Health and Fitness

अब तो विज्ञान भी मान गया भांग लेने से होते हैं ये 10 औषधीय फायदे

Saturday, October 14 2017

अब तो विज्ञान भी मान गया भांग लेने से होते हैं ये 10 औषधीय फायदे

भांग का नाम सुनते ही हम नाक-भौं सिकोड़ने लगत हैं क्‍योंकि हम इसे तुरंत ही नशे से जोड़ लेत हैं। वहीं दूसरी ओर भांग शिवरात्री में भगवान शिव को चढ़ाने के लिये भी उपयोग किया जाता है क्‍योंकि हमारा माना है कि इससे शिव जी तुरंत प्रसन्‍न हो जाएंगे। भाग का उपयोग होली में ठंडाई बनाने के लिये भी प्रयोग होता है। भांग पीकर रंग खेलने का मजा ही अलग है। भांग को नशे से तो हर कोई जोड़ता है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि भांग को दवाई के रूप में भीकाफी ज्‍यादा प्रयोग किया जाता है? जी हां, अगर आप भांग को अति से ज्‍यादा लेते हैं तो जाहिर सी बात है कि यह आपको नुकसान पहुंचाएगा। लेकिन इसकी सही डोज़ आपको हजार बीमारियों से भी बचाएगी। भांग के पौधों में केनाबिनोल नामक रसायन पाया जाता है। भांग कफ बनने से रोकता है एवं पित्तकोपक भी होता है। इसकी पुष्टि विज्ञान भी कर चुका है।

1. कान का दर्द

यदि कान में दर्द हो रहा हो तो भांग की पत्‍तियों को पीस कर उसका रस निकाल लें और उसमें रूई भिगो कर कान में दबा कर लगाने कान के दर्द मे काफी आराम मिलता है।

2. योनि का ढीलापन

अच्‍छी क्वालिटी की भांग को पीसकर छान लीजिये। फिर कपड़े में इसकी पोटली बांधकर योनि में रख लीजिये। इससे ढीली योनि पहले जैसे ही हो जाती है।

3. मासपेशियो के दर्द को कम करे

भांग में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है जो मासपेशियों में दर्द होने की वजह से सूजन को कम करता है।

4. मिर्गी का रोग

रिसर्च में यह साबित किया गया है कि गांजे में मिलने वाले तत्व मिर्गी के अटैक को टाल सकते हैं। यह शोध साइंस पत्रिका में भी छपा। रिपोर्ट के मुताबिक कैनाबिनॉएड्स कंपाउंड इंसान को शांति का अहसास देने वाले मस्तिष्क के हिस्से की कोशिकाओं को जोड़ते हैं।

5. इम्‍यून सिस्‍ट को मजबूती दे

उम्र के साथ साथ हमारा इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर पड़ जाता है जिससे हमें तमाम तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं। इससे अंगों में इंफेक्शन फैल जाता है। भांग में मिलने वाला THC, संक्रमण फैलाने के लिए जिम्मेदार मॉलिक्यूल का डीएनए बदल देता है। तब से ऑटोएम्यून के मरीज भांग की खुराक लेते हैं।

6. बुखार

बुखार होने पर अगर आप सीमित मात्रा में भांग का सेवन करते हैं तो ये बुखार के सारे लक्षणों को कम करने के साथ शरीर के ताप को कम करने में पूरी मदद करता है।

7. अर्थराइटिस का दर्द

हमने आर्टिकल के शुरुआत में भी बताया है कि भांग कक एंटी इंफ्लेमेटरी पौधा है जिसके पत्‍तों को लगाने से गठिया दृारा सूजन और दर्द को कम करने मे मदद मिलेगी।

8. अंडकोषों की सूजन

भांग के गीले पत्तों की पोटली बनाकर अंडकोषों की सूजन पर बांधना चाहिए। अगर आप ऐसा ना कर पाएं तो सूखी भांग को पानी में उबालकर बफारा देने से अंडकोषों की सूजन उतर जाती है।

9. कैंसर

क्‍या आप जानते हैं कि भांग कैंसर से लड़ने में सक्षम है? कैंसर की एक वेबसाइट cancer.org के मुताबिक कैनाबिनॉएड्स तत्व कैंसर कोशिकाओं को मारने में सक्षम हैं। यह ट्यूमर के विकास के लिए जरूरी रक्त कोशिकाओं को रोक देते हैं। यह कोलन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और लिवर कैंसर का सफल इलाज कर सकती है।

10. दस्‍त

यदि आपको लगातार दस्‍त हो रहे हैं तो भांग, शुंठी और जीरे को एक सीमित मात्रा में ले कर अच्छी तरह एक साथ पीसकर और छानकर रख लें। इस चूर्ण को खाना खाने से पहले 1-2 चम्मच चाट लें। यह प्रयोग 40 दिन तक सुबह-शाम करने से पुरानी से पुरानी संग्रहणी नष्ट हो जाती है। नोट: भांग के इन फायदों के बावजूद एक बात का ध्यान रखें कि इसको कभी भी खाली पेट न पीयें और नमकीन स्नैक्स के साथ खायें। अगर आपको इसे लेने के तरीके मे कोई शक हो तो डॉक्‍टर की सलाह जरुर लें।

आपकी आंखे हैं अनमोल, ये टिप्स अपनाकर अपनी आंखें रखें सलामत

Saturday, October 14 2017

आपकी आंखे हैं अनमोल, ये टिप्स अपनाकर अपनी आंखें रखें सलामत

आंखे शरीर का सबसे इम्पॉर्टेंट हिस्सा होती है इसके बिना दुनिया की कोई भी चीज आपके लिए अच्छी नही होती है। एक छोटे से कैमरे के सामान आखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जो इंसान की सुंदरता में चार चांद लगाती हैं क्योंकि इन्हीं अनमोल आंखों से वह कुदरत के खूबसूरत नजारों को देख पाता है। आंखों की रोशनी कम होने की वजह भोजन में विटामिन ए की कमी होना है, जिससे छोटी उम्र से ही आंखें कमजोर होने लगती है, ज्यादा देर तक पढ़ते रहना घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करना या टेलीविजन देखना हवा में मौजूद गंदगी का आखों में जाना इन कारणों से भी आँख कमज़ोर होती है।

आंखों के लिए शहद के 8 गजब के फायदे

समय-समय पर आंखों की भी देखभाल की जाए तो काफी हद तक इसमें पैदा होने वाली समस्याओं को रोका जा सकता है। अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए अपनी आंखो को स्वस्थ्य रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते है कि कैसे आप अपनी आंखो को स्वस्थ्य रख सकते है।

ये होते है आंखो के कमजोर होने के लक्षण

अगर आपकी आंखो से आपको धुंधला दिखाई देने लगा है तो आप चेकअप कराइए। अगर आपकी मांशपेशियो मे खिचाव महसूस हो रहा है तो ये लक्षण है। अगर आपकी आंखो में जलन है। अगर आंखो से पानी निकल रहा है तो ये भी समस्या है।

