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दही भिंडी : कैसे बनाएं ओकरा योगर्ट ग्रेवी रेसिपी

Thursday, February 1 2018

दही भिंडी : कैसे बनाएं ओकरा योगर्ट ग्रेवी रेसिपी

Recipe By: मीना भंडारी Recipe Type: मेन कोर्स Serves: 2 भिंडी (ओकरा) 2 कप ( कटी हुई ) नमक - 1 टेबलस्‍पून लाल मिर्च पाउडर - 1 टेबलस्‍पून योगर्ट - 1 कप धनिया पाउडर - 2 टेबलस्‍पून बंगाल बेसन का आटा - 1 टेबलस्‍पून सौंफ - 1 टेबलस्‍पून तेल - 1 टेबलस्‍पून धनिया पत्ती - गार्निश के लिए जीरा - 1 टेबलस्‍पून How to Prepare 1. एक पैन लें और उसमें 3 गिलास पानी डालें। 2. अब इस पानी को उबलने के लिए गैस पर रख दें। 3. गैस से पैन को उतार लें। 4. इसके ऊपर एक स्‍टीमर रख दें। 5. इस स्‍टीमर में भिंडी डालें और ढक्‍कन से इसे ढक दें। 6. 5 मिनट के लिए इसे स्‍टीम करें। 7. अब एक अलग कटोरी लें और उसमें दही डालें। 8. अब इसमें नमक, बेसन और हल्‍दी पाउडर डालें। 9. इसमें लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर मिलाएं। 10. इसे अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर के अलग रख दें। 11. देखें भिंडी स्‍टीम हुई है या नहीं। इसके बाद भिंडी को स्‍टीमर से निकाल लें। 12. दूसरा पैन लें। 13. अब इसमें एक टेबलस्‍पून तेल डालें। 14. जीरा और सौंफ डालें। 15. अच्‍छे से चलाएं। 16. इसमें दही मिश्रण मिलाएं जोकि आपने कुछ देर पहले बनाया था। 17. पैन में एक कप पानी डालें। 18. इसे उबलने दें। 19. अब इसमें स्‍टीम्‍ड भिंडी डालें और इसे 3 से 4 मिनट के लिए पकने दें, ढक्‍कन ढक दें। 20. ढक्‍कन हटाकर एक बार फिर अच्‍छी तरह से चलाएं। 21. चावल या रोटी के साथ गर्म सर्व करें। Instructions 1. स्‍टीम्‍ड की गई भिंडी को गर्म सर्व करने पर इसका स्‍वाद बढ़ जाता है। 2. चूंकि भिंडी को फ्राई नहीं बल्कि स्‍टीम्‍ड किया गया है इसलिए ये लो कैलोरी रेसिपी है। Nutritional Information सर्विंग साइज़ - 2 कटोरी कैलोरी - 235 कैलोरी वसा - 16.4 ग्राम प्रोटीन - 6.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट - 21.7 ग्राम फाइबर - 8.5 ग्राम स्‍टेप बाय स्‍टेप : कैसे बनाएं दही भिंडी रेसिपी 1. एक पैन लें और उसमें 3 गिलास पानी डालें। 2. अब इस पानी को उबलने के लिए गैस पर रख दें। 3. गैस से पैन को उतार लें। 4. इसके ऊपर एक स्‍टीमर रख दें। 5. इस स्‍टीमर में भिंडी डालें और ढक्‍कन से इसे ढक दें। 6. 5 मिनट के लिए इसे स्‍टीम करें। 7. अब एक अलग कटोरी लें और उसमें दही डालें। 8. अब इसमें नमक, बेसन और हल्‍दी पाउडर डालें। 9. इसमें लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर मिलाएं। 10. इसे अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर के अलग रख दें। 11. देखें भिंडी स्‍टीम हुई है या नहीं। इसके बाद भिंडी को स्‍टीमर से निकाल लें। 12. दूसरा पैन लें। 13. अब इसमें एक टेबलस्‍पून तेल डालें। 14. जीरा और सौंफ डालें। 15. अच्‍छे से चलाएं। 16. इसमें दही मिश्रण मिलाएं जोकि आपने कुछ देर पहले बनाया था। 17. पैन में एक कप पानी डालें। 18. इसे उबलने दें। 19. अब इसमें स्‍टीम्‍ड भिंडी डालें और इसे 3 से 4 मिनट के लिए पकने दें, ढक्‍कन ढक दें। 20. ढक्‍कन हटाकर एक बार फिर अच्‍छी तरह से चलाएं। 21. चावल या रोटी के साथ गर्म सर्व करें। [ 5 of 5 - 50 Users]

इन आसान तरीकों से आप भी पा सकती है Zer0 बैली...

Thursday, February 1 2018

इन आसान तरीकों से आप भी पा सकती है Zer0 बैली...

