने ओर्थोडोंटिक्स से टेढ़े मेढ़े दांत सीधे किए हैं, तो अधिक ठंडी चीज़ें खाने परहेज़ कीजिए और टॉफ़ी, चॉकलेट, च्विंगम जैसी चीज़ों का भी सेवन न करें। कम उम्र में ही करें उपचार आपको इससे बचने के लिए कम उमर में ही टेढ़े दांतों का उपचार कर लेने से समस्या जल्दी ठीक हो जाती है। छोटी उम्र में जबड़े मुलायम होते है, इसलिए टेढ़े मेढ़े दांत सीधे करना आसान होता है। साथ ही समय भी कम लगता है। English summary How to Straighten Teeth at Home Easily Without Braces Teeth are an important part of your body, these are the beauty of your face and make you beautiful. The smiling beauty also enhances the beauty of the face and also reflects self-confidence. Please Wait while comments are loading...

इंटिमेट होते समय ना लें लव बाइट... यह ले सकता है आपकी जान

Tuesday, November 21 2017

इंटिमेट होते समय ना लें लव बाइट... यह ले सकता है आपकी जान

Published: Tuesday, November 21, 2017, 12:52 लव बाइट, हिक्की या बोलचाल की भाषा में कहें तो साथी के शरीर पर चुंबन के निशान छोड़ना। लव बाइट के निशान शरीर पर तब आते है जब पार्टनर के साथ इंटिमेट होते समय जोशीला होकर एक पार्टनर दूसरे पार्टनर को जोर से चूमता है, जिसके बाद चुंबन व दांच काटने की वजह से एक खून एक जगह हल्का सा रुक जाता है ओर वहां लाल रंग के निशान पड़ जाते हैं। इंटिमेट होते समय ज्‍यादातर लोग लव बाइट लेते और देते हैं। आजकल लोग अपने सेक्‍स को और ज्‍यादा स्‍टीमी और वाइल्‍ड बनाने के लिये लव बाइट का सहारा लेते हैं। मगर क्‍या आप जानते हैं कि यह एक आम सेक्‍स इंजुरी है? जी हां, हिक्‍की एक चोट है ना कि लव मार्क। इसके निशान कुछ हफ्तों तक इंसान के शरीर पर बने रहते हैं और धीरे - धीरे खतम होते हैं। आज हम इन्‍हीं लाल रंग के निशानों यानी की लव बाइट के बारे में आपको बताएंगे कि किस तरह से हिक्‍की आपकी जान के लिये खतरा बन सकता है। 1. हिक्‍की बस एक चोट है आप अपने शरीर को काटने को प्यार कहते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि लव बाइट एक चोटों से ज्यादा कुछ नहीं। बेशक यह आपके गिरने या टकराने की वजह से ना लगी हो लेकिन चिकित्सकीय तौर पर जब कोशिकाएं टूट जाती हैं, तब जा कर यह लाल निशान पड़ता है। इसलिये यह कोई अनोखी चीज़ नहीं है। 2. आयरन की कमी वाले लोंगो को होती है हिक्‍की क्या आपने देखा है कि कुछ लोगों को हिक्‍की का निशान बड़ी जल्‍दी पड़ जाता है? इसके पीछे कारण आयरन की कमी हो सकती है। नेशनल हार्ट, लंग्‍स और ब्लड इंस्टीट्यूट ने पाया है कि चोट लगना एप्लास्टिक एनीमिया का एक सामान्य लक्षण है, एनीमिया का एक रूप तब होता है जब व्यक्ति के रक्त में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद कोशिकाएं और प्लेटलेट नहीं होते हैं। एनीमिया से बचने के लिये बस पर्याप्त मात्रा में लाल मांस और पत्तेदार साग खाएं। 3. हिक्‍की Oral Herpes Virus फैला सकता है यदि आपके पार्टनर को ओरल हर्पीस है और वह आपको हिक्‍की देता है तो आपको भी यह वायरस फैल सकता है। इसलिये ऐसे लोंगों को यौन गतिविधियों में नहीं पड़ना चाहिये। 4. हिक्‍की का कोई इलाज नहीं है आपको पता होना चाहिये कि यह कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह शर्मिंदा करने वाली चीज़ जरुर है। हिक्‍की का निशान आपके शरीर से कितनी जल्‍दी खतम होता है, यह आपके पूरे शरीरिक स्‍वास्‍थ्‍य पर डिपेंड करता है। आप जितने ज्‍यादा स्‍वस्‍थ होंगे आपका हिक्‍की उतनी ही जल्‍दी ठीक होगा। अपनी लाइफस्‍टाइल में ढेर सारे फल और सब्‍जियां शामिल करें। 5. हिक्‍की से निशान भी पड़ता है इससे पहले कि आप यह पढ़ कर परेशान हों, यह जान ले कि यह काफी कम होता है। यह आपकी स्‍किन कलर पर डिपेंड करता है, हिक्‍की कितनी जोरो से ली गई है। अगली बार जब आपका पार्टनर हिक्‍की ले तो उससे थोड़ा आराम से ये सब करने को कहें। 6. हिक्‍की से हो सकता है Strokes हमारा आपको डराने का कोई इरादा नहीं है लेकिन न्यूज़ीलैंड में 2011 के वक्‍त एक महिला को हिक्‍की की वजह से यह सब झेलना पड़ा। डॉक्टर ने कहा कि लव बाइट की वजह से महिला की गर्दन में रक्‍त का थक्‍का जम गया, जिसके कारण ना सिर्फ उसे स्‍ट्रोक हुआ बल्‍कि उसका बांया हाथ भी पूरी तरह से पैरालाइज़ हो गया। तो अब तो आप समझ ही चुकी होंगी कि जोश में आ कर लव बाइट लेना कितना खतरनाक हो सकता है।। English summary Are Hickeys Dangerous? Things You Didn't Know About Love Bites Did you know that hickeys or love bites are the most common sex injury? Yes, a hickey is actually an injury, not a mark of passion as you would like to believe. Story first published: Tuesday, November 21, 2017, 12:52 [IST] Nov 21, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

