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इन 10 चीजों को पपीते के साथ मिलकार लगाने से मिलेगा चमकता चेहरा

Thursday, October 26 2017

इन 10 चीजों को पपीते के साथ मिलकार लगाने से मिलेगा चमकता चेहरा

अपने चेहरे की सुंदरता के लिए आप अगर कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स बाजार से लाकर यूज करती है और वो आपकको नुकसान भी करते हैं तो रुक जाइए। आपको आज बताएंगे कि पपीते में एक अनूठा एंजाइम, पपेन होता है जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से एक्सफोलिएट करता है एवं कोशिकाओं के विकास की गति में सुधार लाता है। बटरमिल्क पीने और चेहरे पर लगाने है के फायदे नहीं जानते होगें त्वचा की कोशिकाओं की बढ़त की उच्च मात्रा ना सिर्फ दाग एवं एक्ने के धब्बों को तेज़ी से भरने में मदद करती है बल्कि त्वचा में नमी की मात्रा बरकरार रखता है जिससे त्वचा के स्वास्थ्य एवं गुणवत्ता में काफी निखार आता है। नीचे गोरेपन, एक्ने एवं साफ़ त्वचा के लिए पपीते के श्रेष्ठ फेस पैक बनाने के तरीके बताये गए हैं। इन 10 तरीकों को अपनाकर, गुलाब से पाए निखरती हुई त्वचा गोरी एवं चमकदार त्वचा आपकी खूबसूरती में हमेशा वृद्धि करती है। गोरेपन के लिए पपीते के फेस पैक की सबसे अच्छी बात यह है कि ये पूर्णतः प्राकृतिक होते हैं अतः इनके आपकी त्वचा पर कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं होते। आपको हम बताने जा रहे है कि आप एक नहीं बल्कि कई चीजों के साथ इसका प्रयोग कर सकते है।

पपीते और दूध का फेस पैक

कहते है जब दूध ताजा और कच्चा होता है तो उसमें प्राकृतिक तत्व होते है। दूध में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी एवं पोषण प्रदान करने में सहायता करते हैं। आप कच्चे पपीते एवं कच्चे गाय के दूध को आपस में मिश्रित करके घर पर पपीते एवं दूध का गोरापन प्रदान करने वाला फेस पैक बना सकती हैं।

पपीता और टमामर

अगर आप गोरापन पाना चाहते है तो आपको पपीते एवं टमाटर का फेस पैक लगाना है। टमाटर में लाइकोपीन होता है जो एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है एवं टैन हटाने का माध्यम है। हालांकि, यदि आपको टमाटर से एलर्जी है तो इस पैक का प्रयोग ना करें। इसको आपस में मिलाकर चेहरे पर लगाएं।

पपीते और मुलेठी का फेसपैक

अगर आप चाहें तो मलेठी का प्रयोग भी कर सकते है। मुलेठी का प्रयोग आयुर्वेद में त्वचा को गोरा करने एवं अतिरिक्त रंजकता को दूर करने के लिए किया जाता है। मुलेठी एक प्रभावी प्राकृतिक पदार्थ है जो आपके चेहरे से मेलेनिन की मात्रा असल में कम कर सकता है। इसका प्रयोग करके आप अच्छी त्वचा पा सकते है।

शहद और पपीते का फेसपैक

अगर आपको अच्छी और सुंदर त्वचा चाहिए तो आपके लिए शहद एक प्राकृतिक माध्यम है। इसमें ब्लीचिंग एव जर्मीसाइडल गुण होते हैं। पपीते एवं शहद की मदद से बना पैक आपको निश्चित तौर पर साफ़ एवं समास्याओं से मुक्त त्वचा को आपको प्रदान करता है।

पपीता और एलोवेरा

एलोवेरा में विटामिन ई होता है। इसको पपीते के साथ में मिलाकर नियमित प्रयोग से यह क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत करके इसमें नयी जान डालने की क्षमता रखता है। घर पर पपीते एवं एलो वेरा का फेस पैक तैयार करने के लिए एलो वेरा की पत्तियों से बने 2 चम्मच एलो वेरा जेल को 2 चम्मच पके पपीते के पेस्ट के साथ मिश्रित करें।

पपीता और मुल्तानी मिट्टी

जैसा कि आप सभी जानते है कि मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग कई चीजों में किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक मिट्टी है जो त्वचा में काफी मात्रा में खनिज पदार्थों का संचार करती है तथा चेहरे के अतिरिक्त तेल पर नियंत्रण करती है। इसलिए आप पपीते और मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करें।

मुहासों के लिए पपीते का फेसपैक

अगर आपके चेहरे पर मुंहासे है और आप उनसे परेशान है तो पपीते में मौजूद पपेन त्वचा को एक्सफोलिएट करने में मदद करता है जो एक तरफ एक्ने एवं मुहांसों पर नियंत्रण करने में सहायता करता है, तथा दूसरी तरफ, एक्ने या मुहांसों द्वारा छोड़े गए दाग धब्बों को दूर करता है। इसका फेसपैक लगाएं और मुंहासों से छुटकारा पाएं।

पपीते और नीम का फेस पैक

नीम एक औषधि होती है और नीम में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुणों पाए जाते है। जब आप एक्ने एवं मुहांसों जैसी समस्याओं से जूझते हैं तो नीम के अलावा शायद ही कोई ऐसा प्राकृतिक उत्पाद होगा जो आपको बेहतरीन परिणाम प्रदान कर पाए। इसके लिए नीम और पपीते का फेसपैक चेहरे पर लगाएं और इससे निजात पाएं।

पपीता और हल्दी पैक

आपको अगर मुंहासों से छुटकारा पाना है तो आपको हल्दी और पपीते का फेस पैक भी बनाकर लगाना चाहिए। इससे आपके चेहरे से मुंहासों की समस्या खत्म हो जाएगी।

पपीता खीरा और नींबू का पैक

अगर आपको अपने चेहरे की स्किन को दमकता गोरा और हर तरह की समस्याओं से निजात दिलाना चाहते है तो आपको पपीता, खीरा और नींबू को मिलाकर एक फेसपैक बनाना चाहिए औप उसको चेहरे पर लगाना चाहिए।

घुटनों के असहनीय दर्द से राहत पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

Thursday, October 26 2017

घुटनों के असहनीय दर्द से राहत पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

आपको स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी जो चीज होती है वो होती है आपकी हड्डियां। अगर आपकी हड्डियां मजबूत है तो आपकतो काम करने में कोई दिक्कत नहीं होती है। लेकिन अगर इसमें कोई खराबी है तो आपका उठना बैठना तक दुश्वार हो जाता है। मानव शरीर में पैर जितने ही महत्त्वपूर्ण हैं, उतने ही उनके बीच में बने घुटने। सेहत को फिट रखने के लिए खाएं 15 फैटी एसिड फूड्स उन्हीं से पैरों को मुड़ने की क्षमता मिलती है। आज कल बहोत से लोग घुटनो के दर्द से परेशान है और इस दर्द की वजह से चलना फिरना एक कठिन कार्य बन जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते है जैसे के आर्थराइटिस, बुढ़ापा आदि। अगर आप अपने खाने में इन 3 मे से एक भी चीज अपना लें तो घुटने के दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। आज हम आपको ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे जिनको खाने से आपके घुटनों का दर्द गायब हो जाएगा और आपको एक स्वस्थ जीवन मिलेगा।

अदरक

अदरक एक ऐसी औषधि है जो आपके घुटनों के दरद में रामबाण का काम करती है। इसके प्रयोग से आपके घुटने का दर्द बिल्कुल सही हो जाएगा। इसको इस्तेमाल करने के लिए आप चाय के साथ इसका सेवन कर सकते हैं या इसका रस भी पी सकते है। इसका सेवन आप शहद के साथ कर सकते है।

नींबू

आपने गर्मियों में अक्सर लोगों को खाना खाने के बाद नींबू पीते हुए देखा होगा। नींबू एक बहुत अच्छी औषधि है इसके प्रयोग से आपका पेट तो ठीक रहता ही है साथ ही इसके नियमित सेवन से आपके घुटनों का दर्द भी खत्म हो जाता है। इसके घुटनों में लगाने से भी आराम मिलता है।

