Health and Fitness

आपकी हैंडराइटिंग से पता चलता है आपका व्यक्तित्व

Saturday, November 25 2017

आपकी हैंडराइटिंग से पता चलता है आपका व्यक्तित्व

Updated: Saturday, November 25, 2017, 11:50 [IST] Subscribe to Boldsky जब किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में जानना हो तो इसके कई तरीके हैं। क्या आपको पता है कि व्यक्ति के चरित्र को उसकी हैंडराइटिंग से जाना जा सकता है। इस प्रक्रिया को ग्राफोलोजी कहते हैं। इससे व्यक्ति की हैंडराइटिंग को देखकर उसके चरित्र को जाना जा सकता है। इसलिए, आइये आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि आपकी, आपके दोस्तों की और परिवार के लोगों की हैंडराइटिंग क्या कहती है... अक्षरों का आकार... व्यक्ति लिखते समय अक्षरों का आकार कितना रखता है इससे उसके व्यक्तित्व का पता चलता है। ऐसे लोग जो छोटे शब्द लिखते हैं वे शर्मीले, पढ़ने वाले और सावधानी बरतने वाले होते हैं। एसके अलावा जो लोग बड़े अक्षर लिखते हैं वे खुले और ध्यान दिया जाना पसंद करते हैं। अक्षरों की दिशा... दायीं ओर: जो लोग दायीं और झुके हुये अक्षर लिखते हैं वे दिल-केन्द्रित, फ्रेंडली, भावुक और आवेग वाले होते हैं। ये परिवार और दोस्तों को महत्व देते हैं। बिना झुके: ये तर्कशाली होते हैं पर भावनात्मक नहीं होते हैं। ये मजबूत और जीवन में यथार्थवादी होते हैं। बायीं ओर: ये लोगों के बजाय चीजों को प्यार करते हैं। ये अपने आप में खोये और रिजर्वड होते हैं। ये आत्म-केन्द्रित ज़्यादा होते हैं। अक्षरों पर दबाव... ज़्यादा दबाव: ये भावनात्मक होते हैं और चीजों को दिल पर लेते हैं। ये तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। कम दबाव: एक जगह-जगह जल्दी भटकते हैं और कम भावुक होते हैं। ऊपर की ओर... ‘L' अक्षर को घुमाकर लिखना: इन्हें आशाएँ और भविष्य से सपने होते हैं। ‘L' को खींचकर लिखना: इनके आशाएँ और सपने अक्सर दब जाते हैं। ‘T' घुमावदार लिखना: ये आलोचना के प्रति संवेदनशील होते हैं। पागलपन से पीड़ित हो सकते हैं। ‘T' खींचकर लिखना: ये मेहनती होते हैं और अनुशासन से काम करते हैं। नीचे की ओर... पतला ‘y': ये नजदीकी फ्रेंड बहुत सोच-समझकर बनाते हैं। चौड़ा ‘y': इनके बहुत से दोस्त होते हैं। लंबा ‘y': इन्हें घूमना पसंद है। छोटा ‘y': ये ज़्यादा घरेलू हैं। अक्षरों का कनेक्शन... जुड़े हुये अक्षर: ये तार्किक और सुव्यवस्थित होते हैं और निर्णय ध्यान से लेते हैं। नहीं जुड़े: ये बुद्धिमान और ज्ञानी होते हैं। डोटिड ‘i’ यदि व्यक्ति की ‘i' केवल सर्कल बनाती है तो इसका मतलब है कि वह बच्चों जैसा और खेलने वाला है। ये आर्टिस्टिक होते हैं और भीड़ में अलग दिखना पसंद करते हैं। यदि ‘i' फोटो में दिये अनुसार गहरी है तो उसे अव्यवस्था पसंद नहीं है और वह हर चीज पर खास ध्यान देता/देती है। क्रॉस ‘t’ यदि पहली फोटो जैसा ‘t' होता है तो ऐसे व्यक्ति के लक्ष्य बड़े होते हैं और वह आत्म-स्वाभिमानी होता है। यदि ‘t' दूसरी फोटो जैसा है तो व्यक्ति का आत्म-स्वाभिमान कम है और उसके जीवन में असुरक्षा की भावना है। लाइन स्पेस यदि लाइन स्पेसिंग छोटी है तो व्यक्ति का टाइम मैनेजमेंट खराब है। यदि समान स्पेसिंग है तो उसे सीमाओं का पता है। English summary आपकी हैंडराइटिंग से पता चलता है आपका व्यक्तित्व Did you know it is so easy to understand a persons personality based on his/her handwriting? Know how! Please Wait while comments are loading...