आंखो को ऐसे रखे सुरक्षित

आंखो की करें सफाई आप अपनी आंखो के प्रति सावधान रहें। आंखों के प्रति लापरवाही बरतने से आंखों से पानी आना, जलन, खुजली, आंखों का लाल होना, पीलापन आना, सूजना, धुंधला दिखने जैसी समस्याएं होती हैं, इन समस्याओं से आंखों को बचाने के लिए नियमित रूप से आंखों की सफाई करनी चाहिए इसके लिए आप आंखों को दिन में 3-4 बार ठंडे पानी से अच्छीं तरह से धोएं। ऐसे आप अपनी आंखो को सुरक्षित रख सकते है। चेकअप करवाते रहें आप अपनी आंखो का समय-समय पर आंखों का चेकअप कराना चाहिए, डायबिटीज के रोगियों को समय-समय पर आंखों का चेकअप जरूर करवाना चाहिए क्योंकि डायबिटीज से आंखों पर नकारात्मक असर पड़ता है और लंबे समय तक डायबिटीज रहने पर अंधापन भी हो सकता है।

खाने में खाएं पोषक तत्व

हमे खाने में पोषक तत्व से भरपूर आहार लेना चाहिए, जैसे हरी साग सब्जी और विटामिन ए से भरपूर दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, शुद्ध घी इत्यादि का सेवन करना चाहिए, प्रत्येक दिन 8 से 9 गिलास पानी पीना आंखों के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। सोना है बहुत जरूरी हमारी आंखे दिनभर काम करती है और इस समय तो मोबाइल और कंप्यूटर का जमाना है तो ये बिल्कुल ही सही समय की आपकी आंखों को ध्यान देने का। जिसस तरह से हमारा शरीर काम करते करते थक जाता है और उसको आराम की जरूरत होती है उसकी तरह से आंखो को भी आराम की जरूरत होती है। आंखो को आराम देने के लिए हमें 8 घंटे की नींद हर हालत में लेनी चाहिए। ऐसे रखें आंखो को सुरक्षित प्रतिदिन पपीता खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। सेब का मुरब्बा खायें और उसके बाद दूध का सेवन करें एैसा करने से आंखों की रोशनी तेज होती है। प्रतिदिन फल और सब्जियों का सेवन करने से आंखों की शक्ति बढ़ती है। जूस पिएं प्रतिदिन गाजर का जूस पिने से आँखों की रौशनी बढती है। सेब के सेवन करने और उसका जूस पीने से आंखों की ज्याति तेज होती है। सुबह जल्दी उठकर पार्क घास पर नंगे पैरों से चलने से कमजोर आंखें तेज होती है। ऐसे रखें आंखो का ख्याल आँखों में गॉगल्स या यूवी प्रोटेक्टव लैंस वाले चश्मे का प्रयोग करें। प्रतिदिन फल और सब्जियों का सेवन करने से आंखों की शक्ति बढ़ती है। कंप्यूटर पर काम करते समय स्क्रीन पर लगातार न देखें. 20 मिनट के बाद स्क्रीन से आंखे हटा लें एैसा करने से आंखों को आराम मिलता है। 1 मिनट में कम से कम 10 से 12 बार आंखों की पलकें झपकाते रहें। एैसा करने से आंखें रूखी नहीं रहती हैं.

पीरियड्स में होने वाली ऐंठन को पालक के रस से ऐसे करें कम

Saturday, October 14 2017

पीरियड्स में होने वाली ऐंठन को पालक के रस से ऐसे करें कम

कल्पना कीजिए कि जब आप अपने पैर के अंगूठे को दरवाजे के खिलाफ लगाए रखेंगे, तो तेज दर्द हो सकता है, है ना? अब, 5 गुना उस दर्द की कल्पना करें जो लगभग 24 घंटे से अधिक समय तक रहता है। ऐसा दर्द मासिक धर्म में ऐंठन की वजह से हो सकता है। हालांकि दर्द का अनुभव हर महिला से महिला के बीच अलग हो सकता है। ज्यादातर महिलाएं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकती हैं कि मासिक चक्र की स्थति आपको रुला सकती है। हां, अगर आप हम भाग्यशाली हैं तो आपको कम ऐंठन हो सकती है और अगर आपका लक ख़राब है, तो हर महीने इस स्थिति का अनुभव करना पद सकता है। आम तौर पर, ज्यादातर लड़कियों को 12 वर्ष की आयु के आसपास पीरियड्स शुरू होते हैं और यह हर महीने जारी रहते हैं, जब तक वह 50 वर्ष की आयु में मेनोपॉज नहीं पाती है। हर महीने, कम से कम 4-5 दिनों के लिए योनि से खून बहता है। खुद के पीरियड्स से जानें अपने शरीर का हाल, पहचाने बीमारियां ऐसा गर्भाशय की दीवार के बहाव के कारण होता है, अगर महिला गर्भवती नहीं होती है मासिक धर्म के दौरान, शरीर में बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो गर्भाशय की दीवारों की सूजन पैदा कर सकता है। इस प्रकार पेट के निचले हिस्से में बहुत दर्द और असुविधा पैदा होती है। आपको बता दें कि इस दौरान स्ट्रोंग पेनकिल्लर लेने से कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। हम आपको एक प्राकृतिक उपाय बता रहे हैं, जो पीरियड्स के दर्द को कम कर सकता है। आवश्यक सामग्री: पालक का रस - आधा गिलास शहद - 1 बड़ा चम्मच मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन को कम करने के लिए यह स्वाभाविक रूप से प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। हालांकि इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि यदि दर्द बहुत ज्यादा है है और खून बहना असामान्य रूप से भारी है, तो तत्काल डॉक्टर के पास जाना सबसे बेहतर होता है। इसके अलावा आपको इस उपाय के साथ तेल और मसालेदार भोजन से दूर रहना चाहिए क्योंकि यह चीजें आपके दर्द को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा व्यायाम करना पीरियड की ऐंठन को कम करने के कुछ प्राकृतिक तरीके हैं। पालक आयरन और विटामिन सी का मुख्य स्रोत है। यह दोनों ही घटक हार्मोनल असंतुलन निर्धारित कर सकते हैं जिससे गर्भाशय की सूजन की वजह से पीरियड की ऐंठन कम हो सकती है। शहद एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है , जो पीरियड के दौरान गर्भाशय के आसपास सूजन को कम कर सकता है।

बनाने की विधि:

पालक रस को गरम करें जब तक कि यह गुनगुना नहीं हो जाता। इसके बाद इस मसालेदार रस के गिलास में शहद जोड़ें। एक मिश्रण बनाने के लिए अच्छी तरह हिलाएं। इस मिश्रण को एक दिन में दो बार पियें, जब तक आपके पीरियड्स जारी रहता हैं।

1 महीने में घट जाएगा 5 किलो वजन अपनाएं ये डायट

Saturday, October 14 2017

1 महीने में घट जाएगा 5 किलो वजन अपनाएं ये डायट

जल्दी से वजन कम करना कोई खेल नही होता है ना ये कोई जादू होता है लेकिन अगर आपने इसका सही से और सही समय पर पालन कर लिए तो आपको इसका फायदा जरूर होगा। जैसा कि आप जानते है, भोजन को 3000 कैलोरी प्रतिदिन तक सीमित कर देना आपको अच्छा नही लग रहा होगा। एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं हालाँकि, कठिन आहार, व्यायाम, और शरुआती जल भार को कम करने से (यह आपके वजन पर निर्भर करता है। आप जितने ज्यादा वजनी होंगे, यह उतना ही आसानी से होगा, यह आपके द्वारा की गई गणित से भी तेज गति से आपको लक्ष्य के काफी करीब ले जायेगा। लहसुन से सिर्फ 1 महीने में ऐसे कम करें 3 किलो वजन इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन वजन 1kg तक घटता बढ़ता रहता है, अगर आप तेजी से अपना वजन घटाना चाहते है तो हमारे पास एक एक ऐसा तरीका है जिससे आप एक महीने के 5 किलो तक अपना वजन कम कर सकते है। आइए जानते है कौन सा है वो तरीका....