मस्टर्ड ऑयल

सरसों के तेल का उपयोग करने के लिए इसको आप लहसुन की कला के साथ मिलाएं और इसको अपने घुटनों में गर्म करके लगाएं। नियमित तरीके से ऐसा करने पर आपके घुटनों का दर्द ठीक हो जाएगा। ये एक असरदार नुस्खा है।

साइडर सिरका

आपको बता दें की ये सिरका आपके पैर और घुटनों के साथ साथ कई तरह के दर्द के लिए रामबाण है। इसके प्रयोह से आपके घुटनों के दर्द में आराम मिल जाएगा। इसको लगाने के लिए आप इसका प्रयोग घुटनों में अप्लाई करके कर सकते है।

सेंधा नमस

घुटनों के दर्द में सेंधा नमक बुत ज्यादा असरदार होता है। इसको पानी में मिलाकर दर्द वाली जगह पर लगाने से आपको आराम मिल जाएगा। ये एक घरेलू और असरदार नुस्खा है। इसका प्रयोग जरूर करें।

हल्दी

हल्दी घुटने के दर्द को दूर करने के लिए एक प्रभावी और प्राकृतिक उपचार है। हल्दी में मौजूद कुरक्यूमिन एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और दर्द कम करने में मदद करता है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड

इन फैटी एसिड से शरीर में शक्ति के साथ साथ कई तरह की बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी होती है। इसके लिए आपको बादाम, साबूत आनाज और दूध जैसा चीजों का सेवन कर सकते है। इनके रोजाना सेवन से आपके घुटनों का दर्द खत्म हो जाएगा।

कैल्शियम रिच फूड्स

कैल्शियम रिच फूड्स को खाने से आपके शरीर को कैल्शियम मिलता है औॅर आपका शरीर भी स्वस्थ रहता है। आपको बता दें कि शरीर में कैल्शियम की कमी से ही हड्डियों में दर्द होता है। इसलिए आप कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन करें।

पाइनएप्पल

आपको बता दें कि पाइनएप्पल जितना खाने में अच्छा होता है उसके लाभ भी उसी की तरह अच्छे होते है। अगर आपको जोड़ों का दर्द रहता है तो आपको पाइनएप्पल खाना चाहिए। आप चाहे तो इसके रस का सेवन भी कर सकते है।

पपाया सीड्स

पपीते के बीज बहुत उपयोगी होते है। इसके लिए आप इनको पीसकर इसको इसको तेल में लगाकर अपने पैरों पर लगा सकते है ऐसा करने आपके घुटनों के दर्द में आराम मिल जाएगा।

गाजर

गाजर एक जड़ होती है जो कि हमारे शरीर को पैष्टिक चीजें देती है। अगर आपके घुटनों का दर्द है तो आपको गाजर का सेवन करना चाहिए। इसको खाने आपके शरीर में शक्ति मिलती है और आपको घुटनों के दर्द से राहत मिलती है।

मेथी के बीज

अगर आपको घुटनों का दर्द रहता है तो आपको मेथी के बीजों के पीसकर तेल में मिलकार हल्की गुनगुना करके लगाना है। ऐसा करने से आपके घुटनों में दर्द से आराम मिलेगा।

प्याज

अगर आपको घुटनों के दर्द से राहत पानी है तो आपको प्याज का भी इस्तेमाल करना चाहिए। आप चाहें तो प्याज खा भी सकते है और पीसकर अपने घुटनों में लगा भी सकते है। ऐसा करने से आपको घुटनों में आराम मिल जाएगा।

नारियल का तेल

आपको बता दें कि पैर में मोच आने पर भी आप कोकनट का तेल लगा सकते है। आप चाहे तो घुटनों के दर्द के लिए भी इसका प्रयोग कर सकते है। ऐसा करने से आपको घुटनों के दर्द में आराम मिल जाएगी।

लाल मिर्च

लाल मिर्च के इस्तेमाल से घुटनों के दर्द में भी राहत मिलती है, इसमें मौजूद केपसाइसिन दर्द निवारक की तरह काम करता है। इसका उपयोग करें और अपने घुटनों के दर्द से राहत पाएं।

ठंडा सेक

घुटनों के दर्द से राहत के लिए ठंडा सेक दिया जा सकता है। यह सबसे आसान और प्रभावी तरीकों में से एक है। घुटनों को ठंडा सेक देने से यह रक्त वाहिकाओं को कसता है जिससे रक्त प्रवाह कम होता है और सूजन भी घटती है।

एक्सरसाइज

अगर आप एक्सरसाइज करने के शौकीन है तो आपको ये समस्या कभी नहीं होगी। यदि आप नहीं करते है और आप घुटनों की समस्याओं से परेशान है तो आपको एक्सरसाइज करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घटने मजबूत हो जाएगें।

योगा

आपको योगा करना बहुत लाभदायक है। यदि आप बिना किसी दवा के सही होना चाहते है तो आपको योगा करना चाहिए। ऐसा करने से आपको घुटनों के दर्द में आराम मिल जाएगा।

दाल चीनी और अनानास

आपको बता जें कि आप दालचीनी और अनानास को आपस में पीसकर मिला लें और इसको नियमित अपने घुटनों में लगाएं। इसके करने से आपके घुटने ठीक होने लगेगें।

वर्कआउट के बाद अगर खायेंगे ये 10 चीजें तो नहीं बनेगी बॉडी

Thursday, October 26 2017

वर्कआउट के बाद अगर खायेंगे ये 10 चीजें तो नहीं बनेगी बॉडी

वर्कआउट करने के बाद हम लोगों को खुश होना चाहिए कि हमने लाइफ में अपने लिए कुछ किया है। इससे हमारा शरीर अच्छा और स्वस्थ रहता है और हमें एक अलग तरह की संतुष्टि भी होती है। एक्सरसाइज करने के बाद हम लोग अच्छी चीजें ही खाना चाहते है और हमारी आँखे भी उस खाने वाली चीज पर ही जाकर रुक जाती है। जी हाँ हमें बेशक वर्कआउट करने के बाद कुछ खाना चाहिए जिससे कि हमारे शरीर को जरूरी ऊर्जा मिल सके और हमारी बॉडी मसल्स मजबूत हो सके और साथ ही हमारा मेटाबोलिज्म भी दुरुस्त रहे। लेकिन इसके लिए ध्यान रहे कि हम ऐसी चीजें ना खाएं जिससे हमारा किया गया वर्कआउट व्यर्थ ही चला जाए। इसलिए हम यहाँ आपको उन चीजों के बारे में बताने जा रहें है जिनसे विशेषकर आपको दूर रहना है।

1. सोडा:

आपको एक्सरसाइज करने के बाद सोडा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि एक्सरसाइज करने के बाद ज्यादा मात्रा में पानी शरीर से बाहर निकल जाता है और एक्सरसाइज के बाद आपको हाइड्रेटेड रहने की जरुरत होती है। सोडा आपको हाइड्रेटेड नहीं रख पाता है इसलिए आप इससे दूर रहें।

2. मसालेदार खाना:

आपको रोजाना एक्सरसाइज करने के बाद यह कोशिश करनी चाहिए कि आप मसालेदार खाने से दूर ही रहें क्योंकि इस तरह का खाना पचने में दिक्कत करता है जिससे आपका हाजमा ख़राब हो सकता है।

3. हाई प्रोटीन फूड्स:

ऐसा नहीं है कि मसालेदार खाने की तरह आप प्रोटीन भी ना खाएं क्योंकि मसालेदार खाना खाने से आपके पेट को उतना आराम नहीं मिलता है जितना उसको एक्सरसाइज करने के बाद जरुरत होती है। यदि आप अपने वजन को कम करने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो आप अपने डाइट में कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ का ही इस्तेमाल करें या फिर आसानी से पचने वाले प्रोटीन युक्त पदार्थों का इस्तेमाल करें।

4. चॉकलेट्स:

एक्सरसाइज करने के बाद चॉकलेट्स का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। खासतौर पर तब जब आप अपने वजन को लेकर चिंतित हैं। चॉकलेट्स में बहुत अधिक मात्रा में फैट होता है और अगर हम इनका सेवन करते हैं तो हमारे शरीर द्वारा प्रोटीन का अवशोषण कम हो जाता है जो हमारे स्वास्थय के लिए अच्छा नहीं है।

5. साल्टी फूड्स:

साल्टी फूड्स यानी चटपटे पदार्थ जैसे कि चिप्स, निश्चित रूप से आपके लिए अच्छा नहीं है अगर आप रोजाना वर्कआउट करते हैं। बाज़ार में बनने वाली ये चटपटी चीजें हमेशा ही एक आसान चॉइस होती हैं कुछ खाने के लिए। कोशिश करें कि एक्सरसाइज करने के बाद आप इन चीजों से दूर रहें क्योंकि ये आपके शरीर को अच्छी क्वालिटी का फैट और साल्ट नहीं देते हैं जो आपके शरीर के लिए जरुरी होते हैं।

6. शुगरी स्नैक्स:

एक्सरसाइज करने के बाद आपको कार्बोहाइड्रेट से भरपूर और फाइबर युक्त चीजों का ही इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि ये आपको शरीर के लिए जरुरी ग्लाइकोजन देते हैं। शुगरी स्नैक्स जैसे पेस्ट्री आदि जिसमे कि बेकार कार्बोहाइड्रेट, फैट और शुगर होते हैं जो आपके शरीर पर बुरा असर डाल सकते हैं।

7. फ्राई अंडे:

फ्राई अंडे हमेशा ऐसे तेल या बटर में बनाए जाते हैं जोकि सैचुरेटेड फैट से भरे हुए होते हैं। इनका सेवन आपके स्वास्थय को खराब कर सकता है। अगर एक्सरसाइज करने के बाद आप अंडे खाना ही चाहते हैं तो आप उबला हुआ अंडा या उसको प्रोटीन शेक के साथ मिलाकर खाएं जिससे आपको भरपूर ऊर्जा मिले।

8. एल्कोहल:

वैसे तो एल्कोहल किसी को नहीं इस्तेमाल करना चाहिए लेकिन अगर आप एक्सरसाइज करने के बाद इसका इस्तेमाल करते हैं तो यह आप पर बुरा असर डाल सकता है। जानना चाहते हैं कैसे तो सुनिए एल्कोहल एक डाईयूरेटिक एजेंट होता है जो आपको किसी तरह का लाभ नहीं देता बल्कि आपके मसल्स बनने की प्रोसेस को खराब कर देता है।

9. कच्ची सब्जियां:

वैसे तो कच्ची सब्जियां स्वास्थय वर्धक और संतुलित डाइट होती हैं लेकिन एक्सरसाइज करने के बाद ये सही चॉइस नहीं होती हैं। इसका कारण है कि एक्सरसाइज करने के बाद आपके शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और न्यूट्रीयेंट्स की जरुरत होती है जो कच्ची सब्जियां पर्याप्त नहीं हैं ये सब देने के लिए। इसलिए ऐसा करने से बचें।

10. हाई फैटी फूड्स:

फैटी खाद्य पदार्थ आपके पाचन क्रिया को कम करते हैं और आपके शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरुरी न्यूट्रीयेंट्स भी इन पदार्थों से नहीं मिलते हैं। इसलिए आप एक्सरसाइज करने के बाद ऐसे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। कुल मिलाकर हमारा कहने का मतलब है कि आप सही खाद्य पदार्थों का चुनाव करें जिससे कि आपको वर्कआउट करने के बाद सही रिजल्ट मिल सके। ऊपर बताये गये पदार्थों को आप बिल्कुल भी इस्तेमाल ना करें।

इस दरगाह में जमीन से 2 इंच ऊपर तैरता है पत्थर, जानिए कहां है ये मजार

Wednesday, October 25 2017

इस दरगाह में जमीन से 2 इंच ऊपर तैरता है पत्थर, जानिए कहां है ये मजार

हमारे देश में ऐसे बहुत से सूफी संत हुए है जो अपने चमत्कारों से इतने प्रसिद्ध हुए की उनके चर्चे आज भी हर जुबान पर मशहूर है। ऐसे कई वाकिए भी है जिसे सुनकर आपके भी उड़ जांएगे होश जिंदगी में हर बात और हर एक चीज के पीछे कोई न कोई तर्क छुपा होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि पेड़ों पर लगे पत्ते हरे क्यों होते है। इस मंदिर में भगवान शिव की रक्षा एक मेंढक करता है, जानिए मौसम क्यों बदलता है आदि छोटी से छोटी बातों के पीछे भी तर्क है। इस हवा में तैरते हुए जादुई पत्थर का रहस्य आया सामने, जिसे सुनकर आपके भी उड़ जांएगे होश। लेकिन फिर भी हमारे आसपास ऐसे कई जगह मौजूद है जो सबी के लिए रहस्य का विषय है आधुनिक हो चुकी दुनिया के पास भी उस बात का कोई जवाब नही है। ऐसा हमेशा देखा जाता है कि जिन बातों का जवाब देने में विज्ञान भी चुप रहता है। आज हम आपको एक ऐसे ही हैरान कर देने वाली मजार के बारे में बताएंगे जहां पर एक पत्थक बिना किसी सहारे के जमीन से 2 इंच ऊपर लटका हुआ है। आइए जानते है कहां है ये चमत्कारी मजार... अजमेर में ख्वाजा जी की मजार आपको बता दें कि अजमेर के हजरत ख्वाजा गरीब नवाज मोइनुद्दीन चिश्ती को भारत का महाराजा भी कहा जाता है। एक वाकिया तो इसी मजार से संबंधित है। वैसे तो कई चमत्कार यहां पर हुए हैं। आपको बता दें कि इनकी दरगाह में हर धर्म के लोग रोज आकर इनकी जियारत करते है। ये अपने आप में एक मिसाल है। यहां हवा में तैरता है एक पत्थर वैसे तो पूरा राजस्थान ही ऐतिहासिक इमारतों से सजा हुआ है। लेकिन ख्वाजा के अजमेर में उनकी दरगाह से कुछ कदम की दूरी पर एक एक चट्टान है। इसी चट्टान में एक हैरान कर देने वाला नजारा आपको दिखेगा। दरअसल इस इस चट्टान पर एक पत्थर बिना किसी सहारे के हवा में 2 इंच की दूरी पर लटका हुआ है। वैज्ञानिकों ने किए की शोध आपको बता दें कि इस बात से पर्दा उठाने के लिए और इसके बारे में जानने के लिए कई वैज्ञानिक यहां पर आए और अभी भी आते रहते है। लेकिन ऐसा क्यों है ये किसी ने पता नहीं लगा पाया। पत्थर से जुड़ी हैं कई कहानियां आपको बता दें कि इस पत्थर से जुड़ी कई कहानियां है जो लोग सुनाते है। कुछ लोग कहते है कि इस पत्थर से ख्वाजा गरीब नवाज ने अपने एक फरियादी को बचाया था। लोग कहते है कि ये पत्थर बहुत ही तेजी के साथ ख्वाजा गरीब नवाज की तरफ बढ़ रहा था। ऐसे में ख्वाजा ने इस पत्थर को हवा में ही रोक दिया था। तब से लेकर आज तक ये पत्थर हवा में ही तैर रहा है। सच्चे मन से ख्वाजा को याद किया कहते है कि वो फरियादी ख्वाजा गरीब नवाज के दर पर हमेशा आता था। उस दिन भी जब ये हादसा हुआ तो वो वापस जा रहा था। इस मुसीबत को देखकर उसने ख्वाजा गरीब नवाज को सच्चे मन से याद किया तो ख्वाजा गरीब नवाज उसको बचाने के लिए खुद आ गए। हर धर्म के लोग झुकाते है सिर इस जगह की एक खाशियत है कि यहां हर धर्म के लोग मत्था टेकने जरूर आते है। यहां पर तारागढ़ की चढ़ाई और ढ़ाई दिन का झोपड़ा भी बहुत प्रसिद्द है। आपको एक बार इस जीते जागते कुदरत के करिश्मे को जरूर देखना चाहिए।

सेहत को फिट रखने के लिए खाएं 15 फैटी एसिड फूड्स

Wednesday, October 25 2017

सेहत को फिट रखने के लिए खाएं 15 फैटी एसिड फूड्स

क्या आप जानते है कि फैटी एसिड क्या होता है तो आपके बता दें कि फैटी एसिड एक प्रकार की वसा है। इससे आपके शरीर में कई तरह के फायदे होते है। आईए जानें इनके अनेक कार्यों और फायदों के बारे में। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों स्रोतों से हमें ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलता है। दुबलेपन से परेशान है तो इन 10 चीजों का करें सेवन आज बहुत सारी चीजे है जो आपको फैटी एसिड दे सकती है पर इनमें कुछ ही ऐसी चीजें है जो आपके सही मात्रा में इसको प्रदान करती है। आपको बता दें कि किन आपके लिए बहुत ही आवश्यक है। इससे आपके शरीर में ऊर्जा का भी संचार होता है। यही नहीं फैट का यह प्रकार हृदय संबंधी रोगों, एलर्जी व अवसाद जैसी समस्याओं से बचाव करता है। मसूड़ों की बीमारी के लक्षण, कारण और घरेलू उपाय, जानिए साथ ही, ओमेगा 3 शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसलिए इसका प्रयोग जरूर करें। तो आइए जानते है इसके लिए कौन सी चीजें लाभदायक है। जानिए..

