जनपद का एक ऐसा गांव आज भी विकास से बहुत दूर है। यहॉ रहने वालो को विकास की मूलभूत सुविधाओ से वंचित होना पड़ रहा है। आजादी के 70 वर्षो बाद भी दिपावली के पर्व पर नही रोशन होगा यह गॉंव। हम बात कर रहे है जनपद के जामो विकास खण्ड के ग्राम पूरे हेमसिंह के पुरवा मजरे रेशी की जहॉ के निवासी आज दिपावली के प्रकाश पर्व पर दीपक से गॉव रोशन करेगे। वैसे तो इस क्षेत्र को सदियो से नेहरू गांधी परिवार कर्म भूमी रहा है। नेहरू गांधी परिवारय भी यहॉ के परिवारिक रिश्तो की दुहाई देता रहा है।

नेहरू गांधी परिवार के वारिस कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी यहॉ से सांसद है। राहुल गांधी देश ही नही विदेश मे भी यहॉ के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किया करते है। विकास देखने के लिए लोगो को अमेठी आने के लिए अमंत्रित भी करते है। लेकिन उनके रणनीतकारो ने उन्हे नही बताया की अमेठी मे एक ऐसा गांव है जहॉ आम आदमी को मिलने वाली मूलभूत सुविधा भी नही मिल पा रही है ओैर उस गांव मे करीब आठ से दस वर्ष पहले राजीव गांधी विद्युतीकरण परियोजना के तहत लगाये गये विद्युत पोलो पर आाज भी तार नहीं खीचे गये। उस समय राहुल गांधी की माता कांग्रेस अध्यक्ष सांसद थी उनके कार्यकाल मे ही यहॉ विद्युत पोल लगाये गये। जिन पर राहुल के दो दसको के कार्यकाल मे भी तार नही खींचे जा सके है। वैसे तो सांसद निधि को ले कर भी विपक्ष के निशाने पर राहुल गांधी रहते हैं कि सांसद निधि के धन का उपयोग उनके द्वारा नही किया जाता है । अभी हाल मे ही कांग्रेस के लोगो ने भाजपा सरकार और जिलाधिकारी पर आरोप लगाये कि सांसद निधि के द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यो मे धन अवमुक्त करने मे रोड़ा लगाया जा रहा है। लेकिन क्षेत्र मे सांसद निधि से कराया जा रहा विकास कार्य दिखाई देता नजर नही आ रहा है। अभी हाल मे राहुल गांधी अपने सांसदीय क्षेत्र अमेठी मे भाजपा नेताओं पर कांग्रेस के द्वारा कराये गये विकास कार्यो का श्रेय लेने का आरोप लगाया। विकास कार्यो की रणनीत बनाने वाले उनके रणनीतकारो को क्यां क्षेत्र के इस गांव की याद अभी तक नही आयी। बेटी होने का दावा करने वाली केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी लोकसभा चुनाव के बाद करीब साढ़े तीन वर्ष से अमेठी मे राहुल गांधी को विकास कार्यो पर घेरती रही है और विकास कार्यो को कराने मे राहुल को फेल करार दिया है।



हेम सिंह के पुरवा मजरे रेशी की महिलाओ ने स्मृति ईरानी के द्वारा चुनाव मे इस गांव के विकास करने व विद्युतीकरण कराये जाने के वादे के बाद यहॉ की समस्याओ पर ध्यान न देने के आरोप लगाये है। जबकी भाजपा नेत्री श्रीमती ईरानी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को घेरने और कांग्रेस के किले को ध्वस्त करने के लिए अभी हाल मे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्य नाथ व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ अमेठी के कौहार मे एक दर्जन परियोजनाओ के लोकार्पण का कार्यक्रम किया।

कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने और विकास कार्यो की कार्ययोजना तैयार करने वालो को उक्त गांव की समस्या क्यो नहीं दिखायी पड़ी? जिससे उक्त ग्राम सभा को योजना मे शामिल नही किया गया। जबकि भाजपा नेत्री श्रीमती ईरानी का चुनावी वादा भी इस ग्राम सभा को विकास तक पहुॅचाने का रहा है, पूरा नही रेशी ग्राम सभा के पूरे हेमसिंह के पुरवा मे लगभग 300 सौ से अधिक की जनसंख्या निवास करती है। इस गांव मे पासी समाज के लोग रहते है। सुरेश पासी के राज्य मंत्री बनने के बाद लोगो आशा हुई कि शायद इस क्षेत्र का भी विकास हो, लेकिन अभी तक विकास की लौ जलती यहॉ के लोगो को नही दिखाई दी है। गांव मे प्रवेश करने के तीन रास्ते है तीनो रास्ते कच्चे है। बरसात के दिनो मे यहॉ पानी भर जाता है। यहॉ के रास्ते मे बड़ी-बड़ी झाड़ियॉ है जिनमे विषैले जन्तुओ के द्वारा काटने से कई मौते भी हो चुकी है। गांव मे जल भराव से यहॉ के लोग बरसात के दिनो मे अनेक बीमारियो से पीड़ित हो जाते है। इस गांव की समस्याओ से उब कर कई परिवार गांव से पलायन कर गये है।


बचे हुए परिवार भी पलायन करने की स्थित मे है। गांव मे मिली महिलाओं ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या विद्युत न होने से बच्चो की पढ़ाई मे होती है साथ ही मोबाईल को चार्ज करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। यहॉ के लोगो का यह भी आरोप है कि अतिपिछडे जातियों के लोग यहॉ रहते है जिसके कारण कोई नेता या अधिकारी कार्यवाही कर समस्याओ से निजात दिलवाने की कवायद नहीं करता है। आजादी के 70 दसक बीत जाने के बाद भी यहॉ के लोग दीपक की रोशनी से गांव को रोशन करने का प्रयास प्रकास पर्व पर करेगे। कांग्रेस और भाजपा अपनी आपसी लड़ाई के बजाय इस क्षेत्र के विकास के लिए कब कार्य करेगे? पार्टीयां चुनावी वादे के बजाय क्षेत्र के विकास पर कब ध्यान देने लगेगी? अमेठी के विकास के बजाए दोनो राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप ही करते-रहते है। विकास कार्यो से कोई सरोकार नहीं दिखई पड़ता है। आखिर कब दिपाली के पर्व पर यह गांव भी विद्युत से जलने वाले उपकरण प्रयोग कर सकेगे? जैसे अनेक प्रश्न का कोई जबाब मिलता नही दिखाई दे रहा है।