सुबह सुबह खाएं ये कोकोनट और पानी

नींबू में मौजूद विटामिन सी, पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसके साथ ही ये शरीर से विषाक्त पदार्थ को भी निकालने में मददगार है। नींबू के रस के साथ नारियल के तेल को मिलाकर लेने से अतिरिक्त चर्बी पर सीधा असर पड़ता है। एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच नारियल का तेल मिलाकर पीने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। नास्ते में ये खाएं बादाम और बटर अगर आप अपने रोज़ के नाश्ते पर बहुत ज़्यादा निर्भर नहीं रहते या अपने रोज़ के नाश्ते में बदलाव करना चाहते हैं तो ब्रेड के साथ बादाम बटर (almond butter) का प्रयोग करके देखें। एक चम्मच बादाम बटर के साथ आप सेहत और वेट लॉस से जुड़े फायदें ले सकते हैं। पर याद रहे की आप जो बटर इस्तेमाल कर रहें हैं वो शुद्ध हो साथ ही एक चम्मच से ज़्यादा न हो जिससे आपके शरीर में प्रोटीन की मात्रा ज़रूरत से ज़्यादा ना हो इसके बाद 2 या 3 घंटो के लिए कुछ नहीं खाना है ध्यान रहे कि इन चीजों को खाने के बाद आपको 2 या 3 घंटो तक कुछ भी नही खाना है क्योंकि अगर आपने ऐसा किया तो आपका वजन कम करने में थोड़ा दिक्कत हो सकती है। ये नुस्खे आपके शरीर पर बेहतर प्रभाव डालने के लिए काफी है। 11 बजे के समय ये पिए ये वाली चाय ग्रीन टी ग्रीन टी में कैफीन और ईजीसीजी जैसे बहुत अधिक बायोएक्टिव पदार्थ शामिल हैं। ये पदार्थ आपके भूख को कम करते हैं, आपके मटेबलिज़म में सुधार करते हैं, और अंत में आपके शरीर में वसा यानि फैट को कम करने में मदद करते हैं। अध्ययन से पता चलता है कि यह विशेष रूप से अपने पेट के चारों ओर कैलोरी जलाने में मदद करता है लन्च में खाएं ये, एक सप्ताह का चार्ट अंडे और वेजीटेबल्स से बजन कम करना आपको वेजीटेबल्स के साथ अंडे खाने है इस तरह से आप अपने एक सप्ताह का डायट चार्ट बना सकते है उसके बाद एक महीने तक कन्टीन्यू कर सकते है।

पहला दिन

नाश्ते में एक फल और दो उबला अंडा खाएं। लंच में ब्राउन ब्रेड की दो स्लाइस और डिनर में दो अंडे के साथ सलाद खाएं।

दूसरा दिन

नाश्ते में एक फल और दो उबला अंडा लें। दोपहर के खाने में ब्राउन ब्रेड के साथ टमाटर और लो-फैट चीज के एक स्लाइस का सैंडविच खाएं. डिनर में सलाद के साथ दो उबले अंडे खाएं।

तीसरा दिन

नाश्ते में एक फल के साथ दो उबला अंडा खाएं. लंच में एक अंडे के सात सलाद खाएं। डिनर में दो उबले अंडे, सलाद और एक गिलास जूस लें. लन्च में खाएं ये, एक सप्ताह का चार्ट अंडे और वेजीटेबल्स से बजन कम करना

चौथा दिन

नाश्ते में एक फल और दो उबला अंडा लें। दोपहर के खाने में उबली हुई सब्जी के साथ दो उबले अंडे खाएं। डिनर में मछली और सलाद शामिल करें.

पांचवा दिन

नाश्ते में एक फल और दो उबला अंडा लें। लंच में सिर्फ एक पल खाएं. रात के खाने में सलाद के साथ उबले अंडे लें।

छठंवा दिन

नाश्ते में एक फल और दो उबला अंडा लें। लंच में एक टमाटर, सलाद, एक ग्रीन जूस और चिकन लें।

सातवां दिन

नाश्ते में एक फल और दो उबला अंडा लें। दोपहर के खाने में फल खाएं। रात के खाने में एक उबला अंडा, सलाद, चिकन का एक पीस और संतरे का जूस लें। इन सब्जियों को ना खाएं ध्यान रहे कि डायट करते समय आपको भूलकर भी गाजर, बीन्स, आलू और किसी भी जड़ वाली सब्जी को नहीं खाना है। शाम को पिए बटर टी बटर टी बटर टी वजन कम करने में मदद करता है। ये आपके भूख को कम करता है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और पूरे दिन पेट भरा हुआ महसूस कराता है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट बेली फैट कम करने में भी मदद करता है। दिनर में लें हाई प्रोटीन डायट पनीर दूध से बने सभी प्रोडक्ट सेहत के लिए अच्छे होते हैं। पनीर ढेर सारे दूध को प्रोसेस करके तैयार किया जाता है इसलिये इसमें प्रोटीन, कार्ब और फैट होता है। इसमें कैल्शियम भी खूब होता है। गेनिंग करने वालों के लिये पनीर किसी वरदान से कम नहीं है। सौ ग्राम पनीर में करीब 18 ग्राम प्रोटीन होता है। घी और तेल को कहें ना अगर आप इनका सही और अच्छा रिजल्ट पाना चाहते है तो घी और तेल को आप भूलकर भी ना यू करें क्योंकि ऐसा करने से आपको सही परिणाम नहीं मिलेगे।

क्या डायबिटीज के मरीज डायट सोडा पी सकते हैं?

Saturday, October 14 2017

क्या डायबिटीज के मरीज डायट सोडा पी सकते हैं?

डायबिटीज के मरीजों को अपने खानेपीने का बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। इतना ही नहीं आपको अपने कुछ पसंदीदा खाद्य पदार्थ और पेय को छोड़ देना पड़ सकता है। अगर आप फिजी ड्रिंक्स पसंद करते हैं, डायबिटीज के मरीज ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए इस तरीके से खाएं अंडा तो आपको पता होना चाहिए कि आप किस प्रकार का सोडा पी सकते हैं। अक्सर, विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि डायट सोडा सबसे बेहतर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह वास्तव में सुरक्षित है? ऐसा माना जाता है कि डायट सोडा डायबिटीज के लिए ठीक है। यह सबसे खराब नहीं है, लेकिन यह सबसे अच्छा भी नहीं है। पानी और कम मीठी चाय सबसे बेहतर विकल्प है। इससे पहले की आप डायट सोडा पीना शुरू करें, आपको यह समझ लेना चाहिए कि यह डायबिटीज के मरीजों को कैसे प्रभावित कर सकता है।

1) इसमे कैलोरी नहीं होती

वजन कंट्रोल करना सभी के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन जब आपको डायबिटीज होता है, तो यह और भी महत्वपूर्ण है। अधिक वजन या मोटापे की वजह से जटिलताएं बढ़ सकती हैं। वजन भी शरीर के लिए इंसुलिन का उपयोग करना कठिन बनाता है।