अलसी के बीज

आपको बता दें कि अलसी के बीजों में काफी तरह के पोषक तत्वों के अलावा ओमेगा 3 और लिगनेन्स भी प्रचुर मात्रा में होता है। यह घुलनशील और अघुलनशील, दोनों ही प्रकार के फाइबर और प्रोटीन का अच्छा श्रोत होता है। इसे दिन भर में तीन ग्राम तक लिया जा सकता है। इसको आप चटनी बनाकर भी प्रयोग कर सकते है।

भांग के बीज

क्या आप जानते है कि भांग के बीजों में कुछ पोषण तत्व भी होते हैं। फैटी एसिड्स के अलावा भी इसमे प्रोटीन, विटामिन ई के साथ फॉस्फोरस, पोटैशियम, सोडियम, मैग्नेशियम, सल्फर, कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे खनिज पदार्थ भी मौजूद होते हैं। इसका प्रयोग करने से आपको लाभ होगा।

अखरोट

आपको बता दें कि ना सिर्फ फैटी एसिड बल्कि प्रोटीन और डाइटरी फाइबर का भी एक बेहतरीन श्रोत होता है। इसमें मैंगनीज, कॉपर, फोसफोरस और मैंगनीशियम भी होते हैं। रोज कम से कम 4 से 5 गिरी अखरोट खाना फायदेमंद होता है। इसलिए इसका रोजाना सेवन आप कर सकते है।

बादाम

बादाम एक बहुत बड़ा श्रोत है फैटी एसिड का इससे आपको अच्छे मात्रा में फैटी एसिड मिलता है। इसको रोजाना खाने से आपके शरीर को लाभ ही लाभ होता है। इसलिए आपको बादाम का सेवन रोज करना चाहिए।

जैतून का तेल

जैतून का तेल बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। इसमें फैटी एसिड की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए आप इसका भी सेवन कर सकते है। इसके सेवन से आपको लाभ होगा।

साबुत आनाज

आपको खाने के समय ये ध्यान रखना चाहिए कि आ़प क्या खा रहे है। साबुत आनाज शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है। इसमें फैटी एसिड भी पाया जाता है। इसके खाने के बहुत ज्यादा फायदे है।

अंडे की जर्दी

अंडे के सफेद हिस्‍से में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है। इसमें नौ प्रतिशत कैल्‍शियम, आयरन, फॉस्‍फोरस, जिंक, थाइमीन, विटामिन बी6 और बी12, फोलिक एसिड और पैंथोथेनिक एसिड भी पाया जाता है। योक में घुलनशील विटामिन्‍स जैसे A, D, E और K होता है

सालमन

क्या आप जानते है कि सालमन फैटी एसिड विटामिन डी, नीयासिन, विटामिन बी 12, विटामिन बी-6 और सेलेनियम का भी अच्छा श्रोत है। लेकिन इसे 100 ग्राम से अधिक नहीं लेना चाहिए। सालमन को फ्राई करने की बजाय हल्के से रोस्ट या स्टीम कर के खाना ज्यादा लाभदायक होता है।

हरे पत्ते वाली सब्जियां

आपको जानकर हैरानी होगी आप जो सब्जियां खाते है उनमें कई सब्जियां आपके लिए नुकसानदेह है। अगर हरे पत्ते वाली सब्जियां खाते है तो आपको इसमें फैटी एसिड के गुण मिलेंगें हिलसा

मछली

जैसा कि आप सभी जानते है कि मछलियों में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए आपसे बता दें कि हिलसा मछली में इसके साथ साथ फैटी एसिड के गुण भी मौजूद होते है इसलिए इसका सेवन करना आपके शरीर के लिए अच्छा है।

कॉड लिवर ऑयल

आपको बता दे कि यह है एक अच्छा सोर्स है फैटी एसिड का। कॉड लिवर तेल, दूसरी ओर यह ओमेगा फैटी एसिड होता है 3 लंबी श्रृंखला है और इसलिए लोग अपने लाभ के सभी का पूरा उपयोग कर सकते हैं। इसका प्रयोग आपके लिए सही है।

चिया का बीज

आपको बता दें कि चिया का बीज खाने से आपको फैटी एसिड के सारे गुण मिल जाएगें। ये सेहत के लिए अच्छा होता है। इसलिए इसका उपयोग जरूर करें।

ब्लूबेरी

बेरी न केवल एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स का अच्छा एक अच्छा माध्यम है, बल्कि इसमें ओमेगा 3 भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ब्लूबेरी में ही लगभग 174 मिलीग्राम ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है।

राई का तेल

राई में सैचुरेटेड फैट कम होता है और इसमें ओमेगा 6 और ओमेगा 3, दोनों ही प्रकार के फैटी एसिड होते हैं। अन्य तेलों में सोयाबीन, अखरोट, अलसी आदि के तेल भी लाभदायक होते हैं। लेकिन इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करें। और दिन भर में 3 से 4 चम्मच से ज्यादा न लें।

सोयाबीन

सोयाबीन हमारे शरीर में फैडी एसिड पहुंचाने के लिए बढ़िया सोर्स है। सोयाबीन में प्रोटीन, आइसोफ्लेवोन्स, फाइबर, लेसीथिन, काबरेहाइड्रेट्स और माइक्रोन्यूट्रेंट्स आदि होते हैं। आप इसका दूध भी उपयोग कर सकते हैं। वे लोग जिन्हें दूध-दही नहीं पचता, वे सोयाबीन अगल रूपों में भी ले सकते हैं। इसको खाने के लिए आप इसके साथ दूध का प्रयोग भी कर सकते है।

लीवर को स्वस्थ रखने और वजन कम करने के लिए रोजाना पिएं ये ख़ास जूस

Wednesday, October 25 2017

लीवर को स्वस्थ रखने और वजन कम करने के लिए रोजाना पिएं ये ख़ास जूस

अपने शरीर और को स्वस्थ और संतुलित रखने के लिए एक अच्छी लाइफस्टाइल भी होना जरुरी होता है। आमतौर पर आजकल ज्यादातर लोगों के पास अपनी जीवनशैली को बेहतर रखने का टाइम ही नहीं है। जिसकी वजह से लोग अपने वजन को कम करने के साथ साथ अपने शरीर के कुछ अंगों जैसे लिवर आदि को सही स्थिति में नहीं रख पाते हैं और परेशानियों से जूझते रहते हैं। बाहर का खान-पान एंव तली – भुनी हुइ चीज़ें मारे लीवर को काफी नुकसान पहुंचाता है। लेकिन अगर यदि हम लोग हेल्दी सब्जियों का सेवन करें तो वजन को कम करना बहुत ही आसान है। यदि आप अपने लीवर को हमेशा हेल्‍दी रखना चाहते हैं तो इसके लिए हम यहाँ आपको पत्तागोभी और अदरक से बने एक जूस के बारे में बताएँगे जिससे आप अपना वजन ही कम नहीं कर सकते बल्कि अपने लीवर को भी साफ़ रख सकते हैं। पत्तागोभी में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, पोटेशियम और सल्फर पाया जाता है जो लीवर को साफ़ करने में मदद करता है। Cabbage juice, बंदगोभी का सूप | Health benefits | तेज़ी से वज़न घटाता है ये जूस | Boldsky आइये जानते हैं कि यह कैसे काम करता है, इन पत्तियों में पाए जाने वाले विटामिन C और सल्फर शरीर से फ्री रेडिकल और यूरिक एसिड जैसे टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालते हैं। पत्तागोभी एंटी- इन्फ्लामेट्री एजेंट होता है जिसकी वजह से यह लिवर डीटोक्सीफिकेसन करता है। इसी तरह अदरक भी एक अच्छा क्लींजिंग एजेंट होता है जो लिवर को साफ करने का काम करता है। अदरक में पाए जाने वाले जिन्जिरोल और शोगा में जबरदस्त औषधीय गुण मौजूद होते हैं। चूंकि पत्तागोभी में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है जिसकी वजह से यह वजन को कम करने में सहायक होता है। अगर अदरक और पत्तागोभी को अपने डाइट में शामिल किया जाये तो यह एक बेहतरीन डाइट बन सकती है और इससे आप अपने वजन को आसानी से कम कर सकते हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि कितना फायदा होगा अगर यह दोनों चीज एक साथ एक हेल्दी ड्रिंक के रूप में मौजूद हों। आइये हम आपको इस ड्रिंक को बनाने का तरीका बताते हैं जिससे आप बेहतरीन स्वास्थय का लाभ ले सकें।

