Health and Fitness

सर्दियों में पैरों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं ये होममेड स्‍क्रब

Tuesday, January 2 2018

सर्दियों में पैरों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं ये होममेड स्‍क्रब

शरीर-की-देखभाल » सर्दियों में पैरों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं ये होममेड स्‍क्रब सर्दियों में पैरों की देखभाल के लिए घर पर बनाएं ये होममेड स्‍क्रब Body Care Published: Tuesday, January 2, 2018, 12:24 [IST] Subscribe to Boldsky हर किसी के लिए फुटकेयर या‍नि पैरों की देखभाल करना बहुत जरूरी है। हालांकि, हम में से बहुत कम लोग ही अपने पैरों का पर्याप्‍त ध्‍यान रखते होंगें। इसी वजह से आज ज्‍यादातर महिलाओं को पैरों से संबंधित कई तरह की परेशानियां होने लगी हैं। त्‍वचा की ठीक तरह से देखभाल ना होने पर मृत कोशिकाएं जमने लगती हैं और इस कारण त्‍वचा शुष्‍क, बेजान हो जाती है और पैरों की एडियां फटने लगती हैं। इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप सप्‍ताह में एक बार अपने पैरों को एक्‍सफोलिएट जरूर करें। अगर आपके पैरों की एडियां फटी हुई, शुष्‍क या खराब हैं तो आज हम आपके लिए कुछ खास लेकर आए हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्‍खों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बड़ी आसानी से आपके पैरों को सुंदर और कोमल बनाएंगें वो भी बड़े कम दाम में। सप्‍ताह में एक बार इन होममेड तरीकों से अपने पैरों की देखभाल जरूर करें। घर पर बने इन स्‍क्रब में इस्‍तेमाल होने वाली चीज़ों में शक्‍तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट मौजूद हैं जो त्‍वचा से मृत कोशिकाओं को बाहर निकाल देंगें। इन चीज़ों को एकसाथ मिलाकर लगाने से इनका फायदा दोगुना हो जाता है। इन चीज़ों में नारियल तेल, ओटमील, ब्राउन शुगर आदि शामिल है जिनका आमतौर पर प्रयोग एडियों को सुंदर और कोमल बनाने के लिए किया जाता है। आपको ये चीज़ें हर घर की रसोई में बड़ी आसानी से मिल जाएंगीं। तो चलिए जानते हैं कि इन होममेड फुट स्‍क्रब के बारे में। आइए इन रेसिपीज़ पर डालते हैं एक नज़र : 1. ब्राउन शुगर, नारियल तेल + पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल- दो टेबलस्‍पून ब्राउन शुगर में 3-4 टेबलस्‍पून नारियल तेल डालें और इसमें पेपरमिट एसेंशियल ऑयल की 6-7 बूंदें डालें। - इस सामग्री से अपने पैरों पर 5 से 10 मिनट तक स्‍क्रब करें। - इसके बाद हल्‍के गुनगुने पानी से पैरों को धो लें। 2. सॉल्‍ट, शहद + पुदीने का रस - दो से तीन टेबलस्‍पून सी सॉल्‍ट में 2 टेबलस्‍पून ऑर्गेनिक शहद मिलाएं और इसमें एक टीस्‍पून पुदीने का रस डालें। - इन सभी चीज़ों को अच्‍छी तरह से मिक्‍स करने के बाद अपने पैरों पर कुछ मिनटों के लिए इससे स्‍क्रब करें। - इसके बाद हल्‍के गुनगुने पानी से पैरों को धो लें। 3. ओटमील, ऑलिव ऑयल + लैवेंडर एसेंशियल ऑयल - एक कटोरी में 2 टेबलस्‍पून पका हुआ ओटमील डालें और उसमें 4 टेबलस्‍पून ऑलिव ऑयल की डालें। अब इसमें 7 से 8 बूंदें लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की मिलाएं। - एक बार मिक्‍स करने के बाद इससे अपने पैरों पर 10 मिनट के लिए स्‍क्रब करें। - इसके बाद हल्‍के गुनगुने पानी से पैरों को धो लें। 4. बेकिंग सोडा, बादाम पाउडर + मेयॉनीज़ - एक टीस्‍पून बेकिंग सोडा, 1 टेबलस्‍पून बादाम का पाउडर और मेयॉनीज़ की 2-3 टेबलस्‍पून डालें। - इस मिश्रण से अपने पैरों पर 10 मिनट के लिए स्‍क्रब करें। - इसके बाद हल्‍के गुनगुने पानी में पैरों को डुबोएं और फिर फुट क्रीम लगाएं। 5. कॉफी ग्राउंड, नीबू का रस + एलोवेरा जैल - एक कटोरी में 2 टेबलस्‍पून कॉफी ग्राउंड के साथ 3 टेबलस्‍पून नीबू का रस डालें। अब इसमें 3 टीस्‍पून एलोवेरा जैल मिलाएं। - इन तीनों चीज़ों को मिक्‍स करने के बाद इस मिश्रण को अपने पैरों पर लगाएं। - इससे 5 से 10 मिनट के लिए पैरों पर स्‍क्रब करें और फिर पैरों को हल्‍के गुनगुने पानी से धो लें। 6. चावल का आटा, मिल्‍क + बेसन - 2 टेबलस्‍पून चावल का आटा लें और इसमें 1 टीस्‍पून बेसन डालें। अब इन दोनों चीज़ों में 2 टेबलस्‍पून दूध डालें। - इस मिश्रण को मिक्‍स करने के बाद इसे हल्‍के हाथों से अपने पैरों पर लगाएं। कुछ मिनट तक इसे लगा रहने दें। - इसके बाद हल्‍के गुनगुने पानी में पैरों को डुबोएं। - पैरों को सुखाने के बाद उन पर फुट क्रीम लगाएं। 7. पिसी हुई चीनी, संतरे के छिल्‍के से बना पाउडर + गुलाबजल - 2 टेबलस्‍पून पिसी हुई चीनी में एक टीस्‍पून सतंरे के छिल्‍कों का पाउडर डालें और इसमें 3 टेबलस्‍पून गुलाबजल मिलाएं। - इन तीनों चीज़ों को मिक्‍स करने के बाद इसे पैरों पर लगाएं और 10 मिनट तक इससे स्‍क्रब करें। - इसके बाद हल्‍के गुनगुने पानी से पैरों को धो लें। English summary Homemade Foot Scrub Recipes To Pamper Your Feet Build-up of dead skin cells along with improper care can often lead to dry, dull and cracked feet. To prevent that from happening, it is essential to exfoliate your feet skin on a weekly basis. So check out the best homemade scrubs you can try to pamper your feet. Story first published: Tuesday, January 2, 2018, 12:24 [IST] Jan 2, 2018 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

बालों की प्रॉब्‍लम हटानी है तो शैंपू में मिलाएं 1 चम्‍मच नमक, रिजल्‍ट ऐसा मिलेगा कि देखते रह जाएंग

Wednesday, January 3 2018

बालों की प्रॉब्‍लम हटानी है तो शैंपू में मिलाएं 1 चम्‍मच नमक, रिजल्‍ट ऐसा मिलेगा कि देखते रह जाएंग