जल्दी से वजन कम करना है तो नाश्ते में खाएं ये 5 चीजें

Tuesday, November 21 2017

जल्दी से वजन कम करना है तो नाश्ते में खाएं ये 5 चीजें

» जल्दी से वजन कम करना है तो नाश्ते में खाएं ये 5 चीजें जल्दी से वजन कम करना है तो नाश्ते में खाएं ये 5 चीजें Diet Fitness Updated: Tuesday, November 21, 2017, 15:11 सुबह हेल्दी ब्रेकफास्ट करने से न केवल हमारे दिन की शुरुआत अच्छी होती है बल्कि यह हमें ज्यादा एक्टिव भी रखता है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर नाश्ते की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। ब्रेकफास्ट न करने की आदत महिलाओं में सबसे ज्यादा देखी जाती है क्योंकि वे अपने घर के कामकाज और ऑफिस के काम के बीच नाश्ते के लिए बमुश्किल ही समय निकाल पाती हैं। सुबह का नाश्ता छोड़ने से हमारे स्वास्थ्य पर इसका काफी बुरा असर पड़ता है। ज्यादातर लोग सोचते हैं एक गिलास जूस या बचा हुआ पिज्जा नाश्ते के लिए पर्याप्त है लेकिन वास्तव में यह हमें एक्टिव रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। क्योंकि इसे खाने के कुछ समय बाद ही फिर से भूख महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में यह देखा गया है कि लोग भूख मिटाने के लिए कोई ऑयली खाद्य पदार्थ या जंक फूड खा लेते हैं। इसकी वजह से पाचन क्षमता गड़बड़, शरीर में सूजन और वजन बढ़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सुबह के समय ऐसा भोजन सही तरीके से नहीं पच पाता है। इसके अलावा जो लोग बचे हुए भोजन को नाश्ते में प्रयोग करते हैं वे भी मोटापा या इससे जुड़ी समस्याओं के शिकार हो जाते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि सुबह का नाश्ते संतुलित और पौष्टिक हो। यहां हम आपको कुछ ऐसे हेल्दी ब्रेकफास्ट के बारे में बताने जा रहे हैं जो पोषक तत्वों से युक्त होते हैं और वजन कम करने में सहायक होते हैं। स्प्राउट्स पोहा: पोहा बनाना आसान है और यह खाने में भी काफी स्वादिष्ट होता है। अगर इसमें स्प्राउट्स मिलाकर बनाया जाए तो इससे न सिर्फ इसका स्वाद बढ़ जाता है बल्कि हमारे शरीर को पोषक तत्व भी मिलते हैं। पोहा बनाने के लिए एक या आधा कप पोहा लें और पानी से धोकर इसमें से अच्छी तरह पानी निकाल लें। कड़ाही गर्म करें और इसमें आधा चम्मच तेल और राई डालें। जब राई कड़कने लगे तब इसमें बारीक कटा प्याज और मिर्च डालें। प्याज को हल्का भूरा होने तक मध्यम आंच पर भूनें, फिर इसमें उबले हुए स्प्राउट्स मिलाकर फिर से 2 मिनट तक भूने। इसके बाद इसमें नमक, थोड़ी चीनी और हल्दी अच्छी तरह मिलाएं। अब इसमें एक चौथाई कप पानी डालें और पकने दें। आपका पोहा तैयार है। परोसने से पहले इसे हरी धनिया की पत्तियों से सजा लें। सुबह नाश्ते में एक कटोरी स्प्राउट पोहा आयरन, विटामिन, कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है और वजन नहीं बढ़ने देता। ओटमील : ओटमील बहुत पौष्टिक आहार है जो नाश्ते के लिए उपयुक्त है। रोजाना नाश्ते में ओटमीट खाने से शरीर का वजन तेजी से घटता है। इसमें अधिक मात्रा में फाइबर होता है जो अधिक देर तक भूख नहीं लगने देता है। स्टडी के अनुसार एक्सरसाइज से तीन घंटे पहले नाश्ते में ओटमील खाने से यह शरीर के फैट को अधिक तेजी से कम करता है। इसका कारण यह है कि ओट्स ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य रखता है और शरीर पर फैट नहीं जमने देता है। ओट्स बनाना भी आसान है। ओटमील बनाने के लिए तीन और एक चौथाई कप पानी में एक चौथाई चम्मच नमक मिलाकर गर्म कर लें। जब पानी उबलने लगे तब इसमें दो कप ओट्स डालें और धीमी आंच पर इसे पांच मिनट तक बिना ढके पकाएं। इसके बाद इसे चूल्हे से उतारकर हल्का ठंडा करें और इसमें ड्राई फ्रूट्स, मौसमी फल आदि मिलाकर परोसें। आप दूध में भी ओट्स को पका सकते हैं। शुरूआत में एक या आधा कप ओट्स दिनभर के लिए पर्याप्त है लेकिन आप जल्दी वजन कम करना चाहते हैं तो इसे दिन में तीन बार खाएं। किनोवा : किनोवा में अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है और इसका मीठा और चटपटा स्वाद सुबह के नाश्ते के लिए बढ़िया विकल्प है। एक कप क्विनोआ को ठंडे पानी में अच्छी तरह धोएं और अतिरिक्त पानी को निकाल लें। अब एक सॉस पैन को गर्म करें और थोड़ा सा ऑलिव ऑयल डालें। इसके बाद इसमें क्विनोआ को डालकर धीरे-धीरे चलाएं जब तक कि यह पूरी तरह सूख न जाए। अब दो कप पानी और आधा चम्मच नमक मिलाकर इसे 15 मिनट तक पकाएं। इसे आंच से उतारकर पांच मिनट ठंडा होने दें, आपका क्विनोआ तैयार है। अधिक फायदे के लिए एक या आधा कप क्विनोआ रोजना खाएं। अंडा: अंडा सभी उम्र के लोगों का पसंदीदा भोजन है। अंडे को उबालने में ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती है। एक सॉसपैन में पर्याप्त पानी गर्म करें और इसमें अंडे को डाल दें। कुछ देर तक इसे उबालने दें। इसके बाद अंडे का छिलका उतार लें। नाश्ते में रोजाना दो उबले अंडे खाने से शरीर को पोषक तत्व मिलता है। दही और केला: हम सभी जानते हैं कि वजन कम करने में दही सहायक होता है। पके केले को दही में मिलाकर खाने से पेट भी भर जाता है और वजन भी नहीं बढ़ता है। रोजाना ब्रेकफास्ट में दही और केला मिलाकर खाने से जल्दी फर्क दिखता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो इसे नियमित खाएं आपका वजन तेजी से कम होगा। English summary Best Low-calorie Breakfast For Weight Loss Having a low-calorie breakfast helps one to lose weight. Know the best low-calorie breakfast options, here on Boldsky. Please Wait while comments are loading...