2) डायट सोडा पी सकते हैं आप

डायट सोडा डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छा है क्योंकि इसमें कोई कैलोरी नहीं है। हालांकि इसमें कृत्रिम मिठास जैसे एस्पेरेटम, सैकरीन और नीटोम का इस्तेमाल किया जाता है। डायट सोडा में इस्तेमाल करने पर ये शुगर की जगह लेते हैं, जिससे इसमें कैलोरी की संख्या कम हो जाती है। कैलोरी में यह कमी वजन घटाने में योगदान दे सकती है। बेशक अच्छी तरह से भोजन करना और व्यायाम अभी भी महत्वपूर्ण हैं डायट सोडा सिर्फ एक कदम है।

3) ग्लूकोज मैनेजमेंट

डायबिटीज के मरीजों को ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। आखिरकार यह डायबिटीज को परिभाषित करता है। आपके रक्त में ग्लूकोज को नियंत्रित करना आपके आहार का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।

4) यह ब्‍लड में शुगर नहीं बढाता

डायबिटीज से पीड़ित एक व्यक्ति डायट सोडा पी सकता है क्योंकि यह ग्लाइसेमिक प्रतिक्रिया नहीं बदलता है। दूसरे शब्दों में, यह भोजन के बाद रक्त में ग्लूकोज नहीं बढ़ाता है। ये लाभ डायबिटीज से पीड़ित लोगों में भी सही।

5) अध्ययन क्‍या कहता है

उदाहरण के लिए, 2013 में आर्किविस लॉटिनोअमेरिकोनस डी न्यूट्रिकियन में एक अध्ययन ने देखा कि विभिन्न प्रकार के सोडा टाइप 2 डायबिटीज वा वयस्कों को कैसे प्रभावित करते हैं। दो समूहों को 8 घंटे के लिए उपवास करने के लिए कहा गया था। इसके बाद, एक समूह को एस्पेरेटम और ऐसेल्फैम से भरपूर डायट सोडा दिया गया था, जबकि अन्य को शुगर से भरपूर डायट सोडा दिया गया। इनके ब्लड ग्लूकोज को 10, 15 और 30 मिनट में मापा गया था।

6) क्‍या पाया शोधकर्ताओं ने

शोधकर्ताओं ने पाया कि डायट सोडा ने ग्लूकोज के स्तरों को नहीं बदला। इन निष्कर्षों के अनुसार, डायट सोडा डायबिटीज के रोगियों को सुरक्षित रूप से ब्लड ग्लूकोज का प्रबंधन कर सकता है।

7) ड्रिंक में नहीं होती कोई शुगर

इसके अलावा एडेड शुगर को आर्टिफीसियल शुगर से बदलना बड़ा अंतर आता है। ये शुगर असली शुगर की तुलना में बहुत अधिक मीठी होती है, जिसका मतलब है कि किसी पेय में कम इस्तेमाल होता है। सबसे अच्छी बात यह आपके मीठा खाने की लालसा को भी कम कर देगा और आपको संतुष्ट करेगा।

8) एनर्जी बढती है

डायट सोडा की कम कैलोरी सामग्री एक अच्छी बात है। दुर्भाग्य से, यह एक समस्या भी हो सकती है। मिठाई आपके शरीर को अधिक भोजन खाने के लिए प्रेरित करती है। यह आपके मस्तिष्क की प्रतिक्रिया का तरीका है। और जब आर्टिफीसियल स्वीटनर रेगुलर शुगर से अधिक मीठे होते हैं, तो आपकी लालसा बढ़ने की संभावना होती है है। यह अधिक कैलोरी खाने और पीने का कारण हो सकता है। दी जर्नल डायबिटीज केयर इस संबंध को स्वीकार करती है। कृत्रिम मिठास के बिना पेय की तुलना में, कृत्रिम मिठास वाले पेय ऊर्जा को बढ़ाते हैं। कम कैलोरी का सेवन करने के लिए अधिक कैलोरी का सेवन किया जाता है। एक और मुद्दा यह है कि सोडा के साथ कुछ अलग चीजें खाई जाती हैं। इसमें फल और सब्जियां शामिल हैं। हालांकि, इसमें कोई संदेह नहीं है कि सोडा के साथ मीठा और नमकीन स्नैक्स जैसी चीजेंबेहतर होती हैं।

9) हमेशा लेबल देख कर ही खरीदें डायट सोडा

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, मोटापे से ग्रस्त जो व्यस्क डायट सोडा पीते हैं, वो नमकीन स्नैक्स में 131 कैलोरी और मिठाई स्नैक्स में 243 कैलोरी रोज़ खाते हैं। जबकि जो मोटे व्यस्क नॉर्मल सोडा पीते हैं, वे क्रमशः मिठाई और नमकीन की 107 और 213 कैलोरी खाते हैं। ध्यान रखें कि डायट सोडा में अन्य सामग्री की कैलोरी हो सकती है। इसलिए हमेशा इसका लेबल देखकर ही लें।

10) मेटाबोलिक सिंड्रोम जोखिम

जब डायट सोडा लेने से अधिक ऊर्जा मिलती है, तो मेटाबोलिक सिंड्रोम अधिक होने की संभावना है। इसमें स्ट्रोक, हृदय रोग और डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है। मेटाबोलिक सिंड्रोम में पांच कारक शामिल हैं: एक बड़ी कमर, हाई फास्टिंग ब्लड शुगर, हाई ब्लड शुगर, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और कम एचडीएल कोलेस्ट्रॉल। आधिकारिक तौर पर मेटाबोलिक सिंड्रोम के लिए, आपको पाँच में से तीन की आवश्यकता होती है। लेकिन अगर डायबिटीज पहले ही मौजूद है, तो यह एक बड़ी समस्या है। इससे मेटाबोलिक सिंड्रोम तीव्र हो जाएगा। जटिलताओं का खतरा बढ़ने से यह ग्लूकोज कंट्रोल को भी कठिन बना देता है।

एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं

Friday, October 13 2017

एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं

अक्सर यह माना जाता है कि पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन कभी कभी ज्यादा पानी पीना भी हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। आप सोंच रहे होंगे भला ये क्‍या बात होती है, पानी से भला कैसे नुकसान हो सकता है। पर क्‍या आपने वॉटर वेट के बारे में सुना है। कहीं आपका वजन वाटर रिटेंशन से तो नहीं बढ़ रहा? जानिए इससे छुटकारा पाने का तरीका क्‍या आपके फेस पर या बॉडी में सूजन दिखती है या फिर क्‍या लाख जिम में वर्कआउट करने के बाद भी वजन कम होने का नाम नहीं लेता। तो इसका साफ मतलब है कि आपका वजन पानी की वजह से बढा हुआ है। वाटर वेट के कारण ही आपका वजन अचानक से बढ़ने लगता है लेकिन इसके लिए घबराने की जरुरत नहीं है इस समस्या को आप दूर कर सकते हैं और वो भी सिर्फ सात दिनों में। वॉटर वेट को अगर कम करना है तो आपको अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करना होगा, जिससे आपको इससे छुटकारा मिल सके। लेकन हां, ऐसा ना सोंचे की आप दिनभर में पानी पीना ही कम कर दें, ऐसा तो भूल कर भी ना करें। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहें हैं।

ज्यादा पानी पियें:

जैसा कि हम जानते हैं की वाटर रिटेंशन से शरीर का वजन बढ़ता है फिर भी आप ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर इससे छुटकारा पा सकते हैं। ज्यादातर होता यह है कि डिहाइड्रेशन की वजह से वाटर रिटेंशन की समस्या होती है इसलिए ज्यादा पानी पीने से आप हाइड्रेटेड रहेंगे और अच्छी मात्रा में पानी आपके शरीर से बाहर निकलेगा।

कार्डियो एक्सरसाइज करें:

आप प्रतिदिन लगभग 30 मिनट एक्सरसाइज जैसे दौड़ना, कूदना और साइकिलिंग करना आदि करें, इससे आपको ज्यादा से ज्यादा पसीना होगा और ज्यादा से ज्यादा टॉक्सिक पदार्थ आपके शरीर के बाहर निकलेंगे जिससे शरीर में पानी का जमाव यानी वाटर रिटेंशन नहीं होगा।

अच्छी नींद लें:

जब आप अपने रेगुलर सोने के समय से डेढ़ घंटे ज्यादा सोते हैं यानी अगर आप 6 घंटा सोते हैं तो आप 7:30 घंटा सोइए तो इससे आप होने वाले वाटर वेट से छुटकारा पा सकते हैं। क्योंकि इससे आप ज्यादा फ्रेश महसूस करेंगे और आपका दिमाग एक्सरसाइज करने के लिए और हेल्दी चीजें खाने लिए प्रेरित होगा।

नमक और कार्बोहाइड्रेट कम इस्तेमाल करें:

आप कोशिश करें की कम से कम नमक का आप इस्तेमाल करें। खासतौर से शाम को आप बिना नमक वाला भोजन ही करें अगर आप जल्दी रिजल्ट चाहते हैं। नमक आपके शरीर में वाटर को रिटेन करता है जो आप नहीं चाहते हैं। ऐसे ही आप कार्बोहाइड्रेट का भी लिमिट में इस्तेमाल करें क्योंकि इससे बहुत ज्यादा कैलोरी होती है जिससे आपका वजन बढ़ता है। इसका मतलब ये नहीं कि आप हेल्दी कार्बोहाइड्रेट जैसे ओट्स, अनाज आदि खाना ही बंद कर दें, बस आप जंक फूड्स से दूर रहें।

फाइबर युक्त चीजों का इस्तेमाल करें:

आप ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त चीजें जैसे फल और सब्जियां खाने में लें क्योंकि फाइबर शरीर के वाटर को सोखने का काम करता है जिससे आपको वाटर रिटेंशन की समस्या नहीं होती है और इसकी वजह से आपका वजन भी नहीं बढ़ता है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन यानी मर्दानगी बढ़ाना है तो खाएं ये 10 फूड

Thursday, October 12 2017

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन यानी मर्दानगी बढ़ाना है तो खाएं ये 10 फूड

क्‍या आप जानते हैं कि अगर पुरुष के शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरोन यानी मेल हार्मोन की कमी हो जाए तो उसे कितनी दिक्‍कत आ सकती है। बहुत से आदमी यह नहीं जानते कि टेस्‍टोस्‍टेरोन आखिर होता क्‍या है? टेस्टोस्टेरॉन पुरुष यौन लक्ष्णों के विकास को बढ़ाता है और इसका संबंध यौन क्रिया, ब्‍लड सर्कुलेशन और मासपेशियों में मजबूती, एकाग्रता, मूड और याददाश को बढ़ावा देने का होता है।

बढ़ानी है स्‍पर्म क्‍वालिटी तो रोज़ खाएं गुण और काला चना

क्‍या आप उनमें से हैं जो लोंगो पर चिड़चिड़ाते हैं या हर वक्‍त किसी ना किसी बात पर गुस्‍सा हो जाते हैं? हो सकता है कि लोग यह समझते हों कि आपके ऑफिस में बहुत सारा स्‍ट्रेस होगा इसलिये आप गुस्‍सा करते हैं लेकिन साइंस कहती है कि ये सब टेस्‍टोस्‍टेरोन की कमी की वजह से होता है। एक संतुलित आहार ना केवल हेल्‍थ के लिए जरूरी है बल्कि यह प्रजनन क्षमता को बढ़ाने तथा टेस्‍टोस्‍टेरॉन के सही लेवल के लिए भी आवश्यक है। कम टेस्‍टोस्‍टेरॉन लेवल की वजह से शादी शुदाा जिंदगियां भी तबाह हो रही हैं। टेस्टोस्टेरोन के लेवल को अगर बढाना है तो सही उचित डाइट लेना बहुत जरुरी है। इसके अलावा ना तो तनाव लें, ना ही ज्‍यादा मीठा और तला भोजन खाएं। आइये अब बात करते हैं ऐसे 10 इंडियन फूड की जो आपके टेस्‍टोस्‍टेरोन लेवल को बढ़ा सकते हैं। केले केले को सेक्‍स फूड भी कहते हैं क्‍योकि इसमें विटामिन ए, सी, और बी 1 के साथ ही, मैग्निशियम और प्रोटीन की अधिकता होती है। ये सभी पोशाक तत्व मेल हार्मोन की मात्रा बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं। केले को बनाना शेक और बनाना स्मूथी के रूप में लिया जा सकता है।

कस्तूरी

अगर आप सीफूड खाने के शौकीन हैं तो कस्‍तूरी जरुर खाएं क्‍योंकि इसमें ढेर सारी मात्रा में जस्ता और मैग्नीशियम होते हैं जो कि खनिज हैं। ये शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

मेवे और बींस

अच्‍छा रिजल्‍ट पाने के लिये इनका रोजाना सेवन करें। इसमें जिंक होता है जो मेल हार्मोन को बढाता है। आप बाजार से ब्राजील नट्स ले कर भी खा सकते हैं। ये मेवा अक्‍स एथलीट लोग खाते हैं, जिन्‍हें टेस्‍टोस्‍टेरोन और एनर्जी लेवल बढाना होता है। अंडे अंडे में कोलेस्‍ट्रॉल की चिंता ना करें क्‍योकि यह आपके LDL यानी बैड कोलेस्‍ट्रॉल को नही बढाएगा। मेल हार्मोन बढाना है तो अंडे जरुर खाएं।

दूध

दूध आपके शरीर और हड्डियों के लिए कैल्शियम और प्रोटीन देता है। इस भोजन में विटामिन डी भी शामिल है जिससे टेस्टोस्टेरोन का स्तर संतुलित होता है। आप कम वसा वाले दूध का उपयोग कर सकते हैं जो आपके हार्मोन को बढा देगा।

काजू

अध्ययन से यह साबित हो चुका है कि थोड़े समय तक काजू के सेवन से टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है। इसलिए रोजाना एक मुट्ठी काजू का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। काजू को भून कर खाना उचित रहता है। मुठ्ठीभर काजू रोज खाएं।

लहसुन और प्‍याज

लहसुन में विटामिन बी 6 और सेलेनियम की अधिकता होती है जो कि कामेच्छा बढ़ाता है। इसमें एक प्रकार का रसायन होता है जो यौन अंगों में रक्त के संचार को उन्नत करने में मदद करते है। लेकिन संतुलित मात्रा में लहसुन का सेवन करना चाहिए। लहसुन की तरह प्याज भी कई पोषक तत्वों से भरपूर है। कामेच्छा और जनांगों को सेहतमंद रखने में प्याज बहुत कारगर है।

विटामिन वाले आहार

ऐसे फल-सब्‍जियां जिसमें विटामिन का लेवल ज्‍यादा होता है, उसे जरुर खाएं क्‍योंकि यह आपके मेल हार्मोन को बढाएगा। फूड जैसे, ब्राउन राइस, सी फूड, एवाकाडो, हरी सब्‍जियां और मीट आदि विटामिनयुक्‍त होती हैं। यह आपके हार्मोन को बैलेंस करने में भी असरदार होती हैं।

