Health and Fitness

6 सालों से अपनी पेशाब पी रहा है ये आदमी, कारण जानकर दंग रह जाएंगे आप

Monday, October 30 2017

6 सालों से अपनी पेशाब पी रहा है ये आदमी, कारण जानकर दंग रह जाएंगे आप

दुनिया में कई सारे ऐसे लोग है जो अजीबो गरीब हरकतों की वजह से चर्चा में रहते है। इन लोगों की ऐसी हरकते आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। आजकल ऐसी ऐसी खबरें आ रही है कि उनपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। कब, कहां और क्या हो जाए ये कुछ बताया जा सकता है। कई बातें तो ऐसी हो रही है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। इस अजीब सी दुनियां में कई लोग ऐसे भी है जो सबसे अजीब है और हमेशा से अजीब हरकतें करते है। कभी कोई व्यक्ति रस्सी पर चलता है और कभी व्यक्ति ऐसे काम करता है जो उसके इंसान होने पर संदेह करने पर मजबूर कर देता है। अगर आपसे ये कहा जाए कि एक आदमी ऐसा है जिसने काफी समय से पानी नहीं पिया है। दरअसल ये आदमी पेशाब पीता है। चौकिए मत आइए जानते है कि क्या है इसकी हकीकत अपना यूरिन पीता है ये आदमी आपको बता दें कि ये चौंकाने वाला मामला ब्रिटेन का है। ये आदमी अपनी पेशाब पीता है और पानी का सेवन नहीं करता है। आपको बता दें कि उसकी ये बात उसको सबसे अलग बनाती है। कई लोग इस बात को जानकर हैरान है। कि आखिर वो ऐसा क्यों करता है। डेव मर्फी नाम है जो अपनी ही पेशाब पीता है उस आदमी का नाम डेव मर्फी है। लोगों का मानना है कि ऐसा इसके पहले कभी देखने को नहीं मिला है। लेकिन क्या आप जानके है कि इसके पीछे भी एक कारण है कि वो अपनी पेशाब पीता है। ये कारण आपको हैरान कर देगा। आइए जानते है क्या है इसके पीछे का कारण। थेरेपी मानते है इसको डेव की माने तो वो अपनी पेशाब का इस्तेमाल इसलिए करते है क्योंकि वो इसको एक थेरेपी मानते है। उनका कहना है कि इससे उनको काफी फायदे भी पहुंचा है। वो कहते है कि मेरी कई तरह की बीमारियां इससे खत्म हो गई है। 6 साल से पी रहे है आपको बता दें कि चौंकाने वाली बात तो ये है कि डेव अपनी यूरिन का इस्तेमाल पिछले 6 सालों से कर रहे है। इनका कहना है कि इनको कई बीमारियों से छुटकारा भी मिल गया है। लेकिन क्या ऐसा सच में हो सकता है। अस्थमा से राहत डेव का मानना है कि उनको अस्थमा की समस्या थी और उससे वो बहुत परेशान रहता था। जब से उसने अपनी यूरिन पीना शुरु किया है तब से उसके अस्थमा से आराम है। उनका कहना है कि जिन लोगों को ये समस्या है वो इसको पी सकते है। 50 किलो वजन किया कम आपको बता दें कि ना केवल अस्थमा और बल्कि उनका वजन भी बहुत ज्यादा था। पेशाब का सेवन करने से उनको इससे काफी लाभ हुआ है और उनका वजन लगभग 50 किलो तक कम हुआ है। यूरिन से नहाते भी है आपको ये जानकर भी झटका लग सकता है कि डेव ना सिर्फ अपनी यूरिन पीते है बल्कि वो इससे नहाते भी है। ऐसा करना उन्होने 2011 में शुरु किया था जो आज भी जारी है।

म पनि अमेरिका भासिनुपर्ने हो ?

Monday, October 30 2017

म पनि अमेरिका भासिनुपर्ने हो ?

