इतिहास की वो 10 खौफ फैलानी महिलाएं, जिनकी करतूतों के बारे में सुन रुह कांप जाएंगी

अगर आप किसी महिला के बारे में सोचते है तो आपके दिमाग में नारी के नारीत्‍व वाले गुण सामने आ जाते होंगे जैसे त्‍याग, प्रेम, समर्पण और सौम्‍य स्‍वभाव वाली। लेकिन ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। अपने इतिहास में आज तक कुर्बानी देनी वाली समर्पण की मूरत और मातृत्‍व के गुणों को दर्शाने वाली महिलाओं के बारे में सुना होगा। लेकिन आज हम आपकों ‌सीरियल किलर के तौर पर दुनिया में अपने खतरनाक अंजामों के लिए चर्चित रही महिलाओं के बारे में बता रहें हैं, ये महिलाएं इतिहास में घिनौने, क्रूर और हिंसक प्रवृतियों के लिए जानी जाती है।

पढ़िए दुनिया की सबसे चर्चित 10 महिला सीरियल किलर की कहानी। जिनके बारे में शायद ही कभी पढ़ा हो आपने इरमा इदा इल्से


ग्रेस


इरमा इदा इल्से ग्रेस (जन्म 7 अक्टूबर 1923, व्रेचेन, फ्री स्टेट ऑफ मैक्लेनबर्ग-स्ट्रेलित्ज़, जर्मनी - मृत्यु 13 दिसंबर 1945, हामेलिन, जर्मनी) ने को रावेन्सब्रुक और औशविट्ज़ के नाजी कंसंट्रेशन कैंपस में नौकरी की, और वह बर्गन-बेल्सन में महिला विभाग की वार्डन थी। मानवता के खिलाफ आपराधिक कृत्यों के कारण उन्हें बेलसन मुकदमें में दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई। उसे लोगों को दर्दभरे तरीकों से टोर्चर करने की आदत थी साथ ही वह भारी बूट पहनती थी। अपने कई कामों को अंजाम देने के लिए वे अपने साथ हमेशा पिस्तोल रखती थी। 22 साल और 67 दिनों की छोटी उम्र में मौत की सजा पाने वाली ग्रेस 13 दिसंबर 1945 को 20वीं शताब्दी में अंग्रेजी कानून में मौत की सजा पाने वाली सबसे कम उम्र की महिला थी। उसे "द बेस्ट ऑफ़ बेल्सन", "द ब्यूटीस्ट बीस्ट", और "डाय हायेन वॉन ऑशविट्ज़" जैसे उपनाम भी दिये गए।



मायरा हिंडले


1942 को जन्मी मायरा हिंडले इंगलिश सीरियल किलर थी। इयान ब्रैडी के साथ मिलकर इसने पाँच छोटे बच्चों का बलात्कार और मर्डर किया। ये दोनों 12 साल से कम उम्र के 3 बच्चों व 16 और 17 साल की उम्र के दो बच्चों के अपहरण, यौन हिंसा, टोर्चर और मर्डर के आरोपी थी। हिंडले के 17 साल के भाई ने उसे पुलिस को पकड़वाया था। हिंडले ने कहा कि सारे मर्डर्स की दोषी वह अकेली नहीं है। उसे 3 मर्डर्स का दोषी पाया गया और आजीवन कारावास की सजा हुई। वह कैद से नहीं छूटी और 2002 में उसकी जेल में ही मृत्यु हो गई।




इसाबेला ऑफ कैसाइल


1451 में जन्मी और 1504 में मृत्यु पाने वाली कैथोलिक इसाबेला, कैस्टिले और लेओन की रानी थी। वह और उसके पति अरागोन के फर्डिनेंड द्वितीय, साम्राज्यों में स्थिरता लेकर आए जो स्पेन के एकीकरण के लिए आधार बने थे। इसाबेला और फर्डिनेंड को रिकानक्विस्ट को पूरा करने के लिए जाना जाता है, उन्होने मुसलमानों और यहूदियों के रूपांतरण व निर्वासन दिया और "नई दुनिया" की खोज करने वाले क्रिस्टोफर कोलंबस को 1492 में उनकी यात्रा के लिए वित्तीय सहायता दी। इसाबेला ने 1974 में कैथोलिक चर्च में खुद को भगवान की सेवक घोषित किया।