रूमेटाइड अर्थराइटिस से बचना हो तो अपनाएं ये ख़ास उपाय

Friday, November 24 2017

रूमेटाइड अर्थराइटिस से बचना हो तो अपनाएं ये ख़ास उपाय

Updated: 11:02 एक समय था जब बुजुर्गों में अर्थराइटिस होना आम बात मानी जाती थी लेकिन अब वयस्कों में भी अर्थराइटिस विशेषतौर से रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या होने लगी है। यदि आप रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित हैं तो आपको अपने खानपान में एहतियात बरतने की जरूरत है। एक स्टडी में पाया गया है कि विटामिन डी रूमेटाइड अर्थराइटिस को रोकने में मदद करता है। तो सबसे पहले हम यह जान लें की रूमेटाइड अर्थराइटिस है क्या? रूमेटाइड अर्थराइटिस हाथ, पैर और जोड़ों में होने वाली सूजन संबंधी एक गंभीर बीमारी है। स्टडी के अनुसार शरीर में विटामिन डी का लेवल पर्याप्त होने पर अर्थराइटिस होने के खतरे से बचा जा सकता है। हाल ही में यह स्टडी जर्नल ऑफ ऑटोइम्यूनिटी में प्रकाशित हुई। स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने विटामिन डी की प्रतिक्रया का पता लगाने के लिए अर्थराइटिस से ग्रसित लोगों के सूजे हुए जोड़ों से ब्लड में इम्यून सेल्स की क्षमता का परीक्षण किया। निष्कर्ष बताते हैं कि जो ऊतक बीमारी का रूप नहीं ले पाते हैं वे विटामिन डी के प्रति प्रभावी रूप से प्रतिक्रिया करते हैं। इससे पता चलता है कि विटामिन डी रुमेटाइड अर्थराइटिस से बचाने में मदद करता है। लेकिन जब शरीर से विटामिन डी का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होने लगता है तो यह बीमारी हमें पकड़ लेती है। स्टडी में यह भी पाया गया कि विटामिन डी में एंटीइन्फ्लैमेटरी गुण मौजूद होता है। इसलिए हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेना आवश्यक है। इसके अलावा विटामिन डी सर्दी-खांसी और संक्रामक बीमारियां होने की संभावना भी करता है। इस आर्टिकल में हम विटामिन डी युक्त कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे अपने भोजन में शामिल करके आप अर्थराइटिस जैसी बीमारी से बच सकते हैं। 1. धूप रोजाना धूप में दस मिनट तक नहाने से शरीर को आवश्यक विटामिन डी प्राप्त हो जाता है। यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखता हैं जिससे किसी भी प्रकार का फ्रैक्चर और अर्थराइटिस के खतरे को रोका जा सकता है। 2. मशरूम: मशरूम विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है। मशरूम औमतौर पर सूर्य के पराबैंगनी किरणों के संपर्क में पैदा किया जाता है जो बढ़ने पर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी से युक्त हो जाता है। इसलिए रोजाना मशरूम खाने से हड्डियां मजबूत होती है और अर्थराइटिस की समस्या नहीं होती है। 3 अंडे: अंडे को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। हालांकि नियमित होल एग खाने से विटामिन डी की कमी पूरी हो जाती है। विटामिन डी के अलावा अंडा विटामिन ए, ई, के, आयरन, जिंक और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और एमिनो एसिड से युक्त होता है। 4. दूध: दूध को विटामिन डी का अच्छा स्रोत माना जाता है। एक गिलास दूध रोजाना पीने से हड्डियों को आवश्यक विटामिन डी मिल जाता है जिससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। 5. ऑरेंज जूस: संतरे को अर्थराइटिस के इलाज में उपयोगी माना जाता है। संतरे का जूस हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसमें विटामिन डी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। संतरे का जूस रोजाना पीने से हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। नियमित एक गिलास जूस पीने से अर्थराइटिस की समस्या नहीं होती है।

हफ्ते में 2 बार सेक्स करने से पुरुषों को नही होगी से गंभीर बीमारी

Friday, November 24 2017

हफ्ते में 2 बार सेक्स करने से पुरुषों को नही होगी से गंभीर बीमारी

Published: 11:15 हर इंसान की एक खास प्रवृत्ति होती है जो उसके मनोदशा का निर्धारण करती है। इंसान का यह गुण उसकी संतान में भी पहुंचता है और यह पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ता जाता है। भूख-प्यास, आत्मरक्षा, सेक्स करने की इच्छा आदि स्वाभाविक जरूरतें हैं जो हर जीवित इंसान को महसूस होती है। यदि ये प्राथमिक जरूरतें पूरी नहीं होती हैं तो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ पर भी इसका असर पड़ने लगता है। यदि हम संतुलित भोजन न करें तो शरीर को एनर्जी नहीं मिलेगी इससे हम कुपोषण के शिकार हो जाएंगे। प्यास लगने पर अगर हम पानी न पिएं तो शरीर में पानी की कमी हो जाएगी जो हमारे लिए घातक हो सकती है। ठीक इसी तरह अगर हम अपने शरीर की सेक्सुअल जरूरतें पूरी नहीं करते हैं तो इसका शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है। आजकल ज्यादातर लोग अपनी जवानी से लेकर बुढ़ापे तक इंटरकोर्स करने की इच्छा रखते हैं। जो लोग रोजाना सेक्स नहीं कर पाते हैं वे एक उम्र के बाद मानसिक निराशा, डिप्रेशन और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं के शिकार हो जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति की सेक्सुअल लाइफ ठीक न हो तो एक समय के बाद पुरुषों में इरेक्शन की समस्या और महिलाओं में गीलापन न होने की समस्या पैदा हो सकती है जिसकी वजह से व्यक्ति सेक्स करने के लिए उत्तेजित नहीं हो पाता है। इसलिए सेक्सुअल लाइफ हेल्दी और आनंदमय होना काफी जरूरी है। इससे सिर्फ स्वास्थ ही नहीं ठीक रहता बल्कि आप आत्मविश्वास से भरे भी रहते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया है कि जो पुरुष हफ्ते में दो बार इंटरकोर्स करते हैं उनमें हार्ट अटैक की समस्या नहीं होती है। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि रोजाना सेक्स करने से हार्ट अटैक से कैसे बचा जा सकता है। आजकल 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में हार्ट अटैक की समस्या आम हो गई है। हालांकि महिलाएं भी हार्ट अटैक से प्रभावित होती हैं। यह एक ऐसी घातक बीमारी है जिसमें एक क्षण में ही व्यक्ति का प्राण निकल जात है। हमारे शरीर की धमनियां ऑक्सीजन युक्त खून को हृदय से शरीर के अन्य भागों में पहुंचाने का कार्य करती हैं। लेकिन जब इन धमनियों में खून का थक्का जम जाता है या इनपर दबाव पड़ता है तो हृदय तेज गति से खून को पंप करने लगता है जिसकी वजह से हृदय की गति रूक जाती है इस अवस्था को कार्डिएक अरेस्ट या हार्ट अटैक कहते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, असंतुलित आहार, एक्सरसाइज की कमी, धूम्रपान और अधिक शराब पीने जैसी आदतें हार्ट अटैक की मुख्य वजह है। अमेरिकन जर्नल फ कॉर्डियोलॉजी में हाल ही में प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी के अनुसार जो पुरुष हफ्ते में दो बार से ज्यादा सेक्स करते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा 45 प्रतिशत तक कम पाया जाता है। स्टडी में यह भी पाया गया है कि हेल्दी सेक्स लाइफ से शरीर में कार्टिसोल नामक हार्मोन कम उत्पन्न होता है जिससे स्ट्रेस औऱ ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती है और इसकी वजह से हृदय संबंधी बीमारियों का भी खतरा कम होता है। अंत में यह निष्कर्ष निकला कि रोजाना सेक्स करने से पुरुषों का हृदय लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। English summary Making Love At Least Twice A Week Can Prevent This Deadly Condition In Men! We all know sexual intercourse is fun, but did you also know that it can prevent a deadly health condition? Story first published: 11:15 [IST] Nov 24, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