म पनि अमेरिका भासिनुपर्ने हो ? डा सरु भट्टराई २०७४ कार्तिक १३ सोमबार १५:११:३१ प्रकाशित ५७ पटक पढिएको इन्टर्नसिपको पहिलो दिन नयाँ एप्रोन अनि स्टेथेस्कोप घाँटीमा भिर्दा मनभरि डाक्टर हुनुको गर्वबोध भरियो । फूर्तिसाथ टिचिङ अस्पतालको इमर्जेन्सी वार्डतिर कदम बढाउँदै थिएँ। खुलेको दिन, नीलो आकाशमा बादलका चक्की अनि अस्पताल परिसरमा फुलेका फूलहरु । एमबिबिएसको ५ वर्षे अध्ययनमा यस्तो रमाइलो अनुभूति कहिल्यै भएन सायद, यो दिन यति रोमाञ्चक लागिरहेको थियो। एकाएक पाइला टक्क अडिए । एम्बुलेन्सको साइरन अनि मान्छेहरुको रुवाबासीले मन चिसो भयो । भिडलाई छिचोल्दै इमर्जेन्सी रुममा पसेँ । भित्रको माहौल असाध्यै हृदयविदारक थियो । कैयौं शव भुइँमा लस्करै थिए । रगतमा लतपतिएका कति घाइतेहरु ऐया-आत्थु गर्दै थिए । अहिले पो सम्झेँ, आज एकाबिहानै धादिङमा बस दुर्घटना हुँदा कैयौंको मृत्यु अनि कैयौं घाइते समाचार सुनेकी थिएँ। हतार-हतार हातमा ग्लोब्स लगाएँ अनि नदुख्ने औषधि दिने, घाउ सफा गर्ने र रगत थामिदिने काममा लागेँ । घाइतेहरुको हालत र शवको लाइन देखेर मनमा भक्कानो फुटिरहेको थियो । कठै ती मृतकका आफन्त ! भर्खर चाडबाड मनाएर खुसीसाथ बिताएका पल नै अन्तिम बन्न पुग्यो। दुर्घटनामा यति क्षति हुनु आखिर गल्ती कसको ? एकछिन सोचमग्न भएँ । हिजोअस्ति हामीले बिरामीको उपचारमा लापरवाही गर्‍यौं भन्दै एकको ज्यान जाँदा अस्पताल तोडफोड गर्ने र डाक्टर कुट्न पुग्ने जमात यतिबेला कता गए ? दिनभरको थकान भए पनि व्यस्तता छँदै थियो । बल्लतल्ल फुर्सद निकालेर चियाको चुस्की लिन माइला दाइको क्यान्टिनतिर लाग्छु । त्यति नै बेला त्यहाँ रहेको पत्रिकाको हेडलाइनमा नजर पुग्छ –'अब सिएमएले पनि बिरामी जाँच्न र औषधि प्रेस्क्राइब गर्न पाउने।' बाफ छुटिरहेको तातो चिया पनि बरफ जस्तो हुँदै पेटमा झरेर सिरिंग बनायो । आखिर के हुँदैछ मेरो देशमा ? आकाश पूरै मडारिए झैं भयो । १८ महिने तालिम गरेका विशेषज्ञले पूरै स्वास्थ्य सेवा दिन पाउने मेरो देशमा म मरीमरी दिनरात किन डाक्टरी डिग्री लिनुपर्ने त ? के मैले पाएको डिग्री मान्छे मार्ने ट्याग पाउने र कुटाइ खाने मेलो मात्र हो त? भारी भएको मनलाई पत्रिकाको अर्को पाना पल्टाएर शान्त गर्न खोजेँ, आँखा फेरि टक्क अडिए- 'एमबिबिएस र एमडी छात्रवृत्तिमा पढेका डाक्टरले कम्तीमा पनि २/२ वर्ष गाउँमा काम गर्नैपर्ने।' कुरो अलिक बुझ्न सकिनँ । आखिर एचए र सिएमएले गाउँ धान्ने जिम्मा लिएका मेरो देशमा हाम्रो उपस्थिति चाहिँ जटिल केस ह्यान्डल गरी बिरामी मारे भन्ने आरोप थाप्न मात्र हो त? वर्षौंदेखिको मिहिनेत र लगानी, चाडपर्वको रमाइलो र घरपरिवारको साथसँग साटिएको कामको चाप, सम्पूर्ण जीवनको सार उफ् मेरो पेशा ! यी र यस्तै बेथितिले आज म जस्ता चिकित्सा क्षेत्रमा भर्खर प्रवेश गरेकाहरु निराश छन् । आफ्नै देशमा बसेर काम गर्ने उनीहरुको जोश सक्किँदै छ। उपयुक्त सेवा-सुविधा अनि मिहिनेत अनुसारको तलब मिलेमा हामी हाम्रै गाउँ-समाजमा काम गर्न तयार छौं । सरकारले यसका लागि लोकसेवामा सिट बढाओस् । त्यसो भएमा गाउँको स्वास्थ्य सेवा सिएमएलाई जिम्मा लगाउनुपर्ने अवस्था रहने थिएन । आखिर कसले बुझोस् यी सब कुरा? सरकारले १८ महिना र १८ वर्षको पढाइलाई एउटै मानेर व्यवहार गरेको देखिन्छ । यसको नतिजा के हुन्छ भने, यस प्रकारको सरकारी निर्णयले भोलि देशमा एउटा सक्षम र दक्ष जनशक्तिको अभाव हुनेछ । चाहे त्यो चिकित्सा क्षेत्र होस् या अन्य क्षेत्रमा। २१औं शताब्दीमा धेरै कुरा अपडेट हुँदै जानुपर्नेमा मेरो क्षेत्र झन् पछाडि धकेलिएको देख्दा टीठ लाग्छ । आखिर तालिमको भरमा सिएमए डाक्टरले गर्ने उपचार र दिने औषधिले कुनै नकारात्मक परिणाम निम्त्याए त्यसको जिम्मा कसले लिने । त्यसबाट आखिरमा सिंगो चिकित्सा क्षेत्र नै बदनाम हुने होला। देश अनि पेशाविशेषमा रहेका धेरै समस्या र चुनौतीले गर्दा म जस्ता हजारौं डाक्टरको आकर्षण अमेरिका र अन्य देश बन्न थालेको छ । अचेल आफ्ना सिनिअरलाई पछ्याउँदै अमेरिकाको मेडिकल लाइसेन्स परीक्षा (युएस एमएलई) दिने अनि अमेरिकातिर कुलेलम ठोक्ने ट्रेन्ड नै बनिसकेको छ । को सहोस् आफ्नै देशमा सौतेनी व्यवहार अनि कति गर्नु हाम्रा पक्षले मात्र सम्झौता ! एकातिर ‘एक गाउँ, एक डाक्टर’ भन्ने ढोंगी योजना छ, अर्कातिर डाक्टरमाथि नै सौतेनी व्यवहार गरिएको छ । यो विरोधाभासमा आज हरेक डाक्टर डर र चिन्ताको सास फेरेर बस्न बाध्य छन् । न कामको कदर, न त मिहिनेत,समय र लगानी अनुसारको प्रतिफल । फलस्वरूप आज म जस्ता चिकित्सा क्षेत्रका कैयौं विद्यार्थीको युएस एमएलई दिएर अमेरिका जाने अन्तिम लक्ष्य भएको छ । आफ्नो देशले नबुझेपछि देशका हजारौं दक्ष जनशक्ति बाहिरिने अवस्था आएको हो। हुन पनि सोझो रुपमा हेर्दा यही मिहिनेत र परिश्रमले अन्यत्र सुन फलाउन सकिन्छ भने यहाँ को आलु खेती गरेर बसोस् ! सायद अबको दशकमा मेरो देशले प्रतिभावान् र मिहिनेती विद्यार्थीको मूल्य चुकाउनुपर्ने हुनसक्छ। त्यो विकराल अवस्था आउन नदिने राज्य र यहाँका सम्बन्धित निकायले सम्पूर्ण क्षेत्र सुधारका लागि एउटा सिस्टम र कानुन जरुरी छ । समग्र चिकित्सा क्षेत्रका बेथितिलाई किनार लगाउँदै स्वास्थ्यकर्मीको सेवा, सुविधा र अधिकारबारे रणनीति तय गर्नसके यो क्षेत्रको संकट ठेगान लाग्ला । अन्यथा म र म जस्तै विद्यार्थीले पलायनको सपना देख्नुपर्ला र देशले ठूलो मूल्य चुकाउनुपर्ला। अहिले प्रचलनमा

मुंहासो और दाग धब्बो को चुटकियों में साफ करे ये 8 फेस मास्‍क

Tuesday, October 31 2017

मुंहासो और दाग धब्बो को चुटकियों में साफ करे ये 8 फेस मास्‍क

आज कल लड़कियां अपने चेहरे को सुंदर और बेदाग दिखाने के लिये कइ तरह के ब्‍यूटी ट्रीटमेंट करवाती हैं। लेकिन ये सब कुछ दिन तो काम करते हैं पर बाद में स्‍पॉट हटाने की क्षमता को खो देते हैं। इतने सारे पैसे खर्च करने पर भी अगर आपको कुछ हांसिल नहीं होता, तो अब आपको कुछ प्राकृतिक उपचार अपनाने की जरुरत है। ये प्राकृतिक उपचार बिना पैसे खर्च किये ही पाए जा सकते हैं। जी हां, अगर आपके चेहरे पर मुंहासों ने दाग धब्‍बे छोड़ दिये हैं तो आप उसे आराम से बिना महनत के साफ कर सकती हैं।

1. टमाटर

ऐसे बहुत कम लोग जानते हैं कि टमाटर टैनिंग मिटाने में कितनी मददगार होती है। आधा कप टमाटर का पल्‍प या जूस लें, उसमें उतनी ही मात्रा में एवाकाडो और शहद मिक्‍स करें। इसे चेहरे पर लगाइये और 15 मिनट के बाद पानी से धो लीजिये।

2. चंदन पावडर और गुलाबजल

चंदन पावडर और गुलाबजल का पेस्‍ट बनाएं। इसे अपने चेहरे पर लगाएं और 1 घंटे के लिये ऐसे ही रहने दें। एक बार जब यह सूख जाए तब इसे धो लें। बेस्‍ट रिजल्‍ट के लिये इसे रेगुलर लगाएं