सामग्री :

एक हरा पत्तागोभी 1 से 2 अदरक की जड़ें दो चम्मच नींबू का रस एक सेब और आधा चम्मच जीरे के बीज बनाने का तरीका: एक पत्तागोभी, सेब, और अदरक को छोटे छोटे दुकड़ों में काट लें और इन कटे हुए टुकड़ों को आधा कप पानी में लगभग 5 मिनट तक उबालें। इसके बाद इसमें आधा चम्मच जीरे का पाउडर मिलाएं और थोडा सा पानी मिलाकर इसे अच्छी तरह से मिक्स करने के बाद इसमें नींबू का रस डालें और इस तरह आपका हेल्दी ड्रिंक तैयार हो जायेगा।

कैसे इस्तेमाल करें:

1. इस जूस को रोजाना सुबह सुबह पियें और इसका लाभ लें। अगर आपको गरम जूस पसंद नहीं है तो आप इस जूस को आप अपने फ्रिज में ठंडा करके भी पी सकते हैं। ऐसा करने से इस जूस की लाइफ और भी बढ़ जाती है। 2. यह जूस बहुत ही साधारण है लेकिन शरीर के लिए बहुत लाभकारी है क्योंकि इसमें अदरक और पत्तागोभी के सारे गुण मौजूद हैं।

छोटी अंगुली में पहनें पानी में इस प्रकार रखा चांदी का छल्ला, तुरंत दिखेगा चमत्कार in Hindi

Monday, October 23 2017

छोटी अंगुली में पहनें पानी में इस प्रकार रखा चांदी का छल्ला, तुरंत दिखेगा चमत्कार in Hindi

स्लाइड शो छोटी अंगुली में पहनें पानी में इस प्रकार रखा चांदी का छल्ला, तुरंत दिखेगा चमत्कार छोटी अंगुली में पहनें पानी में इस प्रकार रखा चांदी का छल्ला, तुरंत दिखेगा चमत्कार

1 भगवान शिव के नेत्रों से उत्पन्न

चांदी को भगवान शिव के नेत्रों से उत्पन्न हुआ माना गया है। शास्त्रीय मान्यता अनुसार जहां चांदी होता है वहां वैभव और संपन्नता आती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह शुक्र और चंद्रमा ग्रह से जुड़ी हुई धातु है। यह शरीर में जल तत्व और कफ को नियंत्रित करता है इसके अलावा खूबसूरती और सुख-समृद्धि बढ़ाने में भी यह चमत्कारिक रूप से फायदेमंद है।

2 चंद्रमा और शुक्र की शुभता के लिए

इसलिए चंद्रमा और शुक्र के शुभ योग पाने और इनके नियंत्रण के लिए चांदी का प्रयोग किया जाता है। टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है।

3 सकारात्मक ऊर्जा के लिए

इसके अलावा घर में किसी भी रूप में चांदी का होना नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। आगे हम इसके कुछ प्रयोग बता रहे हैं जिनमें पानी रखे चांदी के छल्ले का उपाय आपको चमत्कारिक फल दे सकता है।

4 रात भर पानी में रखें चांदी का छल्ला

बाजार से किसी भी डिजाइन में अपनी पसंद का चांदी का एक छ्ल्ला ले आएं। किसी भी गुरुवार की रात इसे पूरी रत के लिए पानी में डालकर रखें। सुबह इसे भगवान विष्णु के चरणों पर रखें और पूरी विधि-विधान से उनकी पूजा करें।

5 रात भर पानी में रखें चांदी का छल्ला

पूजा खत्म होने के बाद छल्ले को भी चंदन लगाएं, फिर धूप दिखाकर अक्षत चढ़ाएं। आपका यह छल्ला अभिमंत्रित हो चुका है। अब इसे दाहिने हाथ की सबसे छोटी अंगुली यानि कि कनिष्ठा अंगुली में पहन लें।

6 फायदे

इसके आपको कई फायदे मिलते हैं। सबसे पहले तो चंद्रमा और शुक्र से जुड़ा होने के कारण यह आपकी खूबसूरती बढ़ाता है। चेहरे की चमक बढ़ती है और दाग-धब्बे मिट जाते हैं। इसके अलावा यह आपके मस्तिष्क शांत करता है और अगर आपको बहुत अधिक गुस्सा आता है तो उसे भी नियंत्रित करेगा।

7 फायदे

कमजोर चंद्रमा सबसे पहले व्यक्ति की मानसिक क्षमता को कम करता है, चांदी का यह अभिमंत्रित छल्ला चंद्रमा को मजबूत करके आपकी मानसिक क्षमताओं को बढ़ाता है। साथ ही अगर आपको कफ, अर्थराइटिस, जोड़ों या हड्डियों से जुड़ी परेशानियां हों तो यह उसमें भी आपको लाभ पहुंचाता है। सबसे बड़ी बात कि आपको इसका असर बहुत जल्दी दिखता है।

8 चांदी की चेन

जिन लोगों को अंगूठी पहनना पसंद ना हो वे इसी प्रकार से अभिमंत्रित करके चांदी की चेन भी पहन सकते हैं। यह आपके वात, कफ और पित्त तीनों को ही नियंत्रित करता है। इससे आपकी वाक-क्षमता यानि की बोलने की क्षमता में अद्भुत विकास होता है। जिन्हें बोलने में परेशानी होती हो या हकलाहट की समस्या हो उन्हें यह उपाय अवश्य करना चाहिए।

9 चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल

अगर यह भी आप ना कर सकें तो चांदी के ग्लास में पानी पीना भी आपकी कफ की समस्या दूर कर सकती है। चांदी की कटोरी या चम्मच से शहद खाएं, इससे अगर आपको साइनस की समस्या हो या बार-बार सर्दी-खांसी होती हो, तो वह दूर हो जाएगी। इससे शरीर के विषैले तत्व भी निकल जाते हैं और आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते हैं।

इतिहास की वो 10 खौफ फैलानी महिलाएं, जिनकी करतूतों के बारे में सुन रुह कांप जाएंगी

Tuesday, October 24 2017

इतिहास की वो 10 खौफ फैलानी महिलाएं, जिनकी करतूतों के बारे में सुन रुह कांप जाएंगी

अगर आप किसी महिला के बारे में सोचते है तो आपके दिमाग में नारी के नारीत्‍व वाले गुण सामने आ जाते होंगे जैसे त्‍याग, प्रेम, समर्पण और सौम्‍य स्‍वभाव वाली। लेकिन ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। अपने इतिहास में आज तक कुर्बानी देनी वाली समर्पण की मूरत और मातृत्‍व के गुणों को दर्शाने वाली महिलाओं के बारे में सुना होगा। लेकिन आज हम आपकों ‌सीरियल किलर के तौर पर दुनिया में अपने खतरनाक अंजामों के लिए चर्चित रही महिलाओं के बारे में बता रहें हैं, ये महिलाएं इतिहास में घिनौने, क्रूर और हिंसक प्रवृतियों के लिए जानी जाती है। पढ़िए दुनिया की सबसे चर्चित 10 महिला सीरियल किलर की कहानी। जिनके बारे में शायद ही कभी पढ़ा हो आपने इरमा इदा इल्से

