Health and Fitness

बीमारियों से बचना है तो घर पर रखें ये नेचुरल एंटीबायोटिक्‍स, नहीं पड़ेंगे कभी बीमार

Friday, December 1 2017

बीमारियों से बचना है तो घर पर रखें ये नेचुरल एंटीबायोटिक्‍स, नहीं पड़ेंगे कभी बीमार

डाइट-फिटनेस » बीमारियों से बचना है तो घर पर रखें ये नेचुरल एंटीबायोटिक्‍स, नहीं पड़ेंगे कभी बीमार बीमारियों से बचना है तो घर पर रखें ये नेचुरल एंटीबायोटिक्‍स, नहीं पड़ेंगे कभी बीमार Diet Fitness Published: Friday, December 1, 2017, 11:30 एंटीबायोटिक्स को लगभग सभी लोग जानते हैं कि जब बुखार, ज्वर, खांसी, मलेरिया, वायरल, संक्रामण बीमारियां शरीर में ज्यादा दिनों तक रहता है, तो डॉक्टर इनका सेवन करने की सलाह देते हैं। घातक संक्रमण, बैक्टीरिया, वायरल रोगों में एंटीबायोटिक दवाईयां ही शीघ्र असर करती हैं। लेकिन इन एंटीबायोटिक दवाओं को खाने से कुछ नकारात्मक प्रभाव भी पड़ते हैं। इसीलिए जितना हो सके प्राकृतिक एंटीबायोटिक दावायें खाएं, जो हमारे किचन में आसानी से मिल जाती हैं। इसे मसाले, जड़, फल, चाय, पकवान, व्यजंन, सलाद, जूस आदि के रूप में सेवन करें तो, लगभग सभी संक्रामण, वायरल, बीमारियां शरीर से दूर रहती हैं। प्राकृतिक एंटीबायेटिक अन्य दवाईयों से सैकड़ों गुना ज्यादा सुरक्षित, असरदार और फायदेमंद हैं। प्राकृतिक एंटीबायोटिक अक्सर किचन में ही मौजूद नजरों के आसपास होती हैं। आइये जानते हैं किंचन में मौजूद एंटीबायेटिक के बारे में, जो कि शरीर को संक्रमण, वायरल, घातक रोगों से बचने के लिये सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं। ये शरीर स्वस्थ, निरोग, तन्दुरूस्त बनाये रखने में सहायक है। प्राकृतिक एंटीबायोटिक का सेवन करने से शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। स्वस्थ शरीर के लिए प्राकृतिक एंटीबायोटिक बहुत ही महत्वपूर्ण है। 1. लहसुन लहसुन प्राकृतिक रूप से सबसे ज्यादा एंटीबायोटिक का श्रोत है। लहसुन को हम रोज़ाना सब्जी, दाल, या किसी अन्य खाद्य पदार्थ में डाल कर सेवन करते हैं । इसमें एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, एंटी-फ़ंगल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। लहसुन हर तरह के रोगों को नष्ट करने में फायदेमंद है। कैसे खाएं अपने खाने में लहसुन का तड़का लगा कर खाएं। इसकी कुछ कलियाँ पीस कर उबालें और चाय की तरह पीएं सर्दी लगने पर कच्ची लहसुन खाएं 2. दालचीनी यह कैंडिडा जैसे फंगल इन्फेक्शन को ख़त्म करता है शोधकर्ताओं की माने तो दालचीनी का तेल इ कोली बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम है। कैसे खाएं इसे अपने खाने में मसाले की तरह डाल कर खा सकती हैं दालचीनी चाय बना कर पियें। इसके लिए आप दालचीनी की छड़ी को ½ कप पानी में 10 मिनट के लिए उबाल लें और फिर पीएं इससे आपको आंतों के बैक्टीरिया से छुटकारा मिल जाएगा है। 3. नारियल का तेल नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में होने वाले संक्रमण के प्रभाव को कम कर, उसे बढ़ने से रोकता है। यह इंफेक्शन को दूर करने के लिए प्रयोग की जानें वाली दवाओं में भी कैप्रेलिक एसिड ही पाया जाता है। इसलिए नारियल का तेल इसके लिए उपयुक्त माना गया है। कैसे खाएं अपना टूथ पेस्ट खुद बनाएं जिसमें नारियल के तेल मिलाएं जिसमें एंटीबायोटिक होता है। नारियल के तेल से आयल पुल्लिंग करें इससे मुँह के बैक्टीरिया ख़त्म हो जाएंगे। 4. एप्‍पल साइडर विनगर यह भी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करता है। इसे एंटीफंगल,एंटीसेप्टिक गुणों के कारण जाना जाता है जो हमारे शरीर को एल्कालाइज कर देता है। कैसे खाएं बैक्टीरिया को और बढ़ने से रोकने के लिए आप 1 चम्मच एप्‍पल साइडर विनगर को गर्म पानी में मिला कर सुबह खली पेट पीएं। यही नहीं इससे आप खुल्ला भी कर सकते हैं जिससे गाला साफ़ रहेगा इसके साथ आप शहद मिला कर भी पी सकते हैं आपको खासी में आराम मिलेगा और अगर आपको चोट लग जाये तो रुई के फैये को एप्‍पल साइडर विनगर में भिगो कर चोट पर लगाएं। 5. काइन पेपर आयुर्वेद में काइन पेपर का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं। काइन पेपर के गुणों से परिचित होने के बाद बहुत सारे लोग घरेलू औषधि के रूप में भी करने लगे हैं। यह कफ, खांसी और जुकाम को ठीक करने में बहुत फायदेमंद है। कम भूख लगना, बदहजमी, अफारा और साँस की बीमारी जैसे दमा आदि में काइन पेपर के सेवन से बहुत लाभ होता है। कैसे खाएं 2 ग्राम काइन पेपर का पाउडर, गुड़ के साथ मिलाकर खाने से जुकाम जल्द ही ठीक होता है। काली मिर्च, घी और शक्कर मिलाकर सेवन करने से आँखों के रोग ठीक होते हैं। काइन पेपर का पाउडर सूंघने से बार-बार छींकने से जुकाम से बंद नाक खुलती है, सिरदर्द भी ठीक होता है। काइन पेपर को पीसकर दही में मिलाकर गुड़ के साथ खाने से नाक से होने वाला रक्त स्राव बंद होता है 6. अंगूर के बीज अंगूर में पर्याप्त मात्रा में कैलोरी, फाइबर और विटामिन सी, ई पाया जाता है। लेकिन कम ही लोगों को पता होता है कि ये सेहत का खजाना भी है। कैसे खाएं अंगूर को खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे अच्छे से पीस लें और फिर इसे खाएं। 7. अदरक अदरक एंटीबायोटिक का श्रोत है, अदरक खांसी, सांस समस्या, संक्रामण, जुकाम, सर्दी, व शरीर को आंतरिक रूप से बैक्टीरियल होने से बचाता है। कैसे खाएं अदरक का पाउडर बनाकर कांच की शीशी में रखें जोकि हर मौसम में इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही इसे छील खाएं या ऐसे ही निगल जाएँ और आप अदरक की चाय भी बना कर पी सकते हैं। 8. हल्दी हल्दी में शरीर से बैक्टीरियल को नष्ट करने की भरपूर क्षमता होती है। चोट लगने, कटने, फटने, जलने पर हल्दी दूध पीने से शरीर चोट घाव जल्दी ठीक हो जाता है। और फुन्सी, गलन, जख्म खराब होने से बचाता है। कैसे खाएं 1 कप गर्म दूध में 1 चम्मच हल्दी और 1/8 चम्मच काली मिर्च मिलाएं। संक्रमण से लड़ने में मदद करने के लिए हर 4 घंटे में इसे पीएं। 1 चम्मच शहद के साथ 1 चम्मच हल्दी मिला कर पीने से संक्रमण से लड़ने और घावों को ठीक मदद मिलती है। 9. टी ट्री आयल इसमें एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। कैसे खाएं 1:1 अनुपात में टी ट्री आयल को मिला लें और घाव पर लगाएं इसे आखों के नीचे इस्तेमाल करते वक़्त सावधानी बरते। 10. एलोवेरा एलोवेरा के सेवन से कई तरह के रोगों को दूर किया जा सकता है। एलोवेरा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। साथ ही एलोवेरा बढिय़ा एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक के रूप में भी काम करता है। कैसे खाएं इसके लिए एलोवेरा की पट्टी लें और उसे बीच से काट लें अब इसके जेल को निकाल लें अब आप एक गिलास जूस या शहद में 1 चम्मच जेल मिला कर खा सकते हैं। इससे आपकी सर्दी ठीक हो जायेगी। इसके साथ अगर आपको कोई घाव हो जाये या आप जल जाएँ तो भी आप इस जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। English summary Natural Antibiotics to Always Keep in Your Home Many foods act as natural antibiotics and are effective in treating many health issues. Unlike the over-the-counter antibiotics, most natural antibiotics also fight viral and fungal infections. Story first published: Friday, December 1, 2017, 11:30 [IST] Dec 1, 2017 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