लीवर को साफ़ करने के लिए पिएं अदरक हल्दी से तैयार ये ख़ास मिश्रण

Friday, November 24 2017

लीवर को साफ़ करने के लिए पिएं अदरक हल्दी से तैयार ये ख़ास मिश्रण

तंदुरुस्‍ती » लीवर को साफ़ करने के लिए पिएं अदरक हल्दी से तैयार ये ख़ास मिश्रण लीवर को साफ़ करने के लिए पिएं अदरक हल्दी से तैयार ये ख़ास मिश्रण Wellness Updated: 10:00 गोल्डेन मिल्क ढेर सारे मसालों, हर्ब्स, नारियल तेल और नारियल के दूध का मिश्रण होता है। इसमें कई सारे न्यूट्रीयेंट्स होते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। आयुर्वेद में यह मिश्रण घाव को भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इस मिश्रण के इस्तेमाल से आपके शरीर के टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकाला जा सकता है, ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है और इसके अलावा कई बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है। यह ड्रिंक लिवर को साफ़ करने का भी काम करता है। इसमें मुख्यतः कोकोनट मिल्क, कोकोनट आयल, अदरक की जड़, हल्दी और काली मिर्च होते हैं। इस ड्रिंक में आप शहद भी मिला सकते हैं। इसमें मौजूद हल्दी आपके मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द में आराम देने के अलावा आपके लिवर की बिमारियों से, त्वचा संबंधी दिक्कतों से और पेट से जुडी समस्याओं से छुटकारा देता है। अपने एंटी-इन्फ्लामेट्री और एंटी-माइक्रोबियल गुणों के कारण यह आपके पूरे स्वास्थ्य को ही फायदा पहुंचाता है। अध्ययन के अनुसार हल्दी की वजह से आपको एलर्जी और अल्जीमर जैसी बीमारी होने की संभावना भी कम होती है। ऐसे ही अदरक आपके मासिक धर्म में होने वाले दर्द में आराम देता है और इसके साथ आपके ब्लडप्रेशर, जोड़ो का दर्द और सर्दी-खांसी में आराम देता है। कोकोनट मिल्क में विटामिन B, मैग्नीशियम, और इलेक्ट्रोलाइट होने की वजह से यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। इसके अलावा कोकोनट आयल आपकी इम्युनिटी बढाने, आपकी पाचन शक्ति ठीक रखने और आपके घाव आदि भरने में मदद करता है। इसमें मिश्रण में मौजूद काली मिर्च फ्री-रेडिकल से लड़ने का काम करती है और शहद सर्दी और एलर्जी आदि में आराम देता है। आइये हम आपको इस मिश्रण को बनाने का तरीका बताते हैं। इसके लिए आप एक चम्मच हल्दी, एक छोटा अदरक का टुकड़ा, एक चम्मच कोकोनट आयल, एक चुटकी काली मिर्च, 2 कप कोकोनट मिल्क, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी लेकर सबको एक साथ मिला दें और लगभग 5 मिनट तक इसे गर्म करें। रोजाना इस गोल्डेन मिश्रण का सेवन करने से आपको स्वास्थ्य संबंधी बहुत लाभ होगा। English summary Try This Ginger-Turmeric Mixture To Clean Up Your Liver In No Time how to clean up your liver, natural liver cleanse recipe, natural liver cleanse at home, how to flush the liver Please Wait while comments are loading...

बच्चेदानी की कमजोरी को दूर करते है ये फूड्स, जरूर करें इनका सेवन

Friday, November 24 2017

बच्चेदानी की कमजोरी को दूर करते है ये फूड्स, जरूर करें इनका सेवन

» बच्चेदानी की कमजोरी को दूर करते है ये फूड्स, जरूर करें इनका सेवन बच्चेदानी की कमजोरी को दूर करते है ये फूड्स, जरूर करें इनका सेवन Diet Fitness Published: 10:30 आपके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आपको सबसे अच्छे भोजन की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप कई तरह के अच्छे भोजन करते है। आज आपको महिलाओं के उन समस्याओं के बारे में बताएंगें जो उनको सबसे ज्यादा परेशान करती है। औरतों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। अगर वे खुद हैल्दी रहेंगी, तभी अपने परिवार का भी अच्छे से ख्याल रख पाएंगी। ऐसी बहुत सी परेशानियां होती हैं जो औरतों की पर्सनल प्रॉब्लम होती हैं। इसके बारे में वह कई बार किसी से खुल कर बात भी नहीं कर पाती। महिलाओं में डिलीवरी या फिर शारीरिक कमजोरी के कारण बच्चेदानी में कमजोरी आ जाती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है और आपके यूटरस में कमजोरी आ गई है तो आपको इसके लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आप सिर्फ अच्छी डाइट लेकर भी इस समस्या को खत्म कर सकती है। आइए जानते है कि बच्चेदानी कमजोरी को कैसे दूर कर सकते है। फाइबर का सेवन आपको जब ऐसी समस्या हो तो फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए इससे आपके यूटरस को ताकत मिलती है। इसको पाने के लिए आपको फल, हरी सब्जियां, बींस और रोजाना 10 गिलास पानी तो जरूर पीना है। ऐसा करने से आपकी यूटरस की कमजोरी दूर हो जाएगी। सब्जियां खाएं आपके लिए सब्जियां हर मायनों में बहुत फायदेमंद होती है। इसलिए आपको यूटरस को मजबूत करने के लिए सब्जियों का सेवन भी करना चाहिए। सब्जियों में कैल्शिम,पोटाशियम,मैग्निशियम और विटामिन भरपूर मात्रा में शामिल होते हैं। ये आपकी बच्चेदानी को मजबूत बनाते है। विटामिन सी युक्त फल आपको बता दें कि आपको अगर यूटरस में कुछ समस्या है तो आपको विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करना चाहिए। इससे आपकी बच्चेदानी तो मजबूत होती ही है और साथ में कैंसर की समस्या से भी आराम मिलता है। इन फलो में विटामिन सी होता है आपको बता दें कि इस समस्या से आपको बचने के लिए इन फलों का सेवन करना चाहिए। आपको बता दें कि अमरूद, संतरा, नींबू, पपीता इत्यादि आपको सेवन करना चाहिए। इसमें विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है। डेयरी प्रोडक्ट अगर आप डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे है तो ये भी आपकी सेहत के लिए काफी अच्छा है। इससे आपको कई तरह की समस्या से आराम मिलता है। यूटरस की कमजोरी को दूर करने के लिए आप दूध,पनीर,मक्खन जैसे कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन कर सकते है। ग्रीन टी आपको बता दें कि ग्रीन टी आपके सेहत के साथ साथ आपके यूटरस की कमजोरी को भी दूर करती है। ये ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। इसके सेवन से यूटरस मजबूत होता है। आपको इसका सेवन ऐसे समय पर जरूर करना चाहिए। ड्राई फ्रूट और बीज आपके यूटरस की कमजोरी को दूर करने के लिए जो आपके लिए सबसे जरूरी है वो होता है ड्राई फ्रूट्स और बीज। ड्राई फ्रूट और बीज में कई तरह के पोषक तत्व होते है जो आपके यूटरस को मजबूत करते है। डॉक्टर की ले सलाह आपको अगर ऐसी कोई भी समस्या है तो इन सब चीजों को अपनाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह लेना काफी जरूरी है। इससे आपको सही इलाज और पोषण मिलेगा। English summary Foods To Eat For A Healthy Uterus You need the best food to keep your body healthy. You have a lot of good food for this. Today, let's tell you about women problems that make them most upset. Story first published: 10:30 [IST] Nov 24, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