ग्रेस

इरमा इदा इल्से ग्रेस (जन्म 7 अक्टूबर 1923, व्रेचेन, फ्री स्टेट ऑफ मैक्लेनबर्ग-स्ट्रेलित्ज़, जर्मनी - मृत्यु 13 दिसंबर 1945, हामेलिन, जर्मनी) ने को रावेन्सब्रुक और औशविट्ज़ के नाजी कंसंट्रेशन कैंपस में नौकरी की, और वह बर्गन-बेल्सन में महिला विभाग की वार्डन थी। मानवता के खिलाफ आपराधिक कृत्यों के कारण उन्हें बेलसन मुकदमें में दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई। उसे लोगों को दर्दभरे तरीकों से टोर्चर करने की आदत थी साथ ही वह भारी बूट पहनती थी। अपने कई कामों को अंजाम देने के लिए वे अपने साथ हमेशा पिस्तोल रखती थी। 22 साल और 67 दिनों की छोटी उम्र में मौत की सजा पाने वाली ग्रेस 13 दिसंबर 1945 को 20वीं शताब्दी में अंग्रेजी कानून में मौत की सजा पाने वाली सबसे कम उम्र की महिला थी। उसे "द बेस्ट ऑफ़ बेल्सन", "द ब्यूटीस्ट बीस्ट", और "डाय हायेन वॉन ऑशविट्ज़" जैसे उपनाम भी दिये गए।

मायरा हिंडले

1942 को जन्मी मायरा हिंडले इंगलिश सीरियल किलर थी। इयान ब्रैडी के साथ मिलकर इसने पाँच छोटे बच्चों का बलात्कार और मर्डर किया। ये दोनों 12 साल से कम उम्र के 3 बच्चों व 16 और 17 साल की उम्र के दो बच्चों के अपहरण, यौन हिंसा, टोर्चर और मर्डर के आरोपी थी। हिंडले के 17 साल के भाई ने उसे पुलिस को पकड़वाया था। हिंडले ने कहा कि सारे मर्डर्स की दोषी वह अकेली नहीं है। उसे 3 मर्डर्स का दोषी पाया गया और आजीवन कारावास की सजा हुई। वह कैद से नहीं छूटी और 2002 में उसकी जेल में ही मृत्यु हो गई।

इसाबेला ऑफ कैसाइल

1451 में जन्मी और 1504 में मृत्यु पाने वाली कैथोलिक इसाबेला, कैस्टिले और लेओन की रानी थी। वह और उसके पति अरागोन के फर्डिनेंड द्वितीय, साम्राज्यों में स्थिरता लेकर आए जो स्पेन के एकीकरण के लिए आधार बने थे। इसाबेला और फर्डिनेंड को रिकानक्विस्ट को पूरा करने के लिए जाना जाता है, उन्होने मुसलमानों और यहूदियों के रूपांतरण व निर्वासन दिया और "नई दुनिया" की खोज करने वाले क्रिस्टोफर कोलंबस को 1492 में उनकी यात्रा के लिए वित्तीय सहायता दी। इसाबेला ने 1974 में कैथोलिक चर्च में खुद को भगवान की सेवक घोषित किया।

बेवर्ली ऑलिट

द एंजल ऑफ़ डेथ, बेवरली गैल ऑलिट एक इंगलिश सीरियल किलर है जो 10 बुराई के जगत की 10 महिलाओं में से एक है जिसे चार बच्चों की हत्या, तीन अन्य बच्चों की हत्या का प्रयास, और छह बच्चों को गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुंचाने का दोषी पाया गया। ये सारे अपराध फरवरी और अप्रैल 1991 के बीच 59 दिनों में लिंकनशायर के ग्रन्थहम और केस्टेवन अस्पताल में किए गए जहां वह राज्य द्वारा नामित नर्स के रूप में कार्यरत थी। उसने दो पीडि़तों को इंसुलिन की खुराक बड़ी मात्रा में दी और दूसरे पीड़ित के शरीर में एयर बबल पाये गए। पुलिश यह ठीक से पता भी नहीं लगा पाई कि ये अपराध किस तरह हुये हैं। मई 1993 में, नॉटिंघम क्राउन कोर्ट में, उसे इन अपराधों के लिए 13 आजीवन कारावास की सजा मिली। उसे सजा देने वाले न्यायमूर्ति लताम ने बताया कि वह दूसरों के लिए एक बड़ा खतरा थी, उसका बाहर होना खतरे से खाली नहीं था। उसे नॉटिंघमशायर में रैम्पटन सिक्योर हॉस्पिटल से हिरासत में लिया गया है।

इंग्लैंड की क्वीन मैरी I

मैरी I का जन्म 18 फरवरी 1516 को और मृत्यु 17 नवंबर 1558 को हुई। जुलाई 1552 से अपनी मृत्यु तक वह इंग्लैंड और आयरलैंड की महारानी थी। विरोध प्रदर्शकों को क्रूरता से पीड़ित करने के कारण उसके विरोधियों ने उसका नाम "ब्लडी मैरी" रखा। हेनरी आठवें और उनकी पहली पत्नी कैथरीन ऑफ एरागोन की बुरी मानसिकता से हुई शादी के बाद यह उनकी इकलौती ज़िंदा बच्ची थी। मैरी को अस्थायी और हिंसक रूप से इंग्लैंड को कैथोलिक धर्म में बदलने के लिए याद किया जाता है। उनके हिंसक कारनामों के कारण कई विरोधियों ने उसे "ब्लडी मैरी" कहा। उसके डर से 800 विरोध प्रदर्शक देश छोडकर चले गए जो कि उसकी मौत तक वापस नहीं आए।

बेले गननेस

चोरी से और अपने साथियों से धोखे से प्राप्त संपत्तियां उसकी आय का प्रमुख स्त्रोत थी। अधिकांश रिपोर्टों में उसे विभिन्न दशकों में बीस से अधिक लोगों की मौत का दोषी माना है, जब कि कईयों में 100 से अधिक की मौत का दावा किया गया है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संशय पाया गया; लाश बेले की छह फुट की तुलना में दो इंच कम थी। इसके बाद से बेले गनेस को अमेरिकी आपराधिक लोककथाओं में स्थान मिला जो कि वाकई एक फ़ीमेल ब्लूबीयरर्ड थी।

मैरी एन कॉटन

ब्रिटेन की पहली सीरियल किलर, मैरी एन कॉटन का जन्म, अक्टूबर 1832 में लो मॉर्सली, काउंटी डरहम में हुआ था। 20 साल की उम्र में विलियम मोब्राय से शादी के बाद प्लायमाउथ, डेवन में बस कर उसने पारिवारिक जीवन शुरू किया था। इनके पाँच बच्चे थे जिनमें से पाँच की मौत 'गैस्ट्रिक बुखार और पेट दर्द' से हो गई थी। नॉर्थ-ईस्ट में आने के बाद भी त्रासदी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और तीन और बच्चों का जन्म हुआ और तीन और बच्चे मर गए। जनवरी 1865 में आंत की खराबी के कारण विलियम की मृत्यु हो गई। उसके दूसरे पति जॉर्ज वार्ड की मृत्यु भी आंत की बीमारी से हुई और इनके दो बच्चे थे। मीडिया के कारण ही मैरी एन सुर्खियों में आई। वे जब नॉर्थ इंग्लैंड में आई तब तक उनके तीन पति, एक प्रेमी, एक दोस्त, उसकी माँ और करीब एक दर्जन बच्चे, ये सभी पेट के बुखार से मरे थे। आर्सेनिक जहर देकर हत्या करने के कारण उसे 24 मार्च, 1873 को डरहम काउंटी गाओल में फांसी दी गई। उसे जल्लाद ने धीरे मौत दी।

इल्से कोच

22 सितंबर 1906 को जन्मी कार्ल-ओट्टो कोच की पत्नी, इल्से कोच को "डाय हेक्स वॉन बुचेनवाल्ड", विच ऑफ बुचेनवाल्ड, "बचेन वाल्डर श्लेम्पे" द बीच ऑफ बुचेनवाल्ड जैसे भद्दे नामों से जाना जाता है। वह अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल की गई प्रमुख नाजियों में से एक थी। अपने पति द्वारा प्रदान की गई शक्ति के नशे में चूर होकर वह वह अत्याचार और अभद्रता की राह पर चल पड़ी। अपनी निशान के लिए कुख्यात; मारे गए कैदियों के टैटू, जैसी चीजों के कारण बुराई में उसकी धाक थी। 1940 में , कैदियों से चुने गए 250,000 मार्क्स के साथ एक इनडोर खेल मैदान बनाने के बाद, आईल्सा को ब्यूकनवाल्ड में ओबेरौफेसेरिन या में "मुख्य पर्यवेक्षक" के रूप में पदोन्नत किया गया। 1 सितंबर, 1967 को उसने महिलाओं की एचाच जेल में खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