नाभि में रोज लगाएं तेल, इतनी समस्याएं हो जाएंगी दूर

Friday, December 1 2017

नाभि में रोज लगाएं तेल, इतनी समस्याएं हो जाएंगी दूर

बचपन से आपने घर में देखा होगा कि आपके बूढ़े बुजुर्ग जरूर सरसों के तेल का ही प्रयोग करते होगें। जब दादी मां बच्चे की मालिश करती होगी तो थोड़ा सा सरसों का तेल बच्चे की नाभि में लगाती होगी। क्या आप जानते है कि ऐसा क्यों हैं। दरअसल नाभि में तेल लगाने के कई फायदे होते है। सभी जानते हैं नाभि हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। हममे से कई लोग तो नाभि के महत्त्व से अनभिज्ञ होते हैं और नाभि की साफ़- सफाई पर विशेष ध्यान ही नहीं देते हैं, लेकिन नाभि पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। नाभि हमारे शरीर का केंद्र बिंदु है। आपको ये तो पता ही होगा कि त्वचा पर तेल लगाने के बहुत सारे फायदे मिलते हैं, लेकिन आपको शायद ये नहीं पता होगा कि नाभि पर तेल लगाने के भी आश्चर्यजनक फायदे होते हैं। आज आपको इसके बारे में बताएगें कि नाभि में तेल लगाने से आपके शरीर को किस तरह के फायदे होते है। आइए जानते है...

पेट दर्द की समस्या

आपको पेट दर्द की समस्या हमेशा रहती है तो आपको घबराने की आवश्यकता नही है। इसके लिए आपको बाहर से दवा लाने की भी आवश्यकता नहीं है। अगर आप अपने नाभि में रोज तेल लगाएंगें तो आपको इस समस्या से कुछ ही समय में हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी।

अपच की समस्या

आप खाना खाते है और आपके पेट से अगर खाना पचता नहीं है तो ये आपके शरीर में कई तरह की बीमारियां लेकर आ सकता है। इसके लिए आपको अपनी नाभि में तेल लगाना चाहिए। इससे आपको अपच की समस्या से आराम मिल जाएगा।

मतली से आराम

अगर आपका जी मालिश करता है तो आपका मन किसी भी काम में नहीं लगता है। इसके लिए आपको नाभि मे तेल लगाना चाहिए। इससे आपकी समस्या खत्म हो जाएगी। ये आपके शरीर के लिए काफी फायदेमंद है।

पीरियड के दर्द से राहत

कई महिलाओं को माहवारी के समय कई तरह की समस्या के साथ दर्द से भी दो चार होना पड़ता है। कई बार तो इनको असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है। अगर आपको ये समस्या है तो आपको नाभि में तेल लगाना है इससे आपका दर्द छु मंतर हो जाएगा। रुई से लगाएं पीरियड के दौरान दर्द सहनी वाली महिलाओ को रुई में तेल भिगाना है और अपनी नाभि में रख लेना है। इससे आपका दर्द जाने कहां गायब हो जाएगा।

नहीं फटते है होंठ

आपको सर्दियों मे कई तरह की स्किन से संबंधित समस्याएं हो जाती है। इससे आपको बचने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। आपको बता दें कि अगर आप रोग सुबह अपनी नाभि में तेल लगाएंगे तो आपके होंठ फटने बंद हो जाएगें। ये आपके लिए एक असरदार घरेलू उपाय है।