» इन आसान तरीकों से आप भी पा सकती है Zer0 बैली... इन आसान तरीकों से आप भी पा सकती है Zer0 बैली... Diet Fitness Updated: Thursday, February 1, 2018, 16:05 Drink for Belly fat | DIY |दोबारा आपको शेप में लाएगा ये मैजिकल ड्रिंक | BoldSky बेली फैट के कई कारण होते हैं जैसे की फिजिकल एक्टिविटी की कमी, प्रॉपर डाइट फॉलो नही करना, कम सोने से भी फैट बढ़ जाता है। बिजी शेड्यूल के चलते कई लोग जिम नहीं जा पाते और आलस के कारण घर में व्यायाम भी करते। जिस कारण हम में से ही कई लोग स्लिम होते हैं लेकिन बेली फैट की वजह से परेशान रहते हैं। बेली फैट न सिर्फ शरीर का शेप बिगाड़ता है बल्कि हेल्थ के लिहाज से खतरनाक है। पेट पर चर्बी जमा होने की वजह कई हो सकती है लेकिन उनको पहचान पाना कठिन काम नही हैं। अगर ख़ानपान में ध्यान दिया जाय तो बेली फ़ैट से निजात पाया जा सकता है। आज हम आपको आसान से टिप्‍स देंगे जिससे आप आराम से अपना बैली फैट कम कर सकते हैं। प्रोटीन प्रोटीन हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है, प्रोटीन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ है। प्रोटीन खाकर आपको काफी देर तक भूख नहीं लगती। प्रोटीनयुक्त चीज़ें जैसे की कॉटेज चीज, मूंग की दाल, पनीर, अंडे और मीट खा सकते हैं। हरी सब्जियों का सेवन करें... बहुत सारे स्टडीज़ से यह शाबित हो गया है की हरी सब्जियों में कैलोरी कम होती है. लो कलॉरी होने के कारण यह मोटापा बढ़ने नही देतीं। हरी सब्जियों में भरपूर फाइबर होता है जिससे आपका डाइजेशन सही रहता है। हरी सब्जियाँ फाइबर का अच्छा स्त्रोत हैं उदाहरण के लिए मूली, पत्तागोभी आदि। भरपूर नीद लें.. स्ट्रेस कम करें अगर आपको 7 दिनो में ही असर देखना है तो तनाव से ही हमारे शरीर में ढे़र सारी समस्या आने लगती हैं क्‍यूंकि तनाव के दौरान निकलने वाले हॉर्मोन्स शरीर का कॉर्टिसॉल लेवल बढ़ता है जिस कारण बेली फैट बढ़ता है। कॉर्टिसॉल लेवल बढ़ने से भूख बढ़ती है और पेट की चर्बी भी बढ़ने लगती है। हर दिन पर्याप्‍त नींद लें और तनावमुक्त रहें। हर दिन कम से कम 1 सेब खाएं सेब के बारे में सबने सुना होगा की हर दिन एक सेब खाने से आप डॉक्टर से दूर रह सकते हैं। सेब के छिलके में यूर्सोलिक एसिड पाया जाता है जो ब्राउन फैट बनाता होता है और शरीर से अतिरिक्त चर्बी को दूर रखता है। बेली फैट को कंट्रोल करता है। चाय पीएं चाय कोई भी हो फ़ैट कम करने में सहायक होती है, ग्रीन टी हो या पेपरमिंट टी या फिर अनफर्मेंटेड वाइट टी सभी बेली फैट कम करने में मददगार होती है। रोज सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीएं रोज सुबह खाली पेट नीबू पानी पीने से पेट की चर्बी कम होती है. एक गिलास गर्म पानी में एक नीबू नीचोड़कर और तोड़ा सा नमक मिलाकर पीएं, मोटापे से जल्दी ही छुटकारा मिल जाएगा। एक्‍सरसाइज करें.. रोज सुबह हल्की व्यायाम करें, साइकलिंग करें या फिर योगा करें। इससे आपको पॉज़िटिव फील होगा और और पॉजीटिव सोचने की क्षमता मिलेगी। रोज हल्की एक्सररसाइज़ से ही आप पेट की चर्बी आसानी से कम कर सकते हैं। चीनी को कहें बाय जो लोग लो फैट डाइट लेते हैं और शुगर से दूर रहते हैं, वे डाइट में ज्यादा शुगर लेने वालों की तुलना में ज्यादा फिट रहते हैं। एक चम्मच चीनी में 16 कैलोरी होती है , जिसे आसानी से मेटाबोलिज्म से शरीर उर्जा प्राप्त कर लेता है। इसलिए चीनी का संतुलित प्रयोग मोटापा नहीं बढता है लेकिन चीनी से बनी मिठाइयाँ जैसे जलेबी, बालूशाही, लड्डू इत्यादि वसा के साथ साथ अधिक चीनी के प्रयोग के कारण मोटापा बढाती हैं। फाइबर से भरे फूड खाएं बैली के पास जो फैट है वह फाइबर खाने से कम होगा। अगर आप फाइबर युक्‍त फूड खाते हैं तो उससे पेट लंबे समय तक भरा रहेगा। इससे पेट का डायजेशन भी अच्‍छा रहता है। ड्राइफ्रूटस खाएं ड्रायफ्रूट्स की मदद से 28 दिन के भीतर अपना वजन कम कर सकते है। इसमें मौजूद मोनोसस्‍यूट्रेटेड फैट से उनके शरीर में इंसुलिन के स्‍तर में सुधार होता है और शरीर में मौजूद फैट धीरे धीरे कम होने लगता है। सोने से पहले शॉवर लें सोना हमारे जरुरी कामों में से एक हैं। अच्‍छी नींद से भी वजन काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। इसलिए सोने से पहले एक बार शॉवर जरुर ले लें। नहानें से 275 तक कैलोरी बर्न की जा सकती है।

Ladies, ब्रेस्‍ट के नीचे पड़ गए हैं रैश तो आजमाएं ये उपाय

Thursday, February 1 2018

Ladies, ब्रेस्‍ट के नीचे पड़ गए हैं रैश तो आजमाएं ये उपाय

» Ladies, ब्रेस्‍ट के नीचे पड़ गए हैं रैश तो आजमाएं ये उपाय Ladies, ब्रेस्‍ट के नीचे पड़ गए हैं रैश तो आजमाएं ये उपाय Women Published: Thursday, February 1, 2018, 17:58 अगर आपने कपड़े बदलते वक्‍त नोटिस किया हो कि आपके ब्रेस्‍ट के नीचे लाल रंग के चकत्‍ते दिख रहे हैं, तो उसे यू़ं ही इगनोर ना करें। स्तनों के नीचे रैशेस आना बहुत आम समस्या है। यह समस्‍या कई कारणों से हो सकती है। जिसमें अधिक पसीना आना, वायु प्रवाह ठीक से न होना तथा बहुत अधिक कसी हुई ब्रा पहनना आदि। इसके अलावा अन्य कारक जैसे गरम और नम वातावरण तथा मोटापा भी इस समस्या को अधिक बढ़ाने का काम करते हैं। अगर मेडिकल टर्म की बात करें तो इस समस्‍या को Interigo के रूप में जाना जाता है। अगर आप या आपके घर में किसी लेडी को यह समस्‍या आ गई तो उन्‍हें तुरंत आराम दिलाने के लिये नीचे दिये गए इन घरेलू उपचारों का प्रयोग जरुर करें। 1. ब्रा पहन कर ना सोएं अगर स्तनों के रैश से छुटकारा पाना है तो ब्रा पहन कर ना सोएं। बेहतर होगा यदि आप एक ढीला फिटिंग सूती कपड़ा या टी शर्ट पहन कर ही रात में बिस्‍तर पर जाएं। 2. ठंडे पानी से सिकाई करें एक महीन सूती कपड़े में कुछ बर्फ़ लें तथा इसे प्रभावित स्थान पर लगभग 10 मिनिट तक रखें। कुछ समय के लिए रुकें तथा फिर दोहरायें। अन्य विकल्प यह है कि स्किम मिल्क और ठंडे पानी की बराबर मात्रा मिलाकर उससे सेंकें। इससे सूजन कम होगी तथा खुजली से भी आराम मिलेगा। इसके अलावा ठंडे पानी से नहायें। इससे त्वचा के रोम छिद्र बंद होने में सहायता मिलेगी। इससे पसीना कम आएगा तथा रैशेस भी कम आयेंगे। 3. तुलसी की पत्‍तियां तुलसी के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं। कुछ तुलसी के पत्ते लेकर उनको कुचल कर पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को रैश वाली जगह पर लगाएं। जब यह पेस्‍ट सूख जाए तब इसे साफ पानी से धो लें। 4. कॉर्न स्‍टार्च लगाएं स्तनों के नीचे आने वाले रैशेस से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि स्तनों के नीचे पसीना न जमने दिया जाए। नमी को सोखने के लिए अपने स्तनों के निचले भाग को साफ कर के उस पर कॉर्न स्‍टार्च लगाएं। इससे पसीना ही नहीं जमेगा और आपको रैश नहीं होगा। 5. सिरका आधी बाल्टी गरम पानी में आधा कप विनेगर मिलाएं। अपनी ब्रा धोने के लिए इस पानी का उपयोग करें तथा उसे सूरज की रोशनी में सुखाएं। खुजली पर त्वचा पर लगाने के लिए ऐप्पल सीडर विनेगर भी एक अच्छा विकल्प है। प्रभावित त्वचा को साबुन के पानी से धोएं, फिर इसे ठंडे पानी से धोएं और थपथपाकर सुखाएं। एक टी स्पून ऐप्पल सीडर विनेगर को एक कप पानी में मिलाएं तथा इसे खुजली वाले स्थान पर लगायें। इसे प्रतिदिन दो से तीन बार करें। यदि ऐसा करने से कोई परेशानी हो तो इसे रोक दें। 6. नारियल का तेल नारियल का तेल त्वचा के लिए लाभकारी होता है तथा इसमें चिकित्सीय गुण भी होते हैं तथा इस प्रकार रैशेस से आराम पहुंचाता है। इसके अलावा इसमें चिकनाई का गुण होता है जिसके कारण यह घर्षण कम करने में सहायक होता है। इस घर्षण के कारण ही ब्रेस्ट के नीचे रैशेस आते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो संक्रमण को रोकने में सहायक होते हैं। एक्स्ट्रा विर्जिन कोकोनट ऑइल को प्रभावित क्षेत्र पर लगायें तथा इसे पूर्ण रूप से त्वचा में अवशोषित होने दें। इसे दिन में दो से तीन बार करें जब तक कि रैशेस पूर्ण रूप से ठीक न हो जाएँ। 7. कैलामाइन लोशन ब्रेस्ट रैश के कारण होने वाले खुजली से आराम पाने के लिए तथा घाव भरने की प्रक्रिया को तीव्र करने के लिए कैलामाइन लोशन का उपयोग किया जा सकता है। यह उस स्थान को सूखा रखने में सहायक होता है तथा संक्रमण की संभावना को कम करता है। प्रभावित त्वचा को हलके साबुन और गुनगुने पानी से साफ़ करें। इस स्थान को टॉवेल से सुखाएं। कॉटन बॉल (रुई) की सहायता से कैलामाइन लोशन लगायें। इसे दिन में कई बार दोहरायें। 8. एलो वीरा एलो वीरा ब्रेस्ट के नीचे आने वाले रैशेस में होने वाली खुजली और जलन से राहत पहुंचाने में सहायक होता है। एलो वीरा की पत्तियों से ताज़ा रस निकालें तथा इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। इसे लगभग 20 मिनिट तक लगा रहने दें। आपको इसे धोने की आवश्यकता नहीं है। आप एलोवीरा जेल के साथ हल्दी मिला कर भी लगा सकते हैं। इसे लगभग 20 से 30 मिनिट तक लगा रहने दें तथा बाद में धो डालें। English summary How To Get Rid Of A Rash Under Breasts in hindi A rash under your breast can be caused by a number of things. Generally, they fall into four categories: infections, allergies, autoimmune disorders, and cancer. Story first published: Thursday, February 1, 2018, 17:58 [IST]