कैथरीन नाइट

24 अक्टूबर 1955 को जन्मी कैथरीन का जीवन जेल में ही बीता, कैथरीन मरियम नाइट पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला थी जिसे बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसने हिंसा से रिश्तों का गला घोंटा था। उसने अपने एक पति के दातों को कुचल दिया और दूसरे पति के आठ सप्ताह के पिल्ले का उसकी आँखों के सामने गला घोंट दिया। उसका जॉन चार्ल्स थॉमस प्राइस के साथ एक गरम रिश्ता जगजाहिर हुआ, प्राइस ने नाइट के खिलाफ हिंसा की आशंका की जनहित याचिका भी दायर की। ये रिश्ता नाइट द्वारा प्राइस की कसाई वाले चाकू से मौत के बाद खत्म हुआ। उसने आगे, पीछे और कई महत्वपूर्ण अंगों 37 बार चाकू घोंपा। उसने फिर उसकी खाल उतारी और उसके "सूट" को लिविंग रूम दरवाजे के फ्रेम से लटका दिया, उसका सिर काट कर उसे सूप के पॉट में डाल दिया, उसके नितंबों को पकाया, और 'भुना' कर ग्रेवी और सब्जियां तैयार की। उसने ये खाना बच्चों के लिए रखा था, लेकिन पुलिस इससे पहले पहुँच गई।

एलिजाबेथ बथोरी

एलिजाबेथ बथोरी का जन्म 1560 में और मृत्यु 1614 में हुई, काउंटेस एलिजाबेथ बैथोरि डे इस्कसे का ताल्लुक हंगरी में प्रसिद्ध बथोरी परिवार से परिवार था। उसे इतिहास में सबसे धनी महिला सीरियल किलर माना जाता है, हालांकि उसने कितनों की हत्या की यह स्पष्ट नहीं है, और उसे "ब्लड काउंटेस" के रूप में जाना जाता है। वह हंगरी की कुख्यात सीरियल किलर थी। वह कृषक लड़कियों को पीटकर, शरीर के अंगों का जलाकर, चेहरे को चबाकर मार डालती थी। उसे घर से गिरफ्तारी किया गया उसके स्टेटस के कारण उस पर मुकदमा नहीं चलाया गया!

जहां टॉयलेट नहीं वहां शादी नहीं- यूपी की पंचायत का नया फरमान

Tuesday, October 24 2017

जहां टॉयलेट नहीं वहां शादी नहीं- यूपी की पंचायत का नया फरमान

हाल ही में ही रिलीज हुई फिल्‍म टॉयलेट एक प्रेमकथा में जहां लड़की शादी के बाद सुसराल छोड़कर चली जाती है क्‍यूंकि वो इस चीज को अपने मान सम्‍मान से जोड़ लेती हैं। इसी तरह बागपत के बिजवाड़ा गांव में सर्वसमाज पंचायत ने बेटियों के मान सम्‍मान को देखते हुए और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर बड़ा फैसला लिया गया। टॉयलेट: एक सास-बहू की प्रेम कथा पंचायत ने सर्वसम्मति से तय किया कि वह उस गांव में अपने बेटे या बेटी की शादी नहीं करेंगे, जो पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त न हो चुका हो। मतलब जिस घर में शौच नहीं होगा वहां शादी नहीं करेंगे। इस फरमान को जारी करने के बाद से ही देशभर में इस फैसले की चर्चा हो रही है। पंचायत ने लिया बड़ा फैसला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पंचायतें अधिकांश तौर पर विवादास्पद फरमानों के लिए जानी जाती हैं। बिजवाड़ा में हुई सर्वसमाज की पंचायत ने समाज के हित में फैसला लेकर यह साबित किया कि वे भी समय के साथ बदल रहे हैं। आए दिन हो रही घटनाओं को देखते हुए गांव वालों ने पंचायत बुलायी, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिस गांव में शौचालय नहीं है, वहां बेटियों की शादी नहीं करेंगे और वहां की बेटियों की शादी अपने यहां नहीं करेंगे। नियम विरुद्ध जाने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। खुले में शौच मुक्त होना जरूरी पंचायत मुखिया आत्माराम तोमर ने बताया कि पंचायत में 10 गांव के मुखिया शामिल थे। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर बुलाई गई थी। इसमें निर्णय लिया गया कि कोई भी उस गांव में अपने बेटी या बेटे की शादी नहीं करेगा, जो खुले में शौच से मुक्त न हो। फैसले के खिलाफ जाने पर वसूला जाएगा जुर्माना पंचायत में इस बात को साफ साफ कहा गया कि पंचायत द्वारा लिए गए निर्णय का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्णय मानने वाले परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा। और परिवार से जुर्माना वसूला जाएगा। इस पैसे से उस परिवार को शौचालय बनाने में मदद की जाएगी, जहां शौचालय नहीं होगा। गोंडा में ससुराल वालो ने बहु को मुंह दिखाई में दिया शौचालय | वनइंडिया हिंदी करेंगे जागरुक इसके अलावा ये फैसला लिया गया आसपास के गांवों को इस फरमान से जोड़ा जाएगां साथ ही गांव-गांव जाकर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा।

क्या लहसुन वाकई दूर कर देता है मस्सो का खात्मा!!

Tuesday, October 24 2017

क्या लहसुन वाकई दूर कर देता है मस्सो का खात्मा!!

दिलेर समाचार, मस्‍सों का मूल कारण पैपीलोमा वायरस है। इसकी वजह से शरीर पर जगह-जगह छोटे-छोटे खुरदरे कठोर पिंड बन जाते हैं जिन्‍हें मस्‍सा (Warts) कहते हैं। यदि अनचाहे मस्से चेहरे पर हैं तो ख़ूबसूरती प्रभावित करते हैं। यदि आप मस्‍से से परेशान हैं जो बिल्‍कुल न घबरायें, घर में ही इनके दुश्‍मन मौजूद हैं जो मस्‍सों को जड़ से समाप्‍त कर देंगे। लहसुन में एक कंपाउंड पाया जाता है जिसको कहा जाता है Allicin ये कंपाउंड बहुत शक्तिशाली है और इसमें anti-microbial गुण पाए जाते हैं, जो विभिन्न प्रकार के वायरस से लड़ने की क्षमता समेटे रहते हैं. मानव शरीर में मस्से मुख्यतः HPV की वजह से होते हैं, और लहसुन के एंटी-मॉइक्रोबल गुण के कारण ये इस वायरस को भी ख़त्म करने की क्षमता रखता है. और इसका सबसे बड़ा फायदा ये है के ये सिर्फ वायरस को ख़त्म करता है, जो मित्र बैक्टीरिया है उनको बिलकुल भी नुक्सान नहीं पहुंचाता, जिस कारण से ही लहसुन कैंसर से लड़ने के लिए बेहद काम की औषिधि बताई गयी है. लहसुन में ऐसे कुछ कंपाउंड भी पाए गए जो शरीर का Detoxification में बहुत काम आते हैं. ऐसे बहुत सारे शोध हो चुके हैं, जिनमे ये पता लगाने का प्रयास किया गया के क्या वाकई लहसुन मस्सो को ख़त्म कर सकते हैं, इसी प्रकार की एक स्टडी हुयी जिसमे कुछ बच्चों को लिया गया जिनको मस्से हो रहे थे, लहसुन हर मस्से पर रगडा गया और फिर इनके ऊपर एक Bandage (पट्टी) बंद दी गयी, ये विधि 9 सप्ताह तक चली और इस दरमियान सभी बच्चों के मस्से ख़त्म हो गए. - सर्वप्रथम मस्से वाली जगह को अच्छे से धुलाई कर लीजिये, इस पर अभी लहसुन को रगड़ें और रगड़ने के बाद इसी लहसुन की पेस्ट सी बना कर मस्से पर लगा दीजिये, और ऊपर से किसी पट्टी की सहायता से बाँध दीजिये. ये प्रयोग अगर आप रात में सोते समय करेंगे तो ज्यादा बेस्ट रहेगा. 12 घंटे के बाद आप ये पट्टी उतार लीजिये. और मस्सों को सिरके की मदद से धुलाई कर लीजिये. ऐसा तकरीबन 9 सप्ताह तक कीजिये. दूसरा प्रयोग है लहसुन के तेल का. लहसुन का तेल बनाने के लिए आप 100 ग्राम लहसुन अच्छे से छील कर पीस लीजिये, पीसने के बाद में इनको 200 ग्राम तिल के तेल में डालकर धीमी आंच पर अच्छे से पकाएं, जब लहसुन काले हो जायेंगे तो समझ लीजिये के लहसुन का तेल बन गया. इस तेल में लहसुन अच्छे से मैश करके छान लीजिये, अभी ये तेल तैयार है. इसको आप सीधे सीधे मस्सों पर लगाएं. तेल को त्वचा में absorb होने दें. इस से ये और भी जल्दी असर करेगा, इसको आप सुबह और शाम दोनों समय कर सकते हैं. - लहसुन को त्वचा पर लगाने से जलन होती है, अगर आपको त्वचा सम्बन्धी कोई रोग हो या आपकी त्वचा बहुत अधिक sensitive हो तो ये प्रयोग बहुत सोच समझ कर अपने विवेक से करें.