काले नहीं पड़ते है होंठ

इसको लगाने से ना सिर्फ आपके होंठ फटने से बचते है बल्कि इससे आपके होठों में कालापन नहीं आ पाता है। आपको रोजाना सुबह नाभि में तेल अवश्य लगाना चाहिए। मुंहासों को दूर रखता है आपन अक्सर देखा होगी कि इस समय युवाओं में जो सबसे बड़ी समस्या होती है वो होती है मुहासों की समस्या। अगर आपको ये समस्या होती है तो इसके लिए आपको नाभि में तेल लगाना है। ऐसा करने से आपको जल्दी ही इससे आराम मिल जाएगा।

कॉफी लवर्स जरुर पढ़ें, रोजाना 3 कप कॉफ़ी पीने से होते हैं ये फायदे

Friday, December 1 2017

कॉफी लवर्स जरुर पढ़ें, रोजाना 3 कप कॉफ़ी पीने से होते हैं ये फायदे

कॉफ़ी को लेकर लोगों में बहुत सारी गलतफहमियाँ हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कॉफ़ी पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है और कुछ लोगों का मानना है कि इसका सेवन करने से उनके शरीर पर बुरा असर पड़ता है। आपको बता दें कि यह निर्भर करता है कि आप कितना कॉफ़ी पीते हैं। अध्ययन के अनुसार उचित मात्रा में कॉफ़ी को पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार एक दिन में 3 से 4 कप कॉफ़ी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। अगर आप दिन भर में 3 कप कॉफ़ी पीते हैं तो आपको लिवर की समस्या, डायबिटीज, पागलपन और कुछ हद तक कैंसर होने की संभावना कम होती है। इतने सारे लाभों के अलावा लगभग 200 रिसर्च की समीक्षा करने के बाद यह पाया गया है कि कॉफ़ी पीने से ह्रदय संबंधी बीमारियों और स्ट्रोक आदि की वजह से होने वाली मृत्यु में बहुत ज्यादा कमी होती है। उचित मात्रा में कॉफ़ी का सेवन करना स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है लेकिन अगर इसका सेवन ज्यादा मात्रा में किया गया तो इससे आपके स्वास्थ्य पर बहुत सारे साइड इफेक्ट हो सकते हैं जोकि आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर जिन लोगों को कॉफ़ी पसंद नहीं है तो उन्हें कॉफ़ी से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा बीएमजे में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ज्यादा मात्रा में कॉफ़ी का सेवन करते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यहाँ हम आपको उचित मात्रा में कॉफ़ी पीने से होने वाले कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहें हैं।

1- शरीर की ऊर्जा बढती है:

कॉफ़ी में बहुत अधिक मात्रा में कैफीन पाया जाता है जो आपके दिमाग से निकलने वाले निषेधात्मक न्यूरोट्रांसमीटर को ब्लॉक करने का काम करता है। इसकी वजह से आपका उर्जा लेवल, आपका मूड और आपके दिमाग की और भी कई सारी चीजें प्रेरित होती हैं।

2- वजन कम करने में मदद करता है:

कॉफ़ी में मौजूद मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम और पोटेशियम, जो आपके शरीर को इन्सुलिन इस्तेमाल करने में मदद करते हैं जिससे आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा कॉफ़ी में मौजूद कैफीन आपके शरीर के फैट सेल्स को तोड़कर वजन घटाने में मदद करता है।

3- डायबिटीज की संभावना कम होती है:

आपको बता दें कि कॉफ़ी पीने से उसमें मौजूद कैफीन शरीर में इन्सुलिन की संवेदनशीलता को कम करके टाइप 2 डायबिटीज को कम करने में मदद करता है।

4- डिप्रेसन कम करने मदद करता:

दिन में 2 से 3 कप कॉफ़ी पीने से आपका सेंट्रल नर्वस सिस्टम प्रेरित होता है और न्यूरोट्रांसमीटर जैसे सेरोटोनिन, डोपामिन और नॉरएड्रीनैलिन जो आपको डिप्रेसन से लड़ने में मदद करते हैं, कॉफ़ी उनके निर्माण को बढाता है। लेकिन ध्यान रहे कि ज्यादा मात्रा में काफी का सेवन नहीं करना है नहीं तो नुक्सान भी सकता है।

5- कैंसर से लड़ने से बचाता है:

कॉफ़ी बीन्स से बनाया जाता है जिसमे बहुत अधिक मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाया जाता है। कई सारी स्टडी में यह पाया गया है कि दिन में 2 से 3 कप कॉफ़ी पीने से कैंसर होने की संभावना कम होती है।

सर्दियों में पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल

Friday, December 1 2017

सर्दियों में पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल

सर्दियों मे आपके शरीर में अक्सर पानी की कमी देखने को मिलती है क्योंकि इस समय आप पानी बहुत कम पीने लगते है। इसलिए आपकी सेहत को खतरा रहता है। आपके शरीर को सर्दियों में भी पानी की काभी आवश्यकता रहती है। आपको सर्दियों में कम से कम 10 गिलास पानी रोजाना पीना चाहिए। आपको बता दें कि अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपके शरीर में ऊर्जा कम होने लगती है और आपका शरीर बीमार हो सकता है। आज आपको बताएंगे कि अगर आप पानी नहीं पी पाते है तो कुछ भोजन को अपनी डायट में शामिल कर सकते है जो कि आपके शरीर से पानी की कमी सर्दियों में नहीं होनो देते है। इस तरह से अगर कभी पानी पीना भूल भी जाते है तो आपके शरीर में पानी की कमी को ये भोजन पूरा कर देते है। आइए जानते है कौन से है ये भोजन जो आपको सर्दियों में जरूर खाने चाहिए।

दही का करें सेवन

आपको बता दें कि सर्दियों में आपको दही का सेवन करना चाहिए। ये आपके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। आपको इसके सेवन से ताजगी मिलती है। आपको बता दें कि इसके नियमित सेवन से आपकी हड्डियां भी काफी मजबूत हो जाती है। इसको आप रोजाना नास्ते में लस्सी बनाकर भी ले सकते है। आपकी बॉडी को ये डिहाइड्रेशन से बचाता है।

पालक का सेवन

आपको सर्दियों के दौरान पानी पीना अगर कम अच्छा लगता है तो आपको बिल्कुल भी घबराना नही है। आपको इसके लिए पालक का सेवन करना चाहिए। पालक के सेवन से आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। आपको बता दे कि पालक में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होते है जो आपके शरीर में पानी कमी नहीं होने देता है।