3. कच्‍चा आलू

एक फेस पैक को बनान के लिये कच्‍चे आलू को छील ले और स्‍लाइस में काट लें। अब स्‍लाइस को ले कर चेहरे पर उस जगह पर रगड़े जहां पर मुंहासे आदि हों। ऐसा महीने भर तक करें आपको रिजल्‍ट जरुर दिखेग।

4. दालचीनी

1 चम्‍मच दालचीनी का पावडर लें और 1 चम्‍मच शहद मिक्‍स करें। दोंनो को मिक्‍स कर के दाग वाली जगह पर लगाएं। इसे एक घंटे के लिये चेहरे पर रखें और बाद में हल्‍के गुनगुने पानी से धो लें।

5. शहद

2 टीस्‍पून शहद ले कर चेहरे पर लगाएं। इसे 15-20 मिनट क लिये यूं ही छोड़ दे। अगर आपको इसका अच्‍छा रिजल्‍ट चाहिये तो इसे रात में लगा कर दिन में धो लें। यह एक सिंपल फेस पैक है जो कि गारंटी के साथ आपके चेहरे के एक्‍ने को दूर करेगा।

6. ओटमील

एक चौथाई कप ओटमील, 2 टीस्‍पून शहद ले कर मिक्‍स करें। फिर इस पैक को पूरे चेहरे पर लगाएं, जहां जहां मुंहासों के दाग धब्‍बे हो। इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें और बाद में हल्‍के गरम पानी से धो लें।

7. एलो वेरा जेल

एलो वेरा जेल एक प्राकृतिक स्‍किन केयर प्रोडक्‍ट है, जिसमे एंटी बैक्‍टीरियल गुण होते हैं। यह आपके चेहरे के दाग धब्‍बों को दूर करता है। एक कटोरी में एलो वेरा जेल को 1 टीस्‍पून नींबू के साथ मिक्‍स करें। फिर इसे चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट के लिये छोड़ दें। बाद में इसे हल्‍के गरम पानी से धो लें। उसके बाद मॉइस्‍चराइजर लगा लें। इस ट्रीटमेंट को हफते में दो बार करें।

8. बादाम मिल्‍क और अंडे का सफेद हिस्‍सा

अंडे के सफेद हिस्‍से में एंस्‍ट्रीजेंट गुण होते हैं जो कि तेल को कंट्रोल करते हैं और एक्‍ने को आने से रोकते हैं। वहीं दूसरी ओर बादाम मिल्‍क स्‍किन को नरिश करता है। इस पैक को बनाने के लिये बस 2 चम्‍मच बादाम मिल्‍क, अडे का सफेद हिस्‍सा और 1 चम्‍मच नींबू का रस मिला कर पेस्‍ट बनाना होगा। सभी चीजों को मिक्‍स कर लें और चेहरे पर लगा कर 15 मिनट के लिये छोड़ दें। बेस्‍ट रिजल्‍ट के लिये इस पैक को हफ्ते में दो बार लगाएं।

वजन घटने के बाद लूज़ स्‍किन को ऐसे करें टाइट

Tuesday, October 31 2017

वजन घटने के बाद लूज़ स्‍किन को ऐसे करें टाइट

जब भी आप वजन घटाते हैं तो त्‍वचा में एक प्रकार का झोल आ जाता है यानि वो ढीली पड़ जाती है। ऐसी त्‍वचा को करने वाले प्रयास वजन घटाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों की तरह ही होते हैं। ऐसा मोटापे के कारण त्‍वचा खींचने और बाद में वो चर्बी घटने के कारण होता है। चूँकि त्‍वचा में प्रत्‍यास्‍थता का गुण होता है ऐसे में वो आसानी से बढ़ और घट जाती है। कई बार स्‍ट्रेस मार्क्‍स भी पड़ जाते हैं। यदि आपमें से किसी भी ऐसी दिक्‍कत का सामना इन दिनों करना पड़ रहा है तो आप कुछ घरेलू उपायों को भी अपना सकती है जिससे त्‍वचा में कसाव पैदा हो। आज के इस लेख में, बोल्‍डस्‍काई आपको बता रहा है कि घर पर किस तरह से आप इस प्रकार की त्‍वचा को ठीक कर सकते हैं और उसमें कसाव ला सकते हैं। ये उपाय पुरातनकाल से चले आ रहे हैं जो त्‍वचा में कोलेजन के उत्‍पादन में बढ़ोत्‍तरी करते हैं और इसकी प्रत्‍यास्‍थता बढ़ा देते हैं क्‍योंकि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं और बाकी लाभदायक कम्‍पांउड भी होते हैं। इन उपचारों के बारे में विस्‍तार पूर्वक जानिए:

1. विटामिन ई का तेल –

यह एक चमत्‍कारी उपाय है जोकि त्‍वचा को टाइट करने में मदद करता है। इसका इस्‍तेमाल काफी समय से किया जा रहा है। इसमें आने वाली लागत भी बहुत कम होती है। इस्‍तेमाल कैसे करें - कैप्‍सूल से ऑयल को एक चम्‍मच में निकाल लें। इसे चेहरे पर लगाकर हल्‍के हाथों से मसाज करें। इसे रात भर यूँ ही लगा रहने दें और आपको हर दिन अपने त्‍वचा पर फर्क महसूस होगा।

2. अंडे का सफेद वाला हिस्‍सा:

अंडे का सफेद वाला हिस्‍सा बहुत लाभप्रद होता है और ये त्‍वचा को नरम बनाने के साथ-साथ उसमें कसाव भी ला देता है। इसमें त्‍वचा को लाभ पहुँचाने वाले वाले कई सारे गुण होते हैं। इस्‍तेमाल कैसे करें: अंडे के सफेद वाले हिस्‍से को त्‍वचा में प्रभावी हिस्‍सों पर लगाएं। 20-30 मिनट तक यूँ ही लगा रहने दें। अब इसे हल्‍के गुनगुने पानी से धो लें। इस विधि को दिन में एक बार अवश्‍य करें।

3. जोजोबा तेल

यदि आप ढीली और लटकने वाली त्‍वचा में कसाव लाना चाहते हैं तो जोजोबा तेल सबसे कारगर साबित होता है। इसके इस्‍तेमाल से त्‍वचा में कसाव आने के साथ-साथ चमक भी आती हैं। इस्‍तेमाल कैसे करें - जोजोबा तेल और नारियल तेल को मिश्रित कर लें। इसे प्रभावित हिस्‍सों पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए यूँ ही छोड़ दें। एक घंटे के लिए यूँ ही लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें। इससे आपकी त्‍वचा बिल्‍कुल नरम और कसाव वाली हो जाएगी।

4. दालचीनी पाउडर –

दालचीनी पाडउर, एक प्रकार की उपयोगी घरेलू जड़ी-बूटी है। ये त्‍वचा को भी स्‍वस्‍थ बनाने में सहायक होती है। इसके इस्‍तेमाल से त्‍वचा में कोलेजन की मात्रा बढ़ जाती है और ये कसी व नरम बन जाती है। इस्‍तेमाल कैसे करें - दालचीनी पाउडर और शहद को बराबर मात्रा में लें और इसे अच्‍छे से मिश्रित कर लें। अब इसे प्रभावित हिस्‍सों पर हल्‍के हाथों से बिंदी बनाकर रख दें। 30 मिनट तक चेहरे पर इसे यूँ ही लगा रहने दें और बाद में ठंडे पानी से धो लें। इसे एक वीक में दो से तीन बार लगाया जा सकता है।

