तुरंत चाहिए धन और प्रसिद्धि, तो अंगूठे में पहनें चांदी का छल्ला in Hindi

1 अंगूठा और शुक्र ग्रह


अंगूठे के नीचे का हिस्सा शुक्र का क्षेत्र माना जाता है, इसलिए अंगूठा भी शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। यह भौतिक सुख-सुविधाओं और व्यक्तिगत संबंधों को नियंत्रित करता है। इसलिए अगर आपको लग्जरी लाइफस्टाइल और खुशहाल रिलेशनशिप चाहिए तो शुक्र का शुभ स्थिति में होना आवश्यक है। एक चांदी का छल्ला आपके शुक्र को शुभ बनाने में चमत्कार कर सकता है।



2 अशुभ शुक्र के कारक


शुक्र का मित्र ग्रह बुध (बुद्धि और छ्ठी इंद्रीय), शनि (आर्थिक) और राहु (स्वास्थ्य और बीमारियां) है जो क्रमश: बुद्धि, आर्थिक स्थिति और बीमारियों का कारक होता है। इसके अलावा शत्रु ग्रहों में चंद्रमा और सूर्य भी हैं। हालांकि मंगल और गुरु के इसके साथ सामान्य संबंध हैं।



3 अशुभ शुक्र के कारक


इसलिए शुभ शुक्र के लिए इसके मित्र ग्रहों का शुभ फल में होना आवश्यक है, वहीं शत्रु ग्रहों का भी इसके साथ संतुलित भाव में होना जरूरी है। लेकिन... अगर ये सभी अच्छे भाव में हों और शुक्र अति उच्च अवस्था में हो, तो व्यक्ति का जीवन नर्क के समान हो जाता है। जी हां, सही सुना.... उच्च अवस्था का शुक्र ही सबसे बुरा फल देता है।



4 शुभ शुक्र की स्थिति


ज्यादातर ग्रह अपनी उच्च अवस्था में शुभ और नीच स्थिति में अशुभ फल फल देते हैं, लेकिन शुक्र के साथ ऐसा नहीं है। ज्योतिष के जानकारों के लिए यह नई बात नहीं होगी, लेकिन सामान्य लोगों को यह जानकर आश्चर्य होता है कि शुक्र सबसे बुरा फल अपनी उच्च अवस्था में ही देता है। इसकी भी एक खास वजह है।




5 शुभ शुक्र की स्थिति


लग्जरी लाइफ से जुड़ा होने के कारण शुक्र जब अपनी उच्च अवस्था में हो तो व्यक्ति को भोग-विलास की ओर उन्मुख करता है, बहुत अधिक उच्च होने पर यह व्यक्ति को कई बार व्यभिचार की ओर भी धकेल देता है। ऐसे में उसकी नैतिकता का पतन होता है और वह धीरे-धीरे गर्त में चला जाता है। पैसे होने के बावजूद उसे सम्मान और पारिवारिक सुख नहीं मिल पाता।





6 शुभ शुक्र की स्थिति


अपनी नीच अवस्था में भी शुक्र मिलजुला फल ही देता है और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बीच का शुक्र ही सबसे अधिक शुभ फलदायी होता है। इसलिए तमाम भौतिक सुविधाओं के साथ उसका सही प्रकार से भोग कर पाने के लिए और उसके साथ खुशहाल जीवन जीने के लिए इसका सम स्थिति में होना अति आवश्यक है।



7 चांदी का छल्ला


चांदी का छल्ला जब आप अंगूठे में पहनते हैं तो यह शुक्र की हर स्थिति को नियंत्रित करता है। इसलिए अंगूठे में अगर इसे पहना जाए तो शुक्र ना अधिक उच्च और ना ही अधिक नीच अवस्था में रहता है। इस प्रकार शुक्र अपनी संतुलित या कहें सम अवस्था में रहता है और इसकी नकारात्मकता हमेशा आपसे दूर रहती है। ऐसे से आप हर प्रकार से वैभवपूर्ण और खुशहाल जीवन जीते हैं।




8 चांदी का छल्ला


लेकिन इसे पहनते हुए यह हमेशा ध्यान रखें कि बिना अभिमंत्रित किए चांदी का छ्ल्ला पहनना आपके किसी काम का नहीं होगा। मंत्र ही ग्रहों के प्रभावों को नियंत्रित करते हैं, अभिमंत्रित छल्ले में मंत्रों की शक्ति आने से ही वह अपना प्रभाव दिखा पाता है।




9 चांदी का छल्ला


इसलिए इसे पहनने से पहले हमेशा किसी जानकार ज्योतिषि से इसे अभिमंत्रित कराना ना भूलें, वरना यह कोई लाभ नहीं देगा। चांदी के अलावा अंगूठे में पहना गया अभिमंत्रित प्लैटिनम का छल्ला भी शुक्र को नियंत्रित करने में उतना ही प्रभावकारी है।