नींबू का सेवन

आपको शरीर को विटामिन सी देने के लिए नींबू एक बहुत बड़ा श्रोत है। इसके सेवन से आपके शरीर में पानी की कमी नही होती है। आपको बता दें कि आप नींबू को कई तरह से खा सकते है। लोग इसका सेवन ज्यादातर खाना खाते समय सलाद के रुप में करते है। आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

चावल का सेवन

आपको इस सीजन मे चावल का सेवन करना चाहिए इसमें आपके शरीर के लिए काफी मात्रा में पानी होता है। आपको बता दें कि इसके इस्तेमाल से भी आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है।

सेब

सेब में पानी की काफी मात्रा होती है। इसमें आपको विटामिन सी के साथ फाइबर और कैल्शियम भी होता है। आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है।

अगर पीरियड्स में आ रही है प्रॉब्लम तो हेल्‍थ में है ये गड़बडी

Friday, December 1 2017

अगर पीरियड्स में आ रही है प्रॉब्लम तो हेल्‍थ में है ये गड़बडी

पीरियड्स ज़िन्दगी का एक हिस्सा होते हैं और हम सभी अब तक तो इससे बहुत अच्छी तरह परिचित हैं। हम सभी जानते हैं कि किस फ्लो (बहाव) को सामान्य कहा जाता है और कौन सा बहाव सामान्य नहीं है। विभिन्न महिलाओं के पीरियड्स में विभिन्नता देखने मिलती है और हम में से सभी इस बारे में जागरूक रहते हैं कि कौन सी बात सामान्य नहीं है। आपके पीरियड्स आपके स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। पीरियड्स प्रजनन स्वास्थ्य के बहुत अच्छे संकेतक होते हैं। यदि इसमें कुछ गड़बड़ है तो आपके पीरियड्स अवश्य ही प्रभावित होंगे। ऐसा माना जाता है कि यदि आपको ऐसा लगता है कि कुछ गलत हो रहा है तो आप अपने डॉक्टर से परामर्श करें। यहाँ हमने पीरियड्स से संबंधित पांच लक्षण बताये हैं जो स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या की ओर इशारा करते हैं। इसके बारे में आगे पढ़ें।

1. आपको नियमित तौर पर बड़े ब्लड क्लॉट जा रहे हैं:

पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट जाना सामान्य बात है। परन्तु यदि नियमित तौर पर रक्त के बड़े थक्के जा रहे हों तो ये यूट्रस में होने वाले फिब्रोइड, नॉन-कैन्सेरियस ग्रोथ का संकेत होता है।

2. बहुत अधिक रक्तस्त्राव होना:

बहुत अधिक रक्त स्त्राव होना इस बात का संकेत होता है कि आपके यूट्रस में पॉलिप या फिब्रोइड है। यदि आपको सांस लेने में तकलीफ होती है और चक्कर आते हैं तथा बहुत अधिक ब्लीडिंग होता है तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

3. आपके पीरियड्स सात दिन से अधिक दिनों तक रहते:

इसके कई कारण हो सकते हैं जिनमें तनाव भी शामिल है। सामान्य से अधिक दिनों तक चलने वाले पीरियड्स का कारण पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) और यूटरिन पॉलिप हो सकता है।

4. यदि आपका चक्र 20 से कम दिनों का रहता है:

यदि अचानक ही आपके मासिक चक्र में कम अंतर होने लगे तो यह ओव्यूलेटरी डिसफंक्शन या थाइरोइड डिसआर्डर के कारण हो सकता है। यह पीसीओएस या यूटरिन पॉलिप का भी संकेत हो सकता है।

5. आपको पीरियड नहीं आते पर आप न तो गर्भवती हैं और न ही स्तनपान करवा रही हैं:

यदि आप बहुत अधिक तनाव में हैं या बहुत अधिक इंटेंसिटी वाली कसरत कर रही हैं तो ऐसा करने से आपके पीरियड मिस हो सकते हैं। थाइरोइड के कारण भी आपके पीरियड्स बंद हो सकते हैं। परन्तु यदि आपके पीरियड्स यदि इसी तरह मिस होते रहें तो आपको चेकअप करवाना चाहिए। यह हार्मोन्स में असंतुलन के कारण भी हो सकता है।

Happy Birthday Shah Rukh Khan, The Ultimate Sass King And Ruler Of Our Hearts!

Thursday, November 2 2017

Happy Birthday Shah Rukh Khan, The Ultimate Sass King And Ruler Of Our Hearts!

facebook 1.4k SHARES Call him King Khan, the Badshah of Bollywood, or the king of romance, Shah Rukh Khan has been a mainstay in our hearts for the past 25 years, and frankly speaking, he still has no competition. Be it his on-screen charm or off-screen wit, SRK is one of a kind. There are many reasons why we have loved him all through these years. His star rose and rose, straight through the 90s, 00s and here we are celebrating his 52 nd birthday, still cheering on each and every one of his releases, and hoping for more. The 90s were all about falling in love with his romantic hero image. But he never denied us opportunities to see him in many shades of grey. His chemistry with Kajol was always on fire. But he didn’t earn the moniker of being the king of romance just for that. But TBH, it was his real-life romance with Gauri that had our hearts. However, it wasn’t just his romantic side. We have come to really dig that sharp sense of humour more over the years.