बालों-की-देखभाल » बालों की प्रॉब्‍लम हटानी है तो शैंपू में मिलाएं 1 चम्‍मच नमक, रिजल्‍ट ऐसा मिलेगा कि देखते रह जाएंग बालों की प्रॉब्‍लम हटानी है तो शैंपू में मिलाएं 1 चम्‍मच नमक, रिजल्‍ट ऐसा मिलेगा कि देखते रह जाएंग Hair Care Published: Wednesday, January 3, 2018, 13:51 [IST] Subscribe to Boldsky हमारे किचन में नमक एक ऐसी चीज है जो खाने में अगर ना मिले तो खाने का स्‍वाद नहीं आता। पर क्‍या आप जानती हैं कि नमक हमारी सुंदरता को भी बढाने में काफी मददगार होता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो बालों और त्‍वचा के लिये किसी कुदरती चमत्‍कार से कम नहीं। यह आपको एक्‍जिमा से ले कर बालों की ऑइलीनेस को खतम करने में बहुत उपयोगी होता है। यदि आप ने शैंपू करते वक्‍त उसमें थोड़ा सा नमक मिला लिया तो समझिये आपके बालों की सभी समस्‍याएं खतम हो जाएंगी। यकीन ना आए तो पढ़ें ये आर्टिकल.... शैंपू से नमक मिलाने के फायदे- 1. बालों की ग्रोथ के लिये लाभदायक: बालों के लिये समुंद्री नमक बहुत ही अच्‍छा माना जाता है। अगर आपको बालों के झड़ने की समस्‍या है तो इस नमक से आपको समाधान मिल सकता है। इससे बाल अपने आप ही आना शुरु हो जाते हैं। इस तरह से आप इसे प्रयोग कर सकते हैं- अपने बालों को पानी से धो लें और फिर हाथों में 1 चम्‍मच नमक ले कर उससे सिर की मसाज करें 10 मिनट तक। बालों को फिर से धोएं। इस विधि को हफ्ते में देा बार करें और आपको एक महीने मे रिजल्‍ट जरुर मिल जाएगा। 2. डैंड्रफ की समस्‍या से भी मिलता है छुटकारा रूसी सिर्फ डेड स्‍किन की परत होती है जो कि सिर में जम जाती है। इससे सिर के अदंर का ब्‍लड सर्कुलेशन रूक जाता है। सर्कुलेशन होना सिर के लिये काफी जरुरी है। अपने बालों को दो भाग में बांट लें और उस पर थोड़ा नमक फैलाएं। फिर उंगलियों से 10-15 मिनट के लिये मसाज करें। फिर अपने बालों को नार्मल तरीके से धो लें। ऐसा करने से स्‍कैल्‍प हेल्‍दी रहता है और रूसी मिटती है। 3. ऑइली हेयर और ऑइली स्‍कैल्‍प से छुटकारा मिलता है जब स्‍किन के अंदर sebaceous glands में तेल अधिक बनने लगता है तब सिर ऑइली हो ही जाता है। पर आप इस समस्‍या को नमक से हल कर सकते हैं। आप को बस अपने शैंपू से में 1 टेबल स्‍पून नमक मिलाना होगा। फिर इस शैंपू से सिर को धो लें। एक ही यूज के बाद आप पाएंगे कि आपके बालों में काफी फरक पड़ चुका होगा। आपके बाल तुरंत ही हेल्‍दी बन गए होंगे और ऑइली भी नहीं होंगे। नमक को स्‍किन के लिये कैसे यूज़ करें 1. नमक को स्‍क्रब के तौर पर भी यूज़ कर सकते हैं नमक एक प्राकृतिक और सौम्‍य एक्‍सफोलएटर है जो कि डेड स्‍किन सेल्‍स को बड़े ही आराम से निकालता है। इसमें मिनरल्‍स होते हैं जो कि स्‍किन को मुलायम बना कर उसकी नमी उसी में रहने देते हैं। इसे स्‍क्रब के तौर पर यूज़ करने के लिये 3-4 चम्‍मच नमक ले कर उसमें आधा कप नारियल तेल मिलाएं या फिर ऑलिव ऑइल मिलाएं। इसे पेस्‍ट के रूप में मिला कर चेहरे या शरीर पर लगाएं और स्‍क्रब करे। आप इसे लूफा से भी स्‍क्रब कर सकते हैं। स्‍क्रब करने के बाद मॉइस्‍चराइजर जरुर लगाएं। 2. नमक को टोनर की तरह भी यूज़ कर सकते हैं नमक आपके पोर्स को अंदर से साफ करता है और चेहरे के ऑयल को भी बैलेंस रखता है। एक छोटे चम्मच नमक को एक कप पानी में घोलें और स्प्रे बॉटल में भर लें। इसे रोज़ साफ और सूखी त्वचा पर इस्तेमालकरें, आंखों को बचाते हुए। English summary Benefits of putting salt in your shampoo Salt can be used in beauty products as well. It can do miracles to your hair and skin. Story first published: Wednesday, January 3, 2018, 13:51 [IST] Jan 3, 2018 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

2 मिनट में दूर हो जाएगा प्राइवेट पार्ट का कालापन, इन घरेलू नुस्‍खों को अजमाएं

Wednesday, January 3 2018

2 मिनट में दूर हो जाएगा प्राइवेट पार्ट का कालापन, इन घरेलू नुस्‍खों को अजमाएं

त्‍वचा-की-देखभाल » 2 मिनट में दूर हो जाएगा प्राइवेट पार्ट का कालापन, इन घरेलू नुस्‍खों को अजमाएं 2 मिनट में दूर हो जाएगा प्राइवेट पार्ट का कालापन, इन घरेलू नुस्‍खों को अजमाएं Skin Care Updated: Wednesday, January 3, 2018, 11:53 [IST] Subscribe to Boldsky Private Parts Blackness lightening tips | गुप्तांगों का कालापन दूर करेंगे ये घरेलू उपाय | Boldsky शरीर के बाकी हिस्‍सों की तरह प्राइवेट पार्ट की सफाई भी बहुत जरूरी है। पसीने और फंगल इफेक्‍शन की वजह से कई बार होता है कि प्राइवेट पार्ट कालेपन का शिकार हो जाते है। कई लोग यहां की सफाई को शरीर के बाकी हिस्‍सों की तुलना में इग्‍नोर ही करते है। लेकिन जो लोग स्विमिंग वियर पहनना पसंद करते है वो लोग बिकनी एरिया की सफाई और कालेपन को लेकर ज्‍यादा कॉन्शियस होते है। जरुरी नहीं है कि आप हर बार ब्‍यूटी पार्लर जाकर प्राइवेट पार्ट कि मसाज या ब्‍लीच करवाएं। घर बैठे भी घरेलू नुस्‍खों से प्राइवेट पार्ट का कालापन चुटकियों में दूर कर सकते हो। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरुरत नहीं है। बस सिर्फ किचन की तरफ ही जाना है। आइए जानते है कि किन घरेलू नुस्‍खों से प्राइवेट पार्ट का कालापन दूर किया जा सकता है। प्राइवेट पार्ट काले होने के कारण फंगस केमिकल्‍स प्रॉडक्‍ट का यूज रेजर का यूज हेयर रिमूवल टेक्निक इनग्रोर्न हेयर शहद चीनी और नींबू शहद चीनी और आधे नींबे का रस मिला कर प्राइवेट पार्ट पर 15 मिनट तक रब करें और उसके बाद पानी से धो लें। इससे भी कालापन दूर होता है। एलोवेरा का रस ऐलोवेरा स्किन को मुलायम और हाइड्रेड करती है। एक कप गर्म पानी में एक चम्‍मच ऐलोवेरा जेल मिक्‍स करें। अब इसे कॉटन की मदद से प्राइवेट पार्ट पर लगाएं। 20 मिनट के बा से गर्म पानी से धो लें। हल्‍दी, नींबू और दही से 1 चम्‍मच हल्‍दी पाउडर में 2 चम्‍मच नींबू का रस और एक चम्‍मच दही मिलाएं। इस पेस्‍ट को अपने योनि क्षेत्र पर लगाएं। 15 मिनट के बाद इसे ठंडे पानी धो लें। जैतून का तेल व नींबू जैतून का तेल कालेपन वाले हिस्से पर लगाएं और 30 मिनट तक लगा रहने देने के बाद आधा नींबू काटकर उस पर नमक डालकर कालेपन वाले हिस्से पर रब करें और फिर 30 मिनट बाद गुलाब जल से साफ़ करें। यह प्रक्रिया हफ्ते मे 3 बार करने से कालापन खत्म हो जाएगा। बेसन व नींबू का रस बेसन में नींबू का रस, हल्दी, और दही मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को बनाने के बाद पेस्ट को प्राइवेट पार्ट में लगाकर थोड़ी देर तक रब करे और 10 मिनट तक सुखने के लिए छोड़ दे। इसके बाद इस पेस्ट को ठंडे पानी से धो लें। इसके बाद बेकिंग सोड़ा लगाए कुछ ही दिनों बाद आपको इसका असर दिखेगा। पपीता पपीते में मौजूद एंजाइम्स त्वचा की रंगत को हल्का करते हैं और दाग-धब्बे दूर करते हैं। पके हुए पपीते को शहद में मिलाकर प्राइवेट पार्ट पर लगाएं। शहद त्वचा में नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम बनाता है। 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। धो लें। आलू का रस आलू के रस से भी प्राइवेट पार्ट का कालापन कम होता है। आलू में केटाकोलिस नामक एक एंजाइम होता है जो जल्द से जल्द काले धब्बो से राहत दिलाता है। हर रोज नहाने से पहले 10 मिनट तक बिकनी लाइन पर आलू का रस रगड़े। अगर आप आलू के रस के साथ नींबू के रस को मिलाते है तो कालापन जल्द ही दूर हो जाएगा। नीम की पत्तियां फंगल इंफेक्‍शन होने पर नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उसी पानी से गुप्त अंग की सफाई करे। नीम में मौजूद एंटीबैक्‍टीरियल गुण सभी तरह के इंफेकशन को दूर करता है। English summary Lighten Up Your Dark Private Skin Naturally simple remedies and the tips to treat dark private areas naturally and to get rid of vaginal odor. Please Wait while comments are loading...