5. जैतून का तेल

जैतून का तेल त्‍वचा के लिए हर मायने से लाभप्रद होता है क्‍योंकि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो आपकी त्‍वचा को कसाव प्रदान करता है। इस्‍तेमाल कैसे करें - 30 से 40 सेकेंड के लिए जैतून का तेल माईक्रोवेव कर लें। इसे तेल को प्रभावी हिस्‍सों पर लगाएं। एक घंटे तक इसे लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। इस तरह आपकी त्‍वचा को बेहतर परिणाम मिलेंगे।

6. शीया बटर –

बॉडी बटर की तरह ही शीया बटर को भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है जोकि फैटी एसिड में बहुत समृद्ध होता है और इसे त्‍वचा को पोषण प्रदान करने के लिए आसानी से इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इस्‍तेमाल कैसे करें - शीया बटर के एक हिस्‍से को पिघला लें और इसे प्रभावित भाग पर लगाएं। इसे 15 से 20 मिनट के लिए यूँ ही लगा रहने दें और बाद में पानी से धुल लें। आपको हल्‍के गर्म पानी की आवश्‍यकता पड़ेगी।

7. मुल्‍तानी मिट्टी –

इसे मुल्‍तानी मिट्टी भी कहा जाता है और ये त्‍वचा में कोलेजन को भी बढ़ाता है। इस्‍तेमाल कैसे करें: एक कटोरी में दो चम्‍मच मुल्‍तानी मिट्टी लें और इसमें गुलाब जल मिलाएं। इस सभी को अच्‍छे से मिश्रित कर लें। इसे चेहरे पर 20 से 25 मिनट के लिए सूख जाने तक लगाएं रहें। बाद में ठंडे पानी से धो लें। आप इसे एक वीक में 3 से 4 बार लगा सकती हैं।

8. एलोवेरा जैल –

एलोवेरा जेल भी स्‍कीन को टाइट बनाने में बहुत सहायक होता है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। ये त्‍वचा को ग्‍लो भी प्रदान करता है। इस्‍तेमाल कैसे करें - एक एलोवेरा पौधे से जेल को निकाल लें। आपके पास 2 से 3 चम्‍मच जेल होना चाहिए। अब इसे प्रभावित हिस्‍से में लगाएं और पूरी रात के लिए यूँ ही लगा छोड़ दें। सुबह में उठकर ठंडे पानी से धो लें। आप हर दिन इसका इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

मवाद से भरें मुहांसों के लिए लगाएं चेहरे पर ये फेसपैक

Tuesday, October 31 2017

मवाद से भरें मुहांसों के लिए लगाएं चेहरे पर ये फेसपैक

सुंदर साफ चेहरे की चाह हर किसी को होती है, लेकिन अगर चेहरे पर एक छोटा सा मुंहासा हो जाएं तो पूरे चेहरे की चमक और सुंदरता ही चली जाती है। अक्‍सर टीनएज में हार्मोन के बदलाव की वजह से चेहरे में मुहांसे निकल जाते है। कई बार ये मुहांसों सही ट्रीटमेंट नहीं मिलने की वजह से और हार्मोन बैलेंस बिगड़ने की वजह से मवाद से भर जाते हैं, जो दिखने में और भी बुरे दिखते हैं। इस समस्‍या से निजात दिलाने वाले घरेलू उपायों में आपने लौंग के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि मवाद से भरें मुंहासों को दूर करने के लिए लौंग का इस्‍तेमाल कैसे किया जाता है, तो आइए जानते है कैसे? लौंग में है एंटी बैक्‍टीरियल गुण लौंग न केवल मुंहासों को दूर करता है, बल्कि इनके निशान को दूर करने में भी मदद करता है। लौंग में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण यह एक स्ट्रांग क्लींजर हैं। जो रोम-छिद्रों को साफ करता है, इंफेक्‍शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने है और इसे आगे फैलने से रोकता है। इसके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भी भरपूर होता है और इसमें पोटेशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, आयरन और विटामिन ए, सी से भरपूर होने के कारण मुंहासों को दूर करने के साथ रूप निखारने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। मुंहासों के लिए लौंग का फेस मास्‍क लौंग का मास्क एक केमिकल पील की तरह काम करता है, यह मृत त्वचा को दूर करता है, दागों को हल्का करता है और त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाता है। इस मास्‍क में मौजूद सेब में फाइबर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा की नमी को बनाये रखता है और त्वचा के रोमछिद्रों से नमी को निकलने नहीं देता। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जो त्वचा को स्वस्थ और चमकीला बनाए रखते हैं। इसके अलावा शहद में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो त्वचा में निखार लाता हैं। आइए जानें लौंग का फेस मास्‍क कैसे बनता है। लौंग के फेस मास्‍क के लिए सामग्री सेब - आधा सेब ग्रीन टी - थोड़ी सी लौंग का तेल - 4 बूंदे शहद - थोड़ा सा

स्‍टेप 1.

आधे सेब को छीलकर इसका पेस्‍ट बना लें। सेब में फाइबर की उच्‍च मात्रा होती है। जो चेहरे की मॉश्‍चराइजर बनाए रखता है और रोम‍छिद्र से ऑयल निकलने से रोकता है।

स्‍टेप 2 .

इसके बाद 1 कप पानी में ग्रीन टी की पत्तियों को उबालें और ठंडा होने के लिए रख दें। ग्रीन टी में एंटी ऑक्सिडेंट से भरा ठंडा पदार्थ होता है, जो त्‍वचा को स्‍वस्‍थ बनाएं रखने के साथ ही ग्‍लोइंग बनाता है। अब साथ में ही इसमें 4 बूंदे लौंग के तेल की बूंदों की डालें।

स्‍टेप 4.

इस मास्‍क को ज्‍यादा इफेक्टिव बनाने के लिए ऑर्गेनिक शहद मिलाए। शहद इसलिए क्‍योंकि इसमें अमीनो एसिड और विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। जो आपके चेहरे को हाइड्रेड और नर्म बनाने में हेल्‍पफुल हैं।

स्‍टेप 5 .

अब आप अपने चेहरे को अच्‍छी तरह धोएं, चेहरे पर जमीं सभी धूल मिट्टी हटा लें। अगर आपके चेहरे पर मेकअप है तो उसे अच्‍छे से उतारें।

स्‍टेप 6 .

आपका मास्‍क तैयार है। अब मास्‍की की पतली परत अपने चेहरे और गर्दन पर लगाये। इसे 10 से 15 मिनट तक सूखने दें। जब मास्‍क पूरी तरह से सूख जाये तो इसे हल्‍के-हल्‍के रगड़कर हटा दें।

स्‍टेप 7 .

फिर चेहरे को पानी से धोकर मॉइश्‍चराइजर लगा लें। सप्‍ताह में एक बार इस पैक का उपयोग जरूर करें। लेकिन इस फेस पैक को लगाने से पहले पैच टेस्‍ट जरूर कर लें क्‍योंकि मास्क से हल्की सी जलन हो सकती है।

स्‍टेप 8 .

