मलेरिया के प्रकोप से अपने बच्‍चे को बचाइये, जानें कैसे

विश्‍व मलेरिया रिपोर्ट 2014 के अनुसार लगभग 22% भारतीय जनता मलेरिया फैलने वाली जगह पर रहती है। हमारे देश में करोड़ों की सख्‍ंया में मलेरिया से पीडित लोग रोज़ हॉस्‍पिटल में भर्ती होते हैं। जिसमें छोटे बच्‍चे जिनकी उम्र 5 से कम है, उन्‍हें सबसे ज्‍यादा खतरा होता है। ये डाटा सच मुच में दिल दहला देना वाला है।


ये जड़ी बूटियां मलेरिया से लड़ने में करेंगी आपकी मदद


मलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो सर्दी और बुखार लगने के साथ होती है। मलेरिया बिना इलाज के जानलेवा हो सकता है। मच्छर के काटने से जहाँ से हमारी नींद खराब होती है वहीं यह पीड़ायुक्त भी होती है।
मलेरिया काफी पुराना रोग है। अनेक वैज्ञानिकों ने रोग फ़ैलाने में मच्छर की भूमिका तलाशने में काफी समय लगाया। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है।



मलेरिया के लक्षण


मलेरिया होने पर ज्यादा देर तक बुखार आता है। यह बुखार तीन-चार घंटे तक आता है। मलेरिया में सिर दर्द और उल्टी भी होती है। बुखार उतरने के बाद रोगी कमजोर महसूस करता है। अगर आपके घर में छोटे बच्‍चे हैं तो उनका ख्‍याल केवल आपको ही रखना होगा।
ऐसे में वे अगर शाम को खेलने के लिये पार्क आदि में जाते हैं तो उन्‍हें मलेरिया होने का खतरा सबसे ज्‍यादा हो सकता है। आइये जानते हैं कि बच्‍चों को मच्‍छरों से कैसे बचाया जा सकता है जिससे उन्‍हें मलेरिया ना हो।


1. उचित कपड़े और जूते पहनें


मानसून के मौसम में, यह सुनिश्चित करना सर्वोत्तम है कि आपके बच्चे लंबी बांह की शर्ट और लोअर पहते हैं या नहीं। खास तौर पर तब जब वे बाहर खेलने जा रहे हों। मच्छर सबसे ज्‍यादा पैरों पर ही काटते हैं। ऐसा करने से मच्छर के काटने से बचा जा सकता है। सुनिश्चित कर लें कि आपके बच्‍चे हल्के, सूती कपड़े पहनें जो कि बहुत तंग ना हों और स्‍किन सांस ले सके।




2. अपने घर में दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें


देर शाम तक दरवाज़े और खिड़कियां खुली ना छोड़े क्‍योंकि ऐसा ना कर के आप मच्छरों और अन्य कीड़ों को अपने घर में आमंत्रित कर सकते हैं। जिससे आपके बच्चों को मलेरिया हो सकता है। या फिर आप जाली वाली खड़कियां घर में लगा सकते हैं। इससे मच्‍छर घर में नहीं आएंगे और आप आराम से बाहर की नेचुरल हवा में सांस ले पाएंगे। ऐ.सी. और पंखों का इस्तेमाल करें, ताकि मच्छर एक जगह पर न बैठें।




3. एकत्र पानी निकालें


चाहे आपके घर के बाहर या फिर घर के अंदर अगर पानी इकठ्ठा हो रहा हो तो उसे निकाल दें। पानी अगर गंदा है तो उस जगह पर मच्‍छर पनपने के चांस बहुत ज्‍यादा हो सकते हैं। नियमित रूप से vases और कूलर से पानी को बाहर निकालें और अपने आस पास की जगह को साफ रखें।




4. शाम को बाहर ना जानें दें


जितना हो सके अपने बच्‍चे को घर के अंदर ही रहने को बोलें। खासतौर पर शाम को उन्‍हें बाहर जाने से रोकें। ऐसी जगह पर मत जानें दें, जहाँ झाड़ियाँ हों क्योंकि वहाँ बहुत मच्छर होते हैं।



5. घर के अंदर मच्छर मारनेवाली दवा छिड़कें


मच्‍छर को दूर भगाने का सबसे अच्‍छा तरीका है कि आप अपने घर में मच्‍छर मारने वाली दवा छिड़कें। बाहाज में कई तरह की चीजें उपलब्‍ध हैं जैसे क्‍वाइल, कार्ड या लिक्‍विड इलेक्‍ट्रिक लें, जो आपके घर को बेस्‍ट सूट करे। वहीं अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं तो अपने साथ स्‍प्रे या क्रीम ले कर जाएं।



6. अतीत में आपके बच्चे को मलेरिया होने पर भी सावधानी बरतें


ऐसा नहीं होता कि अगर आपको कभी पहले भी मलेरिया हो चुका है तो दुबारा आपको मलेरिया होने के चांस कम हो जाएंगे। इसलिये अगर आपके बच्‍चे के कभी मलेरिया हुआ है तो उसे अब भी सुरक्षित रखें।