भाजपा सरकार आने के बाद यूपी में पहला घोटाले का पर्दाफाश हुआ है.
पंचायती राज विभाग में 107 करोड़ के घोटाले का सच सामने आया है.
घोटाले का सच सामने आते ही अफसरों की गज गिरनी शुरू हो गयी है हर कोई अपने को बचाने की कोशिश कर रहा है. इस मामले में उत्तरप्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 12 अफसरों को निलंबित कर दिया है.
बताया जा रहा है की इस रिटायर पंचायत राज निदेशक अनिल कुमार दमेले का भी हाथ है, दमेले समेत 13 अफसरों के खिलाफ कठोर करवाई करने के निर्देश दिए गए है. मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया की सतर्कता विभाग की जाँच रिपोर्ट के बाद उप्पर निदेशक राजेन्द्र कुमार सिंह शामिल है.


इनके अलावा मुख्या वित्त अधिकारी केशव सिंह को भी निलंबित किया गया है अपर निदेशक एस के पटेल, उपनिदेशक गिरीश चन्द्र रजक के खिलाफ करवाई के निर्देश जरी किये गए है. साथ ही 6 एडीओ पंचायत को योगी सरकार ने निलंबित कर दिया. इन सभी पर

14 वे वित्त आयोग में बड़े घोटाले का आरोप है.


पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक, 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत ग्रामीण निकायों को 2016-17 के ग्राम पंचायतों को 699.75 करोड़ में दिए गए थे. जिसमें उन ग्राम पंचायतों का चयन किया जाता है, जिनका 2013-14 और 2014-15 ऑडिट पूरा कर लिया गया हो. लेकिन यह रुपया ग्राम पंचायतों तक नहीं पहुंचा. Loading...