इस मास्‍क को लगाने से पस से मुंहासे तो दूर होते ही हैं साथ ही पुराने दाग भी हल्‍के हो जाते हैं और समय के साथ मुंहासे भी चले जाते हैं।

काठमाडौं नेसनलको सम्बन्धन तत्काल खारेज नगर्न सर्वोच्चको अन्तरिम आदेश

Wednesday, November 1 2017

काठमाडौं नेसनलको सम्बन्धन तत्काल खारेज नगर्न सर्वोच्चको अन्तरिम आदेश

काठमाडौं नेसनलको सम्बन्धन तत्काल खारेज नगर्न सर्वोच्चको अन्तरिम आदेश दुर्गा दुलाल २०७४ कार्तिक १५ बुधबार १३:४०:०० प्रकाशित १७६३ पटक पढिएको काठमाडौं – काठमाडौं नेसनल मेडिकल कलेजको सम्बन्धन खारेज गर्ने त्रिभुवन विश्वविद्यालयको निर्णय तत्काल कार्यान्वयन नगर्न सर्वोच्च अदालतले अन्तरिम आदेश जारी गरेको छ। न्यायाधीश डम्बरबहादुर शाहीको एकल इजलासले सम्बन्धन खारेज गर्ने निर्णय कानुनसम्मत नभएको भन्दै कार्यान्वयन गर्न रोक लगाएको हो । काठमाडौं नेसनल कलेजका तर्फबाट जैनुद्दिन अन्सारीले असोज ३१ गते रिट दर्ता गरेका थिए । उक्त रिटमा पहिलो सुनुवाई गर्दै सर्वोच्चले गत कात्तिक ८ गते त्रिविको निर्णय कार्यान्वयन नगर्न भनेको थियो । सर्वोच्चले अन्सारीको मात्र तर्क सुनेको आधारमा त्रिविको निर्णय रोक्न आदेश दिएको हो। पूर्वाधार नै नपुगेको काठमाडौं नेसनललाई त्रिवि कार्यकारी परिषदले साउन १२ गते सम्बन्धन दिएको थियो । त्यसपछि डा गोविन्द केसी १२औं अनसन बसेपछि त्रिवि कार्यकारी परिषदले छानबिन गर्दा मापदण्ड नै नपुगेको मेडिकल कलेजले अस्पताल सञ्चालन गरेको पाएपछि सम्बन्धन खारेज गरेको थियो। तर, सर्वोच्चले उक्त निर्णय तत्कालका लागि कार्यान्वयनमा रोक लगाएको हो। अहिले प्रचलनमा

घने बालों के लिए खाएं ये आहार और देंखे असर

Wednesday, November 1 2017

घने बालों के लिए खाएं ये आहार और देंखे असर

आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल में लड़का हो या लड़की हर कोई अपने बालों को खूबसूरत दिखाना चाहता है। बालो की अलग अलग हेयरस्टाइल्स बनाकर हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। लेकिन बालो की अच्छी अच्छी हेयरस्टाइल्स तभी बन सकती है, जब हमारे बाल घने, सिल्की और मजबूत हो। कुछ लोगो के बाल इतने अच्छे होते है, की बिना किसी स्टाइल के भी वो अच्छे लगते है। वही कुछ लोगो के बाल इतने अच्छेनहीं होते। सुंदर, मजबूत और घने बाल आखिर किसे पसंद नहीं होते। आप अपने बालों से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने और बालों में चमक लाने के लिए कई तरीके आजमाते होंगे। लेकिन अगर आपको सही नतीजा नहीं मिल पा रहा है तो आपको आहार पर ध्यान देने की जरुरत है। कई बार हमारे शरीर में बालों से संबंधित पोषक तत्वों की कमी से भी बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं और जब तक उन पर ध्यान जाता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इससे बचने के लिए जानिए ऐसे 11 आहार, जो आपके बालों को बना सकते हैं खूबसूरत, मजबूत और चमकदार।

फैटी एसिड युक्त आहार:

ओमेगा -3 फैटी एसिड आपके बालों को शाफ्ट और रोमियों बनाता है। यही नहीं यह मस्तिष्क के लिए अच्छा होने के साथ ही ऊतकों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ओमेगा 3 - अलसी के बीज, अखरोट, सामन, ट्यूना, कालेज, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, सफेद सरसों का तेल। जिंक युक्त आहार- यह टेस्टोस्टेरोन और शरीर में अन्य हार्मोन के स्तर को ठीक करता है इसके साथ ही यह सर की त्वचा में तेल बनता है जिससे टिशू में वृद्धि होती है जिससे सर की त्वचा और बाल दोनों हीस्वस्थ रहते हैं।

जिंक युक्त आहार:

चने, गेहूं के बीज,ऑइस्टर, बीफ, वील लीवर, भुना हुआ बीफ।

प्रोटीन युक्त आहार:

प्रोटीन बाल का मुख्य आहार है तो अगर आपके बाल सफ़ेद यह झाड़ रहें हैं तो आपके आहार में प्रोटीन की कमी है। प्रोटीन युक्त आहार- ग्रीक दही, अंडे, काला, मूंगफली, सेम, मटर, मसूर, टोफू, चिकन, टर्की

आयरन युक्त आहार:

आयरन से शरीर में कोशिकाओं में खून और महत्वपूर्ण ऑक्सीजन पहुँचता है साथ ही यह बालों की जड़ों में भी पोषक तत्व पहुँचता है। वही अगर शरीर में आयरन की कमी होजाये तो इसकाअसर बालों पर भी पड़ता है। आयरन युक्त आहार - पत्तेदार साग(पालक, बोक चोए) ,साबुत अनाज, सेम, लाल मांस, टर्की, अंडा, रोटी , शंबुक, ऑयस्टर, लेंथिल्स, प्रुन्स।

विटामिन A और C युक्त आहार:

दोनों विटामिन बालों के फॉसिल को सील कर सीबम जो की एक तेलिया पदार्थ उत्पादन करता है जिससे बालों की जड़ को मजबूती मिलती है जिससे बाल झड़ते नहीं है। विटामिन सी से आयरन का उत्पादन बढ़ता है। विटामिन A और C युक्त आहार- स्विस कार्ड, पालक, ब्रोकोली, गाजर, मीठे आलू, कद्दू, ब्लूबेरी।

मैग्नीशियम युक्त आहार:

मैग्नीशियम की कमी से इन्फ्लमेशन होता है, जो पुरुष और महिलाओं में बालों के झड़ने का प्रमुख कारण है। मैग्नीशियम युक्त आहार- बादाम, पालक, काजू, दालें, ब्राउन राइस।

सेलेनियम युक्त आहार:

एक ट्रेस तत्व जो शरीर में सेलेनोप्रोटीन का उत्पादन करने में मदद करता है जिससे प्रजनन छमता बढ़ती है, चयापचय अच्छा रहता, डीएनए संयोग और इम्युनिटी मजबूत होती है। साथ यहबालों फॉसिल को बनाता है जिससे नए बाल का उत्पादन होता है। सेलेनियम युक्त आहार- ब्राजील नट्स, ट्यूना, हलिबूट, श्रिंप सरडाइन, हैम क्या ना खाएं सोया प्रोटीन शेक- प्रोटीन शेक खास कर जिनमें सोया प्रोटीन यह बालों के लिए बहुत नुक्सान देह होता है क्योंकि सोया में हेक्सन( पेट्रोलियम साल्वेंट) जो कि बालों के झड़ने का कारण होता है। कोलेस्ट्रॉल युक्त आहार- कोलेस्ट्रॉल और सैचरैटड फैट युक्त आहार खाने से डीएचटी (डायहाइडोटोस्टोस्टेरोन) का स्तर बढ़ता है जिससे बालों के फॉसिल नष्ट हो जाते हैं।

शराब, निकोटीन, कैफीन युक्त आहार:

निकोटीन और कैफीन युक्त आहार शरीर में मौजूद विटामिन सी को नष्ट करता हैं। जिससे पोषक तत्वों शरीर में पहुंच नहीं पाते हैं। इससे बाल रूखे और शुष्क हो जाते हैं।

केमिकल स्वीटर्स और फूड्स:

प्रोसेस्ड फूड में मौजूद सोक्रोज, फ्राकोस और डेक्सट्रोज जैसे मीठे पदार्थ शरीर से विटामिन ई, के और सी जैसे आवश्यक विटामिन को नष्ट कर देते हैं जिससे बालों को नुक्सान पहुँचता है।

चाहिए ग्‍लोइंग स्किन.? सिर्फ कद्दू खाइएं ही नहीं चेहरे पर भी लगाइएं

Wednesday, November 1 2017

चाहिए ग्‍लोइंग स्किन.? सिर्फ कद्दू खाइएं ही नहीं चेहरे पर भी लगाइएं

कद्दू हेलोवीन पर एक सजावटी खाद्य वस्तु होने से भी कई बढ़कर है। ये नारंगी रंग की सब्जी अपने कई सौंदर्य फायदों के लिए भी प्रसिद्ध है। प्राचीनकाल से इसका उपयोग त्वचा की देखभाल के लिए किया जा रहा है। ये एएचए यानि अल्फा हाईड्रोक्सी एसिड के साथ अन्य स्कीन इंपूविंग विटामिन से भरा है। जो कि आपकी स्कीन में फिर से नई जान ड़ालने में मदद कर सकता है और साथ ही ये स्कीन को जवां और हेल्दी बनाता है। बहुत से लोगों ने त्वचा की देखभाल के लिए अपनी दैनिक दिनचर्या में इस अदभुत सब्जी को शामिल किया है। लेकिन अगर आप इस बारे में नहीं जानते कि इसे स्कीन पर कैसे लगाया जाए तो हम इस लेख के जरिए आपको इसके विभिन्न तरीकों के बारे में बताएंगे जिससे आप इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए कर सकते है। कद्दू के लाभ उठाने के लिए, आपको कुछ तरीकों से इसका उपयोग करना चाहिए। नीचे दिए गए तरीकों से आपको इसके श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आप इस वेजिटेबल का उपयोग गोरा रंग पाने या एजिंग के साइंस को रोकने के लिए कर सकते है। तो आइए जानते है कि कद्दू का इस्तेमाल किन-किन तरीकों से किया जा सकता है। 1. कद्दू विटामिन ई ऑयल कद्दू के टुकटों को पीस लें और उसमें विटामिन ई कैप्सूल से निकलाए गए तेल के साथ मिक्स कर लें। फिर इस मिश्रण को अपनी स्किन पर अप्लाई करें और उसे 10-15 मिनट तक लगे रहने दें। इसके बाद क्लींजर और गुनगुने पानी से अपनी स्किन साफ करें। अपनी स्किन की देखभाल करने के लिए कद्द का इस्तेमाल इस तरह करें। 2. कद्दू दालचीनी पाउडर एक चम्मच कद्दू को ब्लैंड करें। उसमें एक चम्मच गुलाब जल ड़ालें और उसमें चुटकी भर दालचीनी पाउडर ड़ाल इस मिश्रण को मिक्स करें। इसे अपनी स्किन पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से अपना चेहरा धो लें, इस तरीके से आप जवां त्वचा पा सकते है। 3. कद्दू + शहद एक-एक चम्मच पीसा कद्दू और शहद मिलाए। और इसे अपनी स्किन पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से इसे धो लें। मुंहाओं और दाग धब्बों की समस्या को दूर करने के लिए इसी प्रक्रिया को एक सप्ताह बाद फिर से दोहराए । 4. कद्दू + दही दो चम्मच दही के साथ एक चम्मच कद्दू का जूस मिलाए। फिर इसे अपनी स्किन पर फैलाए और इसके अच्छे परिणाम पाने के लिए इसे 10 मिनट तक लगाए रखे। इसके बाद इस मिश्रण को गुनगुने पानी से हटाए। एजिंग के साइन को कम करने के लिए इस मिश्रण के साथ अपनी स्किन का ट्रीटमेंट करें। 5. कद्दू + बादाम तेल बाउल में, एक चम्मच कद्दू का पेस्ट और आधा चम्मच बादाम तेल मिक्स करें। फिर इसे अपनी त्वचा पर समान रूप से फैलाएं और 10 मिनट तक लगा रखने के लिए छोड़ दें। इस मिश्रण को अपनी स्किन से हटाने के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करे और बेहतर परिणाम पाए। 6. कद्दू + सेब का सिरका एक चम्मच पीसे कद्दू के साथ आधा चम्मच सेब का सिरका मिक्स कर फेस मास्क बनाए। फिर इसे अपनी स्किन पर 10-15 मिनट तक लगाए रखें। फिर गुनगुने पानी से अपनी स्किन साफ करें। अपनी स्किन से ब्लैकहेड हटाने के लिए इस मिश्रण को यूज करें। 7. कद्दू + नींबू का रस 1 चम्मच मसले कद्दू के साथ दो चम्मच नींबू का रस मिलाए। इसके बाद इस मिश्रण को अपनी स्किन पर अप्लाई करें और करीब 15 मिनट तक लगाए रखें। जब ये सूख जाए, तो ठंडे पानी से इस मिश्रण को अपनी स्किन से साफ कर लें। इस मिश्रण को आप हर सप्ताह अपनी स्किन पर अप्लाई कर गोरा रंग पा सकते है। 8. कद्दू + ओटमील सबसे पहले पके ओटमील और कद्दू के जूस को एक साथ मिलाए। फिर इसे अपनी स्किन पर लगाकर थोड़ी देर के लिए स्क्रब करें। इसके बाद 10 मिनट तक लगा रख ठंडे पानी से अपनी स्किन धो लें। इस मिश्रण का प्रयोग कर अपनी स्किन को डिटोक्सी करें। 9. कद्दू व पपीता पल्प एक चम्मच कद्दू का जूस और पपीता पल्प को एक साथ मिक्स करें। फिर इस मिश्रण को अपनी स्किन पर लगाए और इसे 10 मिनट पर अपनी स्किन पर लगाए रखें। इस मेटीरियल को अपनी स्किन से हटाने के लिए ठंडे पानी का यूज करें। इस मिश्रण को हर सप्ताह अपनी स्किन पर लगाकर ग्लोइंग स्किन पाए।

