Karnataka Assembly polls : why jds and bsp confident to win in alliance in karantaka assembly polls | जानें, किस गणित के चलते कर्नाटक में जीत की आस लगाए हैं जेडीएस और बीएसपी - Navbharat Times Hindi Newspaper

रोहन दुआ, चामराजनगर
राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर पहचान रखने वाली बीएसपी ने बीते 25 सालों में कर्नाटक में एक भी सीट नहीं जीती है, जबकि क्षेत्रीय पार्टी जनता दल सेक्युलर भी अपना वजूद बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। फिर भी दोनों दलों को यकीन है कि वे गठबंधन में चुनाव लड़कर विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल कर सकते हैं। इसकी वजह दोनों दलों की अपनी ताकत नहीं है बल्कि साथ आने के पीछे का गणित है। 2013 के विधानसभा चुनाव में जेडीएस को 14 सीटों पर महज 500 वोटों के करीबी अंतर से हार झेलनी पड़ी थी।
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यही नहीं 24 सीटों पर जेडीएस की हार का अंतर 5,000 से 10,000 वोटों तक का था। इन्हीं में से सीटों पर बीएसपी को 17,000 वोट मिले थे। माना जा रहा है कि उसे मिले यह वोट जेडीएस के हिस्से के ही थे। कभी चुनाव न जीत पाने वाले कोल्लेगाला विधानसभा सीट से बीएसपी के कैंडिडेट एन. महेश को उम्मीद है कि इस बार गठबंधन उनके लिए बड़ा असर दिखाएगा। कांग्रेस और बीजेपी ने इस सीट पर कद्दावर उम्मीदवार उतारे हैं, इसलिए यह सीट भी प्रतिष्ठा की हो चुकी है।
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मौजूदा चुनाव में इस सीट के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि नरेंद्र मोदी पहले पीएम हैं, जिन्होंने कोल्लेगाला और चामराजनगर का दौरा किया है। यहां तक कि उन्होंने कर्नाटक के चुनाव प्रचार की शुरुआत ही यहां से की। बीएसपी ने कर्नाटक में आखिरी बार 1994 में सीट हासिल की थी, जब बीदर में उसके कैंडिडेट को जीत मिली थी। लेकिन महेश कहते हैं, 'कांग्रेस और बीजेपी दोनों इस बात से डरे हुए हैं कि दलितों और वोक्कालिगा एवं अन्य ओबीसी जातियों के साथ आने से उनका चुनावी खेल बिगड़ जाएगा।' पीएम मोदी ने जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा की सराहना करते हुए सीक्रट पैक्ट के संकेत दिए थे।
पीएम मोदी की इस रणनीति को लेकर महेश ने कहा कि जहां पर जेडीएस मजबूत है, वहां पीएम मोदी उसकी तारीफ कर रहे हैं और जहां बीजेपी उन्हें ताकतवर नजर आती है, वहां जेडीएस के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। यूपी में बीजेपी के खिलाफ उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन देने वाली बीएसपी ने कर्नाटक में देवेगौड़ा की पार्टी से गठबंधन कर अपने 18 कैंडिडेट मैदान में उतारे हैं। महेश का मानना है कि बीएसपी के 11 दलित, 4 लिंगायत, एक मराठा, एक कुरुबा और एक मुस्लिम कैंडिडेट चुनाव के गणित में बाजी मार सकते हैं।