बेवर्ली ऑलिट


द एंजल ऑफ़ डेथ, बेवरली गैल ऑलिट एक इंगलिश सीरियल किलर है जो 10 बुराई के जगत की 10 महिलाओं में से एक है जिसे चार बच्चों की हत्या, तीन अन्य बच्चों की हत्या का प्रयास, और छह बच्चों को गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुंचाने का दोषी पाया गया। ये सारे अपराध फरवरी और अप्रैल 1991 के बीच 59 दिनों में लिंकनशायर के ग्रन्थहम और केस्टेवन अस्पताल में किए गए जहां वह राज्य द्वारा नामित नर्स के रूप में कार्यरत थी। उसने दो पीडि़तों को इंसुलिन की खुराक बड़ी मात्रा में दी और दूसरे पीड़ित के शरीर में एयर बबल पाये गए। पुलिश यह ठीक से पता भी नहीं लगा पाई कि ये अपराध किस तरह हुये हैं। मई 1993 में, नॉटिंघम क्राउन कोर्ट में, उसे इन अपराधों के लिए 13 आजीवन कारावास की सजा मिली। उसे सजा देने वाले न्यायमूर्ति लताम ने बताया कि वह दूसरों के लिए एक बड़ा खतरा थी, उसका बाहर होना खतरे से खाली नहीं था। उसे नॉटिंघमशायर में रैम्पटन सिक्योर हॉस्पिटल से हिरासत में लिया गया है।




इंग्लैंड की क्वीन मैरी I


मैरी I का जन्म 18 फरवरी 1516 को और मृत्यु 17 नवंबर 1558 को हुई। जुलाई 1552 से अपनी मृत्यु तक वह इंग्लैंड और आयरलैंड की महारानी थी। विरोध प्रदर्शकों को क्रूरता से पीड़ित करने के कारण उसके विरोधियों ने उसका नाम "ब्लडी मैरी" रखा। हेनरी आठवें और उनकी पहली पत्नी कैथरीन ऑफ एरागोन की बुरी मानसिकता से हुई शादी के बाद यह उनकी इकलौती ज़िंदा बच्ची थी। मैरी को अस्थायी और हिंसक रूप से इंग्लैंड को कैथोलिक धर्म में बदलने के लिए याद किया जाता है। उनके हिंसक कारनामों के कारण कई विरोधियों ने उसे "ब्लडी मैरी" कहा। उसके डर से 800 विरोध प्रदर्शक देश छोडकर चले गए जो कि उसकी मौत तक वापस नहीं आए।




बेले गननेस


चोरी से और अपने साथियों से धोखे से प्राप्त संपत्तियां उसकी आय का प्रमुख स्त्रोत थी। अधिकांश रिपोर्टों में उसे विभिन्न दशकों में बीस से अधिक लोगों की मौत का दोषी माना है, जब कि कईयों में 100 से अधिक की मौत का दावा किया गया है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संशय पाया गया; लाश बेले की छह फुट की तुलना में दो इंच कम थी। इसके बाद से बेले गनेस को अमेरिकी आपराधिक लोककथाओं में स्थान मिला जो कि वाकई एक फ़ीमेल ब्लूबीयरर्ड थी।



मैरी एन कॉटन


ब्रिटेन की पहली सीरियल किलर, मैरी एन कॉटन का जन्म, अक्टूबर 1832 में लो मॉर्सली, काउंटी डरहम में हुआ था। 20 साल की उम्र में विलियम मोब्राय से शादी के बाद प्लायमाउथ, डेवन में बस कर उसने पारिवारिक जीवन शुरू किया था। इनके पाँच बच्चे थे जिनमें से पाँच की मौत 'गैस्ट्रिक बुखार और पेट दर्द' से हो गई थी। नॉर्थ-ईस्ट में आने के बाद भी त्रासदी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और तीन और बच्चों का जन्म हुआ और तीन और बच्चे मर गए। जनवरी 1865 में आंत की खराबी के कारण विलियम की मृत्यु हो गई। उसके दूसरे पति जॉर्ज वार्ड की मृत्यु भी आंत की बीमारी से हुई और इनके दो बच्चे थे। मीडिया के कारण ही मैरी एन सुर्खियों में आई। वे जब नॉर्थ इंग्लैंड में आई तब तक उनके तीन पति, एक प्रेमी, एक दोस्त, उसकी माँ और करीब एक दर्जन बच्चे, ये सभी पेट के बुखार से मरे थे। आर्सेनिक जहर देकर हत्या करने के कारण उसे 24 मार्च, 1873 को डरहम काउंटी गाओल में फांसी दी गई। उसे जल्लाद ने धीरे मौत दी।