चीनी सैनिकों को मिली भारतीय सैनिकों से बेहतर संवाद के लिए हिंदी सीखने की नसीहत

Wednesday, November 1 2017

चीनी सैनिकों को मिली भारतीय सैनिकों से बेहतर संवाद के लिए हिंदी सीखने की नसीहत

चीनी सैनिकों को मिली भारतीय सैनिकों से बेहतर संवाद के लिए हिंदी सीखने की नसीहत Posted at: Nov 1 , 2017 by Dilersamachar 52 Share On: दिलेर समाचार, बीजिंग। जैसे नई दिल्ली, चीन सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को मंदारिन भाषा सिखा रहा है, उसी तरह बीजिंग को भी अपने सैनिकों को हिंदी भाषा सिखानी चाहिए। इससे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के अधिकारियों का उनके भारतीय समकक्षों के साथ संवाद बेहतर होगा और बेवजह की गलतफहमियां नहीं होंगी। शंघाई अकादमी ऑफ सोशल साइंसेज इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल में रिसर्च फेलो हू जियांग ने अपने देश की सेना को यह सलाह दी है। गत सप्ताह गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-तिब्बत सीमा बल (आइटीबीपी) के जवानों और अफसरों की इसलिए सराहना की थी , क्योंकि उन्होंने संगठन के मूल प्रशिक्षण में मंदारिन भाषा शामिल की है। आइटीबीपी ने ऐसा इसलिए किया ताकि पीएलए के अधिकारियों से आमना-सामना होने पर संवाद में उन्हें मदद मिल सके। हू जिंयाग के हवाले से सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स लिखता है , डोकलाम विवाद के बाद से चीन को लेकर भारत की चिंता बढ़ी है, इसलिए उसने सैनिकों को मंदारिन भाषा सीखने का निर्देश दिया है, ताकि चीनी सैन्यकर्मियों के साथ वह संवाद कर सकें और व्यर्थ की गलतफहमियां ना पैदा होने पाएं।

नाबालिग़ पत्नी से शारीरिक संबंध के फैसले से बदलेगा समाज?Feminism In India

Wednesday, November 1 2017

नाबालिग़ पत्नी से शारीरिक संबंध के फैसले से बदलेगा समाज?Feminism In India

tweet हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि 15 से 18 साल की नाबालिग़ पत्नी के साथ यौन सम्बंध बनाना क़ानूनी रूप से अपराध है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने रेप के मौजूदा कानून की खामियों को दूर करने का एक अनूठा प्रयास किया है। इससे पहले रेप के कानून (IPC 375) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था| कोर्ट के इस फैसले के अनुसार अगर नाबालिग़ पत्नी के साथ पति यौन संबंध बनाता है तो नाबालिग़ पत्नी एक साल के अंदर रिपोर्ट लिखवा सकती है। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अपने अलग, लेकिन एकमत से दिए गए फैसले में इस अपवाद के बारे में कहा ‘दुष्कर्म कानून में अपवाद भेदभावपूर्ण, मनमाना और एकपक्षीय है। यह लड़की की शारीरिक पवित्रता का उल्लंघन करती है।‘ न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि इस अपवाद का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है। आईपीसी की धारा 375, जो दुष्कर्म को परिभाषित करती है, इसके अपवाद 2 में कहा गया है ‘पुरुष द्वारा उसकी पत्नी के साथ बनाए गए यौन संबंध अगर उसकी पत्नी 15 से कम उम्र की नहीं हो, तो उसे दुष्कर्म नहीं माना जाएगा। इस महत्वपूर्ण फैसले से हमारे देश में हो रहे बाल विवाह की खराब हालात को सुधारने में कुछ मदद मिलने की आशा की जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारत बाल विवाह के मामले में दूसरे स्थान पर है। भारत में ऐसे बहुत से राज्य है जहाँ पर आज भी बाल विवाह खुले तौर पर हो रहे है। दुःख की बात तो ये है कि परम्परा के नाम पर आज भी लोग इस रूढ़िवादी सोच को ढो रहे है । दूसरा लैगिक भेदभाव की वजह से लड़कियों के आगे बढ़ने के लिए कोई भी सामाजिक सहयोग नहीं है, जिसके चलते लड़कियां अपने अधिकारों से वंचित हो रही है। सामाजिक दबाव के कारण लड़कियों को अपने सपनों का गला घोंटना पड़ता है। ऐसे हालात में बिना किसी सामाजिक सहयोग के कोई नाबालिग़ पत्नी अपने साथ हो रहे यौनिक उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा पाएंगी, ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है| क्योंकि जाहिर है नाबालिग़ शादीशुदा लड़की मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से इतनी परिपक्व नहीं होगी कि वो अपने साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाये, ऐसे में उसका विरोध पूरी तरह उसके परिवार के सहयोग पर निर्भर करेगा| गौरतलब है कि जो परिवार अपनी नाबालिग़ बच्ची के ब्याह को गलत नहीं मानेगा वो भला पति द्वारा यौन संबंध बनाने को गलत कैसे मानेगा? और पढ़ें : पितृसत्तात्मक सोच वाला हमारा ‘रेप कल्चर’ लेकिन इन बातों का मतलब ये कतई नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण नहीं है| बल्कि इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ-साथ हमें बाल विवाह निषेध अधिनियम को ही सख्ती के साथ लागू करने की ज़रूरत है, जो इस समस्या की मूल जड़ को सीधे तौर पर खत्म करेगा। साथ ही हमें यह भी समझना होगा कि पोक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम एक दूसरे से एक कड़ी के रूप में जुड़े हुए है और हमें इनको इसी रूप में देखना चाहिए ना कि अगल-अलग| संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारत बाल विवाह के मामले में दूसरे स्थान पर है। जहां एक तरफ हम ये बात कर रह है कि 18 साल से कम उम्र की लड़की अपने फ़ैसले लेने और सहमति देने में सक्षम नहीं है। उसके बाद ही कोई लड़की सहमति देने के लिए सक्षम मानी जाती है। फिर 18 साल से ज्यादा उम्र की पत्नी के साथ जब कोई पति जबरन यौन संबंध बनाता है तो उसको अपराध की श्रेणी में क्यों नहीं रखा जाता, ये भी एक सवाल है और ऐसे हालात में हमारे नियम क्यों बदल जाते है। और पढ़ें : सुरक्षा की बेड़ियों में जकड़ी आज़ाद भारत की लड़कियां आज भी हमारा समाज यह मानता है कि अगर कोई पति अपनी पत्नी के साथ ज़बरन यौन संबंध बनाता है तो वो अपराध नहीं है। इसके पीछे ये दलील दी जाती है कि अगर इसे अपराध माना गया तो सामाजिक तानाबाना बिगड़ जाएगा। महिला अधिकारों को लेकर शुरू से कुछ महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जाते रहे है और सर्वोच्च न्यायालय का ये फैसला भी उनमें से एक है। लेकिन इन अधिकारों को टुकड़ो में न देखते हुए सम्पूर्णता में देखने की जरूरत है। इसके साथ-साथ सामाजिक चेतना को उजागर करना भी एक बहुत जरूरी पहलू है, तभी हम एक समानता और न्यायपूर्ण समाज का गठन कर सकते हैं, क्योंकि बिना सामाजिक जागरूकता के बहुत बड़े बदलाव की कल्पना भी कर पाना बहुत मुश्किल होगा। Featured Image Credit: The News Minute Share this:

सुपरनेचुरल पॉवर होती है हथेली में बनी गार्जियन लाइन में

Wednesday, November 1 2017

सुपरनेचुरल पॉवर होती है हथेली में बनी गार्जियन लाइन में

» सुपरनेचुरल पॉवर होती है हथेली में बनी गार्जियन लाइन में सुपरनेचुरल पॉवर होती है हथेली में बनी गार्जियन लाइन में Life Updated: 13:51 हस्‍तरेखा शास्‍त्र एक ऐसा विषय है जिसका जन्‍म भारत में हुआ था और फिर यह इजिप्‍ट, चीन और यूरोप में फैल गया। इसके अंर्तगत हाथ की रेखाओं द्वारा किसी व्‍यक्‍ति के स्‍वभाव और भविष्‍य के बारे में जाना जा सकता है। हाथ की लकीरों से भविष्‍य के बारे में पता लगाया जा सकता है। इस विषय में पढ़ने और जानने के लिए बहुत कुछ है लेकिन आज हम आपको हाथ की सबसे महत्‍वपूर्ण रेखाओं में से एक गार्जियन लाइन के बारे में कुछ खास बातें बता रहे हैं। ये रेखा काफी कम लोगों के हाथ में देखी जाती है लेकिन जिनके हाथों में ये रेखा होती है वो बहुत भाग्‍यशाली माने जाते हैं। गार्जियन लाइन इस रेखा को अत्‍यंत शक्‍तिशाली माना जाता है। जिन लोगों के हाथों में ये रेखा होती है उन्‍हें बुरी शक्‍तियों और नकारात्‍मक चीज़ों से सुरक्षा मिलती है। ये है संकेत ये गार्जियन रेखा इस बात को भी अंकित करती है कि अगर ये अपने प्‍यार को खो देते हैं तो उनकी रूह हमेशा किसी फरिश्‍ते के रूप में इनके साथ रहती है। मुसीबत के समय इनसे मदद मिलती है। कहां होती है ये रेखा हाथ में जीवनरेखा के साथ ही ये रेखा होती है। ये रेखा मुख्‍य चलती हुई मुख्‍य रेखा से जाकर जुड़ती है। जिस बिंदु पर जाकर ये रेखा मुख्‍य रेखा पर जाकर कटती है, ये इस बात का सूचक है कि इस उम्र में आपको किसी अपने करीबी को खोना पड़ सकता है। बाएं हाथ में होती है ये रेखा ये रेखा अधिकतर बाएं हाथ पर होती है और ये जीवनरेखा के साथ होती है। ये रेखा हमेशा उस व्‍यक्‍ति का ध्‍यान रखती है और उसे हर मुसीबत से बचाती है। क्‍या है इस रेखा का अर्थ इस रेखा वाले व्‍यक्‍ति को मुसीबत और जरूरत के समय किसी अदृश्‍य शक्‍ति का साथ और मदद मिलती है। ये रेखा आपको बुरी नज़र से बचाती है। Read more about: life , जिंदगी English summary Do You Know Which Is Your Guardian Line On The Palm? Do You Know Which Is Your Guardian Line On The Palm? Please Wait while comments are loading...

टाइप 2 डायबिटीज है तो करें खाने में करें नारियल तेल का यूज़

Monday, October 16 2017

टाइप 2 डायबिटीज है तो करें खाने में करें नारियल तेल का यूज़

डायबिटीज की बीमारी हाल के दिनों एक आम बीमारी बन गई है। आपको उस समय हैरान नहीं होना चाहिए, जब आपको यह पता लगे कि आपका कोई जानने वाला इस रोग की चपेट में आ गया है। जाहिर है मनुष्य के रूप में हम रोगों से अजनबी नहीं हैं, लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जो हमारी ज़िंदगी को बेहद मुश्किल बना सकती हैं और डायबिटीज भी एक ऐसी बीमारी है। मधुमेह को घरेलू इलाज से करें कंट्रोल डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसका आज तक कोई ज्ञात इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को नियंत्रण में रखा जा सकता है और इसका इलाज किया जा सकता है। डायबिटीज को चयापचय संबंधी विकारों के एक समूह के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जो व्यक्ति के ब्लड शुगर या ब्लड ग्लूकोज के लेवल को प्रभावित करता है और इसका लेवल सामान्य से अधिक होता है। मसाले जो कंट्रोल करें डायबिटीज डायबिटीज के 2 प्रकार हैं जो लोगों को प्रभावित कर सकते हैं - टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज। टाइप 2 मधुमेह में, प्रभावित व्यक्ति का शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है या शरीर इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, इस प्रकार ब्लड शुगर बढ़ जाता है। टाइप 2 डायबिटीज के सबसे सामान्य लक्षणों में लगातार पेशाब आना, अत्यधिक भूख, थकान, वजन घटना, धीमी गति से घाव भरना, मतली, सिरदर्द आदि हैं। हाल ही के एक शोध अध्ययन ने सुझाव दिया है कि नारियल के तेल लेने से टाइप 2 डायबिटीज से बचाव और उसका इलाज भी हो सकता है। नारियल तेल कैसे टाइप 2 डायबिटीज को रोकता है हम पहले से ही जानते हैं कि एक संतुलित आहार लेने से कई रोगों को रोकने और उनका इलाज करने में मदद मिल सकती है। वास्तव में, एक संतुलित आहार आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ा सकता है और आपके मानसिक स्वास्थ्य को अच्छी स्थिति में ला सकता है। एक संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज, वसा, आदि जैसे सभी पोषक तत्व शामिल होते हैं। यहां तक कि अगर इनमें से एक पोषक तत्व भी कम हो, तो हम कमियों से ग्रस्त हो सकते हैं। अब, एक और महत्वपूर्ण पोषक तत्व जिसमें कई औषधीय लाभ हैं, वो ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड हैं, जो कि नारियल तेल, मछली, एवोकाडो, नट आदि जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। नारियल तेल बेहद स्वस्थ साबित हुआ है और यहां तक कि डॉक्टरों ने भी लोगों को अपने आहार का एक नियमित हिस्सा बनाने के लिए सलाह दी है। ऑस्ट्रेलिया में द जॉर्ज इंस्टीट्यूट ऑफ़ ग्लोबल हेल्थ द्वारा किए गए एक हालिया शोध अध्ययन में कहा है कि नारियल तेल कई लोगों में टाइप 2 डायबिटीज के कास को रोक सकता है। कई शोध किए जाने के बाद, यह निष्कर्ष निकाला गया कि नारियल के तेल में ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड दोनों शामिल हैं, इसलिए यह पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने के लिए शरीर को बढ़ावा दे सकता है। इस प्रकार प्रकार नारियल का तेल डायबिटीज को रोकने और इस स्थिति का इलाज भी करता है।