इंसान से नही बल्कि इस जानवर से फैला है एड्स का लाइलाज रोग

Thursday, November 23 2017

इंसान से नही बल्कि इस जानवर से फैला है एड्स का लाइलाज रोग

Life » इंसान से नही बल्कि इस जानवर से फैला है एड्स का लाइलाज रोग इंसान से नही बल्कि इस जानवर से फैला है एड्स का लाइलाज रोग Life Updated: Thursday, November 23, 2017, 17:08 एड्स एक लाइलाज बीमारी है। इस बीमारी को इसलिए लाइलाज कहा जाता है क्योकि इसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है। इस बीमारी से ग्रतिस इंसान धीरे धीरे मौत के मुंह में चला जाता है। कई सालों से इसके इलाज की खोज की जा रही है पर ये मुमकिन नहीं हो पा रहा है। हालांकि इसकी लगातार खोज की जा रही है। आपसे आज हम एड्स की ऐसी सच्चाई बताने जा रहे है जो आप अभी तक नहीं जानते होगें। वैसे तो अधिकतर मामलों में एड्स असुरक्षित यौन संबंध बनाने से ही होती है। लेकिन इस बात को देखकर आपके मन में एक सवाल तो आता ही होगा की आखिर सबसे पहले एड्स कब और किससे फैला होगा। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे एड्स फैला है। दरअसल एड्स की शुरुआत किसी इंसान से नहीं बल्कि जानवर से हुई थी। जी हां आज हम आपको इसकी पूरी सच्चाई बताएगे। चिंपैजी में पाई गई थी ये बीमारी एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की शुरुआत किसी इंसान से नहीं बल्कि जानवर से हुई थी। आपको बता दें कि ये खतरनाक बीमारी सबसे पहले बंदरो की एक प्रजाति चिंपैजी में पाई गई थी। सर्वप्रथम कांगो देश के बंदरों मे ये बीमारी पाई गई थी। इसके बाद से ही ये हर जगह फैला है। 19वीं शताब्दी में हुई थी शुरुआत में आपको बता दें कि एड्स की शुरुआत 19वीं शताब्दी में हुई थी। इसके बाद से ही इसको लेकर लगातार शोध चल रहे है पर किसी भी तरह से आज तक इसका इलाज मिलना संभव नहीं हो पाया है। अभी तक काफी लोग इस खतरनाक बीमारी से मर चुके है। इतने लोगों की हो चुकी है मौत एड्स एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसके कारण अब तक करीब 3 करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है। अगर वर्तमान की बात करें तो करीब 10 करोड़ से भी ज्यादा लोग इससे पीड़ित है। अगर आने वाले समय में इनको इलाज ना मिला तो इन लोगों की भी मौत निश्चित है। 1959 में कांगो देश में मिला पहला संक्रमित व्यक्ति इसकी शुरुआत 1959 में कांगों देशों में हुई थी और वहीं पर सबसे पहला संक्रिमित व्यक्ति पाया गया था। जब डॉक्टरों ने इसका चेकअप किया और 5 लोगों पर चेकअप किया जिनको निमोनिया था। इस टेस्ट में पता चला कि उन लोगों के मुकाबले में एड्स सक्रमित व्यक्ति की रोगो से लड़ने की क्षमता कम हो चुकी थी। इसके बाद से ही इसके एड्स का नाम दिया गया। पहले ग्रिड था इसका नाम आपको बता दें कि पहले डॉक्टरों को ये लगा कि ये बीमारी केवल समलैंगिकों में ही पाई जाती है तो इसका नाम ग्रिड रखा गया था। लेकिन जब पता चला कि ये बीमारी विषमलैगिकों के भी पाई जाती है तब इसका नाम बदलकर एड्स रखा गया था। मिल गया एड्स का वायरस जब इसकी समस्या ज्यादा बढ़ने लगी तब वैज्ञानिको ने 1983 से 1985 तक इसकी खोज की और सफल भी हुए। ये दोनो वैज्ञानिक फ्रांस के थें। अमेरिका है पहले स्थान पर ये वायरस जब अस्तित्व में आया तो देखते ही देखते 85 देशों में फैल गया। इन देशों की सूची में अमेरिका सबसे पहले नम्बर पर है। सबसे ज्यादा इसके मरीज अमेरिका में ही पाए जाते है। English summary History of HIV and AIDS overview AIDS is a deadly disease. This disease is termed as incurable because it has not yet received any treatment. Gratis man slowly goes into the mouth of this disease. Please Wait while comments are loading...