8 नवंबर को पूरा हो जाएगा नोटबंदी का एक साल, जानें अब तक क्या रहा देश पर इसका असर

Tuesday, October 24 2017

8 नवंबर को पूरा हो जाएगा नोटबंदी का एक साल, जानें अब तक क्या रहा देश पर इसका असर

नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर पूरा विपक्ष 8 नवंबर को मोदी सरकार के खिलाफ साझा विरोध की योजना बना रहा है। विपक्ष का मानना है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है और रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व में कुछ विपक्षी दलों की सोमवार को संसद में बैठक हुई। इस मीटिंग में विरोध को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। मीटिंग में कांग्रेस के अलावा लेफ्ट, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और जदयू नेताओं की राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाब नबी आजाद के कक्ष में चर्चा हुई। ये नेता विपक्षी समन्यव समिति में शामिल हैं। बैठक में विरोध के तौर तरीकों पर चर्चा की गई। आजाद ने करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद संवाददातओं को बताया कि यह शुरुआती बैठक थी और उनसे कहा गया है कि आगे कुछ भी तय करते समय सभी 18 विपक्षी दलों के साथ विचार विमर्श किया जाए। गुलाम नबी ने बताया, 'हम जल्द ही योजना बना लेंगे और समन्वय बना लेंगे'। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष इस अवसर पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करना चाहता है ताकि नोटबंदी के निर्णय के दुष्प्रभावों को उजागर किया जा सके। बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा, 'आज विपक्षी समन्वय समिति की बैठक हुई। 6 पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। हमने संसद सत्र से पहले मिलने का निर्णय किया। हम कल अपनी योजना की घोषणा करेंगे'। वहीं भाकपा के नेता डी राजा ने बताया कि गुलाम नबी आजाद को अन्य विपक्षी दलों के साथ इस मुद्दे बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई है। हम अपनी योजनाओं का खाका तैयार करने के लिए फिर मिलेंगे।

इन 6 होममेड ग्रीन टी टोनर से कीजिये एक्‍ने की छुट्टी

Monday, October 23 2017

इन 6 होममेड ग्रीन टी टोनर से कीजिये एक्‍ने की छुट्टी

आपने सुना होगा कि अगर स्‍किन में चमक बरकरा रखनी है तो हर रोज़ क्‍लीजिंग, टोनिंग और मॉइस्‍चराइजिंग करना बहुत जरूरी है। जिसमें से टोनिंग काफी महत्‍वपूर्ण स्‍टेप होता है क्‍योंकि यह चेहरे के खुले पोर्स को बंद करता है, जिससे चेहरा एक दम साफ दिखाई देता है। घर पर ऐसे बनाइये चेहरे के लिये ग्रीन टी टोनर वैसे तो बाजार में आपको ढेरों टोनर्स की लाइन मिल जाएगी मगर चेहरे पर क्‍या सूट करता है वह देखने वाली बात होती है। बाजारू टोनर में कैमिकल होते हैं और दूसरा वे बड़े महंगे भी होते हैं, जिन्‍हें लेना सबके ब की बात नहीं। इसलिये आज हम आपको घर पर ही ग्रीन टी टोनर बनाना सिखाएंगे, जिसे वे लोग आराम से लगा सकते हैं, जिन्‍हें चेहरे पर एक्‍ने की समस्‍या सबसे ज्‍यादा रहती है। हार्मोनल की वजह से हो रहे हैं मुंहासे तो अनाएं ये 5 टिप्‍स ग्रीन टी हमारी स्‍किन के लिये काफी फायदेमंद होती है क्‍योंकि इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट होता है, जो डैमेज स्‍किन को तुरंत ही रिपेयर करती है। अगर आप के घर पर ग्रीन टी रखी हुई है तो आप उसमें नींबू, एलो वेरा या फिर अन्‍य घरेलू सामग्रियां मिला कर एक बढियां सा टोनर एक्‍ने के लिये तैयार कर सकती हैं। आइये अब जानते हैं कि एक्‍ने की समस्‍या को हमेशा के लिये दूर करने के लिये कैसे बनाएं ग्रीन टी टोनर...

1 ग्रीन टी और बेकिंग सोडा

अगर आपकी स्‍किन बहुत ही ज्‍यादा ऑइली या चिपचिपी है तो आप ग्रीन टी और बेकिंग सोडा का टोनर लगा सकती हैं। इससे चेहरे पर एक्‍ने धीरे धीरे कम होना शुरु हो जाएंगे। इसे बनाने के लिये 1 टीस्‍पून बेकिंग सोडा के साथ 1 टीस्‍पून ग्रीन टी मिलाइये। फिर इस टोनर को चेहरे पर लगा कर कुछ ही देर में चेहरे को पानी से धो लीजिये।

2. ग्रीन टी और लेवेंडर ऑइल

चेहरे पर अगर बहुत ज्‍यादा एक्‍ने की समस्‍या हो रही है तो ग्रीन टी टोनर उसके लिये सबसे अच्‍छा साबित होता है। लेवेंडर ऑइल और ग्रीन टी की कुछ बूंद को मिला कर आप चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट केबाद चेहरा धो लें। आप अपनी स्‍किन में फर्क जरुर देखेंगी।

3. ग्रीन टी और मेथी पावडर

मेथी पावडर में वह दम है जो आपकी स्‍किन को खूबसूरत बना सकता है। इसका मैक्‍सिमम बेनिफिट पाने के लिये आपको इसमें थोड़ा टी ट्री ऑइल भी मिक्‍स करना होगा। इस पेस्‍ट को चेहरे पर नियमित रूप सेलगाइये और फायदा पाइये।

4. ग्रीन टी और नींबू का रस

यदि चेहरे पर दाग धब्‍बे हैं तो वह नींबू के रस से दूर किये जा सकते हैं। यह चेहरे की अंदर से सफाई कर के एक्‍ने का निकलना बंद करवाता है। साथ ही चेहरे पर अत्‍यधिक तेल को आने से रोकता भी है। एककटोरी में नींबू के रस और ग्रीन टी को एक साथ मिक्‍स करें और चेहरे पर लगाएं। 10 मिनट के बाद अपने चेहरे को नॉर्मल पानी से धो लें।

5. ग्रीन टी और एलो वेरा

आधे कम ग्रीन टी में थोड़ा सा एलोवेरा का रस मिलाएं। उसमें बाद इस टोनर में रूई डुबो कर चेहरे पर लगाएं। इसे 5 से 10 मिनट तक चेहरे पर रहने दें और फिर स्‍किन को पानी से धो लें।

6. ग्रीन टी और एप्‍पल साइडर वेनिगर

3/4 कप ग्रीन टी में 1/4 कप एप्‍पल साइडर वेनिगर मिलाएं। फिर अपने चेहरे को पानी से भली प्रकार से धो लें। इस टोनर को कॉटन बॉल से चेहरे पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट गुण किसी भी खराब त्‍वचा में जान डाल सकते हैं। एप्‍पल साइडर वेनिगर चेहरे से टॉक्‍सिन को निकालता है। इससे एक्‍ने कम हो जाते हैं और चेहरा साफ दिखने लगता है।