सिर के डैंड्रफ से हैं परेशान तो प्‍याज का रस है वरदान, ऐसे लगाइये

Wednesday, January 3 2018

सिर के डैंड्रफ से हैं परेशान तो प्‍याज का रस है वरदान, ऐसे लगाइये

बालों-की-देखभाल » सिर के डैंड्रफ से हैं परेशान तो प्‍याज का रस है वरदान, ऐसे लगाइये सिर के डैंड्रफ से हैं परेशान तो प्‍याज का रस है वरदान, ऐसे लगाइये Hair Care Published: Wednesday, January 3, 2018, 11:00 रूसी यानी की डैंड्रफ की वजह से सर्दियों में काफी दिक्‍कत हो जाती है। यह ऐसी चीज है जो जल्‍दी सिर से जाती नहीं है पर हां, इसे कंट्रोल जरुर किया जा सकता है। रूसी युवा और वयस्कों में सबसे सामान्य और परेशान करने वाली समस्या है। रूसी किसी भी उम्र में हो सकती है और अक्सर शर्मिन्दगी का कारण बनती है क्योंकि यह बालों से गिरती रहती या फिर सिर पर चिपकी रहती है या कभी-कभी कपड़ों पर भी दिख जाती है। इस समस्या के सामान्य लक्षण सिर में जलन, खुजली और त्वचा का रूसी के रूप में गिरना आम हैं। बाल झड़ रहे हैं या सफेद हो रहे हैं, अश्‍वगंधा करें यूज़ वैसे तो रूसी को दूर करने के लिये बाजार में काफी प्रोडक्‍ट मिल जाएंगे जो कि वादा करेंगे ये रूसी को जड़ से खतम कर देंगे पर होता कुछ नहीं है। अगर आपको रूसी को घरेलू उपचार से ठीक करना है तो हम आपको बता रहे हैं कि प्‍याज के रस से इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है। रूसी की वजह से झड़ रहे हैं बाल तो ओटमील हेयरपैक है सबसे बेस्‍ट 1. प्‍याज का रस और नींबू का रस- 2 चम्‍मच प्‍याज के रस में 3-4 बूंद नींबू के रस की मिलाएं। इस घोल को अपने सिर पर डाल लें। फिर उंगलियों से सिर की हल्‍के हल्‍के मसाज करें। अब सिर पर इसको ऐसे ही 15 मिनट के लिये लगे रहने दें। फिर सिर को हल्‍के गरम पानी से धो लें। इस घरेलू सल्‍यूशन को वीक में दो बार जरुर यूज करें। 2. प्‍याज का रस और एलो वेरा जेल 1 चम्‍मच प्‍याज के रस में 3-4 चम्‍मच एलो वेरा का रस मिलाएं। इस मिश्रण से सिर की मसाज करें और हल्‍के गरम पानी से सिर को धो लें। इस घोल को वीक में दो बार लगाएं। 3. प्‍याज का रस, बेकिंग सोडाा और जैतून तेल ½ टीस्‍पून बेकिग सोडे में 1 टीस्‍पून प्‍याज का रस और 2 टीस्‍पून जैतून के तेल की मिलाएं। इस पेस्‍ट को सिर पर लगाएं और 20-25 मिनट तक रहने दें। बाद में सिर को गरम पानी से धो लें। आप इसे पेस्‍ट को महीने में कम से कम दो बार लगा सकते हैं, इससे आपको रूसी से काफी आराम मिलेगा। 4. प्‍याज का रस, नारियल तेल और टी ट्री ऑइल- 1 टीस्‍पून प्‍याज के रस में 2 टीस्‍पून नारियल तेल और 4-5 बूंद टी ट्री ऑइल की मिक्‍स करें। इस पेस्‍ट को सिर पर लगाएं। 20 निट के बाद इसे शैंपू से धो लें। आप इसे हर हफ्ते लगा सकते हैं। 5. प्‍याज का रस और एप्‍पल साइडर वेनिगर दो चम्मच सेब के रस को चार-पांच चम्मच प्याज के रस के साथ मिलाकर लगायें। इस मिश्रण को 15 से 20 मिनट तक सिर पर लगाये रखने के बाद सिर को अच्छी तरह से धुल लें। इस घोल को हर हफ्ते लगाएं। 6. प्‍याज का रस और शहद प्याज के रस में प्रतिजैविक लक्षण होते हैं, जो सिर की सफाई के साथ-साथ रूसी तथा अन्य प्रकार के संक्रमणों को भी दूर करता है। इससे बाल मजबूत और चमकदार होते हैं। प्राकृतिक रूप से रूसी के इलाज के लिये प्याज के रस को एक चम्मच शहद में मिलाकर सिर में लगायें। इसे 20 मिनट तक सिर पर लगा रहने दें और फिर धो लें। English summary How To Use Onion Juice To Banish Dandruff Enriched with anti-bacterial properties, onion juice can combat the dandruff problem and also prevent it from recurring. Story first published: Wednesday, January 3, 2018, 11:00 [IST] Jan 3, 2018 कीअन्यखबरें

सेक्स से जुड़े ऐसे 11 सवाल, जिनका जवाब जानना ज़रूरी है!

Thursday, January 4 2018

सेक्स से जुड़े ऐसे 11 सवाल, जिनका जवाब जानना ज़रूरी है!

Published: Thursday, January 4, 2018, 9:00 [IST] Subscribe to Boldsky अपने देश में सेक्स से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग खुले तौर पर इस विषय पर बात नहीं करते हैं और चोरी छिपे इंटरनेट या दोस्तों से इसके बारे में सारी जानकारी लेते हैं। ऐसे माहौल में अधिकतर लोगों को सेक्स के प्रति सही जानकारी नहीं है और वे अधूरी जानकारी या कई प्रचलित मिथकों को ही सच मान लेते हैं। किशोर उम्र के लड़के लड़कियां सबसे ज्यादा इस विषय पर जानना चाहते हैं और वे बहुत जल्दी गुमराह भी हो जाते हैं। हम इस लेख में सेक्स से जुड़े कुछ प्रमुख मिथकों और उसके सच के बारे में बता रहे हैं। सवाल : क्या पहली बार सेक्स करने से भी लड़की गर्भवती हो सकती है ? जवाब : हां, अगर आप महिला है तो आप पहली बार असुरक्षित तरीके से सेक्स करने पर भी गर्भवती हो सकती हैं। जब आपके शरीर में अंडे बनने लगते हैं तो उसके बाद किसी भी उम्र में आप सेक्स करने के बाद गर्भवती हो सकती हैं। सवाल : क्या ‘विड्राल मेथड’ सचमुच कारगर है? जवाब : नहीं, कुछ लोगों का मानना है कि सेक्स के दौरान अगर पुरुष स्खलन से पहले अपना लिंग बाहर निकाल ले तो इससे महिला गर्भवती नहीं होगी। जबकि वास्तव में सेक्स के दौरान स्खलन के पहले भी वीर्य की कुछ बूंदें महिला के योनि में चली जाती हैं और वे महिला को गर्भवती बनाने के लिए पर्याप्त हैं। सवाल : क्या पीरियड के दौरान सेक्स करने से महिला गर्भवती हो जाती है? जवाब : गर्भवती होने का महीने के समय से कोई ताल्लुक नहीं है अगर आप असुरक्षित यौन सबंध बना रही है तो आप कभी भी गर्भवती हो सकती हैं। यह बात हमेशा ध्यान रखें कि पुरुष का स्पर्म महिला के शरीर में सेक्स के कुछ दिनों बाद तक जीवित रहता है जिस वजह से आप पीरियड के दौरान भी गर्भवती हो सकती हैं। सवाल : क्या सिर्फ मिशनरी पोजीशन में सेक्स करने से ही महिला गर्भवती होती है ? जवाब : कुछ लोग ऐसा सोंचते हैं कि सिर्फ मिशनरी पोसितिओंमे सेक्स करने से ऐसा हो सकता है जबकि ऐसा नहीं है। आप किसी भी पोजीशन में सेक्स करें अगर पुरुष का स्पर्म महिला के योनि में प्रवेश कर जाता है तो वो गर्भवती हो जाएगी। सवाल : क्या ओरल सेक्स करने से महिला गर्भवती हो सकती है? नहीं !, यह बात पूरी तरह गलत है। ओरल सेक्स से आप कभी भी गर्भवती नहीं हो सकती हैं, हाँ इतना ज़रूर है कि अगर आप स्पर्म निगल जाती हैं तो इससे आपको यौन संचारित रोग हो सकते हैं। सवाल : क्या कंडोम की जगह क्लिंगफिल्म, प्लास्टिक बैग या किसी और चीज का इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब : नहीं, ऐसा करने से आपको कई तरह के यौन संचारित रोग हो सकते हैं। इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले कंडोम का उपयोग करें। सवाल : क्या सेक्स ना करने पर पुरुषों के अंडाशय फट सकते हैं? जवाब : नहीं ऐसा कुछ भी नहीं होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंडाशय में जो स्पर्म बनता है अगर उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है तो वो शरीर द्वारा सोख लिए जाते हैं। इसके अलावा हस्तमैथुन के कारण भी स्पर्म बाहर निकल सकते हैं। सवाल : क्या कंडोम को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब : नहीं, कंडोम को सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल करना चाहिए। उसके बाद आप उसे धुलकर भी इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं क्योंकि ऐसा करने से आपको कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं। सवाल : क्या यौन सचरित रोग होने पर तुरंत कोई लक्षण नजर आते हैं? जवाब : कई यौन संचारित रोग ऐसे होते हैं जिनमें कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं वहीं कुछ रोगों में पेशाब या डिस्चार्ज के समय दर्द होने लगता है। कई बार लक्षण ना नजर आने के कारण कई दिनों तक मरीज को पता ही नहीं चलता है कि वे किसी बीमारी से संक्रमित हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप नियमित रूप से अपना चेकअप करवाते रहें। सवाल : क्या किसी दूसरी महिला के साथ सेक्स करने से यौन संचारित रोग हो सकता है? जवाब : हां, अगर किसी महिला को पहले से ही यौन संचारित रोग है तो उसके साथ सेक्स करने या ओरल सेक्स करने से भी आपको ये रोग हो सकता है। सवाल : क्या सभी गे-पुरुष एनल सेक्स करते हैं? जवाब : नहीं , यह ज़रूरी नहीं है कि गे-पुरुष हमेशा एनल सेक्स ही करते हैं। यह उनके व्यक्तिगत चुनाव पर निर्भर करता है और कुछ पुरुष ऐसा करना पसंद करते हैं और कुछ को एनल सेक्स बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है। नेशनल सर्वे ऑफ़ सेक्सुअल ऐटिट्यूड के अनुसार साल 2000 में 12।3% पुरुषों और 11।3% महिलाओं ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले साल एनल सेक्स किया था। English summary 11 Sex Myths You Need to Stop Believing To help clear up some of the myths around sex ahead of Sexual Health week, here are 11 of the most common misconceptions debunked. Story first published: Thursday, January 4, 2018, 9:00 [IST] Jan 4, 2018 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