10 Songs That Made Us Fall In Love With Birthday Girl Monali Thakur's Melodies

Friday, November 3 2017

10 Songs That Made Us Fall In Love With Birthday Girl Monali Thakur's Melodies

One of the busiest singers in Bollywood right now, Monali Thakur is a woman of many talents (she occasionally acts too!). Born in a Bengali family, she’s trained in Hindustani classical music as well as hip-hop, salsa and bharatnatyam dance forms. But, it is her melodious voice that we love the most. She has one of those rare voices that can intuitively raise a song to another level. Her voice can soothe the soul, basically. Monali rose to fame after her stint in the singing reality show Indian Idol in its second season. A few years later, she became a household name after singing two hit numbers for the Abbas-Mustan film Race – Khwaab Dekhe and Zara Zara . In a career spanning more than a decade, she has sung some of the most soulful numbers and collaborated with some of the most prominent music directors in Bollywood. To celebrate her 32 nd birthday, we present to you some of our favourite Monali Thakur tracks for every mood. Sawaar Loon from Lootera Moh Moh ke Dhaage from Dum Laga Ke Haisha Khol De Baahein from Meri Pyaari Bindu Khwaab Dekhe from Race Badri Ki Dulhania from Badrinath Ki Dulhania Ye Awaaz Hai from Indu Sarkar Aa Ghar Chalein Hum from Lakshmi

10 Times Birthday Girl Tabu Played Strong, Nuanced Female Characters We Loved

Saturday, November 4 2017

10 Times Birthday Girl Tabu Played Strong, Nuanced Female Characters We Loved

facebook 1.2k SHARES Born Tabassum Fatima Hashmi, she goes by the mononym Tabu, much like those other rockstars Cher and Madonna. One of the most talented actors in Bollywood, the multi-faceted Tabu has also done films in English, Telugu, Tamil, Malayalam, Marathi as well as Bengali. With two National Film Awards, six Filmfares, and a Padma Shri Award under her belt, it has been mostly easy for her to appease all her fans. Bollywood is churning out more and more women-oriented films now. Actresses are finally getting to explore their acting mettle in mainstream movies that are profitable too. But, way before things changed for the better, Tabu was playing nuanced characters and impressing us acting chops we didn’t realised Bollywood needed. As Tabu turns 46, here’s looking back at 10 of our favourite films starring her.

Chandni Bar (2001)

This Madhur Bhandarkar crime drama depicted the gritty underbelly of the Mumbai underworld – dance bars, prostitution, armed violence, et all. Tabu played the character of Mumtaz, a woman who loses her family in communal riots, comes to Mumbai, and subsequently gets immersed in a world of crime. She received a National Award for her performance.

Maqbool (2003)

Starring stellar actors like Pankaj Kapur, Irrfan Khan, Om Puri, Naseeruddin Shah, Piyush Mishra and Tabu, Maqbool was Vishal Bhardwaj’s first adaptation of Shakespeare’s work. In this film based on Macbeth, Tabu portrayed the role of Nimmi, the counterpart of Lady Macbeth.

Haider (2014)

After making Omkara based on Shakespeare’s Othello , Bhardwaj returned with his third outing in the trilogy with Tabu once again playing a pivotal character in it. Based on Hamlet , the Shahid Kapoor, Shraddha Kapoor, and Tabu starrer took place in an insurgency-riddled Kashmir. Tabu earned a lot of critical acclaim of her portrayal of Ghazala Meer, a character based on Hamlet’s Gertrude.

Virasat (1997)

Tabu played a much more subdued character in Priyadarshan’s Virasat than her later roles, but this one still stands out as one of her best performances. She played the character of Gehna, a village belle who ends up getting married to Anil Kapoor’s character Shakti Thakur. The sweet exploration of their marriage was the highlight of this film.

Astitva (2000)

Tabu received a lot of praise for her fine performances in this 2000 Mahesh Manjrekar bilingual film. Astitva , which translates to identity, was about the exploration of male entitlement, domestic abuse and the unravelling of seemingly happy marriages.

The Namesake (2006)

Mira Nair adapted Jhumpa Lahiri’s novel The Namesake into a film in 2006. This was Tabu’s first international project. She played the role of Ashima Ganguly, who immigrates to the US as the young bride of Irrfan Khan’s Ashoke Ganguly.

Maachis (1996)

Tabu’s role in Gulzar’s Maachis was her breakthrough role. She portrayed the character of a young woman whose life is affected by the Punjab insurgency of the late 1970s. Tabu went on to win her very first National Film Award for Best Actress for this role.

Hu Tu Tu (1999)

Tabu played the role of Panna Barve, daughter of a corrupt politician played by Suhasini Mulay, who won a National Award for Best Supporting Actress for her performance in the film. Tabu received a Filmfare nomination for her role, but Aishwarya Rai ended up winning it instead for Hum Dil De Chuke Sanam .

Cheeni Kum (2007)

Her portrayal of a woman in love with a much older character played by Amitabh Bachchan earned her a record fourth Filmfare Critics Award for Best Actress. This R. Balki rom-com was one of her lighter roles. The film also starred Paresh Rawal, Zohra Sehgal, and Swini Khara.

Drishyam (2015)

Ajay Devgn was the main man in this thriller film directed by Nishikant Kamat, but Tabu’s antagonist had a cult fan base on its own. One of the highest grossing films of the year saw her play the role of a senior police officer with shades of grey. She garnered a lot of praise for this role.