अनार का जूस

यह शुक्राणुओं की संख्या बढ़ा कर मेल हार्मोन के लेवल को बैलेंस करता है। अनार का जूस पीने के कई फायदे हैं जैसे कि - यह शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाता है, स्तंभन दोष दूर करता है और शुक्राणुओं की गतिविधि और केन्द्रीकरण को प्रभावित करता है। अनार ना केवल पुरुष ही बल्‍कि महिलाओं को भी जरुर पीना चाहिये।

पाइनएप्‍पल

इस फल में bromelain अधिक होता है, जो कि मेल हार्मोन को बढाने में मदद करता है। इससे पुरुषों की यौन क्षमता बढ़ती है। इसलिये अपनी डाइट में रोज पाइनएप्‍प का जूस जरुर शामिल करें।

5 दिनों के अंदर कम करें 5 किलो वजन, अपनाएं ये तरीके

Thursday, October 12 2017

5 दिनों के अंदर कम करें 5 किलो वजन, अपनाएं ये तरीके

अगर आप अपने बढ़ते हुए वजन से परेशान है तो सबसे पहले आप अपना डाइट प्लान बदलें और तेजी से अपना वजन घटाएं। कई बार ऐसा देखा जाता है कि आप अपना डाइट प्लान बनाने के चक्कर में गलती भी कर जाते है जो आपके लिए नुकसानदेह साबित होता है। सबसे बड़ी गलती तो आप तब करते है जब आप अपना वजन कम करने के लिए बाजार से किसी मंहगे और शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोडक्ट को खरीदकर ले आते है और उसका सेवन करते है। सामान्यता ये देखा जाता है कि आप लोग अपना वजन तेजी से कम करने के लिए सुबह सुबह व्यायाम भी करते है जो कि सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। लेकिन अगर आपको ये पता चले कि कुछ डायट प्लान अपना कर आप 5 दिनों में घर बैठे ही 5 किलो तक वजन कम कर सकते है जी हां ये सच है आइए जानते है क्या हैं वो डायट प्लान कैसे कर सकते है पांच दिन में वजन कम आपके डायट प्लान के लिए सबसे महत्वपूर्ण आपका पहला दिन आप अभी जानते हैं कि आप अपने शरीर का वजन कम कैसे कर सकते हैं और वह भी 5 दिनों के समय में, जीएम आहार योजना का कहना है कि आहार का पहला दिन एक पूरा फल आहार दिन होना चाहिए। आपके पास उन सभी फलों को खाने का विकल्प होता है जो आप संभवतः कर सकते हैं और जो कुछ भी आप चाहते हैं उसमें भी ले सकते हैं।

पहला दिन

आपको पहले दिन की शुरुआत फलों से ही करनी है और और ध्यान ये रखे कि वेट कम करते समय आप सिर्फ ऐसे फलों का सेवन करें जो फैटी ना हो। अगर आप वजन घटाने के लिए फलों का सेवन करना चाहते हैं तो आपको तरबूज और कैटलॉप का सेवन करना बहुत ही आवश्यक है।

खूब पिएं पानी

पानी आपके शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक हैा इसलिए शरीर में पानी की कमीं ना हो ने दे। आपप दिन में खूब पानी पीजिए। ऐसा डॉक्टरों के द्वारा माना जाता है कि आपको दिन में कम से कम 8 से 12 गिलास तक पानी पीना चाहिए। इससे आपके शरीर का तापमान कम होता है और नजन कन करने में सहायता मिलती है भूख लगे तो अधिक पानी पिएं अक्सर देख जाता है कि आप जब भूखे होते है तो अधिकतर खाने की तरफ ही रुख करते है। इसलिए ये ध्यान देने वाली बात है कि जब डायट में हो और अपना वजन कम करना चाहते हो तो आपको जब भूख लगे तो आप पानी पीजिए। ये आपके लिए सही होगा।

दूसरा दिन

दूसरे दिन आप ध्यान रखे कि इस दिन आपको फलों से ज्यादा सब्जियों पर ध्यान देना है क्योंकि कई ऐसी सब्जियां हैं जो आपके शरीर से फैट खत्म करने में मदद करती है। कच्ची और पका हुआ गाजर, ब्रोकोली, ककड़ी, उबला हुआ बोतल और रिज लौकी, सलाद, उबला हुआ गोभी और इतने पर। आप ऐसी सब्जियों का सेवन करें जो आपको कच्ची और पक्की दोनो तरह से खाने में अच्छी लगती है। तेल का ना करें उपयोग सब्जी खाने का मतलब ये नहीं है कि आप उसमें तेल का ज्यादा प्रयोग करें। ध्यान रहे कि जब आप सब्जी का सेवन करना चाहें तो डायट प्लान के मुताबिक आपको सब्जी में तेल कम डालना है क्योंकि तेल में फैट होता है जो आपके शरीर को फैटी बनाएगा। इससे आपका वजन कम नहीं होगा।

तीसरा दिन

आपके तीसरे दिन का क्रम थोड़ा बदलेगा। इस दिन आपको ध्यान रखना है कि आप खाने में फल और वो सब्जियां खा सकती हैं जो आपके शरीर को नुकसान ना करें। कहने का मतलब ये है कि इस दिन आप दोनो चीजों का सेवन कर सकती है। साथ पानी पीना ना भुलें।

चौथा दिन

चौथा दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है इस दिन आपको ये ध्यान रखना है कि आपको खाने को हाथ भी नहीं लगाना है। जी हां दिन की शुरुआत करते समय आपको केला और दूध खाना है और ये सिलसिला इस दिन पूरे समय चलेगा। आप केले और दूध को बराबर भागों में बांट ले और प्रयोग करें।

पांचवा दिन

ये दिन आखिरी दिन है इस दिन की डायट आपको चौंका सकती है। जी हां इस दिन की डायट में आपको ये खाना और फल दोनों ही नहीं खाने हैं बल्कि आपको चावल के साथ टमाटर मिलाकर बनाना है और वहीं खाना है। इसके बाद आप दिनभर भूख लगने पर टमाटर ही खाएंगे। ऐसे करके आप 5 दिनो में 5 किलो वजन कम कर सकते है।

दिवाली को बनाना है हैप्‍पी तो अस्‍थमा के मरीज़ रखें इन बातों का ख्‍याल

Thursday, October 12 2017

दिवाली को बनाना है हैप्‍पी तो अस्‍थमा के मरीज़ रखें इन बातों का ख्‍याल

दिवाली भारत का सबसे बड़ा त्‍योहार है और इसे हर कोई मनाना भी चाहता है। इस दिन सारी फैमिली एक साथ इकठ्ठा होती हैं और खुशियां मनाती हैं। घर में दिये जलते हैं और ढेर सारी मिठाइयों से लोग अपना मुंह मीठा करते हैं। इसके अलावा इस रात पटाखे भी काफी जलाए जाते हैं क्‍योकि यह दिवाली का एक अभिन्‍न हिस्‍सा है। लेकिन वे बेचारे क्‍या क्‍या करें जिन्‍हे सांस की बीमारी यानी अस्‍थमा है।

अस्‍थमा को कंट्रोल करने का घरेलू उपचार

पटाखों से निकला जहरीला धुआं तुरंत ही सांस की नली में चला जता है जिससे रोगी को परेशानी होना शुरु हो जाती है। दिवाली वह समय भी है जब मौसम मे काफी परिवर्तन होते हैं, जिस कारणवश दमा के रोगी को काफी पेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर आप अस्थमा के मरीज हैं तो त्योहार पर आपको रोज़ से ज्यादा अपना ख्याल रखने की जरूरत है। क्योंकि त्योहार पर आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है।