GIRLS ध्‍यान दें... आयुर्वेद अनुसार ऐसे पाए‍ हेवी ब्‍लीडिंग से छुटकारा

Tuesday, November 21 2017

GIRLS ध्‍यान दें... आयुर्वेद अनुसार ऐसे पाए‍ हेवी ब्‍लीडिंग से छुटकारा

महिलाएं » GIRLS ध्‍यान दें... आयुर्वेद अनुसार ऐसे पाए‍ हेवी ब्‍लीडिंग से छुटकारा GIRLS ध्‍यान दें... आयुर्वेद अनुसार ऐसे पाए‍ हेवी ब्‍लीडिंग से छुटकारा Women Updated: Tuesday, November 21, 2017, 14:37 पीरियड्स के दौरान ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होना एक हद तक सामान्य है लेकिन अगर हर बार ऐसा होता है तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने की समस्या को मेनोर्रहाजिया कहा जाता है। महिलाओं को ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होने का पता आसानी से चल जाता है। अगर आपको दिन में कई बार पैड या टैम्पोन बदलने की जरूरत महसूस हो रही है तो जरूर कुछ गड़बड़ है। इसके साथ ज्यादा ब्लीडिंग होने से महिलाओं को एनीमिया और शरीर में हार्मोनल इम्बैलेंस की शिकायत होने लगती है। आयुर्वेदिक में इसे मेनोर्रहाजिया कहते हैं जिसे रक्तप्राधारा या असृग्धारा के नाम से जाना जाता है। असृग का मतबल है रक्त और धारा का मतलब है अत्यधिक बहाव। आइए जानें पीरियड्स के दौरान ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होने के क्या कारण हो सकते हैं 1. भोजन में लहसुन और सरसों जैसे डीप पेनिट्रेटिव चीज़ों को खाना। 2. तनाव 3. रोज़ ज्यादा व्यायाम करना 4. अधिक यौन सम्बन्ध बनाना जिससे वात दोष में वृद्धि हो जाती है। 5. लंबे समय के लिए उपवास करना, जिससे वात और पित्त दोषों में वृद्धि होती है। दोनों दोषों का संबंध मेनोर्रहाजिया से है। महिलाओं में यह समस्या काफी आम है और गंभीर भी, यही कारण है कि बाजार में इसके लिए कई सारी दवाएं मिलती है। ये दवाएं पीरियड्स के दर्द को कुछ समय के लिए कम कर देती है। लेकिन लंबे समय के लिए नहीं और अगर इसे ठीक करना है तो इसका इलाज जड़ से करना होगा। इसके लिए आयुर्वेद में बहुत अच्छा उपाए है जिससे इसे ठीक किया जा सकता है। सामग्री बनाने की विधि 1. थोड़ी केसर लें और उसे अच्छे से टुकड़ों में तोड़ लें। 2. अब इसमें एक चम्मच शहद मिला कर खाएं। आप इसे दिन में एक या दो बार ले सकते हैं। आप यह कब खा सकती हैं? 1. पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग के दौरान खा सकती है। 2. पीरियड्स के दर्द में 3. प्रीमेस्वास्ट्रल सिंड्रोम 4. पीरियड्स में होने वाले मूड स्विंग में 5. यदि आप के शरीर में ज्यादा पित्त की शिकायत रहती है। 6. नाक से खून बहाना 7. अवसाद यह उपाय कैसे काम करता है? केसर में एंटीस्पास्मोडिक की तरह काम करता है जिससे पीरियड्स में होने वाले दर्द में आराम मिलता है। इसके साथ यह रक्तस्राव को भी कम करता है। यह उपाए कब तक करना है? अगर आप के आमतौर पर पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो आप पीरियड्स की तारीख से तीन या चार दिन पहले शहद में केसर का सेवन करना शुरू कर दें और तब तक खाएं जब तक पीरियड्स हो रहें हैं। लेकिन अगर आपके ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती है तो और सिर्फ दर्द होता है तो इसे आप ज्यादा पीरियड्स और दर्द के समय पर खा सकती हैं। कब होगा खराब? क्योंकि इसमें केसर और शहद है तो यह ख़राब नहीं होता है। लेकिन साथ में यह भी याद रखें कि आप असली केसर का इस्तेमाल करें और उसे एयर टाइट कंटेनर में रखें। इससे आप इसे साल भर इस्तेमाल कर सकती हैं। क्या बच्चों के लिए यह सुरक्षित है? आगरा आपके बच्चे की उम्र तीन साल से ज्यादा है और उसे स्पासमोडिक पेट दर्द होता है तो आप इस उपाए को कर सकती हैं। यह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी सुरक्षित है। इस दवा की ज्यादा खुराक सुरक्षित नहीं है क्योंकि इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ज्यादा ब्लीडिंग को रोकने के लिए कुछ अन्य उपाय 1. अशोक छाल महिलाओं की सेहत के लिए बहुत उपयोगी है। इससे मासिक धर्म का दर्द कम होता है। इसके बनाने के लिए 25 ग्राम अशोक की छाल का पाउडर और 500 ml पानी में इसे उबाल लें। जब यह 50ml रह जाए तब इसमें 50 m दूध मिलाएं और फिर से इसे उबालें। अब इसे छनि से छान लें। अब इस मिश्रण का 20-30 ml रोज़ सुबह खाली पेट पीएं। जब तक आपके पीरियड्स चल रहें हैं। 2. छुई-मुई की पत्तियों को पीस कर उसमें ताज़ा दूर्वा (सिन्नोन डैक्टाइलॉन) या टंडुलोडका (धोये हुए चावल का पानी) बना लें। और इसे खा सकती हैं। 3. नियमित रूप से किशमिश खाने से शरीर का पित्त शांत होता है और ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती है। इन सारे आयुर्वेदिक उपचारों को आज़माएँ। और नीचे अपने विचार और टिप्पणियाँ जरूर दें। English summary Heavy Periods? Try This Ayurvedic Home Remedy Using Saffron If you do not suffer from heavy bleeding every month, it is better to opt for the remedy only if you experience a lot of pain along with heavy blood flow. Please Wait while comments are loading...

रोजाना खाली पेट पिएं ऑलिव ऑयल, रिजल्‍ट देख चौंक जाएंगे आप

Tuesday, November 21 2017

रोजाना खाली पेट पिएं ऑलिव ऑयल, रिजल्‍ट देख चौंक जाएंगे आप

Published: Tuesday, November 21, 2017, 17:30 ऑलिव आयल कई सारे न्यूट्रीएंट्स, फैटी एसिड और विटामिन से भरा होता है। ऑलिव आयल रोजाना पीने से ह्रदय सम्बंधित बीमारियाँ होने की संभावना बहुत ही कम होती है और इसके साथ ही और आपका वजन भी आसानी से घटता है क्योंकि इसमें मोनो-अनसेचुरेटेड फैटी एसिड और एंटी-आक्सीडेंट होते हैं जो ह्रदय और आपके ब्लड सेल्स को नुक्सान होने से बचाते हैं। जैसा कि सब जानते हैं कि ऑलिव आयल में बहुत ज्यादा कैलोरी होती है इसलिए इसका किसी और सप्लीमेंट के साथ उचित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए या फिर इसको खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। यहाँ हम आपको रोजाना ऑलिव आयल पीने के फायदों के बारे में बताने जा रहें हैं। 1- आंतो को ठीक रखता है: ऑलिव आयल आपकी कोशिकाओं को कैंसर से बचाता है। यह आपके आंतो को मजबूत करता है जिससे आपको कब्ज़ आदि की समस्या नहीं होती है। 2- स्किन के लिए अच्छा है: ऑलिव आयल आपके बालों, नाखून और त्वचा के लिए अच्छा होता है क्योंकि यह उन्हें सॉफ्ट करता है और इसके साथ ही उन्हें म्वाईस्ट रखता है यानी आपकी स्किन को नमीं देता है जिससे उनका अच्छा विकास होता है। 3- लिवर को साफ़ रखता है: लिवर हमारे शरीर के सिस्टम को साफ़ करने का काम करता है, इसलिए लिवर का साफ़ होना जरुरी है। इसके लिए आप 2 चम्मच ऑलिव आयल और 1/3 नींबू का रस मिलाकर पियें जिससे आपका लिवर साफ़ रहेगा। 4- वजन कम करना: ऑलिव आयल में हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं जिसकी वजह से आपको देर तक कुछ खाने का एहसास नहीं होता है और आपका वजन भी कम होता है। 5- इम्युनिटी को बढ़ाना: ऑलिव आयल में पाए जाने वाले फैटी एसिड इम्मुन सिस्टम के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं जिससे आप कई तरह की बीमारियों से बच जाते हैं। 6- ह्रदय को स्वस्थ रखता है: आप ऐसी डाइट लें जिनमे ऑलिव आयल होता है जिससे कि आपका अच्छा कोलेस्ट्राल बढ़ता है ताकि आपका ह्रदय ठीक रहे और आपको ब्लडप्रेशर आदि की शिकायत ना हो। 7- इन्फ्लामेसन कम करता है: ऑलिव आयल आईब्रुफेन की तरह होता है जो आपके शरीर में होने वाले इन्फ्लामेसन को रोकता है। रिसर्च के अनुसार अगर आप 3 से 4 चम्मच ऑलिव आयल का सेवन करते हैं तो यह 10% आईब्रुफेन के बराबर होता है। 8- ब्लड शुगर कंट्रोल करता है: ऑलिव आयल का इस्तेमाल करने से आपका कोलेस्ट्राल और ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है जिससे आपको डायबिटीज आदि की समस्या नहीं होती है। 9- दिमाग को स्वस्थ रखता है: ऑलिव आयल का इस्तेमाल करने से आपके दिमाग को जरुरी ऑक्सीजन मिलता है जिसकी वजह से आपकी मेमोरी ठीक रहती है और आप डिप्रेशन के शिकार नहीं होते हैं। 10- ब्रेस्ट को ठीक रखता है: ओलिव आयल से ब्रेस्ट का रोजाना मसाज करने से आपके ब्रेस्ट के आसपास की त्वचा ठीक रहती है। ऑलिव आयल आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है बशर्ते कि इसका इस्तेमाल उचित मात्रा में या फिर डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाये, जिससे कि आप उसमें मौजूद जरुरी विटामिन और हेल्दी फैट का फायदा ले सकें। English summary Reasons Why You Must Have Olive Oil On An Empty Stomach Every Day An olive oil-enriched diet also facilitates weight loss. Here, we have listed pointers on why you must drink olive oil every day. Read further to find out. Story first published: Tuesday, November 21, 2017, 17:30 [IST] Nov 21, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