खुल गया राज, ऐसे हुई थी महान फाइटर ब्रूस ली की मौत

Monday, December 4 2017

खुल गया राज, ऐसे हुई थी महान फाइटर ब्रूस ली की मौत

Updated: 11:51 बचपन में हम ब्रूस ली को कुंग फू, मार्शल आर्ट्स और ड्रैगन के नाम से जानते थे और आज भी वो इन नामों से मशहूर हैं। हम में से कई लोगों को ताईक्‍वांडो, कराटे और कुंग फू के बीच अंतर नहीं पता होगा। लेकिन हम सभी वो शॉट होगा जब ब्रूस ली अपने ट्रेडमार्क शॉट से सामने वाले को चित्त कर देते थे।उस समय पर यूट्यूब तो हो नहीं था इसलिए में ब्रूस ली के अधिकतर फाइट सीन केबल ऑप्रेटर से विशेष तौर पर कह कर लगवाने पड़ते थे। आपने भी चुक नोरिस के साथ उनका यादगार फाइट सीन देखा ही होगा। इसमें ब्रूस ली का पंच आज भी लोगों को याद होगा। आज भी फाइट के दौरान उनकी स्‍फूर्ति और चुस्‍ती को कोई मैच नहीं कर सकता है। ऐसे देश जहां जाने के लिए जरूरी नहीं है वीजा, सिर्फ टिकट लो और निकल जाओ ब्रूस ली ने मार्शल आर्ट्स की सामान्‍य संरचना में कुछ बदलाव किए थे जिन्‍हें हम आज भी मानते हैं। आइए जानते है ब्रूस ली के बारे में कुछ अनसुने राज... ब्रूस ली का असली नाम क्या था आपने ब्रूस ली का नाम सिर्फ यही सुना होगा पर उनका असली नाम कुछ और ही था। बहुत कम लोग जानते हैं कि ब्रूस ली असली नाम ली जुन फन था और वह मार्शल आर्ट्स एक्‍सपर्ट होने के अलावा एक प्रतिभावान कवि भी थे। क्या आपकी गाड़ी की पीछे कभी कुत्ते भागे है, जानिए क्यो कुत्ते ऐसा करते है दुश्मनों को करते थे ढेर दुश्‍मन को अपने एक ईंच पंच से ढेर कर देने की खूबी के कारण ही सबसे पहले नाम मिला था। उन्‍होंने 1968 में कैलिफोर्निया के लॉन्‍ग बीच पर अंतर्राष्‍ट्रीय कराटे टूर्नामेंट में परफॉर्म किया था। काफी कम समय में उनके करियर ने तेज रफ्तार पकड़ ली थी। 32 साल की उम्र मौत सब कुछ सही चल रहा था लेकिन अचानक से एक अनहोनी हुई। महज़ 32 साल की उम्र में दुनिया के महान फाइटर ब्रूस ली की रहस्‍यमयी तरीके से मृत्‍यु हो गई। मर्डर का शक खबरों की मानें तो ब्रूस ली का खूफिया चीनी संस्‍था ‘ट्राइड' द्वारा किसी अनजान वजह से मर्डर किया गया था। हालांकि उनकी मृत्‍यु का कारण ‘सेरेब्रल एडेमा' बताया गया। इस बीमारी से पीड़ित थे ली ली, सेरेब्रल एडेमा से पीडित थे। इस बीमारी में मस्तिष्‍क में सूजन हो जाती है जिस वजह से सांस लेने में दिक्‍कत होती है और अचानक असामान्य व्यवहार करने लगता है। इस वजह से कई बार ब्रूस ली फिल्‍म सेट पर ही बेहोश हो गए भी हो गए थे। मृत्यु के दिन भी किया था काम मौत वाले दिन ब्रूस ली अपनी अगली फिल्‍म गेम ऑफ डेथ के लिए हॉन्‍ग कॉन्‍ग में प्रोड्यूसर रेमंड छो से मिले थे। ये मुलाकात शाम 4 बजे के आसपास हुई थी और शाम को ली को अचानक सिर में बहुत तेज दर्द होने लगा। साथी कलाकार और दोस्‍त बैट्टी टिंग पेई ने उन्‍हें एस्प्रिन और मेप्रोबेमेट दवा मिलाकर दी। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया कहा जाता है कि उसी रात ली ने एक्‍टर जॉर्ज लजेंबी से एक फिल्‍म के सिलसिले में साथ में डिनर करना था लेकिन जब ली डिनर के लिए नहीं उठे तो उन्‍हें तुरंत क्‍वीन एलिजाबेथ हॉस्‍पीटल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। ये कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार एस्प्रिन और मेप्रोबेमेट दवा का एलर्जिक असर हुआ था जिसकी वजह से मस्तिष्‍क का आकार 13 प्रतिशत बढ़ गया था। ली के शव को सीएटल लाया गया और यहीं उन्‍हें दफना दिया गया। इस तरह दुनिया ने महान फाइटर को खो दिया। उनके 77वें जन्‍मदिन पर हम उन्‍हें याद करते हैं। English summary how did Bruce lee really die? why is the world still trying to figure it years later? In childhood, we knew Bruce Lee as Kung Fu, martial arts and dragon and even today he is famous with these names. Many of us would not know the difference between Taekwondo, Karate and Kung Fu, but all of us would be the shot when Bruce Lee used to mind the front with his trademark shot. Please Wait while comments are loading...