कैमरे में कैद हुआ 'भूत', इस वीडियो में स्‍कूल में घूमता हुआ आया नजर

Thursday, November 23 2017

कैमरे में कैद हुआ 'भूत', इस वीडियो में स्‍कूल में घूमता हुआ आया नजर

Published: Thursday, November 23, 2017, 10:30 आपने इंटरनेट पर कई वीडियो देखे होंगे और अधिकाँश वीडियो में ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया जाता है और लोगों को उल्लू बनाया जाता है तथा कभी कभी इन वीडियो को देखकर हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह एक स्कूल की वास्तविक कहानी है जहाँ कैमरे में भूत देखा गया और प्रारंभ में प्रिंसिपल को लगा कि यह मात्र एक अफवाह है परन्तु उन्हें तब वास्तव में विश्वास हुआ जब उसी महीने में उसी तरह की घटना पुन: हुई। दो विभिन्न अवसरों पर स्कूल में हुई भूत की इस घटना के बारे में पढ़ें जो स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई। घटना के बाद प्रिंसिपल ने बताया कि वे इस बात पर विश्वास नहीं कर सकते कि 200 वर्ष पुरानी स्कूल भुतहा है। उन्होंने आगे बताया कि स्कूल में पिछले कुछ सालों में विचित्र और समझ में न आने वाली घटनाएं हुई हैं। पहली घटना... आयरलैंड के कॉर्क में स्थित डियरपार्क सीबीएस नामक स्कूल में रात को 3 बजे भुतहा गतिविधि देखी गयी। पूरा एपिसोड सिक्यूरिटी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ। फुटेज में फुटेज में भुतहा गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे रही है जहाँ लॉकर्स हिल रहे हैं, कागज़ उड़ रहे हैं और दरवाज़े जोर जोर से बज रहे हैं। ज़मीन पर एक प्लास्टिक चिन्ह फड़फड़ाते हुए दिख रहा है और ये सभी एक्टिविटी कैमरे में कैद हुईं। प्रिंसिपल का स्पष्टीकरण द क्लिप: यह डरावनी वीडियो क्लिप प्रिंसिपल को दिखाई गयी जिसे देखकर वे बहुत आश्चर्यचकित हुए। उनका पूरी तरह विश्वास नहीं था कि यह भुतहा गतिविधि थी बल्कि उनका ऐसा मानना था कि "यह कोई मज़ाक है जिसे बहुत अच्छी तरह अंजाम दिया गया है।" स्कूल का इतिहास प्रिंसिपल ने बताया कि, "19 वीं शताब्दी में यहाँ अपराधियों को फांसी दी जाती थी। यह हमें सोमवार को ही पता चला। पास के पब को वास्तव में गल्लोव कहा जाता था। वीडियो वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह भुतहा गतिविधि दिखाई दी। हमें पक्का यकीन है कि इसे देखकर आप निश्चित ही डर जायेंगे। भूत दूसरी बार दिखाई दिया! जब स्कूल ने यह अच्छी तरह मान लिया कि यह एक मजाक था और सभी को इस बात पर पूरी तरह विश्वास हो गया तभी दूसरा वीडियो सामने आया और फिर से कैमरे में भुतहा गतिविधि कैद हुई। दूसरे वीडियो में.... दूसरा वीडियो स्कूल के सिक्यूरिटी कैमरे में सुबह 5:30 बजे कैद हुआ। इस वीडियो में परेशान करने वाली गतिविधियाँ दिख रही हैं। इस वीडियो क्लिपिंग में कुर्सी हॉल में अपने आप चल रही थी, स्कूल बैग उचक रहे थे। पोस्टर्स भी दीवार से निकलकर उड़ रहे थे। प्रिंसिपल का स्पष्टीकरण दूसरी घटना के बाद प्रिंसिपल ने बताया कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि 200 वर्ष पुराना यह स्कूल भूतिया है। उन्होंने बाते कि पहले भी यहाँ अजीब और न समझ में आने वाली घटनाएं हुई हैं। दूसरी घटना का वीडियो.... वीडियो देखे और स्वयं निर्णय लें, कि क्या यह वास्तविक है या केवल मजाक है! नीचे कमेंट सेक्शन में अपने विचार बतायें। English summary कैमरे में कैद हुआ 'भूत', इस वीडियो में स्‍कूल में घूमता हुआ आया नजर This scary ghost video was caught on camera. The incident happened in a high school. Story first published: Thursday, November 23, 2017, 10:30 [IST] Nov 23, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