कैसे बनाएं बाजरा खिचड़ी, लो कैलोरी रेसिपी

Friday, February 2 2018

कैसे बनाएं बाजरा खिचड़ी, लो कैलोरी रेसिपी

» कैसे बनाएं बाजरा खिचड़ी, लो कैलोरी रेसिपी कैसे बनाएं बाजरा खिचड़ी, लो कैलोरी रेसिपी Recipes 14:14 राजस्थान और हरियाणा के राज्यों में बाजरे की खिचड़ी एक प्रमुख खाद्य पदार्थ है। यह विशेष रूप से सर्दियों के महीनों में बनती है। अगर आप डाइट पर हैं, तो आपके लिए यह एक बहुत बढिया भोजन है, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ रहता है। बाजरे में कई सारे पोषक तत्‍व होते हैं और ये बाजरा की खिचड़ी लंच और डिनर में आपकी कंप्‍लीट मीन बन सकती है। इसमें थोड़ा सा घी डालकर खाने से इसका स्‍वाद और ज्‍यादा बढ़ जाता है। पाचन तंत्र को शांत करने के लिए आप इसके साथ थोड़ी सी दही भी खा सकते हैं। इस वीडियो और स्‍टेप बाय स्‍टेप तरीकों और तस्‍वीरों से जानें बाजरा की खिचड़ी बनाने की रेसिपी। बाजरा खिचड़ी रेसिपी | कैसे बनाएं बाजरा खिचड़ी रेसिपी | बाजरा खिचड़ी स्‍टेप बाय स्‍टेप | बाजरा खिचड़ी वीडियो| लो कैलोरी रेसिपी | बाजरा खिचड़ी रेसिपी | कैसे बनाएं बाजरा खिचड़ी रेसिपी | बाजरा खिचड़ी स्‍टेप बाय स्‍टेप | बाजरा खिचड़ी वीडियो| लो कैलोरी रेसिपी | Prep Time Recipe By: मीना भंडारी Recipe Type: मेन कोर्स Serves: 2 गाजरा (कटी हुई) : 1/2 कप बींस - 1/2 कप हरी धुली मूंग दाल - 1/2 कप प्‍याज - 1/2 कप हल्‍दी - एक चौथाई टेबलस्‍पून नमक - 1 टेबलस्‍पून जीरा - 1 टेबलस्‍पून लाल मिर्च - 1 टेबलस्‍पून तेल - 1 टेबलस्‍पून How to Prepare 1. मूंग दाल धोकर उसे आधे घंटे तक भिगोने के लिए रख दें। 2. बाजरा को धोएं और उसे पानी में एक घंटे के लिए भिगोकर रख दें। 3. प्रेशर कुकर लें और इसमें एक टेबलस्‍पून तेल डालें। 4. इसके बाद एक टेबलस्‍पून जीरा डालें। 5. कटी हुई प्‍याज़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। 6. प्‍याज के हल्‍का भूरा होने पर इसमें गाजर डालें। 7. अब कटे हुए बींस और मटर डालें। 8. अच्‍छी तरह से मिक्‍स करें। 9. हल्‍का पकने के बाद इसमें मूंग दाल के साथ उसका पानी भी डाल दें। 10. अब प्रेशर कुकर में बाजरे के साथ उसका पानी भी डाल दें। 11. इसमें थोड़ा और पानी डालकर इसे उबाल लें। 12. अब 1 टेबलस्‍पून नमक, लाल मिर्च और हल्‍दी पाउडर डाले। 13. खिचड़ी जैसा गाढ़ापन लाने के लिए इसमें थोड़ा और पानी डालें। 14. अब प्रेशर कुकर का ढक्‍कन ढक दें। 15. प्रेशर कुकर में तीन से चार सीटियां लगने दें। 16. 10 मिलट के लिए ठंडा होने दें। 17. दही के साथ गरमागरम खिचड़ी सर्व करे। Instructions 1.सब्जियों को 1/2 ही पकाएं और खिचड़ी को गाढ़ापन देने के लिए सब्जियों को ओवर कुक ना करें। Nutritional Information सर्विंग साइज़ - 1 कटोरी कैलोरी - 321 कैलोरी फैट - 13.0 ग्राम प्रोटीन - 10.6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट - 40.2 ग्राम फाइबर - 6.5 ग्राम स्‍टेप बाय स्‍टेप : कैसे बनाएं 1. मूंग दाल धोकर उसे आधे घंटे तक भिगोने के लिए रख दें। 2. बाजरा को धोएं और उसे पानी में एक घंटे के लिए भिगोकर रख दें। 3. प्रेशर कुकर लें और इसमें एक टेबलस्‍पून तेल डालें। 4. इसके बाद एक टेबलस्‍पून जीरा डालें। 5. कटी हुई प्‍याज़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। 6. प्‍याज के हल्‍का भूरा होने पर इसमें गाजर डालें। 7. अब कटे हुए बींस और मटर डालें। 8. अच्‍छी तरह से मिक्‍स करें। 9. हल्‍का पकने के बाद इसमें मूंग दाल के साथ उसका पानी भी डाल दें। 10. अब प्रेशर कुकर में बाजरे के साथ उसका पानी भी डाल दें। 11. इसमें थोड़ा और पानी डालकर इसे उबाल लें। 12. अब 1 टेबलस्‍पून नमक, लाल मिर्च और हल्‍दी पाउडर डाले। 13. खिचड़ी जैसा गाढ़ापन लाने के लिए इसमें थोड़ा और पानी डालें। 14. अब प्रेशर कुकर का ढक्‍कन ढक दें। 15. प्रेशर कुकर में तीन से चार सीटियां लगने दें। 16. 10 मिलट के लिए ठंडा होने दें। 17. दही के साथ गरमागरम खिचड़ी सर्व करें। [ 3.5 of 5 - 60 Users]

ज्यादात्तर लोग नहीं जानते है कि दही कब बन जाता है जहर?