व्हाइटहेड्स हटाने के ऐसे 10 घरेलू नुस्खे जो कभी नहीं सुने

Tuesday, December 5 2017

व्हाइटहेड्स हटाने के ऐसे 10 घरेलू नुस्खे जो कभी नहीं सुने

Published: Tuesday, December 5, 2017, 11:00 व्हाइटहेड्स छोटे सफ़ेद उभार होते हैं, जो कि माथे, ठोडी और नाक पर उभरकर आपकी खूबसूरती को बिगाडते हैं। ये एक प्रकार के मुहाँसे हैं जो स्किन कोशिकाओं, जहरीले पदार्थों, मिट्टी और सेबम से त्वचा के रोम छिद्रों के बंद होने के कारण उभरते हैं। ये उभार खास तौर पर माथे और ठोडी पर निकलते हैं। इनके कारण आपकी त्वचा गंदी और भद्दी दिख सकती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि माथे और ठोडी से इन व्हाइटहेड्स को हटाना कितना आसान है। बाज़ार में कई सौंदर्य उत्पाद हैं, स्क्रब्स हैं जिनसे आप इन्हें हटा सकती हैं। लेकिन यदि आप ये बाज़ार के उत्पाद इस्तेमाल करने में संकोच करती हैं तो कुछ घरेलू नुस्खे भी अपना सकती हैं। बोल्डस्काई पर हम आपको ऐसी ही औषधियाँ बता रहे हैं जिनसे आप इन व्हाइटहेड्स को हटाकर अपनी त्वचा को साफ सुथरी रख सकती हैं। हम जो आपको औषधियाँ बता रहे हैं इन सभी में एंटी-बैक्टीरियल तत्व हैं। इन तत्वों से आपकी त्वचा के रोम छिद्र खुलेंगे और ये व्हाइटहेड्स दूर होंगे। आप अपनी त्वचा के लिए ये नुस्खे अपना सकती हैं.... 1. चन्दन का पाउडर ½ टी स्पून चन्दन के पाउडर को 1 टी स्पून डिस्टिल्ड वॉटर में मिलाएँ। इसे माथे और ठोडी पर लगाएँ, 5 मिनट तक रहने दें। इसके बाद गुनगुने पानी से इसे धो लें। 2. चाय के पेड़ का तेल 3 बूंद टी ट्री ऑयल में ½ टी स्पून नारियल का तेल मिलाएँ। इसे प्रभावित जगह पर मलें। 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से किसी चीज से उतार लें। अच्छे परिणामों के लिए इसे हर सप्ताह लगाएँ। 3. एप्पल साइडर सिरका एप्पल साइडर सिरका की 4 बूंदें 1 टी स्पून डिस्टिल्ड वॉटर में मिलाएँ। इसे माथे और ठोडी पर लगाएँ। इसे 5 मिनट तक रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। व्हाइटहेड्स हटाने के लिए इसे सप्ताह में 3-4 बार लगाएँ। 4. ओटमील 2 टी स्पून पके हुये ओटमील में 1 टी स्पून गुलाब जल मिलाएँ। माथे और ठोडी पर मलें। इसे 10 मिनट तक लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। बेहतर परिणामों के लिए इस मिश्रण को प्रभावित जगह पर रोज़ाना लगाएँ। 5. बेकिंग सोडा ½ टी स्पून बेकिंग सोडा में 1 टी स्पून पानी मिक्स करें। इसे प्रभावित जगह पर लगाएँ। गुनगुने पानी से उतार लें। बेहतर परिणाम के लिए इसे सप्ताह में 2-3 बार लगाएँ। 6. नींबू नींबू एक एक फांक काट लें और इसमें शहद की 3-4 बूंदें डालें। इसे माथे और ठोडी पर लगाएँ। इसे ठंडे पानी से धोएँ। इसे रोज़ाना इस्तेमाल कर आप व्हाइटहेड्स से छुटकारा पा सकते हैं। 7. बेसन ½ टी स्पून बेसन लें और इसमें 1 टी स्पून पानी मिलाएँ। इसे प्रभावित जगह पर लगाएँ। इसे गीले कपड़े से साफ करें। अच्छे रिजल्ट्स के लिए रोज लगाएँ। 8. मिट्टी ½ टी स्पून बेंटोनाइट मिट्टी में 1 टी स्पून गुलाब जल मिलाएँ। इस मिश्रण को व्हाइटहेड्स पर लगाएँ। बाद में इसे साफ पानी से धो लें। व्हाइटहेड्स को अलविदा कहने के लिए इस औषधि को हर सप्ताह लगाएँ। 9. ब्राउन शुगर आधा टी स्पून में ब्राउन शुगर लें और इसमें 1 टी स्पून जैतून का तेल डालें। इस तैयार सामग्री को मिलाकर ठोडी और माथे पर लगाएँ। 5 मिनट रगड़कर इसे गुनगुने पानी से साफ कर लें। इसे सप्ताह में 3-4 बार लगाने से व्हाइटहेड्स चले जाएँगे। 10. विच हेजल प्याले में ½ टी स्पून विच हेजल लें और इसमें 2 टी स्पून डिस्टिल्ड वाटर मिलाएँ। रूई के फ़ोहे को इस मिश्रण में डुबाकर प्रभावित जगह पर लगाएँ। 5-10 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। इसे सप्ताह में एक बार ज़रूर लगाएँ, व्हाइट हेड्स छू हो जाएँगे। English summary 10 Remedies To Get Rid Of Whiteheads From Chin And Forehead Here is the list of easily available remedies that can banish whiteheads and help you get a clean and clear-looking skin.Take a look. Story first published: Tuesday, December 5, 2017, 11:00 [IST] Dec 5, 2017 कीअन्यखबरें

स्‍किन की चमक बढ़ाने के लिए मनुका शहद से तैयार इन फेस पैक का करें प्रयोग

Tuesday, December 5 2017

स्‍किन की चमक बढ़ाने के लिए मनुका शहद से तैयार इन फेस पैक का करें प्रयोग

त्‍वचा-की-देखभाल » स्‍किन की चमक बढ़ाने के लिए मनुका शहद से तैयार इन फेस पैक का करें प्रयोग स्‍किन की चमक बढ़ाने के लिए मनुका शहद से तैयार इन फेस पैक का करें प्रयोग Skin Care Updated: Tuesday, December 5, 2017, 11:35 पूरे विश्व में स्किन के पोषण के लिए मनुका शहद, खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में जहां इसके पेड़ अधिकता में पाए जाते हैं, इस्तेमाल किया जाता है। अपने एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण के कारण यह स्किन संबंधी समस्याएं जैसे दाग धब्बे, कील मुंहासे, चर्म रोग और बहुत सी एजिंग संबंधी समस्याओं आदि में फायदेमंद होता है। इस मनुका शहद के ढेर सारे लाभों के कारण औरतों ने इसका इस्तेमाल अपने सुन्दरता को बढाने के लिए शुरू किया। इसके इस्तेमाल से आपके स्किन को पूरा पोषण मिलता है और आपको त्वचा से जुडी समस्याओं से भी निजात मिलता है। संक्षेप में कहें तो अगर आप अपनी त्वचा को एक परफेक्ट लुक देना चाहते हैं तो मनुका शहद का इस्तेमाल आपके लिए एकदम बढ़िया है। अपनी त्वचा को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के लिए अगर आप चाहें तो केवल मनुका शहद का ही सेवन कर सकते हैं या अगर चाहें तो इसके साथ और भी लाभकारी चीजें जैसे ग्रीन टी और एलोवेरा जेल आदि का भी इस्तेमाल का सकते हैं। हम यहाँ आपको कई सारे स्किन से संबंधित पैक्स के बारे में बताने जा रहें हैं जो आपकी त्वचा को फायदा पंहुचा सकते हैं। 1- मनुका शहद और ग्रीन टी: इसके लिए आप 2 चम्मच मनुका शहद और आधा चम्मच ग्रीन टी पाउडर लें और उसका पैक बनाकर हफ्ते में कम से कम दो बार अपनी स्किन पर लगाएं और लगभग 5 से 10 मिनट बाद इसको गुनगुने पानी से धो लें। 2- मनुका शहद और वनीला: इसके लिए आप एक चम्मच मनुका शहद और आधा चम्मच वनीला मिलाकर एक पैक बनाएं और इसे अपने स्किन पर लगाकर 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें। इसे आपकी त्वचा में नमी बनी रहेगी। 3- मनुका शहद और ऑलिव आयल: इसके लिये आप मनुका शहद और ऑलिव आयल दोनों को एक-एक चम्मच लेकर ब्लेंड कर लें और हफ्ते में एक बार अपने चेहरे पर लगाकर 10 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद नार्मल पानी से इस पैक को धो लें। इससे आपके स्किन को पूरा पोषण मिलता है। 4- मनुका शहद और दही: इस पैक को बनाने के लिए आप दो चम्मच मनुका शहद और एक चम्मच ताजे दही को लेकर मिला लें और हफ्ते में एक बार इसे अपने चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट तक छोड़कर क्लींजर से धो लें। इससे आपके चेहरे में निखार आएगा। 5- मनुका शहद और मिल्क पाउडर: इसके लिए आप एक चम्मच मनुका शहद और एक चम्मच मिल्क पाउडर को लेकर पीस लें और महीने में एक बार अपने चेहरे पर लगाकर 10 मिनट तक छोड़ दें और फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें। 6- मनुका शहद और नींबू का जूस: इसके लिए आप एक चम्मच मनुका शहद और दो चम्मच नींबू के जूस का पैक बनाएं और हफ्ते में एक बार इस पैक की एक पतली पर्त अपने चेहरे पर लगाकर 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। इससे आपके चेहरे में शानदार चमक आएगी। 7- मनुका शहद और अंडे का सफ़ेद वाला भाग: इसके लिए आप अंडे के सफ़ेद वाले भाग को एक कटोरे में लेकर इसमें एक चम्मच मनुका शहद मिला दें। इसके बाद इसे अपने चेहरे पर लगाकर लगभग 15 मिनट बाद ठन्डे पानी से धो लें। इससे आपके स्किन के इलास्टिन का निर्माण बढ़ता है जो आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। 8- मनुका शहद और एलोवेरा जेल: इस पैक को बनाने के लिए आप इन दोनों को यानी मनुका शहद और एलोवेरा जेल को एक एक चम्मच लेकर मिला लें और चेहरे पर लगाएं। फिर 10 मिनट बाद इसे ठन्डे पानी से धो लें। इस पैक को आप हफ्ते में कम से कम एक बार इस्तेमाल करें जिससे आपको मुंहासो आदि की समस्या नहीं होगी। 9- मनुका शहद और बादाम का पाउडर: इसके लिए सबसे पहले आप एक मुट्ठी बादाम को पीसकर उसका पाउडर बना लें और इसका एक चम्मच पाउडर लेकर इसमें दो चम्मच मनुका शहद मिला दें। इसके बाद इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाकर 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। इस पैक को आप हर हफ्ते इस्तेमाल करें जिससे आपकी त्वचा हमेशा ही फ्रेश और जवां रहेगी। English summary Easy DIY Manuka Honey Face Packs For Gorgeous Skin Here is the list of easy-to-make Manuka honey face packs that can beautify your skin whilst treating various unsightly skin conditions, take a look.