इल्से कोच


22 सितंबर 1906 को जन्मी कार्ल-ओट्टो कोच की पत्नी, इल्से कोच को "डाय हेक्स वॉन बुचेनवाल्ड", विच ऑफ बुचेनवाल्ड, "बचेन वाल्डर श्लेम्पे" द बीच ऑफ बुचेनवाल्ड जैसे भद्दे नामों से जाना जाता है। वह अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल की गई प्रमुख नाजियों में से एक थी। अपने पति द्वारा प्रदान की गई शक्ति के नशे में चूर होकर वह वह अत्याचार और अभद्रता की राह पर चल पड़ी। अपनी निशान के लिए कुख्यात; मारे गए कैदियों के टैटू, जैसी चीजों के कारण बुराई में उसकी धाक थी। 1940 में , कैदियों से चुने गए 250,000 मार्क्स के साथ एक इनडोर खेल मैदान बनाने के बाद, आईल्सा को ब्यूकनवाल्ड में ओबेरौफेसेरिन या में "मुख्य पर्यवेक्षक" के रूप में पदोन्नत किया गया। 1 सितंबर, 1967 को उसने महिलाओं की एचाच जेल में खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।




कैथरीन नाइट


24 अक्टूबर 1955 को जन्मी कैथरीन का जीवन जेल में ही बीता, कैथरीन मरियम नाइट पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला थी जिसे बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसने हिंसा से रिश्तों का गला घोंटा था। उसने अपने एक पति के दातों को कुचल दिया और दूसरे पति के आठ सप्ताह के पिल्ले का उसकी आँखों के सामने गला घोंट दिया। उसका जॉन चार्ल्स थॉमस प्राइस के साथ एक गरम रिश्ता जगजाहिर हुआ, प्राइस ने नाइट के खिलाफ हिंसा की आशंका की जनहित याचिका भी दायर की। ये रिश्ता नाइट द्वारा प्राइस की कसाई वाले चाकू से मौत के बाद खत्म हुआ। उसने आगे, पीछे और कई महत्वपूर्ण अंगों 37 बार चाकू घोंपा। उसने फिर उसकी खाल उतारी और उसके "सूट" को लिविंग रूम दरवाजे के फ्रेम से लटका दिया, उसका सिर काट कर उसे सूप के पॉट में डाल दिया, उसके नितंबों को पकाया, और 'भुना' कर ग्रेवी और सब्जियां तैयार की। उसने ये खाना बच्चों के लिए रखा था, लेकिन पुलिस इससे पहले पहुँच गई।




एलिजाबेथ बथोरी


एलिजाबेथ बथोरी का जन्म 1560 में और मृत्यु 1614 में हुई, काउंटेस एलिजाबेथ बैथोरि डे इस्कसे का ताल्लुक हंगरी में प्रसिद्ध बथोरी परिवार से परिवार था। उसे इतिहास में सबसे धनी महिला सीरियल किलर माना जाता है, हालांकि उसने कितनों की हत्या की यह स्पष्ट नहीं है, और उसे "ब्लड काउंटेस" के रूप में जाना जाता है। वह हंगरी की कुख्यात सीरियल किलर थी। वह कृषक लड़कियों को पीटकर, शरीर के अंगों का जलाकर, चेहरे को चबाकर मार डालती थी। उसे घर से गिरफ्तारी किया गया उसके स्टेटस के कारण उस पर मुकदमा नहीं चलाया गया!