Monday, February 5 2018

ज्यादात्तर लोग नहीं जानते है कि दही कब बन जाता है जहर?

» ज्यादात्तर लोग नहीं जानते है कि दही कब बन जाता है जहर? ज्यादात्तर लोग नहीं जानते है कि दही कब बन जाता है जहर? Diet Fitness Updated: Monday, February 5, 2018, 17:22 वैसे तो दही सबके लिये फायदेमंद होती है लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसे रात को खाने से बचना चाहिये। रात के वक्‍त दही शरीर में कफ दोष बढ़ाती है। आयुर्वेद की माने तो रात के वक्‍त हमारे शरीर में कफ की प्राकृतिक प्रबलता बढ़ जाती है। इसलिये रात को दही का सेवन नहीं करना चाहिये क्‍योंकि यह समस्‍या को और भी ज्‍यादा बढा देगी जिससे पेट का रोग होगा। विशेषज्ञों की माने तो रात को दही खाना विषाक्‍त हो सकता हैं। दही टेस्‍ट में खट्टी, तासीर में गर्म और पचाने में भारी होती है। यह वसा, ताकत, कफ, पित्त, पाचन शक्ति बढ़ाती है। शरीर में यदि सूजन आदि हो तो, दही खाने से हमेशा बचना चाहिये क्‍योंकि यह सूजन को और भी ज्‍यादा बढ़ा देती है। ध्‍यान दें, कि यह बात केवल खट्टी दही खाने के बारे में कही जा रही है। खट्टी दही को कभी भी गरम कर के नहीं खाना चाहिये। दही को ना केवल रात में ही बल्‍कि बसंत में भी नहीं खाना चाहिये। रात के समय दही क्यों नही खाना चाहिए पाचन क्रिया : रात को दही खाने से पाचन क्रिया में गड़बड़ी पैदा हो जाती है। इसे पचाने के लिए एनर्जी बर्न करने की जरूरत होती है। रात के समय ज्यादातर लोग खाने के बाद सो जाते है। जिससे दिक्कत बढ़ने लगती है। खांसी और जुखाम : रात के समय दही खाने से शरीर में इंफैक्शन होने का डर रहता है। इससे खांसी और जुखाम हो सकता है। सूजन : शरीर में कुछ हिस्सों में अगर सूजन है तो रात के समय दही कभी न खाएं। इससे सूजन कम होने की बजाए बढ़ जाएगी। गठिया या जोड़ों का दर्द : गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो रात के समय इसका सेवन करने से परहेज करें। इससे दर्द कम होने की बजाए बढ़ जाएगा। दही कब, क्यों और कैसे खाना चाहिए दही खाने का सबसे बढ़िया समय सुबह का है। हाथों पैरों की जलन, पेट की इंफैक्शन, अपच, भूख न लगना, कमजोरी के अलावा और भी बहुत से शिकायतें सुबह दहीं खाने से दूर हो जाती हैं। नाश्ते में दही की एक कटोरी में शक्कर मिलाकर खाने से खून की कमी दूर होती है। दही को हेल्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां, जैसे अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, छाछ का उपयोग करना फायदेमंद होता है। डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है। दही खाने के फायदे अनिद्रा : रात में नींद न आने की परेशानी हो तो रोज खाने के साथ एक कटोरी दही का सेवन करें। धीरे-धीरे यह समस्या दूर हो जाएगी। पाचन सकती बढ़ता है : दही का नियमित सेवन शरीर के लिए अमृत के समान माना गया है। यह खून की कमी और कमजोरी दूर करता है। दूध जब दही का रूप ले लेता है तब उसकी शुगर एसिड में बदल जाती है। इससे पाचन में मदद मिलती है। जिन लोगों को भूख कम लगती है। उन लोगों को दही बहुत फायदा करता है। पेट की गर्मी दूर करते है : दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। पेट में गड़बड़ होने पर दही के साथ ईसबगोल की भूसी लेने या चावल में दही मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट के अन्य रोगों में दही को सेंधा नमक के साथ लेना फायदेमंद होता है। पेट के रोग : अमेरिकी आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही के नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं। दिल के रोग : दही में दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की गजब की क्षमता है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की धड़कन सही बनाए रखती है। हड्डियों की मजबूती : दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है। जोड़ो का दर्द : हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है। बवासीर : बवासीर रोग से पीड़ित रोगियों को दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीने से फायदा मिलता है। Boldsky लाइफस्टाइल की सारी खबरें यहां पाएं. Subscribe to Hindi Boldsky. Read more about: diet , health English summary Is it Safe to Have Curd (Dahi) at Night? According to Ayurveda, curd has both sour and sweet properties and it increases Kapha dosha in the body.

Rose Day पर लगाए ये Rose Mask, Valentine Day तक पाएं सुर्ख गुलाबी त्‍वचा..

Wednesday, February 7 2018

Rose Day पर लगाए ये Rose Mask, Valentine Day तक पाएं सुर्ख गुलाबी त्‍वचा..

त्‍वचा-की-देखभाल » Rose Day पर लगाए ये Rose Mask, Valentine Day तक पाएं सुर्ख गुलाबी त्‍वचा.. Rose Day पर लगाए ये Rose Mask, Valentine Day तक पाएं सुर्ख गुलाबी त्‍वचा.. Skin Care Published: Wednesday, February 7, 2018, 9:00 Rose Water | Beauty Benefits | गुलाबजल से पाएं गुलाबो सा निखार | Boldsky आज रोज डे है, कई जवां दिल इस दिन एक सुर्ख लाल गुलाब देकर अपने दिल के जज्‍बातों का बयां करेंगे। ये गुलाब बहुत काम की चीज है, जहां लोग इसे देकर अपने दिल की बात जाहिर करती है तो वहीं लड़कियां अपने गुलाबी रंगत के लिए इसका फेसपैक लगाती हैं। गुलाब को फूलों का राजा यूं नहीं कहा जाता है, इसमें सुंदरता के साथ-साथ कई गुण होते हैं जो आपकी त्‍वचा, बालों और शरीर को स्‍वस्‍थ बनाते हैं। अगर आपकी त्‍वचा में किसी भी प्रकार की समस्‍या हो, तो आपको गुलाब जल का इस्‍तेमाल करना ही चाहिए, इसका कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा भी काफी ज्‍यादा होती है जो त्‍वचा को पर्याप्‍त मात्रा में पोषण पहुंचा देती है। आइए जानते हैं कि रोज डे के मौके पर आप कैसे रोज का फेसपैक लगाकर चमकदार त्‍वचा पा सकती हैं और अपनी गुलाबी रंगत से वैलेंटाइन डे पर हसीन नजर आ सकती है। इन 10 तरीकों को अपनाकर, गुलाब से पाए निखरती हुई त्वचा रोज और वीट मास्‍क इसे बनाने के लिये 2 चम्‍मच गुलाब की पंखुडियों का पावडर, 1 चम्‍मच गेहूं का चोकर और 2 चम्‍मच दूध मिक्‍स करें। फिर इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं और सूखने दें। फिर इसे धो कर चेहरा पोछ लें। आपके चेहरे पर ग्‍लो आ जाएगा। गुलाब, बेसन और दही पैक गुलाब की पंखुडियों को पीस लीजिये, उसमें बेसन और दही मिलाइये। इसके बाद उसमें हल्‍का सा गुलाब जल डालिये जिससे वह गाढा पेस्‍ट बन जाए। इसे अपने पूरे चेहरे पर लगाइये और सुखा लीजिये। इसके बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लीजिये। खिले-खिले चेहरे के लिये ऐसे बनाएं फूलों से बना फेस मास्‍क गुलाब और चंदन पाउडर फेस पैक ऑयली और एक्‍ने वाली त्‍वचा के लिये यह पैक अच्‍छा है। पिसी गुलाब जल की पंखुडि़यों को चंदन पाउडर के साथ मिलाइये। उमसें गुलाब जल और शहद मिलाइये और पेस्‍ट बना लीजिये। इसे गर्दन और चेहरे पर 15 मिनट के लिये लगाइये और बाद में ठंडे पानी से धो लीजिये। गुलाब, चंदन और हल्‍दी पाउडर गुलाब की पंखुडियों को पीस कर चंदन पाउडर के साथ मिलाइये और उसमें गुलाब जल तथा थोड़ी सी हल्‍दी मिला दीजिये। इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाइये और 20 मिनट के लिये छोड़ने के बाद ठंडे पानी से धो लीजिये। शहद के साथ गुलाब की पंखुडियां अगर आपके चेहरे पर बहुत ज्‍यादा बाल हों, तो आप गुलाब की पंखुडियों को शहद में भिगोकर लगाएं, इससे चेहरे के एक्‍ट्रा बाल निकल जाएंगे और आपके चेहरे पर चमक आ जाएगी। Valentine day 2018 : Rose Face Packs For Rosy Cheeks on Valentine Day This is an wonderful Red Rose Petals Face mask gives and amazing instant glow to the skin. on the valentine day, This Red Rose mask will leave your skin glowing immediately! This mask will give you immediate results. Enjoy! Story first published: Wednesday, February 7, 2018, 9:00 [IST]