World Asthma Day: दमा के रोगी जरुर करें ये 7 योग, होगा बड़ा फायदा

वे बच्‍चे जिनकी उम्र 6 से 12 के बीच की है उन्‍हें इसका ज्‍यादा रिस्‍क रहता है। पटाखों में केमिकल्स होते हैं, जो हवा में जाकर वातावरण को प्रदूषित करते हैं। यही हवा जब दमा व अस्थमा के पेशंट लेते हैं तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है। आज हम अस्‍थमा के रोगियों के लिये दिवाली में प्रदूषण से बचने के लिये कुछ टिप्‍स ले कर आए हैं जिससे वो बीमार न पड़े।

घर की सफाई ना करें

दिवाली पर घर चमकाने के चक्‍कर में ना फंसे। घर की साफ सफाई से दूर रहें, हो सके तो सफाई के लिए वर्कर्स की सहायता लें। धूल-मिट्टी अस्‍थमा के मरीजों के लिये काफी हानिकारक हो सकता है।

बाहर जाने से बचें

दिवाली के दिन बहुत ज्‍यादा धुंआ और प्रदूषण होता है इसलिये अच्‍छा है कि आप जहां पर जहां पर पटाखे ज्यादा जलाए जा रहे हों उस जगह पर जाने से बचें। और अगर आप जाना भी चाहत हैं तो अपने चेहरे पर मास्क लगाकर या रुमाल ढककर जाएं जिससे धूंआ आपकी सांस अंदर ना जाए।

रूमाल या स्‍कार्फ साथ में रखें

इस दिन अपने हाथ में रूमाल जरुर कैरी करें जिससे आप अपना मुंह और नाक बंद कर सकें। इससे पटाखे का धुंआ आपके शरीर में नहीं जाएगा।

इंहेलर पास में ही रखें

इस दिन तो भूल कर भी इंहेलर को अपने से दूर ना रखें। जब भी तबियत अजीब सी लगे तो इंहेलर का प्रयोग कर लें। भाप लें और सिकाई करें आप चाहें तो घर में भाप भी ले सकते हैं, इससे आपक फेफड़े खुलेंगे और आपको सांस लेने में मदद मिलेगी। पूरा दिन अपने पास गुनगुने पानी की एक बोटल रखें। यदि आपको सांस लेने मे तकलीफ हो तो इस बोतल से सीने या पीठ की सिकाई करें। ऑइली फूड से दूर रहें हां, हमे पता है कि यह दिवाली का सीज़न है और आप भला तले भुने और मीठे खाने से कैसे दूर रह सकते हैं। लेकिन ज्‍यादा खाने से बचें और ऑइली फूड तो भूल कर भी ना छुएं नहीं तो आपकी सांस और भी ज्‍यादा फूलेगी।

दवा जरुर लें

समय पर दवा लेना ना भूलें वरना आपका स्वास्थ बिगड़ सकता है।

बाहर का नहीं बल्‍कि घर का खाएं

जी हां, दिवाली के चक्‍कर में अगर आप सोच रहे हैं कि बाहर जा कर चटर पटर खाएंगे तो ऐसा ना करें। दिन में चार से छ बार खाना खाएं और हमेशा घर का ही बना हुआ खाएं। इससे आप स्वस्थ महसूस करेंगे।

सिगरेट और ड्रिंक से दूर रहें

इस दिन आप जितना हो सके उतना सिगरेट और ड्रिंक से दूर रहें। अच्‍छा होगा कि आप इसके लिये अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें क्‍योंकि स्‍मोकिंग करने से भी सांस फूलती है।

किन-किन को रहना चाहिये सतर्क

दिवाली में हर किसी को उतनरा खतरा नहीं होता जितना कि दिल के रोगी, अस्थमा, हाईपरटेंशन, मोटापे और डॉयबिटीज वालों को होता है।

आपकी सेहत और जीवन के बारे में बहुत कुछ कहते हैं आपके पहले पीरियड्स

Thursday, October 12 2017

आपकी सेहत और जीवन के बारे में बहुत कुछ कहते हैं आपके पहले पीरियड्स

विज्ञान के अनुसार, जिस आयु में आपको पहली बार पीरियड्स हुए, उससे आपके जीवन, पोषण और भविष्य के स्वास्थ्य के बारे में कई चीजों का संकेत मिल सकता है। हम आपको बता रहे हैं कि आपके पहले पीरियड्स आपके स्वास्थ्य के बारे में क्या कहते हैं। पीरियड में खून के थक्‍के बनना किसी खतरे का संकेत तो नहीं? पीरियड्स का वास्तव में आपके समग्र स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। पीरियड्स भी आपकी उम्र निर्धारित करने में मदद कर सकता है। हम आपको पीरियड्स से जुड़े कुछ वास्तविक दिलचस्प तथ्यों की जानकारी दे रहे हैं।

1) पीरियड्स देरी से होना

एक महिला का पीरियड्स और जीवनकाल बराबर चल चलते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिन लड़कियों को अपने जीवन में देरी से पीरियड्स शुरू होते हैं, उन्हें 90 साल की उम्र में भी रह सकते हैं।

2) पीरियड्स जल्दी होना

अध्ययनों से पता चला है कि माता-पिता का ध्यान, समर्थन, संवेदनशीलता और भावनात्मक सुरक्षा का निचला स्तर सीधे रूप से शुरुआती युवावस्था से जुड़ा हुआ है।

3) पीरियड्स बहुत जल्दी या देरी से होना

आपके पहले पीरियड्स बहुत जल्दी या बहुत देरी से शुरू होना सामान्य सीमा से बाहर होता है, इससे आपको हृदय रोग का जोखिम होता है।

4) 12 साल से पहले पीरियड्स होना

यदि किसी लड़की के पीरियड्स 12 वर्ष से पहले आते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आपको ब्रेस्ट कैंसर की जांच करानी चाहिए।

5) 12 साल के बाद पीरियड्स होना

जिन लड़कियों को 12 वर्ष की आयु के बाद पीरियड्स शुरू होते हैं, वो उन लड़कियों की तुलना में लंबा जीवन जी सकती हैं, जिन्हें इस उम्र से पहले पीरियड्स हो जाते हैं।

6) 12 साल की उम्र में पीरियड्स

जिन लड़कियों में 12 वर्ष की आयु से पहले मासिक धर्म से पता चलता है, तो उन्हें 40 से 44 साल की उम्र के बीच मेनोपॉज हो सकता है।