सर्दियों में शरीर गर्म रखने के लिये जरुर खाएं ये 8 स्‍नैक

Saturday, November 25 2017

सर्दियों में शरीर गर्म रखने के लिये जरुर खाएं ये 8 स्‍नैक

Updated: 11:08 सर्दी का नाम सुनते ही आपके मन में और शरीर में ठंड की एक लहर दौड़ जाती है। यह एक ऐसा मौसम है जिसमें अनेक बीमारियों जन्म लेती है। अगर इस मौसम में आप ने जरा सा भी ध्यान नही दिया तोइससे आपके सेहत में फर्क पड़ जाता है। जिससे आपको सर्दी-जुकाम जैसी आम समस्या आ जाती है। आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में किसके पास इतना समय है कि वह बीमार पड़े और बिस्‍तर पकड़े। तो इसलिये जरुरी है कि आप अपने खान-पान में कुछ ऐसा बदलाव करें जिससे आप हमेशा स्‍वस्‍थ बने रहें। इन दिनों शरीर का मेटाबॉलिज्‍म थोड़ा धीमा पड़ जाता है और शरीर में उतनी एनर्जी और हीट नहीं रह जाती है जितनी की गर्मी में होती है। सर्दियों में डीप फ्राइड स्‍नैक खाने के बजाए कुछ ऐसे हेल्‍दी स्‍नैक खाइये, जिससे शरीर को गर्माहट मिले और पेट लंबे समय तक भरा रहे। इसके साथ ही सर्दियों में वजन भी बढने लगता है इसलिये आज हम आपको कुछ ऐसे देसी स्‍नैक बताएंगे जो आपको सर्दियों में हेल्‍दी रखेंगे। 1. तिलपट्टी तिलपट्टी गुड़ और तिल को मिला कर बनाई जाती है, जो कि शरीर को गर्मी पहुंचाती है। गुड़ में आयरन की मात्रा अधिक होती है। यह सर्दियों के लिये सबसे बेहतरीन नाश्‍ता है और इसे खाने स वजन भी कम होता है। सर्दियों के मौसम में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। तिल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे, प्रोटीन, कैल्शियम, बी कॉम्प्लेक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि। 2. गोंद का लड्डू यह गोंद का लड्डू राजस्‍थान में खासतौर पर बनाया जाता है। इस लड्डू से ना आपको एनर्जी मिलेगी बल्कि गर्मी भी प्राप्‍त होगी। रोजाना सुबह नाश्ते में 1 या 2 लड्डू गोंद के खाइये और सर्दी में अपने आप को स्वस्थ रखिये। गोंद के लड्डू शरीर को नियमित तापमान में बनाएं रखता है, इस लड्डू में पड़ने वाले चमत्‍कारी जड़ी बूटियां जैसे कालीमिर्च, सौंठ, अश्‍वगंधा, और बूरा, पीपल, शरीर को बीमारियों से बचाने के साथ मस्तिष्‍क को तेज बनाने में सहायक होते है। 3. चिक्‍की यह तो बाजार में आराम से मिल जाती है। आप चाहें तो इसे घर पर भी बना सकते हैं और स्‍नैक के तौर पर खा सकते हैं। इनमें ढेर सारा कैल्‍शियम, आयन और विटामिन होता है। इसे बनाने के लिये ढेर सारी मूंगफली और गुड की आवश्‍यकता होती है। इसे खाने से शरीर को तुरंत ही एनर्जी मिलती है और शरीर में गर्मी आती है। 4. सिनामन कुकीज़ अगर आपको गुड़ से एलर्जी होती है तो आप सिनामन कुकीज़ खा सकते हैं। आप अपने घर पर ही इसे तैयार कर सकते हैं, जिसमें वाइट शुगर, मैदा दालचीनी बेकिंग पावडर, नमक, बटर, अंडे और वेनिला एसेंस होता है। सर्दियों के लिये सिनामन काफी अच्‍छा माना जाता है। यह शरीर का मेटाबॉलिज्‍म तेज करता है, मोटापा घटाता है और शरीर में गर्माहट लाता है। 5. रोस्‍टेड नट्स इनमें ढेर सारा प्रोटीन, हेल्‍दी फैट और विटामिन-मिनरल्‍स पाए जाते हैं जो, आपकी सेहत के लिये अच्‍छे माने जाते है। काजू में विटामिन ई होता है जो कि एंटी एजिंग गुणों से भरा होता है इसलिये इससे स्‍किन ग्‍लो करती है। वहीं मूंगफली में विटामिन और मिनरल्‍स होते हैं जो कि पेट को लंबे समय तक भरे रहते हैं। इन्‍हें अगर रोस्‍ट कर के खाया जाए तो शरीर को गर्मी मिलती है। 6. अंडे एक बड़े अंडे में लगभग 70 कैलोरी होती है। यह आपके ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखता है। आयरन से भरपूर होने के नाते इससे आपको सभी आवश्यक अमीनो एसिड मिलते हैं। इसे खाने से आपको इन्फेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है। आप चाहें तो इसे उबाल कर खाएं या फिर पैन में तोड़ कर डालें और ऊपर से ढेर सारी हरी सब्‍जियां काट कर डालें और खाएं। 7. फल और सब्‍जियां इन दिनों संतरे और अमरूद काफी ज्‍यादा मिल रहे हैं, तो क्‍यों ना इसे ही खाया जाए। फलों में ढेर सारा विटामिन सी और विटामिन ए पया जाता है। इससे इम्‍यूनिटी बढती है, आंखों की रौशनी तेजी होती है और स्‍किन में निखार आता है। इसके साथ ही फल और सब्‍जियां खाने से कालेस्‍ट्रॉल कंट्रोल रहता है, बेली फैट कट होता है और रात को अच्‍छी तरह से नींद भी आती है। 8. रोस्‍ट अलसी के बीज एक चम्मच अलसी में करीब 1.8 ग्राम ओमेगा-3 पाया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार अलसी के बीज वात, पित्त और कफ को संतुलित करते हैं। सर्दी के मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए गर्म तासीर वाला भोजन करना बहुत जरूरी है इसलिये अलसी उसमें बेस्‍ट मानी जाती है। इसे खाने के लिये केवल अलसी को भून लें और उसका पावडर बना लें। फिर इसमें गुड़ का पावडर और कुछ मेवे मिला लें। यह बिल्‍कल पंजीरी जैसी हो जाएगी और फिर इसे जब मन करे तब खाएं। English summary 8 healthy snacks to keep you warm and boost weight loss this winter Here’s a list of crunchy melt-in-the-mouth healthy winter delights that can be consumed in the months ahead. Please Wait while comments are loading...

ओहो.. इसलिए सुहागरात पर पति को खिलाया जाता था पान

Saturday, November 25 2017

ओहो.. इसलिए सुहागरात पर पति को खिलाया जाता था पान

» ओहो.. इसलिए सुहागरात पर पति को खिलाया जाता था पान ओहो.. इसलिए सुहागरात पर पति को खिलाया जाता था पान Diet Fitness Published: 12:30 खाना खाने के बाद पान मिल जाएं तो कहने ही क्‍या! लोग ज्‍यादात्‍तर सुंगधित सांस या माउथ फ्रेशनर के लिए लोग पान खाना पसंद करते हैं। लेकिन आप यह सुनकर आश्चर्य में पड़ जायेंगे यह आपके सेक्स जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है। पान को बनाते वक्त जो सुपारी डाला जाता है वह कामोत्तेजक का काम करता है। इसलिए पहले के जमाने में रात को पति को पान खिलाने की परंपरा थी। यह कैसे काम करता है पान को बनाने में जब सुपारी, चूना, लौंग और गुलकंद डाला जाता है वह पूरे शरीर के लिए आश्चर्यजनक रूप से काम करता है। यह आपके हजम शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ कामोत्तेजना में बढ़ाकर प्रजनन क्षमता को भी बेहतर बनाता है। और गुलकंद दिन भर की थकान को दूर कर शरीर में एनर्जी ला देता है। पढ़े- पान काली मिर्च के साथ खाये और वज़न घटायें कैसे करें इसका इस्तेमाल एक ताजा पान का पत्ता लें और उसको अच्छी तरह से धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें। पान के दुकान से चूना लेकर थोड़ा-सा चूना लगाएं, उसके बाद आधा छोटा चम्मच गूलकंद और सुपारी का एक छोटा टुकड़ा और एक लौंग रखकर पान को रैप कर लें। फिर धीरे-धीरे इसको चबायें। पान खाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप इसको पहले चबा लें फिर मुंह के एक कोने में रख दें जब तक वह घुल न जाएं। English summary Chew paan for better sex जानिए क्‍यूं सुहागरात में पति को पान खिलाने का रिवाज है। Story first published: 12:30 [IST] Nov 25, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