Nivea Creme से चेहरा तो गोरा होगा ही साथ में होती हैं ये सब चीज़ें भी...

Wednesday, February 7 2018

Nivea Creme से चेहरा तो गोरा होगा ही साथ में होती हैं ये सब चीज़ें भी...

त्‍वचा-की-देखभाल » Nivea Creme से चेहरा तो गोरा होगा ही साथ में होती हैं ये सब चीज़ें भी... Nivea Creme से चेहरा तो गोरा होगा ही साथ में होती हैं ये सब चीज़ें भी... Skin Care Updated: Wednesday, February 7, 2018, 15:10 सर्दियां आते ही हम ढेर सारी Creams और Moisturizers का यूज़ करना शुरु कर देते हैं। ऐसे में एक बड़ी पुरानी, किफायती और सबसे ज्‍यादा पसंद की जाने वाली क्रीम है Nivea. जी हां, यह वही क्रीम है जो हम बचपन से ही यूज़ करते आ रहे हैं। नीले रंग की छोटी सी डिबिया में आने वाली यह Nivea cream अरसों से हमारे घरों की पसंद बनी हुई है। आप चाहे महिला हों या फिर पुरुष, यह क्रीम सभी के लिये उतनी ही असरदार होती है। Nivea creme काफी गाढी, क्रीमी और सॉफ्ट consistency की होती है, जिसका अरोमा काफी रिफ्रेशिंग होता है। यह भले ही गाढ़ी लगती हो लेकिन स्‍किन पर लगाने से यह अच्‍छी तरह से उसमें समा जाती है। क्‍या आप जानती हैं कि Nivea creme ना केवल स्‍किन को मुलायम बनाने का काम करती है बल्‍कि यह चेहरे को एक टोन गोरा भी बना सकती है। यही नहीं इसके अनेको प्रयोग हैं जिसके बारे में बहुत ही कम लोंगो को पता है। आइये जानते हैं कि यह ब्‍यूटी को निखारने में किस तरह से यूज़ की जा सकती है। 1. फेस मास्‍क अपने चेहरे को 5 मिनट के लिये पानी से स्‍टीम दें। उसके बाद अपने चहरे को गुनगुने पानी से धो लें और पोंछ लें। उसके बाद चेहरे पर Nivea creme लगाएं (जैसे आप फेस मास्‍क लगाती हैं)। फिर इसे ऐसेी ही 20 निमट के लिये छोड़ दें। उसके बाद चेहरे पर हल्‍की उंगलियां फिराते हुए मसाज दें और सो जाएं। इसे रात को सोने से पहले ही करें। इससे रातभर में आपकी स्‍किन गोरी हो जाएगी और सुबह जब आप उठेंगी तो आपकी स्‍किन बिल्‍कुल गोरी और सॉफ्ट नज़र आएगी। आप ऐसा हफ्ते में एक बार कर सकती हैं। 2. पैरों के लिये मास्‍क रात को सोने से पहले अपने पैरों और एडियों में ढेर सारी Nivea creme लगाएं और मोजे पहन लें। इससे फटी हुई एडियां ठीक हो जाती हैं और पैर बिल्‍कुल मुलायम बन जाते हैं। आप ऐसा हर रोज कर सकती हैं। लेकिन हां अगर पैर खूबसूरत चाहिये तो घर में नंगे पैर बिल्‍कुल भी ना टहलें। 3. उंगलियों को नरिश करे इस क्रीम से अपनी उंगलियों और नाखूनों को अच्‍छी तरह से मसाज करें। इससे उनका रूखापन जाएगा लेकिन कुछ दिनों में। आप यह काम रोजाना सोने से पहले कर सकती हैं। इसे आप पैडिक्‍योर या मैनीक्‍योर करने के बाद भी यूज़ कर सकती हैं। 4. मॉइस्‍चराइजर आप इसे डेली फेस मॉइस्‍चराइजर के तौर पर यूज़ कर सकती हैं। यह डैमेज स्‍किन को भी हील करता है और स्‍किन को सूपर सॉफ्ट करने में मदद करता है। यह क्रीम आपके बजट में आती है। यही नहीं कि यह क्रीम केवल महिलाओं के लिये ही फायदेमंद है। अगर आप मर्द हैं तो भी यह क्रीम आराम से यूज़ कर सकते हैं और फायदा उठा सकते हैं। 5. लिप बाम अगर होंठ फटे हुए हैं और कोई भी लिप बाम उस पर सूट नहीं कर रहा है तो आप Nivea Creme को लिप बाम की तरह यूज़ कर सकती हैं। यह रूखे और फटे होंठो को एक पल में ही ठीक कर देता है। 6. फटे घुटनों और कोहनियों के लिये अच्‍छा कई लोग अपने चेहरे को चमकाने के चक्‍कर में अपने घुटनों और कुहनियों पर ध्‍यान ही नहीं देते। ऐसे में वह सूख जाते हैं और उन पर मैल जमने लगती है। अगर आपकी भी कुहनियां फटती हैं तो आप उस पर Nivea Creme लगा सकती हैं। इससे वह पार्ट हाइड्रेट हो जाएगा। Awesome Ways You Can Use Nivea Creme On Your Face and Body! Nivea creme has a very thick, creamy consistency with a soft, mild and refreshing aroma. Here are some amazing ways you can use Nivea to get soft, bright and nourished skin.