फलों के छिलके फेकिएं नहीं खाइएं, इनमें छिपे है कमाल के फायदें

Tuesday, November 21 2017

फलों के छिलके फेकिएं नहीं खाइएं, इनमें छिपे है कमाल के फायदें

Published: Tuesday, November 21, 2017, 18:07 हम में से कई लोग हेल्‍दी और फिट रहने के लिए फल खाना पसंद करते हैं? हम यह भी जानते हैं कि फल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। फल तो आप सब खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ फलों के छिलकों भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं? सामान्यत: हम फलों के छिलके फेंक देते हैं और हम में बहुत से लोग यह नहीं महसूस करते कि फलों के छिलके भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं। इसके अलावा फलों के गूदे की तरह फलों के छिलके टेस्टी (स्वादिष्ट) नहीं होते है, यही एक कारण जिस वजह से हम फलो के छिलके नहीं खाते हैं और फेंक देते है। जैसा कि हम जानते हैं कि फलों में विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। आज हम फलों के साथ ही इनके छिलकों से स्वास्थ्य को होने वाले लाभों के बारे में जानेंगे ताकि हम इनका भी सेवन कर सकें, आइए देखें! केले का छिलका केले के छिलके को दांतों पर रगड़ने से दांत सफ़ेद हो जाते हैं। इसके अलावा ये झुलसी हुई त्वचा को आराम पहुंचाते हैं तथा थोड़ी मात्रा में खान एपर ये एसिडिटी से भी आराम दिलाते हैं। संतरे का छिलका संतरे के छिलके में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंटस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये शरीर से फैट को तीव्रता से दूर करते हैं तथा कब्ज़ और श्वसन संबंधी समस्याओं से भी आराम दिलाते हैं। अनार के छिलके अनार के छिलके में न्यूट्रियंट्स (पोषक तत्व) और विटामिन्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को रोकते हैं, गले की खराश से आराम दिलाते हैं और आपकी हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं तरबूजे के छिलके तरबूजे के छिलके का सफ़ेद भाग वज़न कम करने में सहायक होता है तथा यह आपकी त्वचा और बालों को स्वस्थ और अंदर से चमकीला बनाता है क्योंकि यह कोशिकाओं को पोषण प्रदान करता है। आम का छिलका आम के छिलके खाने से आपका डाइजेशन पावर अच्‍छा होता है और कब्‍ज की शिकायत कम होती है। आम के छिलकों में अच्‍छा फाइबर होता हे, जो कि हेल्‍थ और पाचन क्रिया के लिए अच्‍छा होता है। नीबू का छिलका नीबू के छिलके में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है तथा इसमें एंटीसेप्टिक गुण भी पाए जाते हैं। यह मुंह के संक्रमणों और पेट के कुछ संक्रमणों के उपचार में सहायक होते हैं। नीबू के छिलके तनाव से भी राहत दिलाने में सहायक होते हैं। पपीते का छिलका पपीते का छिलका आँतों में उपस्थित व्यर्थ और ज़हरीले पदार्थों को बाहर निकालकर उन्हें साफ़ करता है तथा आपको स्वस्थ रखता है। सेब का छिलका सेब के छिलके कब्ज़ से आराम दिलाते है क्योंकि इनमें फाइबर पाया जाता है। सेब के छिलके आपके प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाते हैं और कुछ विशेष प्रकार के कैंसर की रोकथाम करते हैं। English summary You Should Eat the Peel of These Fruits let us further explain a few different fruit peels that are edible and can help boost your health. Story first published: Tuesday, November 21, 2017, 18:07 [IST] Nov 21, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