फ्रिज किया हुआ नींबू खाने से कैंसर और डायबिटीज रहते है कोसों दूर

Saturday, November 25 2017

फ्रिज किया हुआ नींबू खाने से कैंसर और डायबिटीज रहते है कोसों दूर

डाइट-फिटनेस » फ्रिज किया हुआ नींबू खाने से कैंसर और डायबिटीज रहते है कोसों दूर फ्रिज किया हुआ नींबू खाने से कैंसर और डायबिटीज रहते है कोसों दूर Diet Fitness Updated: 12:09 नींबू में विटामिन सी की मात्रा काफी अधिक मात्रा में पाई जाती है। यहां पर लोग इस खाना खाते समय जरूर इस्तेमाल करते है। नींबू का प्रयोग शरबत बनाने में भी किया जाता है। कई ऐसी चीजे है जिनको खाने से पहले हम नींबू को उनमें निचोड़कर उसका स्वाद बढ़ाते है। आपको बता दें कि नींबू न केवल विभिन्न खानों में स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि यह स्वास्थ्य लाभ भी देता है। इसमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, यही वजह है कि नींबू बहुत बीमारियों में उपयोगी होता है। मगर, नींबू के रस से आपको उतने फायदे नहीं मिलते हैं, जितने कि उसे फ्रीज करके इस्तेमाल करने में होते हैं। क्या आप इसके बारे में जानते है ? बकरे का मीट खाने के लाभ जानकर आप भी करने लगेगे इसका सेवन अगर नहीं जानते है तो आज हम आपको बताएंगें कि नींबू को फ्रिज में रखने के बाद इस्तेमाल करने से आपको किन किन समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आइए जानते है। कैंसर से छुटकारा नींबू और कैंसर के इलाज के बीच एक मजबूत संबंध है। वैज्ञानिकों ने यह पता करने के लिए कई दशक समय बिताया है कि क्या नींबू असामान्य कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है। कई अध्ययनों ने इस संभावना की पुष्टि की है कि नींबू कैंसर के खिलाफ कारगर होता है। डायबिटीज नींबू को फ्रिज में रखने के बाद इसका सेवन करने से आपको डायबिटीज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इसलिए आपको इसका सेवन जरूर करना है। इससे आपका शुगर लेवल निश्चित ही कम होता है। स्ट्रोक फ्रिज किए हुए नींबू का सेवन करने से आपको स्ट्रोक का खतरा नहीं होता है। इसमें पाए जाने वाले महत्वपूर्ण तत्व आपके शरीर की देखभाल करते है। जलन से राहत कभी कभी आपका शरीर किसी कारण से जलने लगता है। इससे आपको काफी तकलीफ भी होती है। आपको बता दें कि अगर आप फ्रिज किए हुए नींबू का सेवन करते है तो आपके शरीर को जलन से राहत मिलती है। इम्यूनिटी बढ़ती है आपके शरीर में इम्यूनिटी होना काफी जरूरी होता है। आपको बता दें कि फ्रिज किए हुए नींबू को खाने से आपके शरीर में इम्यूनिटी बढ़ती है। इसलिए आपको इसका सेवन करना चाहिए। ये आपके शरीर के लिए अच्छा है। अस्थमा से रोकथाम आपको बता दें कि नींबू तो आपके लिए काफी फायदेमंद होता ही है पर फ्रिज किया हुआ नींबू खाने से आपको अस्थमा के लक्षणों से रोकथाम करता है। इसलिए आपको फ्रिज किया नींबू का सेवन करना चाहिए। खतरनाक बैक्टीरिया से राहत आपको अगर खतरनाक बैक्टीरिया से बचना है तो आपको इसके लिए फ्रिज किया हुआ नींबू का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से आपके शरीर में खतरनाक कीटाणु नहीं आ पाते है। आपके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आपको इसका सेवन करना चाहिए। अवसाद और तनाव से रोकथाम आपको अवसाद और तनाव रहता है तो आपको इसके लिए फ्रिज किया हुआ नींबू का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे आपकी अवसाद और तनाव की समस्या खत्म हो जाएगी। अवसाद और तनाव से रोकथाम आपको अवसाद और तनाव रहता है तो आपको इसके लिए फ्रिज किया हुआ नींबू का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे आपकी अवसाद और तनाव की समस्या खत्म हो जाएगी। English summary 9 Reasons You Should Have Lemons in Your Fridge The amount of vitamin C in lemon is found in a considerable amount of quantity. People here use this food at the time of course. Lemon is also used in making syrup. Please Wait while comments are loading...