काले हाथों को तुरंत गोरा बनाएंगे ये हैंड पैक्‍स

Wednesday, February 7 2018

काले हाथों को तुरंत गोरा बनाएंगे ये हैंड पैक्‍स

Published: Wednesday, February 7, 2018, 17:10 [IST] Subscribe to Boldsky Hand Scrub, Handmade | DIY | ऐसे करें मिनटों में हाथों का कालापन दूर | BoldSky सर्दियां आते ही हाथों का बुरा हाल हो जाता है। जिन महिलाओं को दिन भर किचन में काम करना पड़ता है उनका हाथ पानी में पड़े पड़े रूखा और काला हो जाता है। इससे उनके हाथ दिखने में बड़े भद्दे लगने लगते हैं। लेकिन हाथों को गोरा बनाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की आवश्यकता नहीं होती है। बस छोटे मोटे घरेलू उपायों के जरिये आप हाथों का कालापन दूर करके पा सकते है आकर्षक हाथ। तो अगर आपके हाथों का रंग काला पड़ गया है तो तुरंत ही बनाइये नीचे दिये हुए कुछ घरेलू हैंड पैक और पाइये तुरंत रिजल्‍ट। काले हाथों को तुरंत गोरा बनाएंगे ये हैंड पैक्‍स दूध की मलाई + नींबू हाथों को गोरा बनाने के लिए रात को सोने से पहले दूध की मलाई में थोड़ा-सा नीबू का रस व ग्लिसरीन की कुछ बूंदें मिलाकर हाथों पर मलें। बादाम रोगन + अंडे की जर्दी + शहद हाथों को गोरा बनाने के लिए दो चम्मच बादाम रोगन, 1 अंडे की जर्दी, 1 टी स्पून शहद लेकर अच्छी तरह मिलाएं, फिर इससे हाथों की अच्छी तरह मालिश करें और सूती दस्ताने पहन लें। आधे घंटे बाद दस्ताने निकाल दें और बराबर मात्रा में पानी व सिरका मिलाकर इस मिश्रण से हाथ धो लें। अतिरिक्त लोशन को शीशे की बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें। यह लोशन दो सप्ताह तक खराब नहीं होता इसे दिन में दो बार इस्तेमाल करें। इमली + नीबू का रस + ग्लिसरीन हाथों को गोरा बनाने के लिए 2 चम्मच भीगी हुई इमली का गूदा, 2 चम्मच नीबू का रस, 2 चम्मच ग्लिसरीन लें। इमली का गूदा मैश करके हाथों पर दस मिनट लगाएं, इससे हाथों का कालापन दूर होगा। इसके बाद नीबू के रस में ग्लिसरीन मिलाएं और इससे हाथों की दस मिनट तक मालिश करें। यह हाथों की मृत त्वचा को हटाने का बेहतरीन उपाय है। इसे हफ्ते में तीन बार हाथों में लगाकर मालिश करें। 1 दिन में गोरा होने के लिये ऐसे बनाएं Skin Whitening Masks संतरे के छिलके का पावडर + दूध संतरे के छिलके में विटामिन सी होता है जो कि प्राकृतिक ब्‍लीचिंग एजेंट माना जाता है। इसके पैक से हाथ अच्‍छी तरह से गोरे हो जाते हैं। संतरे के सूखे छिलके का पावडर बना कर उसमें थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्‍ट बनाएं। इस पेस्‍ट को हाथों और पैरों पर लगाएं। इसे सूखने दें और फिर इसे स्‍क्रब की तरह रगड़ कर छुड़ाएं और रंग में फर्क देखें। उबला हुआ आलू लगाएं हाथों को गोरा बनाने के लिए उबले हुए आलू छीलकर मसल लें। उंगलियों पर इसका लेप लगाने से त्वचा पर निखार आता है। हाथों का कालापन दूर करने के लिए हल्के गर्म पानी में नीबू का रस डालकर कुछ देर हाथों को डुबोकर रखें। मिल्‍क पावडर + नींबू का रस + शहद दूध से नेचुरल ग्‍लो आता है। 1 चम्‍मच मिल्‍क पावडर लें और उसमें नींबू का रस और 1 चम्‍मच शहद मिलाएं। इन सब चीजों को मिक्‍स करें और पेस्‍ट बनाएं। इस पेस्‍ट को हाथों और पैरों पर लगाएं। 20 मिनट के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें। इससे आपके हाथ और पैर चमक जाएंगे। दूध + ग्लिसरीन हाथों को पानी से निकालकर अच्छी तरह पोंछ लें। इसके बाद एक छोटा चम्मच दूध में एक बूंद ग्लिसरीन मिलाकर हाथों पर रगड़ें। आपके हाथों की सुंदरता बढ़ जाएगी। Boldsky लाइफस्टाइल की सारी खबरें यहां पाएं. Subscribe to Hindi Boldsky. English summary How to whiten hands in one week There are several products that can be used to get rid of dark hands and feet. Here, you can learn how to whiten hands in one week. Story first published: Wednesday, February 7, 2018, 17:10 [IST]

लो कैलोरी : मेथी ओट्स रोटी रेसिपी

Friday, February 2 2018

लो कैलोरी : मेथी ओट्स रोटी रेसिपी

गेहूं का आटा : 1 कप ओट्स : ¼ कप अजवायन : 1 टेबलस्‍पून सफेद तिल : 1 टेबलस्‍पून तेल : 1 टेबलस्‍पून हरी मिर्च : 1 टेबलस्‍पून ( कटी हुई ) नमक : 1 टेबलस्‍पून 1. एक बड़ा कटोरा लें आर उसमें गेहूं का आटा डालें। 2. इसमें ओट्स, कटी हुई मेथी की पत्तियां और हरी मिर्च डालें। 3. अब इसमें अजवायन, सफेद तिल और एक चुटकी नमक डालें। 4. थोड़ा पानी डालें और इसका मुलायम आटा तैयार कर लें। 5. आधे घंटे के लिए इसे ढक कर रख दें। 6. अब इस आटे की छोटी गोलियां बनाएं और गेहूं के आटे में लपेटें। 7. चकले पर इसे रखकर पतली गोल रोटी के आकार में बेल लें। 8. गर्म तवे पर इसे रख दें। 9. ब्रश से इस पर तेल लगाएं और पलट कर दोनों तरफ से अच्‍छी तरह से सेक लें। 10. लो फैट दही के साथ गरमागरम रोटी सर्व करें। Instructions 1.चूंकि, ये लो कैलोरी रेसिपी है इसलिए इसमें तेल का प्रयोग बहुत ज्‍यादा ना करें। 2 रोटी कैलोरी - 165 कैलोरी फैट - 2.3 ग्राम प्रोटीन - 6.9 29.8 ग्राम फाइबर - 4.9 ग्राम स्‍टेप बाय स्‍टेप : कैसे बनाएं 1. एक बड़ा कटोरा लें आर उसमें गेहूं का आटा डालें। 2. इसमें ओट्स, कटी हुई मेथी की पत्तियां और हरी मिर्च डालें। 3. अब इसमें अजवायन, सफेद तिल और एक चुटकी नमक डालें। 4. थोड़ा पानी डालें और इसका मुलायम आटा तैयार कर लें। 5. आधे घंटे के लिए इसे ढक कर रख दें। 6. अब इस आटे की छोटी गोलियां बनाएं और गेहूं के आटे में लपेटें। 7. चकले पर इसे रखकर पतली गोल रोटी के आकार में बेल लें। 8. गर्म तवे पर इसे रख दें। 9. ब्रश से इस पर तेल लगाएं और पलट कर दोनों तरफ से अच्‍छी तरह से सेक लें। 10. लो फैट दही के साथ गरमागरम रोटी सर्व करें। [ 5 of 5 - 35 Users]

कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी

Tuesday, February 6 2018

कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी

» कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी Recipes Updated: Thursday, February 8, 2018, 11:13 [IST] Subscribe to Boldsky मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी | कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा | Moong Dal Dahi Vada | Boldsky मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी, कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा, बोल्डतस्काोई दही वड़ा हैल्दी़, पोषक और लो कैलौरी होने के साथ-साथ बहुत टेस्टीी भी होता है। इसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। मूंग दाल वड़े बनाने का ये नया तरीका आपको जरूर पसंद आएगा। उड़द दाल से बने दही वड़ों की तुलना में मूंग दाल से बने वड़े ज्यारदा आसानी से पच जाते हैं। शाम को स्‍नैक या किसी स्पेशल मौके या त्यो्हार पर आप घर में ये वड़ा बना सकते हैं। इस टेस्टीप मूंग दाल वड़े को बनाना भी काफी आसान है। इस वीडियो में मूंग दाल वड़ा बनाने की रेसिपी देखें और रेसिपी के स्टेकप बाय स्टेयप प्रोसीजर के साथ-साथ तस्वी़रें भी देखें। मूंग दाल दमूंग दाल दही वड़ा रेसिपी, कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा, कैसे तैयार करें मूंग दाल दही वड़ा, मूंग दाल दही वड़ा वीडियो, मूंग दाल दही वड़ा स्टेप बाय स्टेपही वड़ा रेसिपी, कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा, कैसे तैयार करें मूंग दाल दही वड़ा, मूंग दाल दही वड़ा वीडियो, मूंग दाल दही वड़ा स्टेगप बाय स्टे, मूंग दाल दही वड़ा रेसिपी, कैसे बनाएं मूंग दाल दही वड़ा, कैसे तैयार करें मूंग दाल दही वड़ा, मूंग दाल दही वड़ा वीडियो, मूंग दाल दही वड़ा स्टेप बाय स्टेप Prep Time Recipe By: मीना भंडारी Recipe Type: स्‍नैक्‍स Serves: 2 मूंग दाल : 1 कप हरी मिर्च : 1 टेबलस्पून दही ( लो फैट ) : 2 कप लाल मिर्च पाउडर : 1 टेबलस्पू‍न जीरा पाउडर : 1 टेबलस्पून सरसों के बीज : 1 टेबलस्पून हींग : चुटकीभर ईनो ( फ्रूट सॉल्टल ) : ½ टेबलस्पून How to Prepare 1. मूंग दाल को धो लें। 2. इसे 2-3 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। 3. बाद में, पानी निकालकर इसे मिक्सेर में डालें। 4. अब इसमें हरी मिर्च डालकर इसे पीस लें। 5. कटोरी में इस मिश्रण को डालें। 6. एक चुटकी हींग और आधा टेबलस्पून नमक इसमें डालें। 7. अच्छीट तरह से मिक्स करें। 8. अब पडु मेकर लें और इसमें ब्रश से तेल लगाएं। 9. मध्यडम आंच पर गर्म करें। 10. तब तक घोल में ईनो ( फ्रूट सॉल्टे ) मिलाकर इसे पडु मेकर में डालने से पहले अच्छील तरह से मिक्सम कर लें। 11. पडु मेकर के गर्म होने पर इसमें घोल डालें। 12. एक तरफ से पकने पर दूसरी तरफ पलट दें, पूरी तरह से पकाएं। 13. एक बार वड़ा पक जाए जो इसे प्लेफट में ठंडा होने के लिए रख दें। 14. एक कटोरी लें और उसमें एक कप दही डालकर उसे अच्छीा तरह से फेंट लें। 15. इसमें नमक डालकर दोबारा से फेटें और फिर एक तरफ रख दें। 16. एक पैन लें और उसमें ब्रेश से तेल लगाएं। 17. इसमें सरसों के बीज डालें। 18. इसके स्पसलटर होने पर गैसे बंद कर दें और इसमें दही मिलाएं। 19. अच्छीस तरह से मिक्सर करें। 20. अब इस मिश्रण को वड़े के ऊपर डालें। 21. जीरा पाउडर से गार्निश करें। 22. दोबारा दही डालें (इससे पहले की ये बहुत ज्या दा सूख जाए) और ऊपर से थोड़ा लाल मिर्च पाउडर छिड़क दें। 23. मूंग दाल दही वड़े सर्व करने के लिए तैयार हैं। Instructions चूंकि, ये लो कैलोरी रेसिपी है इसलिए हमने पडु मेकर का इस्तेयमाल किया ताकि वड़ों को तलना ना पड़े। आप चाहें तो इन्हेंल फ्राई भी कर सकते हैं। फ्रूट सॉल्टे यानि ईनो से वड़े फ्लफी और मुलायम बनेंगें। Nutritional Information सर्विंग साइज़ - 5 पीस कैलोरी - 99 कैलोरी फैट - 0.4 ग्राम प्रोटीन - 6.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट - 16.9 ग्राम फाइबर - 2.4 ग्राम स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर 1. मूंग दाल को धो लें। 2. इसे 2-3 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। 3. बाद में, पानी निकालकर इसे मिक्सेर में डालें। 4. अब इसमें हरी मिर्च डालकर इसे पीस लें। 5. कटोरी में इस मिश्रण को डालें। 6. एक चुटकी हींग और आधा टेबलस्पून नमक इसमें डालें। 7. अच्छीट तरह से मिक्स करें। 8. अब पडु मेकर लें और इसमें ब्रश से तेल लगाएं। 9. मध्यडम आंच पर गर्म करें। 10. तब तक घोल में ईनो ( फ्रूट सॉल्टे ) मिलाकर इसे पडु मेकर में डालने से पहले अच्छील तरह से मिक्सम कर लें। 11. पडु मेकर के गर्म होने पर इसमें घोल डालें। 12. एक तरफ से पकने पर दूसरी तरफ पलट दें, पूरी तरह से पकाएं। 13. एक बार वड़ा पक जाए जो इसे प्लेफट में ठंडा होने के लिए रख दें। 14. एक कटोरी लें और उसमें एक कप दही डालकर उसे अच्छीा तरह से फेंट लें। 15. इसमें नमक डालकर दोबारा से फेटें और फिर एक तरफ रख दें। 16. एक पैन लें और उसमें ब्रेश से तेल लगाएं। 17. इसमें सरसों के बीज डालें। 18. इसके स्पसलटर होने पर गैसे बंद कर दें और इसमें दही मिलाएं। 19. अच्छीस तरह से मिक्सर करें। 20. अब इस मिश्रण को वड़े के ऊपर डालें। 21. जीरा पाउडर से गार्निश करें। 22. दोबारा दही डालें (इससे पहले की ये बहुत ज्या दा सूख जाए) और ऊपर से थोड़ा लाल मिर्च पाउडर छिड़क दें। 23. मूंग दाल दही वड़े सर्व करने के लिए तैयार हैं। [ 5 of 5 - 106 Users]