जल्दी जल्दी खाना खाने से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं

Tuesday, November 21 2017

जल्दी जल्दी खाना खाने से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं

» जल्दी जल्दी खाना खाने से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं जल्दी जल्दी खाना खाने से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं Diet Fitness Published: Tuesday, November 21, 2017, 20:00 जब भी हम घर में खाना खाने बैठते हैं तो हमारे पैरेंट्स हमें धीरे-धीरे और आराम से खाना खाने के लिए कहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वे ऐसा क्यों कहते हैं? धीमी गति से खाना खाने से हमारे शरीर को कई फायदे होते हैं। एक नई स्टडी में पाया गया है कि जल्दी-जल्दी खाना खाने से मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि धीरे-धीरे और आराम से भोजन करने से हमारा संपूर्ण स्वास्थ्य ठीक रहता है क्योंकि जितनी तेजी से आप खाना खाएंगे उतना ही ज्यादा खाने की इच्छा होगी। इसके अलावा जल्दी खाना खाने से शरीर के ब्लड शुगर के लेवल में अचानक और लगातार उतार-चढ़ाव हो सकता है जिससे इंसुलिन कम होने की संभावना बढ़ जाती है। यह स्टडी जापान में हिरोशिमा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा की गई। इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने 51.2 वर्ष की उम्र के 642 पुरुष और 441 महिलाओं को शामिल किया। वर्ष 2008 में शुरू हुई इस स्टडी में शामिल किसी भी व्यक्ति मेटाबोलिक सिंड्रोम की समस्या नहीं पायी गई। इस स्टडी के लिए सभी प्रतिभागियों को उनकी सामान्य रूप से खाने की गति -धीमा, सामान्य और तेज के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया। पांच साल की स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि सामान्य गति (6.5 प्रतिशत) से खाने वाले और धीरे खाने वाले (2.3) लोगों की तुलना में जल्दी खाने वाले लोग (11.6 प्रतिशत) में मेटाबोलिक सिंड्रोम में वृद्धि हुई। मेटाबोलिक सिंड्रोम बढ़ने से डायबिटीज, मोटापा और हृदय रोग जैसी कई बीमारियां उत्पन्न होती हैं। शोधकर्ताओं की टीम ने यह निष्कर्ष निकाला कि तेज गति से भोजन करने से वजन बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर और अस्थायी रूप से ब्लड ग्लूकोज बढ़ता है। स्टडी के अनुसार जब हम भोजन को अच्छी तरह से चबाकर निगलते हैं तो यह दिमाग को यह पता करने का समय देता है कि पेट भर गया है या नहीं। जिससे हम अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। जब हम तेज गति से खाते हैं तो मस्तिष्क को यह पता नहीं चल पाता है कि पेट भर चुका है या नहीं और हमें पेट भर जाने का संकेत नहीं मिल पाता है। इससे हम आवश्यकता से अधिक भोजन कर लेते हैं। इस स्टडी को हाल ही में अमेरिका हार्ट एसोसिएशन के वैज्ञानिक सत्र 2017 में प्रस्तुत किया गया था। आइए जाने कि धीमी गति से भोजन करने के क्या फायदे हैं 1. अधिक खाने से बचना: धीमी गति से भोजन करने से अधिक खाने की इच्छा कम हो जाती है। मस्तिष्क को यह सिग्नल देने में लगभग 15 से 20 मिनट लगता है कि आपका पेट भर चुका है। इसलिए इस तरीके से खाना खाने से आप ज्यादा भोजन करने से बच जाएंगे। 2. डाइजेशन ठीक रहता है जब आप भोजन को अच्छी तरह से चबाकर खाने हैं तो यह आसानी से पच भी जाता है। जब आप तेज गति से खाना खाते हैं तो भोजन को चबाने की बजाय निगल जाते हैं। ऐसे में आवश्यक विटामिन, मिनरल और एमिनो एसिड को हमारा शरीर अवशोषित नहीं कर पाता है। लेकिन जब आप धीमी गति से खाना खाते हैं तो आपकी मेटाबोलिक क्षमता बढ़ती है। 3. वजन नहीं बढ़ता- जब आप धीरे-धीरे और सही तरीके से चबाकर खाना खाते हैं तो इससे आप ज्यादा खाने से बच जाते हैं। इससे आपके शरीर पर फैट नहीं जमता और वजन भी नियंत्रित रहता है। 4. सीने में जलन नहीं होता: यदि आप जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं या ठीक से चबाए बिना ही जल्दी से निगल जाते हैं तो इससे आपके सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है क्योंकि बिना चबाए ही भोजन निगलने से खाना सही तरीके से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है। English summary Eating Quickly Can Cause These Health Issues A new study, has found that eating quickly can increase the risk of becoming obese or developing metabolic syndrome. Story first published: Tuesday, November 21, 2017, 20:00 [IST] Nov 21, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

क्‍या है जौहर? क्‍यूं राजपूत महिलाएं शौर्य और सम्‍मान के नाम पर खुद को भस्‍म कर देती थी?

Tuesday, November 21 2017

क्‍या है जौहर? क्‍यूं राजपूत महिलाएं शौर्य और सम्‍मान के नाम पर खुद को भस्‍म कर देती थी?