मात्र 21 दिनों तक मर्द पिएं अखरोट वाला दूध, फायदा जानकर हैरान हो जाएंगे

Saturday, November 25 2017

मात्र 21 दिनों तक मर्द पिएं अखरोट वाला दूध, फायदा जानकर हैरान हो जाएंगे

डाइट-फिटनेस » मात्र 21 दिनों तक मर्द पिएं अखरोट वाला दूध, फायदा जानकर हैरान हो जाएंगे मात्र 21 दिनों तक मर्द पिएं अखरोट वाला दूध, फायदा जानकर हैरान हो जाएंगे Diet Fitness Published: 12:57 हमने अक्‍सर लोंगो को यह कहते सुना है कि हम कोई बच्‍चे थोड़ी हैं जो दूध पिएं। लेकिन दोस्‍तों दूध का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है क्‍योंकि इससे हमें ऊर्जा मिलती है। अगर आप मर्द हैं तो आपको भूल कर भी दूध का गिलास नहीं छोड़ना चाहिये। इसके पीछे एक कारण है और वह यह कि इसे पीने से मासपेशियों और हड्डियों को काफी ताकत मिलती है। दरअसल, दूध में मौजूद प्रोटीन बॉडी में आसानी से अब्जॉर्ब हो जाता है। क्‍या आप जानते हैं कि अगर दूध के साथ अखरोट को मिला दिया जाए तो इसकी शक्ति दोगुनी हो जाती है? आप चाहें तो घर पर अखरोट का पावडर या पेस्‍ट बना कर रख लें और जब भी दूध पिएं तो उसमें एक चम्‍मच अखरोट का मिक्‍स कर दें। पुरुषों के लिए अखरोट वाले दूध के काफी फायदे होते हैं। अखरोट वाले दूध में मुनक्का, बादाम और केसर मिलाकर पीने से पुरुषों की कमजोरी दूर होती है। स्‍वाद और सेहत से भरे इस दूध को पीने से पुरुषों की स्‍पर्म क्‍वालिटी ठीक होती है। हालही में एक अध्ययन के दौरान जिन पुरुषों को 12 हफ्ते तक लगातार अखरोट खाने को दिया गया, उनके शुक्राणुओं का आकार, गति और उसकी आयु में वृद्धि देखी गई। तो जब आपको इतने सारे फायदे मिल रहे हैं, तो दूध छोड़ना कोई समझदारी की बात नहीं। अखरोट वाला दूध कैसे बनाएं दूध बनाने के एक रात पहले अखरोट को पानी में भिगो दीजिये। सुबह इसको पीस कर दूध में मिला लीजिये। दूध को अच्‍छी तरह से उबालिये और फिर गैस बंद कर दीजिये। बाद में इसे गुनगुना कर के इसमें शहद मिलाइये और पीजिये। अखरोट वाला दूध पीने के फायदे 1. यह सुपरफूड खनिजों में बहुत समृद्ध है जैसे कि इसमें मैंगनीज, तांबा, मैग्नीशियम, मोलिब्डेनम और फास्फोरस होता है। साथ ही ये ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरे हुए हैं, जो मुख्य रूप से मछली में पाए जाते हैं। यह इनफर्टिलिटी रिलेटेड प्रॉब्लम से बचाता है। 2. अखरोट बेहद स्वस्थ होते हैं और कई एंटीऑक्सीडेंट से भरे होते हैं। इसमें ढेर सारे Phytonutrients होते हैं जो कि एंटीऑक्सिडेंट के रूप में पाए जाते हैं और कैंसर जैसी बीमारी को पैदा होने से रोकते हैं। English summary Walnut milk for Super Healthy Sperm What you eat and drink, and even how much you exercise, can affect your ability to have children. This Walnut milk a day, though, could give your sperm the boost they need to get the job done. Story first published: 12:57 [IST] Nov 25, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

अदरक-नींबू से बना ये ड्रिंक चुटकियों में कम करेगा मोटापा

Saturday, November 25 2017

अदरक-नींबू से बना ये ड्रिंक चुटकियों में कम करेगा मोटापा

Updated: 14:55 अदरक-नींबू पानी का सेवन शरीर को पतला करने के लिए सबसे अचूक उपाय माना जाता है। क्योंकि यह शरीर में जमा फैट को कम करता है। नींबू में विटामिन सी पाया जाता है जो पेट की चर्बी को घटाता है। ये पेय पदार्थ आवश्यक रूप से वजन कम करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। अदरक और नींबू को जब पेय पदार्थ के रूप में पीते हैं तो इसमें मौजूद पोषक तत्वों को हमारा शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है। नींबू में विटामिन सी, बी6, पॉलीफेनॉल, टेरपीन,नैरिंगिन, हिस्पेरिडिन, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और फाइबर सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जबकि अदरक में आवश्यक ऑयल, बिसाबोलिन, जिंजरोल आदि पोषक तत्व पाये जाते हैं। वजन घटाने के अलावा भी इस पेय को पीने के कई फायदे हैं। तो आइए जानते हैं कि अदरक-नींबू पानी पीने के शरीर को क्या-क्या लाभ मिलता है। 1. इम्यून सिस्टम मजबूत होता है: इस पेय में विटामिन सी मौजूद होता है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है। इम्यून सिस्टम मजबूत होने से हम स्वस्थ महसूस करते हैं और ज्यादा एक्टिव भी रहते हैं। 2. फ्री रेडिकल को दूर करता है: अदरक-नींबू पानी में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है और यह बीमारी पैदा करने वाले फ्री रेडिकल और जीवाणुओं से लड़ने में सक्षम होता है। 3. पेट की जलन से राहत देता है: अगर आप पेट दर्द महसूस करते हैं तो आपको तुरंत अदरक-नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। अदरक पेट की परेशानी को दूर करने में मदद करता है। 4. त्वचा को स्वस्थ रखता है: स्किन को हेल्दी रखने के लिए इस पेय का सेवन किया जाता है। इसमें विटामिन सी मौजूद होता है जो त्वचा को साफ और स्वस्थ रखता है। 5. शरीर को गर्म रखता है: अदरक स्वाद में कड़वा होता है जो शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। इस पेय पदार्थ को सर्दियों में या देर दोपहर में पीना काफी लाभकारी होता है। 6. माइग्रेन दूर करता है: अदरक-नींबू पानी पीने से माइग्रेन और सिरदर्द जल्दी दूर हो जाता है। इसलिए जब भी माइग्रेन की समस्या हो तो इस पेय पदार्थ को पीने की सलाह दी जाती है। 7. कैंसर से बचाता है: इस पेय पदार्थ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से हमारी सुरक्षा करता है। क्योंकि एंटीऑक्सीडेंट शरीर पर हमला करने वाली बीमारियों से मजबूती से लड़ता है और हमें सुरक्षा प्रदान करता है। 8. नशे की लत को दूर करता है: अदरक का कड़वा स्वाद और नींबू का अनूठा स्वाद नशे की लत को कम करने में सहायक है। 9. खांसी को दूर करता है: गले में बैक्टीरिया के कारण खांसी हो जाती है जिससे खुजली होने लगती है। इस पेय को पीने से खाँसी तुरंत दूर हो जाती है। इस पेय पदार्थ में एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो कफ को दूर कर राहत प्रदान करता है। 10. प्रजनन क्षमता बढ़ाता है: स्टडी से पता चला है कि अदरक में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो पुरुषों की जीवन शक्ति बढ़ाते हैं। इसके अलावा यह संभोग करने की इच्छा भी बढ़ाता है।