उल्टी दिशा में 24 साल से चल रहा है ये आदमी, आखिर क्यों?

इस दुनिया में कई ऐसे लोग होते है जो अपनी अनोखी चीजों के लिए प्रसिद्ध होते है। आप भी जब इन लोगों को देखोगे तो आपको यकीन बिल्कुल भी नहीं होगा। कई बार तो कुछ लोग ऐसे काम तक करते है जिसको करने के लिए आप सोच भी नहीं सकते है।

अगर हम आपसे पूछें की जब आप चलते हो तो आगे कि दिशा में चलते हो कि पीछे की दिशा में तो यकीनन आपको मेरे इस सवाल पर हंसी आएगी। क्योंकि लोग तो हमेशा आगे की तरफ ही चलते है। दुनिया में लोग ऐसे ऐसे कारनामे कर जाते हैं की उन पर यकीन करना असंभव हो जाता है कुछ लोग जन्म से ही ऐसी कला के मालिक होते है और कुछ लोग का पागलपन उनसे उल जुलूल हरकतें करवाता है।

हर दिन दुनिया में कोई न कोई इंसान कुछ अलग करके रिकॉर्ड बनाता है। आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताएंगे जो कभी भी आगे की तरफ नहीं चलता है। जी हां चौकिए मत आइए जानते है इस अनोखे इंसान के बारे में तमिलनाडु का है ये मामला
आपको बता दें कि ये अनोखा मामला तमिलनाडु का है। यहां पर रहने वाले मणि मणि थन ये कारनामा पिछले 24 साल से करते चले आ रहे है। इसको इस बात की कोई दिक्कत नहीं है कि वो ऐसा करते है। लेकिन ये सब किसी रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं किया गया है। क्या आप जानते है क्या इनके उल्के चलने का कारण तो आइए जानते है। विरोध में करना शुरु किया था ये काम
आपको बता दें कि मणि मणि थन नें 1988 में हो रही आतंकवादी गतिविधियों से तंग आकर विश्व शांति के लिए यह तरीका अपनाया था उन्होंने विरोध जताने का और आतंकवादी गतिविधियों की निंदा करने का एक अनोखा ही कदम उठाया। तब से लेकर आज तक वो ऐसा करते आ रहे है।
आतंकवादियों के विरोध में इन्होने ऐसा करने का फैसला लिया था। इन्होने इसके लिए तिरुपुर से चलना शुरु किया था और ऐसे ही उल्टे चलते हुए चेन्नई तक आए थे। उसके बाद से ही सुर्खियों में आए थे।
मणि बताते है कि वो सफर 300 किमी का जब उन्होने तय किया था तो वो एक बहुत ही कठिन समय था और वो ये बात जानते है कि वो सफर आसान सफर नहीं था। इसके बारे में आगे बात करते हुए उन्होने बताया कि उस समय हो रही गतिविधियों से वो इतना दुखी हुए थे की उन्होने ये कदम उठाया था। ऐसा करके उनको काफी अच्छा लगा और उनको इस बात की खुशी भी है। तब से आज तक चलते है उल्टा


1988 में शुरु हुआ मणि का ये उल्टा चलने वाला सफर आज भी चल रहा है। वो बताते है कि वो विरोध में किया गया काम था जो अब आदत बन चुका है। ऐसा करने में ही उनको आसानी होती है। वो अब सीधे नहीं चल पाते है। हर काम ऐसे ही करते है
मणि को ये आदत ऐसे लग चुकी है कि है कि वो अब हर काम ही उल्टा करते है। वो हमेशा बस में उल्टा चढ़ते है। सीढ़ियां भी हमेशा उल्टा ही चढ़ते है। 24 साल से वो इसी तरह से काम कर रहे है और इसी तरह से जिंदगी जी रहे है जो अपने आप में अनोखी बात है।