Pulse » क्‍या है जौहर? क्‍यूं राजपूत महिलाएं शौर्य और सम्‍मान के नाम पर खुद को भस्‍म कर देती थी? क्‍या है जौहर? क्‍यूं राजपूत महिलाएं शौर्य और सम्‍मान के नाम पर खुद को भस्‍म कर देती थी? Pulse 15:25 इन दिनों मीडिया में संजय लीला भंसाली की आने वाली मूवी पद्मावती सुर्खियों में है। राजस्‍थान के राजपूत समाज का मानना है कि इस मूवी में संजय लीला भंसाली ने तथ्‍यों के साथ खिलवाड़ किया है। वहीं राजपूत समाज का कहना है कि चितौड़ की रानी पद्मावती ने राजपूती आन बान और शान के लिए जौहर कर खुद को अग्नि में समर्पित कर दिया था। राजपूतों के अनुसार खुद की प्रतिष्‍ठा और मर्यादा के लिए रानी पद्मावती ने दिल्‍ली सल्‍तनत के शासक अलाउद्दीन खिलजी के सामने समपर्ण करने की जगह राजपूत महिलाओं के साथ जौहर करने की राह चुनी। ताकि कोई भी राजपूत महिला अलाउद्दीन खिलजी के हाथ न लग पाएं। खिलजी ने क्यों की थी चित्तौड़ पर चढ़़ाई, क्या है रानी पद्मावती का सही इतिहास आइए जानते है इतिहास में आज भी जिस रानी पद्मिनी या पद्मावती का जौहर याद किया जाता है, आखिर जौहर होता क्‍या है? और क्‍यूं इतिहास में राजपूत रानियों का जौहर के बारे में उल्‍लेख मिलता है। आइए जौहर प्रथा के बारे में ज्‍यादा जानते है कि आखिर क्‍यूं आज भी राजपूत महिलाएं इसे सम्‍मान और शौर्य से जोड़कर देखती हैं। क्‍या होता है जौहर? जौहर को राजस्‍थान में साका के नाम से भी जाना जाता है, जौहर या साका राजपूतों की एक प्रथा रही है जब कोई भी बाहरी इस्लामिक सेना राजपूत साम्राज्‍य पर आक्रमण करतीं थी तब जब राजपूत सेना को लगता था कि वो इस युद्ध समाप्ति में जीत हासिल नहीं कर पाएंगे तो महल में बैठी राजपूत रानियां और दूसरी महिलाएं दुश्‍मनों से अपनी आबरु बचाने और उनकी बंदी बनाए जाने से बचने के लिए जौहर करती थी। जिसमें आग के बड़े से कुंड में रानियां खुद को झोंक कर अपने आत्‍म सम्‍मान की रक्षा करती थी। यह एक तरह से सती प्रथा का ही रुप है, लेकिन सती प्रथा से अलग है। मार्गेट पी बेटिन ने अपनी किताब एथिक्‍स ऑफ सुसाइड में इसका उल्‍लेख किया है कि जौहर प्रथा राजपूतों में सामान्‍य प्रथाओं की तरह थी, जो अपने आत्‍मसम्‍मान के लिए अपनी जिंदगी का मूल्‍य चुकाने से भी नहीं डरते थे। जूलिया जौहर और सती में फर्क जौहर प्रथा, सती प्रथा से बिलकुल अलग होती थी सती प्रथा में किसी पुरूष के मरने के बाद उसकी विधवा औरत को सती होना पड़ता था और कई बार तो जबरन भी आग में फेंक दिया जाता था लेकिन जौहर प्रथा इस से बिल्कुल अलग होती थी जौहर प्रथा में राजपूत महिलाओं पर किसी तरह का दवाब नही होता था अथवा यह राजघराने की औरतों और उनकी दासियों के आत्मसम्मान को बचाने के लिये यह प्रथा बनाई गई थी। जब इस्लामिक आक्रमणकर्तओं को कोई भी औरत हाथ ना लगती तो वे अन्य हिन्दू जाती की औरतों को अपना शिकार बनाते और जबरन उनका धर्म परिवर्तन भी करवाते थे इस तरह इनकी सेना की जनसंख्‍या मे भी बढ़ोतरी होती थी। चित्‍तोड़ में अभी तक कितने जौहर हुए चित्तौड़गढ़ के साके- चित्तौड़ में सर्वाधिक तीन साके हुए हैं। प्रथम साका- यह सन् 1303 में राणा रतन सिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय हुआ था। इसमें रानी पद्मनी सहित स्त्रियों ने जौहर किया था। चित्तौड़ की महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में 16000 हजार रमणियों ने अगस्त 1303 में किया था। दूसरा साका- यह 1534 ईस्वी में राणा विक्रमादित्य के शासनकाल में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के आक्रमण के समय हुआ था। इसमें रानी (हाडी) कर्मवती के नेतृत्व में स्त्रियों ने जौहर किया था। राजमाता हाड़ी (कर्णावती) और दुर्ग की सैकड़ों वीरांगनाओं ने जौहर का अनुष्ठान कर अपने प्राणों की आहुति दी। तृतीय साका- यह 1567 में राणा उदयसिंह के शासनकाल में अकबर के आक्रमण के समय हुआ था जिसमें जयमल और पत्ता के नेतृत्व में चित्तौड़ की सेना ने मुगल सेना का जमकर मुकाबला किया और स्त्रियों ने जौहर किया था। यह साका जयमल राठौड़ और फत्ता सिसोदिया के पराक्रम और बलिदान के प्रसिद्ध है। मध्‍यकाल के प्रसिद्ध लेखक अबुल फजल की किताब आइने अकबरी में 1567 की तीसरे साके का जिक्र भी मिलता है। साका क्‍या होता है? साका, जौहर से ही जुड़ी हुई प्रथा है, जब राजपूत सेना को लगता है कि अब वो यह तकरीबन युद्ध हार गए तब सम्‍मान और वीरगति पाने के लिए महल में बची हुई सेना केसरिया पगड़ी पहनकर (जो कि त्‍याग का प्रतीक होता है ) युद्ध मैदान की तरफ निकल जाते है। जैसे ही राजा की वीरगति का संकेत मिलता है, इसके बाद रानियां महल में ही जौहर का इंतजाम करती है, और खुद को अग्नि में समर्पित कर देती है। रानी पद्मिनी का जौहर ने ही क्‍यूं बनाई इतिहास में जगह मलिक मुहम्‍मद जायसी लिखित किताब पद्मावती में जिक्र मिलता है कि चितौड़ के राजा रतनसेन ने दुनिया की अद्भूत खूबसूरत राजकुमारी पद्मावती से शादी हुई थी, महल में गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्‍त एक कलाकार को राघव चैतन्‍य को राजा ने उसे तुरंत बर्खास्त किया। इसी बात की जलन लिए राघव चेतन अलाउद्दीन खिलजी के पास जा पहुंचा। उसने खिलजी के मन में चित्तौड़ की संपत्ति को हथियाने की साजिश गढ़ी। साथ ही उसे रानी पद्मिनी का एक खूबसूरत चित्र भी दिखाया, जिसमें उन्होंने अपने हाथ में कमल का फूल थामा हुआ था। खिलजी रानी का चित्र देखते ही आकर्षित हो गया और किसी भी कीमत पर चित्तौड़ का किला, उसकी संपत्ति और साथ ही रानी पद्मिनी पर कब्जा करने के लिए तैयार हो गया। अलाउद्दीन खिलजी ने एक शर्त रखी कि वो सिर्फ रानी की परछाई देखकर वापस चला जाएगा। लेकिन अलग घटनाक्रम के चलते हुए वर्ष 1303 राजा रतनसिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच युद्ध हुआ और युद्ध के समाप्त होने की सूचना राजा रतन सिंह के शहीद होने के साथ आई। जैसे ही यह खबर महल के भीतर पहुंची, राजा की सभी रानियां एवं अन्य सैनिकों की पत्नियां भी रानी पद्मिनी की अगुवाई में जौहर कुंड की ओर बढ़ीं। यह कुंड महल के एक कोने में काफी गहराई में बना था। घने रास्ते से होते हुए सभी जौहर कुंड पहुंचीं। सम्‍मान और शौर्य के प्रतीक में याद किया जाता है पद्मावती का जौहर हालांकि अब ऐसी कोई प्रथा अस्तित्‍व में नहीं है, लेकिन पद्मावती का जौहर आज भी यहां लोककथाओं की तरह प्रचलित है। हर साल आज भी फरवरी-मार्च राजस्‍थान के चित्‍तोड़गढ़ में जौहर मेला आयोजित होता है। इस फेस्टिवल में राजपूत महिलाओं के शौर्य और त्‍याग को याद किया जाता है, जब कि आज भी इस राजकुमारी के परिवार से जुड़े लोग इस फेस्टिवल में शामिल होते है। English summary What Was The Practice Of Jauhar? Why Did Rajput Queens Do It? The Jauhar would be performed when the Rajputs saw no hope of victory over their enemies.