इन बातों से जाने कि सेक्‍स के दौरान आपके पार्टनर ने पहना सही साइज का कंडोम!

Tuesday, January 2 2018

इन बातों से जाने कि सेक्‍स के दौरान आपके पार्टनर ने पहना सही साइज का कंडोम!

तंदुरुस्‍ती » इन बातों से जाने कि सेक्‍स के दौरान आपके पार्टनर ने पहना सही साइज का कंडोम! इन बातों से जाने कि सेक्‍स के दौरान आपके पार्टनर ने पहना सही साइज का कंडोम! Wellness Updated: Tuesday, January 2, 2018, 11:23 सुरक्षित और आनंदित सेक्‍स के लिए कंडोम का उपयोग करना बहुत जरुरी होता है। मार्केट में कई ब्रांड, साइज और मेटेरियल के कंडोम उपलब्‍ध है, लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि कौनसा कंडोम आपके साथी के लिए परफेक्‍ट साइज का है। कंडोम का यूज करते हुए सही साइज के बारे में मालूम होना जरुरी होता है। गलत साइज का कंडोम पहनने से उसके फटने का सेक्‍स के दौरान खिसक जाने का डर होता है। इसलिए सेफ सेक्‍स के लिए सही साइज के कंडोम का चुनाव बहुत ही जरुरी होता है। कंडोम पहनने से पहले इन 18 बातों के बारे में पढ़ ले! हम आपको बता रहे हैं कि आप अपने साथी को कैसे बता सकती हैं उसने गलत साइज का कंडोम पहना है और किन तरीकों से आप अपने पार्टनर के लिए सही साइज का कंडोम ले सकती है। आइए जानते है- टाइट कंडोम की निशानी टाइट कंडोम पहनने से ना केवल आपके साथी को सेक्‍स के दौरान खिंचाव महसूस हो सकता है बल्कि उसके लिए इरेक्शन और ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने पर मुश्किल हो सकती है। वैसे आप दूसरे कई तरीकों से यह पता कर सकती हैं कि कंडोम पूरी तरह से सही नहीं है। यह जानने के के लिए कि क्या कंडोम छोटा है, तो एक बार अपने पार्टनर के पेनिस पर उसे चढ़ाकर देखे। अगर कंडोम सच में टाइट होगा तो आप देखेंगी कि आपके पार्टनर के पेनिस पर कंडोम टाइट होने से एक लाइन बन गई है जैसा कि एक टाइट रबर बैंड पहनने से बनती हैं। इसके अलावा अगर उसे पहनने के बाद आपके साथी को दर्द या बैचेनी सी लग रही है, तो यह भी एक संकेत है कि कंडोम टाइट है। लूज कंडोम एेसे पहचाने अगर आपके पार्टनर ने लूज कंडोम पहना हैं तो जाहिर है सेक्स के दौरान उसके खिसकने के ज्यादा चांस होते हैं। इस मामले में आपके लिए पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि आपके पार्टनर के बहुत ढीला कंडोम पहना है। वैसे आप सेक्‍स के दौरान एक बार कंडोम पहनकर ट्र्रायल ले सकती है। जब आपका पार्टनर अपने लिंग पर कंडोम लगा ले, तो आप उसे अच्छी तरह चेक कर लें। अगर कंडोम ढीला होगा तो वो आसानी से उतर जाएगा। ढीला कंडोम सेक्‍स के दौरान योनि में भी फंस सकता है। लव कंडोम कैंपेन: इंडिया में खुला दुनिया का पहला फ्री कंडोम स्‍टोर, घर पर होगी फ्री डिलेवरी डिफरेंट साइज के कंडोम मार्केट में डिफरेंट साइज के कंडोम उपलब्‍ध है, इसलिए आप चाहे तो अपने साइज के अनुसार आसानी से कंडोम पा सकते है। मार्केट में Small, Regular & Large साइज में कंडोम उपलब्‍ध है। इन बातों का रखें ध्‍यान कंडोम खरीदने से पहले ब्रांड, कंडोम का साइज, और कंडोम मेटेरियल लेटेक्स या पालीयुरथेन या लेमस्किन का निर्धारण करें जो आप पसंद करें। कंडोम सिर्फ उन्हें ब्रांड्स की ले जो FDA से स्वीकृत हों। पुरुषों का इरेक्‍ट पेनिस का माप लेकर सही साइज के कंडोम लेने चाहिए। आप ऑनलाइन उपलब्ध कंडोम कैलकुलेटर की मदद से भी पेनिस का साइज जान सक‍ते है। ऑनलाइन कंडोम्स को सर्च करें, और रिव्यूज को पढ़ें उसके बाद ही कंडोम खरीदें। सही कंडोम ही लें सेक्स का भरपूर मजा लेने और सेक्स से जुड़ी समस्याओं व अनचाहे गर्भ से बचने के लिए आपको सही साइज का कंडोम पहनने चाहिए। ज्यादा टाइट कंडोम के फटने के भी ज्यादा चांस होते हैं और सेक्स के दौरान आपको कंडोम फटने की ज्यादा टेंशन हो सकती है। दूसरी तरफ ढीले कंडोम के जल्दी उतरने के अधिक चांस होते हैं। अगर हो रही है परेशानी अगर कंडोम के उपयोग के बाद आप खुजली, गाँठों, किसी तरह की फुंसी या अन्य परेशानी का अनुभव होता है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। हो सकता हो कि आप जिस ब्रांड या मेटेरियल का कंडोम यूज में ले रहे हैं आपको उससे एलर्जी हो। इस केस में तो फिर आपको दूसरे विकल्‍पों का उपयोग करना चाहिए या तो आप अपने कंडोम का मेटेरियल बदल दे या चाहे तो अपनी पार्टनर से सलाह कर फीमेल कंडोम का यूज भी कर सकते हैं। एक्सपायर्ड हो गया कंडोम क्‍या आपको मालूम है कि कंडोम की भी एक्‍सपायर्ड डेट होती है। जब आप एक्सपायर्ड कंडोम का इस्तेमाल करते हैं तब आपको एसटीआई होने का खतरा होता है। कहने का मतलब है कि एक्सपायर्ड कंडोम का इस्तेमाल करने से अच्छा है कि आप इस्तेमाल ही न करें। क्या करेंगे जब आपका मूड बन जायेगा और कंडोम का पैकेट नहीं होगा तो आप कंडोम में पानी भरकर चेक कर लें कि पानी लिक तो नहीं हो रहा है। रिस्‍क न लें कंडोम एक निश्चित समय के बाद खराब हो जाता है इसलिए सेक्चुअल एक्टिविटी के समय वह फट सकता है। क्योंकि लंबे समय के बाद इसका लुब्रिकेंट सूख जाता है और शुक्रनाशक प्रभाव खत्म हो जाता है जिसके कारण कंडोम का प्रभाव कम हो जाता है। इसलिए अगर कंडोम एक्‍सपायर्ड हो गया है तो रिस्‍क न उठाए एक्‍सपायर्ड कंडोम यूज न करें। English summary Is Your partner Wearing The Right Size Condom? Here's How To Tell It’s simpler than you may think. If you or your partner really dislike condoms, it’s likely that finding the right condom size will dramatically improve your sex life. mob sum : गलत साइज का कंडोम पहनने से उसके फटने का डर होता है, साथ ही आप सेक्‍स लाइफ एंजॉय नहीं कर पाते है। इन बातों को जानिए कि आपका साथ गलत साइज का कंडोम यूज में ले रहा है। Please Wait while comments are loading...