लो कैलोरी : ओट्स रोटी रेसिपी

Thursday, February 8 2018

लो कैलोरी : ओट्स रोटी रेसिपी

प्‍याज़ - ¼ कप होलव्‍हीट आटा - 1 कप धनिया - 1/ कप चिली पाउडर - ½ टेबलस्‍पून नमक - 1 टेबलस्‍पून How to Prepare 1. एक कटोरे में होलव्‍हीट आटा लें। 2. इसमें ओट्स, कटी हुई प्‍याज़, धनिया, हरी मिर्च, नमक और तेल डालें। 3. थोड़ा सा पानी डालकर इसका मुलायम आटा अच्‍छी तरह से गूंथ लें। 4. इसे ढक कर आधे घंटे के लिए रख दें। 5. अब आटा लेकर इसकी छोटी गोलियां तैयार कर लें। 6. इसे गेहूं के आटे में लपेटें। 7. अब चकला बेलन लें और इस पर पतली सी रोटी बेल लें। 8. गर्म तवे पर इसे रख दें। 9. इस पर थोड़ा तेल लगाएं और पलट दें। दूसरी तरफ भी तेल लगाकर पलट दें और अच्‍छा तरह सेकें। 10. अच्‍छी तरह सिकने पर गरमागरम ओट्स रोटी लो फैट दही के साथ सर्व करें। Instructions 1. रोटियों को ओवरकुक ना करें। Nutritional Information सर्विंग साइज़ - 2 पीस कैलोरी - 207 कैलोरी प्रोटीन - 9.0 ग्राम कार्बोहाइड्रेट - 35.4 ग्राम फाइबर - 5.7 ग्राम स्‍टेप बाय स्‍टेप : कैसे बनाएं ओट्स रोटी 1. एक कटोरे में होलव्‍हीट आटा लें। 2. इसमें ओट्स, कटी हुई प्‍याज़, धनिया, हरी मिर्च, नमक और तेल डालें। 3. थोड़ा सा पानी डालकर इसका मुलायम आटा अच्‍छी तरह से गूंथ लें। 4. इसे ढक कर आधे घंटे के लिए रख दें। 5. अब आटा लेकर इसकी छोटी गोलियां तैयार कर लें। 6. इसे गेहूं के आटे में लपेटें। 7. अब चकला बेलन लें और इस पर पतली सी रोटी बेल लें। 8. गर्म तवे पर इसे रख दें। 9. इस पर थोड़ा तेल लगाएं और पलट दें। दूसरी तरफ भी तेल लगाकर पलट दें और अच्‍छा तरह सेकें। 10. अच्‍छी तरह सिकने पर गरमागरम ओट्स रोटी लो फैट दही के साथ सर्व करें। [ 3.5 of 5 - 26 Users] Read more about: रोटी Story first published: Thursday, February 8, 2018, 13:20 [IST]

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Thursday, February 8 2018

\"बिजली महादेव\" हर 12 साल में इस शिवलिंग में गिरती है बिजली, शिवरात्रि पर लगती है भीड़..

Life » "बिजली महादेव" हर 12 साल में इस शिवलिंग में गिरती है बिजली, शिवरात्रि पर लगती है भीड़.. "बिजली महादेव" हर 12 साल में इस शिवलिंग में गिरती है बिजली, शिवरात्रि पर लगती है भीड़.. Life Updated: Thursday, February 8, 2018, 12:25 [IST] Subscribe to Boldsky पूरे भारत में भगवन शिव के प्रसिद्ध 12 ज्‍योतिलिंग के अलावा ऐसे कई अद्भुत मंदिर है जो शिव के चमत्‍कारों के लिए जाने जाते हैं, उन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित बिजली महादेव। कुल्लू का पूरा इतिहास बिजली महादेव से जुड़ा हुआ है। कुल्लू शहर में ब्यास और पार्वती नदी के संगम के पास एक ऊंचे पर्वत के ऊपर बिजली महादेव का प्राचीन मंदिर है।आइए जानते है कि आखिर कैसे इस मंदिर का नाम पड़ा बिजली महादेव और क्‍या है इससे जुड़ा इतिहास। ये है मान्‍यता... पूरी कुल्लू घाटी में ऐसी मान्यता है कि यह घाटी एक विशालकाय सांप का रूप है। इस सांप का वध भगवान शिव ने किया था। जिस स्थान पर मंदिर है वहां शिवलिंग पर हर बारह साल में भयंकर आकाशीय बिजली गिरती है। बिजली गिरने से मंदिर का शिवलिंग खंडित हो जाता है। यहां के पुजारी खंडित शिवलिंग के टुकड़े एकत्रित कर मक्खन के साथ इसे जोड़ देते हैं। कुछ ही माह बाद शिवलिंग एक ठोस रूप में परिवर्तित हो जाते हैं। इस शिवलिंग पर हर बारह साल में बिजली क्यों गिरती है इसके पीछे भी एक इतिहास है। ऐसा नाम पड़ा कुल्‍लू बहुत पहले यहां कुलान्त नामक दैत्य रहता था। दैत्य कुल्लू के पास की नागणधार से अजगर का रूप धारण कर मंडी की घोग्घरधार से होता हुआ लाहौल स्पीति से मथाण गांव आ गया। दैत्य रूपी अजगर कुण्डली मार कर ब्यास नदी के प्रवाह को रोक कर इस जगह को पानी में डुबोना चाहता था। इसके पीछे उसका उद्देश्य यह था कि यहां रहने वाले सभी जीवजंतु पानी में डूब कर मर जाएंगे। भगवान शिव कुलान्त के इस विचार से से चिंतित हो गए। कुलांत के नाम पर कुल्‍लू पड़ा बड़े जतन के बाद भगवान शिव ने उस राक्षस रूपी अजगर को अपने विश्वास में लिया। शिव ने उसके कान में कहा कि तुम्हारी पूंछ में आग लग गई है। इतना सुनते ही जैसे ही कुलान्त पीछे मुड़ा तभी शिव ने कुलान्त के सिर पर त्रिशूल वार कर दिया। त्रिशूल के प्रहार से कुलान्त मारा गया। कुलान्त के मरते ही उसका शरीर एक विशाल पर्वत में बदल गया। उसका शरीर धरती के जितने हिस्से में फैला हुआ था वह पूरा की पूरा क्षेत्र पर्वत में बदल गया। कुल्लू घाटी का बिजली महादेव से रोहतांग दर्रा और उधर मंडी के घोग्घरधार तक की घाटी कुलान्त के शरीर से निर्मित मानी जाती है। कुलान्त से ही कुलूत और इसके बाद कुल्लू नाम के पीछे यही किवदंती कही जाती है। शिव के कहने पर इंद्र गिराते हैं बिजली कुलान्त दैत्य के मारने के बाद शिव ने इंद्र से कहा कि वे बारह साल में एक बार इस जगह पर बिजली गिराया करें। हर बारहवें साल में यहां आकाशीय बिजली गिरती है। इस बिजली से शिवलिंग चकनाचूर हो जाता है। शिवलिंग के टुकड़े इकट्ठा करके शिवजी का पुजारी मक्खन से जोड़कर स्थापित कर लेता है। कुछ समय बाद पिंडी अपने पुराने स्वरूप में आ जाती है। बिजली शिवलिंग पर ही क्यों गिरती है आकाशीय बिजली बिजली शिवलिंग पर गिरने के बारे में कहा जाता है कि भगवान शिव नहीं चाहते चाहते थे कि जब बिजली गिरे तो जन धन को इससे नुकसान पहुंचे। भोलेनाथ लोगों को बचाने के लिए इस बिजली को अपने ऊपर गिरवाते हैं। इसी वजह से भगवान शिव को यहां बिजली महादेव कहा जाता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी यह जगह समुद्र स्तर 2450 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। शीत काल में यहां भारी बर्फबारी होती है। कुल्लू में भी महादेव प्रिय देवता हैं। कहीं वे सयाली महादेव हैं तो कहीं ब्राणी महादेव। कहीं वे जुवाणी महादेव हैं तो कहीं बिजली महादेव। बिजली महादेव का अपना ही महात्म्य व इतिहास है। ऐसा लगता है कि बिजली महादेव के इर्द-गिर्द समूचा कुल्लू का इतिहास घूमता है। हर मौसम में दूर-दूर से लोग बिजली महादेव के दर्शन करने आते हैं। शिवरात्रि पर लगता है मेला भादों के महीने में यहां मेला-सा लगा रहता है। कुल्लू शहर से बिजली महादेव की पहाड़ी लगभग सात किलोमीटर है। शिवरात्रि पर भी यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। Boldsky लाइफस्टाइल की सारी खबरें यहां पाएं. Subscribe to Hindi Boldsky.