नींबू के रस से बालों को झड़ने से रोकने के 10 नुस्खे

Tuesday, November 21 2017

नींबू के रस से बालों को झड़ने से रोकने के 10 नुस्खे

Published: Tuesday, November 21, 2017, 17:30 [IST] Subscribe to Boldsky नींबू का रस बालों के लिए औषधि की तरह है जो कई सालों से इस्तेमाल में लाया जाता रहा है और इससे बालों की कई समस्याएं जैसे बालों का झड़ना, डैडरफ आदि से छुटकारा मिल सकता है। इसे विश्व भर में इस्तमाल किया जाता है और कई महिलाएं इसके असरदार होने का प्रमाण भी देती हैं। नींबू का रस आपके बालों की समस्याओं को दूर करता है और आपके बालों की सुन्दरता को बढ़ाता है। आज बोल्डस्काई में हम आपको उन तरीकों के बारे में बताने वाले हैं जिससे आप बालों को झड़ने से रोक सकती हैं। नींबू के रस में भारी मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंटस होते हैं जो आपके बालों को मजबूत बनाते हैं और झड़ने से रोकते हैं। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि नींबू का रस इस्तमाल करने में कितना आसान है और इससे आपके बाल जड़ से कैसे मजबूत होते हैं। यहाँ पर हमने कुछ ट्राय किये हुए नुस्खों के बारे में बताया है जिससे पता चलता हैं कि नींबू के रस से बालों का झड़ना कैसे रूक सकता है। 1. ओलिव आयल के साथ नींबू का रस: एक बड़ा चम्मच निम्बू के रस में 2 बड़े चम्मच ओलिव आयल मिलाएं। इस मिश्रण को सर की खाल में अच्छे से लगायें। इसे 40 मिनट तक रहने दें और उसके बाद गुनगुने पानी से धो लें। इस घर पर किये जाने वाले उपचार को हफ्ते में एक बार करें और बालों का झड़ना रोकें। 2. अरंडी तेल के साथ नींबू का रस: 2 बड़े चम्मच निम्बू के रस में आधा छोटा चम्मच अरंडी तेल लें। इसे बालों में अच्छी तरह से लगा लें। 30 से 35 मिनट बाद इसे शैम्पू और गुनगुने पानी से धो लें। इसे दो हफ्ते में एक बार लगाने से बालों का झड़ना रुक जाएगा। 3. नारियल तेल और लहसन के साथ नींबू का रस: तीन छोटे चम्मच नारियल तेल में लहसन की एक कली को मसल कर डालें और इसे 2 बड़े चम्मच निम्बू के रस में मिला दें। इस मिश्रण को पूरे सर में लगायें और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। इसे हलके गुनगुने पानी से धोएं। अगर इस मिश्रण को महीने में एक बार सर पर लगायेंगे तो आपको अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे। 4. एलो वेरा जेल के साथ नींबू का रस: 1 बड़े चम्मच एलो वेरा जेल में 2 छोटे चम्मच निम्बू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को सर की खाल पर लगायें और 20 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में दो बार ऐसा करने से आपके बाल झड़ेंगे नहीं। 5. नारियल पानी के साथ नींबू का रस: 3 छोटा चम्मच नारियल पानी में 2 छोटा चम्मच निम्बू का रस मिलाएं। बालों को शैम्पू करने के बाद इस मिश्रण से बालों को धो लें। इसे बालों में 5 मिनट तक लगा रहने दें और उसके बाद नार्मल पानी से धो लें। बालों की जड़ों को मजबूत करने के लिए इस मिश्रण को हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं। 6. आमला तेल के साथ नींबू का रस: 3 छोटे चम्मच आमला तेल में 2 छोटे चम्मच निम्बू का रस मिला लें। इस मिश्रण को सर की खाल पर अच्छी तरह से लगा लें और इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें। गुनगुने पानी से बालों को धो लें। हफ्ते में एक बार इस मिश्रण को लगाने से आपके बाल झड़ना बंद हो जायेंगे। 7. प्याज के रस के साथ नींबू का रस: 1 छोटे चंच प्याज के रस में 2 बड़े चम्मच निम्बू का रस मिलाएं। 2 कप डिस्टिल्ड पानी में इसे मिलाएं। इस मिश्रण से बालों को धोएं और बालों को 10 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। अब शैम्पू से बालों को धो लें। महीने में एक बार निम्बू के रस को इस तरीके से इस्तमाल करें और बालों को झड़ने से रोकें। 8. अंडे की ज़र्दी के साथ नींबू का रस: 1 अंडे की ज़र्दी में 2 से 3 छोटा चम्मच निम्बू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में अच्छी तरह से लगायें और बालों में 1 घंटे तक लगा रहने दें। अब बालों को हल्के शैम्पू और गुनगुने पानी से धो लें। इस मिश्रण को बालों में हफ्ते में एक बार लगाने से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। 9. दही के साथ नींबू का रस: 1 बड़ी चम्मच दही में दो चोटे चम्मच निम्बू का रस मिलाएं। बालों को धोने से पहले सर की खाल में इस मिश्रण को अच्छी तरह से लगा लें। इसे बालों में आधे घंटे तक रहने दें और उसके बाद शैम्पू से धो लें। हफ्ते में 2 से 3 बार ऐसा करने से बालों का झड़ना रुक सकता है। 10. हिना के साथ नींबू का रस: हेना हेयर पैक बनाएं और इसमें 2 से 3 छोटे चम्मच निम्बू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में अच्छी तरह से लगायें और आधे घंटे तक रहने दें। अब बालों को हलके शैम्पू और गुनगुने पानी की मदद से धो लें। इस मिश्रण को महीने में एक बार लगाने से आपके बाल मजबूत बनेंगे और झड़ेंगे भी नहीं। English summary 10 Proven Ways To Use Lemon Juice To Control Hair Fall Lemon juice is the best way to control hair fall. So, read to know the ways to use lemon juice for hair fall. Story first published: Tuesday, November 21, 2017, 17:30 [IST] Nov 21, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

ऑइली स्‍किन के लिये अब घर पर ही ऐसे बनाएं DIY मॉइस्‍चराइजर

Tuesday, November 21 2017

ऑइली स्‍किन के लिये अब घर पर ही ऐसे बनाएं DIY मॉइस्‍चराइजर

त्‍वचा-की-देखभाल » ऑइली स्‍किन के लिये अब घर पर ही ऐसे बनाएं DIY मॉइस्‍चराइजर ऑइली स्‍किन के लिये अब घर पर ही ऐसे बनाएं DIY मॉइस्‍चराइजर Skin 10:38 अगर आप सोंचती हैं कि आपके ऑइली चेहरे के लिये मॉइस्‍चराइज़र बिल्‍कुल भी अच्‍छा नहीं है तो आप गलत हैं। चेहरे को डेली मॉइस्‍चराइजिंग करना काफी जरुरी है, लेकिन अगर आप डरती हैं कि कहीं इससे आपके चेहरे पर एक्‍ने ना आ जाएं तो हम इसका समाधान खोल लाए हैं। आपको जरुरत है बस ऐसी कुछ सामग्रियों की जो बिल्‍कुल नेचुरल हों , जिसे लगाने से चेहरा मुलायम बना रहे और ऑइली ना हो। ऑइली चेहरे के लिये एलोवेरा, रोजवॉटर, बादाम तेल, जैतून तेल, नारियल तेल, शहद, ग्‍लीसरीन और ग्रीन टी आदि काफी अच्‍छे माने जाते हैं। सर्दियों में शहद और ग्‍लीसरीन दोंनो ही स्‍किन को हाइड्रेट रखते हैं, तो अगर आपके पास ज्‍यादा ऑपशन ना हों तो आप इन्‍हें ही आजमा सकती हैं। ऑइली स्‍किन के लिये घरेलू मॉइस्‍चराइजर 1. शहद, ग्‍लीसरीन, नींबू का रस और ग्रीन टी मॉइस्‍चराइजर: सर्दियों में शहद और ग्‍लीसरीन दोंनो ही स्‍किन को हाइड्रेट रखते हैं। नींबू आपके स्‍किन टोन को हल्‍का बनाता है और दाग धब्‍बों को कम करता है। इसके साथ ही ग्रीन टी आपकी स्‍किन का पीएच लेवल बैलेंस करता है। क्‍या चाहिये: (i) शहद: 1 टीस्‍पून (ii) ग्‍लीसरीन: 2 टीस्‍पून (iii) ग्रीन टी पानी: 2 टीस्‍पून गरम ग्रीन टी पानी (iv) नींबू का रस: 1 टीस्‍पून, ताजा बनाने की विधि : सभी सामग्रियों को मिक्‍स करें। अब स्‍किन पर थोड़ा सा मॉइस्‍चराइजर ले कर स्‍किन पर मसाज करें। इसे रातभर चेहरे पर लगा छोड़ दें। 2. दूध और ऑलिव ऑइल मॉइस्‍चराइजर: दूध में लेक्‍टिक एसिड होता है जो कि स्‍किन को मुलायम बनाता है। ऑलिव ऑइल स्‍किन को अंदर से नरिश करता है। नींबू का रस डेड स्‍किन को निकालता है और एक्‍ने तथा झाइयों की समस्‍या को सुलझाता है। क्‍या चाहिये: (i) कच्‍चा दूध: 1/4th कप, कम फैट या बिना फैट (ii) नींबू का रस: 2 - 3 टेबलस्‍पून, ताजा निचोड़ा हुआ (iii) ऑलिव ऑइल: 2 - 3 टीस्‍पून, एक्‍सट्रा वर्जिन बनाने की विधि: एक कप में एक्‍सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑइल और दूध को मिक्‍स करें। उसके बाद इसमें नींबू निचोड़ें। इसे मिक्‍स करें और यू़ज़ करें। 3. बादाम, एलोवेरा और नारियल मॉइस्‍चराइजर: एलोवेरा चेहरे को नमी पहुंचाने में मदद करता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट, विटामिन ई और विटामिन सी आदि होता है जिससे स्‍किन हेल्‍दी दिखती है। वहीं बादाम के तेल में गुड फैट होता है जो कि स्‍किन का मॉइस्‍चराइजर लॉक कर देता है। क्‍या चाहिये: (i) एलो वेरा जेल: 4 टीस्‍पून पेड़ से निकाला एलोवेरा (ii) बादाम तेल: 2 टीस्‍पून, प्‍योर (iii) नारियल तेल: 2 टीस्‍पून, बिना मिलावट का विधि: सभी सामग्रियों को मिक्‍स कर दें। अगर नारियल ते जमा हुआ है तो उसे पहले पिघला लें। टिप: इसे बनाते वक्‍त आप इसकी मात्रा अपने हिसाब से बढ़ा और घटा सकते हैं। अगर आपने मॉइस्‍चराइजर बहुत ज्‍यादा बना लिया है तो उसे किसी ठंडी और छायादार जगह पर रखें। 4. गुलाब मॉइस्‍चराइजर: रोज वॉटर चेहरे से गंदगी को निकालने और स्‍किन को फ्रेश लुक देने में मदद करता है। इसमें एलोवेरा जेल मिलाइये क्‍योंकि यह ऑइली स्‍किन के लिये काफी अच्‍छा माना जाता है। इस मॉइस्‍चराइजर से आपके चेहरे के एक्‍ने दूर होंगे। क्‍या चाहिये: (i) गुलाब की पंखुडियां: 1/4 कप (ii) रोज़ वॉटर: थोड़ी सी (iii) एलोवेरा जूस: 2टीस्‍पून बनाने की विधि - सबसे पहले साफ पानी में गुलाब की पंखुडियों को उबाल लें। फिर उसमें कुछ बूंद रोज वॉटर की मिक्‍स करें। फिर इसे छान लें क्‍योंकि हमें सिर्फ पानी ही चाहिये। अब इसमें एलोवेरा जेल मिलाएं और ठंडा होने के लिये रख दें। आप इसे फ्रिज में रख कर यूज़ कर सकती हैं। ऊपर दिये हुए मॉइस्‍चराइजर का यूज़ करें क्‍योंकि इनके कोई भी साइड इफेक्‍ट्स नहीं होते। English summary DIY Moisturizer for Oily Skin with All-Natural Ingredients Moisturizing your face regularly is important, but what about oily, acne-prone skin? While many worry about using oils on oily skin, there are some options that can actually make a huge difference, especially if your skin is acne-prone. 10:38