सफेद मशरूम खाने से सेहत को मिलते हैं कुछ ऐसे फायदे

Tuesday, January 2 2018

सफेद मशरूम खाने से सेहत को मिलते हैं कुछ ऐसे फायदे

» सफेद मशरूम खाने से सेहत को मिलते हैं कुछ ऐसे फायदे सफेद मशरूम खाने से सेहत को मिलते हैं कुछ ऐसे फायदे Diet Fitness Published: Tuesday, January 2, 2018, 15:00 Mushroom, मशरुम | Health benefit | Superfood है मशरुम | Boldsky कहा जाता है कि गहरे रंग वाले फलों और सब्जियों में अधिक पोषक तत्वा मौजूद होते हैं। हालांकि, सफेद मशरूम इस धारणा को बिलकुल गलत साबित करता है। सफेद रंग का मशरूम फूड आइटम्‍स बहुत मशहूर है और इसमें पोषक तत्‍व प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। सफेद मशरूम खाद्य कवक हैं जो कि स्पंजी होता है और ये फूड दिखने में मांस जैसा होता है। सफेद मशरूम आपको बड़ी आसानी से मिल जाएगा और आमतौर पर इसका प्रयोग सूप, सलाद और स्टिर फ्राइज़ में किया जाता है। मशरूम के कई प्रकार हैं जैसे ऑएस्टकर मशरूम, बटन मशरूम और शिटाके मशरूम। मशरूम में कैलोरी की मात्रा कम होती है और ये विटामिन बी का बेहतर स्रोत माना जाता है। मशरूम में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं जिस वजह से ये सेहत के लिए फायदेमंद रहता है। मशरूम में जिंक और पोटाशियम प्रचुर मात्रा में होता है जोकि शारीरिक क्रियाओं को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं। सफेद मशरूम के इन फायदों के बारे में जानने के बाद आप भी इसे अपने खाने में जरूर शामिल करेंगें। तो चलिए जानते हैं इस सुपरफूड के फायदों के बारे में -: कोलेस्ट्रॉल करे कम सफेद मशरूम में प्रोटीन अत्यमधिक मात्रा में होता है और ये कोलस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा मशरूम में फाइबर और कुछ एंजाइम्सा होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन शरीर पर जमे अतिरिक्त वसा और कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है। हड्डियां करे मजबूत सफेद मशरूम में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है जोकि हड्डियों को मजबूत बनाता है। नियमित रूप से मशरूम का सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों का दर्द और हड्डियों से संबंधित अन्ये कई तरह के विकार होने का खतरा कम हो जाता है। प्रतिरक्षा तंत्र करे मजबूत मशरूम में एरगोथिओनेईन नामक एक शक्तिा‍शाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जोकि इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। इसमें नेचुरल एंटीबायोटिक और एंटी फंगल यौगिक भी मौजूद होते हैं जोकि कई तरह के संक्रमणों से शरीर की रक्षा करते हैं। मधुमेह से बचाव सफेद मशरूम में प्राकृतिक इंसुलिन और एंजाइम्सम होते हैं जोकि खाने में मौजूद शर्करा और स्टा र्च को तोड़ने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये क्रोमियम का भी उत्तम स्रोत है। इससे रक्त शर्करा का स्तर संतुलित रहता है। मधुमेह रो‍गियों के लिए ये सुपरफूड से कम नहीं है। वजन कम करने में करे मदद सफेद मशरूम में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जोकि पाचन तंत्र को दुरुस्ति करता है और मेटाबॉलिज्मम को ठीक रखता है। मशरूम में वसा और कार्बोहाइड्रेट कम होता है इसलिए ये मांसपेशियों पर जमी अतिरिक्तक चर्बी को कम करता है। वजन कम करने में सफेद मशरूम फायदेमंद होता है। आयरन को अवशोषित करने में मदद करे सफेद मशरूम में कॉपर होता है जोकि खाने से आयरन को अवशोषित करने की क्रिया को उत्तेजित करता है। इसके साथ ही मशरूम में आयरन भी होता है इसलिए मिनरल्सय और आयरन मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और अनीमिया से रक्षा करते हैं। रक्तचाप रखे कम सफेद मशरूम में पोटाशियम होता है जोकि वासोटिलेटर की तरह काम करता है और रक्त कोशिकाओं पर दबाव को कम करता है। इस वजह से ब्लिड प्रेशर का स्तैर कम हो जाता है। पोटाशियम को बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। ये मस्तिष्कम में रक्त और ऑक्सी जन को बढ़ कार उसकी न्यूनरल एक्टिविटी को तेज करता है। कैंसर से बचाव सफेद मशरूम ब्रेस्ट और कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से भी बचाने में मदद करता है। इसमें मौजूद लिनोलेइक एसिड ओस्ट्रो जन की अधिकता से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने में मदद करता है। मशरूम में बीटा ग्लूजकन होता है जोकि प्रोस्टे्ट कैंसर के मामले में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सफेद मशरूम में कई फायदेमंद एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये एंटीऑक्सींडेंट आनुवांशिक बीमारियों के खतरे को कम कर देते हैं। इसमें एरगोस्टेसरॉल्सय भी होता है जोकि एक तरह का एंटीऑक्सी डेंट है। ये घातक बीमारियों से बचाने में मदद करता है। विटामिन बी 2 और बी 5 की प्रचुरता आहार में सफेद मशरूम को शामिल करने से आपको विटामिन बी कॉम्लेक्स और बी 5 और बी 2 भी मिलेगा। ये दो पोषक तत्वम कोशिकाओं से एनर्जी बनाने वाले एंजाइम्स को क्रियाशील बनाते हैं। विटामिन बी 2 लिवर के काम करने में मदद करता है और बी 5 हार्मोंस को संतुलित रखता ह। सेलेनियम की अधिकता शाकाहारियों के लिए प्रचुर मात्रा में सेलेनियम का सेवन करने के लिए सफेद मशरूम बेहतर स्रोत है। इसमें सेलेनियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सेलेनियम से हड्डियों की सेहत में सुधार आता है और दांत, बाल और नाखून मज़बूत बनते हैं। अगर आपको ये लेख पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। English summary Health Benefits Of White Mushrooms White mushrooms are spongy and soft in texture and also have a good amount of health benefits. Find out more about the various health benefits of white mushrooms in this article. mob sum : Story first published: Tuesday, January 2, 2018, 15:00 [IST] Jan 2, 2018 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

ब्लैडर कैंसर से जुड़े ऐसे फैक्ट जिन्‍हें सुनकर शायद आप सहम जाएं !

Tuesday, January 2 2018

ब्लैडर कैंसर से जुड़े ऐसे फैक्ट जिन्‍हें सुनकर शायद आप सहम जाएं !