पुरुषों के लिए प्राइवेट पार्ट की ग्रूमिंग क्‍यों जरुरी है?

Tuesday, December 5 2017

पुरुषों के लिए प्राइवेट पार्ट की ग्रूमिंग क्‍यों जरुरी है?

» पुरुषों के लिए प्राइवेट पार्ट की ग्रूमिंग क्‍यों जरुरी है? पुरुषों के लिए प्राइवेट पार्ट की ग्रूमिंग क्‍यों जरुरी है? Men Fashion Published: Tuesday, December 5, 2017, 14:59 वैसे तो पुरुष अपने सिर के बालों की ग्रू‍मिंग पर हमेशा ध्‍यान देते हैं, और लेकिन वे हमेशा अपने प्राइवेट पार्ट के बालों को नजरअंदाज करते हैं। हालांकि पुरुषों का अपना प्राइवेट पार्ट की सफाई न करना उनके लापरवाह रवैये के अलावा निजी स्वच्छता को भी प्रभावित करता है। हालांकि सब जानते है बात अगर स्‍वच्‍छता और हाईजीन की है तो पुरुषों महिलाओं के सामने कम ही आंके जाते हैं। महिलाएं इस विषय में पुरुषों से ज्‍यादा सजग होती है। लेकिन सफाई दोनों के ही स्‍वास्‍थय के लिए काफी अहमियत रखती है, तो आइए जानते है कि आखिर क्‍यों पुरुष को अपने प्राइवेट पार्ट्स की ग्रूमिंग करनी जरुरी होती है। साफ-सफाई यदि प्राइवेट पार्ट्स की समय पर ग्रूमिंग न की जाए तो बढ़े हुए बालों के कारण गर्मी, पसीने और बैक्टीरिया उनके आस-पास इकट्ठा हो जाते हैं। इस भाग की ट्रिमिंग या शेव करने से किसी भी अवांछित संक्रमण से बचाव होता है व स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिलती है। प्राइवेट का पार्ट का शेप उभर कर आता है प्राइवेट पार्ट के बालों की सफाई न करने पर ये आपके आत्‍मविश्‍वास को प्रभावित करते हैं, क्‍योंकि इनके बड़े होने पर पुरुषों के प्राइवेट पार्ट का शेप छोटा नजर आता है। इसलिए इस जगह के बालों की सफाई जरूरी है। स्‍वस्‍थ रहने के लिए प्राइवेट एरिया को ग्रूम करने वे वह साफ व स्वस्थ नजर आता है। इस एरिया की सफाई यह सुनिश्चित करती है कि आपको किसी प्रकार का संक्रमण या बीमारी नहीं है और इससे आपका प्राइवेट एरिया भी स्वस्थ रहता है। इसके विपरीत प्राइवेट एरिया को ग्रूम करने से आप देख पाते हैं कि इस जगह कोई रेशेज या इनफेक्शन तो नहीं हो रहा है। अधिक आकर्षक प्राइवेट पार्ट के एरिया की सफाई करने से यह अधिक आकर्षक नजर आता है। इससे आपके पार्टनर को भी समस्‍या नहीं होती है और आपका पार्टनर आपके साथ प्‍यार के पलों में असहज नहीं होता है। प्राइवेट पार्ट की शेविंग करने से संवेदनशीलता में वृद्धि होती है। उस सेंसेटिव पार्ट के आस-पास की त्वचा छूने में बेहद संवेदनशील होती हैं। और जब इस स्थान पर सफाई रहती है तो छूने में तो मजा आता है खुद को कम्‍फर्टेबल फील होता है। English summary Why do men shave their pubic hair? The fact remains that ungroomed privates are not only a complete turn off, but are also unhygienic. Story first published: Tuesday, December 5, 2017, 14:59 [IST] Dec 5, 2017 कीअन्यखबरें