हल्दी के ज्यादा फायदे पाने के लिए इसे ऐसे करें प्रयोग

Thursday, October 12 2017

हल्दी के ज्यादा फायदे पाने के लिए इसे ऐसे करें प्रयोग

आयुर्वेद में, हल्दी के लाभकारी गुणों के कारण इसे "मसालों का राजा" माना गया है। यह एक अद्भुत एवं अविश्वसनीय मसाला है जो कई कॉस्मेटिक उत्पादों का एक अविभाज्य अंग है। इसे कैंसर से लेकर अल्जाइमर जैसे कई रोग के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। केवल रूप निखारने भर के लिये ही नहीं, हल्‍दी के और भी हैं औषधीय गुण हल्दी को एक जादू की जड़ी-बूटी माना जाता है। आमतौर पर इसका पाउडर बनाकर इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दें कि इस गहरे पीले रंग के पाउडर के मानव स्वास्थ्य, त्वचा या बालों के लिए विभिन्न लाभ हैं। हल्दी में भरपूर मात्रा में करक्यूमिनोइड्स जैसे यौगिक पाए जाते हैं। यह दुनिया भर के शेफ और माताओं के लिए आवश्यक और पसंदीदा तत्वों में से एक है। इससे आपके भोजन को रंग और स्वाद दोनों मिलते हैं। सामान्यता 240 से 500 मिग्रा हल्दी वो भी तीन बार में प्रयोग करने की हिदायत दी जाती है। हल्दी का अधिक सेवन ना करें। हम और आप त्‍वचा को निखारने के लिये हल्‍दी का प्रयोग करते हैं मगर क्‍या आप जातनी हैं कि हल्‍दी घाव, मोच, सदी-जुखाम, खांसी, एनीमिया, दांत दर्द और ऐसे ही हजार रोगों को ठीक कर सकती है? हम आपको बता रहे हैं कि आप पांच अलग-अलग तरीकों से हल्दी का उपयोग कैसे कर सकते हैं।

1) स्वास्थ्य

वास्तव में इसे एक सुपरफ़ूड कहा जाना चाहिए। हल्दी खाने से आपकी दिल को स्वस्थ रखने, पुराने लोगों को गठिया सही करने, मस्तिष्क के कामकाज को बढ़ावा देने और कैंसर व डायबिटीज से लड़ने में मदद मिलती है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इसके एंटीसेप्टिक गुणों के कारण हल्दी का दूध पीने से किसी भी प्रकार के घाव या बीमारी का नैचुरल तरीके से इलाज करने में मदद मिलती है। गर्म दूध के एक गिलास में एक चम्मच हल्दी मिक्स करके पीने से लाभ होता है।

2) त्वचा के लिए

चहरे पर दाने, मुँहासे, झुर्रियाँ और निशान दूर करने के लिए आप हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी एक चुटकी में उपचार के गुण हैं जो त्वचा की चमक को बनाए रख सकते हैं। एक चम्मच हल्दी को दही के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से आप निशान से छुटकारा पा सकते हैं।

3) दांतों के लिए

दांतों से जुड़े उत्पादों पर लोग हजारों से अधिक खर्च करने के लिए तैयार रहते हैं। लेकिन आप हल्दी से निश्चित रूप से अपने दांतों को सफेद कर सकते हैं। इतना ही नहीं इसे आप मसूड़ों को भी स्वस्थ रख सकते हैं।

4) बालों के लिए

अच्छी खबर यह है कि जैतून के तेल के साथ बराबर मात्रा में हल्दी मिक्स करके लगाने से न केवल डैंड्रफ से छुटकारा मिल सकता है बल्कि सिर के स्वास्थ्य में सुधार करता है और बालों के झड़ने से रोकता है।

5) सेक कर खाना

हल्दी का केक एक लोकप्रिय लेबनान मिठाई है जो डायबिटीज और हल्दी प्रेमियों के लिए बिल्कुल सही है।

6) वजन को नियंत्रित रखता है

हल्दी, वसा के चयापचय में मदद करती है अतः बढ़ते वजन पर नियंत्रण रखती है।

7) कैंसर के उपचार में लाभकारी

हल्दी अग्नाशय के कैंसर में, स्तन कैंसर एवं प्रोस्टेट कैंसर के उपचार में मदद करती है। ट्यूमर में नए रक्त वाहिकाओं को विकसित होने से रोकती है साथ ही बच्चों में ल्यूकेमिया के खतरे को कम करती है।

8) दाग-धब्‍बों से छुटकारा

दाग-धब्‍बे और झाइयां हटाने में हल्‍दी काफी उपयोगी होती है। हल्दी और काले तिल को बराबर मात्रा में पीसकर पेस्ट बनाकर लगाने से त्‍वचा साफ और निखरी हो जाती है। हल्‍दी और दूध से बना पेस्‍ट भी त्‍वचा का रंग निखरने और चेहरे को खिला-खिला रखने के लिए बहुत असरदार होता हैं

9) गठिया रोग

गठिया रोग में हल्दी के लड्डू विशेष लाभ देते हैं इसके लिए आग में भुनी हुई हल्दी की गांठों को घिसकर उसमें गुड़ मिलाकर लड्डू बनाएं। आप चाहें तो इसमें ढेर सारे मेवे मिक्‍स कर सकते हैं। इन लड्डुओं का सेवन प्रतिदिन सुबह करें।

10) यदि कोई कीड़ा काट ले

हल्दी में विष हरने का गुण भी पाया जाता है। किसी विषैले कीड़े के काटने पर तुरन्त हल्दी को घिसकर उसके लेप में नींबू का रस मिलाकर प्रभावित अंग पर लगाया जाना चाहिए।

जानिए खाली पेट अदरक खाने से आपको क्या-क्या लाभ होते हैं

Thursday, October 12 2017

जानिए खाली पेट अदरक खाने से आपको क्या-क्या लाभ होते हैं

कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जो आपके स्वास्थ्य को सुधारने में मददगार हो सकते हैं और पेट की परेशानी व उल्टी जैसे मुद्दों को सुलझाने में भी मदद कर सकते हैं। कई दवाएं लेने की बजाय ऐसे खाद्य पदार्थों को लेना आपके लिए अच्छा हो सकता है। हर स्थिति में जैसे जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो दवाओं से जितना संभव हो उतना बचा सही होता है। ऐसी स्थिति में आप दवाओं के बजाय कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन कर सकते हैं, जो दवाओं जैसा ही काम करते हैं। अदरक खाने के कई फायदे हैं, लेकिन खाली पेट पर खाए जाने पर यह विशेष रूप से सहायक हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपके पेट में एसिड के साथ हस्तक्षेप करने के लिए कोई भोजन नहीं होता है।

क्यों होता खाली पेट अदरक खाना सही

अदरक गर्भवती महिलाओं और मतली और उल्टी वाले लोगों के लिए उपयोगी है क्योंकि यह आंत की गैस को का करने में मदद करता है। इसे खाना सुरक्षित है और पेट की समस्यायों को प्रभावी रूप से कम कर देता है क्योंकि यह जठरांत्र संबंधी मार्ग में जमा होता है। यदि पेट में शुगर लेवल बहुत अधिक है, तो आपको अदरक खाना चाहिए। अदरक पेट के दर्द, असुविधा और मतली व उल्टी जैसे मुद्दों को समाप्त करता है।

मासिक धर्म में आराम

अदरक दर्द, सूजन और मासिक धर्म के दर्द को भी कम करता है। इसका कारण यह है कि इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। कुछ लोग इसे खाने में मसाले के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसे खाने में मिलाने से आप अपने खाने में स्वाद के साथ एक खुश्बू भी जोड़ लेते हैं। बेशक इसे खाली पेट खाने से लाभ होता है लेकिन भरे पेट खाने से भी आपको काफी लाभ होते हैं।

अधिक दवा है खतरनाक

स्टोर फार्मेसियों में उपलब्ध दवाएं लेने से पहले अदरक, लहसुन और अन्य आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों लेने की कोशिश करें। ये भोजन अन्य तरीकों से फायदेमंद हो सकते हैं, जबकि अधिक मात्रा में दवा लेना खतरनाक हो सकता है। रोमन साम्राज्य में अदरक का इस्तेमाल आम था। भोजन का स्वाद बढ़ाने और इसके औषधीय गुणों के लाभ के कारण व्यापार के लिए एक यह महत्वपूर्ण उत्पाद था।