» ब्लैडर कैंसर से जुड़े ऐसे फैक्ट जिन्‍हें सुनकर शायद आप सहम जाएं ! ब्लैडर कैंसर से जुड़े ऐसे फैक्ट जिन्‍हें सुनकर शायद आप सहम जाएं ! Wellness Updated: Tuesday, January 2, 2018, 17:23 कैंसर, जैसी बीमारी का नाम सुनकर किसी का भी सिहर जाना लाजमी है। जहां तक कि इसके विभिन्न स्वरूपों की बात हो जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, ब्लड कैंसर, लंग कैंसर और गले का कैंसर इत्यादी तो आम हो चुके है लेकिन अभी भी इस खतरनाक बीमारी के जाल में ऐसे बहुत से बॉडी पार्ट है, जिनकी पूर्ण जानकारी हमें है ही नहीं। आज दुनिया भर में इस जानलेवा बीमारी से हर उम्र के हजारों लोग गिरफ्त में आ रहें है। कैंसर का सबसे बड़ा नकारात्मक पहलु यह कि सही ट्रीटमेंट के बाद भले ही एक बार कैंसर होने पर आप पूर्ण रूप से ठीक हो जाए, लेकिन यह फिर से होगा या नहीं इसकी कोई गारंटी है ही नहीं। अब हालात यह हो चुके है कि कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से को अपनी जकड़ में आसानी से ले सकता है। इन दिनों यह शरीर के उन भागों में फैल रहा है जहां कभी बहुत कम इसके चांस हुआ करते थे जैसे कि युनेरी ब्लैडर यानी कि मुत्राश्य, कान यहां तक कि यौन अंगों तक भी। पुरुषों और महिलाओं में यूरेनरी ब्लैडर एक तरह का मांसपेशियों का कोष है जो कि दोनों के शरीर में यूनेरी फंक्शन का क्रियान्‍वयन करता है। महिलाओं और पुरुषों के अलग-अलग शारारिक ढांचे के चलते ब्लैडर कैंसर के कारक भी दोनों में अलग-अलग होते है। तो आइए इस आर्टिकल के जरिए जाने कि आखिर ब्लैडर कैंसर क्या है, इसके संकेत क्या है और इससे जुड़े फैक्ट्स क्या है? फैक्ट # 1, सूक्ष्म संकेत: जिस तरह ब्रेन ट्यूमर, जिसका मुख्य संकेत है सर में बार-बार दर्द होना। ठीक इसी के उलट ब्लैडर कैंसर के संकेत बहुत सुक्ष्म होते है, अधिकतर तो इन संकेतों को यूरिनरी इंफेक्शन के तौर पर भी देख जाता है। इसलिए वक्त रहते इस कैंसर का पता लगना बहुत जरूरी है। फैक्ट #2, मुख्य संकेत: महिलाओं में ब्लैडर कैंसर के मुख्य संकेत है, यूरिनरी इंफेक्शन होना, योनी में जलन होना, डार्क यूरीन आना, यूरीन में खून आना और बार- बार यूरिनरी इंफेक्शन होना। फैक्ट #3, महिलाओं में मृत्युदर होती है ज्यादा: अगर आंकड़ों को देखा जाए तो महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ब्लैडर कैंसर के चांस ज्यादा रहते है। लेकिन जब महिलाएं इस कैंसर का शिकार होती है तो इनकी मुत्युदर ज्यादा बढ़ जाती है।ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाओं के केस में इसकी जांच लेट होती है और इसी वजह से अधिकांश केसस में वक्त रहते इसका ट्रीटमेंट नही हो पाता। फैक्ट # 4, खतरनाक है ध्रुमपान: हालांकि ब्लैडर कैंसर से पीड़ित लोगों में इसके बहुत से अलग अलग कारण हो सकते है। लेकिन महिलाओं में स्मोकिंग के चलते ही इस कैंसर का सबसे बड़ा रिस्क बना रहता है। क्योंकि सिगरेट में मौजूद टॉक्सिन इस कैंसर के ट्श्यूज को बढ़ा देते है। फैक्ट # 5, इग्नोर न करे यूआईटी को : बार-बार युनेरी इंफेक्शन होने के केस में ब्लैडर कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। साथ ही साथ महिलाओं में युनेरी इंफेक्शन और ब्लैडर कैंसर के संकेत भी लगभग एकसमान ही होते है। ऐसे में अगर आपको बार-बार युनेरी इंफेक्शन हो रहा है तो आप एक बार अच्छे से चेकअप जरूर करवा लें। फैक्ट # 6, अनुवांशिकता : अगर आपके परिवार में आपनी दादी मां, मां या फिर कोई और महिला को अगर ब्लैडर कैंसर हो चुका है तो संभावित है कि आप भी इस बीमारी के शिकार हो जाए। क्योंकि यह एक अनुवांशिक बीमारी है। फैक्ट # 7, इलाज: ब्लैडर कैंसर होने पर, इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि यह कितना फैल चुका है। रेडिशियन थैरेपी, कीमोथैरपी और सर्जरी के जरिए इसके ट्यूमर को हटाया जा सकता है। फैक्ट # 8, इन्फर्टिलिटी का खतरा: जिन महिलाओं को ब्लैडर कैंसर होता है और उसका सही ट्रीटमेंट होने के बाद भी वह इंफर्टिलिटी के हाई रिस्क पर रहती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्लैडर कैंसर के इलाज के दौरान फर्टिलिटी हार्मोन्स और अंडें भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होते है। फैक्ट # 9, अनियमित डिस्‍चार्ज: आमतौर पर महिलाओं में व्हाइट डिस्‍चार्ज की समस्या देखी जाती है। जो कि यीस्ट इंफेक्शन का संकेत माना जाता है। जबकि अनियमित तौर पर डिस्‍जार्च की समस्या कम देखने को मिलती है, लेकिन ब्लैडर कैंसर के केस में यह एक तरीके से बीमारी का सूचक होता है। इसलिए समय रहते ही चेक करवाए। English summary Scary Facts About Bladder Cancer Every Woman Must Know! Here are a few facts about urinary bladder cancer that every woman must pay heed to! Please Wait while comments are loading...

इन 10 बीमारियों का इलाज है जीरे और गुड़ का पानी, जानें फायदे

Wednesday, January 3 2018

इन 10 बीमारियों का इलाज है जीरे और गुड़ का पानी, जानें फायदे

डाइट-फिटनेस » इन 10 बीमारियों का इलाज है जीरे और गुड़ का पानी, जानें फायदे इन 10 बीमारियों का इलाज है जीरे और गुड़ का पानी, जानें फायदे Diet Fitness Published: Wednesday, January 3, 2018, 9:31 Cumin - Jaggery Water benefit | Natural Detox |जीरा - गुड़ का पानी है नैचुरल डिटॉक्स | Boldsky हर घर में जीरा इस्तेमाल किया जाता है। बिना जीरे के सब्जी का स्वाद अधूरा लगता है और ये पेट से जुड़ी कई तरह की बिमारियों को दूर करने के लिए भी एक कारगर औषधि है। जीरे की तासीर गर्म होती है। यही कारण है कि जीरा एक घरेलू औषधि है जिसे कई छोटी-छोटी बीमारियों में इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं गुड़ का इस्तेमाल मीठे पकवानों के लिए किया जाता हैं। इसके भी अपने ही फायदे हैं, इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर में खून की कमी को नहीं होने देता है। इन दोनों का उपयोग हम खाना बनाने में नियमित तौर पर करने के साथ कई प्रकार के बीमारियों के उपचार और कई बीमारियों को रोकने में भी कर सकते हैं। खाली पेट पिएं मेथी का पानी, चुटकियों में होगा पेट कम गुड़ और जीरे में ऐसे गुण होते हैं जो आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी होते हैं और अगर इन दोनों को मिला दिया जाये, फिर तो क्‍या कहना। यानी फिर तो सोने पर सुहागा हो जायेगा। इन दोनों को मिलाकर एक एेसा पानी तैयार किया जा सकता है, जिसे पीने से हम कई बीमारियों से बच सकते है। आज हम आपको बताते है कि जीरे और गुड़ का पानी पीने से क्या फायदे होते हैं? गुड़ और जीरे के पानी बनाने के लिए एक पानी के बाउल में 1 चम्मच जीरा और 1 चम्मच गुड़ मिलाएं। अब इस पानी को कुछ मिनट तक उबालें जब पानी उबलकर आधा रह जाये तो इस पानी को एक कप में निकालें। अब इस ड्रिंक को प्रतिदिन सुबह नाश्ता करने से पहले पीयें। आइये आज इस आर्टीकल से जीरा और गुड़ के पानी पीने के अद्भुत फायदों के बारे में जानें। 1. पाचन ठीक रखता है पेट की समस्याएं जैसे कब्ज, गैस और पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए इसका सेवन करें। साथ ही जीरे और गुड़ से बना ड्रिंक मल त्‍याग की प्रक्रिया को नियमित कर कब्‍ज से आराम दिलाने और उसे रोकने में सहायक होता है। इसलिए अगर आप भी पेट की समस्‍याओं से परेशान है तो यह ड्रिंक आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। 2. वजन घटाने में मदद करता है एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच जीरा हुए अब इसमें उतना ही गुड़ मिला दें और उबाल लें और चाय की तरह इस पानी को पीएं। इसके रोजाना सेवन से शरीर में फालतू चर्बी निकल जाती है लेकिन इस बात को ध्यान में रखें कि इस पानी को पीने के बाद 1 घंटें तक कुछ न खाएं। 3. कब्ज ठीक करे आयुर्वेद में भी यह बताया गया है कि यह मिश्रण कब्ज़ से आराम दिलाने तथा उसे रोकने में सहायक होता है क्योंकि यह मल त्याग की प्रक्रिया को नियमित करता है। इसे पीने से अतों में जमा मल आराम से निकल जाता है। 4. खून साफ़ करे जीरे और गुड़ में मैजूद पोषक तत्व खून को साफ़ करते हैं। ऐसे कई कारण हैं जिन से हमारे खून में विषाक्त पदार्थ पैदा हो जाते हैं। और जिन्हे साफ़ शरीर से निकलना बहुत जरुरी होता, अगर ऐसा नहीं होगा तो यह कई सारी बिमारियों को भी जन्म देता है। 5. इम्यून सिस्टम मजबूत करता है सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। आपके शरीर से विषैले पदार्थों को आसानी से बाहर निकाल शरीर को पूरी तरह से स्‍वच्‍छ करता है और इससे आपकी इम्‍यूनिटी मजबूती होती है। अगर आप सिरदर्द से परेशान रहते है तो जीरे और गुड़ का पानी जरूर पीएं। सिरदर्द से जल्दी छुटकारा मिलेगा। 6. मासिक धर्म के दर्द में आराम दिलाता है यह मिश्रण महिलाओं के शरीर में हार्मोंस के असंतुलन को नियमित करता है और इस प्रकार मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करता है। यह मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है। 7. खून की कमी को ठीक करता है जीरा और गुड़ दोनों आयरन का बहुत अच्‍छा स्रोत है और इसमें पोषक तत्‍व और मिनरल प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। जो लाल रक्‍त कोशिकाओं को स्‍वस्‍थ रखने के लिए आवश्‍यक होते हैं। इसलिए इस ड्रिंक का नियमित रूप से सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है और एनीमिया से बचाव करता है। 8. उच्च रक्तचाप में भी आराम दिलाता है ऐसी स्थिति में धमनियों में खून का प्रवाह कम हो जाता है जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक होने का डर होता है। जीरा और गुड़ में पोटेशियम की मात्रा होती है जिससे खून में दबाव कम होता है। 9. जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है जीरा और गुड़ के पानी में मौजूद पोटेशियम और अन्य खनिजों से सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है साथ ही ब्लड सर्क्युलेशन को ठीक करता है। जिससे जोड़ो और पीठ का दर्द हो या कमर का दर्द। गुड़ और जीरे का पानी पीने से आपको इन सभी समस्याओं से निजात मिलता है। 10. ऊर्जा प्रदान करता है जीरे और गुड़ के पानी में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है। तो अपने शरीर की ऊर्जा बनाये रखने के लिए इसे रोज़ सुबह पीएं।

लेडीज.. इन फैक्‍टस से मालूम कीजिए आप सेक्‍सुअली फिट है या नहीं!