आयुर्वेद में जानें कैसे बताया गया है बालों में तेल लगाना

Tuesday, November 21 2017

आयुर्वेद में जानें कैसे बताया गया है बालों में तेल लगाना

» आयुर्वेद में जानें कैसे बताया गया है बालों में तेल लगाना आयुर्वेद में जानें कैसे बताया गया है बालों में तेल लगाना Hair 15:45 बाल और सिर पर तेल लगाने से बाल की गुणवत्ता और शक्ति बेहतर बनाई जा सकती है। बालों में तेल लगाना एक प्राचीन और पारंपरिक तरीका है। ऐसा करने के कुछ लाभ यहां दिए गए हैं: आयुर्वेद के अनुसार सिर में तेल लगाने के लाभ: इससे आपके बालों की मोटाई बढ़ती है तथा बाल नरम और चमकदार हो जाते हैं। यह सेंस ऑगर्न्‍स को सुखदायक और सशक्त बनाने में मदद करता है। यह चेहरे की झुर्रियों को कम करने में भी मदद करता है। सिर की मालिश के लिए सबसे उपयुक्‍त तेल भृंगराज तेल, ब्राह्मी तेल और कुछ हेल्‍दी हेयर ऑइल्‍स होते है। सिर की मालिश करने और फायदा उठाने के लिये जरुरी है कि तेल को सही तरीके तथा सही समय पर लगाया जाए। यहां तेल लगाने का सही समय और फायदों के बारे में बताया जा रहा है। अगर आपको बाल बढ़ाने हों, तो तेल को खोपड़ी पर लगा कर जड़ से ले कर बालों के छोर तक लगाना चाहिये। आप चाहें तो सिर पर तेल लगाने से पहले उसे हल्‍का गरम कर लें। यदि आपको पित्‍त की समस्‍या याफिर सिर में दर्द या खोपड़ी में रैश रहता है तो, गरम तेल लगाने से बचे। 1. बाल की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिये यह हमेशा सुझाव दिया जाता है कि आप रात को सोने से पहले अपने बाल और खोपड़ी में तेल लगाएं। इसेरात भर रखें, और अगली सुबह अपने बाल धो लें। इसके अलावा रोजाना बालों को नहीं धोना चाहिये, खासतौर पर तब जब बाल लंबे हों। हफ्ते में सिर्फ दो या तीन बार ही बाल धोएं। कई लोग बाल धोने के बाद हेयर ऑइल लगाते हैं, जो कि गलत है। इससे तेल पूरी गंदगी को अपने अंदर सोख लेता है। पर हां, अगर आप अपने घर में हैं तो इस काम को करने में कोई दिक्‍कत नहीं है। 2. रूसी से मुक्त पाने के लिये यदि आप अपने सिर पर रूसी या खुजली से पीड़ित हैं, तो नियमित रूप से तेल लगाने से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। प्रभावी परिणामों के लिए, नीम के पत्तों और अन्य जरूरी जड़ी बूटियों के साथ तेल लगाएं। रूसी से छुटकारा पाने के लिये नहाने के 1 घंटे पहले सिर पर तेल लगाएं। बाद में गुनगुने पानी से सिर को धो लें। 3. सिरदर्द से कैसे पाएं छुटकारा सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए, आप किसी आयुर्वेदिक तेल का चयन कर सकते हैं या आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं। शाम को लगभग 6 बजे तेल मलें। सिरदर्द आमतौर पर वात से जुड़ा होता है, और इस समय वात का वर्चस्व होता है। इस प्रकार, आपको शाम के समय ही तेल लगाना चाहिये, जिससे सिरदर्द से छुटकारा मिल सके। 4. अच्‍छी नींद पाने के लिये सोने से आधे घंटे पहले सिर की हल्‍की हल्‍की मसाज करें, इससे नींद अच्‍छी आएगी। आप बेस्‍ट रिजल्‍ट पाने के लिये तिल के तेल से मसाज कर सकती हैं। यह तेल गंजापन, सिरदद तथा असमय सफेद होते हुए बालों की परेशानियों से बचाएगा। यदि आपके पास तिल का तेल नहीं है तो आप नारियल का तेल प्रयोग कर सकते हैं। नारियल का तेल लगाने से पहले हल्‍का गुनगुना कर लें। English summary how-and-when-to-apply-hair-oil-as-per-ayurveda In order to gain the benefits of massaging oil onto the scalp, it is very important to apply it in the right way and at the right time. Here are a few benefits along with the method of application. 15:45