Wednesday, January 3 2018

लेडीज.. इन फैक्‍टस से मालूम कीजिए आप सेक्‍सुअली फिट है या नहीं!

महिलाएं » लेडीज.. इन फैक्‍टस से मालूम कीजिए आप सेक्‍सुअली फिट है या नहीं! लेडीज.. इन फैक्‍टस से मालूम कीजिए आप सेक्‍सुअली फिट है या नहीं! Women Updated: Wednesday, January 3, 2018, 15:54 सेक्‍स लाइफ को एक्‍साइटेड बनाने के लिए सेक्‍सुअल हेल्‍थ पर भी ध्‍यान देना जरुरी होता है। कई महिलाएं अपने शारीरिक और मानसिक हेल्‍थ को अनदेखा कर देती हैं। अगर आप सेक्‍सुअल एक्टिव है तो आपको सेक्‍सअुल हेल्‍थ को इग्‍नोर नहीं करना चाहिए। महिलाओं को खुद को सेक्‍सुअली फिट रखने के लिए कुछ बातों के बारे में मालूम होना जरुरी होता है। कई बार महिलाएं शर्म और झिझक की वजह से खुलकर सेक्‍सुअल डिसीज और समस्‍याओं के बारे में बात नहीं कर पाती है, जब बात पूरी तरह से स्‍वास्‍थ्‍य की हो, तब किसी भी महिला को सेक्‍स परेशानियों से जुड़ी बातों को डॉक्‍टर से बताने में शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी चाहिये। वजाइनल ईस्‍ट इंफेक्‍शन यह बहुत ही आम बीमारी है। ईस्‍ट इंफेक्‍शन एक कम संख्‍या में, योनि में रहते हैं और धीरे धीरे बढ़ते हुए संक्रमण का रूप ले लेते हैं। इंफेक्‍शन हो जाने पर महिला की योनि में जलन, लालिमा और सूजन होने लगती है। सेक्‍स करते वक्‍त यह बहुत ही पीढ़ादायक होती है। ईस्‍ट इंफेक्‍शन किसी भी लड़की को हो सकता है। इसका इलाज तुरंत करवाना चाहिये। टेस्टोस्टेरोन महिलाओं की सेक्‍स इच्‍छा को बढाने में टेस्‍टोस्‍टेरोन हार्मोन बड़ा मायने रखता है। 20 साल की उम्र तक टेस्‍टोस्‍टेरोन काफी हाई मात्रा में रहता है और जैसे जैसे उम्र ढलती जाती है वह गिरने लगता है। महिलाओं के यौन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जो महिला रजोनिवृत्ति तक नहीं पहुंची है, उसे टेस्‍टोस्‍टेरोन थैरेपी करवानी चाहिये। ऐसा करने से उसकी सेक्‍स में रूचि बनी रहती है। कंडोम से STDs का बचाव नहीं ज्‍यादातर महिलाएं ये सोचती है कि कंडोम अनचाहे गर्भ के साथ ही STDs के खतरे को भी टाल देता है लेकिन ये सच नहीं है। कंडोम आपको सीधे सीधे आपके पार्टनर के प्राइवेट पार्ट के सम्‍पर्क में आने से बचाता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि वो आपको किसी भी इंफेक्‍शन से बचाव करें। कंडोम सिर्फ STDs के खतरे को टालता है न कि पूरी तरह आपको यौन संक्रमण से बचाता है। सेक्‍स के बाद जाएं वॉशरुम अपने पार्टनर के साथ इंटीमेट होने के बाद वॉशरुम जाती हैं? अगर ना तो आपको मालूम होना चाहिए कि इंटीमेट होने के बाद आपको अपने वजाइना को धोना चाहिए, वजाइना धोने से यूरिनरी ट्रेक्‍ट इंफेक्‍शन (UTI) यानी vagina में होने वाले इन्फेक्शन का रिस्क काफी कम हो जाता है। सेक्स के बाद बैक्टीरिया आपके दूसरे प्राइवेट पार्ट्स में जाकर इन्फेक्शन दे सकता है और धोने से इसकी संभावना काफी कम हो जाती है। वजाइना की सफाई जब बात वजाइना की सफाई की आती है तो आपको बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। टीवी या मैगजीन में आपने यहां की सफाई करने वाले स्पेशल वाइप्‍सके बारे में देखा है तो उस पर भी पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। बहुत ज्यादा बाहरी प्रोडक्ट आपके वजाइना के पीएच लेवल को अंसतुलित कर सकता हैं। इसीलिए हमेशा की तरह अपने रोजाना इस्तेमाल होने वाले साबुन और पानी से ही इसकी सफाई कीजिए। पीएपी टेस्ट कराना है जरूरी पीएपी एक ऐसी सर्विकल स्क्रीनिंग हैं जिसमें गर्भाशय (सर्विक्‍स या गर्भ) में कैंसर की संभावना का पता लगाया जाता है। हर लड़की को 21 साल के बाद यह टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। अगर आप सेक्‍सुअली एक्टिव हैं तो पीएपी टेस्‍ट हर साल करवाना और जरूरी हो जाता है। अगर अब तक आपने एक बार भी ये टेस्ट नहीं करवाया है तो तुरंत करवाएं। अगर लगता है कि पीएपी टेस्‍ट में ही आपको सारी बीमारियों का पता चल जाएगा तो यह भी गलत है। यह टेस्ट सिर्फ सर्विकल सेल्स की abnormality चेक करता है। अगर आप नियमित तौर से सेक्स करती हैं तो आपको अलग से STDs की जांच के लिए टेस्ट करवाना चाहिए। STD से अनजान हो सकती हैं आप कुछ Sexually Transmitted Diseases ऐसी होती हैं जिनके बाहरी तौर से कोई symptoms नज़र नहीं आते। यानि ऐसा भी हो सकता है कि आपको कोई बीमारी हो चुकी हो और आपको इसका पता ही न चले क्योंकि आप बिल्कुल नार्मल feel कर रही हैं। लेकिन ऐसी कुछ बीमारी के परिणाम बहुत खतरनाक हो सकते हैं जिनमें pelvic में सूजन या बांझपन (infertility) भी शामिल है। किसी को भी हो सकता है HPV सेक्सुअली एक्टिव लोगों में एचपीवी (Human Papilloma Virus) पुरुष और महिला दोनों को हो सकते हैं। किसी भी तरह के शारीरिक संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को यह वायरस हो सकता है और कभी कभी इसके कोई लक्षणनजर नहीं आते। अगर आप किसी एचपीवी से ग्रसित व्यक्ति के साथ वजाइनल, एनल या ओरल सेक्‍स करती हैं तो यह वायरस आपको भी हो सकता है। हालांकि ये बहुत खतरनाक बीमारी नहीं है लेकिन हर साल इसका टेस्ट भी जरूर करवाएं। रजोनिवृति 45 से 55 तक की उम्र में सभी महिलाएं मां बनने की छमता खो देती हैं और रजोनिवृत्ति तक पहुंच जाती हैं। जब महिला रजोनिवृत्ति में पहुंचती है, तब महिला को मूड स्‍विंग, हाई बीपी और अन्‍य परेशानियां शुरु हो जाती हैं। इसमें योनि सूख जाती है और सेक्‍स करने की इच्‍छा खतम हो जाती है। एक्सरसाइज़ है जरूरी पेल्विक मसल्स को मजबूत करने के लिए आप कीगल वर्क आउट भी कर सकती हैं। डिलीवरी के बाद यह एक्सरसाइज बहुत काम आती है। यह एक्सरसाइज करने से वजाइना और पेल्विक मसल्स हेल्‍दी रहते हैं। English summary Facts A Woman Should Know About Her Sexual Health Here are some of the sexual health facts that every women should know in order to remain healthy. Please Wait while comments are loading...

1 हफ्ते में 10 kg चर्बी कम... बस खाएं इस चूर्ण का 1 चम्‍मच रोज़

Wednesday, January 3 2018

1 हफ्ते में 10 kg चर्बी कम... बस खाएं इस चूर्ण का 1 चम्‍मच रोज़

डाइट-फिटनेस » 1 हफ्ते में 10 kg चर्बी कम... बस खाएं इस चूर्ण का 1 चम्‍मच रोज़ 1 हफ्ते में 10 kg चर्बी कम... बस खाएं इस चूर्ण का 1 चम्‍मच रोज़ Diet Fitness Published: Wednesday, January 3, 2018, 16:44 दोस्‍तो बढ़ा हुआ पेट किसी को भी अच्‍छा नहीं लगता। इससे आप जो भी कपड़ा पहनते हैं वह आप पर बिल्‍कुल भी सूट नहीं करता। पेट कम करने में काफी महनत लगती है लेकिन अगर आपकी डाइट सही है तो यह काम कुछ ही दिनों में आसान होता नज़र आने लगता है। लोग रोजाना जिम जा कर पसीना बहाते हैं लेकिन फिर भी उनका वजन कम नहीं होता। वजन कम करने के लिये बड़े बड़े ज्ञानी लोग नई नई विधि इजात करते रहते हैं। ऐसे में हम आपको एक नुस्‍खा बता रहे हैं, जो कि एक प्रकार का चूर्ण है। यह चूर्ण आपको केवल एक बार ही बनाना होगा और रोज सेवन करना होगा। इससे आप पाएंगे कि कुछ ही दिनों में देखते देखते आपकी चर्बी कम होनी शुरु हो जाएगी। इसकी सबसे खास बात जो है वह यह है कि इसको आपको केवल एक बार ही तैयार कर के रख लेना होगा। रोज़ाना उसकी एक चुटकी पानी या दूध के साथ जिसके साथ भी आप चाहें ले सकते हैं और अपना वजन बड़ी ही तेजी से कम कर सकते हैं। इस चूर्ण को हम अजवाइन, जीरा और अलसी से मिला कर बनाएंगे। तो आइए देखते हैं कैसे हम इसे तैयार कर सकते हैं! चूर्ण को तैयार करने की सामग्री अलसी (1/2 कटोरी) जीरा (1/2 कटोरी) अजवाइन (1/2 कटोरी) चूर्ण बनाने की सरल विधि - इस चूर्ण को बनाने के लिये सबसे पहले आधी कटोरी अलसी के बीज ले कर कढाई में धीमी आंच पर सेंक लें और फिर जब उसका रंग भूरा हो जाए तब उसे अलग कटोरी में निकाल लें। फिर अलसी को पीस लीजिये। एक कटोरी लीजिये और उसमें 3 टीस्‍पून अलसी पावडर और 2 चम्‍मच जीरा और 2 चम्‍मच अजवाइन डालिये। अब इन तीनो को ही पीस कर इनका चूर्ण बना लीजिये। कैसे प्रयोग करें- इस चूर्ण का रोजाना एक चम्मच सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ लेना है और उसके बाद आपको 1 घंटे तक कुछ भी नहीं खाना है। यह चूर्ण आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करके आपके वजन को बड़ी ही तेजी से कम करेगा और आपके पेट में जमी हुई चर्बी को पिघला कर उसे खत्म करेगा ! आइये जानते हैं ये तीनों चीजें वजन घटाने में कैसे मदद करती हैं अलसी - अलसी से वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है क्‍योंकि इसमें फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड और लिगनन होता है। यह पेट की भूंख को दबाने में मदद करती है तथा पेट को लंबी अवधि के लिये संतुष्‍ट रखती है, जिससे बेकार का जंक फूड खाने का मन नहीं करता। जीरा - जीरे में मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्‍सीडेंट शरीर के चयापचय को बढ़ाता है, जिससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। अगर आपका मेटाबॉलिज्‍म तेज होगा तो आपको बिना महनत किये ही फल मिल जाएगा। अजवाइन - पेट को साफ रखने के लिए और कब्‍ज जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए अजवाइन बहुत ही फायदेमंद है। इसमें anti-inflammatory गुण पाए जाते हैं जिससे पाचन क्रिया बड़ी तेजी से होती है। अगर आपकी आंत सूज गई है तो उस दौरान भी जीरा काफी मदद करता है। जीरे में ढेर सारा एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कि शरीर से फ्री रैडिकल्‍स को डायजेस्‍टिव सिस्‍टम से बाहर निकालता है। इससे पेट का कार्य तेज हो जाता है और आप जो भी खाना खाते है वह आराम से हजम हो जाता है। हरी पत्‍तेदार सब्‍जियों का सेवन करें विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप अपने आहार में ताज़ी हरी सब्ज़ी खाते हैं तो आप जल्दी अपना वजन कम करते हैं। कैलोरी बर्न करने के लिए कच्ची सेलरी, गोभी, पालक और खीरा खाना चाहिए। ग्रीन टी पीजिये आपको दिन में कम से कम 3 कप ग्रीन टी पीनी चाहिये। आप इसमे नींबू और शहद भी मिला सकते हैं। यह वजन घटाने के लिये काफी असरदार है। सोंच-समझ कर मीठा खाएं मीठाई और पेस्‍ट्री आपके दुश्‍मन बन सकते हैं। इसे हमेशा लिमिट में रह कर खाना चाहिये। बाहर का खाना ना खाएं बाहर का खाना किसी भी हाल में ना खाएं क्‍योंकि इनमें ढेर सारा सोडियम, चाइनीज मसाले, तेल और ऐसी ढेर सारी चीज़ें होती हैं जो आपको मोटा कर सकती हैं। योग या व्‍यायाम जरुरी दिन में एक बार 45 मिनट के लिये योग या मन चाही कसरत करें। अगर आप सुबह वॉकिंग के लिये भी जाते हैं तो भी आप सेहत से भरपूर रहेंगे। English summary SLIMMING POWDER - Lose 10 kg weight in 1 week Jeera (cumin seeds), Flaxseeds, ajwain are the most common spice of Indian cuisine. If you really want to lose 10 kg weight in 1 week then consume powder of this. Story first published: Wednesday, January 3, 2018, 16:44 [IST] Jan 3, 2018 कीअन्यखबरें Please Wait while comments are loading...

क्‍या पीरियड में बिकिनी सेक्‍स कराना सेफ है?

Wednesday, January 3 2018

क्‍या पीरियड में बिकिनी सेक्‍स कराना सेफ है?

Published: Wednesday, January 3, 2018, 18:21 पीरियड के दौरान प्राइवेट पार्ट्स की सफाई बहुत जरुरी होता है, वरना इंफेक्‍शन होने के चांसेज बढ़ जाते है। लेकिन सोचिए आप बिकिनी वैक्‍स के बारे में सोच रहें है और अचानक से पीरियड आ गया तो क्‍या करेंगे। वैसे तो पीरियड के दौरान वैक्सिंग करने का कोई तुक बनता भी नहीं है लेकिन कई बार होता है कि कुछ लोग किसी कारण से इस समय वैक्‍स करवा लेते है। लेकिन एक्‍सपर्ट की माने तो इस दौरान वैक्सिंग को अवॉइड ही करना चाहिए क्योंकि स्किन बहुत संवेदनशील हो जाती है। इस समय शरीर बहुत ही सूजन वाले हालत में होती है और कई तरह के हार्मोन इस वक्त निकलते हैं। और ये सभी कारण मिलकर स्किन को बहुत ही संवेदनशील बना देता है। सच तो ये है कि वैक्सिंग दर्द भरा होता है। कई महिलाएं इस समय बिल्‍कुल सा दर्द सहन नहीं कर पाती है तो वहीं कुछ महिलाएं इस समय भी दर्द आराम से सहन कर लेती है। अगर आपने सोच ही लिया है कि इस बार बिकिनी वैक्सिंग करना है तो सोच समझक‍र वैक्‍स करें। अगर आप बहुत साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं तो आप हाथ में ग्लॉव्स पहन कर सकते हैं। अगर आप पीरियड्स के समय वैक्स करना ही चाहते हैं तो करें लेकिन एक बात याद रखें कि वह नॉर्मल के तुलना में थोड़ा प्रॉब्लम हो सकता हैअगर आप बिकनी वैक्स को थोड़ा आसान बनाने और कम दर्द वाला करना चाहते हैं तो ये रहे टिप्स- वैक्सिंग के पहले बिकनी एरिया को स्क्रब कर लें ताकि हेयर फॉलिकल थोड़ा खुल जाये और वैक्सिंग के दौरान ज्‍यादा न हो। जो एरिया आप देख पा रहे हैं उस जगह पर ही वैक्सिंग करें नहीं तो अंदाज करके वैक्स करने पर रैशेज आदि निकलने का प्रॉबल्म हो सकता है। वैक्सिंग करने के पहले इस बात का ध्यान रखें कि वह एरिया बिल्कुल ड्राई हो नहीं तो वैक्स का वहां सट जाने का डर रहता है। और वैक्सिंग करने के बाद उस दिन लोशन वगैरह बिल्कुल न लगायें। अगर वैक्सिंग करने के बाद एकदम से दर्द होने लगा है तो जाकर डॉक्‍टर को बताइए।